माँ ब्रह्मचारिणी
Sep 26, 2026 ·
10m 10s
Download and listen anywhere
Download your favorite episodes and enjoy them, wherever you are! Sign up or log in now to access offline listening.
Description
नवरात्रि का दूसरा दिन है। पंडालों की चहल-पहल और मिठाइयों की खुशबू के बीच, आरू और ऋषि फिर से पहुँचते हैं काका बाबू के पास, जहाँ शुरू होती है माँ दुर्गा के दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की कथा।
देवी पार्वती का वह रूप, जिसने भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तपस्या की, हज़ारों सालों तक केवल फल, पत्ते, और अंत में सिर्फ वायु और चंद्रकिरणों पर जीवित रहकर। तीन हज़ार वर्षों तक चली इस कठोर साधना ने उन्हें “ब्रह्मचारिणी” नाम दिया। हाथों में जपमाला और कमंडल लिए, माँ ब्रह्मचारिणी संयम, भक्ति और दृढ़ निश्चय का प्रतीक हैं। उनकी पूजा से मिलता है आत्मबल, धैर्य और जीवन की हर कठिनाई को सहने की शक्ति।
तो जानिए कैसे माँ ब्रह्मचारिणी की तपस्या ने देवताओं को भी चकित कर दिया, और क्यों नवरात्रि का दूसरा दिन पूरी तरह उन्हें समर्पित है।
Visit our website: https://chimesradio.com
देवी पार्वती का वह रूप, जिसने भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तपस्या की, हज़ारों सालों तक केवल फल, पत्ते, और अंत में सिर्फ वायु और चंद्रकिरणों पर जीवित रहकर। तीन हज़ार वर्षों तक चली इस कठोर साधना ने उन्हें “ब्रह्मचारिणी” नाम दिया। हाथों में जपमाला और कमंडल लिए, माँ ब्रह्मचारिणी संयम, भक्ति और दृढ़ निश्चय का प्रतीक हैं। उनकी पूजा से मिलता है आत्मबल, धैर्य और जीवन की हर कठिनाई को सहने की शक्ति।
तो जानिए कैसे माँ ब्रह्मचारिणी की तपस्या ने देवताओं को भी चकित कर दिया, और क्यों नवरात्रि का दूसरा दिन पूरी तरह उन्हें समर्पित है।
Visit our website: https://chimesradio.com
Information
| Author | Chimes |
| Organization | Chimes - Kids Audio Stories |
| Website | - |
| Tags |
-
|
Copyright 2026 - Spreaker Inc. an iHeartMedia Company
Comments