#180. एक मुख़्तलिफ़ कहानी; उस के चेहरे के सामने सादा लगा | इफ़्तिख़ार नसीम

#180. एक मुख़्तलिफ़ कहानी; उस के चेहरे के सामने सादा लगा | इफ़्तिख़ार नसीम