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<rss xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:podcast="https://podcastindex.org/namespace/1.0" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Sandarbh</title><link>https://www.aajtak.in/podcast/sandarbh</link><description><![CDATA[दुनियाभर में एक दिन में हज़ारों चीज़ें घटती हैं, लाखों ख़बरें बनती हैं. इनमें से कुछ ऐसी होती हैं जो पहली नज़र में एक मामूली Headline लग सकती है. लेकिन उसके पीछे होता है एक गहरा संदर्भ. Complex Background. और कई दफ़ा पेचीदा डीटेलिंग. ये है आजतक रेडियो का एक्सप्लेनर पॉडकास्ट ‘संदर्भ’ जहां हम समझाते हैं हवा में तैरते Topics का पूरा Context. क्योंकि ‘समझेंगे तो सुलझेगा’.<br /><br />Every day, thousands of events unfold worldwide, and millions of stories emerge. Some may seem like mere headlines at first glance, but beneath them lies a deep context, a complex background, and often intricate details. This is AajTak Radio’s explainer podcast Sandarbh, where we unpack the full context of trending topics floating in the air. Because we believe, “ Samjhenge to Suljhega.”]]></description><atom:link href="https://www.spreaker.com/show/6604356/episodes/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><language>hi</language><category>Education</category><copyright>Copyright © 2026 Living Media India Limited</copyright><image><url>https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/48bc1ef2bda69390817670f94a2ea1f9.jpg</url><title>Sandarbh</title><link>https://www.aajtak.in/podcast/sandarbh</link></image><lastBuildDate>Thu, 09 Jul 2026 14:16:57 +0000</lastBuildDate><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:owner><itunes:name>Aaj Tak Radio</itunes:name><itunes:email>sunil.kumar2@aajtak.com</itunes:email></itunes:owner><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/48bc1ef2bda69390817670f94a2ea1f9.jpg"/><itunes:subtitle>दुनियाभर में एक दिन में हज़ारों चीज़ें घटती हैं, लाखों ख़बरें बनती हैं. इनमें से कुछ ऐसी होती हैं जो पहली नज़र में एक मामूली Headline लग सकती है. लेकिन उसके पीछे होता है एक गहरा संदर्भ. Complex Background. और कई दफ़ा पेचीदा डीटेलिंग. ये है आजतक रेडियो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दुनियाभर में एक दिन में हज़ारों चीज़ें घटती हैं, लाखों ख़बरें बनती हैं. इनमें से कुछ ऐसी होती हैं जो पहली नज़र में एक मामूली Headline लग सकती है. लेकिन उसके पीछे होता है एक गहरा संदर्भ. Complex Background. और कई दफ़ा पेचीदा डीटेलिंग. ये है आजतक रेडियो का एक्सप्लेनर पॉडकास्ट ‘संदर्भ’ जहां हम समझाते हैं हवा में तैरते Topics का पूरा Context. क्योंकि ‘समझेंगे तो सुलझेगा’.<br /><br />Every day, thousands of events unfold worldwide, and millions of stories emerge. Some may seem like mere headlines at first glance, but beneath them lies a deep context, a complex background, and often intricate details. This is AajTak Radio’s explainer podcast Sandarbh, where we unpack the full context of trending topics floating in the air. Because we believe, “ Samjhenge to Suljhega.”]]></itunes:summary><itunes:category text="Education"/><itunes:explicit>false</itunes:explicit><podcast:guid>5f021527-070d-52d0-8d62-f782e59159c8</podcast:guid><itunes:type>episodic</itunes:type><item><title>अचानक क्यों बढ़ने लगे हैं Road Rage के मामले?: Sandarbh Road Rage Decoded</title><link>https://www.spreaker.com/episode/acanaka-kyom-barhane-lage-haim-road-rage-ke-mamale-sandarbh-road-rage-decoded--72889927</link><description><![CDATA[India में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। डेढ़ लाख। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। यह एक पूरे शहर की आबादी है — जो हर साल सड़क पर खत्म हो जाती है। तो आज हम इसी सवाल को ठीक से समझने की कोशिश करेंगे —<br /> सड़क पर आते ही इंसान Aggressive क्यों हो जाता है? Road Rage की घटनाएं इतनी बढ़ क्यों रही हैं? लगातार Viral होते Videos के बावजूद भी आप इसके जवाब तक पहुंचे क्या? मिलेंगे सारे जवाब संदर्भ के इस एपिसोड में. एपिसोड पूरा देखिएगा. और गाना पसंद आए तो शेयर भी कीजिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> होस्ट: नितिन ठाकुर<br /> साउंड: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72889927</guid><pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:15:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72889927/09_jul_26_sandarbh_9_july_128.mp3" length="18047059" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>India में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। डेढ़ लाख। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। यह एक पूरे शहर की आबादी है — जो हर साल सड़क पर खत्म हो जाती है। तो आज हम इसी सवाल को ठीक से समझने की कोशिश करेंगे —&#13;
सड़क पर आते ही इंसान...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[India में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। डेढ़ लाख। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। यह एक पूरे शहर की आबादी है — जो हर साल सड़क पर खत्म हो जाती है। तो आज हम इसी सवाल को ठीक से समझने की कोशिश करेंगे —<br /> सड़क पर आते ही इंसान Aggressive क्यों हो जाता है? Road Rage की घटनाएं इतनी बढ़ क्यों रही हैं? लगातार Viral होते Videos के बावजूद भी आप इसके जवाब तक पहुंचे क्या? मिलेंगे सारे जवाब संदर्भ के इस एपिसोड में. एपिसोड पूरा देखिएगा. और गाना पसंद आए तो शेयर भी कीजिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> होस्ट: नितिन ठाकुर<br /> साउंड: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1128</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b3d6c04ae12c72b02cb8fa7fca46df29.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Dollar को Challenge करने वाले देश बर्बाद क्यों हो जाते हैं? : Sandarbh</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dollar-ko-challenge-karane-vale-desa-barbada-kyom-ho-jate-haim-sandarbh--71162441</link><description><![CDATA[रूस-यूक्रेन की जंग हो, या इज़राइल-अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, मिडिल ईस्ट में जैसे ही हालात बिगड़ते हैं, असर सीधे हमारी जेब पर पड़ता है. गोल्ड के दाम आसमान छूने लगते हैं, रुपया कमजोर होता जाता है, और शेयर बाज़ार झूलने लगता है. इन सबके पीछे कई कारण होते हैं… लेकिन सबसे बड़ा कारण है – क्रूड ऑयल और डॉलर. या यूं कहें - पेट्रोडॉलर.<br /><br /> 1973 के ऑयल एम्बार्गो से लेकर पेट्रोडॉलर डील तक. इस वीडियो में हम समझेंगे कि कैसे एक “कागज़ का टुकड़ा” यानी अमेरिकी डॉलर पूरी दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसी बन गया. अमेरिका में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें, राशनिंग, अंधेरे में डूबता देश… और फिर एक सीक्रेट डील जिसने अगले 50 सालों तक दुनिया की दिशा तय कर दी।]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71162441</guid><pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:17:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71162441/07_apr_26_sandarbh_7_apil_audio_mix_128.mp3" length="19245348" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रूस-यूक्रेन की जंग हो, या इज़राइल-अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, मिडिल ईस्ट में जैसे ही हालात बिगड़ते हैं, असर सीधे हमारी जेब पर पड़ता है. गोल्ड के दाम आसमान छूने लगते हैं, रुपया कमजोर होता जाता है, और शेयर बाज़ार झूलने लगता है. इन सबके पीछे कई कारण होते...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रूस-यूक्रेन की जंग हो, या इज़राइल-अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, मिडिल ईस्ट में जैसे ही हालात बिगड़ते हैं, असर सीधे हमारी जेब पर पड़ता है. गोल्ड के दाम आसमान छूने लगते हैं, रुपया कमजोर होता जाता है, और शेयर बाज़ार झूलने लगता है. इन सबके पीछे कई कारण होते हैं… लेकिन सबसे बड़ा कारण है – क्रूड ऑयल और डॉलर. या यूं कहें - पेट्रोडॉलर.<br /><br /> 1973 के ऑयल एम्बार्गो से लेकर पेट्रोडॉलर डील तक. इस वीडियो में हम समझेंगे कि कैसे एक “कागज़ का टुकड़ा” यानी अमेरिकी डॉलर पूरी दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसी बन गया. अमेरिका में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें, राशनिंग, अंधेरे में डूबता देश… और फिर एक सीक्रेट डील जिसने अगले 50 सालों तक दुनिया की दिशा तय कर दी।]]></itunes:summary><itunes:duration>1203</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3112618927249e78cd548c50b4042e81.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Iran हो या Iraq, Israel पर बात आते ही क्यों भड़क जाता है US? : Sandarbh</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iran-ho-ya-iraq-israel-para-bata-ate-hi-kyom-bharaka-jata-hai-us-sandarbh--70933387</link><description><![CDATA[Iran War के कारण West Asia में जो हालात बने हैं, उससे अछूता कौन रहा है? आपके चाय के प्यालों तक में तूफ़ान उठ जाए तो चौंकिएगा नहीं. पिछले 50-60 साल में West Asia का हाल ऐसा ही रहा है. इसी West Asia में है एक छोटा सा देश, जो अक्सर West Asia में मौजूद कई देशों की आंखों में चुभता रहा है. हालांकि, दुनिया के सबसे ताकतवर देश, अमेरिका की वो आंखों का तारा है. सालों साल ये रिश्ता अमेरिका निभाता आया है.     अमेरिका ने Israel में इतना पैसा Invest किया कि World Hunger की समस्या तो वो उतने पैसों में चुटकी में हल हो जाती.मगर क्यों? सिर्फ़ पैसा ही नहीं. America ने न जाने Israel की कितनी जंगों को अपना बना लिया. न जाने उसकी कितनी दिक्कतों को अपने सिर ले लिया है. लेकिन क्यों भाई? <br /><br /> क्योंकि US Israel की दोस्ती चाहता है. अब आप पूछेंगे कि अमेरिका तो इतना बड़ा देश है. दुनिया में जिससे चाहे उससे पंगा ले सकता है? इत्तू सा देश है इज़रायल.. हमारे मणिपुर से भी छोटा. लेकिन फिर भी अमेरिका उससे दोस्ती क्यों चाहता है? आज समझेंगे मात्र 4 Point में.  क्योंकि संदर्भ में हमारा नारा है-  समझेंगे तो सुलझेगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल और रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70933387</guid><pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:56:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70933387/27_mar_26_sandarbh_final_27_march_revised_128.mp3" length="25913887" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Iran War के कारण West Asia में जो हालात बने हैं, उससे अछूता कौन रहा है? आपके चाय के प्यालों तक में तूफ़ान उठ जाए तो चौंकिएगा नहीं. पिछले 50-60 साल में West Asia का हाल ऐसा ही रहा है. इसी West Asia में है एक छोटा सा देश, जो अक्सर West Asia में मौजूद कई...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Iran War के कारण West Asia में जो हालात बने हैं, उससे अछूता कौन रहा है? आपके चाय के प्यालों तक में तूफ़ान उठ जाए तो चौंकिएगा नहीं. पिछले 50-60 साल में West Asia का हाल ऐसा ही रहा है. इसी West Asia में है एक छोटा सा देश, जो अक्सर West Asia में मौजूद कई देशों की आंखों में चुभता रहा है. हालांकि, दुनिया के सबसे ताकतवर देश, अमेरिका की वो आंखों का तारा है. सालों साल ये रिश्ता अमेरिका निभाता आया है.     अमेरिका ने Israel में इतना पैसा Invest किया कि World Hunger की समस्या तो वो उतने पैसों में चुटकी में हल हो जाती.मगर क्यों? सिर्फ़ पैसा ही नहीं. America ने न जाने Israel की कितनी जंगों को अपना बना लिया. न जाने उसकी कितनी दिक्कतों को अपने सिर ले लिया है. लेकिन क्यों भाई? <br /><br /> क्योंकि US Israel की दोस्ती चाहता है. अब आप पूछेंगे कि अमेरिका तो इतना बड़ा देश है. दुनिया में जिससे चाहे उससे पंगा ले सकता है? इत्तू सा देश है इज़रायल.. हमारे मणिपुर से भी छोटा. लेकिन फिर भी अमेरिका उससे दोस्ती क्यों चाहता है? आज समझेंगे मात्र 4 Point में.  क्योंकि संदर्भ में हमारा नारा है-  समझेंगे तो सुलझेगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल और रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>1620</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2525067e6f42fc65c8759bb8b2f3fa41.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>IRAN vs USA: अपनी ही चाल में फंस गया Superpower? : संदर्भ</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iran-vs-usa-apani-hi-cala-mem-phansa-gaya-superpower-sandarbha--70781259</link><description><![CDATA[आज ईरान, अमेरिका–इज़राइल जंग ने दुनिया को कई धड़ों में बांट दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग की शुरुआत में कहा था कि हफ्ते भर में हम जीत जाएंगे। लेकिन हफ्ते-महीने बदल जाने लगे हैं और जंग खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर नेतन्याहू ने लेबनान और सीरिया में अलग से युद्ध शुरू कर दिया है। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी सुपरपावर अमेरिका और इज़रायल मिलकर भी ईरान को नहीं झुका पाए। अली ख़ामेनेई की मौत के बाद ईरान लगातार वेस्ट एशिया के देशों सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इज़रायल, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान, बहरीन पर अपनी मिसाइलों और ड्रोन से लगातार हमले जारी रखे हुए है। अपने एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस—लेबनान में हिज़्बुल्लाह, गाज़ा में हमास, यमन में हूती विद्रोही, इराकी मिलिशिया ग्रुप्स—जैसे क़तैब हिजबुल्लाह, हरकत अल-नुजाबा, बद्र ऑर्गनाइज़ेशन को भी एक्टिव कर दिया है।<br /> जंग के इतने हफ्तों के बाद भी अमेरिका और इज़राइल ईरान का कोई तोड़ नहीं निकाल पाए। पर बिना ताकतवर नेताओं, एयरफोर्स, नेवी के बगैर ईरान इस जंग में अब तक टिका कैसे है?<br /><br /> प्रोड्यूसर - मनोज राजपुरोहित<br /> साउंड - अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70781259</guid><pubDate>Fri, 20 Mar 2026 15:27:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70781259/20_mar_26_sandarbh_20_march_128.mp3" length="23070511" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आज ईरान, अमेरिका–इज़राइल जंग ने दुनिया को कई धड़ों में बांट दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग की शुरुआत में कहा था कि हफ्ते भर में हम जीत जाएंगे। लेकिन हफ्ते-महीने बदल जाने लगे हैं और जंग खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आज ईरान, अमेरिका–इज़राइल जंग ने दुनिया को कई धड़ों में बांट दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग की शुरुआत में कहा था कि हफ्ते भर में हम जीत जाएंगे। लेकिन हफ्ते-महीने बदल जाने लगे हैं और जंग खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर नेतन्याहू ने लेबनान और सीरिया में अलग से युद्ध शुरू कर दिया है। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी सुपरपावर अमेरिका और इज़रायल मिलकर भी ईरान को नहीं झुका पाए। अली ख़ामेनेई की मौत के बाद ईरान लगातार वेस्ट एशिया के देशों सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इज़रायल, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान, बहरीन पर अपनी मिसाइलों और ड्रोन से लगातार हमले जारी रखे हुए है। अपने एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस—लेबनान में हिज़्बुल्लाह, गाज़ा में हमास, यमन में हूती विद्रोही, इराकी मिलिशिया ग्रुप्स—जैसे क़तैब हिजबुल्लाह, हरकत अल-नुजाबा, बद्र ऑर्गनाइज़ेशन को भी एक्टिव कर दिया है।<br /> जंग के इतने हफ्तों के बाद भी अमेरिका और इज़राइल ईरान का कोई तोड़ नहीं निकाल पाए। पर बिना ताकतवर नेताओं, एयरफोर्स, नेवी के बगैर ईरान इस जंग में अब तक टिका कैसे है?<br /><br /> प्रोड्यूसर - मनोज राजपुरोहित<br /> साउंड - अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1442</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/91cc5e94cf8ed3a7def63f57b0ae5503.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Iran के Supreme Leader की मौत पर आंसू क्यों बहा रहे भारतीय मुसलमान? : Sandarbh</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iran-ke-supreme-leader-ki-mauta-para-ansu-kyom-baha-rahe-bharatiya-musalamana-sandarbh--70524899</link><description><![CDATA[36 साल तक ईरान की सत्ता पर काबिज़ रहने वाले अली ख़ामेनेई आखिर कौन हैं? एक ऐसा व्यक्ति जिसने जेल, जंग, क्रांति और सियासत के बीच अपना रास्ता बनाया और ईरान का सुप्रीम लीडर बन गया। कहानी शुरू होती है शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के दौर से, जब ईरान में राजशाही के खिलाफ गुस्सा धीरे-धीरे उबल रहा था।<br />  1979 की इस्लामिक क्रांति ने पूरे ईरान की राजनीति बदल दी और आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी सत्ता में आए। लेकिन क्रांति के बाद भी कहानी खत्म नहीं हुई। जेल, हमले, जंग और सत्ता के संघर्ष के बीच अली ख़ामेनेई का राजनीतिक सफर आगे बढ़ता गया।<br /> 1980 में ईरान-इराक युद्ध, सद्दाम हुसैन के साथ लंबी लड़ाई, अमेरिकी दूतावास बंधक संकट (Iran Hostage Crisis), और फिर ईरान की राजनीति में लगातार बदलते समीकरण–इन सबके बीच अली ख़ामेनेई धीरे-धीरे ईरान की सबसे ताकतवर कुर्सी तक पहुंचे।<br /> समय के साथ ईरान में कई बड़े विवाद भी सामने आए –हिजाब कानून,महसा अमीनी की मौत के बाद हुए हिजाब प्रोटेस्ट, स्टूडेंट आंदोलन, और ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम।<br /> आज भी दुनिया की राजनीति में ईरान, उसका परमाणु कार्यक्रम और सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई एक बड़ा मुद्दा बने हुए हैं।<br /> इस वीडियो में हम तलाशेंगे इन सवालों के जवाब:<br /> मस्जिदों में सीडी बांटने वाला कैसे बना ईरान का सुप्रीम लीडर?<br /> 1979 की Islamic Revolution ने ईरान को कैसे बदल दिया?<br /> शाह से सुप्रीम लीडर तक अली ख़ामेनेई का सफर कैसा रहा?<br /> Iran-Iraq War और Saddam Hussein के साथ जंग का क्या असर हुआ?<br /> Mahsa Amini और Hijab Protest ने ईरान की राजनीति को कैसे हिला दिया?<br /> ईरान का Nuclear Program दुनिया के लिए इतना बड़ा मुद्दा क्यों है?<br /> और क्यों ईरान के सुप्रीम लीडर की खबरों पर भारत तक बहस छिड़ जाती है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70524899</guid><pubDate>Sat, 07 Mar 2026 14:50:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70524899/07_mar_26_sandarbh_7_march_128.mp3" length="32931422" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>36 साल तक ईरान की सत्ता पर काबिज़ रहने वाले अली ख़ामेनेई आखिर कौन हैं? एक ऐसा व्यक्ति जिसने जेल, जंग, क्रांति और सियासत के बीच अपना रास्ता बनाया और ईरान का सुप्रीम लीडर बन गया। कहानी शुरू होती है शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के दौर से, जब ईरान में राजशाही...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[36 साल तक ईरान की सत्ता पर काबिज़ रहने वाले अली ख़ामेनेई आखिर कौन हैं? एक ऐसा व्यक्ति जिसने जेल, जंग, क्रांति और सियासत के बीच अपना रास्ता बनाया और ईरान का सुप्रीम लीडर बन गया। कहानी शुरू होती है शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के दौर से, जब ईरान में राजशाही के खिलाफ गुस्सा धीरे-धीरे उबल रहा था।<br />  1979 की इस्लामिक क्रांति ने पूरे ईरान की राजनीति बदल दी और आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी सत्ता में आए। लेकिन क्रांति के बाद भी कहानी खत्म नहीं हुई। जेल, हमले, जंग और सत्ता के संघर्ष के बीच अली ख़ामेनेई का राजनीतिक सफर आगे बढ़ता गया।<br /> 1980 में ईरान-इराक युद्ध, सद्दाम हुसैन के साथ लंबी लड़ाई, अमेरिकी दूतावास बंधक संकट (Iran Hostage Crisis), और फिर ईरान की राजनीति में लगातार बदलते समीकरण–इन सबके बीच अली ख़ामेनेई धीरे-धीरे ईरान की सबसे ताकतवर कुर्सी तक पहुंचे।<br /> समय के साथ ईरान में कई बड़े विवाद भी सामने आए –हिजाब कानून,महसा अमीनी की मौत के बाद हुए हिजाब प्रोटेस्ट, स्टूडेंट आंदोलन, और ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम।<br /> आज भी दुनिया की राजनीति में ईरान, उसका परमाणु कार्यक्रम और सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई एक बड़ा मुद्दा बने हुए हैं।<br /> इस वीडियो में हम तलाशेंगे इन सवालों के जवाब:<br /> मस्जिदों में सीडी बांटने वाला कैसे बना ईरान का सुप्रीम लीडर?<br /> 1979 की Islamic Revolution ने ईरान को कैसे बदल दिया?<br /> शाह से सुप्रीम लीडर तक अली ख़ामेनेई का सफर कैसा रहा?<br /> Iran-Iraq War और Saddam Hussein के साथ जंग का क्या असर हुआ?<br /> Mahsa Amini और Hijab Protest ने ईरान की राजनीति को कैसे हिला दिया?<br /> ईरान का Nuclear Program दुनिया के लिए इतना बड़ा मुद्दा क्यों है?<br /> और क्यों ईरान के सुप्रीम लीडर की खबरों पर भारत तक बहस छिड़ जाती है?]]></itunes:summary><itunes:duration>2059</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/85290a3ed2b65a25fd8b45f9d1108412.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मसूद अज़हर के निशाने पर हर बार भारत ही क्यों? जैश और ISI के गठजोड़ की कहानी: Sandarbh, EP 6</title><link>https://www.spreaker.com/episode/masuda-azahara-ke-nisane-para-hara-bara-bharata-hi-kyom-jaisa-aura-isi-ke-gathajora-ki-kahani-sandarbh-ep-6--69099017</link><description><![CDATA[10 नवंबर को दिल्ली में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. 15 निर्दोष लोगों की मौत, 20 घायल होने के बाद आखिरकार सिक्योरिटी एजेंसियों के सामने एक आतंकी संगठन का नाम सामने आता है -  जैश-ए-मोहम्मद और उसका सरगना मसूद अज़हर.<br /> यह कोई पहली बार नहीं था.<br /> 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा हमला, उसी साल भारतीय संसद पर हमला, 2016 में पठानकोट एयरबेस, उरी और नगरोटा, 2019 में पुलवामा, और फिर 2025 के बाद हुआ ऑपरेशन सिंदूर - हर बड़े मोड़ पर जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अज़हर की मौजूदगी साफ़ दिखती है.<br /> सोवियत-अफग़ान वॉर से लेकर पाकिस्तान की साज़िश, और मसूद अज़हर को मिली खुली शह, जैश को बार-बार भारत के खिलाफ खड़ा करती रही.<br /> जवाब तलाशेंगे:<br /> मसूद अज़हर भारत से आखिर चाहता क्या है?<br /> जैश-ए-मोहम्मद का व्हाइट टेरर मॉड्यूल क्या है?<br /> पढ़े-लिखे डॉक्टर आतंकी नेटवर्क का हिस्सा कैसे बने?<br /> जैश को फंडिंग कहां से मिलती है?<br /> सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनल्स कैसे कट्टरपंथ फैलाते हैं?<br /> जैश की विचारधारा, ऑब्जेक्टिव और ऑपरेशन मॉडल क्या है?<br /><br /> प्रड्यूसर: मनोज राजपुरोहित<br /> साउंड मिक्सिंग: अमन और सूरज]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69099017</guid><pubDate>Wed, 17 Dec 2025 16:02:30 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69099017/16_dec_25_sandarbh_16_mix_cb_128.mp3" length="29723167" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>10 नवंबर को दिल्ली में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. 15 निर्दोष लोगों की मौत, 20 घायल होने के बाद आखिरकार सिक्योरिटी एजेंसियों के सामने एक आतंकी संगठन का नाम सामने आता है -  जैश-ए-मोहम्मद और उसका सरगना मसूद अज़हर.&#13;
यह कोई पहली बार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[10 नवंबर को दिल्ली में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. 15 निर्दोष लोगों की मौत, 20 घायल होने के बाद आखिरकार सिक्योरिटी एजेंसियों के सामने एक आतंकी संगठन का नाम सामने आता है -  जैश-ए-मोहम्मद और उसका सरगना मसूद अज़हर.<br /> यह कोई पहली बार नहीं था.<br /> 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा हमला, उसी साल भारतीय संसद पर हमला, 2016 में पठानकोट एयरबेस, उरी और नगरोटा, 2019 में पुलवामा, और फिर 2025 के बाद हुआ ऑपरेशन सिंदूर - हर बड़े मोड़ पर जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अज़हर की मौजूदगी साफ़ दिखती है.<br /> सोवियत-अफग़ान वॉर से लेकर पाकिस्तान की साज़िश, और मसूद अज़हर को मिली खुली शह, जैश को बार-बार भारत के खिलाफ खड़ा करती रही.<br /> जवाब तलाशेंगे:<br /> मसूद अज़हर भारत से आखिर चाहता क्या है?<br /> जैश-ए-मोहम्मद का व्हाइट टेरर मॉड्यूल क्या है?<br /> पढ़े-लिखे डॉक्टर आतंकी नेटवर्क का हिस्सा कैसे बने?<br /> जैश को फंडिंग कहां से मिलती है?<br /> सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनल्स कैसे कट्टरपंथ फैलाते हैं?<br /> जैश की विचारधारा, ऑब्जेक्टिव और ऑपरेशन मॉडल क्या है?<br /><br /> प्रड्यूसर: मनोज राजपुरोहित<br /> साउंड मिक्सिंग: अमन और सूरज]]></itunes:summary><itunes:duration>1858</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8f3d1e54692245c2a12bf135e7fa2a9e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फ्लैट, मकान, शहर छोड़िए.. अब बनाइए अपना देश : Sandarbh, Ep 5</title><link>https://www.spreaker.com/episode/phlaita-makana-sahara-chori-e-aba-bana-i-e-apana-desa-sandarbh-ep-5--67712687</link><description><![CDATA[आपने तरह तरह के देशों के बारे में सुना होगा. कोई छोटा है कोई बड़ा. किसी की इकॉनमी बढ़िया है, किसी की फेल्ड. कहीं सेना शासन करती है, कहीं लोकतंत्र का डंका बजता है. आप भी फिलहाल किसी न किसी देश के नागरिक होंगे ही. लेकिन कभी आपने अपना देश बनाने का सपना देखा है? एक ऐसा देश जिसकी निज़ाम-ए-हस्ती आप ही चला रहे हों. शायद नहीं. लेकिन इस दुनिया में एक कई विरले लोग हैं जिन्होंने अपना देश बना भी लिया है. जिसे कहते हैं माइक्रोनेशन. संदर्भ के इस एपिसोड में सुनिए ऐसे ही Micronation की अजीबो-ग़रीब कहानी. सुनिए कहानी सीलैंड, टालोसा, मोलोसिया और कैलासा की. साथ ही जानिए वो तरीके जिससे आप बना सकते हैं अपना खुद का देश. <br /><br />You must have heard about all kinds of countries. Some are small, some are big. Some have strong economies, others are failed states. In some places the military rules, in others democracy thrives. And you too, at present, are surely a citizen of some country.<br /><br />But have you ever dreamt of creating your own country? A nation where you run everything, where you set the rules of existence. Probably not. Yet in this world, there are a few rare people who have actually built their own countries. These are called Micronations.<br /><br />In this episode of Sandarbh, listen to the strange and fascinating stories of such Micronations — Sealand, Talossa, Molossia, and Kailaasa. Also, find out the hacks by which you can create your own country.<br /><br />Produced by Manav Dev Rawat<br />Sound Design by Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67712687</guid><pubDate>Thu, 11 Sep 2025 03:04:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67712687/10_sep_25_sandarbh_audio_mix_re_done_10_sep_128.mp3" length="15616626" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आपने तरह तरह के देशों के बारे में सुना होगा. कोई छोटा है कोई बड़ा. किसी की इकॉनमी बढ़िया है, किसी की फेल्ड. कहीं सेना शासन करती है, कहीं लोकतंत्र का डंका बजता है. आप भी फिलहाल किसी न किसी देश के नागरिक होंगे ही. लेकिन कभी आपने अपना देश बनाने का सपना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आपने तरह तरह के देशों के बारे में सुना होगा. कोई छोटा है कोई बड़ा. किसी की इकॉनमी बढ़िया है, किसी की फेल्ड. कहीं सेना शासन करती है, कहीं लोकतंत्र का डंका बजता है. आप भी फिलहाल किसी न किसी देश के नागरिक होंगे ही. लेकिन कभी आपने अपना देश बनाने का सपना देखा है? एक ऐसा देश जिसकी निज़ाम-ए-हस्ती आप ही चला रहे हों. शायद नहीं. लेकिन इस दुनिया में एक कई विरले लोग हैं जिन्होंने अपना देश बना भी लिया है. जिसे कहते हैं माइक्रोनेशन. संदर्भ के इस एपिसोड में सुनिए ऐसे ही Micronation की अजीबो-ग़रीब कहानी. सुनिए कहानी सीलैंड, टालोसा, मोलोसिया और कैलासा की. साथ ही जानिए वो तरीके जिससे आप बना सकते हैं अपना खुद का देश. <br /><br />You must have heard about all kinds of countries. Some are small, some are big. Some have strong economies, others are failed states. In some places the military rules, in others democracy thrives. And you too, at present, are surely a citizen of some country.<br /><br />But have you ever dreamt of creating your own country? A nation where you run everything, where you set the rules of existence. Probably not. Yet in this world, there are a few rare people who have actually built their own countries. These are called Micronations.<br /><br />In this episode of Sandarbh, listen to the strange and fascinating stories of such Micronations — Sealand, Talossa, Molossia, and Kailaasa. 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NCERT पर हाल ही में ये आरोप लगे, जब उसने कक्षा 8 की हिस्ट्री टेक्सटबुक का एक नया वर्ज़न रिलीज़ किया. मगर ठहरकर इस इतिहास के गढ़ने के आरोप को समझना बहुत ज़रूरी है. क्योंकि ये आरोप आज से पहले भी कई दफा कईयों पर लगता रहा है, जो कहलाता है Historical Negationism. पर ऐसा किया क्यों जाता है…पहले कब कब ये हुआ.. और ये हो रहा है इसे कोई पहचाने कैसे…  मिलेंगे इन सभी सवालों के जवाब. संदर्भ के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर के साथ.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67286758</guid><pubDate>Thu, 07 Aug 2025 16:55:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67286758/07_aug_25_sandharbh_7_august_mix_128.mp3" length="18568254" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>George Orwell(कान पर हाथ लगाते हुए) ने कहा था कि- The most effective way to destroy people is to deny and obliterate their own understanding of their history. यानि कि हमारे भविष्य और वर्तमान को तराशने वाला दरअसल भूत ही है, इतिहास ही है. और अक्सर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[George Orwell(कान पर हाथ लगाते हुए) ने कहा था कि- The most effective way to destroy people is to deny and obliterate their own understanding of their history. यानि कि हमारे भविष्य और वर्तमान को तराशने वाला दरअसल भूत ही है, इतिहास ही है. और अक्सर इतिहास दर्ज करने वालों पर उसे ग़लत तरीके से गढ़ने का आरोप भी लगता ही है. NCERT पर हाल ही में ये आरोप लगे, जब उसने कक्षा 8 की हिस्ट्री टेक्सटबुक का एक नया वर्ज़न रिलीज़ किया. मगर ठहरकर इस इतिहास के गढ़ने के आरोप को समझना बहुत ज़रूरी है. क्योंकि ये आरोप आज से पहले भी कई दफा कईयों पर लगता रहा है, जो कहलाता है Historical Negationism. पर ऐसा किया क्यों जाता है…पहले कब कब ये हुआ.. और ये हो रहा है इसे कोई पहचाने कैसे…  मिलेंगे इन सभी सवालों के जवाब. संदर्भ के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर के साथ.]]></itunes:summary><itunes:duration>1161</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/359876ec0899fcf1a29122740375ccf0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pakistan-Turkey के ख़िलाफ़ India का सबसे बड़ा पैंतरा: Sandarbh Ep 3, Cyprus</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistan-turkey-ke-khilafa-india-ka-sabase-bara-paintara-sandarbh-ep-3-cyprus--66927141</link><description><![CDATA[साल 2025. ये साल निश्चित ही Geopolitics के लिहाज़ से बहुत अहम होने के लिए याद रखा जाएगा. भारत के लिए ये साल अलग साबित हुआ क्योंकि उसने पाकिस्तान के साथ होती छुटपुट झड़प को Operation Sindoor बनते देखा. <br /><br /> वही Operation Sindoor जिसने काफ़ी हद तक साफ़ किया कि कौनसा देश, भारत का दोस्त है और कौन पाकिस्तान का भाई? इसी Operation Sindoor के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि वो Cyprus का दौरा करेंगे. मगर क्यों?<br /> क्या आपने कभी सोचा कि एक छोटा-सा European Island, Cyprus, भारत की विदेश नीति में इतना अहम क्यों हो गया? 15 जून 2025 को जब PM Modi Cyprus पहुंचे, तो ये सिर्फ एक सामान्य विदेश दौरा नहीं था — ये था एक सधा हुआ कूटनीतिक संदेश. मगर किसको? <br /> अगर नहीं पता तो Aajtak Radio के Explainer Podcast ‘Sandarbh’ में नितिन ठाकुर के साथ चल दीजिए इस खूबसूरत, मगर बंटे हुए Island तक. एक ऐसा सुंदर आइलैंड जिसकी राजधानी आज भी कंटीले तारों से बंटी है.<br /><br /> इस एपिसोड में जानिए-<br /> - साइप्रस का विभाजन क्यों और कैसे हुआ?<br /> - भारत और साइप्रस की दोस्ती इतनी गहरी कैसे है?<br /> - टर्की-पाकिस्तान-चीन तिकड़ी के जवाब में भारत क्या खेल खेल रहा है?<br /> - चीन के BRI का भारत ने जवाब ढूंढ लिया है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66927141</guid><pubDate>Thu, 10 Jul 2025 14:24:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66927141/10_jul_25_sandharbh_10_july_mix_128.mp3" length="22205753" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>साल 2025. ये साल निश्चित ही Geopolitics के लिहाज़ से बहुत अहम होने के लिए याद रखा जाएगा. भारत के लिए ये साल अलग साबित हुआ क्योंकि उसने पाकिस्तान के साथ होती छुटपुट झड़प को Operation Sindoor बनते देखा. &#13;
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वही Operation Sindoor जिसने काफ़ी हद तक साफ़...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[साल 2025. ये साल निश्चित ही Geopolitics के लिहाज़ से बहुत अहम होने के लिए याद रखा जाएगा. भारत के लिए ये साल अलग साबित हुआ क्योंकि उसने पाकिस्तान के साथ होती छुटपुट झड़प को Operation Sindoor बनते देखा. <br /><br /> वही Operation Sindoor जिसने काफ़ी हद तक साफ़ किया कि कौनसा देश, भारत का दोस्त है और कौन पाकिस्तान का भाई? इसी Operation Sindoor के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि वो Cyprus का दौरा करेंगे. मगर क्यों?<br /> क्या आपने कभी सोचा कि एक छोटा-सा European Island, Cyprus, भारत की विदेश नीति में इतना अहम क्यों हो गया? 15 जून 2025 को जब PM Modi Cyprus पहुंचे, तो ये सिर्फ एक सामान्य विदेश दौरा नहीं था — ये था एक सधा हुआ कूटनीतिक संदेश. मगर किसको? <br /> अगर नहीं पता तो Aajtak Radio के Explainer Podcast ‘Sandarbh’ में नितिन ठाकुर के साथ चल दीजिए इस खूबसूरत, मगर बंटे हुए Island तक. एक ऐसा सुंदर आइलैंड जिसकी राजधानी आज भी कंटीले तारों से बंटी है.<br /><br /> इस एपिसोड में जानिए-<br /> - साइप्रस का विभाजन क्यों और कैसे हुआ?<br /> - भारत और साइप्रस की दोस्ती इतनी गहरी कैसे है?<br /> - टर्की-पाकिस्तान-चीन तिकड़ी के जवाब में भारत क्या खेल खेल रहा है?<br /> - चीन के BRI का भारत ने जवाब ढूंढ लिया है?]]></itunes:summary><itunes:duration>1388</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4c4e8a01e27d895a28e2b6fd4bf51f1e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pahalgam Attack का Mastermind Lashkar-e- Tayyiba बाकी आतंकी संगठनों से अलग कैसे है?: Sandarbh, Ep 2</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pahalgam-attack-ka-mastermind-lashkar-e-tayyiba-baki-atanki-sangathanom-se-alaga-kaise-hai-sandarbh-ep-2--66114098</link><description><![CDATA[Operation Sindoor की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले ने तैयार की, जिसकी आवाज़ दुनियाभर ने सुनी. इस हमले की ज़िम्मेदारी पहले The resistance front नाम के संगठन ने ली, लेकिन फिर मुकर गया. सोशल मीडिया पर TRF ने दावा किया कि उसके Digital Platform पर जो Message डाला गया, वो एक “Coordinated Cyber Intrusion” की वजह से हुआ. TRF के इस झूठ पर किसी को भरोसा नहीं क्योंकि ये कोई पहली बार नहीं है. बस नाम नया है. साल 2000 में हुआ अमरनाथ धाम हत्याकांड हो, 14 मई 2002 को जम्मू के कलूचक में करीब 78 लोगों का निशाना बनाया जाना, 2003 में कश्मीर के नदीमार्ग में 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या, 2005 में दिवाली पर हुई दिल्ली bombings,  2006 में हुए वाराणसी में बम विस्फोट, 2006 में ही मुंबई के ट्रेन धमाके और पिछले साल रईसी में हुआ आतंकी हमला. दरअसल इन सभी हमलों के पीछे एक ही संगठन का हाथ है जो अक्सर नाम बदल बदल कर ऐसे आतंकी हमलों को अंजाम देता है. लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा, MDI और TRF. ये सब इसके ही नाम हैं. ये सारे नाम भारत में खूब सुने जाते रहे लेकिन किसी ने गहरे पैठकर ये नहीं बताया कि क्या हैं इसके असल मंसूबे, क्या हैं तरीके जिनकी वजह से ये कुख्यात हुए, हज़ार मुखौटों के पीछे छिपा कौन है? और इन्हीं पेचीदगियों का इलाज है आज का संदर्भ. तो उतरेंगे लश्कर ए तैयबा के ज़ेहन में और समझेंगे असलियत The Resistance Front की. MDI की. जमात उद दावा की. ये है आजतक रेडियो का एक्सप्लेनर पॉडकास्ट, ‘संदर्भ’. जहां हम कहते हैं ‘समझेंगे तो सुलझेगा’.   ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66114098</guid><pubDate>Fri, 16 May 2025 06:29:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66114098/15_may_25_sandarbh_ep2_mix_128.mp3" length="26534556" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Operation Sindoor की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले ने तैयार की, जिसकी आवाज़ दुनियाभर ने सुनी. इस हमले की ज़िम्मेदारी पहले The resistance front नाम के संगठन ने ली, लेकिन फिर मुकर गया. सोशल मीडिया पर TRF ने दावा किया कि उसके Digital...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Operation Sindoor की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले ने तैयार की, जिसकी आवाज़ दुनियाभर ने सुनी. इस हमले की ज़िम्मेदारी पहले The resistance front नाम के संगठन ने ली, लेकिन फिर मुकर गया. सोशल मीडिया पर TRF ने दावा किया कि उसके Digital Platform पर जो Message डाला गया, वो एक “Coordinated Cyber Intrusion” की वजह से हुआ. TRF के इस झूठ पर किसी को भरोसा नहीं क्योंकि ये कोई पहली बार नहीं है. बस नाम नया है. साल 2000 में हुआ अमरनाथ धाम हत्याकांड हो, 14 मई 2002 को जम्मू के कलूचक में करीब 78 लोगों का निशाना बनाया जाना, 2003 में कश्मीर के नदीमार्ग में 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या, 2005 में दिवाली पर हुई दिल्ली bombings,  2006 में हुए वाराणसी में बम विस्फोट, 2006 में ही मुंबई के ट्रेन धमाके और पिछले साल रईसी में हुआ आतंकी हमला. दरअसल इन सभी हमलों के पीछे एक ही संगठन का हाथ है जो अक्सर नाम बदल बदल कर ऐसे आतंकी हमलों को अंजाम देता है. लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा, MDI और TRF. ये सब इसके ही नाम हैं. ये सारे नाम भारत में खूब सुने जाते रहे लेकिन किसी ने गहरे पैठकर ये नहीं बताया कि क्या हैं इसके असल मंसूबे, क्या हैं तरीके जिनकी वजह से ये कुख्यात हुए, हज़ार मुखौटों के पीछे छिपा कौन है? और इन्हीं पेचीदगियों का इलाज है आज का संदर्भ. तो उतरेंगे लश्कर ए तैयबा के ज़ेहन में और समझेंगे असलियत The Resistance Front की. MDI की. जमात उद दावा की. ये है आजतक रेडियो का एक्सप्लेनर पॉडकास्ट, ‘संदर्भ’. जहां हम कहते हैं ‘समझेंगे तो सुलझेगा’.   ]]></itunes:summary><itunes:duration>1659</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/07376868ba4b2eb8acf39817d6e1aab8.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Balochistan-Pakistan के जटिल समीकरण EXPLAINED: Sandarbh Ep 1</title><link>https://www.spreaker.com/episode/balochistan-pakistan-ke-jatila-samikarana-explained-sandarbh-ep-1--65724785</link><description><![CDATA[11 मार्च 2025. दुनियाभर ने एक आवाज़ सुनी. ये आवाज़ जाफ़र एक्सप्रेस में हुए बम धमाके की थी. इस हमले की ज़िम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी नाम के संगठन ने ली. ये संगठन बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की एक बड़ी और लंबी मुहिम का हिस्सा है. बड़ी मुहिम इसलिए क्योंकि इसी मुहिम से जुड़े लोगों ने पाकिस्तानी सरकार और आर्मी को नाकों चने चबवा रखे हैं. लंबी मुहिम इसलिए क्योंकि ये पाकिस्तान के बनते ही शुरू हो गई थी, लेकिन ये सब यूं ही पल भर में नहीं हुआ. इस कहानी में क़ायदे-आज़म मोहम्मद अली जिन्ना का दिया गया धोखा, पाकिस्तानी सेना के जनरलों का ज़ुल्म और हज़ारों लोगों का गायब होना शामिल है. ये दास्तां सनी है हुक्मरानों के विश्वासघातों से, बलूचों के खून से, आम लोगों की टूटी उम्मीदों से. इसमें असंख्य किरदार हैं  नवाब नौरौज़ खां, अकबर बुग्ती और महरंग बलोच जैसे...बलूचिस्तान के हवाले से आती रही ख़बरों के पीछे कितनी हकीकत है, कितनी अफवाह.. और कितनी परतें.. उनसे अधिकतर लोग अनजान हैं, लेकिन हर अधूरी कड़ी को जोड़ हम यहां आपसे साझा कर रहे हैं उसका संदर्भ. आजतक रेडियो के एक्सप्लेनर पॉडकास्ट ‘संदर्भ’ में आपको बलूचिस्तान के संघर्ष का हर पहलू आपको समझ आए यही कोशिश है. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65724785</guid><pubDate>Fri, 25 Apr 2025 12:43:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65724785/25_apr_25_sandarbh_pilot_1_128.mp3" length="40350615" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>11 मार्च 2025. दुनियाभर ने एक आवाज़ सुनी. ये आवाज़ जाफ़र एक्सप्रेस में हुए बम धमाके की थी. इस हमले की ज़िम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी नाम के संगठन ने ली. ये संगठन बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की एक बड़ी और लंबी मुहिम का हिस्सा है. बड़ी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[11 मार्च 2025. दुनियाभर ने एक आवाज़ सुनी. ये आवाज़ जाफ़र एक्सप्रेस में हुए बम धमाके की थी. इस हमले की ज़िम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी नाम के संगठन ने ली. ये संगठन बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की एक बड़ी और लंबी मुहिम का हिस्सा है. बड़ी मुहिम इसलिए क्योंकि इसी मुहिम से जुड़े लोगों ने पाकिस्तानी सरकार और आर्मी को नाकों चने चबवा रखे हैं. लंबी मुहिम इसलिए क्योंकि ये पाकिस्तान के बनते ही शुरू हो गई थी, लेकिन ये सब यूं ही पल भर में नहीं हुआ. इस कहानी में क़ायदे-आज़म मोहम्मद अली जिन्ना का दिया गया धोखा, पाकिस्तानी सेना के जनरलों का ज़ुल्म और हज़ारों लोगों का गायब होना शामिल है. ये दास्तां सनी है हुक्मरानों के विश्वासघातों से, बलूचों के खून से, आम लोगों की टूटी उम्मीदों से. इसमें असंख्य किरदार हैं  नवाब नौरौज़ खां, अकबर बुग्ती और महरंग बलोच जैसे...बलूचिस्तान के हवाले से आती रही ख़बरों के पीछे कितनी हकीकत है, कितनी अफवाह.. और कितनी परतें.. उनसे अधिकतर लोग अनजान हैं, लेकिन हर अधूरी कड़ी को जोड़ हम यहां आपसे साझा कर रहे हैं उसका संदर्भ. आजतक रेडियो के एक्सप्लेनर पॉडकास्ट ‘संदर्भ’ में आपको बलूचिस्तान के संघर्ष का हर पहलू आपको समझ आए यही कोशिश है. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>2522</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e70934ab789ccebabb33d84d7eac11b8.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item></channel></rss>
