#180. एक मुख़्तलिफ़ कहानी; उस के चेहरे के सामने सादा लगा | इफ़्तिख़ार नसीम

#180. एक मुख़्तलिफ़ कहानी; उस के चेहरे के सामने सादा लगा | इफ़्तिख़ार नसीम

0 0 5 months ago
Two Poems by Iftikhar Nasim.
A Poem A Day by Sudhanva Deshpande.
Read on September 22, 2020.
Art by Virkein Dhar.
Signature tune by M.D. Pallavi.

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