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<rss xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:podcast="https://podcastindex.org/namespace/1.0" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui</title><link>https://www.aajtak.in/podcast/storybox</link><description><![CDATA[जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ चलिए कहानियों की उन सजीली गलियों में जहां हर नुक्कड़ पर एक नया किरदार है, नए क़िस्से, नए एहसास के साथ. ये कहानियां आपको कभी हसाएंगी, कभी रुलाएंगी और कभी गुदगुदाएंगी भी. चलिए, गुज़रे वक्त की यादों को कहानियों में फिर जीते हैं, नए की तरफ बढ़ते हुए पुराने को समेटते हैं. सुनते हैं ज़िंदगी के चटख रंगों में रंगी, इंसानी रिश्तों के नर्म और नुकीले एहसास की कहानियां, हर इतवार, स्टोरीबॉक्स में.<br /><br />Jamshed Qamar Siddiqui narrates the stories of human relationships every week that take the listener on the rollercoaster of emotions, love, and laughter. Stories are written by Jamshed and by his fellow writers that talks about the various colors of life conflicts from father-son relationships to love triangle. Stories that let you be someone else for some time to see this world from a different angle.]]></description><atom:link href="https://www.spreaker.com/show/5662348/episodes/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><language>hi</language><category>Fiction</category><copyright>Copyright © 2026 Living Media India Limited</copyright><image><url>https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/33aa564921d6845bfd59848cc1c44c98.jpg</url><title>Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui</title><link>https://www.aajtak.in/podcast/storybox</link></image><lastBuildDate>Sat, 08 Aug 2026 12:23:35 +0000</lastBuildDate><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:owner><itunes:name>Aaj Tak Radio</itunes:name><itunes:email>sunil.kumar2@aajtak.com</itunes:email></itunes:owner><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/33aa564921d6845bfd59848cc1c44c98.jpg"/><itunes:subtitle>Jamshed Qamar Siddiqui narrates the stories of human relationships every week that take the listener on the rollercoaster of emotions, love, and laughter. 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Stories that let you be someone else for some time to see this world from a different angle.]]></itunes:summary><itunes:category text="Fiction"/><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:type>episodic</itunes:type><item><title>उर्दू शायरी के प्लेबॉय: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/urdu-sayari-ke-pleboya-storiboksa-vida-jamaseda--73664138</link><description><![CDATA[ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहेलवी की, जिनको ख़ूबसूरती का आशिक़ कहते हैं और बोला जाता है कि उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास हर ऐश ओ आराम था. दाग़ देहेलवी ने बचपन में ज़िंदगी की बदसूरत यादों को आसपास फैली रंगीनियों से भरने की कोशिश की, लेकिन उससे बड़ी हक़ीकत ये है कि उनके काम ने उर्दू शायरी को नई ज़मीन और नया आसमान दिया. सुनिए दाग़ के पिता को अंग्रेज़ी हुकूमत ने क्यों मारा था? और कहानी उस मर्डर मिस्ट्री की जिसका राज़ खुला एक फारसी में लिखे हुए ख़त से, देखिए पूरा एपिसोड स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ. <br /><br /> Narrator - Jamshed  Qamar Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/73664138</guid><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 12:22:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/73664138/07_aug_26_storybox_7_aug_128.mp3" length="18804819" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहेलवी की, जिनको ख़ूबसूरती का आशिक़ कहते हैं और बोला जाता है कि उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास हर ऐश ओ आराम था. दाग़ देहेलवी ने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहेलवी की, जिनको ख़ूबसूरती का आशिक़ कहते हैं और बोला जाता है कि उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास हर ऐश ओ आराम था. दाग़ देहेलवी ने बचपन में ज़िंदगी की बदसूरत यादों को आसपास फैली रंगीनियों से भरने की कोशिश की, लेकिन उससे बड़ी हक़ीकत ये है कि उनके काम ने उर्दू शायरी को नई ज़मीन और नया आसमान दिया. सुनिए दाग़ के पिता को अंग्रेज़ी हुकूमत ने क्यों मारा था? और कहानी उस मर्डर मिस्ट्री की जिसका राज़ खुला एक फारसी में लिखे हुए ख़त से, देखिए पूरा एपिसोड स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ. <br /><br /> Narrator - Jamshed  Qamar Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1176</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/51d408642f1f66254390bb4cf47e7c35.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वो कौन थी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vo-kauna-thi-storiboksa-vida-jamaseda--73313213</link><description><![CDATA[उस साल दिल्ली शहर की एक सड़क पर एक ही जगह बार-बार एक्सीडेंट्स हो रहे थे. ये सारे एक्सीडेंट्स टैक्सी ड्राइवर्स के थे. नौ टैक्सी ड्राइवर्स की मौत हो चुकी थी और अब डर के मारे टैक्सी ड्राइवर्स ने उस तरफ़ से गुज़रना बंद कर दिया था. मरते-मरते एक ड्राइवर ने एक बार बताया कि इन सारी मौतों के पीछे एक लड़की है, जो ले रही है इंतक़ाम. देखिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी हॉरर कहानी “वो कौन थी?”.<br /><br />Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br />Sound - Rohan Bharti]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/73313213</guid><pubDate>Sat, 01 Aug 2026 12:41:19 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/73313213/01_aug_26_story_box_31_july_cb_128.mp3" length="21651121" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस साल दिल्ली शहर की एक सड़क पर एक ही जगह बार-बार एक्सीडेंट्स हो रहे थे. ये सारे एक्सीडेंट्स टैक्सी ड्राइवर्स के थे. नौ टैक्सी ड्राइवर्स की मौत हो चुकी थी और अब डर के मारे टैक्सी ड्राइवर्स ने उस तरफ़ से गुज़रना बंद कर दिया था. मरते-मरते एक ड्राइवर 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कहानी है एक ऐसे शहर की जहां सब कुछ ठीक था. यहां की जनता न आंदोलन करती थी और न ही किसी तरह का विरोध दर्ज करती थी, इसकी वजह ये थी कि इस शहर में दफ़्तर बहुत थे. हर आदमी या तो दफ़्तर से आ रहा होता था या दफ़्तर जा रहा होता था, लेकिन एक दिन यहां कुछ ऐसा हुआ कि जनता सड़कों पर आ गई? क्या हुआ था उस दिन और क्यों ये आंदोलन शुरु हो गया? इस बार स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से सुनिए 'एक प्रोटेस्ट की कहानी'.<br /><br />Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br />Sound - Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/73165803</guid><pubDate>Sat, 25 Jul 2026 13:48:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/73165803/25_jul_26_storybox_25_july_128.mp3" length="22289345" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी है एक ऐसे शहर की जहां सब कुछ ठीक था. यहां की जनता न आंदोलन करती थी और न ही किसी तरह का विरोध दर्ज करती थी, इसकी वजह ये थी कि इस शहर में दफ़्तर बहुत थे. हर आदमी या तो दफ़्तर से आ रहा होता था या दफ़्तर जा रहा होता था, लेकिन एक दिन यहां कुछ ऐसा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी है एक ऐसे शहर की जहां सब कुछ ठीक था. यहां की जनता न आंदोलन करती थी और न ही किसी तरह का विरोध दर्ज करती थी, इसकी वजह ये थी कि इस शहर में दफ़्तर बहुत थे. हर आदमी या तो दफ़्तर से आ रहा होता था या दफ़्तर जा रहा होता था, लेकिन एक दिन यहां कुछ ऐसा हुआ कि जनता सड़कों पर आ गई? क्या हुआ था उस दिन और क्यों ये आंदोलन शुरु हो गया? इस बार स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से सुनिए 'एक प्रोटेस्ट की कहानी'.<br /><br />Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br />Sound - Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1394</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6b8c6b8208a3f5cb520b5fa60f09eb67.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कानपुर वाले चचा की वसीयत - Part 2: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kanapura-vale-caca-ki-vasiyata-part-2-storiboksa-vida-jamaseda--73028895</link><description><![CDATA[अंसारी साहब के लालची रिश्तेदारों को वसीयत में क्या मिला? किसे मिली अंसारी साहब की पुरानी कार और किसको मिलेगा उनका मकान, नानी का पीतल वाला पानदान किसके पास जाएगा और किसकी झोली में जाएगा घर में रखा हुआ कैश? वसीयत अब पढ़ी जाएगी. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'अंसारी साहब की अजीब वसीयत' का दूसरा और आख़िरी हिस्सा.<br /><br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/73028895</guid><pubDate>Sat, 18 Jul 2026 12:30:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/73028895/17_jul_26_storybox_17_july_128.mp3" length="22077440" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अंसारी साहब के लालची रिश्तेदारों को वसीयत में क्या मिला? किसे मिली अंसारी साहब की पुरानी कार और किसको मिलेगा उनका मकान, नानी का पीतल वाला पानदान किसके पास जाएगा और किसकी झोली में जाएगा घर में रखा हुआ कैश? वसीयत अब पढ़ी जाएगी. सुनिए जमशेद क़मर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अंसारी साहब के लालची रिश्तेदारों को वसीयत में क्या मिला? किसे मिली अंसारी साहब की पुरानी कार और किसको मिलेगा उनका मकान, नानी का पीतल वाला पानदान किसके पास जाएगा और किसकी झोली में जाएगा घर में रखा हुआ कैश? वसीयत अब पढ़ी जाएगी. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'अंसारी साहब की अजीब वसीयत' का दूसरा और आख़िरी हिस्सा.<br /><br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1380</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3b2448cebdf16985675f2cd160cbdee9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कानपुर वाले चचा की वसीयत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kanapura-vale-caca-ki-vasiyata-storiboksa-vida-jamaseda--72928810</link><description><![CDATA[ये कहानी है कानपुर में रहने वाले एक चचा की जिनकी दौलत पर उनके लालची रिश्तेदारों की नज़र थी. लेकिन चचा के इंतकाल के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो रिश्तेदारों के होश उड़ गए. क्या लिखा था चचा ने अपनी वसीयत में, कौन थी हुमैरा जिसके दो आंसू उनकी असली दौलत बन गई. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'कानपुर वाले चचा की वसीयत' स्टोरीबॉक्स में. <br /><br />Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br />Producer - Maaz Siddiqui<br />Sound - Suraj Singh<br />Video Editor - Manmeet Singh <br />Design - JP Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72928810</guid><pubDate>Sat, 11 Jul 2026 12:47:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72928810/10_jul_26_storybox_10_july_128.mp3" length="20724506" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी है कानपुर में रहने वाले एक चचा की जिनकी दौलत पर उनके लालची रिश्तेदारों की नज़र थी. लेकिन चचा के इंतकाल के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो रिश्तेदारों के होश उड़ गए. क्या लिखा था चचा ने अपनी वसीयत में, कौन थी हुमैरा जिसके दो आंसू उनकी असली दौलत...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी है कानपुर में रहने वाले एक चचा की जिनकी दौलत पर उनके लालची रिश्तेदारों की नज़र थी. लेकिन चचा के इंतकाल के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो रिश्तेदारों के होश उड़ गए. क्या लिखा था चचा ने अपनी वसीयत में, कौन थी हुमैरा जिसके दो आंसू उनकी असली दौलत बन गई. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'कानपुर वाले चचा की वसीयत' स्टोरीबॉक्स में. <br /><br />Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br />Producer - Maaz Siddiqui<br />Sound - Suraj Singh<br />Video Editor - Manmeet Singh <br />Design - JP Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1296</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4919f9b3dc9a7ae857ddc33839e501e2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक जीनियस की मौत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-jiniyasa-ki-mauta-storiboksa-vida-jamaseda--72817839</link><description><![CDATA[ये कहानी है सिनेमा के उस जीनियस की, जिसने अपने दौर से बहुत आगे की फिल्में बनाईं. ऐसी फिल्में, जिन्हें समझने के लिए शायद दुनिया तैयार नहीं थी. एक कामयाब अभिनेता, बेमिसाल निर्देशक... जो एक सुबह अपने कमरे में हमेशा के लिए खामोश हो गया. एक ऐसा शख्स जिसने टेलीफ़ोन ऑपरेटर की नौकरी से सफ़र शुरू किया और आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे करिश्माई फ़िल्मकारों में गिना जाने लगा - गुरु दत्त. इस बार सुनिए स्टोरीबॉक्स में गुरु दत्त की कहानी, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal &amp; Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72817839</guid><pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:05:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72817839/03_jul_26_storybox_3_july_mix_128.mp3" length="16789420" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी है सिनेमा के उस जीनियस की, जिसने अपने दौर से बहुत आगे की फिल्में बनाईं. ऐसी फिल्में, जिन्हें समझने के लिए शायद दुनिया तैयार नहीं थी. एक कामयाब अभिनेता, बेमिसाल निर्देशक... जो एक सुबह अपने कमरे में हमेशा के लिए खामोश हो गया. एक ऐसा शख्स जिसने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी है सिनेमा के उस जीनियस की, जिसने अपने दौर से बहुत आगे की फिल्में बनाईं. ऐसी फिल्में, जिन्हें समझने के लिए शायद दुनिया तैयार नहीं थी. एक कामयाब अभिनेता, बेमिसाल निर्देशक... जो एक सुबह अपने कमरे में हमेशा के लिए खामोश हो गया. एक ऐसा शख्स जिसने टेलीफ़ोन ऑपरेटर की नौकरी से सफ़र शुरू किया और आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे करिश्माई फ़िल्मकारों में गिना जाने लगा - गुरु दत्त. इस बार सुनिए स्टोरीबॉक्स में गुरु दत्त की कहानी, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal &amp; Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1050</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c0b4d914f5414d9428db2f4d56c54cba.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फ़्राइडे द 13th: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/fra-ide-da-13th-storiboksa-vida-jamaseda--72714909</link><description><![CDATA[ये कहानी है 29 साल पहले दिल्ली के सबसे भीषण अग्निकांड की, जहां एक थिएटर बन गया था गैस चेंबर. 59 लोगों की मौत हुई जिनमें बहुत सारे बच्चे भी शामिल थे. क्यों भड़की थी ये आग, थियेटर के अंदर क्या हुआ था, सिनेमा हॉल के दरवाज़े पर कुर्सियां किसने लगाईं, ज़हरीली गैस एसी के वेंट से अंदर कैसे आई और रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे चला? देखिए पूरी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72714909</guid><pubDate>Sat, 27 Jun 2026 12:20:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72714909/26_jun_26_storybox_26_june_mix_128.mp3" length="19738958" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी है 29 साल पहले दिल्ली के सबसे भीषण अग्निकांड की, जहां एक थिएटर बन गया था गैस चेंबर. 59 लोगों की मौत हुई जिनमें बहुत सारे बच्चे भी शामिल थे. क्यों भड़की थी ये आग, थियेटर के अंदर क्या हुआ था, सिनेमा हॉल के दरवाज़े पर कुर्सियां किसने लगाईं,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी है 29 साल पहले दिल्ली के सबसे भीषण अग्निकांड की, जहां एक थिएटर बन गया था गैस चेंबर. 59 लोगों की मौत हुई जिनमें बहुत सारे बच्चे भी शामिल थे. क्यों भड़की थी ये आग, थियेटर के अंदर क्या हुआ था, सिनेमा हॉल के दरवाज़े पर कुर्सियां किसने लगाईं, ज़हरीली गैस एसी के वेंट से अंदर कैसे आई और रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे चला? देखिए पूरी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></itunes:summary><itunes:duration>1234</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f0c5175ad151738f8a11a276ac679b97.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कहानी रंगा-बिल्ला की: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kahani-ranga-billa-ki-storiboksa-vida-jamaseda--72610842</link><description><![CDATA[कहानी देश के सबसे बड़े किडनैपिंग केस की. वो कहानी जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. सड़क से संसद तक कोहराम मच गया, प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा गया और विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सर पर भीड़ का पत्थर इतनी तेज़ लगा कि उनका कुर्ता खून से लाल हो गया. ये कहानी है क्राइम की सबसे कुख्यात जोड़ी - रंगा और बिल्ला की. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72610842</guid><pubDate>Sat, 20 Jun 2026 13:15:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72610842/18_jun_26_storybox_18_june_for_cb_128.mp3" length="18845779" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कहानी देश के सबसे बड़े किडनैपिंग केस की. वो कहानी जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. सड़क से संसद तक कोहराम मच गया, प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा गया और विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सर पर भीड़ का पत्थर इतनी तेज़ लगा कि उनका कुर्ता खून से लाल हो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कहानी देश के सबसे बड़े किडनैपिंग केस की. वो कहानी जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. सड़क से संसद तक कोहराम मच गया, प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा गया और विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सर पर भीड़ का पत्थर इतनी तेज़ लगा कि उनका कुर्ता खून से लाल हो गया. ये कहानी है क्राइम की सबसे कुख्यात जोड़ी - रंगा और बिल्ला की. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></itunes:summary><itunes:duration>1178</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2e2736a1f545d027bcb403b42f1ac040.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शायर बशीर बद्र के चार क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sayara-basira-badra-ke-cara-qis-se-storiboksa-vida-jamaseda--72511936</link><description><![CDATA[मुहब्बत के शायर बशीर बद्र की ज़िंदगी के वो क़िस्से जिसमें सिर्फ़ उनकी शायरी नहीं, उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर, उनकी इंसानियत और उनकी हाज़िर जवाबी का पता मिलता है. बशीर बद्र को सीतापुर में एक सुरमे वाले ने क्यों डांटा, उन्होंने एक ट्रेन टीसी को बीस रुपये का नोट क्यों दिया और मुशायरे में उन्होंने राजिंदर सिंह बेदी की आंखों के बारे में क्या मज़ेदार बात कही, बता रहे हैं स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.  <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh &amp; Rohan Bharti]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72511936</guid><pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:30:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72511936/14_jun_26_storybox_final_128.mp3" length="20668917" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मुहब्बत के शायर बशीर बद्र की ज़िंदगी के वो क़िस्से जिसमें सिर्फ़ उनकी शायरी नहीं, उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर, उनकी इंसानियत और उनकी हाज़िर जवाबी का पता मिलता है. बशीर बद्र को सीतापुर में एक सुरमे वाले ने क्यों डांटा, उन्होंने एक ट्रेन टीसी को बीस रुपये का...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मुहब्बत के शायर बशीर बद्र की ज़िंदगी के वो क़िस्से जिसमें सिर्फ़ उनकी शायरी नहीं, उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर, उनकी इंसानियत और उनकी हाज़िर जवाबी का पता मिलता है. बशीर बद्र को सीतापुर में एक सुरमे वाले ने क्यों डांटा, उन्होंने एक ट्रेन टीसी को बीस रुपये का नोट क्यों दिया और मुशायरे में उन्होंने राजिंदर सिंह बेदी की आंखों के बारे में क्या मज़ेदार बात कही, बता रहे हैं स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.  <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh &amp; Rohan Bharti]]></itunes:summary><itunes:duration>1292</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/93b3321959475552d020abf381efea87.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्रेमचंद की सीक्रेट डायरी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/premacanda-ki-sikreta-dayari-storiboksa-vida-jamaseda--72385394</link><description><![CDATA[मुंशी प्रेमचंद की मौत के 90 साल बाद एक शख्स को मिली उनकी लिखी हुई एक डायरी. क्या था उस डायरी में जिसके बाद इलाके में मच गया हड़कंप, और कौन था वो ज़िला कलेक्टर जिसने हर कीमत पर उसे आम जनता से छिपाए रखने की कोशिश की? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'प्रेमचंद की सीक्रेट डायरी' स्टोरीबॉक्स में.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72385394</guid><pubDate>Sat, 06 Jun 2026 10:36:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72385394/06_jun_26_storybox_6_june_final_mix_128.mp3" length="29364558" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मुंशी प्रेमचंद की मौत के 90 साल बाद एक शख्स को मिली उनकी लिखी हुई एक डायरी. क्या था उस डायरी में जिसके बाद इलाके में मच गया हड़कंप, और कौन था वो ज़िला कलेक्टर जिसने हर कीमत पर उसे आम जनता से छिपाए रखने की कोशिश की? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मुंशी प्रेमचंद की मौत के 90 साल बाद एक शख्स को मिली उनकी लिखी हुई एक डायरी. क्या था उस डायरी में जिसके बाद इलाके में मच गया हड़कंप, और कौन था वो ज़िला कलेक्टर जिसने हर कीमत पर उसे आम जनता से छिपाए रखने की कोशिश की? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'प्रेमचंद की सीक्रेट डायरी' स्टोरीबॉक्स में.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></itunes:summary><itunes:duration>1836</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ca31cea0a76c282548769378af1d4903.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अंग्रेज़ का भूत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/angreza-ka-bhuta-storiboksa-vida-jamaseda--72244686</link><description><![CDATA[मैं जिस जंगली इलाके में गाड़ी खराब होने की वजह से फंस गया था, वहां सौ साल पहले नील के खेत हुआ करते थे. जंगल के बीचोंबीच मैं एक पुराने मकान में रात भर के लिए ठहर गया, जहां एक अंग्रेज़ अफ़सर की मौत हुई थी. उस रात जो हुआ मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा. सुनिए सत्यजीत रे की कहानी 'इंडिगो' का एक हिस्सा स्टोराबॉक्स में. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal &amp; Rohan Bharti]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72244686</guid><pubDate>Sat, 30 May 2026 12:00:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72244686/30_may_26_storybox_mix_30_may_final_128.mp3" length="25869583" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मैं जिस जंगली इलाके में गाड़ी खराब होने की वजह से फंस गया था, वहां सौ साल पहले नील के खेत हुआ करते थे. जंगल के बीचोंबीच मैं एक पुराने मकान में रात भर के लिए ठहर गया, जहां एक अंग्रेज़ अफ़सर की मौत हुई थी. उस रात जो हुआ मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा. सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मैं जिस जंगली इलाके में गाड़ी खराब होने की वजह से फंस गया था, वहां सौ साल पहले नील के खेत हुआ करते थे. जंगल के बीचोंबीच मैं एक पुराने मकान में रात भर के लिए ठहर गया, जहां एक अंग्रेज़ अफ़सर की मौत हुई थी. उस रात जो हुआ मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा. सुनिए सत्यजीत रे की कहानी 'इंडिगो' का एक हिस्सा स्टोराबॉक्स में. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal &amp; Rohan Bharti]]></itunes:summary><itunes:duration>1617</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/366391862175772def9e233a0ba8b55f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शमशुद्दीन का बकरा: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/samasuddina-ka-bakara-storiboksa-vida-jamaseda--72130854</link><description><![CDATA[महरौली में रहने वाले शमशुद्दीन का बकरा पूरी दिल्ली में मशहूर था. जमनापारी था, बड़े-बड़े कान, घुमावदार सींघ और तन के खड़ा हो जाए तो पूरा गधा मालूम होता था. शमशुद्दीन एक रोटी खुद कम खा सकते थे, मगर अपने बकरे को बिना चने खिलाए उन्हें नींद नहीं आती थी. लेकिन आख़िर एक रात को ऐसा क्या हुआ कि पूरा मोहल्ला उस बकरे के बाल को तावीज़ बनाकर पहनना चाहता था. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए 'शमशुद्दीन का बकरा 'स्टोरीबॉक्स' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Rohan Bharti]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72130854</guid><pubDate>Sat, 23 May 2026 14:25:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72130854/23_may_26_storybox_mix_23_may_128.mp3" length="21966680" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>महरौली में रहने वाले शमशुद्दीन का बकरा पूरी दिल्ली में मशहूर था. जमनापारी था, बड़े-बड़े कान, घुमावदार सींघ और तन के खड़ा हो जाए तो पूरा गधा मालूम होता था. शमशुद्दीन एक रोटी खुद कम खा सकते थे, मगर अपने बकरे को बिना चने खिलाए उन्हें नींद नहीं आती थी....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[महरौली में रहने वाले शमशुद्दीन का बकरा पूरी दिल्ली में मशहूर था. जमनापारी था, बड़े-बड़े कान, घुमावदार सींघ और तन के खड़ा हो जाए तो पूरा गधा मालूम होता था. शमशुद्दीन एक रोटी खुद कम खा सकते थे, मगर अपने बकरे को बिना चने खिलाए उन्हें नींद नहीं आती थी. लेकिन आख़िर एक रात को ऐसा क्या हुआ कि पूरा मोहल्ला उस बकरे के बाल को तावीज़ बनाकर पहनना चाहता था. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए 'शमशुद्दीन का बकरा 'स्टोरीबॉक्स' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Rohan Bharti]]></itunes:summary><itunes:duration>1373</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0b9a1682eb51bf0f2716f838df9f975a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>लखनऊ वाले वकील साहब: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lakhana-u-vale-vakila-sahaba-storiboksa-vida-jamaseda--72031293</link><description><![CDATA[लखनऊ में एक थे वकील साहब जो बड़े उर्दू दां थे. उन्हें उर्दू से इस क़दर इश्क़ था कि किसी को ग़लत उर्दू बोलते सुन लें तो फ़ौरन टोक देते थे, पर क्या हुआ जब उनकी इकलौती बेटी इरम को इश्क़ हो गया एक ऐसे रीलबाज़ लड़के से जो शक्कर को भी सक्कर बोलता था और लखनऊ को नखलऊ. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से उन्हीं की लिखी कहानी 'लखनऊ वाले वकील साहब'.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Video Editor - Manmeet Singh Sawhney<br /> Design - JP Singh<br /> Shoot Courtesy - Arvind Chaudhary &amp; Team<br /> Sound - Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72031293</guid><pubDate>Sat, 16 May 2026 13:00:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72031293/16_may_26_storybox_mix_16_may_128.mp3" length="25885884" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>लखनऊ में एक थे वकील साहब जो बड़े उर्दू दां थे. उन्हें उर्दू से इस क़दर इश्क़ था कि किसी को ग़लत उर्दू बोलते सुन लें तो फ़ौरन टोक देते थे, पर क्या हुआ जब उनकी इकलौती बेटी इरम को इश्क़ हो गया एक ऐसे रीलबाज़ लड़के से जो शक्कर को भी सक्कर बोलता था और लखनऊ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[लखनऊ में एक थे वकील साहब जो बड़े उर्दू दां थे. उन्हें उर्दू से इस क़दर इश्क़ था कि किसी को ग़लत उर्दू बोलते सुन लें तो फ़ौरन टोक देते थे, पर क्या हुआ जब उनकी इकलौती बेटी इरम को इश्क़ हो गया एक ऐसे रीलबाज़ लड़के से जो शक्कर को भी सक्कर बोलता था और लखनऊ को नखलऊ. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से उन्हीं की लिखी कहानी 'लखनऊ वाले वकील साहब'.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Video Editor - Manmeet Singh Sawhney<br /> Design - JP Singh<br /> Shoot Courtesy - Arvind Chaudhary &amp; Team<br /> Sound - Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1618</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0debfcb3f74e90983a4155a486f64403.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हमशक्ल: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hamasakla-storiboksa-vida-jamaseda--71937530</link><description><![CDATA[कैसा हो अगर कभी कहीं घूमते हुए किसी सुनसान जगह पर आपको मिल जाए आपका एक 'हमशक्ल' जिसकी आवाज़ भी आपकी जैसी ही हो. बातचीत में पता चलता है कि उसका और आपका शहर भी एक है और उसकी जेब में उतने ही पैसे हैं जितने आपकी जेब में. आप की पहली प्रेमिका के नाम से लेकर, कॉलेज में आए नंबर तक सब कुछ एक जैसा है... ऐसे में क्या आप जानना चाहेंगे कि ये अजनबी कौन है और आप दोनों के बीच इतनी समानताएं क्यों हैं? कहीं ये कोई साज़िश तो नहीं, जो इस कहानी को एक क़त्ल तक ले जाती है. सुनिएसत्यजीत रे की लिखी थ्रिलर कहानी 'हमशक्ल' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71937530</guid><pubDate>Sat, 09 May 2026 13:48:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71937530/08_may_26_storybox_9_may_128.mp3" length="31541707" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कैसा हो अगर कभी कहीं घूमते हुए किसी सुनसान जगह पर आपको मिल जाए आपका एक 'हमशक्ल' जिसकी आवाज़ भी आपकी जैसी ही हो. बातचीत में पता चलता है कि उसका और आपका शहर भी एक है और उसकी जेब में उतने ही पैसे हैं जितने आपकी जेब में. आप की पहली प्रेमिका के नाम से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कैसा हो अगर कभी कहीं घूमते हुए किसी सुनसान जगह पर आपको मिल जाए आपका एक 'हमशक्ल' जिसकी आवाज़ भी आपकी जैसी ही हो. बातचीत में पता चलता है कि उसका और आपका शहर भी एक है और उसकी जेब में उतने ही पैसे हैं जितने आपकी जेब में. आप की पहली प्रेमिका के नाम से लेकर, कॉलेज में आए नंबर तक सब कुछ एक जैसा है... ऐसे में क्या आप जानना चाहेंगे कि ये अजनबी कौन है और आप दोनों के बीच इतनी समानताएं क्यों हैं? कहीं ये कोई साज़िश तो नहीं, जो इस कहानी को एक क़त्ल तक ले जाती है. सुनिएसत्यजीत रे की लिखी थ्रिलर कहानी 'हमशक्ल' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>1972</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ea6ac71b9f4ec277b68e5de5ca086ff9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दस पैसे और दादी | गुलज़ार की कहानी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dasa-paise-aura-dadi-gulazara-ki-kahani-storiboksa-vida-jamaseda--71828726</link><description><![CDATA[सिर्फ़ दस पैसे के लिए दादी से लड़ाई करके घर से भागा 'चक्कू' गुस्से में रेलवे स्टेशन पहुंच गया और चलती ट्रेन में बैठ गया, लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उसने देखी एक दूसरी दुनिया जहां गरीबी थी, दर्द था और थी एक लावारिस लाश. सुनिए गुलज़ार की लिखी कहानी 'दस पैसे और दादी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71828726</guid><pubDate>Sat, 02 May 2026 13:05:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71828726/02_may_26_storybox_2_may_mix_128.mp3" length="11876728" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सिर्फ़ दस पैसे के लिए दादी से लड़ाई करके घर से भागा 'चक्कू' गुस्से में रेलवे स्टेशन पहुंच गया और चलती ट्रेन में बैठ गया, लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उसने देखी एक दूसरी दुनिया जहां गरीबी थी, दर्द था और थी एक लावारिस लाश. सुनिए गुलज़ार की लिखी कहानी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सिर्फ़ दस पैसे के लिए दादी से लड़ाई करके घर से भागा 'चक्कू' गुस्से में रेलवे स्टेशन पहुंच गया और चलती ट्रेन में बैठ गया, लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उसने देखी एक दूसरी दुनिया जहां गरीबी थी, दर्द था और थी एक लावारिस लाश. सुनिए गुलज़ार की लिखी कहानी 'दस पैसे और दादी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> Producer - Maaz Siddiqui<br /> Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui<br /> Sound - Aman Pal]]></itunes:summary><itunes:duration>743</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/884951514b96c70e13fd195c41a70519.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सत्यार्थी V/s मंटो |  स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/satyarthi-v-s-manto-storiboksa-vida-jamaseda--71634363</link><description><![CDATA[कहानी सआदत हसन मंटो पर बनाए एक किरदार नफ़ासत हसन की, जो लिखी उनके दोस्त देवेंद्र सत्यार्थी साहब ने. ये उन्होंने उस कहानी के जवाब के तौर पर लिखी जो मंटो ने लिखी थी 'देवेंद्र' को 'हरेंद्र' बनाकर.  तो सुनिए कहानी नफ़ासत हसन की जिसने नई नौकरी मिलने की खुशी में दोस्तों को एक दावत दी, दावत में किन मौलाना से हो गया नफ़ासत का झगड़ा और किसे शक हुआ कि नफ़ासत एक फ्रैंच राइटर की लिखी बातों को अपनी कहानियों में लिख देता है? स्टोरीबॉक्स में सुनिए 'मंटो V/s सत्यार्थी' सीरीज़ की दूसरी और आख़िरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71634363</guid><pubDate>Sat, 25 Apr 2026 12:42:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71634363/25_apr_26_storybox_25_arpil_mixed_128.mp3" length="20859089" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कहानी सआदत हसन मंटो पर बनाए एक किरदार नफ़ासत हसन की, जो लिखी उनके दोस्त देवेंद्र सत्यार्थी साहब ने. ये उन्होंने उस कहानी के जवाब के तौर पर लिखी जो मंटो ने लिखी थी 'देवेंद्र' को 'हरेंद्र' बनाकर.  तो सुनिए कहानी नफ़ासत हसन की जिसने नई नौकरी मिलने की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कहानी सआदत हसन मंटो पर बनाए एक किरदार नफ़ासत हसन की, जो लिखी उनके दोस्त देवेंद्र सत्यार्थी साहब ने. ये उन्होंने उस कहानी के जवाब के तौर पर लिखी जो मंटो ने लिखी थी 'देवेंद्र' को 'हरेंद्र' बनाकर.  तो सुनिए कहानी नफ़ासत हसन की जिसने नई नौकरी मिलने की खुशी में दोस्तों को एक दावत दी, दावत में किन मौलाना से हो गया नफ़ासत का झगड़ा और किसे शक हुआ कि नफ़ासत एक फ्रैंच राइटर की लिखी बातों को अपनी कहानियों में लिख देता है? स्टोरीबॉक्स में सुनिए 'मंटो V/s सत्यार्थी' सीरीज़ की दूसरी और आख़िरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1304</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e31b5064bb98ce61274bec8ab7145719.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मंटो V/s सत्यार्थी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/manto-v-s-satyarthi-storiboksa-vida-jamaseda--71437336</link><description><![CDATA[रमेश एक तरक्की पसंद कहानीकार है जिसे बड़े-बड़े राइटर्स और शायरों को अपने घर दावत पर बुलाने का शौक है, एक रोज़ उसके घर पर एक ऐसा राइटर आता है जिसके आने के बाद रमेश को अफ़ सोस होता है कि काश उसे न बुलाया होता, सुनिए सआदत हसन मंटो की कहानी 'तरक्की पसंद' स्टोरीबॉक्स के इस खास सेगमेंट 'मंटो V/s सत्यार्थी' के पहले हिस्से में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71437336</guid><pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:26:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71437336/18_apr_26_storybox_mix_18_april_revised_128.mp3" length="20489613" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रमेश एक तरक्की पसंद कहानीकार है जिसे बड़े-बड़े राइटर्स और शायरों को अपने घर दावत पर बुलाने का शौक है, एक रोज़ उसके घर पर एक ऐसा राइटर आता है जिसके आने के बाद रमेश को अफ़ सोस होता है कि काश उसे न बुलाया होता, सुनिए सआदत हसन मंटो की कहानी 'तरक्की पसंद'...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रमेश एक तरक्की पसंद कहानीकार है जिसे बड़े-बड़े राइटर्स और शायरों को अपने घर दावत पर बुलाने का शौक है, एक रोज़ उसके घर पर एक ऐसा राइटर आता है जिसके आने के बाद रमेश को अफ़ सोस होता है कि काश उसे न बुलाया होता, सुनिए सआदत हसन मंटो की कहानी 'तरक्की पसंद' स्टोरीबॉक्स के इस खास सेगमेंट 'मंटो V/s सत्यार्थी' के पहले हिस्से में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1281</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0fd8be4e37d05a61c2dead53c34ec69e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मोहल्ले की लड़ाई | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mohalle-ki-lara-i-storiboksa-vida-jamaseda--71258196</link><description><![CDATA[ये कहानी है एक ऐसे चचा कि जो मुहल्ले में होने वाली लड़ाइयों में ऐसे बीच-बचाव कराते थे कि लड़ाई और भड़क उठती थी. सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कॉमेडी कहानी ‘चचा छक्कन’ का हिस्सा 'मोहल्ले की लड़ाई' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71258196</guid><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 12:49:36 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71258196/11_apr_26_storybox_11_april_128.mp3" length="20594520" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी है एक ऐसे चचा कि जो मुहल्ले में होने वाली लड़ाइयों में ऐसे बीच-बचाव कराते थे कि लड़ाई और भड़क उठती थी. सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कॉमेडी कहानी ‘चचा छक्कन’ का हिस्सा 'मोहल्ले की लड़ाई' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.&#13;
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साउंड...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी है एक ऐसे चचा कि जो मुहल्ले में होने वाली लड़ाइयों में ऐसे बीच-बचाव कराते थे कि लड़ाई और भड़क उठती थी. सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कॉमेडी कहानी ‘चचा छक्कन’ का हिस्सा 'मोहल्ले की लड़ाई' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1288</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a945ecde9dd2a8956e74dde3dba198bd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इच्छा मृत्यु - पार्ट 3  |  स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iccha-mrtyu-parta-3-storiboksa-vida-jamaseda--71098974</link><description><![CDATA[इच्छा मृत्यु का एक केस जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया, उस मामले ने एक डॉक्टर को कैसे बना दिया क़ातिल? और कौन था निरंजन जिसने डॉक्टर को मजबूर किया कि वो अपने ही एक मरीज़ का ऑपरेशन थियेटर में इलाज के दौरान क़त्ल कर दें. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में कहानी, इच्छा मृत्यु, का तीसरा हिस्सा जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.  <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71098974</guid><pubDate>Sat, 04 Apr 2026 12:25:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71098974/02_apr_26_storubox_2_april_128.mp3" length="19214419" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इच्छा मृत्यु का एक केस जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया, उस मामले ने एक डॉक्टर को कैसे बना दिया क़ातिल? और कौन था निरंजन जिसने डॉक्टर को मजबूर किया कि वो अपने ही एक मरीज़ का ऑपरेशन थियेटर में इलाज के दौरान क़त्ल कर दें. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में कहानी,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इच्छा मृत्यु का एक केस जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया, उस मामले ने एक डॉक्टर को कैसे बना दिया क़ातिल? और कौन था निरंजन जिसने डॉक्टर को मजबूर किया कि वो अपने ही एक मरीज़ का ऑपरेशन थियेटर में इलाज के दौरान क़त्ल कर दें. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में कहानी, इच्छा मृत्यु, का तीसरा हिस्सा जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.  <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1201</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/164f751fe4065ee735eda812e2eb3b04.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इच्छा मृत्यु - पार्ट 2  |  स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iccha-mrtyu-parta-2-storiboksa-vida-jamaseda--70952043</link><description><![CDATA[एक मरीज़ की इच्छा मृत्यु की याचिका कोर्ट ने नामंज़ूर कर दी. उसका दर्द और तकलीफ़ देखकर डॉक्टर मिर्ज़ा ने दया दिखाते हुए उसे ज़हर का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन मरीज़ की मौत के बाद डॉक्टर को पता चला कि ये इच्छा मृत्यु दरअसल एक साज़िश थी. वो एक ऐसे जाल में फंस गया है जो उसकी मौत तक पीछा नहीं छोड़ेगा. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी, इच्छा मृत्यु, का दूसरा हिस्सा. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70952043</guid><pubDate>Sat, 28 Mar 2026 11:16:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70952043/31_mar_26_31_march_revised_storybox_mix_128.mp3" length="21519464" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक मरीज़ की इच्छा मृत्यु की याचिका कोर्ट ने नामंज़ूर कर दी. उसका दर्द और तकलीफ़ देखकर डॉक्टर मिर्ज़ा ने दया दिखाते हुए उसे ज़हर का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन मरीज़ की मौत के बाद डॉक्टर को पता चला कि ये इच्छा मृत्यु दरअसल एक साज़िश थी. वो एक ऐसे जाल में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक मरीज़ की इच्छा मृत्यु की याचिका कोर्ट ने नामंज़ूर कर दी. उसका दर्द और तकलीफ़ देखकर डॉक्टर मिर्ज़ा ने दया दिखाते हुए उसे ज़हर का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन मरीज़ की मौत के बाद डॉक्टर को पता चला कि ये इच्छा मृत्यु दरअसल एक साज़िश थी. वो एक ऐसे जाल में फंस गया है जो उसकी मौत तक पीछा नहीं छोड़ेगा. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी, इच्छा मृत्यु, का दूसरा हिस्सा. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1345</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2a98c25a0f2afdcd1f0d7a7b03fb99b1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इच्छा मृत्यु | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iccha-mrtyu-storiboksa-vida-jamaseda--70796608</link><description><![CDATA[एक डॉक्टर क्यों मजबूर था अपने मरीज़ की जान लेने के लिए? उसने ऑपरेशन थियेटर में अपने मरीज़ का क़त्ल किस तरह प्लान किया कि वो देखने में हादसा लगे? क़ातिल डॉक्टर का नैशनल हॉस्पिटल में भर्ती उस मरीज़ से क्या रिश्ता था, जिसने कोर्ट से अपने लिए मांगी थी इच्छा मृत्यु, सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70796608</guid><pubDate>Sat, 21 Mar 2026 11:43:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70796608/21_mar_26_storybox_hospital_128.mp3" length="20263915" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक डॉक्टर क्यों मजबूर था अपने मरीज़ की जान लेने के लिए? उसने ऑपरेशन थियेटर में अपने मरीज़ का क़त्ल किस तरह प्लान किया कि वो देखने में हादसा लगे? क़ातिल डॉक्टर का नैशनल हॉस्पिटल में भर्ती उस मरीज़ से क्या रिश्ता था, जिसने कोर्ट से अपने लिए मांगी थी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक डॉक्टर क्यों मजबूर था अपने मरीज़ की जान लेने के लिए? उसने ऑपरेशन थियेटर में अपने मरीज़ का क़त्ल किस तरह प्लान किया कि वो देखने में हादसा लगे? क़ातिल डॉक्टर का नैशनल हॉस्पिटल में भर्ती उस मरीज़ से क्या रिश्ता था, जिसने कोर्ट से अपने लिए मांगी थी इच्छा मृत्यु, सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1267</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/64a24c87298732e43ca1920b7898fb3e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पैदल जाती एक औरत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/paidala-jati-eka-aurata-storiboksa-vida-jamaseda--70634831</link><description><![CDATA[एक रोज़ बुआ अचानक कहीं गुम हो गईं. हमने बहुत ढूंढा उन्हें, रेलवे स्टेशनों पर, बस अड्डों पर, मंदिरों में और हर उस जगह जहां वो हो सकती थीं लेकिन वो नहीं मिलीं. कहां गईं थीं बुआ, क्या इसलिए गायब हुईं क्योंकि फूफा उस पर हाथ उठाते थे या इसलिए क्योंकि वो इस दुनिया से ऊब गई थीं... सुनिए अतुल तिवारी की लिखी कहानी 'पैदल जाती एक औरत' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70634831</guid><pubDate>Sat, 14 Mar 2026 11:56:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70634831/14_mar_26_14_march_storybox_revised_and_final_for_cb_128.mp3" length="18044551" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक रोज़ बुआ अचानक कहीं गुम हो गईं. हमने बहुत ढूंढा उन्हें, रेलवे स्टेशनों पर, बस अड्डों पर, मंदिरों में और हर उस जगह जहां वो हो सकती थीं लेकिन वो नहीं मिलीं. कहां गईं थीं बुआ, क्या इसलिए गायब हुईं क्योंकि फूफा उस पर हाथ उठाते थे या इसलिए क्योंकि वो इस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक रोज़ बुआ अचानक कहीं गुम हो गईं. हमने बहुत ढूंढा उन्हें, रेलवे स्टेशनों पर, बस अड्डों पर, मंदिरों में और हर उस जगह जहां वो हो सकती थीं लेकिन वो नहीं मिलीं. कहां गईं थीं बुआ, क्या इसलिए गायब हुईं क्योंकि फूफा उस पर हाथ उठाते थे या इसलिए क्योंकि वो इस दुनिया से ऊब गई थीं... सुनिए अतुल तिवारी की लिखी कहानी 'पैदल जाती एक औरत' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1128</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8e59645157fe1cdae1f34bdbaa3053f2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वहम - पार्ट 2 | स्टोरीबॉक्स विथ जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vahama-parta-2-storiboksa-vitha-jamaseda--70523329</link><description><![CDATA[विक्रांत हमेशा कहता रहा कि फ़बीहा असल में थी, लेकिन सारे सबूत यही इशारा कर रहे थे कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं. क्या डॉ खान और इंस्पेक्टर कुशाल सुलझा पाएंगे इस गुत्थी को? क्या था कहानी के पीछे का असल राज़? - सुनिए 'वहम' के दूसरे और आख़िरी हिस्से में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70523329</guid><pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:26:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70523329/07_mar_26_sb_7_march_final_mix_128.mp3" length="25311190" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>विक्रांत हमेशा कहता रहा कि फ़बीहा असल में थी, लेकिन सारे सबूत यही इशारा कर रहे थे कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं. क्या डॉ खान और इंस्पेक्टर कुशाल सुलझा पाएंगे इस गुत्थी को? क्या था कहानी के पीछे का असल राज़? - सुनिए 'वहम' के दूसरे और आख़िरी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[विक्रांत हमेशा कहता रहा कि फ़बीहा असल में थी, लेकिन सारे सबूत यही इशारा कर रहे थे कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं. क्या डॉ खान और इंस्पेक्टर कुशाल सुलझा पाएंगे इस गुत्थी को? क्या था कहानी के पीछे का असल राज़? - सुनिए 'वहम' के दूसरे और आख़िरी हिस्से में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1582</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/11b428444fcca3bd8211db3f8bacb711.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वहम | स्टोरीबॉक्स विथ जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vahama-storiboksa-vitha-jamaseda--70359263</link><description><![CDATA[पागलख़ाने की अंधेरी कोठरी से विक्रांत बार-बार चीखते हुए कहता था कि फ़बीहा उसकी एक दोस्त थी, उसके साथ थी. लेकिन पुलिस का मानना था कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं, वो सिर्फ़ विक्रांत के मन का वहम था - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'वहम' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती और अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70359263</guid><pubDate>Sat, 28 Feb 2026 12:12:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70359263/28_feb_26_storybox_28_feb_mix_128.mp3" length="27977351" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पागलख़ाने की अंधेरी कोठरी से विक्रांत बार-बार चीखते हुए कहता था कि फ़बीहा उसकी एक दोस्त थी, उसके साथ थी. लेकिन पुलिस का मानना था कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं, वो सिर्फ़ विक्रांत के मन का वहम था - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'वहम' जमशेद...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पागलख़ाने की अंधेरी कोठरी से विक्रांत बार-बार चीखते हुए कहता था कि फ़बीहा उसकी एक दोस्त थी, उसके साथ थी. लेकिन पुलिस का मानना था कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं, वो सिर्फ़ विक्रांत के मन का वहम था - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'वहम' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती और अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1749</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/863bca9eafda25bbfa839e974f615e8c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पर्दा | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/parda-storiboksa-vida-jamaseda--70209996</link><description><![CDATA[चौधरी साहब के दादा एक ज़माने में दारोग़ा थे, बढ़िया आमदनी थी, ठाठ थे. उनके दो बेटे हुए फिर दोनों बेटों के बच्चे. जब ये बच्चे बड़े हुए तब तक चौधरी खानदान के पास न तो खानदानी दौलत बची थी और न ही रईसी... लेकिन पीरबख्श ने अपने दादा के वक्त की इज़्ज़त को ढोल में पोल बना रखा था. घर के अंदर भले सब फटे हाल थे लेकिन दरवाज़े पर ऐसा रेशमी पर्दा लटकाया था कि लगता था बड़ी शान वाले लोग हैं - सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'पर्दा'  स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंद मिक्सिंग : सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70209996</guid><pubDate>Sun, 22 Feb 2026 07:45:04 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70209996/22_feb_26_storybox_22_feb_128.mp3" length="18269831" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चौधरी साहब के दादा एक ज़माने में दारोग़ा थे, बढ़िया आमदनी थी, ठाठ थे. उनके दो बेटे हुए फिर दोनों बेटों के बच्चे. जब ये बच्चे बड़े हुए तब तक चौधरी खानदान के पास न तो खानदानी दौलत बची थी और न ही रईसी... लेकिन पीरबख्श ने अपने दादा के वक्त की इज़्ज़त को...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चौधरी साहब के दादा एक ज़माने में दारोग़ा थे, बढ़िया आमदनी थी, ठाठ थे. उनके दो बेटे हुए फिर दोनों बेटों के बच्चे. जब ये बच्चे बड़े हुए तब तक चौधरी खानदान के पास न तो खानदानी दौलत बची थी और न ही रईसी... लेकिन पीरबख्श ने अपने दादा के वक्त की इज़्ज़त को ढोल में पोल बना रखा था. घर के अंदर भले सब फटे हाल थे लेकिन दरवाज़े पर ऐसा रेशमी पर्दा लटकाया था कि लगता था बड़ी शान वाले लोग हैं - सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'पर्दा'  स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंद मिक्सिंग : सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1142</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2e1ba3ff8a226bbf7b0c2035dfa23813.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मरीज़ की आख़िरी ख़्वाहिश | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mariza-ki-akhiri-khvahisa-storiboksa-vida-jamaseda--70058148</link><description><![CDATA[नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई मरीज़ के बीच पनपते हुए एक अनकहे रिश्ते की कहानी - मरीज़ की आख़िरी ख्वाहिश स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70058148</guid><pubDate>Sat, 14 Feb 2026 13:00:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70058148/14_feb_26_storybox_14_feb_128.mp3" length="26082324" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई मरीज़ के बीच पनपते हुए एक अनकहे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई मरीज़ के बीच पनपते हुए एक अनकहे रिश्ते की कहानी - मरीज़ की आख़िरी ख्वाहिश स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1631</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image 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url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69870422/05_feb_26_storybox_5_feb_128.mp3" length="16743444" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हकीम अहसानुल्लाह साहब के पास एक ऐसा नुस्खा था जिसके बारे में कहा जाता था कि बेऔलाद लोग अगर पान में दबाकर खा लें तो औलाद हो जाती है. शायरी के शौकीन हकीम साहब जब मुशायरे में पहुंचते तो देखते कि लोग वहां अपनी भैंस लेकर आए होते थे कि हकीम साहब एक पान इसे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हकीम अहसानुल्लाह साहब के पास एक ऐसा नुस्खा था जिसके बारे में कहा जाता था कि बेऔलाद लोग अगर पान में दबाकर खा लें तो औलाद हो जाती है. शायरी के शौकीन हकीम साहब जब मुशायरे में पहुंचते तो देखते कि लोग वहां अपनी भैंस लेकर आए होते थे कि हकीम साहब एक पान इसे भी खिला दें - सुनिए मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी की एक तहरीर 'धीरजगंज का मुशायरा' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1047</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eb1710285938f3ad014f6a7e46b09136.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दिल आज शायर है | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dila-aja-sayara-hai-storiboksa-vida-jamaseda--69715086</link><description><![CDATA[वो शायर था लेकिन उसका असली काम कब्रें खोदना था. वो उसी कब्रिस्तान में रहता था जहां काम करते हुए उसके पिता ने उसे शायरी भी सिखाई और कब्र खोदना भी... वही पिता जिनके साथ हुए एक हादसे को वो उनकी मौत के बाद भुलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एक रोज़ कब्रिस्तान के गेट पर उसे एक खूबसूरत चेहरा दिखाई दिया और उसे पता चला एक राज.... सुनिए कहानी 'दिल आज शायर है' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग : सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69715086</guid><pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:08:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69715086/05_feb_26_storybox_rev_29_jann_128.mp3" length="26467265" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो शायर था लेकिन उसका असली काम कब्रें खोदना था. वो उसी कब्रिस्तान में रहता था जहां काम करते हुए उसके पिता ने उसे शायरी भी सिखाई और कब्र खोदना भी... वही पिता जिनके साथ हुए एक हादसे को वो उनकी मौत के बाद भुलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एक रोज़...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो शायर था लेकिन उसका असली काम कब्रें खोदना था. वो उसी कब्रिस्तान में रहता था जहां काम करते हुए उसके पिता ने उसे शायरी भी सिखाई और कब्र खोदना भी... वही पिता जिनके साथ हुए एक हादसे को वो उनकी मौत के बाद भुलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एक रोज़ कब्रिस्तान के गेट पर उसे एक खूबसूरत चेहरा दिखाई दिया और उसे पता चला एक राज.... सुनिए कहानी 'दिल आज शायर है' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग : सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1655</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0193a249f7dfbdc0c481cf5f98c77269.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अख़बार में नाम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/akhabara-mem-nama-storiboksa-vida-jamaseda--69577174</link><description><![CDATA[उस आदमी की ख्वाहिश बस इतनी थी कि वो अख़बार में अपना नाम छपा हुआ देखना चाहता था. इस एक ख्वाहिश के लिए वो कुछ भी करने को तैयार था. तो उसने अपनी मौत का प्लान बनाया. सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'अख़बार में नाम' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69577174</guid><pubDate>Sun, 25 Jan 2026 05:32:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69577174/24_jan_26_storybox_classroom_128.mp3" length="21511523" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस आदमी की ख्वाहिश बस इतनी थी कि वो अख़बार में अपना नाम छपा हुआ देखना चाहता था. इस एक ख्वाहिश के लिए वो कुछ भी करने को तैयार था. तो उसने अपनी मौत का प्लान बनाया. सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'अख़बार में नाम' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस आदमी की ख्वाहिश बस इतनी थी कि वो अख़बार में अपना नाम छपा हुआ देखना चाहता था. इस एक ख्वाहिश के लिए वो कुछ भी करने को तैयार था. तो उसने अपनी मौत का प्लान बनाया. सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'अख़बार में नाम' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1345</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ffc96bfa0314189035585e81c1e42914.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>किराए का मकान | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kira-e-ka-makana-storiboksa-vida-jamaseda--69493537</link><description><![CDATA[उन्हें किराए का मकान चाहिए था लेकिन उनके पास कोई कागज़ नहीं था. उनकी भाषा भी अलग थी और कपड़े भी कुछ अलग परिवेश के थे, पर उनकी एक कहानी थी. एक उदास कहानी जो उन्होंने बताई तो मैं ना नहीं कर पाया लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे उनकी ख़ौफनाक सच्चाई पता चली... सुनिए कहानी 'किराए का मकान' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग - सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69493537</guid><pubDate>Sun, 18 Jan 2026 06:05:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69493537/17_jan_26_storybox_18_jan_128.mp3" length="23972049" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उन्हें किराए का मकान चाहिए था लेकिन उनके पास कोई कागज़ नहीं था. उनकी भाषा भी अलग थी और कपड़े भी कुछ अलग परिवेश के थे, पर उनकी एक कहानी थी. एक उदास कहानी जो उन्होंने बताई तो मैं ना नहीं कर पाया लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे उनकी ख़ौफनाक सच्चाई पता चली......</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उन्हें किराए का मकान चाहिए था लेकिन उनके पास कोई कागज़ नहीं था. उनकी भाषा भी अलग थी और कपड़े भी कुछ अलग परिवेश के थे, पर उनकी एक कहानी थी. एक उदास कहानी जो उन्होंने बताई तो मैं ना नहीं कर पाया लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे उनकी ख़ौफनाक सच्चाई पता चली... सुनिए कहानी 'किराए का मकान' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. <br /><br /> साउंड मिक्सिंग - सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1499</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3582ff8193c286e5b3effbc8af4e65d3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>साग-मीट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/saga-mita-storiboksa-vida-jamaseda--69386987</link><description><![CDATA["मेरे तो तीन-तीन डिब्बे घी के महीने में निकल जाते हैं. नौकरों के लिए डालडा रखा हुआ है लेकिन कौन जाने ये मुए हमें डालडा खिलाते हों और खुद देसी घी हड़प जाते हों. आज के ज़माने में किसी का एतबार नहीं किया जा सकता, मैं ताले तो लगा नहीं सकती. ये दूसरा नौकर मथरा सात रोटियां सवेरे और सात रोटियां गिनकर शाम को खाता है और बहन, बीच में इसे दो बार चाय भी चाहिए... और घर में जो मिठाई हो वो भी इसे दो. लेकिन मैं कहती हूं, “ठीक है, कम से कम टिका तो है, भई आजकल किसी नौकर का भरोसा थोड़ी है. कब कह दे - मैं जा रहा हूँ. ये भी मुझे यही कहते हैं, 'कुत्ते के मुंह में हड्डी दिए रहो तो नहीं भौंकेगा" - सुनिए भीष्म साहनी की मशहूर कहानी 'साग मीट' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग - सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69386987</guid><pubDate>Sun, 11 Jan 2026 06:41:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69386987/11_jan_26_storybox_11_jan_128.mp3" length="20679784" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"मेरे तो तीन-तीन डिब्बे घी के महीने में निकल जाते हैं. नौकरों के लिए डालडा रखा हुआ है लेकिन कौन जाने ये मुए हमें डालडा खिलाते हों और खुद देसी घी हड़प जाते हों. आज के ज़माने में किसी का एतबार नहीं किया जा सकता, मैं ताले तो लगा नहीं सकती. ये दूसरा नौकर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["मेरे तो तीन-तीन डिब्बे घी के महीने में निकल जाते हैं. नौकरों के लिए डालडा रखा हुआ है लेकिन कौन जाने ये मुए हमें डालडा खिलाते हों और खुद देसी घी हड़प जाते हों. आज के ज़माने में किसी का एतबार नहीं किया जा सकता, मैं ताले तो लगा नहीं सकती. ये दूसरा नौकर मथरा सात रोटियां सवेरे और सात रोटियां गिनकर शाम को खाता है और बहन, बीच में इसे दो बार चाय भी चाहिए... और घर में जो मिठाई हो वो भी इसे दो. लेकिन मैं कहती हूं, “ठीक है, कम से कम टिका तो है, भई आजकल किसी नौकर का भरोसा थोड़ी है. कब कह दे - मैं जा रहा हूँ. ये भी मुझे यही कहते हैं, 'कुत्ते के मुंह में हड्डी दिए रहो तो नहीं भौंकेगा" - सुनिए भीष्म साहनी की मशहूर कहानी 'साग मीट' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग - सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1293</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d20110b9af49751869ee401ea8f49a1f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक नास्तिक की GOD से मुलाक़ात | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-nastika-ki-god-se-mulaqata-storiboksa-vida-jamaseda--69293764</link><description><![CDATA[वो नास्तिक थे, कभी किसी धर्म या मज़हब को नहीं माना... पूरी ज़िंदगी कहते रहे कि मौत के बाद कुछ नहीं है... एक रोज़ अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और दुनिया से विदा हो गए... अंधेरे के उस पार दोबारा उनकी आंख खुली, वो एक अजीब जगह थी... और सामने थे गॉड - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक नास्तिक की GOD से मुलाक़ात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग : अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69293764</guid><pubDate>Sun, 04 Jan 2026 06:33:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69293764/04_jan_26_sb_mix_4_jan_128.mp3" length="23690762" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो नास्तिक थे, कभी किसी धर्म या मज़हब को नहीं माना... पूरी ज़िंदगी कहते रहे कि मौत के बाद कुछ नहीं है... एक रोज़ अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और दुनिया से विदा हो गए... अंधेरे के उस पार दोबारा उनकी आंख खुली, वो एक अजीब जगह थी... और सामने थे गॉड -...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो नास्तिक थे, कभी किसी धर्म या मज़हब को नहीं माना... पूरी ज़िंदगी कहते रहे कि मौत के बाद कुछ नहीं है... एक रोज़ अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और दुनिया से विदा हो गए... अंधेरे के उस पार दोबारा उनकी आंख खुली, वो एक अजीब जगह थी... और सामने थे गॉड - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक नास्तिक की GOD से मुलाक़ात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग : अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>1481</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d15ff77a15fa6cffc975074c2889bb10.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक क्रिमिनल की न्यू ईयर नाइट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-kriminala-ki-n-yu-iyara-na-ita-storiboksa-vida-jamaseda--69226246</link><description><![CDATA[साल की आखिरी रात थी. पूरा शहर जश्न में डूबा हुआ था, लेकिन तभी पुलिस की तरफ़ से ऐलान हुआ कि कुछ संदिग्ध शहर में देखे गए हैं. उन दिनों मैं एक कैफे़ में सिक्योरिटी ऑफ़िसर के तौर पर काम कर रहा था. मैं ऑन-ड्यूटी था कि तभी मेरी नज़र एक शख्स पर पड़ी जो जश्न मना रहे लोगों को घूर रहा था... कौन था वो आदमी? उसके इरादे क्या थे? सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'एक क्रिमिनल की न्यू ईयर नाइट' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69226246</guid><pubDate>Sun, 28 Dec 2025 06:46:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69226246/27_dec_25_story_box_28_dec_mix_128.mp3" length="18589152" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>साल की आखिरी रात थी. पूरा शहर जश्न में डूबा हुआ था, लेकिन तभी पुलिस की तरफ़ से ऐलान हुआ कि कुछ संदिग्ध शहर में देखे गए हैं. उन दिनों मैं एक कैफे़ में सिक्योरिटी ऑफ़िसर के तौर पर काम कर रहा था. मैं ऑन-ड्यूटी था कि तभी मेरी नज़र एक शख्स पर पड़ी जो जश्न...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[साल की आखिरी रात थी. पूरा शहर जश्न में डूबा हुआ था, लेकिन तभी पुलिस की तरफ़ से ऐलान हुआ कि कुछ संदिग्ध शहर में देखे गए हैं. उन दिनों मैं एक कैफे़ में सिक्योरिटी ऑफ़िसर के तौर पर काम कर रहा था. मैं ऑन-ड्यूटी था कि तभी मेरी नज़र एक शख्स पर पड़ी जो जश्न मना रहे लोगों को घूर रहा था... कौन था वो आदमी? उसके इरादे क्या थे? सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'एक क्रिमिनल की न्यू ईयर नाइट' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1162</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/626d52ac73c96439ca10d15065d26f74.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक फ़र्ज़ी इंटलैक्चुअल | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-farzi-intalaikcu-ala-storiboksa-vida-jamaseda--69153586</link><description><![CDATA[एक थे बन्ने भाई, कानपुर में उनकी कोयले की दुकान थी जहां दिन भर वो ग्राहकों के साथ झकमारी करते थे लेकिन शाम को घर आते ही सफ़ेद सिल्क का कुर्ता-पायजामा पहनते, कंधे पर डाल लेते एक नकली पशमीना शॉल और फिर मोहल्ले के पास वाली चाय की दुकान पर बैठकर ऐसी फलसफ़ी टाइप की बातें करते थे कि लगता था उनसे बड़ा बुद्दिजीवी, उनसे बड़ा इंटलैक्चुअल पूरे शहर में कोई नहीं है. मीर-ओ-ग़ालिब की शायरी हो या मुल्कों की सियासत... सब पर ऐसी राय रखते थे कि मुहल्ले वाले दांतों में उंगली दबा लेते थे. फिर एक रोज़ मोहल्ले में एक नया लड़का आया और वो बन्ने भाई के लिए बवाल-ए-जान बन गया. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69153586</guid><pubDate>Sun, 21 Dec 2025 05:48:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69153586/19_dec_25_storybox_21_dec_128.mp3" length="26412930" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक थे बन्ने भाई, कानपुर में उनकी कोयले की दुकान थी जहां दिन भर वो ग्राहकों के साथ झकमारी करते थे लेकिन शाम को घर आते ही सफ़ेद सिल्क का कुर्ता-पायजामा पहनते, कंधे पर डाल लेते एक नकली पशमीना शॉल और फिर मोहल्ले के पास वाली चाय की दुकान पर बैठकर ऐसी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक थे बन्ने भाई, कानपुर में उनकी कोयले की दुकान थी जहां दिन भर वो ग्राहकों के साथ झकमारी करते थे लेकिन शाम को घर आते ही सफ़ेद सिल्क का कुर्ता-पायजामा पहनते, कंधे पर डाल लेते एक नकली पशमीना शॉल और फिर मोहल्ले के पास वाली चाय की दुकान पर बैठकर ऐसी फलसफ़ी टाइप की बातें करते थे कि लगता था उनसे बड़ा बुद्दिजीवी, उनसे बड़ा इंटलैक्चुअल पूरे शहर में कोई नहीं है. मीर-ओ-ग़ालिब की शायरी हो या मुल्कों की सियासत... सब पर ऐसी राय रखते थे कि मुहल्ले वाले दांतों में उंगली दबा लेते थे. फिर एक रोज़ मोहल्ले में एक नया लड़का आया और वो बन्ने भाई के लिए बवाल-ए-जान बन गया. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1651</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5c33683dd431609678fc2d9f461a01d0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बीवी कैसी होनी चाहिए? | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bivi-kaisi-honi-cahi-e-storiboksa-vida-jamaseda--69038150</link><description><![CDATA[डिप्टी साहब वैसे तो आदमी बड़े सख्त मिज़ाज थे. दफ़्तर में तो उनके एक दस्तखत से बड़े-बड़े फ़ैसले हो जाते थे लेकिन घर में डिप्टी साहब की ज़रा नहीं चलती. बेगम साहिबा ज़रा गुस्से वाली थीं और जिस सुबह उन्हें ग़ुस्सा आ गया तो फिर लोग देखते थे कि बेचारे डिप्टी साहब का क्या हाल होता था. एक सुबह मैं किसी फ़ाइल पर उनके दस्तखत लेने उनके घर पहुंचा तो देखा कि डिप्टी साहब कमीज़ और टाई लगाए कुर्सी पर बैठे थे मगर उनकी पतलून गायब थी. बेचारे एक पटरे वाली नेकर पहने हुए बार-बार घड़ी की तरफ देख रहे थे. मैंने पूछा 'क्या हुआ? सब ख़ैरियत तो है' फिर जो उन्होंने वजह बताई, वो सुनकर मुझे बड़ी हैरत हुई. सुनिए चौधरी मोहम्मद अली रुदौलवी की एक तहरीर 'बीवी कैसी होनी चाहिए?' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69038150</guid><pubDate>Sun, 14 Dec 2025 05:43:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69038150/14_dec_25_storybox_todayyyyy_128.mp3" length="13401025" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>डिप्टी साहब वैसे तो आदमी बड़े सख्त मिज़ाज थे. दफ़्तर में तो उनके एक दस्तखत से बड़े-बड़े फ़ैसले हो जाते थे लेकिन घर में डिप्टी साहब की ज़रा नहीं चलती. बेगम साहिबा ज़रा गुस्से वाली थीं और जिस सुबह उन्हें ग़ुस्सा आ गया तो फिर लोग देखते थे कि बेचारे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[डिप्टी साहब वैसे तो आदमी बड़े सख्त मिज़ाज थे. दफ़्तर में तो उनके एक दस्तखत से बड़े-बड़े फ़ैसले हो जाते थे लेकिन घर में डिप्टी साहब की ज़रा नहीं चलती. बेगम साहिबा ज़रा गुस्से वाली थीं और जिस सुबह उन्हें ग़ुस्सा आ गया तो फिर लोग देखते थे कि बेचारे डिप्टी साहब का क्या हाल होता था. एक सुबह मैं किसी फ़ाइल पर उनके दस्तखत लेने उनके घर पहुंचा तो देखा कि डिप्टी साहब कमीज़ और टाई लगाए कुर्सी पर बैठे थे मगर उनकी पतलून गायब थी. बेचारे एक पटरे वाली नेकर पहने हुए बार-बार घड़ी की तरफ देख रहे थे. मैंने पूछा 'क्या हुआ? सब ख़ैरियत तो है' फिर जो उन्होंने वजह बताई, वो सुनकर मुझे बड़ी हैरत हुई. सुनिए चौधरी मोहम्मद अली रुदौलवी की एक तहरीर 'बीवी कैसी होनी चाहिए?' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>838</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f7d0daf06ec45fd77b155ccf4c475675.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वो शायर अधूरे ख्वाबों का | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vo-sayara-adhure-khvabom-ka-storiboksa-vida-jamaseda--68925720</link><description><![CDATA[एक शायर था जिसकी तस्वीरें गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के तकियों के नीचे मिलती थी... जो इश्क़ भी लिखता था और इंकलाब भी, लेकिन उसके हिस्से आई ज़िंदगी की मायूसी, अधूरी मुहब्बत और एक दर्दनाक मौत. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए उर्दू शायर मजाज़ लखनवी की कहानी जमशेद क़मर सिद्दीकी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68925720</guid><pubDate>Sun, 07 Dec 2025 05:31:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68925720/04_dec_25_storybox_shayar_final_128.mp3" length="20291918" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक शायर था जिसकी तस्वीरें गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के तकियों के नीचे मिलती थी... जो इश्क़ भी लिखता था और इंकलाब भी, लेकिन उसके हिस्से आई ज़िंदगी की मायूसी, अधूरी मुहब्बत और एक दर्दनाक मौत. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए उर्दू शायर मजाज़ लखनवी की कहानी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक शायर था जिसकी तस्वीरें गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के तकियों के नीचे मिलती थी... जो इश्क़ भी लिखता था और इंकलाब भी, लेकिन उसके हिस्से आई ज़िंदगी की मायूसी, अधूरी मुहब्बत और एक दर्दनाक मौत. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए उर्दू शायर मजाज़ लखनवी की कहानी जमशेद क़मर सिद्दीकी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1269</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/406b83d5248da8f4b2e99408e15dc675.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक राइटर और भूत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-ra-itara-aura-bhuta-storiboksa-vida-jamaseda--68803377</link><description><![CDATA[एक राइटर ने शहर से दूर एक सुनसान किराए के घर में बैठकर नॉवेल लिखने का फैसला किया, लेकिन उस घर में उसकी मुलाकात हुई एक भूत से. एक भूत जिसके पास उस राइटर के लिए एक काम था, जो वो खुद ज़िंदा रहते नहीं कर पाया. अब वो इस काम के लिए उस राइटर को कीमत भी चुकाने वाला था - सुनिए शरदिंदु बंद्योपाध्याय की लिखी कहानी का हिंदी वर्ज़न 'एक राइटर और भूत' स्टोरीबॉक्स मे जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68803377</guid><pubDate>Sun, 30 Nov 2025 05:37:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68803377/29_nov_25_storybox_horror_comedy_128.mp3" length="23376039" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक राइटर ने शहर से दूर एक सुनसान किराए के घर में बैठकर नॉवेल लिखने का फैसला किया, लेकिन उस घर में उसकी मुलाकात हुई एक भूत से. एक भूत जिसके पास उस राइटर के लिए एक काम था, जो वो खुद ज़िंदा रहते नहीं कर पाया. अब वो इस काम के लिए उस राइटर को कीमत भी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक राइटर ने शहर से दूर एक सुनसान किराए के घर में बैठकर नॉवेल लिखने का फैसला किया, लेकिन उस घर में उसकी मुलाकात हुई एक भूत से. एक भूत जिसके पास उस राइटर के लिए एक काम था, जो वो खुद ज़िंदा रहते नहीं कर पाया. अब वो इस काम के लिए उस राइटर को कीमत भी चुकाने वाला था - सुनिए शरदिंदु बंद्योपाध्याय की लिखी कहानी का हिंदी वर्ज़न 'एक राइटर और भूत' स्टोरीबॉक्स मे जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1461</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7ecf61ea44d829a5665594534cd77c82.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बॉस की दावत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bosa-ki-davata-storiboksa-vida-jamaseda--68700997</link><description><![CDATA[घर पर बॉस की दावत थी इसलिए शामनाथ साहब सुबह से तैयारियों में लगे थे. पर्दे बदल दिए गए, मेज़पोश नए बिछाए, अलमारी में सजे बर्तन निकाल लिए गए. यहां तक की सोफे़ के नीचे की गर्द भी साफ की गई थी लेकिन पूरे चमचमाते घर में मां अटपटी लग रही थीं. गांव की मां जो ना ढंग से बोल पाती है, न उसे कुछ आता-जाता है, चेहरा भी अब झुर्रियों से ढक गया है. शामनाथ साहब ने मां की तरफ़ देखा और सोचा कि इनको कहां छिपाया जाए कि अंग्रेज़ बॉस की नज़र ना पड़े - सुनिए स्टोरीबॉक्स में भीष्म साहनी की लिखी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68700997</guid><pubDate>Sun, 23 Nov 2025 06:16:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68700997/23_nov_25_stoeybox_23_nov_128.mp3" length="26908630" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>घर पर बॉस की दावत थी इसलिए शामनाथ साहब सुबह से तैयारियों में लगे थे. पर्दे बदल दिए गए, मेज़पोश नए बिछाए, अलमारी में सजे बर्तन निकाल लिए गए. यहां तक की सोफे़ के नीचे की गर्द भी साफ की गई थी लेकिन पूरे चमचमाते घर में मां अटपटी लग रही थीं. गांव की मां जो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[घर पर बॉस की दावत थी इसलिए शामनाथ साहब सुबह से तैयारियों में लगे थे. पर्दे बदल दिए गए, मेज़पोश नए बिछाए, अलमारी में सजे बर्तन निकाल लिए गए. यहां तक की सोफे़ के नीचे की गर्द भी साफ की गई थी लेकिन पूरे चमचमाते घर में मां अटपटी लग रही थीं. गांव की मां जो ना ढंग से बोल पाती है, न उसे कुछ आता-जाता है, चेहरा भी अब झुर्रियों से ढक गया है. शामनाथ साहब ने मां की तरफ़ देखा और सोचा कि इनको कहां छिपाया जाए कि अंग्रेज़ बॉस की नज़र ना पड़े - सुनिए स्टोरीबॉक्स में भीष्म साहनी की लिखी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1682</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/079ae32bee210e1b5ae4870efc3a8e24.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बदसूरती | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/badasurati-storiboksa-vida-jamaseda--68587501</link><description><![CDATA[दो बहनों में से एक को खूबसूरती और कॉलेज में मोहब्बत मिली, जबकि बड़ी बहन को बिल्कुल साधारण शक्ल और जीवन. छोटी बहन ने जब पहली बार अपने आशिक़ का खत बड़ी बहन को दिखाया, तो बस यहीं से एक ऐसी हलचल शुरू हुई जिसने दोनों के रिश्ते की बुनियाद हिला दी. इसी एक घटना से जलन, तकरार और एक ऐसा झगड़ा जन्म लेता है जो आगे चलकर दोनों की ज़िंदगी बदल देता है, सुनिए स्टोरीबॉक्स सआदत हसन मंटो कहानी ‘बदसूरती’ जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68587501</guid><pubDate>Sun, 16 Nov 2025 05:46:13 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68587501/16_nov_25_storybox_badsoorti_128.mp3" length="15818919" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दो बहनों में से एक को खूबसूरती और कॉलेज में मोहब्बत मिली, जबकि बड़ी बहन को बिल्कुल साधारण शक्ल और जीवन. छोटी बहन ने जब पहली बार अपने आशिक़ का खत बड़ी बहन को दिखाया, तो बस यहीं से एक ऐसी हलचल शुरू हुई जिसने दोनों के रिश्ते की बुनियाद हिला दी. इसी एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दो बहनों में से एक को खूबसूरती और कॉलेज में मोहब्बत मिली, जबकि बड़ी बहन को बिल्कुल साधारण शक्ल और जीवन. छोटी बहन ने जब पहली बार अपने आशिक़ का खत बड़ी बहन को दिखाया, तो बस यहीं से एक ऐसी हलचल शुरू हुई जिसने दोनों के रिश्ते की बुनियाद हिला दी. इसी एक घटना से जलन, तकरार और एक ऐसा झगड़ा जन्म लेता है जो आगे चलकर दोनों की ज़िंदगी बदल देता है, सुनिए स्टोरीबॉक्स सआदत हसन मंटो कहानी ‘बदसूरती’ जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>989</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7a5ed389db69cdf4c42612d296fad5f2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक बौड़म की लव स्टोरी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-baurama-ki-lava-stori-storiboksa-vida-jamaseda--68482413</link><description><![CDATA[वो हमारे कॉलेज के सबसे शरीफ़ स्टूडेंट थे, लड़कियों की तरफ़ देखना तो दूर उनकी परछाईं से भी दूर भागते थे. ढीले कपड़े पहनते थे और सादा खाना खाते थे लेकिन फिर कॉलेज में आई एक अंग्रेज़ लड़की और हम दोस्तों ने रचा एक खेल. उस लड़की के नाम से इन भाई साहब को एक फर्ज़ी ख़त भेजा और फिर जो हुआ जानने के लिए स्टोरीबॉक्स में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'विनोद' का एक हिस्सा.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68482413</guid><pubDate>Sun, 09 Nov 2025 06:16:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68482413/09_nov_25_storybox_baudam_ki_love_story_rev2_128.mp3" length="28557479" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो हमारे कॉलेज के सबसे शरीफ़ स्टूडेंट थे, लड़कियों की तरफ़ देखना तो दूर उनकी परछाईं से भी दूर भागते थे. ढीले कपड़े पहनते थे और सादा खाना खाते थे लेकिन फिर कॉलेज में आई एक अंग्रेज़ लड़की और हम दोस्तों ने रचा एक खेल. उस लड़की के नाम से इन भाई साहब को एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो हमारे कॉलेज के सबसे शरीफ़ स्टूडेंट थे, लड़कियों की तरफ़ देखना तो दूर उनकी परछाईं से भी दूर भागते थे. ढीले कपड़े पहनते थे और सादा खाना खाते थे लेकिन फिर कॉलेज में आई एक अंग्रेज़ लड़की और हम दोस्तों ने रचा एक खेल. उस लड़की के नाम से इन भाई साहब को एक फर्ज़ी ख़त भेजा और फिर जो हुआ जानने के लिए स्टोरीबॉक्स में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'विनोद' का एक हिस्सा.]]></itunes:summary><itunes:duration>1785</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a6e83054034c19f4775215008ad0d76c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक सुपरहीरो की सच्ची कहानी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-suparahiro-ki-sacci-kahani-storiboksa-vida-jamaseda--68364292</link><description><![CDATA[सुपरहीरो वो नहीं जो आसमान में उड़ते हैं, बिल्डिंग्स से लटकते हैं या फिर विलेंस को मारते हैं. सुपरहीरो तो वो होते हैं जो ज़िंदगी की तकलीफ़ों, दूरियों और ग़म के बीच कुछ ऐसा कर जाते हैं कि दुनिया उन्हें याद रखती है. ये कहानी है कारगिल के एक ऐसे ही हीरो की. जमशेद क़मर सिद्दीक़ी इस बार स्टोरीबॉक्स में सुना रहे हैं 'एक सुपरहीरो की सच्ची कहानी'.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68364292</guid><pubDate>Sun, 02 Nov 2025 04:30:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68364292/31_oct_25_storybox_31_oct_128.mp3" length="18833240" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सुपरहीरो वो नहीं जो आसमान में उड़ते हैं, बिल्डिंग्स से लटकते हैं या फिर विलेंस को मारते हैं. सुपरहीरो तो वो होते हैं जो ज़िंदगी की तकलीफ़ों, दूरियों और ग़म के बीच कुछ ऐसा कर जाते हैं कि दुनिया उन्हें याद रखती है. ये कहानी है कारगिल के एक ऐसे ही हीरो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सुपरहीरो वो नहीं जो आसमान में उड़ते हैं, बिल्डिंग्स से लटकते हैं या फिर विलेंस को मारते हैं. सुपरहीरो तो वो होते हैं जो ज़िंदगी की तकलीफ़ों, दूरियों और ग़म के बीच कुछ ऐसा कर जाते हैं कि दुनिया उन्हें याद रखती है. ये कहानी है कारगिल के एक ऐसे ही हीरो की. जमशेद क़मर सिद्दीक़ी इस बार स्टोरीबॉक्स में सुना रहे हैं 'एक सुपरहीरो की सच्ची कहानी'.]]></itunes:summary><itunes:duration>1178</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/74a8e9fd897ead3042fd6810e1092cb3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मिडनाइट मर्डर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/midana-ita-mardara-storiboksa-vida-jamaseda--68282742</link><description><![CDATA[एक सर्द शाम को पूरे शहर में सनसनी फैल गई जब पता चला कि एक हमलावर ने सियासी पार्टी के नेता पर जानलेवा हमला किया, लेकिन इंसाफ मिलने के लिए ये क्यों ज़रूरी था कि अस्पताल में भर्ती नेता की मौत रात को बारह बजे ही हो. ऐसी क्या मजबूरी थी? - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'मिडनाइट मर्डर' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68282742</guid><pubDate>Sun, 26 Oct 2025 05:23:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68282742/25_oct_25_story_box_25_oct_final_128.mp3" length="20705280" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक सर्द शाम को पूरे शहर में सनसनी फैल गई जब पता चला कि एक हमलावर ने सियासी पार्टी के नेता पर जानलेवा हमला किया, लेकिन इंसाफ मिलने के लिए ये क्यों ज़रूरी था कि अस्पताल में भर्ती नेता की मौत रात को बारह बजे ही हो. ऐसी क्या मजबूरी थी? - सुनिए स्टोरीबॉक्स...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक सर्द शाम को पूरे शहर में सनसनी फैल गई जब पता चला कि एक हमलावर ने सियासी पार्टी के नेता पर जानलेवा हमला किया, लेकिन इंसाफ मिलने के लिए ये क्यों ज़रूरी था कि अस्पताल में भर्ती नेता की मौत रात को बारह बजे ही हो. ऐसी क्या मजबूरी थी? - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'मिडनाइट मर्डर' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1295</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/affe055358a384eabadff78f855da270.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मंत्र | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mantra-storiboksa-vida-jamaseda--68200568</link><description><![CDATA[सर्दियों की रात में जब बूढ़ा-बूढ़ी अपनी झोपड़ी में आग के सामने बैठे हाथ ताप रहे थे, तभी किसी ने दरवाज़ा खटखटाया और बताया कि डॉ साहब के बेटे को सांप ने काट लिया है - सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'मंत्र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68200568</guid><pubDate>Sun, 19 Oct 2025 05:13:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68200568/18_oct_25_storybox_mantra_128.mp3" length="23834122" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सर्दियों की रात में जब बूढ़ा-बूढ़ी अपनी झोपड़ी में आग के सामने बैठे हाथ ताप रहे थे, तभी किसी ने दरवाज़ा खटखटाया और बताया कि डॉ साहब के बेटे को सांप ने काट लिया है - सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'मंत्र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सर्दियों की रात में जब बूढ़ा-बूढ़ी अपनी झोपड़ी में आग के सामने बैठे हाथ ताप रहे थे, तभी किसी ने दरवाज़ा खटखटाया और बताया कि डॉ साहब के बेटे को सांप ने काट लिया है - सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'मंत्र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1490</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a36bde4c65cb88f588797c170bf83871.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>लॉटरी का टिकट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lotari-ka-tikata-storiboksa-vida-jamaseda--68104428</link><description><![CDATA[तभी मेले के भोंपू से आवाज़ गूंजी, "तो दोस्तों... अब समय है विजेता लॉटरी नंबर बताने का. आज का विनर है लॉटरी नंबर 1 0 0 5". ये सुनते ही मेरे हाथ पांव कांपने लगे क्योंकि यही नंबर तो मेरी लॉटरी पर था. मैंने आंखे मलकर नंबर दोबारा चेक किया, बिल्कुल वही नंबर था - सुनिए कहानी 'लॉटरी का टिकट' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68104428</guid><pubDate>Sun, 12 Oct 2025 04:59:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68104428/10_oct_25_storybox_lottery_128.mp3" length="20335386" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तभी मेले के भोंपू से आवाज़ गूंजी, "तो दोस्तों... अब समय है विजेता लॉटरी नंबर बताने का. आज का विनर है लॉटरी नंबर 1 0 0 5". ये सुनते ही मेरे हाथ पांव कांपने लगे क्योंकि यही नंबर तो मेरी लॉटरी पर था. मैंने आंखे मलकर नंबर दोबारा चेक किया, बिल्कुल वही नंबर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तभी मेले के भोंपू से आवाज़ गूंजी, "तो दोस्तों... अब समय है विजेता लॉटरी नंबर बताने का. आज का विनर है लॉटरी नंबर 1 0 0 5". ये सुनते ही मेरे हाथ पांव कांपने लगे क्योंकि यही नंबर तो मेरी लॉटरी पर था. मैंने आंखे मलकर नंबर दोबारा चेक किया, बिल्कुल वही नंबर था - सुनिए कहानी 'लॉटरी का टिकट' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1271</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7021c7f70a99d1529685059d9e4f55b5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आधी रात की ख़ामोशी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/adhi-rata-ki-khamosi-storiboksa-vida-jamaseda--68011993</link><description><![CDATA[रात के ख़ामोश पहर में उस घर में जहां मैं अकेले रहता था, दूसरे कमरे से वो आवाज़ दरअसल कई दिनों से आ रही थी. रात की खामोशी को चीरती हुई वो आवाज़ हर रात मुझे परेशान करने लगी थी. किसकी थी वो आवाज़? और क्या थी उस आवाज़ की दर्दनाक कहानी - सुनिए स्टोरीबॉक्स विद जमशेद में कहानी 'आधी रात की ख़ामोशी'.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68011993</guid><pubDate>Sun, 05 Oct 2025 04:30:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68011993/03_oct_25_storybox_rocking_chair_128.mp3" length="22977306" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रात के ख़ामोश पहर में उस घर में जहां मैं अकेले रहता था, दूसरे कमरे से वो आवाज़ दरअसल कई दिनों से आ रही थी. रात की खामोशी को चीरती हुई वो आवाज़ हर रात मुझे परेशान करने लगी थी. किसकी थी वो आवाज़? और क्या थी उस आवाज़ की दर्दनाक कहानी - सुनिए स्टोरीबॉक्स...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रात के ख़ामोश पहर में उस घर में जहां मैं अकेले रहता था, दूसरे कमरे से वो आवाज़ दरअसल कई दिनों से आ रही थी. रात की खामोशी को चीरती हुई वो आवाज़ हर रात मुझे परेशान करने लगी थी. किसकी थी वो आवाज़? और क्या थी उस आवाज़ की दर्दनाक कहानी - सुनिए स्टोरीबॉक्स विद जमशेद में कहानी 'आधी रात की ख़ामोशी'.]]></itunes:summary><itunes:duration>1437</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d579cab347d8cfec30a879e1f6561ceb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चचा मियां की क़ब्र | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/caca-miyam-ki-qabra-storiboksa-vida-jamaseda--67927471</link><description><![CDATA[सुबह की अज़ान हुई ही थी कि पता चला मुहल्ले के चचा मियां गुज़र गए. वैसे उम्र काफ़ी थी उनकी और लंबे समय से बीमार थे लेकिन उनके जाने के बाद उनकी कब्र को लेकर एक ऐसा मसला खड़ा हो गया कि वो दिन भुलाए नहीं भूलता. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'चचा मियां की कब्र' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67927471</guid><pubDate>Sun, 28 Sep 2025 05:00:42 +0000</pubDate><enclosure 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href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ca909403d4975734d2842b47de160a1b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक कागज़ का फूल | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-kagaza-ka-phula-storiboksa-vida-jamaseda--67835504</link><description><![CDATA[पांच साल के बाद वो अचानक दिखी एक अस्पताल में. ये वही लड़की थी जो हमेशा ब्रैंडेड कपड़े पहनती थी. महंगे शौक रखती थी लेकिन आज उसकी हालत ख़राब थी. कपड़े औसत, बाल बिखरे, चप्पलें घिसी हुई, चेहरे का रंग उड़ा और हाथ में मेडिकल रिपोर्ट्स. ये वही लड़की थी जिसने कभी मेरा इश्क़ ठुकराया था. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'एक कागज़ का फूल' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67835504</guid><pubDate>Sun, 21 Sep 2025 05:18:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67835504/22_sep_25_storybox_kaagaz_ka_phool_128.mp3" length="21905240" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पांच साल के बाद वो अचानक दिखी एक अस्पताल में. ये वही लड़की थी जो हमेशा ब्रैंडेड कपड़े पहनती थी. महंगे शौक रखती थी लेकिन आज उसकी हालत ख़राब थी. कपड़े औसत, बाल बिखरे, चप्पलें घिसी हुई, चेहरे का रंग उड़ा और हाथ में मेडिकल रिपोर्ट्स. ये वही लड़की थी जिसने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पांच साल के बाद वो अचानक दिखी एक अस्पताल में. ये वही लड़की थी जो हमेशा ब्रैंडेड कपड़े पहनती थी. महंगे शौक रखती थी लेकिन आज उसकी हालत ख़राब थी. कपड़े औसत, बाल बिखरे, चप्पलें घिसी हुई, चेहरे का रंग उड़ा और हाथ में मेडिकल रिपोर्ट्स. ये वही लड़की थी जिसने कभी मेरा इश्क़ ठुकराया था. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'एक कागज़ का फूल' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1370</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/22d0d8247a29de54b00e61a51fba1d52.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आख़िरी सिगरेट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/akhiri-sigareta-storiboksa-vida-jamaseda--67750455</link><description><![CDATA[बंदूक मेरी कनपटी पर थी और उंगली ट्रिगर पर. मेरी ज़िंदगी और मौत के बीच बस चंद लम्हों का फ़ासला था, लेकिन तभी मन किया कि ज़िंदगी की एक आख़िरी सिगरेट पी लूं - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67750455</guid><pubDate>Sun, 14 Sep 2025 05:06:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67750455/12_sep_25_storybox_cigarette_mix_128.mp3" length="17330259" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बंदूक मेरी कनपटी पर थी और उंगली ट्रिगर पर. मेरी ज़िंदगी और मौत के बीच बस चंद लम्हों का फ़ासला था, लेकिन तभी मन किया कि ज़िंदगी की एक आख़िरी सिगरेट पी लूं - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बंदूक मेरी कनपटी पर थी और उंगली ट्रिगर पर. मेरी ज़िंदगी और मौत के बीच बस चंद लम्हों का फ़ासला था, लेकिन तभी मन किया कि ज़िंदगी की एक आख़िरी सिगरेट पी लूं - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1084</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ed698834469b1663d9c963916ab57307.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>रेंट एग्रीमेंट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/renta-egrimenta-storiboksa-vida-jamaseda--67659830</link><description><![CDATA[सैलून पर मैंने अभी शेव बनवाना शुरु ही किया था कि मेरे हाउस ब्रोकर का फोन आया और उसने कहा कि कोई मेरा घर किराए पर लेना चाहता है. मैंने हां बोल दिया लेकिन तभी उसने किरायेदार का नाम बताया और वो नाम सुनकर मैं चौंक गया - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67659830</guid><pubDate>Sun, 07 Sep 2025 05:30:33 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67659830/07_sep_25_story_box_rent_agreement_7_september_128.mp3" length="9901871" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सैलून पर मैंने अभी शेव बनवाना शुरु ही किया था कि मेरे हाउस ब्रोकर का फोन आया और उसने कहा कि कोई मेरा घर किराए पर लेना चाहता है. मैंने हां बोल दिया लेकिन तभी उसने किरायेदार का नाम बताया और वो नाम सुनकर मैं चौंक गया - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सैलून पर मैंने अभी शेव बनवाना शुरु ही किया था कि मेरे हाउस ब्रोकर का फोन आया और उसने कहा कि कोई मेरा घर किराए पर लेना चाहता है. मैंने हां बोल दिया लेकिन तभी उसने किरायेदार का नाम बताया और वो नाम सुनकर मैं चौंक गया - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.]]></itunes:summary><itunes:duration>619</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c45f5bd09864eeddb7d9614d025a04d6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आतिश हुसैन के साले साहब | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/atisa-husaina-ke-sale-sahaba-storiboksa-vida-jamaseda--67567528</link><description><![CDATA[आतिश साहब को एक रोज़ सड़क पर एक औरत पर्चा पकड़ा गई जिसमें लिखा था कि ये पर्चा आगे एक हज़ार लोगों को छपवाकर बढ़ाइए, अब क्या करेंगे आतिश साहब... क्या वाकई पर्चा नहीं छपवाने पर कुछ बुरा होगा? सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67567528</guid><pubDate>Sun, 31 Aug 2025 05:22:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67567528/31_aug_25_story_box_aatish_ke_saale_31_augggggggg_128.mp3" length="17127131" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आतिश साहब को एक रोज़ सड़क पर एक औरत पर्चा पकड़ा गई जिसमें लिखा था कि ये पर्चा आगे एक हज़ार लोगों को छपवाकर बढ़ाइए, अब क्या करेंगे आतिश साहब... क्या वाकई पर्चा नहीं छपवाने पर कुछ बुरा होगा? सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आतिश साहब को एक रोज़ सड़क पर एक औरत पर्चा पकड़ा गई जिसमें लिखा था कि ये पर्चा आगे एक हज़ार लोगों को छपवाकर बढ़ाइए, अब क्या करेंगे आतिश साहब... क्या वाकई पर्चा नहीं छपवाने पर कुछ बुरा होगा? सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ]]></itunes:summary><itunes:duration>1071</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8834bb2e992e83a8ad05a45685db4ddd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दो जादूगर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/do-jadugara-storiboksa-vida-jamaseda--67492540</link><description><![CDATA[एक ट्रेन में मिले दो जादूगर और एक-दूसरे को दिया चैंलेज. कौन है बड़ा जादूगर? उस्ताद और शागिर्द के बीच हुए जादू के मुकाबले में कौन जीता और किसकी हुई हार? सुनिए सत्यजीत रे की लिखी कहानी का ऑडियो वर्जन स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67492540</guid><pubDate>Sun, 24 Aug 2025 05:29:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67492540/25_aug_25_sb_25_aug_rework_128.mp3" length="26249090" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक ट्रेन में मिले दो जादूगर और एक-दूसरे को दिया चैंलेज. कौन है बड़ा जादूगर? उस्ताद और शागिर्द के बीच हुए जादू के मुकाबले में कौन जीता और किसकी हुई हार? सुनिए सत्यजीत रे की लिखी कहानी का ऑडियो वर्जन स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक ट्रेन में मिले दो जादूगर और एक-दूसरे को दिया चैंलेज. कौन है बड़ा जादूगर? उस्ताद और शागिर्द के बीच हुए जादू के मुकाबले में कौन जीता और किसकी हुई हार? सुनिए सत्यजीत रे की लिखी कहानी का ऑडियो वर्जन स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1641</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/987599a40e4ce4adabc989cc71929767.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पुरानी दिल्ली की नहारी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/purani-dilli-ki-nahari-storiboksa-vida-jamaseda--67398709</link><description><![CDATA[आजकल जो नहारी दिल्ली में मिलती है वो कोई नहारी है साहब? नहारी तो बंटवारे से पहले मिलती थी दिल्ली में. दुकान का नाम था गंजे भाई की नहारी. ऐसी नहारी कि अलीगढ़ से लेकर लाहौर तक से खाने वाले आते थे. सुनिए कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67398709</guid><pubDate>Sun, 17 Aug 2025 05:22:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67398709/17_aug_25_story_box_purani_dilli_17_aug_128.mp3" length="13885440" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आजकल जो नहारी दिल्ली में मिलती है वो कोई नहारी है साहब? नहारी तो बंटवारे से पहले मिलती थी दिल्ली में. दुकान का नाम था गंजे भाई की नहारी. ऐसी नहारी कि अलीगढ़ से लेकर लाहौर तक से खाने वाले आते थे. सुनिए कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आजकल जो नहारी दिल्ली में मिलती है वो कोई नहारी है साहब? नहारी तो बंटवारे से पहले मिलती थी दिल्ली में. दुकान का नाम था गंजे भाई की नहारी. ऐसी नहारी कि अलीगढ़ से लेकर लाहौर तक से खाने वाले आते थे. सुनिए कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>868</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d8430def2fea00795fd1d908a6dd1e8c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वो कौन था? | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vo-kauna-tha-storiboksa-vida-jamaseda--67317190</link><description><![CDATA[पारितोष साहब के घर के पास उस शाम मैंने जिस आदमी को देखा वो कौन था और क्या ये सिर्फ़ इत्तिफ़ाक था कि जिस दिन शैंकी गायब हुआ और पारितोष साहब की मौत हुई, वो उस दिन भी दिखाई दिया था - सुनिए नई थ्रिलर कहानी 'वो कौन था' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67317190</guid><pubDate>Sun, 10 Aug 2025 05:03:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67317190/10_aug_25_storybox_woh_kaun_tha_128.mp3" length="17735680" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पारितोष साहब के घर के पास उस शाम मैंने जिस आदमी को देखा वो कौन था और क्या ये सिर्फ़ इत्तिफ़ाक था कि जिस दिन शैंकी गायब हुआ और पारितोष साहब की मौत हुई, वो उस दिन भी दिखाई दिया था - सुनिए नई थ्रिलर कहानी 'वो कौन था' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पारितोष साहब के घर के पास उस शाम मैंने जिस आदमी को देखा वो कौन था और क्या ये सिर्फ़ इत्तिफ़ाक था कि जिस दिन शैंकी गायब हुआ और पारितोष साहब की मौत हुई, वो उस दिन भी दिखाई दिया था - सुनिए नई थ्रिलर कहानी 'वो कौन था' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1109</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e1dc54744fe2d9d7f56cdf41b8efbbbb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चचा छक्कन | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/caca-chakkana-storiboksa-vida-jamaseda--67234434</link><description><![CDATA[चचा छक्कन वो आदमी थी कि जैसे ही वो पेंचकस लेकर ख़राब रेडियो खोलने बैठते थे घर वाले नया रेडियो खरीदने का मन बना लेते थे. जानते थे कि जिस चीज़ पर हाथ रख दिया वो खराब होकर रहेगी. एक दिन चचा के ज़िम्मे एक काम आ गया. काम बस इतना था कि एक तस्वीर दीवार पर टांगनी थी. क्या क्या हुआ तस्वीर टांगने में... सुनिए स्टोरीबॉक्स विद जमशेद में इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कहानी  'चचा छक्कन']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67234434</guid><pubDate>Sun, 03 Aug 2025 05:20:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67234434/03_aug_25_storybox_chacha_hathodi_128.mp3" length="16759327" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चचा छक्कन वो आदमी थी कि जैसे ही वो पेंचकस लेकर ख़राब रेडियो खोलने बैठते थे घर वाले नया रेडियो खरीदने का मन बना लेते थे. जानते थे कि जिस चीज़ पर हाथ रख दिया वो खराब होकर रहेगी. एक दिन चचा के ज़िम्मे एक काम आ गया. काम बस इतना था कि एक तस्वीर दीवार पर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चचा छक्कन वो आदमी थी कि जैसे ही वो पेंचकस लेकर ख़राब रेडियो खोलने बैठते थे घर वाले नया रेडियो खरीदने का मन बना लेते थे. जानते थे कि जिस चीज़ पर हाथ रख दिया वो खराब होकर रहेगी. एक दिन चचा के ज़िम्मे एक काम आ गया. काम बस इतना था कि एक तस्वीर दीवार पर टांगनी थी. क्या क्या हुआ तस्वीर टांगने में... सुनिए स्टोरीबॉक्स विद जमशेद में इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कहानी  'चचा छक्कन']]></itunes:summary><itunes:duration>1048</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9f3814d6e6282a3e5238eeb489b84d27.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ये कार बिकाऊ है | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ye-kara-bika-u-hai-storiboksa-vida-jamaseda--67138314</link><description><![CDATA[अगर आप एक पुरानी कार ख़रीदना चाहते हैं तो ध्यान दें। कार वैसे बढ़िया है लेकिन कभी कभी स्पीड ब्रेकर आने पर बोनट खुल कर खड़ा हो जाता है, और गियर वाला लीवर थोड़ा ढीला है तो अपने आप रिवर्स में गिर जाता है जिसकी वजह से गाड़ी सड़क पर आगे जाते-जाते अचानक पीछे चलने लगती है। हॉर्न थोड़ा प्लैनिंग के साथ बजाना पड़ता है यानि अगर आप अभी दबाएंगे तो तीन गली बाद जाकर बजेगा - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67138314</guid><pubDate>Sun, 27 Jul 2025 05:12:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67138314/27_jul_25_story_box_car_26_july_128.mp3" length="12137952" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अगर आप एक पुरानी कार ख़रीदना चाहते हैं तो ध्यान दें। कार वैसे बढ़िया है लेकिन कभी कभी स्पीड ब्रेकर आने पर बोनट खुल कर खड़ा हो जाता है, और गियर वाला लीवर थोड़ा ढीला है तो अपने आप रिवर्स में गिर जाता है जिसकी वजह से गाड़ी सड़क पर आगे जाते-जाते अचानक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अगर आप एक पुरानी कार ख़रीदना चाहते हैं तो ध्यान दें। कार वैसे बढ़िया है लेकिन कभी कभी स्पीड ब्रेकर आने पर बोनट खुल कर खड़ा हो जाता है, और गियर वाला लीवर थोड़ा ढीला है तो अपने आप रिवर्स में गिर जाता है जिसकी वजह से गाड़ी सड़क पर आगे जाते-जाते अचानक पीछे चलने लगती है। हॉर्न थोड़ा प्लैनिंग के साथ बजाना पड़ता है यानि अगर आप अभी दबाएंगे तो तीन गली बाद जाकर बजेगा - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>759</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/770b139d1282c878244081053888c893.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक चोर की कहानी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-cora-ki-kahani-storiboksa-vida-jamaseda--67042559</link><description><![CDATA[आधी रात को गांव में शोर मचा "चोर.. चोर" लोग अपने घरों से निकलकर आवाज़ की तरफ भागे. किसी ने बताया कि चोर उस खेत में घुस गया है... सब लोग उसी तरफ भागे...एक ने कहा, "खेत को आग लगा देते हैं, खुद बाहर आएगा" जिसका खेत था वो लोगों के पैरों में गिर गया कि ऐसा मत करो, बहुत नुकसान हो जाएगा लेकिन लोग सुनने को तैयार नहीं थे, वो बस चोर को खत्म कर देना चाहते थे.. तभी एक शख्स ने माचिस निकाली - सुनिये श्रीलाल शुक्ल की लिखी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67042559</guid><pubDate>Sun, 20 Jul 2025 05:15:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67042559/20_jul_25_story_box_chor_20_july_128.mp3" length="17839333" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आधी रात को गांव में शोर मचा "चोर.. चोर" लोग अपने घरों से निकलकर आवाज़ की तरफ भागे. किसी ने बताया कि चोर उस खेत में घुस गया है... सब लोग उसी तरफ भागे...एक ने कहा, "खेत को आग लगा देते हैं, खुद बाहर आएगा" जिसका खेत था वो लोगों के पैरों में गिर गया कि ऐसा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आधी रात को गांव में शोर मचा "चोर.. चोर" लोग अपने घरों से निकलकर आवाज़ की तरफ भागे. किसी ने बताया कि चोर उस खेत में घुस गया है... सब लोग उसी तरफ भागे...एक ने कहा, "खेत को आग लगा देते हैं, खुद बाहर आएगा" जिसका खेत था वो लोगों के पैरों में गिर गया कि ऐसा मत करो, बहुत नुकसान हो जाएगा लेकिन लोग सुनने को तैयार नहीं थे, वो बस चोर को खत्म कर देना चाहते थे.. तभी एक शख्स ने माचिस निकाली - सुनिये श्रीलाल शुक्ल की लिखी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1115</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/81f2e1192cc751b248abdd1f8d996f0d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शायरी की बीमारी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sayari-ki-bimari-storiboksa-vida-jamaseda--66961007</link><description><![CDATA[आग़ा शिराज़ी साहब वैसे तो नेक आदमी थे लेकिन उनको एक बीमारी थी कि हर बात के लिए उनके पास चार शेर होते थे. अगर आप कभी कहें कि मुझे दिल का दौरा पड़ रहा है और मैं मरने वाला हूं एंबुलेंस बुला दीजिए तो कहेंगे "बुलाता हूं लेकिन पहले मौत पर चार शेर सुन लीजिए" - सुनिये एक सनकी शायर की मज़ेदार कहानी स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66961007</guid><pubDate>Sun, 13 Jul 2025 05:13:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66961007/13_jul_25_story_box_13_julyyyyyyyyyyy_128.mp3" length="16057991" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आग़ा शिराज़ी साहब वैसे तो नेक आदमी थे लेकिन उनको एक बीमारी थी कि हर बात के लिए उनके पास चार शेर होते थे. अगर आप कभी कहें कि मुझे दिल का दौरा पड़ रहा है और मैं मरने वाला हूं एंबुलेंस बुला दीजिए तो कहेंगे "बुलाता हूं लेकिन पहले मौत पर चार शेर सुन लीजिए"...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आग़ा शिराज़ी साहब वैसे तो नेक आदमी थे लेकिन उनको एक बीमारी थी कि हर बात के लिए उनके पास चार शेर होते थे. अगर आप कभी कहें कि मुझे दिल का दौरा पड़ रहा है और मैं मरने वाला हूं एंबुलेंस बुला दीजिए तो कहेंगे "बुलाता हूं लेकिन पहले मौत पर चार शेर सुन लीजिए" - सुनिये एक सनकी शायर की मज़ेदार कहानी स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>1004</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eb35a8817d876f4dea12dcdf39b6fa65.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दफ़्तर का एक दिन | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/daftara-ka-eka-dina-storiboksa-vida-jamaseda--66872997</link><description><![CDATA[ये जो सुबह सुबह बड़े शहरों में आप टिफिन कंधे पर लटकाए मल्टी नैशनल कंपनियों की शीशे की ऊंची-ऊंची इमारतों में दाखिल होते हुए देखते हैं, ये लोग ऑफ़िसों में पूरे दिन क्या करते हैं - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ सुनिये 'दफ्तर का एक दिन' में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66872997</guid><pubDate>Sun, 06 Jul 2025 05:15:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66872997/06_jul_25_story_box_office_6_july_final_128.mp3" length="13492558" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये जो सुबह सुबह बड़े शहरों में आप टिफिन कंधे पर लटकाए मल्टी नैशनल कंपनियों की शीशे की ऊंची-ऊंची इमारतों में दाखिल होते हुए देखते हैं, ये लोग ऑफ़िसों में पूरे दिन क्या करते हैं - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ सुनिये 'दफ्तर का एक दिन' में</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये जो सुबह सुबह बड़े शहरों में आप टिफिन कंधे पर लटकाए मल्टी नैशनल कंपनियों की शीशे की ऊंची-ऊंची इमारतों में दाखिल होते हुए देखते हैं, ये लोग ऑफ़िसों में पूरे दिन क्या करते हैं - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ सुनिये 'दफ्तर का एक दिन' में]]></itunes:summary><itunes:duration>844</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fcf207af7408c6ae82634da14837a630.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सिगरेट पीने वाले लोग | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sigareta-pine-vale-loga-storiboksa-vida-jamaseda--66791872</link><description><![CDATA[सिगरेट पीने वाले दो लोगों की दोस्ती तब होती है जब वो साथ में सिगरेट पीते हैं, वो दोस्ती पक्की तब होती है जब वो एक-दूसरे की सिगरेट पीने लगते हैं और पक्की दोस्ती जिगरी दोस्ती में तब बदलती है जब वो सिगरेट के चक्कर में आपस में झगड़ा करने लगते हैं - सुनिये "सिगरेट पीने वाले लोग" स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66791872</guid><pubDate>Sun, 29 Jun 2025 05:19:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66791872/29_jun_25_cigeratte_peene_wale_storybox_29_june_128.mp3" length="12997276" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सिगरेट पीने वाले दो लोगों की दोस्ती तब होती है जब वो साथ में सिगरेट पीते हैं, वो दोस्ती पक्की तब होती है जब वो एक-दूसरे की सिगरेट पीने लगते हैं और पक्की दोस्ती जिगरी दोस्ती में तब बदलती है जब वो सिगरेट के चक्कर में आपस में झगड़ा करने लगते हैं - सुनिये...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सिगरेट पीने वाले दो लोगों की दोस्ती तब होती है जब वो साथ में सिगरेट पीते हैं, वो दोस्ती पक्की तब होती है जब वो एक-दूसरे की सिगरेट पीने लगते हैं और पक्की दोस्ती जिगरी दोस्ती में तब बदलती है जब वो सिगरेट के चक्कर में आपस में झगड़ा करने लगते हैं - सुनिये "सिगरेट पीने वाले लोग" स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>813</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dbc7f8f1a63d7667d248255369b37608.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मुखर्जी बाबू की डायरी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mukharji-babu-ki-dayari-storiboksa-vida-jamaseda--66685699</link><description><![CDATA[लंदन में रहने वाले मुखर्जी साहब के पास एक डायरी थी जिसमें उन तमाम ख़ूबसूरत औरतों के नाम थे जो उनसे पिछले 15 सालों में मिली थीं. जब भी उनके पास कुछ फ़ुर्सत होती तो डायरी खोलते और लाइन से लिखे नामों पर फोन करने लगते. उन्होंने नामों के आगे ये भी लिख रखा था कि आखिरी बार बात हुई थी तो क्या बात हुई थी. फोन करते ही उसी बात से बात शुरु करते ताकि लगे कि पुरानी जान पहचान है. उस रोज़ भी वो कोई खास मसरूफ़ नहीं थे - सुनिये कहानी 'मुखर्जी साहब की डायरी' STORYBOX में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66685699</guid><pubDate>Sun, 22 Jun 2025 05:04:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66685699/22_jun_25_story_box_mukherji_20_june_128.mp3" length="19884408" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>लंदन में रहने वाले मुखर्जी साहब के पास एक डायरी थी जिसमें उन तमाम ख़ूबसूरत औरतों के नाम थे जो उनसे पिछले 15 सालों में मिली थीं. जब भी उनके पास कुछ फ़ुर्सत होती तो डायरी खोलते और लाइन से लिखे नामों पर फोन करने लगते. उन्होंने नामों के आगे ये भी लिख रखा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[लंदन में रहने वाले मुखर्जी साहब के पास एक डायरी थी जिसमें उन तमाम ख़ूबसूरत औरतों के नाम थे जो उनसे पिछले 15 सालों में मिली थीं. जब भी उनके पास कुछ फ़ुर्सत होती तो डायरी खोलते और लाइन से लिखे नामों पर फोन करने लगते. उन्होंने नामों के आगे ये भी लिख रखा था कि आखिरी बार बात हुई थी तो क्या बात हुई थी. फोन करते ही उसी बात से बात शुरु करते ताकि लगे कि पुरानी जान पहचान है. उस रोज़ भी वो कोई खास मसरूफ़ नहीं थे - सुनिये कहानी 'मुखर्जी साहब की डायरी' STORYBOX में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1243</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bb8daf0db5373799a1f8c4d8d807061f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पापा की कलाई घड़ी | स्टोरीबॉक्स</title><link>https://www.spreaker.com/episode/papa-ki-kala-i-ghari-storiboksa--66562792</link><description><![CDATA[दुनिया का हर पिता अपनी औलाद की खुशी के लिए तो जीता है. बच्चे की एक मुस्कुराहट के लिए खुद को थोड़ा-थोड़ा रोज़ खत्म करता है. सुनिये कहानी पापा की कलाई घड़ी, सिर्फ स्टोरीबॉक्स पर ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66562792</guid><pubDate>Sun, 15 Jun 2025 05:21:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66562792/15_jun_25_story_box_15_june_papa_ki_ghadi_128.mp3" length="9778991" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दुनिया का हर पिता अपनी औलाद की खुशी के लिए तो जीता है. बच्चे की एक मुस्कुराहट के लिए खुद को थोड़ा-थोड़ा रोज़ खत्म करता है. सुनिये कहानी पापा की कलाई घड़ी, सिर्फ स्टोरीबॉक्स पर </itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दुनिया का हर पिता अपनी औलाद की खुशी के लिए तो जीता है. बच्चे की एक मुस्कुराहट के लिए खुद को थोड़ा-थोड़ा रोज़ खत्म करता है. सुनिये कहानी पापा की कलाई घड़ी, सिर्फ स्टोरीबॉक्स पर ]]></itunes:summary><itunes:duration>612</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2905dc2f64501bb90c00e11f501ffbd0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/inspektara-matadina-canda-para-storiboksa-vida-jamaseda--66458323</link><description><![CDATA[चांद की सरकार को ये सिखाने के लिए कि कम मेहनत में ज़्यादा क्रिमिनल कैसे पकड़े जाएं, देश की सरकार ने अपने कर्मठ कर्मचारी इंस्पेक्टर मातादीन को चांद पर भेजने का फैसला किया. फिर क्या हुआ? जानने के लिए सुनिए हरिशंकर परसाई की लिखी कहानी ‘इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर’, स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66458323</guid><pubDate>Sun, 08 Jun 2025 06:58:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66458323/08_jun_25_storybox_matadeen_128.mp3" length="17736515" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चांद की सरकार को ये सिखाने के लिए कि कम मेहनत में ज़्यादा क्रिमिनल कैसे पकड़े जाएं, देश की सरकार ने अपने कर्मठ कर्मचारी इंस्पेक्टर मातादीन को चांद पर भेजने का फैसला किया. फिर क्या हुआ? जानने के लिए सुनिए हरिशंकर परसाई की लिखी कहानी ‘इंस्पेक्टर मातादीन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चांद की सरकार को ये सिखाने के लिए कि कम मेहनत में ज़्यादा क्रिमिनल कैसे पकड़े जाएं, देश की सरकार ने अपने कर्मठ कर्मचारी इंस्पेक्टर मातादीन को चांद पर भेजने का फैसला किया. फिर क्या हुआ? जानने के लिए सुनिए हरिशंकर परसाई की लिखी कहानी ‘इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर’, स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.]]></itunes:summary><itunes:duration>1109</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c9d1f91d1522e116295fbf388ef95483.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मेरी पुरानी कमीज़ | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/meri-purani-kamiza-storiboksa-vida-jamaseda--66354194</link><description><![CDATA[आदमी के कपड़े क्या उसकी शख्सियत तय करते हैं? कोई कहता है हां और कोई कहना है ना, तो भइय्या मैंने अपनी बीवी से लगाई शर्त और फटी पुरानी कमीज़ पहनकर चल दिये डॉक्टर साहब की क्लीनिक. क्या हुआ वहां, सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से 'मेरी पुरानी कमीज़' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66354194</guid><pubDate>Sun, 01 Jun 2025 06:04:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66354194/01_jun_25_story_box_30th_may_128.mp3" length="10621178" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आदमी के कपड़े क्या उसकी शख्सियत तय करते हैं? कोई कहता है हां और कोई कहना है ना, तो भइय्या मैंने अपनी बीवी से लगाई शर्त और फटी पुरानी कमीज़ पहनकर चल दिये डॉक्टर साहब की क्लीनिक. क्या हुआ वहां, सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से 'मेरी पुरानी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आदमी के कपड़े क्या उसकी शख्सियत तय करते हैं? कोई कहता है हां और कोई कहना है ना, तो भइय्या मैंने अपनी बीवी से लगाई शर्त और फटी पुरानी कमीज़ पहनकर चल दिये डॉक्टर साहब की क्लीनिक. क्या हुआ वहां, सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से 'मेरी पुरानी कमीज़' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>664</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/492e319c3f78b976e180fc49e4571a74.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>तुम्हारे पास कोई दास्तां है? | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tumhare-pasa-ko-i-dastam-hai-storiboksa-vida-jamaseda--66263972</link><description><![CDATA[उसकी नींद का कमरा अजीब-अजीब सपनों के काले पर्दों से ढका था. घबरा कर उठ जाना जाने नियति थी या आदत लेकिन हर बार यूँ पसीने से लथपथ घबराई सी हालत में उठने के बाद वह सबसे पहले अपना चेहरा देखने की कोशिश करती. जब भी वह जागती तब गाल पर, हथेलियों पर, कलाईयों पर अलग अलग से निशान मिला करते. सुंदर होना उसके लिए अभिशाप बन गया था. सुनिए सुष्मा गुप्ता की लिखी कहानी 'तुम्हारे पास कोई दास्तां है' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66263972</guid><pubDate>Sun, 25 May 2025 05:38:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66263972/25_may_25_story_box_tumahre_paas_25_may_1_128.mp3" length="13640515" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उसकी नींद का कमरा अजीब-अजीब सपनों के काले पर्दों से ढका था. घबरा कर उठ जाना जाने नियति थी या आदत लेकिन हर बार यूँ पसीने से लथपथ घबराई सी हालत में उठने के बाद वह सबसे पहले अपना चेहरा देखने की कोशिश करती. जब भी वह जागती तब गाल पर, हथेलियों पर, कलाईयों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उसकी नींद का कमरा अजीब-अजीब सपनों के काले पर्दों से ढका था. घबरा कर उठ जाना जाने नियति थी या आदत लेकिन हर बार यूँ पसीने से लथपथ घबराई सी हालत में उठने के बाद वह सबसे पहले अपना चेहरा देखने की कोशिश करती. जब भी वह जागती तब गाल पर, हथेलियों पर, कलाईयों पर अलग अलग से निशान मिला करते. सुंदर होना उसके लिए अभिशाप बन गया था. सुनिए सुष्मा गुप्ता की लिखी कहानी 'तुम्हारे पास कोई दास्तां है' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>853</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/036d5735f840066f41d61f4ccd87e85a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पुराना चावल | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/purana-cavala-storiboksa-vida-jamaseda--66136622</link><description><![CDATA[किसकी बिरयानी सबसे बढ़िया? ये एक ऐसा सवाल है जिसको लेकर आए दिन हैदराबाद, लखनऊ और दिल्ली वाले आपस में तूतू-मैंमैं किया करते हैं. यही बहस एक दिन शुरु हो गयी मोहल्ले की चाय की टपरी पर जहां मौजूद थे एक हैदराबादी, एक लखनऊ और एक दिल्ली वाले. बहस में किस शहर की हुई जीत? सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66136622</guid><pubDate>Sun, 18 May 2025 06:25:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66136622/16_may_25_storybox_chawal_128.mp3" length="8158145" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>किसकी बिरयानी सबसे बढ़िया? ये एक ऐसा सवाल है जिसको लेकर आए दिन हैदराबाद, लखनऊ और दिल्ली वाले आपस में तूतू-मैंमैं किया करते हैं. यही बहस एक दिन शुरु हो गयी मोहल्ले की चाय की टपरी पर जहां मौजूद थे एक हैदराबादी, एक लखनऊ और एक दिल्ली वाले. बहस में किस शहर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[किसकी बिरयानी सबसे बढ़िया? ये एक ऐसा सवाल है जिसको लेकर आए दिन हैदराबाद, लखनऊ और दिल्ली वाले आपस में तूतू-मैंमैं किया करते हैं. यही बहस एक दिन शुरु हो गयी मोहल्ले की चाय की टपरी पर जहां मौजूद थे एक हैदराबादी, एक लखनऊ और एक दिल्ली वाले. बहस में किस शहर की हुई जीत? सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>510</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fd0d12d5e47803d238a8b4f003aa907d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्रेमी के साथ एक सफ़र | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/premi-ke-satha-eka-safara-storiboksa-vida-jamaseda--66035510</link><description><![CDATA[सामने वाली सीट पर बैठी उस लड़की को जब मैं देखने लगा तो काका बोले, "सुनो तुम मत देखो. मैं देख सकता हूं. इस देश में बूढ़े लोगों को प्रिवलेज मिला है कि वो किसी को भी देख सकते हैं लेकिन तुम मत देखो, तुम अभी जवान हो" पेश है सटायर के उस्ताद हरिशंकर परसाई की लिखी कहानी 'प्रेमी के साथ एक सफर']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66035510</guid><pubDate>Sun, 11 May 2025 06:17:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66035510/11_may_25_story_box_premi_11_may_128.mp3" length="12316839" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सामने वाली सीट पर बैठी उस लड़की को जब मैं देखने लगा तो काका बोले, "सुनो तुम मत देखो. मैं देख सकता हूं. इस देश में बूढ़े लोगों को प्रिवलेज मिला है कि वो किसी को भी देख सकते हैं लेकिन तुम मत देखो, तुम अभी जवान हो" पेश है सटायर के उस्ताद हरिशंकर परसाई की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सामने वाली सीट पर बैठी उस लड़की को जब मैं देखने लगा तो काका बोले, "सुनो तुम मत देखो. मैं देख सकता हूं. इस देश में बूढ़े लोगों को प्रिवलेज मिला है कि वो किसी को भी देख सकते हैं लेकिन तुम मत देखो, तुम अभी जवान हो" पेश है सटायर के उस्ताद हरिशंकर परसाई की लिखी कहानी 'प्रेमी के साथ एक सफर']]></itunes:summary><itunes:duration>770</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/76646ab73bab4798bc62e955c6d06e76.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>लखनऊ वाले चुस्सी पहलवान | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lakhana-u-vale-cus-si-pahalavana-storiboksa-vida-jamaseda--65899786</link><description><![CDATA[पुराने लखनऊ में अकबरी गेट के पास चाय की दुकानों पर अख़बार पढ़ते दिखाई देने वाले चुस्सी पहलवान को इस बार नया शिगूफ़ा मिला. ज़मीन के नीचे दबी गड़ी हुई दौलत तलाशने का. सुनिए कहानी ‘स्टोरीबॉक्स’ में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65899786</guid><pubDate>Sun, 04 May 2025 08:15:23 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65899786/04_may_25_storybox_pehalwaan_128.mp3" length="18029087" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पुराने लखनऊ में अकबरी गेट के पास चाय की दुकानों पर अख़बार पढ़ते दिखाई देने वाले चुस्सी पहलवान को इस बार नया शिगूफ़ा मिला. ज़मीन के नीचे दबी गड़ी हुई दौलत तलाशने का. सुनिए कहानी ‘स्टोरीबॉक्स’ में.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पुराने लखनऊ में अकबरी गेट के पास चाय की दुकानों पर अख़बार पढ़ते दिखाई देने वाले चुस्सी पहलवान को इस बार नया शिगूफ़ा मिला. ज़मीन के नीचे दबी गड़ी हुई दौलत तलाशने का. सुनिए कहानी ‘स्टोरीबॉक्स’ में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1127</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/80a0ac2dd8d5f00c9a16268c6fffcb05.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नफरत Online | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/napharata-online-storiboksa-vida-jamaseda--65758388</link><description><![CDATA[मुल्क में हालात खराब थे. हर तरफ नफरत की आग धधक रही थी. सोशल मीडिया पर दोनों तरफ से नाराज़गी साफ दिख रही थी. और ऐसे समय में समर्थ को अंसारी साहब के दरवाज़े पहुंचना था, उस गली में जहां उसका बचपन गुज़रा था, पर अब वो इलाका उसका 'अपना' नहीं रहा था. सुनिए पूरी कहानी 'नफरत ऑनलाइन' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65758388</guid><pubDate>Sun, 27 Apr 2025 05:49:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65758388/27_apr_25_story_box_naftrat_25_april_128.mp3" length="10758687" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मुल्क में हालात खराब थे. हर तरफ नफरत की आग धधक रही थी. सोशल मीडिया पर दोनों तरफ से नाराज़गी साफ दिख रही थी. और ऐसे समय में समर्थ को अंसारी साहब के दरवाज़े पहुंचना था, उस गली में जहां उसका बचपन गुज़रा था, पर अब वो इलाका उसका 'अपना' नहीं रहा था. सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मुल्क में हालात खराब थे. हर तरफ नफरत की आग धधक रही थी. सोशल मीडिया पर दोनों तरफ से नाराज़गी साफ दिख रही थी. और ऐसे समय में समर्थ को अंसारी साहब के दरवाज़े पहुंचना था, उस गली में जहां उसका बचपन गुज़रा था, पर अब वो इलाका उसका 'अपना' नहीं रहा था. सुनिए पूरी कहानी 'नफरत ऑनलाइन' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>673</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c9ee9694b4f236c1960a9e30b459ba32.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मुझे मरे हुए लोग दिखते हैं | हॉरर स्टोरी| स्टोरीबॉक्स</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mujhe-mare-hu-e-loga-dikhate-haim-horara-stori-storiboksa--65639467</link><description><![CDATA[वो सात साल का बच्चा स्कूल के अकेले कमरे में किससे बातें करता था? वो कौन था जो हमेशा उसके साथ रहता था लेकिन और किसी को दिखाई नहीं देता था? सुनिए कहानी 'मुझे मरे हुए लोग दिखते हैं' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65639467</guid><pubDate>Sun, 20 Apr 2025 05:49:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65639467/19_apr_25_story_box_mare_hue_log_18_april_128.mp3" length="22059885" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो सात साल का बच्चा स्कूल के अकेले कमरे में किससे बातें करता था? वो कौन था जो हमेशा उसके साथ रहता था लेकिन और किसी को दिखाई नहीं देता था? सुनिए कहानी 'मुझे मरे हुए लोग दिखते हैं' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो सात साल का बच्चा स्कूल के अकेले कमरे में किससे बातें करता था? वो कौन था जो हमेशा उसके साथ रहता था लेकिन और किसी को दिखाई नहीं देता था? सुनिए कहानी 'मुझे मरे हुए लोग दिखते हैं' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1379</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/118e770532c0da6489a3cc09c042fb67.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अल्लाह मियां का बैंगन | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/allaha-miyam-ka-baingana-storiboksa-vida-jamaseda--65554670</link><description><![CDATA[जब जेब में आखिरी अठन्नी बची तो मैं बाज़ार से बैंगन खरीद लाया लेकिन बावर्ची खाने में जब बीवी ने बैंगन को काटा तो उसमें उसे कुछ अजीब सा निशान दिखाई दिया जिसे ग़ौर से देखो तो लग रहा था 'अल्लाह' लिखा है - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी अल्लाह मियां का बैंगन]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65554670</guid><pubDate>Sun, 13 Apr 2025 05:17:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65554670/13_apr_25_story_box_baigan_128.mp3" length="10000091" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जब जेब में आखिरी अठन्नी बची तो मैं बाज़ार से बैंगन खरीद लाया लेकिन बावर्ची खाने में जब बीवी ने बैंगन को काटा तो उसमें उसे कुछ अजीब सा निशान दिखाई दिया जिसे ग़ौर से देखो तो लग रहा था 'अल्लाह' लिखा है - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी अल्लाह मियां का बैंगन</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जब जेब में आखिरी अठन्नी बची तो मैं बाज़ार से बैंगन खरीद लाया लेकिन बावर्ची खाने में जब बीवी ने बैंगन को काटा तो उसमें उसे कुछ अजीब सा निशान दिखाई दिया जिसे ग़ौर से देखो तो लग रहा था 'अल्लाह' लिखा है - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी अल्लाह मियां का बैंगन]]></itunes:summary><itunes:duration>626</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b07012a3f01060b2f6796a5b23f12f40.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वो जीनियस लड़का | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vo-jiniyasa-laraka-storiboksa-vida-jamaseda--65377333</link><description><![CDATA[वो लड़का हर सवाल के सही जवाब देता था चाहे आप उससे इतिहास पर पूछिए या राजनीति पर, धर्म पर पूछिये या विज्ञान पर. उसे सब पता था लेकिन उस जीनियस लड़के की एक बचकानी ख्वाहिश भी थी जो कोई नहीं जानता था. सुनिये स्टोरीबॉक्स में कहानी - वो जीनियस लड़का]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65377333</guid><pubDate>Sun, 06 Apr 2025 06:57:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65377333/06_apr_25_story_box_genius_6_april_128.mp3" length="14046772" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो लड़का हर सवाल के सही जवाब देता था चाहे आप उससे इतिहास पर पूछिए या राजनीति पर, धर्म पर पूछिये या विज्ञान पर. उसे सब पता था लेकिन उस जीनियस लड़के की एक बचकानी ख्वाहिश भी थी जो कोई नहीं जानता था. सुनिये स्टोरीबॉक्स में कहानी - वो जीनियस लड़का</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो लड़का हर सवाल के सही जवाब देता था चाहे आप उससे इतिहास पर पूछिए या राजनीति पर, धर्म पर पूछिये या विज्ञान पर. उसे सब पता था लेकिन उस जीनियस लड़के की एक बचकानी ख्वाहिश भी थी जो कोई नहीं जानता था. सुनिये स्टोरीबॉक्स में कहानी - वो जीनियस लड़का]]></itunes:summary><itunes:duration>878</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2e0de7a3b41a2d55075e4531ccdee5e3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आशिक़ अली की ईद मुबारक | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/asiqa-ali-ki-ida-mubaraka-storiboksa-vida-jamaseda--65228617</link><description><![CDATA[आशिक़ अली ने ईद का दिन चुना था अपनी मुहब्बत के इज़हार के लिए लेकिन क्या उन्हें मिल पाएगी मुहब्बत की ईदी? सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65228617</guid><pubDate>Sun, 30 Mar 2025 04:47:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65228617/30_mar_25_story_box_eid_30_march_128.mp3" length="13892963" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आशिक़ अली ने ईद का दिन चुना था अपनी मुहब्बत के इज़हार के लिए लेकिन क्या उन्हें मिल पाएगी मुहब्बत की ईदी? सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आशिक़ अली ने ईद का दिन चुना था अपनी मुहब्बत के इज़हार के लिए लेकिन क्या उन्हें मिल पाएगी मुहब्बत की ईदी? सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>869</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/52a1e4466a0dd815e4077f3e39f4c691.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कलकत्ता की एक रात | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद </title><link>https://www.spreaker.com/episode/kalakatta-ki-eka-rata-storiboksa-vida-jamaseda--65042590</link><description><![CDATA[अजनबी शहर में उस अजनबी औरत ने अचानक मेरे कान के पास आकर कहा, "सच जानना है तो मेरे साथ आइये" पता नहीं मैं उसकी खूबसूरती से मुतास्सिर था या उसके अंदाज़ से मैं उसके पीछे चल दिया - सुनिए चतुर्सेन शास्त्री की कहानी 'कलकत्ता की एक रात' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65042590</guid><pubDate>Sun, 23 Mar 2025 06:24:00 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65042590/25_mar_25_story_box_calcutta_23_march_revised_128.mp3" length="25736672" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अजनबी शहर में उस अजनबी औरत ने अचानक मेरे कान के पास आकर कहा, "सच जानना है तो मेरे साथ आइये" पता नहीं मैं उसकी खूबसूरती से मुतास्सिर था या उसके अंदाज़ से मैं उसके पीछे चल दिया - सुनिए चतुर्सेन शास्त्री की कहानी 'कलकत्ता की एक रात' स्टोरीबॉक्स में जमशेद...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अजनबी शहर में उस अजनबी औरत ने अचानक मेरे कान के पास आकर कहा, "सच जानना है तो मेरे साथ आइये" पता नहीं मैं उसकी खूबसूरती से मुतास्सिर था या उसके अंदाज़ से मैं उसके पीछे चल दिया - सुनिए चतुर्सेन शास्त्री की कहानी 'कलकत्ता की एक रात' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1609</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/185f118681c7b5d4d5e04163c1b50818.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जिलानी साहब की दावत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jilani-sahaba-ki-davata-storiboksa-vida-jamaseda--64910899</link><description><![CDATA[जिलानी साहब के बेटे की सगाई में बड़ी दावत का इंतज़ाम था लेकिन ऐन वक्त पर जब लोग खाने का लुत्फ़ ले रहे थे तो पता चला कि कुछ लोग बिन बुलाए दावत में घुस आए हैं - कैसे पकड़ेंगे उन बिन बुलाए लोगों को जिलानी साहब - सुनिए  स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64910899</guid><pubDate>Sun, 16 Mar 2025 06:18:14 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64910899/17_mar_25_storybox_updated_128.mp3" length="14370690" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जिलानी साहब के बेटे की सगाई में बड़ी दावत का इंतज़ाम था लेकिन ऐन वक्त पर जब लोग खाने का लुत्फ़ ले रहे थे तो पता चला कि कुछ लोग बिन बुलाए दावत में घुस आए हैं - कैसे पकड़ेंगे उन बिन बुलाए लोगों को जिलानी साहब - सुनिए  स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जिलानी साहब के बेटे की सगाई में बड़ी दावत का इंतज़ाम था लेकिन ऐन वक्त पर जब लोग खाने का लुत्फ़ ले रहे थे तो पता चला कि कुछ लोग बिन बुलाए दावत में घुस आए हैं - कैसे पकड़ेंगे उन बिन बुलाए लोगों को जिलानी साहब - सुनिए  स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>899</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bf44659b82ae4462b8da659e95720138.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शेष रहेगा प्रेम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sesa-rahega-prema-storiboksa-vida-jamaseda--64772672</link><description><![CDATA[नब्बे के दशक की एक उदास प्रेम कहानी जिसमें तृष्णा और केशव ने प्रेम की एक नई परिभाषा गढ़ी जो सदियों तक याद की जाएगी. सुनिए रश्मि कुलश्रेष्ठ की लिखी कहानी 'शेष रहेगा प्रेम' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64772672</guid><pubDate>Sun, 09 Mar 2025 07:11:36 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64772672/09_mar_25_storybox_sheh_ranga_prem_128.mp3" length="16637701" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नब्बे के दशक की एक उदास प्रेम कहानी जिसमें तृष्णा और केशव ने प्रेम की एक नई परिभाषा गढ़ी जो सदियों तक याद की जाएगी. सुनिए रश्मि कुलश्रेष्ठ की लिखी कहानी 'शेष रहेगा प्रेम' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नब्बे के दशक की एक उदास प्रेम कहानी जिसमें तृष्णा और केशव ने प्रेम की एक नई परिभाषा गढ़ी जो सदियों तक याद की जाएगी. सुनिए रश्मि कुलश्रेष्ठ की लिखी कहानी 'शेष रहेगा प्रेम' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1040</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e02b5f8f5753fa4a74df99b76257a1f8.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शापित? स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sapita-storiboksa-vida-jamaseda--64652924</link><description><![CDATA[एक ज़मीन जो अपनों का खून मांगती थी और उसके बदले में देती थी लहलहाती फसल. ज़मीन से पैदावार निकालने के इस लालच भरे खेल में बहा बेइंतिहा खून और काट कर डाल दी गयी अपनों की लाशें - सुनिए पूरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64652924</guid><pubDate>Sun, 02 Mar 2025 05:05:53 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64652924/04_mar_25_story_box_28_feb_revise_128.mp3" length="20516362" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक ज़मीन जो अपनों का खून मांगती थी और उसके बदले में देती थी लहलहाती फसल. ज़मीन से पैदावार निकालने के इस लालच भरे खेल में बहा बेइंतिहा खून और काट कर डाल दी गयी अपनों की लाशें - सुनिए पूरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.&#13;
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साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक ज़मीन जो अपनों का खून मांगती थी और उसके बदले में देती थी लहलहाती फसल. ज़मीन से पैदावार निकालने के इस लालच भरे खेल में बहा बेइंतिहा खून और काट कर डाल दी गयी अपनों की लाशें - सुनिए पूरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>1283</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/231b6414c09b35a05101871bc61f887a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मां कहां है? | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mam-kaham-hai-storiboksa-vida-jamaseda--64521752</link><description><![CDATA[नफ़रत की आग में पूरा शहर जल रहा था. हर तरफ लाशों के ढेर लगे थे. कहीं से हर हर महादेव के नारे की आवाज़ आती थी कहीं से अल्लाह हुअकबर की. यूनुस खान नाम का बलोच अपने ट्रक से गुज़र रहा था कि उसे सड़क किनारे एक छोटी बच्ची खून से लथपथ दिखाई दी - सुनिए कृष्णा सोबती की लिखी कहानी 'मां कहां है'<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64521752</guid><pubDate>Sun, 23 Feb 2025 06:34:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64521752/22_feb_25_story_box_21_feb_128.mp3" length="12475245" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नफ़रत की आग में पूरा शहर जल रहा था. हर तरफ लाशों के ढेर लगे थे. कहीं से हर हर महादेव के नारे की आवाज़ आती थी कहीं से अल्लाह हुअकबर की. यूनुस खान नाम का बलोच अपने ट्रक से गुज़र रहा था कि उसे सड़क किनारे एक छोटी बच्ची खून से लथपथ दिखाई दी - सुनिए कृष्णा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नफ़रत की आग में पूरा शहर जल रहा था. हर तरफ लाशों के ढेर लगे थे. कहीं से हर हर महादेव के नारे की आवाज़ आती थी कहीं से अल्लाह हुअकबर की. यूनुस खान नाम का बलोच अपने ट्रक से गुज़र रहा था कि उसे सड़क किनारे एक छोटी बच्ची खून से लथपथ दिखाई दी - सुनिए कृष्णा सोबती की लिखी कहानी 'मां कहां है'<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>780</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a22ddea0d111dfc58f9fddaefac7d73c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मेरी मम्मी का लव लेटर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/meri-mam-mi-ka-lava-letara-storiboksa-vida-jamaseda--64400633</link><description><![CDATA[उस दोपहर घर के कबाड़ वाले कमरे में कुछ ढूंढते हुए मेरी नज़र एक पुरानी किताब पर पड़ी. धूल से पटी वो किताब कोई नॉवेल थी. मैंने उसे खोला तो अंदर से एक कागज़ सरक कर नीचे गिरा. मैंने पढ़ा तो वो ख़त उनके प्रेमी का था. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64400633</guid><pubDate>Sun, 16 Feb 2025 05:56:36 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64400633/16_feb_25_storybox_love_letter_16_feb_128.mp3" length="19621093" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस दोपहर घर के कबाड़ वाले कमरे में कुछ ढूंढते हुए मेरी नज़र एक पुरानी किताब पर पड़ी. धूल से पटी वो किताब कोई नॉवेल थी. मैंने उसे खोला तो अंदर से एक कागज़ सरक कर नीचे गिरा. मैंने पढ़ा तो वो ख़त उनके प्रेमी का था. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस दोपहर घर के कबाड़ वाले कमरे में कुछ ढूंढते हुए मेरी नज़र एक पुरानी किताब पर पड़ी. धूल से पटी वो किताब कोई नॉवेल थी. मैंने उसे खोला तो अंदर से एक कागज़ सरक कर नीचे गिरा. मैंने पढ़ा तो वो ख़त उनके प्रेमी का था. सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1227</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/240953499c46fbffbbb26f0cef566690.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वीकेंड के क्रांतिकारी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vikenda-ke-krantikari-storiboksa-vida-jamaseda--64278439</link><description><![CDATA[बहुत पुराने वक्त की बात है. एक शहर था जहां सब कुछ ठीक था. ठीक इसलिए था क्योंकि उस शहर में कोई किसी से शिकायत नहीं करता था. लोगों में ज़ब्त का बड़ा माददा था. उदास चेहरे , भूख और बेकारी तो थी लेकिन फिर भी सब कुछ ठीक था. लोग अपने शहर के हुक्मरान से प्यार करते थे. क्रांति स्थगित थीं क्योंकि क्रांतिकारियों को दफ़्तर से छुट्टी नहीं मिलती थी लेकिन हां कुछ क्रांतिकारी वक्त निकालकर वीकेंड-वीकेंड पर क्रांति करते थे. सुनिए कहानी 'वीकेंड के क्रांतिकारी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64278439</guid><pubDate>Sun, 09 Feb 2025 05:13:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64278439/11_feb_25_storybox_weekend_ki_kranti_rev_128.mp3" length="17337782" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बहुत पुराने वक्त की बात है. एक शहर था जहां सब कुछ ठीक था. ठीक इसलिए था क्योंकि उस शहर में कोई किसी से शिकायत नहीं करता था. लोगों में ज़ब्त का बड़ा माददा था. उदास चेहरे , भूख और बेकारी तो थी लेकिन फिर भी सब कुछ ठीक था. लोग अपने शहर के हुक्मरान से प्यार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बहुत पुराने वक्त की बात है. एक शहर था जहां सब कुछ ठीक था. ठीक इसलिए था क्योंकि उस शहर में कोई किसी से शिकायत नहीं करता था. लोगों में ज़ब्त का बड़ा माददा था. उदास चेहरे , भूख और बेकारी तो थी लेकिन फिर भी सब कुछ ठीक था. लोग अपने शहर के हुक्मरान से प्यार करते थे. क्रांति स्थगित थीं क्योंकि क्रांतिकारियों को दफ़्तर से छुट्टी नहीं मिलती थी लेकिन हां कुछ क्रांतिकारी वक्त निकालकर वीकेंड-वीकेंड पर क्रांति करते थे. सुनिए कहानी 'वीकेंड के क्रांतिकारी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1084</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a04ac32043ffb8ce384677f4c4ff7f7c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पहली सी मुहब्बत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pahali-si-muhabbata-storiboksa-vida-jamaseda--64140119</link><description><![CDATA[हम उस जेनरेशन से आते हैं जो इश्क़ करना फिल्मों से सीखती है जहां हर पल कुछ हो रहा होता है. कोई शरारत, कोई बात, कोई बातचीत. हम समझते हैं कि इश्क़ में ऐसा ही होता है और अगर ये नहीं है तो इश्क़ बोरिंग है लेकिन हकीकत ये है कि इश्क़ उन शादीशुदा पुराने लोगों के बीच भी होता है जो एक कमरे में बैठे बिना बात किये खामोशी से अपना अपना काम करते रहते हैं. उनका इश्क़ वक्त के साथ मैच्योर हो जाता है - सुनिये कहानी 'पहली सी मुहब्बत' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64140119</guid><pubDate>Sun, 02 Feb 2025 05:15:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64140119/05_feb_25_story_box_31st_jan_revise_128.mp3" length="20275617" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हम उस जेनरेशन से आते हैं जो इश्क़ करना फिल्मों से सीखती है जहां हर पल कुछ हो रहा होता है. कोई शरारत, कोई बात, कोई बातचीत. हम समझते हैं कि इश्क़ में ऐसा ही होता है और अगर ये नहीं है तो इश्क़ बोरिंग है लेकिन हकीकत ये है कि इश्क़ उन शादीशुदा पुराने लोगों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हम उस जेनरेशन से आते हैं जो इश्क़ करना फिल्मों से सीखती है जहां हर पल कुछ हो रहा होता है. कोई शरारत, कोई बात, कोई बातचीत. हम समझते हैं कि इश्क़ में ऐसा ही होता है और अगर ये नहीं है तो इश्क़ बोरिंग है लेकिन हकीकत ये है कि इश्क़ उन शादीशुदा पुराने लोगों के बीच भी होता है जो एक कमरे में बैठे बिना बात किये खामोशी से अपना अपना काम करते रहते हैं. उनका इश्क़ वक्त के साथ मैच्योर हो जाता है - सुनिये कहानी 'पहली सी मुहब्बत' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>1268</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/cfec257b19a5923c93eb37b3c962e9e0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मुझे बच्चों से बचाओ | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mujhe-baccom-se-baca-o-storiboksa-vida-jamaseda--63904375</link><description><![CDATA[हमारे मुहल्ले में एक साहब रहते हैं जिनके 6 बच्चे हैं और सारे के सारे बच्चे इतने शैतान कि जिस तरफ जाते हैं लगता है टिड्डी किसी खेत पर हमला करने जा रहे हैं. एक रोज़ वो साहब अपने सारे बच्चों और बीवी के साथ हमाए घर मोहल्लेदारी करने आ गए.  बच्चों ने पूरे घर का जायज़ा इस तरह लेना शुरु कर दिया जैसे वो किसी कमरे में नहीं, किसी जंगल में आए हों. उसके बाद दो बच्चों ने टार्ज़न की तरह खौफनाक चीख अपने हलक से निकाली और रेडियो की तरफ लपके - सुनिये कृष्ण चंदर की कहानी का एक हिस्सा 'मुझे बच्चों से बचाओ' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63904375</guid><pubDate>Sun, 26 Jan 2025 04:59:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63904375/26_jan_25_storybox_26_jan_128.mp3" length="12303882" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमारे मुहल्ले में एक साहब रहते हैं जिनके 6 बच्चे हैं और सारे के सारे बच्चे इतने शैतान कि जिस तरफ जाते हैं लगता है टिड्डी किसी खेत पर हमला करने जा रहे हैं. एक रोज़ वो साहब अपने सारे बच्चों और बीवी के साथ हमाए घर मोहल्लेदारी करने आ गए.  बच्चों ने पूरे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमारे मुहल्ले में एक साहब रहते हैं जिनके 6 बच्चे हैं और सारे के सारे बच्चे इतने शैतान कि जिस तरफ जाते हैं लगता है टिड्डी किसी खेत पर हमला करने जा रहे हैं. एक रोज़ वो साहब अपने सारे बच्चों और बीवी के साथ हमाए घर मोहल्लेदारी करने आ गए.  बच्चों ने पूरे घर का जायज़ा इस तरह लेना शुरु कर दिया जैसे वो किसी कमरे में नहीं, किसी जंगल में आए हों. उसके बाद दो बच्चों ने टार्ज़न की तरह खौफनाक चीख अपने हलक से निकाली और रेडियो की तरफ लपके - सुनिये कृष्ण चंदर की कहानी का एक हिस्सा 'मुझे बच्चों से बचाओ' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>769</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/90faab8b99de6a2dbe4a7c3e6dc6b27e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चलो एक बार फिर से | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/calo-eka-bara-phira-se-storiboksa-vida-jamaseda--63749210</link><description><![CDATA["दुनिया में औलाद और मां-बाप की ये कहानी हज़ारों बार दोहराई जा चुकी है पर ये कहानी है कि कभी पुरानी नहीं होती. ये कहानी तब तक दोहराई जाएगी जब तक औलादें उतनी मुहब्बत अपने मां-बाप से करना नहीं सीखेंगी. फिक्र मत करो, घर तुम्हारे नाम कर दिया है बेटा" - सुनिये उम्र के आखिरी मोड़ पर खड़े एक शख्स की आखिरी मुहब्बत और उसके बेटे की नाराज़गी की कहानी - चलो एक बार फिर से - स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63749210</guid><pubDate>Sun, 19 Jan 2025 06:41:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63749210/19_jan_25_sb_phir_se_ek_baar_128.mp3" length="25304502" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"दुनिया में औलाद और मां-बाप की ये कहानी हज़ारों बार दोहराई जा चुकी है पर ये कहानी है कि कभी पुरानी नहीं होती. ये कहानी तब तक दोहराई जाएगी जब तक औलादें उतनी मुहब्बत अपने मां-बाप से करना नहीं सीखेंगी. फिक्र मत करो, घर तुम्हारे नाम कर दिया है बेटा" -...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["दुनिया में औलाद और मां-बाप की ये कहानी हज़ारों बार दोहराई जा चुकी है पर ये कहानी है कि कभी पुरानी नहीं होती. ये कहानी तब तक दोहराई जाएगी जब तक औलादें उतनी मुहब्बत अपने मां-बाप से करना नहीं सीखेंगी. फिक्र मत करो, घर तुम्हारे नाम कर दिया है बेटा" - सुनिये उम्र के आखिरी मोड़ पर खड़े एक शख्स की आखिरी मुहब्बत और उसके बेटे की नाराज़गी की कहानी - चलो एक बार फिर से - स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1582</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/234c6becfc5f7bb4005db65a7d876eda.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कौन बशारत अली?  स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kauna-basarata-ali-storiboksa-vida-jamaseda--63661539</link><description><![CDATA[उनकी हर बात 'नहीं' से शुरु होती थी. मान लीजिए आप उनसे कहें कि आज बड़ी सर्दी है, वो कहेंगे "नहीं, कल ज़्यादा पड़ेगी" आप कहिए, "मैं कल सड़क पर फिसल कर गिर गया" वो फौरन कहेंगे, "नहीं, ये तो कुछ भी नहीं, मैं तो एक दफ़ा ऐसा फिसला था कि क्या बताऊं, हुआ यूं कि..." और फिर किस्सा शुरु कर देंगे. हमेशा चूड़ीदार पैजामा पहनते थे औक मूंछों पर ताव देते थे. पैजामा के इज़ारबंद में चाबियों का गुच्छा बंधा रहता था. उस गुच्छे में पुराने-पुराने ताले की चाबियां थी जिनके ताले खो चुके थे - वो कोई और नहीं बशारत अली ख़ान यानि मेरे ससुर साहब थे. सुनिए पूरा किस्सा स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63661539</guid><pubDate>Sun, 12 Jan 2025 04:16:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63661539/11_jan_25_story_box_bashrat_128.mp3" length="9029172" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उनकी हर बात 'नहीं' से शुरु होती थी. मान लीजिए आप उनसे कहें कि आज बड़ी सर्दी है, वो कहेंगे "नहीं, कल ज़्यादा पड़ेगी" आप कहिए, "मैं कल सड़क पर फिसल कर गिर गया" वो फौरन कहेंगे, "नहीं, ये तो कुछ भी नहीं, मैं तो एक दफ़ा ऐसा फिसला था कि क्या बताऊं, हुआ यूं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उनकी हर बात 'नहीं' से शुरु होती थी. मान लीजिए आप उनसे कहें कि आज बड़ी सर्दी है, वो कहेंगे "नहीं, कल ज़्यादा पड़ेगी" आप कहिए, "मैं कल सड़क पर फिसल कर गिर गया" वो फौरन कहेंगे, "नहीं, ये तो कुछ भी नहीं, मैं तो एक दफ़ा ऐसा फिसला था कि क्या बताऊं, हुआ यूं कि..." और फिर किस्सा शुरु कर देंगे. हमेशा चूड़ीदार पैजामा पहनते थे औक मूंछों पर ताव देते थे. पैजामा के इज़ारबंद में चाबियों का गुच्छा बंधा रहता था. उस गुच्छे में पुराने-पुराने ताले की चाबियां थी जिनके ताले खो चुके थे - वो कोई और नहीं बशारत अली ख़ान यानि मेरे ससुर साहब थे. सुनिए पूरा किस्सा स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>565</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/adcaf52028f30802b9e4bcbf3071a03b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दा निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/da-nizamuddina-eksapresa-storiboksa-vida-jamaseda--63579034</link><description><![CDATA[निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस में मिले दो अजनबी खेलते हैं ट्रेन में कौन सा ख़तरनाक खेल? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की नई थ्रिलर कहानी - दा निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63579034</guid><pubDate>Sun, 05 Jan 2025 07:53:13 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63579034/05_jan_25_sb_nizamuddin_station_128.mp3" length="21880581" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस में मिले दो अजनबी खेलते हैं ट्रेन में कौन सा ख़तरनाक खेल? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की नई थ्रिलर कहानी - दा निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस में मिले दो अजनबी खेलते हैं ट्रेन में कौन सा ख़तरनाक खेल? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की नई थ्रिलर कहानी - दा निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस]]></itunes:summary><itunes:duration>1368</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bb5c81459a546900a624da53339642b4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>The New Year Psycho | दा न्यू ईयर साइको | स्टोरीबॉक्स</title><link>https://www.spreaker.com/episode/the-new-year-psycho-da-n-yu-iyara-sa-iko-storiboksa--63504441</link><description><![CDATA[वो नए साल की रात थी... चैपल स्ट्रीट से घर लौटते एक शख्स को एक औरत की लाश पड़ी मिली... लाश का सर धड़ से अलग था. और उसे बेरहमी से मारा गया था. जिस्म के सारे नाखून खींच लिये गए थे और सर से सारे बाल नोच लिये गये थे. पुलिस को ख़बर की गयी लेकिन जबतक पुलिस पहुंची तब तक इलाके में एक और कत्ल हो गया. दो रोज़ के बाद<br /> पुलिस को एक खत मिला जिसमें कातिल ने कहा था कि कत्ल का ये सिलसिला अब तब ही रुकेगा जब इस दुनिया से आखिरी बेवफ़ा औरत भी खत्म हो जाएगी - सुनिए इतिहास के सबसे खूंखार सीरियल किलर की सच्ची घटना स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63504441</guid><pubDate>Sun, 29 Dec 2024 06:06:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63504441/29_dec_24_sb_jack_the_ripper_128.mp3" length="16035840" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो नए साल की रात थी... चैपल स्ट्रीट से घर लौटते एक शख्स को एक औरत की लाश पड़ी मिली... लाश का सर धड़ से अलग था. और उसे बेरहमी से मारा गया था. जिस्म के सारे नाखून खींच लिये गए थे और सर से सारे बाल नोच लिये गये थे. पुलिस को ख़बर की गयी लेकिन जबतक पुलिस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो नए साल की रात थी... चैपल स्ट्रीट से घर लौटते एक शख्स को एक औरत की लाश पड़ी मिली... लाश का सर धड़ से अलग था. और उसे बेरहमी से मारा गया था. जिस्म के सारे नाखून खींच लिये गए थे और सर से सारे बाल नोच लिये गये थे. पुलिस को ख़बर की गयी लेकिन जबतक पुलिस पहुंची तब तक इलाके में एक और कत्ल हो गया. दो रोज़ के बाद<br /> पुलिस को एक खत मिला जिसमें कातिल ने कहा था कि कत्ल का ये सिलसिला अब तब ही रुकेगा जब इस दुनिया से आखिरी बेवफ़ा औरत भी खत्म हो जाएगी - सुनिए इतिहास के सबसे खूंखार सीरियल किलर की सच्ची घटना स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1003</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/899f995df325a38c2b982a47f0580107.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मेरे पति की पतलून | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mere-pati-ki-pataluna-storiboksa-vida-jamaseda--63434926</link><description><![CDATA["तुम कहना क्या चाहती हो, क्या ये कह रही हो कि मैं नहाता नहीं हूं, मैं तो रोज़ नहाता हूं बल्कि दिन में दो बार नहाता हूं" - "देखिए, दो डोंगा पानी डाल कर पोछ लेने को नहाना नहीं कहते, कभी बाथरूम में रखी वो लाल रंग की टिकिया देखी है उसे साबुन कहते हैं, कभी इस्तेमाल की है वो" - "नहीं, मैं साबुन नहीं लगाता क्योंकि साबुन में तेज़ाबी चीज़ें होती हैं और उससे स्किन ख़राब हो जाती है" - सुनिए मंटो के लिखी एक कहानी का हिस्सा 'मेरे पति की पतलून' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63434926</guid><pubDate>Sun, 22 Dec 2024 06:31:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63434926/24_dec_24_sb_re_patloon_128.mp3" length="14318863" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"तुम कहना क्या चाहती हो, क्या ये कह रही हो कि मैं नहाता नहीं हूं, मैं तो रोज़ नहाता हूं बल्कि दिन में दो बार नहाता हूं" - "देखिए, दो डोंगा पानी डाल कर पोछ लेने को नहाना नहीं कहते, कभी बाथरूम में रखी वो लाल रंग की टिकिया देखी है उसे साबुन कहते हैं, कभी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["तुम कहना क्या चाहती हो, क्या ये कह रही हो कि मैं नहाता नहीं हूं, मैं तो रोज़ नहाता हूं बल्कि दिन में दो बार नहाता हूं" - "देखिए, दो डोंगा पानी डाल कर पोछ लेने को नहाना नहीं कहते, कभी बाथरूम में रखी वो लाल रंग की टिकिया देखी है उसे साबुन कहते हैं, कभी इस्तेमाल की है वो" - "नहीं, मैं साबुन नहीं लगाता क्योंकि साबुन में तेज़ाबी चीज़ें होती हैं और उससे स्किन ख़राब हो जाती है" - सुनिए मंटो के लिखी एक कहानी का हिस्सा 'मेरे पति की पतलून' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>895</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4f7ffcc7407957e374e6cd8d5f3c5409.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कफ़न चोर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kafana-cora-storiboksa-vida-jamaseda--63322985</link><description><![CDATA[सर्द रात में उसकी बेटी बुखार से बुरी तरह से तप रही थी लेकिन उसकी जेब में इतना पैसा भी नहीं था कि एक चादर ख़रीद सकता. बेटी अपनी कंपकपी छुपा रही थी ताकि बूढ़ा बाप अपनी बेबसी पर कम शर्मिंदा हो लेकिन उसके कांपते हुए होंठ उसका साथ नहीं दे रहे थे. बाप उठा और कब्रिस्तान की तरफ चल दिया - सुनिए कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63322985</guid><pubDate>Sun, 15 Dec 2024 05:56:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63322985/17_dec_24_storybox_kafan_chor_re_128.mp3" length="11461694" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सर्द रात में उसकी बेटी बुखार से बुरी तरह से तप रही थी लेकिन उसकी जेब में इतना पैसा भी नहीं था कि एक चादर ख़रीद सकता. बेटी अपनी कंपकपी छुपा रही थी ताकि बूढ़ा बाप अपनी बेबसी पर कम शर्मिंदा हो लेकिन उसके कांपते हुए होंठ उसका साथ नहीं दे रहे थे. बाप उठा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सर्द रात में उसकी बेटी बुखार से बुरी तरह से तप रही थी लेकिन उसकी जेब में इतना पैसा भी नहीं था कि एक चादर ख़रीद सकता. बेटी अपनी कंपकपी छुपा रही थी ताकि बूढ़ा बाप अपनी बेबसी पर कम शर्मिंदा हो लेकिन उसके कांपते हुए होंठ उसका साथ नहीं दे रहे थे. बाप उठा और कब्रिस्तान की तरफ चल दिया - सुनिए कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>717</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a459ee6b66173cda1a24072873f5dfe2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक चुगलख़ोर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-cugalakhora-ki-mauta-storiboksa-vida-jamaseda--63219407</link><description><![CDATA[चुगलखोर चाचा जब मर कर दूसरी दुनिया में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वो तो दोज़ख में भेज दिये गए हैं। वहां उन्होंने क्या किया कि उन्हें वापस जन्नत भेजा गया और आखिर क्यों उन्हें जन्नत रास नहीं आई - सुनिए पूरी कहानी स्टोरबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63219407</guid><pubDate>Sun, 08 Dec 2024 06:22:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63219407/08_dec_24_sb_chuagalkhor_128.mp3" length="20643004" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चुगलखोर चाचा जब मर कर दूसरी दुनिया में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वो तो दोज़ख में भेज दिये गए हैं। वहां उन्होंने क्या किया कि उन्हें वापस जन्नत भेजा गया और आखिर क्यों उन्हें जन्नत रास नहीं आई - सुनिए पूरी कहानी स्टोरबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चुगलखोर चाचा जब मर कर दूसरी दुनिया में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वो तो दोज़ख में भेज दिये गए हैं। वहां उन्होंने क्या किया कि उन्हें वापस जन्नत भेजा गया और आखिर क्यों उन्हें जन्नत रास नहीं आई - सुनिए पूरी कहानी स्टोरबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1291</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c0c0e9339cf1e5b54dddb8dd8b252693.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ठाकुर का कुआं | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/thakura-ka-ku-am-storiboksa-vida-jamaseda--63090832</link><description><![CDATA[बात सिर्फ एक ग्लास पानी की थी लेकिन घर में रखा पानी बदबूदार था. उसका गला इस क़दर सूख गया था कि बस मरने ही वाला था और पूरे गांव में सिर्फ एक कुआं था जहां पानी मिल सकता था और वो था ठाकुर साहब का कुआं. उस कुएं से पानी पीना उसके लिए मना था लेकिन उसकी पत्नी ने फैसला किया कि वो आधी रात को जाएगी पानी लेने के लिए - सुनिए कहानियों के बादशाह मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'ठाकुर का कुआं' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63090832</guid><pubDate>Sun, 01 Dec 2024 07:03:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63090832/01_dec_24_sb_thakur_ka_kua_128.mp3" length="8946416" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बात सिर्फ एक ग्लास पानी की थी लेकिन घर में रखा पानी बदबूदार था. उसका गला इस क़दर सूख गया था कि बस मरने ही वाला था और पूरे गांव में सिर्फ एक कुआं था जहां पानी मिल सकता था और वो था ठाकुर साहब का कुआं. उस कुएं से पानी पीना उसके लिए मना था लेकिन उसकी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बात सिर्फ एक ग्लास पानी की थी लेकिन घर में रखा पानी बदबूदार था. उसका गला इस क़दर सूख गया था कि बस मरने ही वाला था और पूरे गांव में सिर्फ एक कुआं था जहां पानी मिल सकता था और वो था ठाकुर साहब का कुआं. उस कुएं से पानी पीना उसके लिए मना था लेकिन उसकी पत्नी ने फैसला किया कि वो आधी रात को जाएगी पानी लेने के लिए - सुनिए कहानियों के बादशाह मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'ठाकुर का कुआं' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></itunes:summary><itunes:duration>560</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3f2a0897c20384fd12503873b4ea505f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ससुर जी का पुराना स्कूटर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sasura-ji-ka-purana-skutara-storiboksa-vida-jamaseda--62983583</link><description><![CDATA[उस रात मानव इतिहास में पहली बार एक अनोखा काम होने जा रहा था। एक आदमी जिसे खुद एक काम नहीं आता था वो आदमी वही काम दूसरे को सिखाने जा रहा था. वो काम था स्कूटर चलाना सिखाना. हमने सोचा था कि सिखाने में क्या मुश्किल है बस यही तो कहना है - सामने देखो-सामने देखो, बैलेंस बनाओ-बैलेंस बनाओ... चलाने वाला सीखता तो खुदी है... पर हम ग़लत थे उस रात कुछ ऐसा हो गया कि भुलाए नहीं भूलता - स्टोरीबॉक्स में सुनिए कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62983583</guid><pubDate>Sun, 24 Nov 2024 04:13:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62983583/24_nov_24_sb_redone_scooter_128.mp3" length="21307977" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस रात मानव इतिहास में पहली बार एक अनोखा काम होने जा रहा था। एक आदमी जिसे खुद एक काम नहीं आता था वो आदमी वही काम दूसरे को सिखाने जा रहा था. वो काम था स्कूटर चलाना सिखाना. हमने सोचा था कि सिखाने में क्या मुश्किल है बस यही तो कहना है - सामने देखो-सामने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस रात मानव इतिहास में पहली बार एक अनोखा काम होने जा रहा था। एक आदमी जिसे खुद एक काम नहीं आता था वो आदमी वही काम दूसरे को सिखाने जा रहा था. वो काम था स्कूटर चलाना सिखाना. हमने सोचा था कि सिखाने में क्या मुश्किल है बस यही तो कहना है - सामने देखो-सामने देखो, बैलेंस बनाओ-बैलेंस बनाओ... चलाने वाला सीखता तो खुदी है... पर हम ग़लत थे उस रात कुछ ऐसा हो गया कि भुलाए नहीं भूलता - स्टोरीबॉक्स में सुनिए कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1332</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/925f6d9e6b664c5914e31100925cee83.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक शायर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-sayara-ki-mauta-storiboksa-vida-jamaseda--62772462</link><description><![CDATA[एक शायर साहब किसी सरकारी दफ्तर से बाहर आ रहे थे कि तभी तेज़ आंधी चलने लगी. आंधी में एक पेड़ टूटकर गिरा और शायर साहब उसके नीचे दब गए. शायर साहब चिल्लाए कि कोई मुझे बचाओ, ये पेड़ हटाओ. तभी वहां से एक अधिकारी का चपरासी गुज़र रहा था. उसने कहा आप कौन हैं, वो दबा हुआ शख्स बोला, मैं शायर हूं, शेर सुनाता हूं। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में मशहूर राइटर कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'जामुन का पेड़' का एक हिस्सा]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62772462</guid><pubDate>Sun, 17 Nov 2024 04:21:36 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62772462/19_nov_24_storybox_19_nov_128.mp3" length="14602240" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक शायर साहब किसी सरकारी दफ्तर से बाहर आ रहे थे कि तभी तेज़ आंधी चलने लगी. आंधी में एक पेड़ टूटकर गिरा और शायर साहब उसके नीचे दब गए. शायर साहब चिल्लाए कि कोई मुझे बचाओ, ये पेड़ हटाओ. तभी वहां से एक अधिकारी का चपरासी गुज़र रहा था. उसने कहा आप कौन हैं,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक शायर साहब किसी सरकारी दफ्तर से बाहर आ रहे थे कि तभी तेज़ आंधी चलने लगी. आंधी में एक पेड़ टूटकर गिरा और शायर साहब उसके नीचे दब गए. शायर साहब चिल्लाए कि कोई मुझे बचाओ, ये पेड़ हटाओ. तभी वहां से एक अधिकारी का चपरासी गुज़र रहा था. उसने कहा आप कौन हैं, वो दबा हुआ शख्स बोला, मैं शायर हूं, शेर सुनाता हूं। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में मशहूर राइटर कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'जामुन का पेड़' का एक हिस्सा]]></itunes:summary><itunes:duration>913</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a97531667152a5fff9e7f70661a4ce0d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कभी मैं, कभी तुम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kabhi-maim-kabhi-tuma-storiboksa-vida-jamaseda--62679330</link><description><![CDATA[कॉफी का रंग घुलने लगा था। बावर्ची खाने में आंखों के कोरों पर ग़म को पोंछते हुए ज़ैनब चाय की पत्ती का डिब्बा ढूंढने लगी। दूसरी शादी का पहला दिन था वो। सब कुछ कितना अजनबी लग रहा था वहां। वो दीवारें, वो शेल्फ़, वो बर्तन... जैसे वो किसी अंजानी सड़क से गुज़र रही हो और तमाम अजनबी आंखें घूर रही हों। एक मां के तौर पर भी उसे खुद से शिकवा था, इस रिश्ते के लिए उसने अपने बच्चे को छोड़ दिया था - सुनिए पूरी कहानी 'कभी मैं, कभी तुम' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62679330</guid><pubDate>Sun, 10 Nov 2024 05:16:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62679330/09_nov_24_sb_kabhi_hum_kabhi_tum_128.mp3" length="22828512" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कॉफी का रंग घुलने लगा था। बावर्ची खाने में आंखों के कोरों पर ग़म को पोंछते हुए ज़ैनब चाय की पत्ती का डिब्बा ढूंढने लगी। दूसरी शादी का पहला दिन था वो। सब कुछ कितना अजनबी लग रहा था वहां। वो दीवारें, वो शेल्फ़, वो बर्तन... जैसे वो किसी अंजानी सड़क से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कॉफी का रंग घुलने लगा था। बावर्ची खाने में आंखों के कोरों पर ग़म को पोंछते हुए ज़ैनब चाय की पत्ती का डिब्बा ढूंढने लगी। दूसरी शादी का पहला दिन था वो। सब कुछ कितना अजनबी लग रहा था वहां। वो दीवारें, वो शेल्फ़, वो बर्तन... जैसे वो किसी अंजानी सड़क से गुज़र रही हो और तमाम अजनबी आंखें घूर रही हों। एक मां के तौर पर भी उसे खुद से शिकवा था, इस रिश्ते के लिए उसने अपने बच्चे को छोड़ दिया था - सुनिए पूरी कहानी 'कभी मैं, कभी तुम' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1427</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/57297bc843761ac25ef4095e18dc894e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मीरपुर के पीर साहब | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mirapura-ke-pira-sahaba-storiboksa-vida-jamaseda--62594481</link><description><![CDATA[मीरपुर के उस जलसे में मुझे स्टेज पर भेज दिया गया और दर्जनों लोग स्टेज पर आकर मुझसे गले लग कर जा रहे थे तभी मुझे मेरी जेब हलकी महसूस हुई. देखा तो कोई मेरा बटवा मार गया था. पैसे खोने का अफसोस नहीं था, डर इस बात का था कि बटुवे में रखा मेरे भाषण वाला पर्चा भी चला गया. सामने पांच हज़ार लोग थे। समझ नहीं आ रहा था कि अब बोलूं तो बोलूं क्या - सुनिए पतरस बुखारी की लिखी एक कहानी का हिस्सा - 'मीरपुर के पीर' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62594481</guid><pubDate>Sun, 03 Nov 2024 07:30:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62594481/03_nov_24_sb_peer_mix_128.mp3" length="20958563" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मीरपुर के उस जलसे में मुझे स्टेज पर भेज दिया गया और दर्जनों लोग स्टेज पर आकर मुझसे गले लग कर जा रहे थे तभी मुझे मेरी जेब हलकी महसूस हुई. देखा तो कोई मेरा बटवा मार गया था. पैसे खोने का अफसोस नहीं था, डर इस बात का था कि बटुवे में रखा मेरे भाषण वाला...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मीरपुर के उस जलसे में मुझे स्टेज पर भेज दिया गया और दर्जनों लोग स्टेज पर आकर मुझसे गले लग कर जा रहे थे तभी मुझे मेरी जेब हलकी महसूस हुई. देखा तो कोई मेरा बटवा मार गया था. पैसे खोने का अफसोस नहीं था, डर इस बात का था कि बटुवे में रखा मेरे भाषण वाला पर्चा भी चला गया. सामने पांच हज़ार लोग थे। समझ नहीं आ रहा था कि अब बोलूं तो बोलूं क्या - सुनिए पतरस बुखारी की लिखी एक कहानी का हिस्सा - 'मीरपुर के पीर' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1310</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b77981eee55a1b92a0cc61d75ab18930.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>उसके जाने के बाद | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/usake-jane-ke-bada-storiboksa-vida-jamaseda--62517837</link><description><![CDATA[पत्नी का गुज़रे कुछ साल हुए थे कि मंशी जी बिल्कुल ज़िंदगी से अलग हो गए थे. किसी चीज़ में मन नहीं लगता था. कोई भूला भटका घर आ जाए तो उसे अपनी पत्नी के क़िस्से सुनाते रहते थे. पर एक रोज़ मैंने देखा कि वो सुबह सवेरे बन ठन कर कहीं निकल रहे हैं मैंने पीछा किया और जो देखा वो देख कर हैरान रह गया. पार्क में एक मोहतरमा उनका इंतज़ार कर रही थीं - सुनिये मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'स्मृति का पुजारी' से एक खास हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62517837</guid><pubDate>Sun, 27 Oct 2024 07:32:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62517837/28_oct_24_sb_jkb_re_128.mp3" length="22087471" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पत्नी का गुज़रे कुछ साल हुए थे कि मंशी जी बिल्कुल ज़िंदगी से अलग हो गए थे. किसी चीज़ में मन नहीं लगता था. कोई भूला भटका घर आ जाए तो उसे अपनी पत्नी के क़िस्से सुनाते रहते थे. पर एक रोज़ मैंने देखा कि वो सुबह सवेरे बन ठन कर कहीं निकल रहे हैं मैंने पीछा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पत्नी का गुज़रे कुछ साल हुए थे कि मंशी जी बिल्कुल ज़िंदगी से अलग हो गए थे. किसी चीज़ में मन नहीं लगता था. कोई भूला भटका घर आ जाए तो उसे अपनी पत्नी के क़िस्से सुनाते रहते थे. पर एक रोज़ मैंने देखा कि वो सुबह सवेरे बन ठन कर कहीं निकल रहे हैं मैंने पीछा किया और जो देखा वो देख कर हैरान रह गया. पार्क में एक मोहतरमा उनका इंतज़ार कर रही थीं - सुनिये मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'स्मृति का पुजारी' से एक खास हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1381</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/388cbed0865b2657b42d3af92072d0da.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सर्दियों की एक रात | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sardiyom-ki-eka-rata-storiboksa-vida-jamaseda--62426621</link><description><![CDATA[रातें सर्द होने लगी थीं और उसके पास रहने का कोई इंतज़ाम नहीं था. उसने बहुत सोचा और फिर इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके लिए अगले तीन महीने के लिए जेल से अच्छी जगह कोई नहीं है. उसे वहां मुफ्त खाना भी मिलेगा और कंबल भी. लेकिन सवाल ये था कि जेल जाने के लिए क्या किया जाए. उसने एक प्लान बनाया - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62426621</guid><pubDate>Sun, 20 Oct 2024 05:15:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62426621/18_oct_24_story_box_sardi_ka_ek_raat_18_oct_mix_128.mp3" length="14263693" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रातें सर्द होने लगी थीं और उसके पास रहने का कोई इंतज़ाम नहीं था. उसने बहुत सोचा और फिर इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके लिए अगले तीन महीने के लिए जेल से अच्छी जगह कोई नहीं है. उसे वहां मुफ्त खाना भी मिलेगा और कंबल भी. लेकिन सवाल ये था कि जेल जाने के लिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रातें सर्द होने लगी थीं और उसके पास रहने का कोई इंतज़ाम नहीं था. उसने बहुत सोचा और फिर इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके लिए अगले तीन महीने के लिए जेल से अच्छी जगह कोई नहीं है. उसे वहां मुफ्त खाना भी मिलेगा और कंबल भी. लेकिन सवाल ये था कि जेल जाने के लिए क्या किया जाए. उसने एक प्लान बनाया - सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>892</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1115f1036b07fc4c110e7be1e721befe.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ब्रेक अप एट गरबा नाइट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/breka-apa-eta-garaba-na-ita-storiboksa-vida-jamaseda--62347273</link><description><![CDATA[वो गुड़गांव के दफ्तर में होने वाली गरबा नाइट थी। फालगुनी पाठक उसमें चीफ गेस्ट थीं। हर तरफ डांडिया थामे सजे-धजे लोग और माहौल में म्यूज़िक गूंज रही थी लेकिन इस भीड़ में एक लड़का था इशान.. जिसके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं क्योंकि उसे गरबा खेलते-खेलते करना था ब्रेकअप... सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62347273</guid><pubDate>Sun, 13 Oct 2024 03:55:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62347273/11_oct_24_storybox_garba_10_oct_mix_128.mp3" length="12552568" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो गुड़गांव के दफ्तर में होने वाली गरबा नाइट थी। फालगुनी पाठक उसमें चीफ गेस्ट थीं। हर तरफ डांडिया थामे सजे-धजे लोग और माहौल में म्यूज़िक गूंज रही थी लेकिन इस भीड़ में एक लड़का था इशान.. जिसके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं क्योंकि उसे गरबा खेलते-खेलते...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो गुड़गांव के दफ्तर में होने वाली गरबा नाइट थी। फालगुनी पाठक उसमें चीफ गेस्ट थीं। हर तरफ डांडिया थामे सजे-धजे लोग और माहौल में म्यूज़िक गूंज रही थी लेकिन इस भीड़ में एक लड़का था इशान.. जिसके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं क्योंकि उसे गरबा खेलते-खेलते करना था ब्रेकअप... सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>785</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bbcda86f32eede09558e1596dcd9e8cf.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>उस घर में कौन था? स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/usa-ghara-mem-kauna-tha-storiboksa-vida-jamaseda--62254828</link><description><![CDATA[मुझे ये क्यों लग रहा था कि मैं उस घर में अकेला नहीं हूं. कोई और भी है जो मेरे आसपास खड़ा मुझे देख रहा है. बिजली तेज़ से कौंधी और तभी मैंने वो देखा जो मैं अपनी मौत तक कभी नहीं भूल पाऊंगा. सुनिए स्टोरीबॉक्स में हॉरर कहानी 'उस घर में कौन था?']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62254828</guid><pubDate>Sun, 06 Oct 2024 03:19:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62254828/08_oct_24_storybox_uss_ghar_mein_kaun_tha_redone_128.mp3" length="21116551" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मुझे ये क्यों लग रहा था कि मैं उस घर में अकेला नहीं हूं. कोई और भी है जो मेरे आसपास खड़ा मुझे देख रहा है. बिजली तेज़ से कौंधी और तभी मैंने वो देखा जो मैं अपनी मौत तक कभी नहीं भूल पाऊंगा. सुनिए स्टोरीबॉक्स में हॉरर कहानी 'उस घर में कौन था?'</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मुझे ये क्यों लग रहा था कि मैं उस घर में अकेला नहीं हूं. कोई और भी है जो मेरे आसपास खड़ा मुझे देख रहा है. बिजली तेज़ से कौंधी और तभी मैंने वो देखा जो मैं अपनी मौत तक कभी नहीं भूल पाऊंगा. सुनिए स्टोरीबॉक्स में हॉरर कहानी 'उस घर में कौन था?']]></itunes:summary><itunes:duration>1320</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c8ed3028670bd43d11bf4412ad850842.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शायर साहब का कुत्ता | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sayara-sahaba-ka-kutta-storiboksa-vida-jamaseda--62151999</link><description><![CDATA[एक शायर साहब ने कुत्ता पाला और न सिर्फ पाला बल्कि उस कुत्ते को शायरी के आदाब भी सिखा दिये. कुत्ता इतना शायरी का पारखी हो गया कि न सिर्फ पूंछ उठा के बता देता था कि शेर अच्छा है या ख़राब बल्कि नए शायरों की गज़ल की इस्लाह भी कर देता था. एक बार मेरा उन शायर साहब के घर में जाना हुआ और वो किस्सा भुलाए नहीं भूलता. सुनिए स्टोरीबॉक्स में पतरस साहब की कहानी 'शायर साहब का कुत्ता' जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62151999</guid><pubDate>Sun, 29 Sep 2024 05:08:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62151999/27_sep_24_storybox_27_sept_mix_shayar_sahab_ka_kutta_128.mp3" length="14596806" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक शायर साहब ने कुत्ता पाला और न सिर्फ पाला बल्कि उस कुत्ते को शायरी के आदाब भी सिखा दिये. कुत्ता इतना शायरी का पारखी हो गया कि न सिर्फ पूंछ उठा के बता देता था कि शेर अच्छा है या ख़राब बल्कि नए शायरों की गज़ल की इस्लाह भी कर देता था. एक बार मेरा उन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक शायर साहब ने कुत्ता पाला और न सिर्फ पाला बल्कि उस कुत्ते को शायरी के आदाब भी सिखा दिये. कुत्ता इतना शायरी का पारखी हो गया कि न सिर्फ पूंछ उठा के बता देता था कि शेर अच्छा है या ख़राब बल्कि नए शायरों की गज़ल की इस्लाह भी कर देता था. एक बार मेरा उन शायर साहब के घर में जाना हुआ और वो किस्सा भुलाए नहीं भूलता. सुनिए स्टोरीबॉक्स में पतरस साहब की कहानी 'शायर साहब का कुत्ता' जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ]]></itunes:summary><itunes:duration>913</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ac66b40434eb5ac7962dce10baecd960.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हॉस्पिटल की एक सुबह | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hospitala-ki-eka-subaha-storiboksa-vida-jamaseda--62061759</link><description><![CDATA[मेरे सामने बैठी उस ग़रीब महिला ने अपने कंधे पर से साड़ी का पल्लू हटाते हुए कहा, "डॉक्टर साहब, पति ने बहुत मारा है" उसके कंधे का ज़ख्म गहरा था और उस पर दांत के निशान थे। सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'अस्पताल की एक सुबह' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62061759</guid><pubDate>Sun, 22 Sep 2024 02:52:00 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62061759/20_sep_24_story_box_hospital_20_sept_mix_128.mp3" length="11476741" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मेरे सामने बैठी उस ग़रीब महिला ने अपने कंधे पर से साड़ी का पल्लू हटाते हुए कहा, "डॉक्टर साहब, पति ने बहुत मारा है" उसके कंधे का ज़ख्म गहरा था और उस पर दांत के निशान थे। सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'अस्पताल की एक सुबह' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मेरे सामने बैठी उस ग़रीब महिला ने अपने कंधे पर से साड़ी का पल्लू हटाते हुए कहा, "डॉक्टर साहब, पति ने बहुत मारा है" उसके कंधे का ज़ख्म गहरा था और उस पर दांत के निशान थे। सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'अस्पताल की एक सुबह' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>718</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/74cd62d28bd748c1e7be7f596f72949b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भेड़िया - 2 | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bheriya-2-storiboksa-vida-jamaseda--61686602</link><description><![CDATA[दूसरी दुनिया से आई उस लड़की ने प्रोफ़ेसर से क्यों कहा कि वो उनके बारे में ऐसा राज़ जानती है जो दुनिया में औऱ कोई नहीं जानता. भेड़िये के बारे में प्रोफेसर ने जो कुछ नैना को बताया उसमें कितना सच था और कितना झूठ? क्या हुआ था मुर्तज़ा के साथ? और क्या था उसकी मौत का असली राज़? सुनिए स्टोरीबॉक्स में भेड़िया कहानी का दूसरा और आखिरी पार्ट - जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61686602</guid><pubDate>Sun, 15 Sep 2024 04:45:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61686602/20_sep_24_sb_final_bhediya_2_128.mp3" length="22553495" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दूसरी दुनिया से आई उस लड़की ने प्रोफ़ेसर से क्यों कहा कि वो उनके बारे में ऐसा राज़ जानती है जो दुनिया में औऱ कोई नहीं जानता. भेड़िये के बारे में प्रोफेसर ने जो कुछ नैना को बताया उसमें कितना सच था और कितना झूठ? क्या हुआ था मुर्तज़ा के साथ? और क्या था...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दूसरी दुनिया से आई उस लड़की ने प्रोफ़ेसर से क्यों कहा कि वो उनके बारे में ऐसा राज़ जानती है जो दुनिया में औऱ कोई नहीं जानता. भेड़िये के बारे में प्रोफेसर ने जो कुछ नैना को बताया उसमें कितना सच था और कितना झूठ? क्या हुआ था मुर्तज़ा के साथ? और क्या था उसकी मौत का असली राज़? सुनिए स्टोरीबॉक्स में भेड़िया कहानी का दूसरा और आखिरी पार्ट - जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1410</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0e722f574ba18598f99db72ff96fc04f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भेड़िया | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bheriya-storiboksa-vida-jamaseda--61299147</link><description><![CDATA[उस लड़की ने कहा कि वो तीन सौ साल बाद की दुनिया से आई है. वो एक टाइम ट्रैवलेर है और प्रोफ़ेसर तबस्सुम के बेटे मुर्तज़ा जिसके बारे में मशहूर था कि उसे भेड़िये उठा कर ले गए थे, वो उस हादसे की हक़ीकत जानती थी. क्या थी हक़ीकत और क्या वो वाकई भविष्य से आई थी? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'भेड़िया']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61299147</guid><pubDate>Sun, 08 Sep 2024 05:42:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61299147/08_sep_24_storybox_bhedia_8_sept_128.mp3" length="23175836" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस लड़की ने कहा कि वो तीन सौ साल बाद की दुनिया से आई है. वो एक टाइम ट्रैवलेर है और प्रोफ़ेसर तबस्सुम के बेटे मुर्तज़ा जिसके बारे में मशहूर था कि उसे भेड़िये उठा कर ले गए थे, वो उस हादसे की हक़ीकत जानती थी. क्या थी हक़ीकत और क्या वो वाकई भविष्य से आई...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस लड़की ने कहा कि वो तीन सौ साल बाद की दुनिया से आई है. वो एक टाइम ट्रैवलेर है और प्रोफ़ेसर तबस्सुम के बेटे मुर्तज़ा जिसके बारे में मशहूर था कि उसे भेड़िये उठा कर ले गए थे, वो उस हादसे की हक़ीकत जानती थी. क्या थी हक़ीकत और क्या वो वाकई भविष्य से आई थी? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'भेड़िया']]></itunes:summary><itunes:duration>1449</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e35e7b332081cd3dbee44d5c19ca8054.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ज़ेवर का डिब्बा | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद</title><link>https://www.spreaker.com/episode/zevara-ka-dibba-storiboksa-vida-jamaseda--61228195</link><description><![CDATA[ठाकुर साहब ने उसे कभी भी अपने सगे बेटे से कम नहीं माना था और इसीलिए जब सगे बेटे की शादी हुई तो शादी की सारी खरीद फ़रोख्त की ज़िम्मेदारी उसे ही दे दी. लाखों का लेन देन उसी के हाथों हो रहा था यहां तक कि शादी के ज़ेवर भी उसी ने ख़रीदे. कभी उसकी नीयत नहीं ख़राब हुई लेकिन एक रोज़ रात के वक्त उसके ज़मीर ने करवट बदली और उसने ज़ेवरों से भरे उसे डिब्बे को चुराने का फैसला कर लिया. सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'ज़ेवर का डिब्बा' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61228195</guid><pubDate>Sun, 01 Sep 2024 05:26:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61228195/03_sep_24_sb_zevar_re_128.mp3" length="26470609" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ठाकुर साहब ने उसे कभी भी अपने सगे बेटे से कम नहीं माना था और इसीलिए जब सगे बेटे की शादी हुई तो शादी की सारी खरीद फ़रोख्त की ज़िम्मेदारी उसे ही दे दी. लाखों का लेन देन उसी के हाथों हो रहा था यहां तक कि शादी के ज़ेवर भी उसी ने ख़रीदे. कभी उसकी नीयत नहीं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ठाकुर साहब ने उसे कभी भी अपने सगे बेटे से कम नहीं माना था और इसीलिए जब सगे बेटे की शादी हुई तो शादी की सारी खरीद फ़रोख्त की ज़िम्मेदारी उसे ही दे दी. लाखों का लेन देन उसी के हाथों हो रहा था यहां तक कि शादी के ज़ेवर भी उसी ने ख़रीदे. कभी उसकी नीयत नहीं ख़राब हुई लेकिन एक रोज़ रात के वक्त उसके ज़मीर ने करवट बदली और उसने ज़ेवरों से भरे उसे डिब्बे को चुराने का फैसला कर लिया. सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'ज़ेवर का डिब्बा' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1655</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6231ae60a71473cea1727aeef388738d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक कवि की मौत की अफवाह | स्टोरीबॉक्स | Ep 103</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-kavi-ki-mauta-ki-aphavaha-storiboksa-ep-103--61144920</link><description><![CDATA[शहर में खबर उड़ी की एक बड़े इंतकाल फ़र्मा गए हैं. और थोड़ी देर बाद पता चला कि ख़बर अफवाह है. पर इस अफ़वाह ने मोहल्ले के फ़र्ज़ी शायर शुक्ला जी 'ज़ालिम' का नुकसान कैसे कर दिया. किस चक्कर में फंस गए शुक्ला जी 'ज़ालिम' सुनिए स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61144920</guid><pubDate>Sun, 25 Aug 2024 05:32:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61144920/25_aug_24_sb_updated_shayar_128.mp3" length="19011291" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहर में खबर उड़ी की एक बड़े इंतकाल फ़र्मा गए हैं. और थोड़ी देर बाद पता चला कि ख़बर अफवाह है. पर इस अफ़वाह ने मोहल्ले के फ़र्ज़ी शायर शुक्ला जी 'ज़ालिम' का नुकसान कैसे कर दिया. किस चक्कर में फंस गए शुक्ला जी 'ज़ालिम' सुनिए स्टोरीबॉक्स में.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहर में खबर उड़ी की एक बड़े इंतकाल फ़र्मा गए हैं. और थोड़ी देर बाद पता चला कि ख़बर अफवाह है. पर इस अफ़वाह ने मोहल्ले के फ़र्ज़ी शायर शुक्ला जी 'ज़ालिम' का नुकसान कैसे कर दिया. किस चक्कर में फंस गए शुक्ला जी 'ज़ालिम' सुनिए स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1189</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8e817fcf1239d3ff899468dcd522cf66.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बिना बालकनी वाला मकान | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद | Ep 102</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bina-balakani-vala-makana-storiboksa-vida-jamaseda-ep-102--61067021</link><description><![CDATA[वो शहर मेरे लिए नया था, वहां की दीवारें अजनबी थीं. उस शहर की सबसे अजीब बात ये है कि वहां घरों में बालकनी नहीं होती थी, बस एक खिड़की जिससे अपने हिस्से का आसमान ताकते रहो. उस घर में रहते हुए मुझे याद आई अपने घर की वो बड़ी सी बालकनी जहां मैं शाम को खड़े होकर चाय पीता था. और मैंने तय किया कि मैं लौट जाऊंगा. लेकिन उसी शाम मेरी कागज़ात की फाइल से एक पुराना ख़त सरक कर ज़मीन पर गिरा... सुनिए कहानी 'बिना बालकनी वाला मकान' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61067021</guid><pubDate>Sun, 18 Aug 2024 04:07:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61067021/16_aug_24_storybox_bina_balcomy_wala_ghar_mix_16_aug_128.mp3" length="14478942" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो शहर मेरे लिए नया था, वहां की दीवारें अजनबी थीं. उस शहर की सबसे अजीब बात ये है कि वहां घरों में बालकनी नहीं होती थी, बस एक खिड़की जिससे अपने हिस्से का आसमान ताकते रहो. उस घर में रहते हुए मुझे याद आई अपने घर की वो बड़ी सी बालकनी जहां मैं शाम को खड़े...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो शहर मेरे लिए नया था, वहां की दीवारें अजनबी थीं. उस शहर की सबसे अजीब बात ये है कि वहां घरों में बालकनी नहीं होती थी, बस एक खिड़की जिससे अपने हिस्से का आसमान ताकते रहो. उस घर में रहते हुए मुझे याद आई अपने घर की वो बड़ी सी बालकनी जहां मैं शाम को खड़े होकर चाय पीता था. और मैंने तय किया कि मैं लौट जाऊंगा. लेकिन उसी शाम मेरी कागज़ात की फाइल से एक पुराना ख़त सरक कर ज़मीन पर गिरा... सुनिए कहानी 'बिना बालकनी वाला मकान' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>905</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e14c3b40cc9e90e3b82a5e07aaf232f3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>26/11: मुंबई की वो रात | स्टोरीबॉक्स | Ep 101</title><link>https://www.spreaker.com/episode/26-11-mumba-i-ki-vo-rata-storiboksa-ep-101--60984035</link><description><![CDATA[वो रात जब सिर्फ मुंबई दहल उठी थी। होटल ताज में छुपे आतंकवादियों के निशाने पर थे आम लोग। कई बेगुनाहों की मौत हो चुकी थी और कई उनके निशाने पर थे। ऐसे वक्त में सामने आई नेवी के कमांडोज़ की एक ख़ास टुकड़ी जिसने अंधेरे कमरे में छुपे आतंकवादियों का निशाना सिर्फ आवाज़ों के सहारे किया। 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुनिए स्टोरीबॉक्स की ख़ास कहानी  '26/11: मुंबई की वो रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60984035</guid><pubDate>Sun, 11 Aug 2024 04:52:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60984035/11_aug_24_sb_26_11_mix_128.mp3" length="21966262" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो रात जब सिर्फ मुंबई दहल उठी थी। होटल ताज में छुपे आतंकवादियों के निशाने पर थे आम लोग। कई बेगुनाहों की मौत हो चुकी थी और कई उनके निशाने पर थे। ऐसे वक्त में सामने आई नेवी के कमांडोज़ की एक ख़ास टुकड़ी जिसने अंधेरे कमरे में छुपे आतंकवादियों का निशाना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो रात जब सिर्फ मुंबई दहल उठी थी। होटल ताज में छुपे आतंकवादियों के निशाने पर थे आम लोग। कई बेगुनाहों की मौत हो चुकी थी और कई उनके निशाने पर थे। ऐसे वक्त में सामने आई नेवी के कमांडोज़ की एक ख़ास टुकड़ी जिसने अंधेरे कमरे में छुपे आतंकवादियों का निशाना सिर्फ आवाज़ों के सहारे किया। 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुनिए स्टोरीबॉक्स की ख़ास कहानी  '26/11: मुंबई की वो रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1373</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bfa62eb610067d9545d692cd2f33189c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>PROMO : STORYBOX WITH JAMSHED QAMAR SIDDIQUI | 100 Episodes</title><link>https://www.spreaker.com/episode/promo-storybox-with-jamshed-qamar-siddiqui-100-episodes--60935664</link><description><![CDATA[स्टोरीबॉक्स ने पूरे कर लिये हैं 100 शानदार एपिसोड्स। इस सफ़र में यहां तक साथ देने के लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। इंसानी जज़्बात की ये ख़ूबसूरत कहानियां चलती रहेंगी।  - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60935664</guid><pubDate>Tue, 06 Aug 2024 10:48:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60935664/06_aug_24_storybox_new_promo_cb_128.mp3" length="699663" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>स्टोरीबॉक्स ने पूरे कर लिये हैं 100 शानदार एपिसोड्स। इस सफ़र में यहां तक साथ देने के लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। इंसानी जज़्बात की ये ख़ूबसूरत कहानियां चलती रहेंगी।  - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[स्टोरीबॉक्स ने पूरे कर लिये हैं 100 शानदार एपिसोड्स। इस सफ़र में यहां तक साथ देने के लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। इंसानी जज़्बात की ये ख़ूबसूरत कहानियां चलती रहेंगी।  - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी]]></itunes:summary><itunes:duration>44</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e11ec2c6786e587b8e2125271904c293.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नवाब साहब का घोड़ा | स्टोरीबॉक्स | EP 100</title><link>https://www.spreaker.com/episode/navaba-sahaba-ka-ghora-storiboksa-ep-100--60914831</link><description><![CDATA[नवाब साहब का वो घोड़ा मशहूर इसलिए था क्योंकि माना जाता था कि अगर किसी ने घोड़े की पूंछ का बाल सूंघ लिया तो उसे मनचाहा प्यार मिल जाएगा। हर इतवार घोड़े के पीछे लाइन लग जाती थी लेकिन एक रोज़ जब नवाब साहब की बेटी को मोहल्ले के बब्लू से प्यार हो गया तब घोड़ा काम नहीं आया - सुनिए पूरी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60914831</guid><pubDate>Sun, 04 Aug 2024 05:29:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60914831/02_aug_24_storybox_nawab_ghoda_2_aug_mix_128.mp3" length="17987709" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नवाब साहब का वो घोड़ा मशहूर इसलिए था क्योंकि माना जाता था कि अगर किसी ने घोड़े की पूंछ का बाल सूंघ लिया तो उसे मनचाहा प्यार मिल जाएगा। हर इतवार घोड़े के पीछे लाइन लग जाती थी लेकिन एक रोज़ जब नवाब साहब की बेटी को मोहल्ले के बब्लू से प्यार हो गया तब...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नवाब साहब का वो घोड़ा मशहूर इसलिए था क्योंकि माना जाता था कि अगर किसी ने घोड़े की पूंछ का बाल सूंघ लिया तो उसे मनचाहा प्यार मिल जाएगा। हर इतवार घोड़े के पीछे लाइन लग जाती थी लेकिन एक रोज़ जब नवाब साहब की बेटी को मोहल्ले के बब्लू से प्यार हो गया तब घोड़ा काम नहीं आया - सुनिए पूरी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1125</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/468b12b3b78e4e89f2a7a1f7150d95fa.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पुराने मुहल्लों का प्यार | स्टोरीबॉक्स | EP 99</title><link>https://www.spreaker.com/episode/purane-muhallom-ka-pyara-storiboksa-ep-99--60832844</link><description><![CDATA[परवेज़ भाई वो आदमी थी कि जो सालभर तो ठीक रहते थे लेकिन फरवरी का महीना आते ही उनके अंदर एक अजीब सा गुस्सा आ जाता था. वो उन आशिकों की पिटाई के मौके ढूंढने लगते थे जो अपनी महबूबा के साथ बन ठन के घूमने निकलते थे. पर तब क्या हुआ जब परवेज़ भाई को ही इश्क़ की हवा लग गयी. जब मोहल्ले में रहने वाली उनकी पुरानी इकतरफ़ा मुहब्बत आफ़रीन ने लिख दिया उनके नाम पर ही मुहब्बत का एक ख़त - सुनिये स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से पुराने ज़मानों की मुहब्बत की एक मज़ेदार कहानी - पुराने मुहल्लों का प्यार<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60832844</guid><pubDate>Sun, 28 Jul 2024 04:47:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60832844/28_jul_24_storybox_valentines_128.mp3" length="17694302" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>परवेज़ भाई वो आदमी थी कि जो सालभर तो ठीक रहते थे लेकिन फरवरी का महीना आते ही उनके अंदर एक अजीब सा गुस्सा आ जाता था. वो उन आशिकों की पिटाई के मौके ढूंढने लगते थे जो अपनी महबूबा के साथ बन ठन के घूमने निकलते थे. पर तब क्या हुआ जब परवेज़ भाई को ही इश्क़...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[परवेज़ भाई वो आदमी थी कि जो सालभर तो ठीक रहते थे लेकिन फरवरी का महीना आते ही उनके अंदर एक अजीब सा गुस्सा आ जाता था. वो उन आशिकों की पिटाई के मौके ढूंढने लगते थे जो अपनी महबूबा के साथ बन ठन के घूमने निकलते थे. पर तब क्या हुआ जब परवेज़ भाई को ही इश्क़ की हवा लग गयी. जब मोहल्ले में रहने वाली उनकी पुरानी इकतरफ़ा मुहब्बत आफ़रीन ने लिख दिया उनके नाम पर ही मुहब्बत का एक ख़त - सुनिये स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से पुराने ज़मानों की मुहब्बत की एक मज़ेदार कहानी - पुराने मुहल्लों का प्यार<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी]]></itunes:summary><itunes:duration>1106</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c6360728adc9ce54c63b03405bef0ff2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आधी रात की आख़िरी कैब | स्टोरीबॉक्स | EP 98</title><link>https://www.spreaker.com/episode/adhi-rata-ki-akhiri-kaiba-storiboksa-ep-98--60755153</link><description><![CDATA[रात के सन्नाटे में एक कैब ड्राइवर को मिली एक ऐसी सवारी जिसके साथ किया हुआ सफर वो हमेशा याद रखेगा। ढाई साल पहले दिल्ली के एक इलाके में हुई लड़की की हुई मौत से उस सवारी का क्या रिश्ता था और क्यों शहर के एक ख़ास चौराहे पर कैब्स का एक्सीडेंट हो जाता था? इन हादसों के पीछे की ख़ौफनाक हक़ीकत सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60755153</guid><pubDate>Sun, 21 Jul 2024 05:57:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60755153/21_jul_24_sb_last_cab_128.mp3" length="20310726" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रात के सन्नाटे में एक कैब ड्राइवर को मिली एक ऐसी सवारी जिसके साथ किया हुआ सफर वो हमेशा याद रखेगा। ढाई साल पहले दिल्ली के एक इलाके में हुई लड़की की हुई मौत से उस सवारी का क्या रिश्ता था और क्यों शहर के एक ख़ास चौराहे पर कैब्स का एक्सीडेंट हो जाता था?...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रात के सन्नाटे में एक कैब ड्राइवर को मिली एक ऐसी सवारी जिसके साथ किया हुआ सफर वो हमेशा याद रखेगा। ढाई साल पहले दिल्ली के एक इलाके में हुई लड़की की हुई मौत से उस सवारी का क्या रिश्ता था और क्यों शहर के एक ख़ास चौराहे पर कैब्स का एक्सीडेंट हो जाता था? इन हादसों के पीछे की ख़ौफनाक हक़ीकत सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1270</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f14854cf4a8e6e81f64f73440d52cd64.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पुरानी तिजोरी और दस लाख का चैलेंज | स्टोरीबॉक्स | Ep 97</title><link>https://www.spreaker.com/episode/purani-tijori-aura-dasa-lakha-ka-cailenja-storiboksa-ep-97--60687131</link><description><![CDATA[शहर के अख़बार में एक सुबह ख़बर छपी "किसी भी ताले या तिजोरी को खोलने में माहिर मुख़्तार ने डालमिया लॉक्स कंपनी को दी चुनौती" मुख़्तार नाम के शख्स ने कहा कि वो हज़ारों लोगों के सामने 'डालमिया लॉक्स' की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिजोरी को खोल कर दिखाएगा। पहले ही दिवालिया होने के कगार पर खड़ी कंपनी ने क्या मुख़्तार की चुनौती को कुबूल किया? क्या ये कंपनी के लिए एक मौका था खुद को फिर से लॉक इंडस्ट्री में इस्टैबलिश करने के लिए? ताला खोलने वाले इस इवेंट में क्या हुआ जो शहर के लिए एक यादगार घटना साबित हुई? सुनिए कहानी 'पुरानी तिजोरी और दस लाख का चैलेंज' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60687131</guid><pubDate>Sun, 14 Jul 2024 05:47:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60687131/17_jul_24_sb_locker_17_july_mix_re_128.mp3" length="26041364" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहर के अख़बार में एक सुबह ख़बर छपी "किसी भी ताले या तिजोरी को खोलने में माहिर मुख़्तार ने डालमिया लॉक्स कंपनी को दी चुनौती" मुख़्तार नाम के शख्स ने कहा कि वो हज़ारों लोगों के सामने 'डालमिया लॉक्स' की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिजोरी को खोल कर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहर के अख़बार में एक सुबह ख़बर छपी "किसी भी ताले या तिजोरी को खोलने में माहिर मुख़्तार ने डालमिया लॉक्स कंपनी को दी चुनौती" मुख़्तार नाम के शख्स ने कहा कि वो हज़ारों लोगों के सामने 'डालमिया लॉक्स' की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिजोरी को खोल कर दिखाएगा। पहले ही दिवालिया होने के कगार पर खड़ी कंपनी ने क्या मुख़्तार की चुनौती को कुबूल किया? क्या ये कंपनी के लिए एक मौका था खुद को फिर से लॉक इंडस्ट्री में इस्टैबलिश करने के लिए? ताला खोलने वाले इस इवेंट में क्या हुआ जो शहर के लिए एक यादगार घटना साबित हुई? सुनिए कहानी 'पुरानी तिजोरी और दस लाख का चैलेंज' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1628</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5d5fe2adc7767d441171afc7ac9452f2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ज़ुल्फ़ी भाई की बिरयानी | स्टोरीबॉक्स | EP 96</title><link>https://www.spreaker.com/episode/zulfi-bha-i-ki-birayani-storiboksa-ep-96--60623109</link><description><![CDATA[ज़ुल्फ़ी भाई घर से निकले हाथ में बिरयानी थी और चल दिए उस घर की तरफ जहां उन्हें बिरयानी डिलिवर करनी थी लेकिन तब वो ये कहां जानते थे कि आज उनकी ज़िंदगी में वो होने जा रहा है जिसका इंतज़ार वो पिछले छ सालों से कर रहे थे और वो थी आबिदा से मुलाकात - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'ज़ुल्फ़ी भाई की बिरयानी']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60623109</guid><pubDate>Sun, 07 Jul 2024 05:06:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60623109/05_jul_24_storybox_biryani_128.mp3" length="16347637" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ज़ुल्फ़ी भाई घर से निकले हाथ में बिरयानी थी और चल दिए उस घर की तरफ जहां उन्हें बिरयानी डिलिवर करनी थी लेकिन तब वो ये कहां जानते थे कि आज उनकी ज़िंदगी में वो होने जा रहा है जिसका इंतज़ार वो पिछले छ सालों से कर रहे थे और वो थी आबिदा से मुलाकात - सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ज़ुल्फ़ी भाई घर से निकले हाथ में बिरयानी थी और चल दिए उस घर की तरफ जहां उन्हें बिरयानी डिलिवर करनी थी लेकिन तब वो ये कहां जानते थे कि आज उनकी ज़िंदगी में वो होने जा रहा है जिसका इंतज़ार वो पिछले छ सालों से कर रहे थे और वो थी आबिदा से मुलाकात - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'ज़ुल्फ़ी भाई की बिरयानी']]></itunes:summary><itunes:duration>1022</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/09fcfb17c07f2f3d76f42eaa67dbab9e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>थोड़ी सी थ्रिलर कहानी | स्टोरीबॉक्स | EP 95</title><link>https://www.spreaker.com/episode/thori-si-thrilara-kahani-storiboksa-ep-95--60553749</link><description><![CDATA[एक थ्रिलर नॉवेल लिखने वाला शख्स को अजनबी शहर में अचानक पता चलता है कि उसके कोई पुराने रिश्तेदार इसी शहर में रहते हैं. वो मिलना तो नहीं चाहता पर मां के बार-बार फोन आने पर उसे मिलने जाना पड़ता है. जब वो वहां पहुंचता है तो उसे एक 13-14 साल की बच्ची मिलती है जो उसे एक कमरे में बैठने के लिए कहती है. एक कमरा जिसका पीछे का दरवाज़ा जंगल की तरफ खुलता है. खूंटी पर लटकी एक पुरानी हैट और दीवार पर लगी एक बंदूक वाले उस डरावने कमरे में इंतज़ार करते वक्त उसके साथ क्या हुआ... जो वो ज़िंदगीभर नहीं भूल पाएगा. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60553749</guid><pubDate>Sun, 30 Jun 2024 07:23:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60553749/04_jul_24_sb_thodi_thriller_kahani_redone_4_july_128.mp3" length="24522919" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक थ्रिलर नॉवेल लिखने वाला शख्स को अजनबी शहर में अचानक पता चलता है कि उसके कोई पुराने रिश्तेदार इसी शहर में रहते हैं. वो मिलना तो नहीं चाहता पर मां के बार-बार फोन आने पर उसे मिलने जाना पड़ता है. जब वो वहां पहुंचता है तो उसे एक 13-14 साल की बच्ची मिलती...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक थ्रिलर नॉवेल लिखने वाला शख्स को अजनबी शहर में अचानक पता चलता है कि उसके कोई पुराने रिश्तेदार इसी शहर में रहते हैं. वो मिलना तो नहीं चाहता पर मां के बार-बार फोन आने पर उसे मिलने जाना पड़ता है. जब वो वहां पहुंचता है तो उसे एक 13-14 साल की बच्ची मिलती है जो उसे एक कमरे में बैठने के लिए कहती है. एक कमरा जिसका पीछे का दरवाज़ा जंगल की तरफ खुलता है. खूंटी पर लटकी एक पुरानी हैट और दीवार पर लगी एक बंदूक वाले उस डरावने कमरे में इंतज़ार करते वक्त उसके साथ क्या हुआ... जो वो ज़िंदगीभर नहीं भूल पाएगा. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1533</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a51a947444ee150c1e1a70eb20c5673d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मेरे हस्बैंड की गर्लफ्रेंड | स्टोरीबॉक्स | EP 94</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mere-hasbainda-ki-garlaphrenda-storiboksa-ep-94--60477211</link><description><![CDATA[एक पत्नी अपनी पति की बात उसकी एक्स गर्लफ्रेंड से क्यों करवाती थी? वो क्या था जिसने उन दोनों को एक बीते हुए रिश्ते को लेकर इतना सहज बना दिया था? और वो एक्स गर्लफ़्रैंड उन दोनों की ज़िंदगी में किस तरह शामिल थी? सुनिए डॉ दुष्यंत की किताब 'क़िस्से कॉफ़ियाना' की एक कहानी 'एकदा एक्स' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60477211</guid><pubDate>Sun, 23 Jun 2024 06:05:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60477211/23_jun_24_sb_ex_23_128.mp3" length="23725871" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक पत्नी अपनी पति की बात उसकी एक्स गर्लफ्रेंड से क्यों करवाती थी? वो क्या था जिसने उन दोनों को एक बीते हुए रिश्ते को लेकर इतना सहज बना दिया था? और वो एक्स गर्लफ़्रैंड उन दोनों की ज़िंदगी में किस तरह शामिल थी? सुनिए डॉ दुष्यंत की किताब 'क़िस्से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक पत्नी अपनी पति की बात उसकी एक्स गर्लफ्रेंड से क्यों करवाती थी? वो क्या था जिसने उन दोनों को एक बीते हुए रिश्ते को लेकर इतना सहज बना दिया था? और वो एक्स गर्लफ़्रैंड उन दोनों की ज़िंदगी में किस तरह शामिल थी? सुनिए डॉ दुष्यंत की किताब 'क़िस्से कॉफ़ियाना' की एक कहानी 'एकदा एक्स' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत]]></itunes:summary><itunes:duration>1483</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c31ddff8ef772cf784f9c827560e0d75.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>घर की अलमारी | स्टोरीबॉक्स | EP 93</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ghara-ki-alamari-storiboksa-ep-93--60399614</link><description><![CDATA[घर के पीछे वाले कमरे के एक कोने में रखी उस पुरानी अलमारी में कौन से राज़ छुपे थे जो अंतरा की मम्मी उसके सामने नहीं आने देना चाहती थीं? अंतरा के पापा की मौत के बाद ज़िंदगी को दोबारा शुरु करने में अंतरा को कौन से डर घेरे रखे थे. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में कहानी 'घर की अलमारी'.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: कपिलदेव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60399614</guid><pubDate>Sun, 16 Jun 2024 06:34:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60399614/14_jun_24_sb_almari_mix_kapil_14_june_128.mp3" length="18181642" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>घर के पीछे वाले कमरे के एक कोने में रखी उस पुरानी अलमारी में कौन से राज़ छुपे थे जो अंतरा की मम्मी उसके सामने नहीं आने देना चाहती थीं? अंतरा के पापा की मौत के बाद ज़िंदगी को दोबारा शुरु करने में अंतरा को कौन से डर घेरे रखे थे. सुनिए जमशेद कमर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[घर के पीछे वाले कमरे के एक कोने में रखी उस पुरानी अलमारी में कौन से राज़ छुपे थे जो अंतरा की मम्मी उसके सामने नहीं आने देना चाहती थीं? अंतरा के पापा की मौत के बाद ज़िंदगी को दोबारा शुरु करने में अंतरा को कौन से डर घेरे रखे थे. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में कहानी 'घर की अलमारी'.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: कपिलदेव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1137</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1ef164d2f2eed229e51dda3e0f450406.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वायसरॉय साहब का पंखा | स्टोरीबॉक्स | EP 92</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vayasaroya-sahaba-ka-pankha-storiboksa-ep-92--60326265</link><description><![CDATA[जलील भाई के दादा को किसी ज़माने में वायसरॉय साहब ने अपने बंग्ले से उतार कर पंखा दिया था और वही पंखा जलील भाई की डेंटल क्लीनिक पर आजतक लटका हुआ है. पर इस पंखे ने कैसे बिगाड़ दी जलील भाई की प्रेम कहानी - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60326265</guid><pubDate>Sun, 09 Jun 2024 05:02:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60326265/09_jun_24_storybox_9_june_re_128.mp3" length="22065737" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जलील भाई के दादा को किसी ज़माने में वायसरॉय साहब ने अपने बंग्ले से उतार कर पंखा दिया था और वही पंखा जलील भाई की डेंटल क्लीनिक पर आजतक लटका हुआ है. पर इस पंखे ने कैसे बिगाड़ दी जलील भाई की प्रेम कहानी - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जलील भाई के दादा को किसी ज़माने में वायसरॉय साहब ने अपने बंग्ले से उतार कर पंखा दिया था और वही पंखा जलील भाई की डेंटल क्लीनिक पर आजतक लटका हुआ है. पर इस पंखे ने कैसे बिगाड़ दी जलील भाई की प्रेम कहानी - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>1380</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/65b10315902cf035622003356260da73.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>क़िस्सा नकली नोट का | स्टोरीबॉक्स | EP 91</title><link>https://www.spreaker.com/episode/qis-sa-nakali-nota-ka-storiboksa-ep-91--60252416</link><description><![CDATA[कानपुर रेलवे स्टेशन पर रिज़र्वेशन की लाइन में खड़े एक शख्स ने जब खिड़की से पैसा अंदर बाबू की तरफ बढ़ाया तो उसने कहा कि ये नोट नकली है लेकिन नकली नोट की वजह से वो कैसे मिल गए अपनी उस मुहब्बत से जिसकी तलाश में सालों से यहां वहां मजनूँ बने घूम रहे थे - सुनिए स्टोरीबॉक्स में क़िस्सा नकली नोट का - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60252416</guid><pubDate>Sun, 02 Jun 2024 04:55:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60252416/05_jun_24_sb_re_nakli_note_128.mp3" length="17744039" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कानपुर रेलवे स्टेशन पर रिज़र्वेशन की लाइन में खड़े एक शख्स ने जब खिड़की से पैसा अंदर बाबू की तरफ बढ़ाया तो उसने कहा कि ये नोट नकली है लेकिन नकली नोट की वजह से वो कैसे मिल गए अपनी उस मुहब्बत से जिसकी तलाश में सालों से यहां वहां मजनूँ बने घूम रहे थे -...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कानपुर रेलवे स्टेशन पर रिज़र्वेशन की लाइन में खड़े एक शख्स ने जब खिड़की से पैसा अंदर बाबू की तरफ बढ़ाया तो उसने कहा कि ये नोट नकली है लेकिन नकली नोट की वजह से वो कैसे मिल गए अपनी उस मुहब्बत से जिसकी तलाश में सालों से यहां वहां मजनूँ बने घूम रहे थे - सुनिए स्टोरीबॉक्स में क़िस्सा नकली नोट का - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1109</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ddfec93a5e0cb180f26504bda26c1c28.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>20 साल बाद | स्टोरीबॉक्स | EP 90</title><link>https://www.spreaker.com/episode/20-sala-bada-storiboksa-ep-90--60175523</link><description><![CDATA[इतनी रात के वक्त यहां क्या कर रहे हो? पुलिस अफ़सर ने उससे पूछा तो उसने कहा, "मैं अपने पुराने दोस्त का इंतज़ार कर रहा हूं। बीस साल पहले हमनें यहीं मिलने का वादा किया था" कुछ देर बाद एक शख्स आया और उसने बढ़ाते हुए कहा, "तुम बॉब हो?" बॉब ने झिझकते हुए हाथ तो बढ़ा दिया पर उसे शक था कि ये उसका दोस्त ही है या फिर कोई और... - सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते 'बीस साल बाद' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60175523</guid><pubDate>Sun, 26 May 2024 05:10:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60175523/26_may_24_sb_final_128.mp3" length="18018220" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इतनी रात के वक्त यहां क्या कर रहे हो? पुलिस अफ़सर ने उससे पूछा तो उसने कहा, "मैं अपने पुराने दोस्त का इंतज़ार कर रहा हूं। बीस साल पहले हमनें यहीं मिलने का वादा किया था" कुछ देर बाद एक शख्स आया और उसने बढ़ाते हुए कहा, "तुम बॉब हो?" बॉब ने झिझकते हुए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इतनी रात के वक्त यहां क्या कर रहे हो? पुलिस अफ़सर ने उससे पूछा तो उसने कहा, "मैं अपने पुराने दोस्त का इंतज़ार कर रहा हूं। बीस साल पहले हमनें यहीं मिलने का वादा किया था" कुछ देर बाद एक शख्स आया और उसने बढ़ाते हुए कहा, "तुम बॉब हो?" बॉब ने झिझकते हुए हाथ तो बढ़ा दिया पर उसे शक था कि ये उसका दोस्त ही है या फिर कोई और... - सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते 'बीस साल बाद' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1127</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1350f2b72a16b8b4a91aab79d19ac418.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अमावस की वो रात | स्टोरीबॉक्स | EP 89</title><link>https://www.spreaker.com/episode/amavasa-ki-vo-rata-storiboksa-ep-89--60086506</link><description><![CDATA[उस काली अंधेरी सुनसान रात में सामने वाले अपार्टमेंट की खिड़की में मैंने जो देखा था उसे मैं कभी नहीं भूल सकता. भूत प्रेत या साय पर मेरा यकीन हो या ना हो लेकिन उस रात के बाद ज़िंदगी और उसकी अहमियत पर मेरा यकीन ज़रूर बढ़ गया था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'अमावस की वो रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60086506</guid><pubDate>Sun, 19 May 2024 05:04:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60086506/19_may_24_storybox_amawas_128.mp3" length="14074357" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस काली अंधेरी सुनसान रात में सामने वाले अपार्टमेंट की खिड़की में मैंने जो देखा था उसे मैं कभी नहीं भूल सकता. भूत प्रेत या साय पर मेरा यकीन हो या ना हो लेकिन उस रात के बाद ज़िंदगी और उसकी अहमियत पर मेरा यकीन ज़रूर बढ़ गया था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस काली अंधेरी सुनसान रात में सामने वाले अपार्टमेंट की खिड़की में मैंने जो देखा था उसे मैं कभी नहीं भूल सकता. भूत प्रेत या साय पर मेरा यकीन हो या ना हो लेकिन उस रात के बाद ज़िंदगी और उसकी अहमियत पर मेरा यकीन ज़रूर बढ़ गया था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'अमावस की वो रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>880</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/50930dd1f78f9cca766a4a172c1e11af.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>लव शादीशुदा | स्टोरीबॉक्स | EP 88</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lava-sadisuda-storiboksa-ep-88--59986946</link><description><![CDATA[फिल्मों में हीरो-हीरोइन जैसे ही हमेशा के लिए मिलते हैं, फिल्म खत्म हो जाती है। पर असल में ज़िंदगी तो वहीं पर शुरु होती है। शादी को मुहब्बत का THE END क्यों माना जाता है? सुनिए लतिका और शिवम की वो प्रेम कहानी जो शादी के बाद घर की चार दीवारी के बीच शुरु हुई। स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59986946</guid><pubDate>Sun, 12 May 2024 05:06:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59986946/10_may_24_shadi_sb_128.mp3" length="20210834" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>फिल्मों में हीरो-हीरोइन जैसे ही हमेशा के लिए मिलते हैं, फिल्म खत्म हो जाती है। पर असल में ज़िंदगी तो वहीं पर शुरु होती है। शादी को मुहब्बत का THE END क्यों माना जाता है? सुनिए लतिका और शिवम की वो प्रेम कहानी जो शादी के बाद घर की चार दीवारी के बीच शुरु...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[फिल्मों में हीरो-हीरोइन जैसे ही हमेशा के लिए मिलते हैं, फिल्म खत्म हो जाती है। पर असल में ज़िंदगी तो वहीं पर शुरु होती है। शादी को मुहब्बत का THE END क्यों माना जाता है? सुनिए लतिका और शिवम की वो प्रेम कहानी जो शादी के बाद घर की चार दीवारी के बीच शुरु हुई। स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1264</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9ae8b488d300289ac8802426adb724d8.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मियां, बीवी और मर्डर | स्टोरीबॉक्स | EP 87</title><link>https://www.spreaker.com/episode/miyam-bivi-aura-mardara-storiboksa-ep-87--59840985</link><description><![CDATA[मैं अपनी बीवी का मर्डर करना चाहता था और इसके लिए मैंने एक प्लान किया एक परफेक्ट मर्डर. मैंने उसे बर्फ से ढके उस पहाड़ पर चलने के लिए कहा जहां मेरा इरादा था उसे वहां से धक्का देने का. लेकिन मेरी पत्नी अपने प्लान के साथ आई थी. उसने जो रचा था उसने मुझे हैरान कर दिया था क्या कोई किसी से इतनी नफरत कर सकता है? सुनिए 'मियां, बीवी और मर्डर' जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59840985</guid><pubDate>Sun, 05 May 2024 05:18:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59840985/04_may_24_story_box_pati_patni_aur_suicide_mix_4_may_128.mp3" length="13542295" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मैं अपनी बीवी का मर्डर करना चाहता था और इसके लिए मैंने एक प्लान किया एक परफेक्ट मर्डर. मैंने उसे बर्फ से ढके उस पहाड़ पर चलने के लिए कहा जहां मेरा इरादा था उसे वहां से धक्का देने का. लेकिन मेरी पत्नी अपने प्लान के साथ आई थी. उसने जो रचा था उसने मुझे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मैं अपनी बीवी का मर्डर करना चाहता था और इसके लिए मैंने एक प्लान किया एक परफेक्ट मर्डर. मैंने उसे बर्फ से ढके उस पहाड़ पर चलने के लिए कहा जहां मेरा इरादा था उसे वहां से धक्का देने का. लेकिन मेरी पत्नी अपने प्लान के साथ आई थी. उसने जो रचा था उसने मुझे हैरान कर दिया था क्या कोई किसी से इतनी नफरत कर सकता है? सुनिए 'मियां, बीवी और मर्डर' जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>847</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eede6806e991352c67b890c1c40c05ba.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक शायर की ख़ुदकुशी | स्टोरीबॉक्स | EP 86</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-sayara-ki-khudakusi-storiboksa-ep-86--59681396</link><description><![CDATA[एक मरता हुआ पेशेंट जो मरने से पहले आखिरी बार अपने उस पसंदीदा शायर की नज़्म सुनना चाहता है जिसने ज़िंदगी की बोरियत से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी। और एक फीमेल डॉक्टर जो जानती है कि वो मरता हुआ पेशेंट मरते वक्त उसके गले लग कर इस दुनिया से जाना चाहता है क्योंकि वो उससे मुहब्बत करता है। सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'एक शायर की खुदकुशी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59681396</guid><pubDate>Sun, 28 Apr 2024 05:37:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59681396/26_apr_24_storybox_shayar_ki_khudkhushi_128.mp3" length="30595030" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक मरता हुआ पेशेंट जो मरने से पहले आखिरी बार अपने उस पसंदीदा शायर की नज़्म सुनना चाहता है जिसने ज़िंदगी की बोरियत से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी। और एक फीमेल डॉक्टर जो जानती है कि वो मरता हुआ पेशेंट मरते वक्त उसके गले लग कर इस दुनिया से जाना चाहता है...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक मरता हुआ पेशेंट जो मरने से पहले आखिरी बार अपने उस पसंदीदा शायर की नज़्म सुनना चाहता है जिसने ज़िंदगी की बोरियत से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी। और एक फीमेल डॉक्टर जो जानती है कि वो मरता हुआ पेशेंट मरते वक्त उसके गले लग कर इस दुनिया से जाना चाहता है क्योंकि वो उससे मुहब्बत करता है। सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'एक शायर की खुदकुशी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी]]></itunes:summary><itunes:duration>1913</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5479383a0552aa974b18ccbfaf43a3fb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मोहल्ले का मंकी मैन | स्टोरीबॉक्स | EP 85</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mohalle-ka-manki-maina-storiboksa-ep-85--59570737</link><description><![CDATA[मोहल्ले में आ गया है मंकी मैन. चश्मदीद बताते हैं कि उसकी आंखों की जगह लाल लाइट हैं और मुंह से धुआं निकलता है. वो छत के ऊपर से उड़ते हुए गुज़रता है और लोगों को काट लेता है. मोहल्ले के पार्षद जी बसेसर नाथ ने जनता से वादा किया है कि वो मंकी मैन से निपटने के लिए अपने घर की छत पर सोएंगे. क्या होगा पार्षद जी का - सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में नई कहानी 'मोहल्ले का मंकी मैन' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59570737</guid><pubDate>Sun, 21 Apr 2024 04:58:53 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59570737/19_apr_24_sb_monkey_man_mix_19_april_128.mp3" length="18806073" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मोहल्ले में आ गया है मंकी मैन. चश्मदीद बताते हैं कि उसकी आंखों की जगह लाल लाइट हैं और मुंह से धुआं निकलता है. वो छत के ऊपर से उड़ते हुए गुज़रता है और लोगों को काट लेता है. मोहल्ले के पार्षद जी बसेसर नाथ ने जनता से वादा किया है कि वो मंकी मैन से निपटने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मोहल्ले में आ गया है मंकी मैन. चश्मदीद बताते हैं कि उसकी आंखों की जगह लाल लाइट हैं और मुंह से धुआं निकलता है. वो छत के ऊपर से उड़ते हुए गुज़रता है और लोगों को काट लेता है. मोहल्ले के पार्षद जी बसेसर नाथ ने जनता से वादा किया है कि वो मंकी मैन से निपटने के लिए अपने घर की छत पर सोएंगे. क्या होगा पार्षद जी का - सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में नई कहानी 'मोहल्ले का मंकी मैन' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1176</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0b612c5f724aa575c65fff95a554d63a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ख़ामोश सा अफ़साना | स्टोरीबॉक्स | EP 84</title><link>https://www.spreaker.com/episode/khamosa-sa-afasana-storiboksa-ep-84--59468251</link><description><![CDATA[नए रिश्तों की चमक में पुराने रिश्ते मद्धम ज़रूर पड़ जाते हैं लेकिन उनकी याद अक्सर आंखों को भिगो जाती है. मेरी एक उंगली पर बना वो निशान जो पुरानी अंगूठी उतारने से बन गया था, मुझे बार बार मेरे गुज़र चुके शौहर की याद दिला रहा था पर अब वक्त आ गया था कि उसे उतार दिया जाए - सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'ख़ामोश सा अफ़साना' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59468251</guid><pubDate>Mon, 15 Apr 2024 09:49:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59468251/14_apr_24_sb_khamosh_128.mp3" length="13699866" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नए रिश्तों की चमक में पुराने रिश्ते मद्धम ज़रूर पड़ जाते हैं लेकिन उनकी याद अक्सर आंखों को भिगो जाती है. मेरी एक उंगली पर बना वो निशान जो पुरानी अंगूठी उतारने से बन गया था, मुझे बार बार मेरे गुज़र चुके शौहर की याद दिला रहा था पर अब वक्त आ गया था कि...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नए रिश्तों की चमक में पुराने रिश्ते मद्धम ज़रूर पड़ जाते हैं लेकिन उनकी याद अक्सर आंखों को भिगो जाती है. मेरी एक उंगली पर बना वो निशान जो पुरानी अंगूठी उतारने से बन गया था, मुझे बार बार मेरे गुज़र चुके शौहर की याद दिला रहा था पर अब वक्त आ गया था कि उसे उतार दिया जाए - सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'ख़ामोश सा अफ़साना' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>857</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/aa931a19ed81d65a2549639bb73f2df1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ईद मुबारक | स्टोरीबॉक्स | EP 83</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ida-mubaraka-storiboksa-ep-83--59327530</link><description><![CDATA[शायद मैं अकेली थी जिसे ईद का इंतज़ार नहीं था. इंतज़ार करें भी तो किसका. कुछ लोग आपकी ज़िंदगी से इस तरह जाते हैं कि सब कुछ बेरंग लगने लगता है, खासकर तब जब आपको पता हो कि वो इसी दुनिया के किसी हिस्से में आप के बारे में सोच रहे होंगे - सुनिए स्टोरीबॉक्स में एक खास कहानी 'ईद मुबारक' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59327530</guid><pubDate>Sun, 07 Apr 2024 05:30:07 +0000</pubDate><enclosure 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href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/18e7622b1d6ee389c3ce96c34c80dd71.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक डॉगी की लवस्टोरी | स्टोरीबॉक्स | EP 82</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-dogi-ki-lavastori-storiboksa-ep-82--59237004</link><description><![CDATA[कहते हैं कि आदमी इश्क़ में कुत्ता बन जाता है लेकिन मुझे ऐसा कोई डर नहीं था क्योंकि मैं तो एक कुत्ता ही था। मैं सड़क का आवारा कुत्ता था लेकिन मुझे इश्क़ हो गया था उस आलीशान घर में रहने वाली पिंकी पॉमेरेनियन से जो अपनी मंहगी कार में अपनी मालकिन की गोद में बैठी रहती थी। हमने भी हार नहीं मानी गली के सारे दोस्त यार, मरझिल्ले, कनकटे, दुबले-पतले कुत्ते जमा किए और एक प्लैन बनाया। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक डॉगी की लव स्टोरी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59237004</guid><pubDate>Sun, 31 Mar 2024 05:37:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59237004/30_mar_24_sb_dog_ki_love_story_mix_128.mp3" length="18643905" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कहते हैं कि आदमी इश्क़ में कुत्ता बन जाता है लेकिन मुझे ऐसा कोई डर नहीं था क्योंकि मैं तो एक कुत्ता ही था। मैं सड़क का आवारा कुत्ता था लेकिन मुझे इश्क़ हो गया था उस आलीशान घर में रहने वाली पिंकी पॉमेरेनियन से जो अपनी मंहगी कार में अपनी मालकिन की गोद...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कहते हैं कि आदमी इश्क़ में कुत्ता बन जाता है लेकिन मुझे ऐसा कोई डर नहीं था क्योंकि मैं तो एक कुत्ता ही था। मैं सड़क का आवारा कुत्ता था लेकिन मुझे इश्क़ हो गया था उस आलीशान घर में रहने वाली पिंकी पॉमेरेनियन से जो अपनी मंहगी कार में अपनी मालकिन की गोद में बैठी रहती थी। हमने भी हार नहीं मानी गली के सारे दोस्त यार, मरझिल्ले, कनकटे, दुबले-पतले कुत्ते जमा किए और एक प्लैन बनाया। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक डॉगी की लव स्टोरी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1166</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9e41571aede342cbd35b89efd69589f1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फांसी या उम्रक़ैद? | PART 2 | स्टोरीबॉक्स | EP 81</title><link>https://www.spreaker.com/episode/phansi-ya-umraqaida-part-2-storiboksa-ep-81--59151887</link><description><![CDATA[15 साल कैद के बदले दस करोड़ की शर्त लगाने वाला वो अमीर कारोबारी कौन था जिसने सातवीं पास लड़के से लगाई एक अजीब शर्त? वो उस लड़के के कमरे में रिवॉल्वर लेकर क्यों गया था? और क्या वो लड़का अशर, 15 साल क़ैद की वो शर्त पूरी कर पाया? सुनिए स्टोरीबॉक्स में बेहद ख़ास कहानी फांसी या उम्रक़ैद - आजतक रेडियो पर<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: नितिन रावत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59151887</guid><pubDate>Sun, 24 Mar 2024 04:51:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59151887/24_mar_24_sb_phansi_24_march_128.mp3" length="20785528" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>15 साल कैद के बदले दस करोड़ की शर्त लगाने वाला वो अमीर कारोबारी कौन था जिसने सातवीं पास लड़के से लगाई एक अजीब शर्त? वो उस लड़के के कमरे में रिवॉल्वर लेकर क्यों गया था? और क्या वो लड़का अशर, 15 साल क़ैद की वो शर्त पूरी कर पाया? सुनिए स्टोरीबॉक्स में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[15 साल कैद के बदले दस करोड़ की शर्त लगाने वाला वो अमीर कारोबारी कौन था जिसने सातवीं पास लड़के से लगाई एक अजीब शर्त? वो उस लड़के के कमरे में रिवॉल्वर लेकर क्यों गया था? और क्या वो लड़का अशर, 15 साल क़ैद की वो शर्त पूरी कर पाया? सुनिए स्टोरीबॉक्स में बेहद ख़ास कहानी फांसी या उम्रक़ैद - आजतक रेडियो पर<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: नितिन रावत]]></itunes:summary><itunes:duration>1300</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/385decb4a8066a91a4cf32bdddf0f0ef.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फांसी या उम्रक़ैद? | PART 1 | स्टोरीबॉक्स | EP 80</title><link>https://www.spreaker.com/episode/phansi-ya-umraqaida-part-1-storiboksa-ep-80--59075460</link><description><![CDATA[एक सातवीं पास शख्स से एक अमीर कारोबारी ने लगाई अजीब शर्त जिसमें उसे 15 साल तक एक क़ैद खाने में रहना था जिसके एवज में वो उसे दस करोड़ देने वाला था. क्यों लगाई उसने ऐसी शर्त और कौन जीता इस शर्त को - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'फांसी या उम्रकैद' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59075460</guid><pubDate>Sun, 17 Mar 2024 04:49:56 +0000</pubDate><enclosure 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href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1410f12ca17825d76ce58a41d8ba4225.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शून्य | स्टोरीबॉक्स | EP 79</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sun-ya-storiboksa-ep-79--58986980</link><description><![CDATA[सीमा दीदी ऑफिस में अपने पति की खूब तारीफें करती थीं लेकिन उनके हाथ पर हर रोज़ चोट का एक नया निशान दिखता था. वो कहती थीं, "वीकंड पर हम लोग फिल्म देखने गए थे, ये तो मेरा इतना ख़्याल रखते हैं कि पूछो मत बार बार फोन करते हैं" जबकि वो कभी उनको पिक करने दफ़्तर नहीं आए थे. सीमा दीदी दुनिया के सामने अपनी ज़िदगी को झूठी खूबसूरती से सजाए रखना चाहती थीं, जबकि अंदर ही अंदर वो एक गहरी तकलीफ से गुज़र रही थीं - सुनिए स्टोरीबॉक्स में ममता सिंह की लिखी कहानी 'शून्य' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्स: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58986980</guid><pubDate>Sun, 10 Mar 2024 04:56:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58986980/08_mar_24_storybox_shoonya_mix_8_march_128.mp3" length="22466977" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सीमा दीदी ऑफिस में अपने पति की खूब तारीफें करती थीं लेकिन उनके हाथ पर हर रोज़ चोट का एक नया निशान दिखता था. वो कहती थीं, "वीकंड पर हम लोग फिल्म देखने गए थे, ये तो मेरा इतना ख़्याल रखते हैं कि पूछो मत बार बार फोन करते हैं" जबकि वो कभी उनको पिक करने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सीमा दीदी ऑफिस में अपने पति की खूब तारीफें करती थीं लेकिन उनके हाथ पर हर रोज़ चोट का एक नया निशान दिखता था. वो कहती थीं, "वीकंड पर हम लोग फिल्म देखने गए थे, ये तो मेरा इतना ख़्याल रखते हैं कि पूछो मत बार बार फोन करते हैं" जबकि वो कभी उनको पिक करने दफ़्तर नहीं आए थे. सीमा दीदी दुनिया के सामने अपनी ज़िदगी को झूठी खूबसूरती से सजाए रखना चाहती थीं, जबकि अंदर ही अंदर वो एक गहरी तकलीफ से गुज़र रही थीं - सुनिए स्टोरीबॉक्स में ममता सिंह की लिखी कहानी 'शून्य' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्स: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1405</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d0d8ab73d9c31c997fba367e92fe4ac3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हकीम साहब की चूहेदानी | स्टोरीबॉक्स | EP 78</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hakima-sahaba-ki-cuhedani-storiboksa-ep-78--58904843</link><description><![CDATA[जिस सुबह तीन मोटे चूहों ने हकीम साहब की सदरी दातों से कुतर डाली, उन्होंने तय किया कि अब चाहे जो भी हो जाए लेकिन इन चूहों से छुटकारा पाकर रहेंगे लेकिन उनको पकड़ने के लिए चाहिए एक चूहेदानी. एक तो सदरी कट गयी, ऊपर से पैसा खर्च करके वो खरीदें तो भई ये तो न हो पाएगा. इसके लिए उन्होंने एक ऐसी तरकीब सोची कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे, लेकिन ये तरकीब उतनी कारगर थी नहीं जितनी लग रही थी - सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से कहानी 'हकीम साहब की चूहेदानी']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58904843</guid><pubDate>Sun, 03 Mar 2024 05:42:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58904843/04_mar_24_storybox_4_mar_128.mp3" length="19291324" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जिस सुबह तीन मोटे चूहों ने हकीम साहब की सदरी दातों से कुतर डाली, उन्होंने तय किया कि अब चाहे जो भी हो जाए लेकिन इन चूहों से छुटकारा पाकर रहेंगे लेकिन उनको पकड़ने के लिए चाहिए एक चूहेदानी. एक तो सदरी कट गयी, ऊपर से पैसा खर्च करके वो खरीदें तो भई ये तो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जिस सुबह तीन मोटे चूहों ने हकीम साहब की सदरी दातों से कुतर डाली, उन्होंने तय किया कि अब चाहे जो भी हो जाए लेकिन इन चूहों से छुटकारा पाकर रहेंगे लेकिन उनको पकड़ने के लिए चाहिए एक चूहेदानी. एक तो सदरी कट गयी, ऊपर से पैसा खर्च करके वो खरीदें तो भई ये तो न हो पाएगा. इसके लिए उन्होंने एक ऐसी तरकीब सोची कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे, लेकिन ये तरकीब उतनी कारगर थी नहीं जितनी लग रही थी - सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से कहानी 'हकीम साहब की चूहेदानी']]></itunes:summary><itunes:duration>1206</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9b045bfd8dafaff0cf5c3b349dd40db6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>A Nameless Dog (एक बेनाम कुत्ता) |  स्टोरीबॉक्स | EP 77</title><link>https://www.spreaker.com/episode/a-nameless-dog-eka-benama-kutta-storiboksa-ep-77--58812970</link><description><![CDATA[कोई नहीं जानता था कि उस कुत्ते का नाम क्या था और वो वहां कब से आया था? काले रंग का वो कुत्ता मुझे हमेशा ग्राउंड फ्लोर के दरवाज़े की चौखट पर सर टिकाए बैठा रहता था. हर आहट पर उसके कान खड़े हो जाते थे पर अब वो बीमार हो गया था और एक रोज़ उसकी आंखें बंद होने लगीं... और तब मैंने उसे उसके नाम से पुकारा... शायद 8 साल में पहली बार किसी ने उसे उसके नाम से पुकारा था. उसने आंख खोली और फिर आहिस्ता से बंद कर लीं - सुनिए स्टोरीबॉक्स की खास कहानी 'अ नेमलेस डॉग' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58812970</guid><pubDate>Sun, 25 Feb 2024 05:49:19 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58812970/24_feb_24_sb_23_feb_128.mp3" length="19070223" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कोई नहीं जानता था कि उस कुत्ते का नाम क्या था और वो वहां कब से आया था? काले रंग का वो कुत्ता मुझे हमेशा ग्राउंड फ्लोर के दरवाज़े की चौखट पर सर टिकाए बैठा रहता था. हर आहट पर उसके कान खड़े हो जाते थे पर अब वो बीमार हो गया था और एक रोज़ उसकी आंखें बंद...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कोई नहीं जानता था कि उस कुत्ते का नाम क्या था और वो वहां कब से आया था? काले रंग का वो कुत्ता मुझे हमेशा ग्राउंड फ्लोर के दरवाज़े की चौखट पर सर टिकाए बैठा रहता था. हर आहट पर उसके कान खड़े हो जाते थे पर अब वो बीमार हो गया था और एक रोज़ उसकी आंखें बंद होने लगीं... और तब मैंने उसे उसके नाम से पुकारा... शायद 8 साल में पहली बार किसी ने उसे उसके नाम से पुकारा था. उसने आंख खोली और फिर आहिस्ता से बंद कर लीं - सुनिए स्टोरीबॉक्स की खास कहानी 'अ नेमलेस डॉग' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1192</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/57e09433cabf4fefed82af14c9f51b6e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>उस खिड़की में ... कोई है | स्टोरीबॉक्स | EP 76</title><link>https://www.spreaker.com/episode/usa-khiraki-mem-ko-i-hai-storiboksa-ep-76--58720435</link><description><![CDATA[कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि सड़क से गुज़रते हुए किसी ऐसे खाली मकान की तरफ देखने पर जो सालों से खाली हो... ऐसा लगता है जैसे उसकी खिड़की से कोई आपको देख रहा है? दो आंखें आपकी तरफ देख रही हैं... क्योंकि उन्हें आपसे कुछ कहना है... वो आपका तब तक पीछा करती हैं जब तक ... आप उन्हें देख पाते हैं और या फिर वो आपको - सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'उस खिड़की में कोई है' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्स: कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58720435</guid><pubDate>Sun, 18 Feb 2024 05:27:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58720435/16_feb_24_ek_khuli_khidki_mix_storybox_16_feb_128.mp3" length="16124029" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि सड़क से गुज़रते हुए किसी ऐसे खाली मकान की तरफ देखने पर जो सालों से खाली हो... ऐसा लगता है जैसे उसकी खिड़की से कोई आपको देख रहा है? दो आंखें आपकी तरफ देख रही हैं... क्योंकि उन्हें आपसे कुछ कहना है... वो आपका तब तक पीछा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि सड़क से गुज़रते हुए किसी ऐसे खाली मकान की तरफ देखने पर जो सालों से खाली हो... ऐसा लगता है जैसे उसकी खिड़की से कोई आपको देख रहा है? दो आंखें आपकी तरफ देख रही हैं... क्योंकि उन्हें आपसे कुछ कहना है... वो आपका तब तक पीछा करती हैं जब तक ... आप उन्हें देख पाते हैं और या फिर वो आपको - सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'उस खिड़की में कोई है' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br /> साउन्ड मिक्स: कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>1008</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/53a3ed29fcf03e08e5d58e266681196b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>राजू शर्मा की लव स्टोरी | स्टोरीबॉक्स | EP 75</title><link>https://www.spreaker.com/episode/raju-sarma-ki-lava-stori-storiboksa-ep-75--58644191</link><description><![CDATA[राजू शर्मा अब दो बच्चों के पिता और एक बीवी के पति हैं. बाहर निकला हुआ पेट है, डबल चिन है. ज़िंदगी की दो दुनी चार में उलझे रहते हैं पर क्या कोई कह सकता है कि ये वही राजू हैं जो कॉलेज के ज़माने में 'राज' हुआ करते थे. स्पोर्ट्स बाइक पर जिधर से निकलते थे लड़कियां आहें भरती थीं... पर फिर उनकी शादी हो गयी. फरवरी की गुलाबी ठंड में वैलेटाइन जब दस्तक देने लगता था तो राजू को याद आती थी अलीशा - सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी 'राजू शर्मा की लव स्टोरी' जमशेद क़मर सिद्दीकी से<br /><br /> साउन्ड मिक्स: सचिन द्विवेदी]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58644191</guid><pubDate>Sun, 11 Feb 2024 05:07:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58644191/11_feb_24_storybox_raju_re_128.mp3" length="11547376" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>राजू शर्मा अब दो बच्चों के पिता और एक बीवी के पति हैं. बाहर निकला हुआ पेट है, डबल चिन है. ज़िंदगी की दो दुनी चार में उलझे रहते हैं पर क्या कोई कह सकता है कि ये वही राजू हैं जो कॉलेज के ज़माने में 'राज' हुआ करते थे. स्पोर्ट्स बाइक पर जिधर से निकलते थे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[राजू शर्मा अब दो बच्चों के पिता और एक बीवी के पति हैं. बाहर निकला हुआ पेट है, डबल चिन है. ज़िंदगी की दो दुनी चार में उलझे रहते हैं पर क्या कोई कह सकता है कि ये वही राजू हैं जो कॉलेज के ज़माने में 'राज' हुआ करते थे. स्पोर्ट्स बाइक पर जिधर से निकलते थे लड़कियां आहें भरती थीं... पर फिर उनकी शादी हो गयी. फरवरी की गुलाबी ठंड में वैलेटाइन जब दस्तक देने लगता था तो राजू को याद आती थी अलीशा - सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी 'राजू शर्मा की लव स्टोरी' जमशेद क़मर सिद्दीकी से<br /><br /> साउन्ड मिक्स: सचिन द्विवेदी]]></itunes:summary><itunes:duration>722</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9770436da60b60cc5cef9b2a83bc9768.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>काला धुआँ | स्टोरीबॉक्स | EP 74</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kala-dhu-am-storiboksa-ep-74--58560300</link><description><![CDATA[शहर में हर तरफ दंगे फैले हुए थे. सड़कों से जली हुई गाड़ियों का काला धुआं उठ रहा था और बीच बीच में पुलिस की सायरन बजाती गाड़ियां सन्नाटे को चीरती हुई निकल जाती थीं. इसी वक्त मैं एक सड़क पर अपनी कार में बैठा मदद का इंतज़ार कर रहा था क्योंकि रास्ते में मेरी कार ख़राब हो गयी थी. तभी एक शख्स ने खिड़की पर दस्तक दी और उसके बाद वो हुआ जिसका मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'काला धुआं' जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58560300</guid><pubDate>Sun, 04 Feb 2024 04:52:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58560300/03_feb_24_story_box_kala_dhua_mix_128.mp3" length="15012675" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहर में हर तरफ दंगे फैले हुए थे. सड़कों से जली हुई गाड़ियों का काला धुआं उठ रहा था और बीच बीच में पुलिस की सायरन बजाती गाड़ियां सन्नाटे को चीरती हुई निकल जाती थीं. इसी वक्त मैं एक सड़क पर अपनी कार में बैठा मदद का इंतज़ार कर रहा था क्योंकि रास्ते में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहर में हर तरफ दंगे फैले हुए थे. सड़कों से जली हुई गाड़ियों का काला धुआं उठ रहा था और बीच बीच में पुलिस की सायरन बजाती गाड़ियां सन्नाटे को चीरती हुई निकल जाती थीं. इसी वक्त मैं एक सड़क पर अपनी कार में बैठा मदद का इंतज़ार कर रहा था क्योंकि रास्ते में मेरी कार ख़राब हो गयी थी. तभी एक शख्स ने खिड़की पर दस्तक दी और उसके बाद वो हुआ जिसका मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'काला धुआं' जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></itunes:summary><itunes:duration>939</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f7e3b474ef2cfdd99e7b5e340b7067b7.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक उदास रूह | स्टोरीबॉक्स | EP 73</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-udasa-ruha-storiboksa-ep-73--58477067</link><description><![CDATA[आंटी ने मुझसे मना किया था कि मैं उस रास्ते से न आऊं लेकिन क्यों ये वो नहीं बताती थीं. एक बार जब मैंने ज़ोर देकर पूछा तो उन्होंने बताया कि उस रास्ते पर एक उदास रूह भटकती है. मुझे पता चला कि उसी रास्ते पर पहले भी तीन लाशें मिल चुकी हैं जिनकी हालत इतनी ख़राब थी कि उन्हें पहचाना भी नहीं जा सका. मैंने वादा तो कर लिया कि मैं उधर से नहीं जाऊंगा पर एक रोज़ ये वादा टूट गया. मैं दफ्तर से लौट रहा था तो उस रास्ते कि तरफ बढ़ गया. अंधेरा था और हवा सर्द थी, मैं उस रास्ते पर बढ़ता जा रहा था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक उदास रूह' जमशेद क़मर सिद्दीकी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58477067</guid><pubDate>Sun, 28 Jan 2024 05:09:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58477067/30_jan_24_sb_re_rooh_128.mp3" length="15721952" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आंटी ने मुझसे मना किया था कि मैं उस रास्ते से न आऊं लेकिन क्यों ये वो नहीं बताती थीं. एक बार जब मैंने ज़ोर देकर पूछा तो उन्होंने बताया कि उस रास्ते पर एक उदास रूह भटकती है. मुझे पता चला कि उसी रास्ते पर पहले भी तीन लाशें मिल चुकी हैं जिनकी हालत इतनी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आंटी ने मुझसे मना किया था कि मैं उस रास्ते से न आऊं लेकिन क्यों ये वो नहीं बताती थीं. एक बार जब मैंने ज़ोर देकर पूछा तो उन्होंने बताया कि उस रास्ते पर एक उदास रूह भटकती है. मुझे पता चला कि उसी रास्ते पर पहले भी तीन लाशें मिल चुकी हैं जिनकी हालत इतनी ख़राब थी कि उन्हें पहचाना भी नहीं जा सका. मैंने वादा तो कर लिया कि मैं उधर से नहीं जाऊंगा पर एक रोज़ ये वादा टूट गया. मैं दफ्तर से लौट रहा था तो उस रास्ते कि तरफ बढ़ गया. अंधेरा था और हवा सर्द थी, मैं उस रास्ते पर बढ़ता जा रहा था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक उदास रूह' जमशेद क़मर सिद्दीकी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>983</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1ff491840ad4d0bbb8a71a0eddade85a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शहर, कोहरा और क़त्ल | स्टोरीबॉक्स | EP 72</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sahara-kohara-aura-qatla-storiboksa-ep-72--58381886</link><description><![CDATA[पागलखाने की मोटी दीवारों के बीच नादिया ज़ंजीरों से बंधी हुई थी। शहर के अरबपति इत्र कारोबारी शेख अब्दुल हुनैद की इकलौती औलाद, चीख रही थी। दो डॉक्टरों की उंगली चबा लेनी वाली नादिया ने अपने शौहर के टुकड़े टुकड़े क्यों कर दिए और क्यों उसेक पिता ने उसके पति से कहा था - नादिया को नुकीली चीज़ों से दूर रखना। कोहरे की चादर से ढके शहर में कौन कर रहा था एक के बाद एक कत्ल... सुनिए कहानी 'शहर कोहरा और कत्ल' स्टोरीबॉक्स में @Jamshedhumd से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58381886</guid><pubDate>Sun, 21 Jan 2024 03:23:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58381886/24_jan_24_storybox_24_jan_128.mp3" length="17484068" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पागलखाने की मोटी दीवारों के बीच नादिया ज़ंजीरों से बंधी हुई थी। शहर के अरबपति इत्र कारोबारी शेख अब्दुल हुनैद की इकलौती औलाद, चीख रही थी। दो डॉक्टरों की उंगली चबा लेनी वाली नादिया ने अपने शौहर के टुकड़े टुकड़े क्यों कर दिए और क्यों उसेक पिता ने उसके...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पागलखाने की मोटी दीवारों के बीच नादिया ज़ंजीरों से बंधी हुई थी। शहर के अरबपति इत्र कारोबारी शेख अब्दुल हुनैद की इकलौती औलाद, चीख रही थी। दो डॉक्टरों की उंगली चबा लेनी वाली नादिया ने अपने शौहर के टुकड़े टुकड़े क्यों कर दिए और क्यों उसेक पिता ने उसके पति से कहा था - नादिया को नुकीली चीज़ों से दूर रखना। कोहरे की चादर से ढके शहर में कौन कर रहा था एक के बाद एक कत्ल... सुनिए कहानी 'शहर कोहरा और कत्ल' स्टोरीबॉक्स में @Jamshedhumd से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1093</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d82ac2681f80112b94bf4a6749c2f6e4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नौ सो की लिप्स्टिक | स्टोरीबॉक्स | EP 71</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nau-so-ki-lipstika-storiboksa-ep-71--58294369</link><description><![CDATA[“जाओ... कल से चली जाऊंगी रिक्शा करके, कोई ज़रूरत नहीं मुझे ऑफ़िस ड्रॉप करने की” अंजली गुस्से से बोली, “वैसे भी तुम्हारा टुटपुंजिया स्कूटर देखकर हंसते हैं मेरे ऑफिस वाले” मैंने कहा, “हां-हां तो तुम तो शाही घोड़ागाड़ी वाले खानदान की हो न... लोकेश ने तंज़ कसा तो अंजली ज़हरबुझी आवाज़ में बोली, “ख़ानदान की धौंस न दो, सब पता है तुमाए दादा सपरौता गांव में किसकी भैंसे नहलाते थे” मेरी बीवी बुशरा ने अंजली को खींचकर कुर्सी पर बैठाया लेकिन लोकेश मेरा हाथ छुड़ाकर नथने फुलाता हुआ चिल्लाया, “हां, नहलाते थे तो? तुम्हारे पापा की तरह चिटफंड घपले में अंदर तो नहीं गए" “ऐ ज़बान संबाल कर” वो चिल्लाई “तुम अपनी ज़बान देखो” लोकेश चीखा, “कैंची की तरह चलती है अम्मा जैसी ही” वो बोली “अरे तुम अपनी अम्मा देखो” अंजली हथेली चलाते हुए बोली “महीना-महीना पड़ी रहती हैं जैसे सड़क पर सीवर वाले पाइप पड़े रहते हैं.. एक काम नहीं करना... अरे अंजली, ज़रा पानी गर्म कर। अरे अंजली पानी ठंडा दे दो पीने के लिए। गांव में घड़े का पानी पीने वाली औरत, यहां फऱर्माइशें नहीं ख़तम होती... ” तभी लोकेश से एक गलती हो गयी... उसने कहा, देखो ऐसा है मुंह न खुलवाओ, कूड़ेदान में महंगी-महंगी लिप्स्टिक के बिल हमने बहुत देखा है - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'नौ सौ की लिप्सटिक' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58294369</guid><pubDate>Sun, 14 Jan 2024 05:05:30 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58294369/13_jan_24_sb_lipstick_final_128.mp3" length="12957988" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>“जाओ... कल से चली जाऊंगी रिक्शा करके, कोई ज़रूरत नहीं मुझे ऑफ़िस ड्रॉप करने की” अंजली गुस्से से बोली, “वैसे भी तुम्हारा टुटपुंजिया स्कूटर देखकर हंसते हैं मेरे ऑफिस वाले” मैंने कहा, “हां-हां तो तुम तो शाही घोड़ागाड़ी वाले खानदान की हो न... लोकेश ने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[“जाओ... कल से चली जाऊंगी रिक्शा करके, कोई ज़रूरत नहीं मुझे ऑफ़िस ड्रॉप करने की” अंजली गुस्से से बोली, “वैसे भी तुम्हारा टुटपुंजिया स्कूटर देखकर हंसते हैं मेरे ऑफिस वाले” मैंने कहा, “हां-हां तो तुम तो शाही घोड़ागाड़ी वाले खानदान की हो न... लोकेश ने तंज़ कसा तो अंजली ज़हरबुझी आवाज़ में बोली, “ख़ानदान की धौंस न दो, सब पता है तुमाए दादा सपरौता गांव में किसकी भैंसे नहलाते थे” मेरी बीवी बुशरा ने अंजली को खींचकर कुर्सी पर बैठाया लेकिन लोकेश मेरा हाथ छुड़ाकर नथने फुलाता हुआ चिल्लाया, “हां, नहलाते थे तो? तुम्हारे पापा की तरह चिटफंड घपले में अंदर तो नहीं गए" “ऐ ज़बान संबाल कर” वो चिल्लाई “तुम अपनी ज़बान देखो” लोकेश चीखा, “कैंची की तरह चलती है अम्मा जैसी ही” वो बोली “अरे तुम अपनी अम्मा देखो” अंजली हथेली चलाते हुए बोली “महीना-महीना पड़ी रहती हैं जैसे सड़क पर सीवर वाले पाइप पड़े रहते हैं.. एक काम नहीं करना... अरे अंजली, ज़रा पानी गर्म कर। अरे अंजली पानी ठंडा दे दो पीने के लिए। गांव में घड़े का पानी पीने वाली औरत, यहां फऱर्माइशें नहीं ख़तम होती... ” तभी लोकेश से एक गलती हो गयी... उसने कहा, देखो ऐसा है मुंह न खुलवाओ, कूड़ेदान में महंगी-महंगी लिप्स्टिक 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सुनिए पूरी कहानी 'अदरक वाली चाय' स्टोरीबॉक्स में - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58221807</guid><pubDate>Sun, 07 Jan 2024 05:44:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58221807/07_jan_24_storybox_chai_128.mp3" length="18428656" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मैं जब उनके घर में फ्रिज रिपेयर करने पहुंचा तो मैंने देखा कि वो बुज़ुर्ग और उनकी पत्नी बड़े से पीली रौशनी वाले घर में अकेले थे। उनके पास बातचीत करने के लिए कुछ नहीं था। शायद उन्हें जो कुछ एक दूसरे से कहना था वो अपने 35 साल के रिश्ते में सब कह चुके थे।...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मैं जब उनके घर में फ्रिज रिपेयर करने पहुंचा तो मैंने देखा कि वो बुज़ुर्ग और उनकी पत्नी बड़े से पीली रौशनी वाले घर में अकेले थे। उनके पास बातचीत करने के लिए कुछ नहीं था। शायद उन्हें जो कुछ एक दूसरे से कहना था वो अपने 35 साल के रिश्ते में सब कह चुके थे। जब बुज़ुर्ग चाय बनाने लगे तो मैंने कहा, "क्या आप दोनों इस घर में अकेले ही रहते हैं" बुज़ुर्ग ने मेरी तरफ देखा। मुस्कुराए और बोले, "दो लोग अकेले नहीं होते, अकेले तो एक होता है" - सुनिए पूरी कहानी 'अदरक वाली चाय' स्टोरीबॉक्स में - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1152</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/18fb46455c3bffcfde745af089bb1ddc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>न्यू ईयर नाइट और एक क्राइम | स्टोरीबॉक्स | EP 69</title><link>https://www.spreaker.com/episode/n-yu-iyara-na-ita-aura-eka-kra-ima-storiboksa-ep-69--58158831</link><description><![CDATA[वो नए साल की रात थी... जब सारा शहर रंगिनियों में खोया था... शहर की सड़कें जश्न के रंग में डूबी हुई थी... लेकिन इसी शहर में शाम से ही पुलिस की गाड़ियां हड़बड़ाए सायरन की आवाज़ बजाते हुए शहर में घूम रही थीं। खबर थी कि इस शहर में एक संदिग्ध शख्स को दाखिल होते हुए देखा गया है जिसके इरादे खतरनाक हैं। वो शख्स कौन था... और क्या चाहता था... जश्न में डूबा हुआ उस शहर की खुशियों पर क्या ग्रहण लगने वाला था.... कौन था वो आदमी जिसकी सुर्ख आंखों में सिर्फ खतरनाक मंसूबे नहीं, कुछ आंसू भी थे - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'न्यू ईयर नाइट और एक क्राइम' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58158831</guid><pubDate>Sun, 31 Dec 2023 06:16:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58158831/30_dec_23_storybox_new_year_128.mp3" length="18327928" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो नए साल की रात थी... जब सारा शहर रंगिनियों में खोया था... शहर की सड़कें जश्न के रंग में डूबी हुई थी... लेकिन इसी शहर में शाम से ही पुलिस की गाड़ियां हड़बड़ाए सायरन की आवाज़ बजाते हुए शहर में घूम रही थीं। खबर थी कि इस शहर में एक संदिग्ध शख्स को दाखिल...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो नए साल की रात थी... जब सारा शहर रंगिनियों में खोया था... शहर की सड़कें जश्न के रंग में डूबी हुई थी... लेकिन इसी शहर में शाम से ही पुलिस की गाड़ियां हड़बड़ाए सायरन की आवाज़ बजाते हुए शहर में घूम रही थीं। खबर थी कि इस शहर में एक संदिग्ध शख्स को दाखिल होते हुए देखा गया है जिसके इरादे खतरनाक हैं। वो शख्स कौन था... और क्या चाहता था... जश्न में डूबा हुआ उस शहर की खुशियों पर क्या ग्रहण लगने वाला था.... कौन था वो आदमी जिसकी सुर्ख आंखों में सिर्फ खतरनाक मंसूबे नहीं, कुछ आंसू भी थे - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'न्यू ईयर नाइट और एक क्राइम' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1146</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/620a831aeac95d9511cdeacfc7025aab.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>छुट्टी का एक दिन | स्टोरीबॉक्स | EP 68</title><link>https://www.spreaker.com/episode/chutti-ka-eka-dina-storiboksa-ep-68--58108179</link><description><![CDATA[उस कड़कड़ाती ठंड की सुबह, स्कूल में बतौर टीचर पढ़ाने वाले एक साहब जब स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी उन्हें रेडियो पर खबर मिली कि सर्दी की वजह से आज डीएम साहब ने पूरे ज़िले में दसवीं तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी है। वो मारे खुशी के उछल पड़े लेकिन तभी उनके दिमाग में आयी एक शरारत...  - सुनिए 'छुट्टी का एक दिन' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58108179</guid><pubDate>Sun, 24 Dec 2023 05:43:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58108179/24_dec_23_sb_story_package_23_dec_128.mp3" length="12650788" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस कड़कड़ाती ठंड की सुबह, स्कूल में बतौर टीचर पढ़ाने वाले एक साहब जब स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी उन्हें रेडियो पर खबर मिली कि सर्दी की वजह से आज डीएम साहब ने पूरे ज़िले में दसवीं तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी है। वो मारे खुशी के उछल पड़े...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस कड़कड़ाती ठंड की सुबह, स्कूल में बतौर टीचर पढ़ाने वाले एक साहब जब स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी उन्हें रेडियो पर खबर मिली कि सर्दी की वजह से आज डीएम साहब ने पूरे ज़िले में दसवीं तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी है। वो मारे खुशी के उछल पड़े लेकिन तभी उनके दिमाग में आयी एक शरारत...  - सुनिए 'छुट्टी का एक दिन' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>791</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b2df7d94a77f416f9ba531abf441d33a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>डाकटर साहब | स्टोरीबॉक्स | EP 67</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dakatara-sahaba-storiboksa-ep-67--58033450</link><description><![CDATA[पुराने लखनऊ में वो करीब सौ साल पुरानी क्लीनिक थी जिसमें डाकटर साहब एक बड़ी सी मेज़ के पीछे बैठते थे। पीछे अलमारी में सैकड़ों दवाएं सजी रहती थीं जिसे शायद अर्से से खोला नहीं गया था। डॉकटर खान के हाथों में बड़ी शिफ़ा थी। नाक कान गले के डॉक्टर थे और दो खुराक में पुराने से पुराना मर्ज़ ठीक हो जाता था। बस एक दिक्कत थी और वो ये कि 'डाकटर साहब' डांटते बहुत थे। एक बार पर्चे पर लिखी दवा समझाते थे, आप समझ गए तो ठीक और नहीं समझे तो दोबारा पूछने पर डांट पड़ती थी। एक बार मेरा भी तजुर्बा हुआ उनसे दवा लेने का। मैं पहुंचा तो देखा देखा उम्रदराज़ डॉक्टर साहब अपनी सीट पर बैठे हैं लेकिन कौन जानता था कि वो दिन मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा - सुनिए स्टोरीबॉक्स में 'डाकटर साहब' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58033450</guid><pubDate>Sun, 17 Dec 2023 03:00:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58033450/15_dec_23_storybox_daaktar_sahab_mix_15_dec_128.mp3" length="13653472" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पुराने लखनऊ में वो करीब सौ साल पुरानी क्लीनिक थी जिसमें डाकटर साहब एक बड़ी सी मेज़ के पीछे बैठते थे। पीछे अलमारी में सैकड़ों दवाएं सजी रहती थीं जिसे शायद अर्से से खोला नहीं गया था। डॉकटर खान के हाथों में बड़ी शिफ़ा थी। नाक कान गले के डॉक्टर थे और दो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पुराने लखनऊ में वो करीब सौ साल पुरानी क्लीनिक थी जिसमें डाकटर साहब एक बड़ी सी मेज़ के पीछे बैठते थे। पीछे अलमारी में सैकड़ों दवाएं सजी रहती थीं जिसे शायद अर्से से खोला नहीं गया था। डॉकटर खान के हाथों में बड़ी शिफ़ा थी। नाक कान गले के डॉक्टर थे और दो खुराक में पुराने से पुराना मर्ज़ ठीक हो जाता था। बस एक दिक्कत थी और वो ये कि 'डाकटर साहब' डांटते बहुत थे। एक बार पर्चे पर लिखी दवा समझाते थे, आप समझ गए तो ठीक और नहीं समझे तो दोबारा पूछने पर डांट पड़ती थी। एक बार मेरा भी तजुर्बा हुआ उनसे दवा लेने का। मैं पहुंचा तो देखा देखा उम्रदराज़ डॉक्टर साहब अपनी सीट पर बैठे हैं लेकिन कौन जानता था कि वो दिन मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा - सुनिए स्टोरीबॉक्स में 'डाकटर साहब' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>854</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fbbe39c1b359bb28f2c9e5c1bfa4e77f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चचाजान की लव मैरिज | स्टोरीबॉक्स | EP 66</title><link>https://www.spreaker.com/episode/cacajana-ki-lava-mairija-storiboksa-ep-66--57963858</link><description><![CDATA[ये उन दिनों की बात है कि जब चचा जान अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे और उन दिनों गेट नम्बर दो पर एक पीसीओ होता था। पीसीओ के मालिक रमज़ानी भाई से चचा की दोस्ती थी। दिनभर चाय का दौर चलता रहता। लेकिन उन दिनों फोन पर किसी को बुला देना का बड़ी रवायत थी। फोन आता है कि भई फलां बोल रहे हैं, फलां को बुला दीजिए। दिन भर मोहल्लेदारी में किसी न किसी को बुलाना होता था... पर फोन जब आता था तो मैं और रमज़ानी भाई का चेहरा खिल जाता था। ये कॉल था किसी आबिदा का होता था, जो कहती थीं कि हाजी साहब की बेटी रुकसाना को बुलाने के लिए कहती थीं। रुकसाना को बुलाने के लिए चचा नंगे पाँव दौड़ जाते थे। पर उन्हें नहीं पता था कि इस राह में एक बहुत बड़ा खतरा उनका इंतज़ार कर रहा है। - सुनिए कहानी 'चचाजान की लव मैरिज' स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57963858</guid><pubDate>Sun, 10 Dec 2023 06:25:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57963858/10_dec_23_storybox_chachajaan_ki_love_story_128.mp3" length="16686602" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये उन दिनों की बात है कि जब चचा जान अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे और उन दिनों गेट नम्बर दो पर एक पीसीओ होता था। पीसीओ के मालिक रमज़ानी भाई से चचा की दोस्ती थी। दिनभर चाय का दौर चलता रहता। लेकिन उन दिनों फोन पर किसी को बुला देना का बड़ी रवायत थी। फोन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये उन दिनों की बात है कि जब चचा जान अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे और उन दिनों गेट नम्बर दो पर एक पीसीओ होता था। पीसीओ के मालिक रमज़ानी भाई से चचा की दोस्ती थी। दिनभर चाय का दौर चलता रहता। लेकिन उन दिनों फोन पर किसी को बुला देना का बड़ी रवायत थी। फोन आता है कि भई फलां बोल रहे हैं, फलां को बुला दीजिए। दिन भर मोहल्लेदारी में किसी न किसी को बुलाना होता था... पर फोन जब आता था तो मैं और रमज़ानी भाई का चेहरा खिल जाता था। ये कॉल था किसी आबिदा का होता था, जो कहती थीं कि हाजी साहब की बेटी रुकसाना को बुलाने के लिए कहती थीं। रुकसाना को बुलाने के लिए चचा नंगे पाँव दौड़ जाते थे। पर उन्हें नहीं पता था कि इस राह में एक बहुत बड़ा खतरा उनका इंतज़ार कर रहा है। - सुनिए कहानी 'चचाजान की लव मैरिज' स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1043</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/484d8366c61c5312516e8b78891cbb39.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सागर साहब का ऑटोग्राफ़ | स्टोरीबॉक्स | EP 65</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sagara-sahaba-ka-otografa-storiboksa-ep-65--57889493</link><description><![CDATA[सड़क पर टहलते उस आदमी ने मुझसे कहा कि आप मेरी मदद कर सकते हैं क्या? मैं समझ गया कि ये आदमी अब मुझसे कहेगा कि इसका पर्स कहीं गिर गया है या फिर ये दूसरे शहर का है और पैसे कहीं खो गए हैं या ऐसी ही कोई बात कहेगा और मुझसे पैसे मांगेगा. मैंने भी सोच लिया था कि मैं उसे पैसे बिल्कुल नहीं दूंगा क्योंकि ऐसे ठगों को मैंने खूब देखा है. मैंने कहा, "बताइये क्या मदद चाहते हैं?" वो मेरी देखते हुए बोला, "मेरा नाम सागर है, मैं एक राइटर हूं. क्या आप मेरा ऑटोग्राफ ले सकते हैं प्लीज़?" - सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' की नई कहानी 'सागर साहब का ऑटोग्राफ़' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57889493</guid><pubDate>Sun, 03 Dec 2023 05:13:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57889493/02_dec_23_sb_autograph_128.mp3" length="15479118" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सड़क पर टहलते उस आदमी ने मुझसे कहा कि आप मेरी मदद कर सकते हैं क्या? मैं समझ गया कि ये आदमी अब मुझसे कहेगा कि इसका पर्स कहीं गिर गया है या फिर ये दूसरे शहर का है और पैसे कहीं खो गए हैं या ऐसी ही कोई बात कहेगा और मुझसे पैसे मांगेगा. मैंने भी सोच लिया था...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सड़क पर टहलते उस आदमी ने मुझसे कहा कि आप मेरी मदद कर सकते हैं क्या? मैं समझ गया कि ये आदमी अब मुझसे कहेगा कि इसका पर्स कहीं गिर गया है या फिर ये दूसरे शहर का है और पैसे कहीं खो गए हैं या ऐसी ही कोई बात कहेगा और मुझसे पैसे मांगेगा. मैंने भी सोच लिया था कि मैं उसे पैसे बिल्कुल नहीं दूंगा क्योंकि ऐसे ठगों को मैंने खूब देखा है. मैंने कहा, "बताइये क्या मदद चाहते हैं?" वो मेरी देखते हुए बोला, "मेरा नाम सागर है, मैं एक राइटर हूं. क्या आप मेरा ऑटोग्राफ ले सकते हैं प्लीज़?" - सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' की नई कहानी 'सागर साहब का ऑटोग्राफ़' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>968</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5de3a32e66c9c2281b5eb62d18fb7758.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पाँच सौ का नोट | स्टोरीबॉक्स | EP 64</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pamca-sau-ka-nota-storiboksa-ep-64--57808930</link><description><![CDATA[सात साल की मेरी बेटी त्रिशा दोपहर से लापता थी। मैंने पूरे शहर के कई चक्कर लगा लिये थे लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया था। मैं और मेरे पड़ोसी ज़ैदी साहब थक हार कर घर पहुंचे ही थे कि मेरे घर का फोन बजा। पुलिस स्टेशन से कॉल था। उन्होंने बताया कि भगत सिंह चौक पर लगे सीसीटीवी में त्रिशा को देखा गया है। उसके साथ कोई आदमी है। मैं हड़बड़ाया हुआ पुलिस स्टेशन पहुंचा तो उन्होंने मुझे वीडियो दिखायी गयी मैंने देखा कि उस तस्वीर में त्रिशा के साथ जो आदमी था वो कोई और नहीं, गोपाल था। वही गोपाल जो कभी हमारी सोसाइटी में वॉचमैन का काम करता था। सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी 'पाँच सौ का नोट'.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57808930</guid><pubDate>Sun, 26 Nov 2023 07:40:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57808930/24_nov_23_story_box_500_ka_note_mix_128.mp3" length="19290070" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सात साल की मेरी बेटी त्रिशा दोपहर से लापता थी। मैंने पूरे शहर के कई चक्कर लगा लिये थे लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया था। मैं और मेरे पड़ोसी ज़ैदी साहब थक हार कर घर पहुंचे ही थे कि मेरे घर का फोन बजा। पुलिस स्टेशन से कॉल था। उन्होंने बताया कि...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सात साल की मेरी बेटी त्रिशा दोपहर से लापता थी। मैंने पूरे शहर के कई चक्कर लगा लिये थे लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया था। मैं और मेरे पड़ोसी ज़ैदी साहब थक हार कर घर पहुंचे ही थे कि मेरे घर का फोन बजा। पुलिस स्टेशन से कॉल था। उन्होंने बताया कि भगत सिंह चौक पर लगे सीसीटीवी में त्रिशा को देखा गया है। उसके साथ कोई आदमी है। मैं हड़बड़ाया हुआ पुलिस स्टेशन पहुंचा तो उन्होंने मुझे वीडियो दिखायी गयी मैंने देखा कि उस तस्वीर में त्रिशा के साथ जो आदमी था वो कोई और नहीं, गोपाल था। वही गोपाल जो कभी हमारी सोसाइटी में वॉचमैन का काम करता था। सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी 'पाँच सौ का नोट'.]]></itunes:summary><itunes:duration>1206</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f9b5b801affe03d4312a475aa4f6fc37.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>तूफ़ान की एक रात | स्टोरीबॉक्स | EP 63</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tufana-ki-eka-rata-storiboksa-ep-63--57708179</link><description><![CDATA[वो तूफ़ान की एक रात थी। पूरे शहर की बिजली चली गयी थी और इस सिरे से उस सिरे तक अंधेरा ही अंधेरा था। बारिश इतनी तेज़ थी कि लगता था पूरे शहर को बहा ले जाएगी। इसी अंधेरे में चैपल स्ट्रीट के एक दो मंज़िला मकान पर एक लड़की अंधेरे कमरे में अपनी ज़िंदगी की उदासियों, मायूसियों और तल्खियों के साथ छत से लटकते फंदे से झूल जाने की तैयारी में थी। लेकिन उसी वक्त उसके दरवाज़े पर दस्तक हुई... सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'तूफ़ान की एक रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57708179</guid><pubDate>Sun, 19 Nov 2023 07:39:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57708179/21_nov_23_storybox_toofan_21_nov_128.mp3" length="18940656" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो तूफ़ान की एक रात थी। पूरे शहर की बिजली चली गयी थी और इस सिरे से उस सिरे तक अंधेरा ही अंधेरा था। बारिश इतनी तेज़ थी कि लगता था पूरे शहर को बहा ले जाएगी। इसी अंधेरे में चैपल स्ट्रीट के एक दो मंज़िला मकान पर एक लड़की अंधेरे कमरे में अपनी ज़िंदगी की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो तूफ़ान की एक रात थी। पूरे शहर की बिजली चली गयी थी और इस सिरे से उस सिरे तक अंधेरा ही अंधेरा था। बारिश इतनी तेज़ थी कि लगता था पूरे शहर को बहा ले जाएगी। इसी अंधेरे में चैपल स्ट्रीट के एक दो मंज़िला मकान पर एक लड़की अंधेरे कमरे में अपनी ज़िंदगी की उदासियों, मायूसियों और तल्खियों के साथ छत से लटकते फंदे से झूल जाने की तैयारी में थी। लेकिन उसी वक्त उसके दरवाज़े पर दस्तक हुई... सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'तूफ़ान की एक रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1184</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ca2ef83a0a23dda4383d6b97899c5929.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बदनाम सा एक शायर | स्टोरीबॉक्स | EP 62</title><link>https://www.spreaker.com/episode/badanama-sa-eka-sayara-storiboksa-ep-62--57602253</link><description><![CDATA[शायर का काम दुनिया बदलना नहीं होता, उनका काम बस दुनिया को ये बताते रहना है कि इस दुनिया को बदलना क्यों ज़रूरी है। वो भी एक शायर था जिसके मन में इंकलाब के शोले थे मगर उसके दामन पर एक अजीब क़िस्म की बदनामी का दाग था जिसे वो हर हाल में मिटाना चाहता था। सुनिए कहानी 'बदनाम सा एक शायर' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57602253</guid><pubDate>Sun, 12 Nov 2023 03:43:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57602253/15_nov_23_sb_shayar_re_128.mp3" length="19076911" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शायर का काम दुनिया बदलना नहीं होता, उनका काम बस दुनिया को ये बताते रहना है कि इस दुनिया को बदलना क्यों ज़रूरी है। वो भी एक शायर था जिसके मन में इंकलाब के शोले थे मगर उसके दामन पर एक अजीब क़िस्म की बदनामी का दाग था जिसे वो हर हाल में मिटाना चाहता था।...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शायर का काम दुनिया बदलना नहीं होता, उनका काम बस दुनिया को ये बताते रहना है कि इस दुनिया को बदलना क्यों ज़रूरी है। वो भी एक शायर था जिसके मन में इंकलाब के शोले थे मगर उसके दामन पर एक अजीब क़िस्म की बदनामी का दाग था जिसे वो हर हाल में मिटाना चाहता था। सुनिए कहानी 'बदनाम सा एक शायर' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1193</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0e30627eed6fcfeff97b5a69aba8fcf3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हरा दुपट्टा | स्टोरीबॉक्स | EP 61</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hara-dupatta-storiboksa-ep-61--57515118</link><description><![CDATA[किसी की दुआ, किसी और के लिए बद्दुआ बन जाती है। उसे तो यही लगता था कि काश उसने हिबा को पाने की दुआ न मांगी होती तो उसका मंगेतर रोड एक्सीडेंट में मरता नहीं। क्या अब हिबा अपने मंगेतर के पसंदीदा रंग सफेद तो को ही अपनी ज़िंदगी में शामिल रखेगी या कभी कोई और रंग भी उसके हिस्से में आ पाएगा? सुनिए कहानी 'हरा दुपट्टा' स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57515118</guid><pubDate>Sun, 05 Nov 2023 04:46:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57515118/03_nov_23_story_box_har_adupatta_3_nov_mix_128.mp3" length="15810142" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>किसी की दुआ, किसी और के लिए बद्दुआ बन जाती है। उसे तो यही लगता था कि काश उसने हिबा को पाने की दुआ न मांगी होती तो उसका मंगेतर रोड एक्सीडेंट में मरता नहीं। क्या अब हिबा अपने मंगेतर के पसंदीदा रंग सफेद तो को ही अपनी ज़िंदगी में शामिल रखेगी या कभी कोई और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[किसी की दुआ, किसी और के लिए बद्दुआ बन जाती है। उसे तो यही लगता था कि काश उसने हिबा को पाने की दुआ न मांगी होती तो उसका मंगेतर रोड एक्सीडेंट में मरता नहीं। क्या अब हिबा अपने मंगेतर के पसंदीदा रंग सफेद तो को ही अपनी ज़िंदगी में शामिल रखेगी या कभी कोई और रंग भी उसके हिस्से में आ पाएगा? सुनिए कहानी 'हरा दुपट्टा' स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>989</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ed527eac8fd6c4d29a9273aca5f7c99a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हम नहीं थे बेवफ़ा | स्टोरीबॉक्स | EP 60</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hama-nahim-the-bevafa-storiboksa-ep-60--57425346</link><description><![CDATA[शायर बशीर बद्र ने कहा था कि हर बेवफ़ा शख्स की कुछ मजबूरियां होती हैं लेकिन क्या अपने साथ हुई बेवफ़ाई को इस तरह भुला पाना सबके बस में होता है? क्या सुहानी जो अपने दिल में ज़ख्मों को सजा कर बैठी है कभी उन कड़वी यादों की सरहद को लांघ पाएगी? सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'हम नहीं थे बेवफ़ा' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57425346</guid><pubDate>Sun, 29 Oct 2023 03:20:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57425346/27_oct_23_storybox_27_oct_128.mp3" length="21853413" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शायर बशीर बद्र ने कहा था कि हर बेवफ़ा शख्स की कुछ मजबूरियां होती हैं लेकिन क्या अपने साथ हुई बेवफ़ाई को इस तरह भुला पाना सबके बस में होता है? क्या सुहानी जो अपने दिल में ज़ख्मों को सजा कर बैठी है कभी उन कड़वी यादों की सरहद को लांघ पाएगी? सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शायर बशीर बद्र ने कहा था कि हर बेवफ़ा शख्स की कुछ मजबूरियां होती हैं लेकिन क्या अपने साथ हुई बेवफ़ाई को इस तरह भुला पाना सबके बस में होता है? क्या सुहानी जो अपने दिल में ज़ख्मों को सजा कर बैठी है कभी उन कड़वी यादों की सरहद को लांघ पाएगी? सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'हम नहीं थे बेवफ़ा' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1366</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e26eae7f931cbb93704d49bc7e318a68.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>उल्लू का पट्ठा | स्टोरीबॉक्स | EP 59</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ullu-ka-pattha-storiboksa-ep-59--57340356</link><description><![CDATA[क़ासिम पागल नहीं था, वो होशमंद आदमी था पर ये अजीब सी ख़्वाहिश उसके दिल में चिंगारी की तरह भड़क रही थी कि वो जल्दी से किसी को 'उल्लू का पट्ठा' कह दे। लेकिन क्यों? किसलिए? ये नहीं पता था। बस दिल से आवाज़ निकल रही थी कि किसी से कोई ग़लती हो और वो फ़टाक से उसे 'उल्लू का पट्ठा' कह दे। क्या क़ासिम किसी को कह पाया उल्लू का पट्टा? - सुनिए सआदत हसन मंटो की कहानी - स्टोरीबॉक्स में.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग- नितिन रावत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57340356</guid><pubDate>Sun, 22 Oct 2023 06:33:50 +0000</pubDate><enclosure 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रावत]]></itunes:summary><itunes:duration>967</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f1f8e96a1551fafb7f4ecfd0eb0ab9c6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चौधरी साहब का तोता | स्टोरीबॉक्स | EP 58</title><link>https://www.spreaker.com/episode/caudhari-sahaba-ka-tota-storiboksa-ep-58--57238021</link><description><![CDATA[चौधरी साहब जब मरे तो अपने पीछे एक तोता छोड़ गए। तोते का पिंजड़ा घर की ड्योढ़ी पर लटका रहता था और तोता आते-जाते लोगों को गालियां देता रहता। दरअसल गाली-गलौज की आदत तोते ने अपने मरहूम मालिक से सीखी थी। बेवा चौधराइन उसे कभी अमरूद, कभी रोटी का टुकड़ा डाल देती और वो मज़े से खाकर टें-टें करने लगता। एक रोज़ मकान मालिक किराया लेने घर आया - सुनिए मशहूर राइटर मोहम्मद अली रूदौलवी के लिखे मज़मून का एक हिस्सा - चौधरी साहब का तोता - स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57238021</guid><pubDate>Sun, 15 Oct 2023 05:04:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57238021/15_oct_23_story_box_chaudhary_ka_tota_128.mp3" length="13109289" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चौधरी साहब जब मरे तो अपने पीछे एक तोता छोड़ गए। तोते का पिंजड़ा घर की ड्योढ़ी पर लटका रहता था और तोता आते-जाते लोगों को गालियां देता रहता। दरअसल गाली-गलौज की आदत तोते ने अपने मरहूम मालिक से सीखी थी। बेवा चौधराइन उसे कभी अमरूद, कभी रोटी का टुकड़ा डाल...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चौधरी साहब जब मरे तो अपने पीछे एक तोता छोड़ गए। तोते का पिंजड़ा घर की ड्योढ़ी पर लटका रहता था और तोता आते-जाते लोगों को गालियां देता रहता। दरअसल गाली-गलौज की आदत तोते ने अपने मरहूम मालिक से सीखी थी। बेवा चौधराइन उसे कभी अमरूद, कभी रोटी का टुकड़ा डाल देती और वो मज़े से खाकर टें-टें करने लगता। एक रोज़ मकान मालिक किराया लेने घर आया - सुनिए मशहूर राइटर मोहम्मद अली रूदौलवी के लिखे मज़मून का एक हिस्सा - चौधरी साहब का तोता - स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>820</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/75f94ada1665411dc78ce60b049a23c3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इश्क़ में कभी कभी | Part 2 | स्टोरीबॉक्स | EP 57</title><link>https://www.spreaker.com/episode/isqa-mem-kabhi-kabhi-part-2-storiboksa-ep-57--57151356</link><description><![CDATA[हम एक बार बिछड़ चुके थे, दूसरी बार बिछड़ना नहीं चाहते थे। शनाया से जब मैं दूसरी बार मिला तो मेरे हाथ में एक किताब थी 'निर्मल वर्मा' की 'वे दिन' जिसके आखिरी पन्ने पर जो लिखा था अगर वो शनाया पढ़ लेती तो हमारे बीच का वो फासला मिट जाता जो देखने में तो हमारे बीच रखी मेज़ बराबर था, पर असल में उससे कहीं ज़्यादा था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते की कहानी 'इश्क़ में कभी-कभी - पार्ट टू']]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57151356</guid><pubDate>Sun, 08 Oct 2023 06:18:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57151356/06_oct_23_story_box_ishq_mein_kabhi_kabhi_part_2_mix_128.mp3" length="18692806" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हम एक बार बिछड़ चुके थे, दूसरी बार बिछड़ना नहीं चाहते थे। शनाया से जब मैं दूसरी बार मिला तो मेरे हाथ में एक किताब थी 'निर्मल वर्मा' की 'वे दिन' जिसके आखिरी पन्ने पर जो लिखा था अगर वो शनाया पढ़ लेती तो हमारे बीच का वो फासला मिट जाता जो देखने में तो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हम एक बार बिछड़ चुके थे, दूसरी बार बिछड़ना नहीं चाहते थे। शनाया से जब मैं दूसरी बार मिला तो मेरे हाथ में एक किताब थी 'निर्मल वर्मा' की 'वे दिन' जिसके आखिरी पन्ने पर जो लिखा था अगर वो शनाया पढ़ लेती तो हमारे बीच का वो फासला मिट जाता जो देखने में तो हमारे बीच रखी मेज़ बराबर था, पर असल में उससे कहीं ज़्यादा था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते की कहानी 'इश्क़ में कभी-कभी - पार्ट टू']]></itunes:summary><itunes:duration>1169</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/520e537539b5e09362d5d5383f09c2ac.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इश्क़ में कभी कभी | Part 1 | स्टोरीबॉक्स | EP 56</title><link>https://www.spreaker.com/episode/isqa-mem-kabhi-kabhi-part-1-storiboksa-ep-56--57008573</link><description><![CDATA[बेल बजी और दरवाज़ा खुला...  लाल लाल सुर्ख आंखे, रंग बादामी, मूछें घनी...  वो शख्स पुलिस अफसर तो कहीं से नहीं लग रहे थे पर बल्कि कदकाठी से ऐसे जल्लाद मालूम होते थे जो फांसी का तख्ता न होने पर आदमी को बगल में दबाकर भी मार सकते थे। सुनिए कहानी - 'इश्क़ में कभी कभी' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57008573</guid><pubDate>Sun, 01 Oct 2023 03:14:18 +0000</pubDate><enclosure 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href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5cb41b8aacf284d65e93c00a3d1611ec.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मामूजान घर पे हैं? | स्टोरीबॉक्स | EP 55</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mamujana-ghara-pe-haim-storiboksa-ep-55--56914182</link><description><![CDATA[मेरे अब्बा को पता नहीं किसने बता दिया था हॉस्टल बहुत बुरी जगह होती है। उनको लगता था कि हॉस्टल गुनाहों की एक दोज़ख होती है। हॉस्टल में रहने वाले लड़के नशे में चूर सड़कों पर मिलते हैं या जुए खानों में। इसलिए लाहौर में हमारे एक दूर के मामू ढूंढे गए। और फर्ज़ी क़िस्सों से ये साबित किया गया कि जब मैं बच्चा था तो वो मुझे बहुत चाहते थे। मामू के बारे में मैंने पता किया तो मालुम चला कि उनके यहां रहने वाले लड़कों के बाल कैसे होंगे, कोट कितना लंबा होगा से लेकर किससे मिलना है और किससे नहीं, ये भी मामू ही तय करते थे - सुनिए पतरस बुखारी की लिखे मज़मून का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56914182</guid><pubDate>Sun, 24 Sep 2023 04:45:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56914182/24_sep_23_storybox_mamu_128.mp3" length="16809064" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मेरे अब्बा को पता नहीं किसने बता दिया था हॉस्टल बहुत बुरी जगह होती है। उनको लगता था कि हॉस्टल गुनाहों की एक दोज़ख होती है। हॉस्टल में रहने वाले लड़के नशे में चूर सड़कों पर मिलते हैं या जुए खानों में। इसलिए लाहौर में हमारे एक दूर के मामू ढूंढे गए। और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मेरे अब्बा को पता नहीं किसने बता दिया था हॉस्टल बहुत बुरी जगह होती है। उनको लगता था कि हॉस्टल गुनाहों की एक दोज़ख होती है। हॉस्टल में रहने वाले लड़के नशे में चूर सड़कों पर मिलते हैं या जुए खानों में। इसलिए लाहौर में हमारे एक दूर के मामू ढूंढे गए। और फर्ज़ी क़िस्सों से ये साबित किया गया कि जब मैं बच्चा था तो वो मुझे बहुत चाहते थे। मामू के बारे में मैंने पता किया तो मालुम चला कि उनके यहां रहने वाले लड़कों के बाल कैसे होंगे, कोट कितना लंबा होगा से लेकर किससे मिलना है और किससे नहीं, ये भी मामू ही तय करते थे - सुनिए पतरस बुखारी की लिखे मज़मून का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1051</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8fe19b2ccaff1cf8247508a070913036.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दो अजनबी, एक सिगरेट | स्टोरीबॉक्स | EP 54</title><link>https://www.spreaker.com/episode/do-ajanabi-eka-sigareta-storiboksa-ep-54--56828696</link><description><![CDATA[शहर में दंगे के बाद कर्फ्यू लगा हुआ था। पुलिस की गाड़ियां गश्त लगा रही थीं। इसी दौरान वो आदमी छुपता हुआ एक बड़े से कूड़ेदान में छुप गया। पर वहां एक आदमी पहले से मौजूद था। वो भी अपनी जान बचाने के लिए छुपा हुआ था। एक ने दूसरे से पूछा, "तुम्हारा नाम क्या है" दूसरे ने कहा, "पहले तुम बताओ" दोनों की आंखों में एक गहरा अविश्वास था। कुछ देर के बाद एक ने दूसरे से कहा, "सिगरेट पियोगे"? - सुनिए समरेश बसु की लिखी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56828696</guid><pubDate>Sun, 17 Sep 2023 06:36:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56828696/17_sep_23_sb_cigarette_mix_128.mp3" length="25005662" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहर में दंगे के बाद कर्फ्यू लगा हुआ था। पुलिस की गाड़ियां गश्त लगा रही थीं। इसी दौरान वो आदमी छुपता हुआ एक बड़े से कूड़ेदान में छुप गया। पर वहां एक आदमी पहले से मौजूद था। वो भी अपनी जान बचाने के लिए छुपा हुआ था। एक ने दूसरे से पूछा, "तुम्हारा नाम क्या...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहर में दंगे के बाद कर्फ्यू लगा हुआ था। पुलिस की गाड़ियां गश्त लगा रही थीं। इसी दौरान वो आदमी छुपता हुआ एक बड़े से कूड़ेदान में छुप गया। पर वहां एक आदमी पहले से मौजूद था। वो भी अपनी जान बचाने के लिए छुपा हुआ था। एक ने दूसरे से पूछा, "तुम्हारा नाम क्या है" दूसरे ने कहा, "पहले तुम बताओ" दोनों की आंखों में एक गहरा अविश्वास था। कुछ देर के बाद एक ने दूसरे से कहा, "सिगरेट पियोगे"? - सुनिए समरेश बसु की लिखी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1563</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f4c87248abd2cddf662d29470e1fc9ee.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दो फर्लांग लंबी सड़क | स्टोरीबॉक्स | EP 53</title><link>https://www.spreaker.com/episode/do-pharlanga-lambi-saraka-storiboksa-ep-53--56750163</link><description><![CDATA[ये सड़क जो कचहरी से होते हुए लॉ कॉलेज के आखिरी दरवाज़े तक जाती है मैं इस पर बीते नौ सालों से रोज़ाना दफ़्तर जाता हूं। इस सड़क ने क्या क्या देखा है, क्या क्या इसे याद है लेकिन ये चुप रहती है उन बुज़ुर्गों की तरह जिन्होंने दुनिया को बदलते हुए देखा है पर वो अपने तजुर्बों को लिए ख़ामोशी के साथ बुझती हुई आंखों से बदलते वक्त को देखते रहते हैं। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'दो फर्लांग लंबी सड़क' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56750163</guid><pubDate>Sun, 10 Sep 2023 05:00:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56750163/09_sep_23_story_box_2_falang_sadak_mix_128.mp3" length="11808182" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये सड़क जो कचहरी से होते हुए लॉ कॉलेज के आखिरी दरवाज़े तक जाती है मैं इस पर बीते नौ सालों से रोज़ाना दफ़्तर जाता हूं। इस सड़क ने क्या क्या देखा है, क्या क्या इसे याद है लेकिन ये चुप रहती है उन बुज़ुर्गों की तरह जिन्होंने दुनिया को बदलते हुए देखा है पर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये सड़क जो कचहरी से होते हुए लॉ कॉलेज के आखिरी दरवाज़े तक जाती है मैं इस पर बीते नौ सालों से रोज़ाना दफ़्तर जाता हूं। इस सड़क ने क्या क्या देखा है, क्या क्या इसे याद है लेकिन ये चुप रहती है उन बुज़ुर्गों की तरह जिन्होंने दुनिया को बदलते हुए देखा है पर वो अपने तजुर्बों को लिए ख़ामोशी के साथ बुझती हुई आंखों से बदलते वक्त को देखते रहते हैं। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'दो फर्लांग लंबी सड़क' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>739</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9f7f6dd06fe9bff9fb292c9e15736c76.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>त्रास : कहानी दिल्ली की एक सड़क की | स्टोरीबॉक्स | EP 52</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trasa-kahani-dilli-ki-eka-saraka-ki-storiboksa-ep-52--56670374</link><description><![CDATA[मेरी कार से उस साइकिल सवार की टक्कर हो गयी थी। ग़लती तो मेरी ही थी लेकिन दिल्ली की सड़क पर एक्सीडेंट के बाद बचाव का तरीका यही है कि गुस्सा करते हुए बाहर निकलो, ताकि लगे ग़लती दूसरे की है - सुनिए भीष्म साहनी की कहानी 'त्रास' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56670374</guid><pubDate>Sun, 03 Sep 2023 02:38:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56670374/02_sep_23_sb_trass_2_sept_128.mp3" length="20613746" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मेरी कार से उस साइकिल सवार की टक्कर हो गयी थी। ग़लती तो मेरी ही थी लेकिन दिल्ली की सड़क पर एक्सीडेंट के बाद बचाव का तरीका यही है कि गुस्सा करते हुए बाहर निकलो, ताकि लगे ग़लती दूसरे की है - सुनिए भीष्म साहनी की कहानी 'त्रास' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मेरी कार से उस साइकिल सवार की टक्कर हो गयी थी। ग़लती तो मेरी ही थी लेकिन दिल्ली की सड़क पर एक्सीडेंट के बाद बचाव का तरीका यही है कि गुस्सा करते हुए बाहर निकलो, ताकि लगे ग़लती दूसरे की है - सुनिए भीष्म साहनी की कहानी 'त्रास' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1289</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/392382efe7a0e3748fa4c097960d607f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सांवली सी एक लड़की | स्टोरीबॉक्स | EP 51</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sanvali-si-eka-laraki-storiboksa-ep-51--56601447</link><description><![CDATA[लड़के वाले आ चुके थे। बगल वाले कमरे से उनकी बातचीत की आवाज़ सुनाई दे रही थी। मां ने मुझे उस दिन बैंगनी साड़ी पहनाई थी क्योंकि उन्हें लगता था कि उसमें मेरा रंग कम सांवला लगता है। कमरे में ले जाते हुए मम्मी ने मेरे कंधों को ऐसे थामा जैसे मैं हमेशा सहारे से चलती हूं। कमरे में दाखिल होती ही तमाम नज़रें मुझ पर घिर गयीं जैसे किसी बाज़ार में सामान पर गड़ जाती हैं। मेरे चेहरे को, मेरे रंग को नज़रें तौलने लगीं और फिर उनके चेहरे पर मैंने कुछ नाखुशी देखी। लड़के की मां ने कहा, "आप की छोटी बेटी कहां है?" - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी -सांवली से एक लड़की- जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56601447</guid><pubDate>Sun, 27 Aug 2023 02:35:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56601447/25_aug_23_sb_sanwli_si_ek_ladki_mix_128.mp3" length="16059663" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>लड़के वाले आ चुके थे। बगल वाले कमरे से उनकी बातचीत की आवाज़ सुनाई दे रही थी। मां ने मुझे उस दिन बैंगनी साड़ी पहनाई थी क्योंकि उन्हें लगता था कि उसमें मेरा रंग कम सांवला लगता है। कमरे में ले जाते हुए मम्मी ने मेरे कंधों को ऐसे थामा जैसे मैं हमेशा सहारे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[लड़के वाले आ चुके थे। बगल वाले कमरे से उनकी बातचीत की आवाज़ सुनाई दे रही थी। मां ने मुझे उस दिन बैंगनी साड़ी पहनाई थी क्योंकि उन्हें लगता था कि उसमें मेरा रंग कम सांवला लगता है। कमरे में ले जाते हुए मम्मी ने मेरे कंधों को ऐसे थामा जैसे मैं हमेशा सहारे से चलती हूं। कमरे में दाखिल होती ही तमाम नज़रें मुझ पर घिर गयीं जैसे किसी बाज़ार में सामान पर गड़ जाती हैं। मेरे चेहरे को, मेरे रंग को नज़रें तौलने लगीं और फिर उनके चेहरे पर मैंने कुछ नाखुशी देखी। लड़के की मां ने कहा, "आप की छोटी बेटी कहां है?" - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी -सांवली से एक लड़की- जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1004</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c9674f896ae441a6ff83e407321358cd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दूसरी शादी | स्टोरीबॉक्स | EP 50</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dusari-sadi-storiboksa-ep-50--56523768</link><description><![CDATA[पूरे घर को बदल दिया गया था। पापा ने मेज़ पर बिछे मेज़पोश से लेकर पर्दे तक, सब नए मंगवाए थे। दीवारों पर लगी धुंधली तस्वीरों को साफ किया। चाय के लिए पड़ोस से मंहगा वाला टी सेट मांग कर लाए। शहर की सबसे अच्छी बेकरी शॉप से बिस्किट और नमकीन खरीदे। घर की कालीनें बालकनी से लटका कर तीन बार झाड़ी गयी थीं। आने वाले खास मेहमानों को घर बिल्कुल नया लग रहा था पर वो नहीं जानते थे कि उसे मकान के एक कमरे में कुछ पुराने गम सिसक रहे थे। - सुनिए 'दूसरी शादी' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56523768</guid><pubDate>Sun, 20 Aug 2023 02:48:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56523768/20_aug_23_story_box_dusri_shadi_128.mp3" length="20070817" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पूरे घर को बदल दिया गया था। पापा ने मेज़ पर बिछे मेज़पोश से लेकर पर्दे तक, सब नए मंगवाए थे। दीवारों पर लगी धुंधली तस्वीरों को साफ किया। चाय के लिए पड़ोस से मंहगा वाला टी सेट मांग कर लाए। शहर की सबसे अच्छी बेकरी शॉप से बिस्किट और नमकीन खरीदे। घर की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पूरे घर को बदल दिया गया था। पापा ने मेज़ पर बिछे मेज़पोश से लेकर पर्दे तक, सब नए मंगवाए थे। दीवारों पर लगी धुंधली तस्वीरों को साफ किया। चाय के लिए पड़ोस से मंहगा वाला टी सेट मांग कर लाए। शहर की सबसे अच्छी बेकरी शॉप से बिस्किट और नमकीन खरीदे। घर की कालीनें बालकनी से लटका कर तीन बार झाड़ी गयी थीं। आने वाले खास मेहमानों को घर बिल्कुल नया लग रहा था पर वो नहीं जानते थे कि उसे मकान के एक कमरे में कुछ पुराने गम सिसक रहे थे। - सुनिए 'दूसरी शादी' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1255</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ebbc8c4152c5562f752d08635619c796.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चुन्ने ख़ान का जिन्न | स्टोरीबॉक्स | EP 49</title><link>https://www.spreaker.com/episode/cunne-khana-ka-jinna-storiboksa-ep-49--56453905</link><description><![CDATA[मस्जिद की दीवार से लगी हुई बैटरी रिपेयर की दुकान चलाने वाले चुन्ने खान को पता चला कि एक लड़की पर आ गया है किर्गिस्तान का जिन्न और उस जिन को उतारने के लिए बुलाया गया है उनके दुश्मन हसीन अहमद को। अब क्या करेंगे चुन्ने खान... सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी 'चुन्नू खान का जिन्न' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56453905</guid><pubDate>Sun, 13 Aug 2023 07:56:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56453905/13_aug_23_sb_jin_package_13_aug_128.mp3" length="17809658" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मस्जिद की दीवार से लगी हुई बैटरी रिपेयर की दुकान चलाने वाले चुन्ने खान को पता चला कि एक लड़की पर आ गया है किर्गिस्तान का जिन्न और उस जिन को उतारने के लिए बुलाया गया है उनके दुश्मन हसीन अहमद को। अब क्या करेंगे चुन्ने खान... सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मस्जिद की दीवार से लगी हुई बैटरी रिपेयर की दुकान चलाने वाले चुन्ने खान को पता चला कि एक लड़की पर आ गया है किर्गिस्तान का जिन्न और उस जिन को उतारने के लिए बुलाया गया है उनके दुश्मन हसीन अहमद को। अब क्या करेंगे चुन्ने खान... सुनिए स्टोरीबॉक्स में नई कहानी 'चुन्नू खान का जिन्न' जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1114</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/778a03aaa1d70f211aa5fdbcb676dc83.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नीली जुराबें | स्टोरीबॉक्स | EP 48</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nili-jurabem-storiboksa-ep-48--56382024</link><description><![CDATA[पाखी की उम्र बारह साल थी। उसकी ज़िंदगी के रंग अभी कच्चे थे। वो रात के वक्त छत पर लेटे हुए चुंधियाई आंखों से आसमान की तरफ चमकते तारों को हैरानी से देखती थी और सोचती थी इन्हीं तारों के बीच से उसकी मां उसे देख रही होंगी। वही मां जिन्होंने अपनी ज़िंदगी के आखिरी दिनों में उसके लिए नीली जुराबें बनाई थीं - सुनिए 'नीली जुराबें' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56382024</guid><pubDate>Sun, 06 Aug 2023 06:05:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56382024/06_aug_23_nili_jurabe_sb_6_aug_128.mp3" length="19331448" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाखी की उम्र बारह साल थी। उसकी ज़िंदगी के रंग अभी कच्चे थे। वो रात के वक्त छत पर लेटे हुए चुंधियाई आंखों से आसमान की तरफ चमकते तारों को हैरानी से देखती थी और सोचती थी इन्हीं तारों के बीच से उसकी मां उसे देख रही होंगी। वही मां जिन्होंने अपनी ज़िंदगी के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाखी की उम्र बारह साल थी। उसकी ज़िंदगी के रंग अभी कच्चे थे। वो रात के वक्त छत पर लेटे हुए चुंधियाई आंखों से आसमान की तरफ चमकते तारों को हैरानी से देखती थी और सोचती थी इन्हीं तारों के बीच से उसकी मां उसे देख रही होंगी। वही मां जिन्होंने अपनी ज़िंदगी के आखिरी दिनों में उसके लिए नीली जुराबें बनाई थीं - सुनिए 'नीली जुराबें' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1209</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2aad8e892ff1a8ef0567a34a0c600c75.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दो ख़त | स्टोरीबॉक्स | EP 47</title><link>https://www.spreaker.com/episode/do-khata-storiboksa-ep-47--56303258</link><description><![CDATA[वो कहते हैं कि प्रेम पत्रों का ज़माना चला गया, अब आजकल तो इधर मैसेज टाइप किया उधर भेज दिया। लेकिन सूचना की इस आंधी में प्रेम पत्र फिर भी प्रेम पत्र ही रहेंगे क्योंकि भेजे हुए सेंदेश पढ़ कर ऊपर सरक जाते हैं लेकिन प्रेम पत्र कई कई बार पढ़ा जाता है। सुनिए हिंद पॉकेट बुक्स की किताब 'यारेख' से चुने हुए दो ख़त, जिन्हें लिखा है कवि आलोक धन्वा और आकांक्षा पारे काशिव ने 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56303258</guid><pubDate>Sun, 30 Jul 2023 07:14:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56303258/30_jul_23_story_box_do_khat_30_july_mix_128.mp3" length="14311758" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो कहते हैं कि प्रेम पत्रों का ज़माना चला गया, अब आजकल तो इधर मैसेज टाइप किया उधर भेज दिया। लेकिन सूचना की इस आंधी में प्रेम पत्र फिर भी प्रेम पत्र ही रहेंगे क्योंकि भेजे हुए सेंदेश पढ़ कर ऊपर सरक जाते हैं लेकिन प्रेम पत्र कई कई बार पढ़ा जाता है।...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो कहते हैं कि प्रेम पत्रों का ज़माना चला गया, अब आजकल तो इधर मैसेज टाइप किया उधर भेज दिया। लेकिन सूचना की इस आंधी में प्रेम पत्र फिर भी प्रेम पत्र ही रहेंगे क्योंकि भेजे हुए सेंदेश पढ़ कर ऊपर सरक जाते हैं लेकिन प्रेम पत्र कई कई बार पढ़ा जाता है। सुनिए हिंद पॉकेट बुक्स की किताब 'यारेख' से चुने हुए दो ख़त, जिन्हें लिखा है कवि आलोक धन्वा और आकांक्षा पारे काशिव ने 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>895</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/585c7128a83286bc8d41341efcc77d2a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शकूर भाई नहीं रहे | कॉमेडी | स्टोरीबॉक्स | EP 46</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sakura-bha-i-nahim-rahe-komedi-storiboksa-ep-46--56187657</link><description><![CDATA[शकूर भाई हमारे पड़ोसी, बहुत नेक आदमी थे। शहर में बर्फ के तीन कारखाने थे। निहायत शरीफ आदमी लेकिन एक सुबह अचानक ख़बर आई कि नहीं रहे। हम भी पहुंच गए उनके परिवार की मातमपुर्सी करने लेकिन ये फैसला हमारी ज़िंदगी का सबसे बुरा फैसला साबित हुआ। सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से, कहानी 'शकूर भाई नहीं रहे'.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56187657</guid><pubDate>Sun, 23 Jul 2023 03:24:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56187657/23_jul_23_storybox_shakoor_bhai_nahi_rahe_128.mp3" length="19572610" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शकूर भाई हमारे पड़ोसी, बहुत नेक आदमी थे। शहर में बर्फ के तीन कारखाने थे। निहायत शरीफ आदमी लेकिन एक सुबह अचानक ख़बर आई कि नहीं रहे। हम भी पहुंच गए उनके परिवार की मातमपुर्सी करने लेकिन ये फैसला हमारी ज़िंदगी का सबसे बुरा फैसला साबित हुआ। सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शकूर भाई हमारे पड़ोसी, बहुत नेक आदमी थे। शहर में बर्फ के तीन कारखाने थे। निहायत शरीफ आदमी लेकिन एक सुबह अचानक ख़बर आई कि नहीं रहे। हम भी पहुंच गए उनके परिवार की मातमपुर्सी करने लेकिन ये फैसला हमारी ज़िंदगी का सबसे बुरा फैसला साबित हुआ। सुनिए स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से, कहानी 'शकूर भाई नहीं रहे'.]]></itunes:summary><itunes:duration>1224</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1041a3474b55dd8fa80f65e2dc659a88.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हम रहे न हम | स्टोरीबॉक्स | EP 45</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hama-rahe-na-hama-storiboksa-ep-45--56116524</link><description><![CDATA[गर्वित और वैष्णवी की शादी को दो साल भी नहीं हुए थे कि वैष्णवी को न जाने क्यों लगने लगा कि गर्वित उसे अब उस तरह नहीं चाहता जैसे शादी के पहले चाहता था। क्या हर रिश्ते का अंजाम यही होता है? क्यों वक्त की धूप में इश्क़ के चटक रंग खुरदुरे हो जाते हैं? मिस्र जाने की ख्वाहिश पाले वैष्णवी के सपने क्या पूरे हो पाएंगे? सुनिए कहानी - 'हम रहे न हम' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56116524</guid><pubDate>Sun, 16 Jul 2023 05:29:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56116524/16_jul_23_hum_rahe_na_hum_rfa_128.mp3" length="21602638" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>गर्वित और वैष्णवी की शादी को दो साल भी नहीं हुए थे कि वैष्णवी को न जाने क्यों लगने लगा कि गर्वित उसे अब उस तरह नहीं चाहता जैसे शादी के पहले चाहता था। क्या हर रिश्ते का अंजाम यही होता है? क्यों वक्त की धूप में इश्क़ के चटक रंग खुरदुरे हो जाते हैं?...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[गर्वित और वैष्णवी की शादी को दो साल भी नहीं हुए थे कि वैष्णवी को न जाने क्यों लगने लगा कि गर्वित उसे अब उस तरह नहीं चाहता जैसे शादी के पहले चाहता था। क्या हर रिश्ते का अंजाम यही होता है? क्यों वक्त की धूप में इश्क़ के चटक रंग खुरदुरे हो जाते हैं? मिस्र जाने की ख्वाहिश पाले वैष्णवी के सपने क्या पूरे हो पाएंगे? सुनिए कहानी - 'हम रहे न हम' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1351</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a7881cd50b132a8df0db79c9726ca706.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>तुम्हें शायद न याद हो | स्टोरीबॉक्स | EP 44</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tumhem-sayada-na-yada-ho-storiboksa-ep-44--56038577</link><description><![CDATA[तो.. तुम्हारी बीवी कैसी है?" ज़ेहरा ने शादमान ने पूछा तो उसने उसे सच नहीं बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है, बस इतनी ही कहा, "ठीक है वो... तुम बताओ तुम्हारे शौहर कैसे हैं?" ज़ेहरा भी शादमान को ये बताकर उदास नहीं करना चाहती थी कि उसके शौहर से उसकी तलाक हो चुकी है। बोला, "ठीक हैं वो" पंद्रह साल बाद मिले शादमान और ज़ेहरा अपने अपने हिस्से का झूठ छुपाए एक दूसरी की नम आंखों में देखते हुए मुस्कुरा रहे थे। सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी "तुम्हें शायद न याद हो" स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56038577</guid><pubDate>Sun, 09 Jul 2023 05:16:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56038577/09_jul_23_story_box_shayad_tumhe_na_yaad_ho_mix_128.mp3" length="19635722" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तो.. तुम्हारी बीवी कैसी है?" ज़ेहरा ने शादमान ने पूछा तो उसने उसे सच नहीं बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है, बस इतनी ही कहा, "ठीक है वो... तुम बताओ तुम्हारे शौहर कैसे हैं?" ज़ेहरा भी शादमान को ये बताकर उदास नहीं करना चाहती थी कि उसके शौहर से उसकी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तो.. तुम्हारी बीवी कैसी है?" ज़ेहरा ने शादमान ने पूछा तो उसने उसे सच नहीं बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है, बस इतनी ही कहा, "ठीक है वो... तुम बताओ तुम्हारे शौहर कैसे हैं?" ज़ेहरा भी शादमान को ये बताकर उदास नहीं करना चाहती थी कि उसके शौहर से उसकी तलाक हो चुकी है। बोला, "ठीक हैं वो" पंद्रह साल बाद मिले शादमान और ज़ेहरा अपने अपने हिस्से का झूठ छुपाए एक दूसरी की नम आंखों में देखते हुए मुस्कुरा रहे थे। सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी "तुम्हें शायद न याद हो" स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1228</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/40646afe9e6704d220d1d4fe4c04bdc7.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बड़े भाई साहब | मुंशी प्रेमचंद | स्टोरीबॉक्स | EP 43</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bare-bha-i-sahaba-munsi-premacanda-storiboksa-ep-43--55727315</link><description><![CDATA[मेरे बड़े भाई साहब उम्र में मुझसे पांच साल बड़े थे लेकिन सिर्फ तीन क्लास आगे थे। वो दिन भर पढ़ते रहते थे और कहीं मुझे सड़क पर लड़कों के साथ खेलते देख लिया तो डांट लगाते थे। कहते "इन बाज़ारी लड़कों के साथ खेलते हुए शर्म नहीं आती तुम्हें? मुझे देखो मैं कितना पढ़ता हूं, मुझसे कुछ सीखते क्यों नहीं तुम?" कई बार तो ये भी कह चुके थे कि अगर पढ़ाई में मन नहीं लगता तो वापस चले जाओ, क्यों पैसे ख़राब करते हो? लेकिन जब रिज़ल्ट आया तो भैय्या फेल हो गए थे और मैं पास। - सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'बड़े भाईसाहब' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से 'स्टोरीबॉक्स' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/55727315</guid><pubDate>Sun, 02 Jul 2023 03:12:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/55727315/30_jun_23_story_box_bade_bhai_sahab_final_128.mp3" length="19522873" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मेरे बड़े भाई साहब उम्र में मुझसे पांच साल बड़े थे लेकिन सिर्फ तीन क्लास आगे थे। वो दिन भर पढ़ते रहते थे और कहीं मुझे सड़क पर लड़कों के साथ खेलते देख लिया तो डांट लगाते थे। कहते "इन बाज़ारी लड़कों के साथ खेलते हुए शर्म नहीं आती तुम्हें? मुझे देखो मैं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मेरे बड़े भाई साहब उम्र में मुझसे पांच साल बड़े थे लेकिन सिर्फ तीन क्लास आगे थे। वो दिन भर पढ़ते रहते थे और कहीं मुझे सड़क पर लड़कों के साथ खेलते देख लिया तो डांट लगाते थे। कहते "इन बाज़ारी लड़कों के साथ खेलते हुए शर्म नहीं आती तुम्हें? मुझे देखो मैं कितना पढ़ता हूं, मुझसे कुछ सीखते क्यों नहीं तुम?" कई बार तो ये भी कह चुके थे कि अगर पढ़ाई में मन नहीं लगता तो वापस चले जाओ, क्यों पैसे ख़राब करते हो? लेकिन जब रिज़ल्ट आया तो भैय्या फेल हो गए थे और मैं पास। - सुनिए मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी 'बड़े भाईसाहब' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से 'स्टोरीबॉक्स' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1221</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/35a2f4e5f9f6ba816c0d108055fd39f3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फैंसी हेयर कटिंग सलून | स्टोरीबॉक्स | EP 42</title><link>https://www.spreaker.com/episode/phainsi-heyara-katinga-saluna-storiboksa-ep-42--54909904</link><description><![CDATA[चार बाल काटने वाले हजाम मिलकर एक हेयर कटिंग सलून चलाते थे। दुकान बढ़िया चलती थी। कस्टरमर्स की भीड़ लगी रहती थी। एक शख्स उनकी दुकान पर एक शख्स आया। कपड़े मैले, बाल बिखरे हुए। बोला, "मुझे बस थोड़ी सी जगह दे दीजिए, यहीं पड़ा रहूंगा और दुकान को झाड़ पोंछ दिया करूंगा। मैं खाना भी बना लेता हूं। मुझे पैसा नहीं चाहिए" उन लोगों ने उसे काम पर रख लिया पर धीरे-धीरे वक्त बदला और एक रोज़ ऐसा भी आया कि उस बूढ़े ने उन चारों को मालिक से नौकर बना दिया" सुनिए स्टोरीबॉक्स में 'ग़ुलाम अब्बास' की लिखी कहानी 'फैंसी हेयर कटिंग सलून' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54909904</guid><pubDate>Sun, 25 Jun 2023 03:04:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54909904/26_jun_23_story_box_fancy_hair_salon_26_june_128.mp3" length="24859794" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चार बाल काटने वाले हजाम मिलकर एक हेयर कटिंग सलून चलाते थे। दुकान बढ़िया चलती थी। कस्टरमर्स की भीड़ लगी रहती थी। एक शख्स उनकी दुकान पर एक शख्स आया। कपड़े मैले, बाल बिखरे हुए। बोला, "मुझे बस थोड़ी सी जगह दे दीजिए, यहीं पड़ा रहूंगा और दुकान को झाड़ पोंछ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चार बाल काटने वाले हजाम मिलकर एक हेयर कटिंग सलून चलाते थे। दुकान बढ़िया चलती थी। कस्टरमर्स की भीड़ लगी रहती थी। एक शख्स उनकी दुकान पर एक शख्स आया। कपड़े मैले, बाल बिखरे हुए। बोला, "मुझे बस थोड़ी सी जगह दे दीजिए, यहीं पड़ा रहूंगा और दुकान को झाड़ पोंछ दिया करूंगा। मैं खाना भी बना लेता हूं। मुझे पैसा नहीं चाहिए" उन लोगों ने उसे काम पर रख लिया पर धीरे-धीरे वक्त बदला और एक रोज़ ऐसा भी आया कि उस बूढ़े ने उन चारों को मालिक से नौकर बना दिया" सुनिए स्टोरीबॉक्स में 'ग़ुलाम अब्बास' की लिखी कहानी 'फैंसी हेयर कटिंग सलून' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1554</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d831a630c577eb873ebfe01f6be76b36.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आलाँ का इश्क़ | स्टोरीबॉक्स | EP 41</title><link>https://www.spreaker.com/episode/alam-ka-isqa-storiboksa-ep-41--54486119</link><description><![CDATA[आलाँ गरीब थी, उसके वालिद गाँव में जूता बनाते-बनाते मर गए थे। अब कोई नहीं था जो उसके सर पर हाथ रखता। पर वो खूबसूरत थी। लोगों के घरों में छोटे-मोटे काम करती थी। वो रात जिसकी अगली सुबह मुझे वापस निकलना था। उसने मुझे एक कुर्ता दिया, जो उसने अपनी मेहनत की कमाई से मेरे लिए बनाया था। बोली, "आपके कुर्ते का आखिरी बटन टाकना था। इस कुर्ते के लिए आपके बैग में जगह तो होगी न?"  मैं उसे देखता रहा। मैंने झुंझलाते हुए पूछा, "दुनिया में कोई ऐसा काम हो जो तुम नहीं कर सकती?" वो मेरे और करीब आई। इतनी करीब कि उसकी सांसे मेरे गले पर महसूस हो रही थी। बोली, "एक बार पूछिए कि मैं क्या क्या कर सकती हूं"... मैंने पूछा, "तुम क्या क्या कर सकती हो" वो बोली, "मैं प्यार कर सकती हूं" - सुनिए अहमद नसीम क़ासमी की लिखी कहानी 'आलाँ' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54486119</guid><pubDate>Sun, 18 Jun 2023 05:25:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54486119/18_jun_23_story_june_18_final_128.mp3" length="17400894" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आलाँ गरीब थी, उसके वालिद गाँव में जूता बनाते-बनाते मर गए थे। अब कोई नहीं था जो उसके सर पर हाथ रखता। पर वो खूबसूरत थी। लोगों के घरों में छोटे-मोटे काम करती थी। वो रात जिसकी अगली सुबह मुझे वापस निकलना था। उसने मुझे एक कुर्ता दिया, जो उसने अपनी मेहनत की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आलाँ गरीब थी, उसके वालिद गाँव में जूता बनाते-बनाते मर गए थे। अब कोई नहीं था जो उसके सर पर हाथ रखता। पर वो खूबसूरत थी। लोगों के घरों में छोटे-मोटे काम करती थी। वो रात जिसकी अगली सुबह मुझे वापस निकलना था। उसने मुझे एक कुर्ता दिया, जो उसने अपनी मेहनत की कमाई से मेरे लिए बनाया था। बोली, "आपके कुर्ते का आखिरी बटन टाकना था। इस कुर्ते के लिए आपके बैग में जगह तो होगी न?"  मैं उसे देखता रहा। मैंने झुंझलाते हुए पूछा, "दुनिया में कोई ऐसा काम हो जो तुम नहीं कर सकती?" वो मेरे और करीब आई। इतनी करीब कि उसकी सांसे मेरे गले पर महसूस हो रही थी। बोली, "एक बार पूछिए कि मैं क्या क्या कर सकती हूं"... मैंने पूछा, "तुम क्या क्या कर सकती हो" वो बोली, "मैं प्यार कर सकती हूं" - सुनिए अहमद नसीम क़ासमी की लिखी कहानी 'आलाँ' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1088</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d9140acee966e3e314f7729242edab02.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक तवायफ़ का ख़त | स्टोरीबॉक्स | EP 40</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-tavayafa-ka-khata-storiboksa-ep-40--54228688</link><description><![CDATA[मैं बम्बई के फ़ारस रोड की एक तवायफ़ हूं। मैंने एक हिंदू और एक मुस्लिम लड़की को खरीदा है जो मेरे साथ मेरी ही कोठरी में रहती हैं। मैं उनके लिए ये खत नेहरू और जिन्ना को लिख रही हूं" - सुनिए कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'एक तवायफ़ का ख़त' 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54228688</guid><pubDate>Sun, 11 Jun 2023 05:36:00 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54228688/11_jun_23_sb_final_re_june_11_128.mp3" length="17400894" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मैं बम्बई के फ़ारस रोड की एक तवायफ़ हूं। मैंने एक हिंदू और एक मुस्लिम लड़की को खरीदा है जो मेरे साथ मेरी ही कोठरी में रहती हैं। मैं उनके लिए ये खत नेहरू और जिन्ना को लिख रही हूं" - सुनिए कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'एक तवायफ़ का ख़त' 'स्टोरीबॉक्स' में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मैं बम्बई के फ़ारस रोड की एक तवायफ़ हूं। मैंने एक हिंदू और एक मुस्लिम लड़की को खरीदा है जो मेरे साथ मेरी ही कोठरी में रहती हैं। मैं उनके लिए ये खत नेहरू और जिन्ना को लिख रही हूं" - सुनिए कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'एक तवायफ़ का ख़त' 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1088</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/66be7edecc9472508e0bb5f18a502623.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मिट्ठू-बेटे | स्टोरीबॉक्स | EP 39</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mitthu-bete-storiboksa-ep-39--54088152</link><description><![CDATA["बेगम अपने मिट्ठू बेटे को दिन रात सबक रटाया करती थीं लेकिन वो ज़हन से कुछ गधे मालूम होते थे, कुछ न सीख सके। बल्कि सुनते-सुनते मुझे याद हो गया। एक रात बिल्ली ने पिंजड़े को गिराया और मिट्टू मियां को मुंह में दबा लिया। वो चीखे तो मैं और बेगम डंडा लेकर भागे। बिल्ली ने उन्हें छोड़ तो दिया पर लगा कि आज मिट्ठू मियां गए काम से लेकिन तभी क्या देखते हैं कि मिट्टू पंख झाड़कर खड़े हो गए।" सुनिए शौकत थानवी की लिखी मज़ेदार कहानी - मिट्ठू बेटे 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्स - कपिल देव सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54088152</guid><pubDate>Sun, 04 Jun 2023 06:07:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54088152/04_jun_23_sb_june_04_128.mp3" length="13591614" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"बेगम अपने मिट्ठू बेटे को दिन रात सबक रटाया करती थीं लेकिन वो ज़हन से कुछ गधे मालूम होते थे, कुछ न सीख सके। बल्कि सुनते-सुनते मुझे याद हो गया। एक रात बिल्ली ने पिंजड़े को गिराया और मिट्टू मियां को मुंह में दबा लिया। वो चीखे तो मैं और बेगम डंडा लेकर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["बेगम अपने मिट्ठू बेटे को दिन रात सबक रटाया करती थीं लेकिन वो ज़हन से कुछ गधे मालूम होते थे, कुछ न सीख सके। बल्कि सुनते-सुनते मुझे याद हो गया। एक रात बिल्ली ने पिंजड़े को गिराया और मिट्टू मियां को मुंह में दबा लिया। वो चीखे तो मैं और बेगम डंडा लेकर भागे। बिल्ली ने उन्हें छोड़ तो दिया पर लगा कि आज मिट्ठू मियां गए काम से लेकिन तभी क्या देखते हैं कि मिट्टू पंख झाड़कर खड़े हो गए।" सुनिए शौकत थानवी की लिखी मज़ेदार कहानी - मिट्ठू बेटे 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्स - कपिल देव सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>850</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/86d18b869ebe1316f6562aaeb2cf5823.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मैं एक पति हूं | स्टोरीबॉक्स | EP 38</title><link>https://www.spreaker.com/episode/maim-eka-pati-hum-storiboksa-ep-38--54020315</link><description><![CDATA[ट्रेन खिसकना शुरु हो गयी थी। मेरी बीवी रौशन आरा ने कहा, "अपना ख्याल रखिएगा, फोन करते रहिएगा" मैंने कहा "हां" मेरा मन भारी हो रहा था। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली हमने एक दूसरे की आंखों में देखा और फिर वो धड़धड़ाती ट्रेन में चली गयी। मैं भारी कदमों से स्टेशन के बाहर आया घर की तरफ चलने लगा पर तभी अंदर से एक आवाज़ आई। जब कहीं भी जा सकते हैं तो घर ही क्यों जाएं, एक शैतानी मुस्कुराहट चेहरे पर चमक रही थी। सुनिए स्टोरीबॉक्स में पतरस बुखारी की कहानी - मैं एक पति हूं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54020315</guid><pubDate>Sun, 28 May 2023 05:11:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54020315/28_may_23_story_box_pati_mixed_128.mp3" length="19787441" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ट्रेन खिसकना शुरु हो गयी थी। मेरी बीवी रौशन आरा ने कहा, "अपना ख्याल रखिएगा, फोन करते रहिएगा" मैंने कहा "हां" मेरा मन भारी हो रहा था। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली हमने एक दूसरे की आंखों में देखा और फिर वो धड़धड़ाती ट्रेन में चली गयी। मैं भारी कदमों से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ट्रेन खिसकना शुरु हो गयी थी। मेरी बीवी रौशन आरा ने कहा, "अपना ख्याल रखिएगा, फोन करते रहिएगा" मैंने कहा "हां" मेरा मन भारी हो रहा था। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली हमने एक दूसरे की आंखों में देखा और फिर वो धड़धड़ाती ट्रेन में चली गयी। मैं भारी कदमों से स्टेशन के बाहर आया घर की तरफ चलने लगा पर तभी अंदर से एक आवाज़ आई। जब कहीं भी जा सकते हैं तो घर ही क्यों जाएं, एक शैतानी मुस्कुराहट चेहरे पर चमक रही थी। सुनिए स्टोरीबॉक्स में पतरस बुखारी की कहानी - मैं एक पति हूं.]]></itunes:summary><itunes:duration>1237</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c0f94bdc90bd490b4d13f7c9b07084c4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चचाजान का कुत्ता सीज़र | स्टोरीबॉक्स | EP 37</title><link>https://www.spreaker.com/episode/cacajana-ka-kutta-sizara-storiboksa-ep-37--53946918</link><description><![CDATA[उनके सीज़र से इतना प्यार था कि अगर कोई दौड़ा-दौड़ा उनके घर आए और कहे कि फायर ब्रिगेड को फोन करना है तो भी वो पहले उसे अपने प्यारे कुत्ते का एल्बम दिखाएंगे उसके बाद ही फोन छूने देंगे। सुनिए मुश्ताक अहमद युसूफ़ी की किताब ज़रगुज़िश्त से एक मज़मून स्टोरीबॉक्स मे.<br /><br /> साउंड मिक्स - अमृत रज़्जी]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53946918</guid><pubDate>Sun, 21 May 2023 06:11:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53946918/23_may_23_sb_kutta_re_128.mp3" length="18969913" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उनके सीज़र से इतना प्यार था कि अगर कोई दौड़ा-दौड़ा उनके घर आए और कहे कि फायर ब्रिगेड को फोन करना है तो भी वो पहले उसे अपने प्यारे कुत्ते का एल्बम दिखाएंगे उसके बाद ही फोन छूने देंगे। सुनिए मुश्ताक अहमद युसूफ़ी की किताब ज़रगुज़िश्त से एक मज़मून...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उनके सीज़र से इतना प्यार था कि अगर कोई दौड़ा-दौड़ा उनके घर आए और कहे कि फायर ब्रिगेड को फोन करना है तो भी वो पहले उसे अपने प्यारे कुत्ते का एल्बम दिखाएंगे उसके बाद ही फोन छूने देंगे। सुनिए मुश्ताक अहमद युसूफ़ी की किताब ज़रगुज़िश्त से एक मज़मून स्टोरीबॉक्स मे.<br /><br /> साउंड मिक्स - अमृत रज़्जी]]></itunes:summary><itunes:duration>1186</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/593fca794529c3c844eb3dc2029149d5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चचा छक्कन | स्टोरीबॉक्स | EP 36</title><link>https://www.spreaker.com/episode/caca-chakkana-storiboksa-ep-36--53852708</link><description><![CDATA[मोहल्ले के झगड़े की आवाज़ सुनकर चचा नीचे आए तो देखा कि मजमा लगा है। बोले, "अरे भई क्या मामला हो गया" एक साहब ने कहा, "अरे कुछ नहीं, मामला सुलट गया है" चचा बोले, "मगर फिर भी, ग़लती किसकी थी, ज़्यादती किसने की, कुछ तो बताइये" बात उनको फिर बताई गयी और इसी बताने-बताने में गली में फिर से लाठी-डंडे चलने लगे। सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की कहानी - चचा छक्कन स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53852708</guid><pubDate>Sun, 14 May 2023 04:18:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53852708/12_may_23_story_box_chacha_chakkan_mix_final_128.mp3" length="22777521" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मोहल्ले के झगड़े की आवाज़ सुनकर चचा नीचे आए तो देखा कि मजमा लगा है। बोले, "अरे भई क्या मामला हो गया" एक साहब ने कहा, "अरे कुछ नहीं, मामला सुलट गया है" चचा बोले, "मगर फिर भी, ग़लती किसकी थी, ज़्यादती किसने की, कुछ तो बताइये" बात उनको फिर बताई गयी और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मोहल्ले के झगड़े की आवाज़ सुनकर चचा नीचे आए तो देखा कि मजमा लगा है। बोले, "अरे भई क्या मामला हो गया" एक साहब ने कहा, "अरे कुछ नहीं, मामला सुलट गया है" चचा बोले, "मगर फिर भी, ग़लती किसकी थी, ज़्यादती किसने की, कुछ तो बताइये" बात उनको फिर बताई गयी और इसी बताने-बताने में गली में फिर से लाठी-डंडे चलने लगे। सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की कहानी - चचा छक्कन स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1424</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f0e8a1b51f1daf36544e22b3422233b3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>स्विस बैंक में खाता हमारा | स्टोरीबॉक्स | EP 35</title><link>https://www.spreaker.com/episode/svisa-bainka-mem-khata-hamara-storiboksa-ep-35--53763636</link><description><![CDATA[हमने अपनी बीवी को खुश करने के लिए यूं ही कह दिया कि स्विस बैंक में हमारा एक ख़ूफ़िया खाता है। पर ग़लती ये हो गयी कि ये भी कह दिया कि किसी से कहना नहीं। दो दिन बाद मैं शहर की एक दुकान से मोज़े खरीद रहा था तो दुकानदार बोला, "ले लीजिए साहब, पैसे बाद में दे दीजिएगा जब स्विस बैंक से पैसा आ जाए" सुनिए मुजतबा हुसैन की कहानी - स्विस बैंक में खाता हमारा - स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53763636</guid><pubDate>Sun, 07 May 2023 07:40:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53763636/07_may_23_sb_mix_7_may_128.mp3" length="14279575" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमने अपनी बीवी को खुश करने के लिए यूं ही कह दिया कि स्विस बैंक में हमारा एक ख़ूफ़िया खाता है। पर ग़लती ये हो गयी कि ये भी कह दिया कि किसी से कहना नहीं। दो दिन बाद मैं शहर की एक दुकान से मोज़े खरीद रहा था तो दुकानदार बोला, "ले लीजिए साहब, पैसे बाद में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमने अपनी बीवी को खुश करने के लिए यूं ही कह दिया कि स्विस बैंक में हमारा एक ख़ूफ़िया खाता है। पर ग़लती ये हो गयी कि ये भी कह दिया कि किसी से कहना नहीं। दो दिन बाद मैं शहर की एक दुकान से मोज़े खरीद रहा था तो दुकानदार बोला, "ले लीजिए साहब, पैसे बाद में दे दीजिएगा जब स्विस बैंक से पैसा आ जाए" सुनिए मुजतबा हुसैन की कहानी - स्विस बैंक में खाता हमारा - स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>893</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/793f2c7e626185f88f90b8d92e8a8423.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फ़ोटोग्राफ़र | क़ुर्रतुल ऐन हैदर | स्टोरीबॉक्स | EP 34</title><link>https://www.spreaker.com/episode/fotografara-qurratula-aina-haidara-storiboksa-ep-34--53694001</link><description><![CDATA[अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद वो लड़की फिर उसी होटल में लौटी तो उस फ़ोटोग्राफ़र ने उसे गौर से देखा। वो अब कितमी बदल चुकी थी-  सुनिए क़ुर्रतुल ऐन हैदर की लिखी कहानी 'फ़ोटोग्राफ़र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br />  साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53694001</guid><pubDate>Sun, 30 Apr 2023 07:52:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53694001/30_apr_23_photographer_30_mix_final_128.mp3" length="14845910" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद वो लड़की फिर उसी होटल में लौटी तो उस फ़ोटोग्राफ़र ने उसे गौर से देखा। वो अब कितमी बदल चुकी थी-  सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद वो लड़की फिर उसी होटल में लौटी तो उस फ़ोटोग्राफ़र ने उसे गौर से देखा। वो अब कितमी बदल चुकी थी-  सुनिए क़ुर्रतुल ऐन हैदर की लिखी कहानी 'फ़ोटोग्राफ़र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br />  साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत]]></itunes:summary><itunes:duration>928</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/606c13151030779c7f9cb24891ebc6aa.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फ़ोटोग्राफ़र | क़ुर्रतुल ऐन हैदर | स्टोरीबॉक्स | EP 34</title><link>https://www.spreaker.com/episode/fotografara-qurratula-aina-haidara-storiboksa-ep-34--53694002</link><description><![CDATA[अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद वो लड़की फिर उसी होटल में लौटी तो उस फ़ोटोग्राफ़र ने उसे गौर से देखा। वो अब कितमी बदल चुकी थी-  सुनिए क़ुर्रतुल ऐन हैदर की लिखी कहानी 'फ़ोटोग्राफ़र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53694002</guid><pubDate>Sun, 30 Apr 2023 07:52:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53694002/30_apr_23_photographer_30_mix_final_128.mp3" length="14845910" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद वो लड़की फिर उसी होटल में लौटी तो उस फ़ोटोग्राफ़र ने उसे गौर से देखा। वो अब कितमी बदल चुकी थी-  सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद वो लड़की फिर उसी होटल में लौटी तो उस फ़ोटोग्राफ़र ने उसे गौर से देखा। वो अब कितमी बदल चुकी थी-  सुनिए क़ुर्रतुल ऐन हैदर की लिखी कहानी 'फ़ोटोग्राफ़र' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत]]></itunes:summary><itunes:duration>928</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/606c13151030779c7f9cb24891ebc6aa.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वरना हम भी आदमी थे काम के | स्टोरीबॉक्स | EP 33</title><link>https://www.spreaker.com/episode/varana-hama-bhi-adami-the-kama-ke-storiboksa-ep-33--53619328</link><description><![CDATA[खां साहब स्टैनली रोड पर आराम से खड़े गाड़ियों का चालान कर रहे थे कि उसी वक्त एक तेज़ रफ़्तार गाड़ी आई और उन्हें ठोकती हुई रुक गयी। खां साहब के चेहरे पर गुस्सा था लेकिन तभी एक मोहतरमा कार से निकलते हुए बोलीं, "आपको चोट तो नहीं लगी" खां साहब बोले, "नहीं, नहीं ऐसी कोई बात नहीं, ये तो हमारी खुशक़िस्मती थी कि हम यहां खड़े थे" सुनिए भगवती चरण शर्मा की कहानी 'वरना हम भी आदमी थे काम के' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53619328</guid><pubDate>Sun, 23 Apr 2023 08:19:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53619328/23_apr_23_story_box_april_23_128.mp3" length="11975784" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>खां साहब स्टैनली रोड पर आराम से खड़े गाड़ियों का चालान कर रहे थे कि उसी वक्त एक तेज़ रफ़्तार गाड़ी आई और उन्हें ठोकती हुई रुक गयी। खां साहब के चेहरे पर गुस्सा था लेकिन तभी एक मोहतरमा कार से निकलते हुए बोलीं, "आपको चोट तो नहीं लगी" खां साहब बोले,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[खां साहब स्टैनली रोड पर आराम से खड़े गाड़ियों का चालान कर रहे थे कि उसी वक्त एक तेज़ रफ़्तार गाड़ी आई और उन्हें ठोकती हुई रुक गयी। खां साहब के चेहरे पर गुस्सा था लेकिन तभी एक मोहतरमा कार से निकलते हुए बोलीं, "आपको चोट तो नहीं लगी" खां साहब बोले, "नहीं, नहीं ऐसी कोई बात नहीं, ये तो हमारी खुशक़िस्मती थी कि हम यहां खड़े थे" सुनिए भगवती चरण शर्मा की कहानी 'वरना हम भी आदमी थे काम के' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>749</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/adcafcea113802dfa619c776aa9e163a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मिर्ज़ा की पुरानी साइकिल | स्टोरीबॉक्स | EP 32</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mirza-ki-purani-sa-ikila-storiboksa-ep-32--53549030</link><description><![CDATA[मिर्ज़ा साहब ने कहा, "अरे भई मुझे पैसे नहीं चाहिए, पर तुम ज़बरदस्ती देना चाहो तो जो जी करे दे दो" मैंने चालीस रुपए उनकी जेब में डाल दिए। अगली सुबह नौकर ने बताया कि साइकिल आ गयी है। मैं मारे खुशी के बरामदे में पहुंचा तो देखा कि एक आजीब सी चीज़ सामने खड़ी है। पास जाकर देखा तो ख़ैर से, साइकिल ही थी लेकिन यक़ीनन पहिया और चर्खा की ईजाद से पहले की साइकिल लग रही थी - सुनिए पतरस बुख़ारी के मज़मून का एक हिस्सा - मिर्ज़ा की पुरानी साइकिल। स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53549030</guid><pubDate>Sun, 16 Apr 2023 06:27:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53549030/16_apr_23_sb_mirza_ki_old_cycle_16_april_128.mp3" length="25543993" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मिर्ज़ा साहब ने कहा, "अरे भई मुझे पैसे नहीं चाहिए, पर तुम ज़बरदस्ती देना चाहो तो जो जी करे दे दो" मैंने चालीस रुपए उनकी जेब में डाल दिए। अगली सुबह नौकर ने बताया कि साइकिल आ गयी है। मैं मारे खुशी के बरामदे में पहुंचा तो देखा कि एक आजीब सी चीज़ सामने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मिर्ज़ा साहब ने कहा, "अरे भई मुझे पैसे नहीं चाहिए, पर तुम ज़बरदस्ती देना चाहो तो जो जी करे दे दो" मैंने चालीस रुपए उनकी जेब में डाल दिए। अगली सुबह नौकर ने बताया कि साइकिल आ गयी है। मैं मारे खुशी के बरामदे में पहुंचा तो देखा कि एक आजीब सी चीज़ सामने खड़ी है। पास जाकर देखा तो ख़ैर से, साइकिल ही थी लेकिन यक़ीनन पहिया और चर्खा की ईजाद से पहले की साइकिल लग रही थी - सुनिए पतरस बुख़ारी के मज़मून का एक हिस्सा - मिर्ज़ा की पुरानी साइकिल। स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1597</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eabbc13d5113b513fa3bcfa4e202f57f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बहादुर अल्ला दित्ता फ़ायरमैन | कॉमेडी | स्टोरीबॉक्स | EP 31</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bahadura-alla-ditta-fayaramaina-komedi-storiboksa-ep-31--53482184</link><description><![CDATA[राइटर ने गला खंखारते हुए कहा, "रात का वक्त था अचानक एक ऊंची इमारत की चौथी मंज़िल से आग की लपटें उठने लगीं। एक आदमी चिल्लाया - आग, आग, बचाओ, बचाओ" एडिटर ने कहा, "ये क्या... क्या आप अपनी कहानी के ज़रिए ये बताना चाहते हैं कि हमारी आवाम इतनी डरपोक है कि महज़ घर में आग लगने से चिल्लाने लगे। मैं आपकी जगह होता तो उस किरदार से कहलवाता - अजी बहुत देखी हैं ऐसी आग, अभी बुझा देंगे। या फिर ये कि 'आग-वाग कुछ नहीं तख़रीब पसंदों का प्रोपागेंडा है' - सुनिए इब्न ए इंशा की लिखी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53482184</guid><pubDate>Sun, 09 Apr 2023 08:01:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53482184/09_apr_23_story_box_allah_ditta_fireman_128.mp3" length="11257312" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>राइटर ने गला खंखारते हुए कहा, "रात का वक्त था अचानक एक ऊंची इमारत की चौथी मंज़िल से आग की लपटें उठने लगीं। एक आदमी चिल्लाया - आग, आग, बचाओ, बचाओ" एडिटर ने कहा, "ये क्या... क्या आप अपनी कहानी के ज़रिए ये बताना चाहते हैं कि हमारी आवाम इतनी डरपोक है कि...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[राइटर ने गला खंखारते हुए कहा, "रात का वक्त था अचानक एक ऊंची इमारत की चौथी मंज़िल से आग की लपटें उठने लगीं। एक आदमी चिल्लाया - आग, आग, बचाओ, बचाओ" एडिटर ने कहा, "ये क्या... क्या आप अपनी कहानी के ज़रिए ये बताना चाहते हैं कि हमारी आवाम इतनी डरपोक है कि महज़ घर में आग लगने से चिल्लाने लगे। मैं आपकी जगह होता तो उस किरदार से कहलवाता - अजी बहुत देखी हैं ऐसी आग, अभी बुझा देंगे। या फिर ये कि 'आग-वाग कुछ नहीं तख़रीब पसंदों का प्रोपागेंडा है' - सुनिए इब्न ए इंशा की लिखी कहानी स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>704</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3b17eb0d892d00c13980fa2ec95572fc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>The Classmate | Storybox | EP 30</title><link>https://www.spreaker.com/episode/the-classmate-storybox-ep-30--53415751</link><description><![CDATA[उस शख्स ने कहा कि मैं तुम्हारा तीस साल पुराना क्लासमेट हूं, मेरा नाम जय है। बोला, "याद है, हम दोनों गणित वाले सर को LCM कहा करते थे" मोहित को ये बात तो याद थी लेकिन उसे शक था कि ये वो जय नहीं है, क्योंकि वो तो गोरा, मज़बूत चेहरे का चुस्त दुरुस्त था... तीस साल में उसका चेहरा इतना तो नहीं बदल सकता। उसने तय किया कि वो स्कूल की पुरानी ग्रुप फोटो से उसके चेहरे का मिलान करेगा... सुनिए सत्यजीत राय की लिखी कहानी - दा क्लासमेट स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53415751</guid><pubDate>Sun, 02 Apr 2023 05:31:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53415751/02_apr_23_sb_classmate_package_2_april_128.mp3" length="22459454" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उस शख्स ने कहा कि मैं तुम्हारा तीस साल पुराना क्लासमेट हूं, मेरा नाम जय है। बोला, "याद है, हम दोनों गणित वाले सर को LCM कहा करते थे" मोहित को ये बात तो याद थी लेकिन उसे शक था कि ये वो जय नहीं है, क्योंकि वो तो गोरा, मज़बूत चेहरे का चुस्त दुरुस्त था......</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उस शख्स ने कहा कि मैं तुम्हारा तीस साल पुराना क्लासमेट हूं, मेरा नाम जय है। बोला, "याद है, हम दोनों गणित वाले सर को LCM कहा करते थे" मोहित को ये बात तो याद थी लेकिन उसे शक था कि ये वो जय नहीं है, क्योंकि वो तो गोरा, मज़बूत चेहरे का चुस्त दुरुस्त था... तीस साल में उसका चेहरा इतना तो नहीं बदल सकता। उसने तय किया कि वो स्कूल की पुरानी ग्रुप फोटो से उसके चेहरे का मिलान करेगा... सुनिए सत्यजीत राय की लिखी कहानी - दा क्लासमेट स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1404</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/85c16c47f2ed03ad49679886e843ed6f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हुए मर के हम जो रुस्वा | स्टोरीबॉक्स | EP 29</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hu-e-mara-ke-hama-jo-rusva-storiboksa-ep-29--53339818</link><description><![CDATA[इस सनीचर की शाम मिर्ज़ा मेरे साथ मेवा-शाह कब्रिस्तान में थे। कब्रिस्तान में सभी रंजीदा थे सिवाए मुर्दे के। मिर्ज़ा टहलने लगे और वहां की कब्रों को देखने लगे जिन पर मौत की तारीख, ओहदे और वल्दियत वगैरह लिखी थी। मैंने पूछा ये कब्र के पत्थर हैं कि नौकरी की दरख़्वास्त। किसी ने कहा कि मरहूम इतने ने इतनी लम्बी उम्र पाई कि उनके क़रीबी रिश्तेदार दस-पंद्रह साल से उनकी इंशोरेंस पालिसी की उम्मीद में जी रहे थे। हालांकि उन उम्मीदवारों में ज़्यादातर को मरहूम ख़ुद अपने हाथ से मिट्टी दे चुके थे। लेकिन नेक इतने थे कि मरहूम ने पाँच साल पहले दोनों बीवियों को अपने तीसरे सेहरे की बहारें दिखाई थी और ये उनके मरने के नहीं, डूब मरने के दिन थे। सुनिए मुश्ताक़ अहमद युसुफ़ी के एक मज़मून का हिस्सा 'हुए मर के हम जो रुस्वा' का रेडियो एडैपटेशन स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53339818</guid><pubDate>Sun, 26 Mar 2023 07:06:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53339818/26_mar_23_sb_march_26_128.mp3" length="13964852" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस सनीचर की शाम मिर्ज़ा मेरे साथ मेवा-शाह कब्रिस्तान में थे। कब्रिस्तान में सभी रंजीदा थे सिवाए मुर्दे के। मिर्ज़ा टहलने लगे और वहां की कब्रों को देखने लगे जिन पर मौत की तारीख, ओहदे और वल्दियत वगैरह लिखी थी। मैंने पूछा ये कब्र के पत्थर हैं कि नौकरी की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस सनीचर की शाम मिर्ज़ा मेरे साथ मेवा-शाह कब्रिस्तान में थे। कब्रिस्तान में सभी रंजीदा थे सिवाए मुर्दे के। मिर्ज़ा टहलने लगे और वहां की कब्रों को देखने लगे जिन पर मौत की तारीख, ओहदे और वल्दियत वगैरह लिखी थी। मैंने पूछा ये कब्र के पत्थर हैं कि नौकरी की दरख़्वास्त। किसी ने कहा कि मरहूम इतने ने इतनी लम्बी उम्र पाई कि उनके क़रीबी रिश्तेदार दस-पंद्रह साल से उनकी इंशोरेंस पालिसी की उम्मीद में जी रहे थे। हालांकि उन उम्मीदवारों में ज़्यादातर को मरहूम ख़ुद अपने हाथ से मिट्टी दे चुके थे। लेकिन नेक इतने थे कि मरहूम ने पाँच साल पहले दोनों बीवियों को अपने तीसरे सेहरे की बहारें दिखाई थी और ये उनके मरने के नहीं, डूब मरने के दिन थे। सुनिए मुश्ताक़ अहमद युसुफ़ी के एक मज़मून का हिस्सा 'हुए मर के हम जो रुस्वा' का रेडियो एडैपटेशन स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>873</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/87ca0dc1593d90e3cd3d1d0a51b3aa23.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>साइकिल की सवारी | स्टोरीबॉक्स | EP 28</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sa-ikila-ki-savari-storiboksa-ep-28--53250850</link><description><![CDATA[हमको साइकिल चलाना तो आता था लेकिन साइकिल पर चढ़ने में अभी कच्चे थे। तो अगर कोई बैठा देता था तो फिर हम साइकिल के राजा हो जाते थे। निकल जाते थे सड़क पर और सवा किलोमीटर दूर भी अगर कोई दिख जाता तो चीखने लगते कि "ऐ हट जाओ सामने से... अरे दिखाई नहीं देता क्या, साइकिल चला रहा हूं... हट जाओ" ... सुनिए सुदर्शन जी की लिखी कहानी 'साइकिल की सवारी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53250850</guid><pubDate>Sun, 19 Mar 2023 04:04:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53250850/19_mar_23_story_box_cycle_ki_sawari_17_march_128.mp3" length="17073632" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमको साइकिल चलाना तो आता था लेकिन साइकिल पर चढ़ने में अभी कच्चे थे। तो अगर कोई बैठा देता था तो फिर हम साइकिल के राजा हो जाते थे। निकल जाते थे सड़क पर और सवा किलोमीटर दूर भी अगर कोई दिख जाता तो चीखने लगते कि "ऐ हट जाओ सामने से... अरे दिखाई नहीं देता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमको साइकिल चलाना तो आता था लेकिन साइकिल पर चढ़ने में अभी कच्चे थे। तो अगर कोई बैठा देता था तो फिर हम साइकिल के राजा हो जाते थे। निकल जाते थे सड़क पर और सवा किलोमीटर दूर भी अगर कोई दिख जाता तो चीखने लगते कि "ऐ हट जाओ सामने से... अरे दिखाई नहीं देता क्या, साइकिल चला रहा हूं... हट जाओ" ... सुनिए सुदर्शन जी की लिखी कहानी 'साइकिल की सवारी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>1068</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/326d8352bbfaa7c606888a2f5d6b8422.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्रेमचंद के पान | स्टोरीबॉक्स | EP 27</title><link>https://www.spreaker.com/episode/premacanda-ke-pana-storiboksa-ep-27--53171197</link><description><![CDATA[घर के सामने नई पान की दुकान खुली थी। मैं खुश था कि चलो अब पान खाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन मुझे क्या पता था कि पान की ये दुकान मेरे लिए मेरे गले का फंदा बन जाएगी। सुनिए स्टोरीबॉक्स में मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'बोहनी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53171197</guid><pubDate>Sun, 12 Mar 2023 05:43:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53171197/12_mar_23_story_box_march_12_final_128.mp3" length="15221655" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>घर के सामने नई पान की दुकान खुली थी। मैं खुश था कि चलो अब पान खाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन मुझे क्या पता था कि पान की ये दुकान मेरे लिए मेरे गले का फंदा बन जाएगी। सुनिए स्टोरीबॉक्स में मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'बोहनी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[घर के सामने नई पान की दुकान खुली थी। मैं खुश था कि चलो अब पान खाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन मुझे क्या पता था कि पान की ये दुकान मेरे लिए मेरे गले का फंदा बन जाएगी। सुनिए स्टोरीबॉक्स में मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'बोहनी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.]]></itunes:summary><itunes:duration>952</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7e8ab7487fef22b6ede2ab568478b095.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पूरे चांद की रात |  स्टोरीबॉक्स | EP 26</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pure-canda-ki-rata-storiboksa-ep-26--53098623</link><description><![CDATA[वो जगमगाते सितारों की रात थी। हमारी कश्ती खुबानी के पेड़ से बंधी थी। चांदनी पत्तों के ओट से छनकर हमारे चेहरे पर पड़ रही थी। झील का पानी किनारे को चूम रहा था। मैंने उसके रुख़्सार को चूमा। ऐसा लगा हज़ारों मस्जिद ओ मंदिर में एक साथ सदाएं गूंजने लगीं। मैंने उसकी ठोडी को चूमा तो हज़ारों कवल एक साथ खिल गए। उसने मुझे अपना खाया हुआ भुट्टा दिया, मैंने भुट्टे के दानों को मुंह से लगाया तो उसके लबों की गर्मी उन नर्म दानों पर अब तक थी। मैंने उससे कहा, "मैं तुम्हें चूम लूं" उसने आंख उठाते हुए मुस्कुराकर कहा, "हश... कश्ती डूब जाएगी" मैंने फिर कहा, "तो क्या करें फिर".... उसने मेरी तरफ ग़ौर से देखा और कहा 'डूब जाने दो' - सुनिए कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'पूरे चांद की रात' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53098623</guid><pubDate>Sun, 05 Mar 2023 06:15:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53098623/07_mar_23_stroy_box_pckr_mix_2_128.mp3" length="24886543" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो जगमगाते सितारों की रात थी। हमारी कश्ती खुबानी के पेड़ से बंधी थी। चांदनी पत्तों के ओट से छनकर हमारे चेहरे पर पड़ रही थी। झील का पानी किनारे को चूम रहा था। मैंने उसके रुख़्सार को चूमा। ऐसा लगा हज़ारों मस्जिद ओ मंदिर में एक साथ सदाएं गूंजने लगीं।...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो जगमगाते सितारों की रात थी। हमारी कश्ती खुबानी के पेड़ से बंधी थी। चांदनी पत्तों के ओट से छनकर हमारे चेहरे पर पड़ रही थी। झील का पानी किनारे को चूम रहा था। मैंने उसके रुख़्सार को चूमा। ऐसा लगा हज़ारों मस्जिद ओ मंदिर में एक साथ सदाएं गूंजने लगीं। मैंने उसकी ठोडी को चूमा तो हज़ारों कवल एक साथ खिल गए। उसने मुझे अपना खाया हुआ भुट्टा दिया, मैंने भुट्टे के दानों को मुंह से लगाया तो उसके लबों की गर्मी उन नर्म दानों पर अब तक थी। मैंने उससे कहा, "मैं तुम्हें चूम लूं" उसने आंख उठाते हुए मुस्कुराकर कहा, "हश... कश्ती डूब जाएगी" मैंने फिर कहा, "तो क्या करें फिर".... उसने मेरी तरफ ग़ौर से देखा और कहा 'डूब जाने दो' - सुनिए कृष्ण चंदर की लिखी कहानी 'पूरे चांद की रात' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1556</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/33588a64be40b2dfe85a4345649ea1fc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सितारों... तुम तो सो जाओ | स्टोरीबॉक्स | EP 25</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sitarom-tuma-to-so-ja-o-storiboksa-ep-25--52853687</link><description><![CDATA[मैं पांच साल बाद हिंदुस्तान लौटा और उस कब्रिस्तान पहुंचा जहां एक कब्र के पत्थर पर लिखा था - इरम ख़ान। वही इरम ख़ान जो मुझे बेइंतिहा चाहती थी, मुहब्बत करती थी मुझसे। लेकिन मैं उसकी उदास आंखों को भूल गया था। पर आज कब्र में सोई हुई इरम से मुझे मुहब्बत हो गयी थी और याद आ रहे थे उसके लफ्ज़, "कभी-कभी जो काम नज़दीकियां नहीं कर पातीं, वो दूरियां कर देती है" सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी - 'सितारों... तुम तो सो जाओ' स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52853687</guid><pubDate>Sun, 26 Feb 2023 07:33:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52853687/24_feb_23_storybox_sitaro_tum_toh_24_feb_128.mp3" length="27898357" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मैं पांच साल बाद हिंदुस्तान लौटा और उस कब्रिस्तान पहुंचा जहां एक कब्र के पत्थर पर लिखा था - इरम ख़ान। वही इरम ख़ान जो मुझे बेइंतिहा चाहती थी, मुहब्बत करती थी मुझसे। लेकिन मैं उसकी उदास आंखों को भूल गया था। पर आज कब्र में सोई हुई इरम से मुझे मुहब्बत हो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मैं पांच साल बाद हिंदुस्तान लौटा और उस कब्रिस्तान पहुंचा जहां एक कब्र के पत्थर पर लिखा था - इरम ख़ान। वही इरम ख़ान जो मुझे बेइंतिहा चाहती थी, मुहब्बत करती थी मुझसे। लेकिन मैं उसकी उदास आंखों को भूल गया था। पर आज कब्र में सोई हुई इरम से मुझे मुहब्बत हो गयी थी और याद आ रहे थे उसके लफ्ज़, "कभी-कभी जो काम नज़दीकियां नहीं कर पातीं, वो दूरियां कर देती है" सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी - 'सितारों... तुम तो सो जाओ' स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1744</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/cbc16d6be2e8fd3070117341d1d69b04.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दिल्ली की सैर | स्टोरीबॉक्स | EP 24</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dilli-ki-saira-storiboksa-ep-24--52779591</link><description><![CDATA[ये उस दौर की बात है जब रेलगाड़ी का सफ़र करना औरतों के लिए कोई मामूली बात नहीं थी। एक लड़की जब फ़रीदाबाद से ट्रेन का सफर तय करके दिल्ली आती है तो वापस लौटने के बाद उसकी संगी सहेलियां उसे घेर लेती हैं। वो पूछती हैं कि ट्रेन कैसी होती है, जब ट्रेन चलती है तो कैसी आवाज़ होती है, प्लैटफॉर्म कैसा दिखता है? वगैरह वगैरह। वो लड़की उन तमाम सवालों का जवाब देती है। सुनिए एक आम लड़की की दास्तानगोई दिल्ली की सैर के बारे में। रशीद जहां का लिखा एक शानदार अफ़साना स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी के साथ.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52779591</guid><pubDate>Sun, 19 Feb 2023 09:03:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52779591/19_feb_23_story_box_dilli_128.mp3" length="4912274" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये उस दौर की बात है जब रेलगाड़ी का सफ़र करना औरतों के लिए कोई मामूली बात नहीं थी। एक लड़की जब फ़रीदाबाद से ट्रेन का सफर तय करके दिल्ली आती है तो वापस लौटने के बाद उसकी संगी सहेलियां उसे घेर लेती हैं। वो पूछती हैं कि ट्रेन कैसी होती 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23</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-pyara-adhura-sa-storiboksa-ep-23--52707302</link><description><![CDATA[वो कॉलेज की सबसे खूबसूरत लड़की नहीं थी और न ही सबसे ज़हीन। लेकिन फिर भी उसका आस-पास होना अच्छा लगता था। उसकी बेबाक़ी उसे औरों से अलग करती थी। हमने एक दूसरे को पसंद किया, एक दूसरे का हाथ थामा लेकिन वक्त की आंधी में हमारे हाथ छूटे तो फिर दोबारा एक वृद्धाश्रम में मिले - सुनिए कुशलेंद्र श्रीवास्तव की लिखी कहानी - एक प्यार अधूरा सा - स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.<br />]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52707302</guid><pubDate>Sun, 12 Feb 2023 09:47:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52707302/12_feb_23_story_box_ek_adhuri_kahani_12_feb_128.mp3" length="22729456" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो कॉलेज की सबसे खूबसूरत लड़की नहीं थी और न ही सबसे ज़हीन। लेकिन फिर भी उसका आस-पास होना अच्छा लगता था। उसकी बेबाक़ी उसे औरों से अलग करती थी। हमने एक दूसरे को पसंद किया, एक दूसरे का हाथ थामा लेकिन वक्त की आंधी में हमारे हाथ छूटे तो फिर दोबारा एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो कॉलेज की सबसे खूबसूरत लड़की नहीं थी और न ही सबसे ज़हीन। लेकिन फिर भी उसका आस-पास होना अच्छा लगता था। उसकी बेबाक़ी उसे औरों से अलग करती थी। हमने एक दूसरे को पसंद किया, एक दूसरे का हाथ थामा लेकिन वक्त की आंधी में हमारे हाथ छूटे तो फिर दोबारा एक वृद्धाश्रम में मिले - सुनिए कुशलेंद्र श्रीवास्तव की लिखी कहानी - एक प्यार अधूरा सा - स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.<br />]]></itunes:summary><itunes:duration>1421</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/db26e3c1bc227361d672e77583eff618.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दो घरों के दरमियां | स्टोरीबॉक्स | EP 22</title><link>https://www.spreaker.com/episode/do-gharom-ke-daramiyam-storiboksa-ep-22--52639895</link><description><![CDATA[दिसंबर की गुनगुनी धूप में सड़क के इस किनारे से उस किनारे तक बने मकानों की परछाइयां एक-दूसरे के कंधों पर सर टिकाए थीं। धूप मकानों के चेहरों को यूं छू रही थी जैसे देर से घर लौटी कोई मां... अपने बच्चों का माथा चूमती है। उस सड़क के दो मकानों के बीच एक छोटी सी खिड़की थी, जहां से ज़ायके, खुश्बुएं, तहज़ीब और ज़बान आती जाती थी। लेकिन क्यों एक रोज़ ये सब ख़त्म हो गया? क्यों इशिता और अभिजीत के इश्क़ के बीच ख़ामोशी की दीवार खड़ी हो गयी.... सुनिए कहानी 'दो घरों के दरमियां' स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52639895</guid><pubDate>Sun, 05 Feb 2023 06:51:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52639895/07_feb_23_do_gharo_k_darmiyan_s_128.mp3" length="23144907" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दिसंबर की गुनगुनी धूप में सड़क के इस किनारे से उस किनारे तक बने मकानों की परछाइयां एक-दूसरे के कंधों पर सर टिकाए थीं। धूप मकानों के चेहरों को यूं छू रही थी जैसे देर से घर लौटी कोई मां... अपने बच्चों का माथा चूमती है। उस सड़क के दो मकानों के बीच एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दिसंबर की गुनगुनी धूप में सड़क के इस किनारे से उस किनारे तक बने मकानों की परछाइयां एक-दूसरे के कंधों पर सर टिकाए थीं। धूप मकानों के चेहरों को यूं छू रही थी जैसे देर से घर लौटी कोई मां... अपने बच्चों का माथा चूमती है। उस सड़क के दो मकानों के बीच एक छोटी सी खिड़की थी, जहां से ज़ायके, खुश्बुएं, तहज़ीब और ज़बान आती जाती थी। लेकिन क्यों एक रोज़ ये सब ख़त्म हो गया? क्यों इशिता और अभिजीत के इश्क़ के बीच ख़ामोशी की दीवार खड़ी हो गयी.... सुनिए कहानी 'दो घरों के दरमियां' स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.<br /><br /> साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत]]></itunes:summary><itunes:duration>1447</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6433a88d63aa19770d6349ea02d769fb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दा ब्लू कॉमरेड | स्टोरीबॉक्स | EP 21</title><link>https://www.spreaker.com/episode/da-blu-komareda-storiboksa-ep-21--52573756</link><description><![CDATA["मेरे पिता ठाकुर हरदयाल सिंह के खेत में मज़दूर हैं। लोगों की शादी में छाती में संतरे लगा कर और पाँव में घुंगरू पहन कर नाचते भी हैं। इसके अलावा वो खूब शराब पीते हैं और माँ को पीटते हैं। गाँव वाले मेरे बाप को मंगता मुसहर कहते हैं और अब अपने मन का मखमल बचाना मैंने जिस आदमी के बारे में अभी बताया, वो मेरा बाप है पर मैं उसका बच्चा हूँ ठीक ठीक नहीं कह सकता। सब कहते कि मेरी कद-काठी, शक्ल-सूरत, रंग-रूप ठाकुर हरदयाव से मिलता है, मुझे भी लगता है मैं उसी का बेटा हूं। तुम देखना मैं अपनी इस देख को ऐसे खत्म करूँगा कि कहानी हो जाऊँगा" - सुनिए अनुराग अनंत की लिखी कहानी 'दा ब्लू कॉमरेड' स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52573756</guid><pubDate>Sun, 29 Jan 2023 05:41:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52573756/29_jan_23_storybox_blue_comrade_128.mp3" length="29767471" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"मेरे पिता ठाकुर हरदयाल सिंह के खेत में मज़दूर हैं। लोगों की शादी में छाती में संतरे लगा कर और पाँव में घुंगरू पहन कर नाचते भी हैं। इसके अलावा वो खूब शराब पीते हैं और माँ को पीटते हैं। गाँव वाले मेरे बाप को मंगता मुसहर कहते हैं और अब अपने मन का मखमल...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["मेरे पिता ठाकुर हरदयाल सिंह के खेत में मज़दूर हैं। लोगों की शादी में छाती में संतरे लगा कर और पाँव में घुंगरू पहन कर नाचते भी हैं। इसके अलावा वो खूब शराब पीते हैं और माँ को पीटते हैं। गाँव वाले मेरे बाप को मंगता मुसहर कहते हैं और अब अपने मन का मखमल बचाना मैंने जिस आदमी के बारे में अभी बताया, वो मेरा बाप है पर मैं उसका बच्चा हूँ ठीक ठीक नहीं कह सकता। सब कहते कि मेरी कद-काठी, शक्ल-सूरत, रंग-रूप ठाकुर हरदयाव से मिलता है, मुझे भी लगता है मैं उसी का बेटा हूं। तुम देखना मैं अपनी इस देख को ऐसे खत्म करूँगा कि कहानी हो जाऊँगा" - सुनिए अनुराग अनंत की लिखी कहानी 'दा ब्लू कॉमरेड' स्टोरीबॉक्स में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1861</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/09a2a4bf649cb551449488608dee9588.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>तुम्हारे इंतज़ार में... | स्टोरीबॉक्स | EP 20</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tumhare-intazara-mem-storiboksa-ep-20--52506696</link><description><![CDATA[रसूलपुर रियासत के मालिक 71 साल के इनायत अली खां उस टाट के पर्दे वाली झुग्गी के सामने खड़े थे। "कौन है" अंदर से एक बुज़ु्र्ग आवाज़ आई। खां साहब ने डरते-डरते पर्दा हटाया तो झुर्रियों के जाल वाला एक चेहरा था - वो आफ़रीन ही थी। उनकी 40 साल पुरानी मुहब्बत, जिसे वो मुकम्मल नहीं कर पाए थे। वक्त आफरीन के चेहरे पर झुर्रियों की शक्ल में जाने क्या-क्या लिख गया था। पर उस की धुंधली आंखों अब भी खां साहब का इंतज़ार बाकी था। सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में. <br /><br />]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52506696</guid><pubDate>Sun, 22 Jan 2023 07:37:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52506696/23_jan_23_story_box_re_tumhare_yaad_me_128.mp3" length="20044486" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रसूलपुर रियासत के मालिक 71 साल के इनायत अली खां उस टाट के पर्दे वाली झुग्गी के सामने खड़े थे। "कौन है" अंदर से एक बुज़ु्र्ग आवाज़ आई। खां साहब ने डरते-डरते पर्दा हटाया तो झुर्रियों के जाल वाला एक चेहरा था - वो आफ़रीन ही थी। उनकी 40 साल पुरानी मुहब्बत,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रसूलपुर रियासत के मालिक 71 साल के इनायत अली खां उस टाट के पर्दे वाली झुग्गी के सामने खड़े थे। "कौन है" अंदर से एक बुज़ु्र्ग आवाज़ आई। खां साहब ने डरते-डरते पर्दा हटाया तो झुर्रियों के जाल वाला एक चेहरा था - वो आफ़रीन ही थी। उनकी 40 साल पुरानी मुहब्बत, जिसे वो मुकम्मल नहीं कर पाए थे। वक्त आफरीन के चेहरे पर झुर्रियों की शक्ल में जाने क्या-क्या लिख गया था। पर उस की धुंधली आंखों अब भी खां साहब का इंतज़ार बाकी था। सुनिए पूरी कहानी स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में. <br /><br />]]></itunes:summary><itunes:duration>1253</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9a4fd018e13f0fc073165320154293ff.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चची के इश्क़ में | स्टोरीबॉक्स | EP 19</title><link>https://www.spreaker.com/episode/caci-ke-isqa-mem-storiboksa-ep-19--52444096</link><description><![CDATA[चचा और चची की मुहब्बत सावन की धूप जैसी थी - पल भर में होती, पल भर में गायब। चची के चेहरे पर खुशी लाने के लिए चचा घर के हर काम को अंजाम देने के लिए मिशन उठा लेते लेकिन काम बनाने की बजाए इस तरह बिगड़ जाता कि फिर वो, चची और घर का हर शख्स यही सोचता कि ये काम बाहर से किसी को बुला कर करवा लिया होता, तो भले चार पैसे लग जाते लेकिन काम इत्मिनान से होता। ऐसा ही वो दिन था जब घर में फ्रेम होकर आई एक तस्वीर। चची ने कहा, "भई ये तस्वीर दो दिन से रखी है, कब लगेगी। बुलवा लो किसी को" चचा ने कहा, "अरे इसके लिए किसी को बुलाने की क्या ज़रूरत। ये तो हमीं टांग देंगे। लाओ अभी काम ख़त्म किए देता हूं" बस साहब इतना कहना था कि फिर घर में जो हुआ, वो सबको याद रहेगा। सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'चची के इश्क़ में'.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52444096</guid><pubDate>Sun, 15 Jan 2023 04:36:23 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52444096/14_jan_23_storybox_chachi_ke_ishq_me_128.mp3" length="9742210" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चचा और चची की मुहब्बत सावन की धूप जैसी थी - पल भर में होती, पल भर में गायब। चची के चेहरे पर खुशी लाने के लिए चचा घर के हर काम को अंजाम देने के लिए मिशन उठा लेते लेकिन काम बनाने की बजाए इस तरह बिगड़ जाता कि फिर वो, चची और घर का हर शख्स यही सोचता कि ये...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चचा और चची की मुहब्बत सावन की धूप जैसी थी - पल भर में होती, पल भर में गायब। चची के चेहरे पर खुशी लाने के लिए चचा घर के हर काम को अंजाम देने के लिए मिशन उठा लेते लेकिन काम बनाने की बजाए इस तरह बिगड़ जाता कि फिर वो, चची और घर का हर शख्स यही सोचता कि ये काम बाहर से किसी को बुला कर करवा लिया होता, तो भले चार पैसे लग जाते लेकिन काम इत्मिनान से होता। ऐसा ही वो दिन था जब घर में फ्रेम होकर आई एक तस्वीर। चची ने कहा, "भई ये तस्वीर दो दिन से रखी है, कब लगेगी। बुलवा लो किसी को" चचा ने कहा, "अरे इसके लिए किसी को बुलाने की क्या ज़रूरत। ये तो हमीं टांग देंगे। लाओ अभी काम ख़त्म किए देता हूं" बस साहब इतना कहना था कि फिर घर में जो हुआ, वो सबको याद रहेगा। सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'चची के इश्क़ में'.]]></itunes:summary><itunes:duration>609</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6a2aef240ab3da7f955ca793498deb62.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हकीम साहब की बकरी | स्टोरीबॉक्स | EP 18</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hakima-sahaba-ki-bakari-storiboksa-ep-18--52381502</link><description><![CDATA[अगले ही दिन पूरे मोहल्ले में खबर हो गई बकरुन-निसां कोई मामूली बकरी नहीं है, वली पीर साहब का अक्स हैं। हकीम साहब के घर में लोग पहुंचे तो देखा कि बकरुन-निसां बड़े आराम से चारपाई पर बैठी पागुन कर रही हैं, हरे रंग का मेज़पोश काटकर गले से पहना दिया गया था, सींग में चच्ची की पुरानी चूड़ियां पहना दी गयी थीं और चारों पैरों में चटा-पटी वाले दुपट्टे का लचका-गोटा बंधा हुआ था। कुछ ज़ायरीन अगरबत्ती जला कर सर झुकाए बैठे थे और एक पूछ रहा था - "हमां सउदी का वीज़ा कब लगेगा?" सुनिए कहानी - 'हकीम साहब की बकरी' - स्टोरीबॉक्स में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52381502</guid><pubDate>Sun, 08 Jan 2023 04:53:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52381502/08_jan_23_hakim_saab_ki_bakri_7_j_128.mp3" length="21040065" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अगले ही दिन पूरे मोहल्ले में खबर हो गई बकरुन-निसां कोई मामूली बकरी नहीं है, वली पीर साहब का अक्स हैं। हकीम साहब के घर में लोग पहुंचे तो देखा कि बकरुन-निसां बड़े आराम से चारपाई पर बैठी पागुन कर रही हैं, हरे रंग का मेज़पोश काटकर गले से पहना दिया गया था,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अगले ही दिन पूरे मोहल्ले में खबर हो गई बकरुन-निसां कोई मामूली बकरी नहीं है, वली पीर साहब का अक्स हैं। हकीम साहब के घर में लोग पहुंचे तो देखा कि बकरुन-निसां बड़े आराम से चारपाई पर बैठी पागुन कर रही हैं, हरे रंग का मेज़पोश काटकर गले से पहना दिया गया था, सींग में चच्ची की पुरानी चूड़ियां पहना दी गयी थीं और चारों पैरों में चटा-पटी वाले दुपट्टे का लचका-गोटा बंधा हुआ था। कुछ ज़ायरीन अगरबत्ती जला कर सर झुकाए बैठे थे और एक पूछ रहा था - "हमां सउदी का वीज़ा कब लगेगा?" सुनिए कहानी - 'हकीम साहब की बकरी' - स्टोरीबॉक्स में.]]></itunes:summary><itunes:duration>1316</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7e308059d7af1b438839cfd64063c94f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>न छेड़ो हमें, हम नहाए हुए हैं | स्टोरीबॉक्स | EP 17</title><link>https://www.spreaker.com/episode/na-chero-hamem-hama-naha-e-hu-e-haim-storiboksa-ep-17--52325571</link><description><![CDATA["अरे दामाद जी, उठिये। नहाइयेगा नहीं क्या"ससुर जी की आवाज़ के बाद मैंने पहले एक पैर रज़ाई से निकाल कर सर्दी के हालात का जायज़ा लिया। पैर बाहर निकालते ही पता चल गया कि स्थिति तनापूर्ण तो है ही, नियंत्रण में भी नहीं है। फ़ौरन पैर वापस खींच लिया। ये उस समय की बात है जब ठंड कड़ाके की पड़ रही थी और पूरा शहर कोहरे में लिपटा हुआ था। मैंने नहाने का प्रोग्राम आज फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया। पर जब मैं नाश्ते के लिए कमरे से बाहर निकला तो मैंने देखा कि ससुर जी हाथ में बाल्टी पकड़े टेढ़े-टेढ़े चले आ रहे हैं। मैं समझ गया कि मेरी शामत आ गयी है। बोले, “ये लीजिए, आप के लिए टंकी में रात का भरा हुआ पानी लाया हूं, एक दम मस्त वाला ठंडा है... आत्मा शुद्ध हो जाएगी... ये लीजिए तौलिया”<br /><br /> सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से कहानी 'न छेड़ो हमें हम नहाए हुए हैं' सिर्फ स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52325571</guid><pubDate>Sun, 01 Jan 2023 07:28:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52325571/31_dec_22_story_box_nahaye_hue_haiii_128.mp3" length="19859330" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"अरे दामाद जी, उठिये। नहाइयेगा नहीं क्या"ससुर जी की आवाज़ के बाद मैंने पहले एक पैर रज़ाई से निकाल कर सर्दी के हालात का जायज़ा लिया। पैर बाहर निकालते ही पता चल गया कि स्थिति तनापूर्ण तो है ही, नियंत्रण में भी नहीं है। फ़ौरन पैर वापस खींच लिया। ये उस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["अरे दामाद जी, उठिये। नहाइयेगा नहीं क्या"ससुर जी की आवाज़ के बाद मैंने पहले एक पैर रज़ाई से निकाल कर सर्दी के हालात का जायज़ा लिया। पैर बाहर निकालते ही पता चल गया कि स्थिति तनापूर्ण तो है ही, नियंत्रण में भी नहीं है। फ़ौरन पैर वापस खींच लिया। ये उस समय की बात है जब ठंड कड़ाके की पड़ रही थी और पूरा शहर कोहरे में लिपटा हुआ था। मैंने नहाने का प्रोग्राम आज फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया। पर जब मैं नाश्ते के लिए कमरे से बाहर निकला तो मैंने देखा कि ससुर जी हाथ में बाल्टी पकड़े टेढ़े-टेढ़े चले आ रहे हैं। मैं समझ गया कि मेरी शामत आ गयी है। बोले, “ये लीजिए, आप के लिए टंकी में रात का भरा हुआ पानी लाया हूं, एक दम मस्त वाला ठंडा है... आत्मा शुद्ध हो जाएगी... ये लीजिए तौलिया”<br /><br /> सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से कहानी 'न छेड़ो हमें हम नहाए हुए हैं' सिर्फ स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>1242</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e729797677a34cbde54299b30c072844.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मसूद भाई की छलांग | स्टोरीबॉक्स | EP 16</title><link>https://www.spreaker.com/episode/masuda-bha-i-ki-chalanga-storiboksa-ep-16--52276706</link><description><![CDATA[पास लेकर जैसे ही हम दरवाज़े पर पहुंचे तो एक दरबान ने मुझे रोका। मैंने उसे पास दिखाया तो उसकी आंखों में अजीब सी चमक आ गयी। उसने मेरे चेहरे को ग़ौर से देखा और पूछा, "आप मसूद हैं?" मेरे पास झूठ बोलने के अलावा और क्या चारा था। मैंने कहा, "जी हां" बस मेरा इतना ही कहना था कि वो आदमी मुझे खींचते हुए बोले, "गज़ब करते हैं भई, आप का यहां इतना इंतज़ार हो रहा था और आप पता नहीं कहां घूम रहे हैं। चलिए अंदर, जल्दी चलिए" वो हमें खींचते हुए ले गया और अंदर जाकर बोला, "लीजिए आ गए मसूद साहब" वहां बैठा एक दूसरा शख्स अचानक उठ खड़ा हुआ और मेरी तरफ जोकर वाले कपड़े फेंकते हुए बोला, "लीजिए, इसको जल्दी से पहन लीजिए बाकी सब तैयारी हो गई है.. और हां, ज़रा वक्त की पाबंदी करना सीखिए, ऐसे काम नहीं चल पाएगा" मैं जब तक उसको बोलता कि मैं कौन हूं तब तक ऐलान हुआ, "हाज़रीन, मसूद साहब आ गए हैं और अब वो अपने जिस्म में आग लगाकर सौ फीट ऊपर से कूद कर दिखाएंगे" - सुनिए शौकत थानवी की लिखी एक मज़ेदार कहानी 'छलांग' स्टोरीबॉक्स में.<br /><br />]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52276706</guid><pubDate>Sun, 25 Dec 2022 06:21:04 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52276706/23_dec_22_story_box_chhalang_23_dec_128.mp3" length="11743399" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पास लेकर जैसे ही हम दरवाज़े पर पहुंचे तो एक दरबान ने मुझे रोका। मैंने उसे पास दिखाया तो उसकी आंखों में अजीब सी चमक आ गयी। उसने मेरे चेहरे को ग़ौर से देखा और पूछा, "आप मसूद हैं?" मेरे पास झूठ बोलने के अलावा और क्या चारा था। मैंने कहा, "जी हां" बस मेरा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पास लेकर जैसे ही हम दरवाज़े पर पहुंचे तो एक दरबान ने मुझे रोका। मैंने उसे पास दिखाया तो उसकी आंखों में अजीब सी चमक आ गयी। उसने मेरे चेहरे को ग़ौर से देखा और पूछा, "आप मसूद हैं?" मेरे पास झूठ बोलने के अलावा और क्या चारा था। मैंने कहा, "जी हां" बस मेरा इतना ही कहना था कि वो आदमी मुझे खींचते हुए बोले, "गज़ब करते हैं भई, आप का यहां इतना इंतज़ार हो रहा था और आप पता नहीं कहां घूम रहे हैं। चलिए अंदर, जल्दी चलिए" वो हमें खींचते हुए ले गया और अंदर जाकर बोला, "लीजिए आ गए मसूद साहब" वहां बैठा एक दूसरा शख्स अचानक उठ खड़ा हुआ और मेरी तरफ जोकर वाले कपड़े फेंकते हुए बोला, "लीजिए, इसको जल्दी से पहन लीजिए बाकी सब तैयारी हो गई है.. और हां, ज़रा वक्त की पाबंदी करना सीखिए, ऐसे काम नहीं चल पाएगा" मैं जब तक उसको बोलता कि मैं कौन हूं तब तक ऐलान हुआ, "हाज़रीन, मसूद साहब आ गए हैं और अब वो अपने जिस्म में आग लगाकर सौ फीट ऊपर से कूद कर दिखाएंगे" - सुनिए शौकत थानवी की लिखी एक मज़ेदार कहानी 'छलांग' स्टोरीबॉक्स में.<br /><br />]]></itunes:summary><itunes:duration>734</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/80a712697284987bda2b3f9a4524b2ee.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बटेर की निहारी | स्टोरीबॉक्स | EP15</title><link>https://www.spreaker.com/episode/batera-ki-nihari-storiboksa-ep15--52216386</link><description><![CDATA[पिछले बुध की शाम हमारा सदर के एक नामी होटल में जाना हुआ। वेटर लपक कर आया। हमने पूछा, “क्या है?” बोला, “जी अल्लाह का दिया सब कुछ है!” हमने कहा, “खाने को पूछ रहे हैं, ख़ैरीयत दरयाफ़्त नहीं कर रहे क्योंकि वो तो तुम्हारे रोग़नी तन-ओ-तोष से वैसे भी ज़ाहिर है।” कहने लगा, “हलीम खाइए, बड़ी उम्दा पकी है। अभी अभी मैंने बावर्चीख़ाने से लाते में एक साहिब की प्लेट में से एक लुक़मा लिया था।”  सुनिए उर्दू के मशहूर कलमकार इब्न ए इंशा की लिखी कहानी - 'बटेर की निहारी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br />]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52216386</guid><pubDate>Sun, 18 Dec 2022 08:09:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52216386/18_dec_22_batare_ki_nihari_story_box_128.mp3" length="8092943" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पिछले बुध की शाम हमारा सदर के एक नामी होटल में जाना हुआ। वेटर लपक कर आया। हमने पूछा, “क्या है?” बोला, “जी अल्लाह का दिया सब कुछ है!” हमने कहा, “खाने को पूछ रहे हैं, ख़ैरीयत दरयाफ़्त नहीं कर रहे क्योंकि वो तो तुम्हारे रोग़नी तन-ओ-तोष से वैसे भी ज़ाहिर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पिछले बुध की शाम हमारा सदर के एक नामी होटल में जाना हुआ। वेटर लपक कर आया। हमने पूछा, “क्या है?” बोला, “जी अल्लाह का दिया सब कुछ है!” हमने कहा, “खाने को पूछ रहे हैं, ख़ैरीयत दरयाफ़्त नहीं कर रहे क्योंकि वो तो तुम्हारे रोग़नी तन-ओ-तोष से वैसे भी ज़ाहिर है।” कहने लगा, “हलीम खाइए, बड़ी उम्दा पकी है। अभी अभी मैंने बावर्चीख़ाने से लाते में एक साहिब की प्लेट में से एक लुक़मा लिया था।”  सुनिए उर्दू के मशहूर कलमकार इब्न ए इंशा की लिखी कहानी - 'बटेर की निहारी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br />]]></itunes:summary><itunes:duration>506</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e2e92bc2c71d7de19db5470d5b412da9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हमें ऐसे हुई मुहब्बत | स्टोरीबॉक्स | EP 14</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hamem-aise-hu-i-muhabbata-storiboksa-ep-14--52151468</link><description><![CDATA[हम दोनों के घर वाले आज़ाद ख़्याल थे, हमसे कहा गया कि लड़का-लड़की कुछ वक्त अकेले में बातें कर लें। हम दोनों बालकनी पर आए। दूर रखा तेज़ फ़र्राटा वाला पंखा था जिसकी हवा से लहराते उसके बाल मेरे हाथों को छू रहे थे। मैंने पूछा, "व्हाट आर योर हॉबीज़" और फिर सोचा कि कितना बोरिंग सवाल पूछ लिया। कुछ इंटरेस्टिंग पूछना चाहिए था। वो बोली, "वेल आई लाइक..." मैंने उसकी बात यहीं काटते हुए कहा, "छोड़िये हॉबीज़ को, ये बताइये कि आपके सीक्रेट्स क्या हैं" वो थोड़ा सा शर्माई। फिर बोली, "वो नीचे गली में खड़ा लड़का देख रहे हैं न, जो इधर गुस्से में देख रहा है... वो मेरा ब्वायफ्रैंड है"]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52151468</guid><pubDate>Sun, 11 Dec 2022 05:45:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52151468/10_dec_22_story_box_dec_10_final_128.mp3" length="12970945" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हम दोनों के घर वाले आज़ाद ख़्याल थे, हमसे कहा गया कि लड़का-लड़की कुछ वक्त अकेले में बातें कर लें। हम दोनों बालकनी पर आए। दूर रखा तेज़ फ़र्राटा वाला पंखा था जिसकी हवा से लहराते उसके बाल मेरे हाथों को छू रहे थे। मैंने पूछा, "व्हाट आर योर हॉबीज़" और फिर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हम दोनों के घर वाले आज़ाद ख़्याल थे, हमसे कहा गया कि लड़का-लड़की कुछ वक्त अकेले में बातें कर लें। हम दोनों बालकनी पर आए। दूर रखा तेज़ फ़र्राटा वाला पंखा था जिसकी हवा से लहराते उसके बाल मेरे हाथों को छू रहे थे। मैंने पूछा, "व्हाट आर योर हॉबीज़" और फिर सोचा कि कितना बोरिंग सवाल पूछ लिया। कुछ इंटरेस्टिंग पूछना चाहिए था। वो बोली, "वेल आई लाइक..." मैंने उसकी बात यहीं काटते हुए कहा, "छोड़िये हॉबीज़ को, ये बताइये कि आपके सीक्रेट्स क्या हैं" वो थोड़ा सा शर्माई। फिर बोली, "वो नीचे गली में खड़ा लड़का देख रहे हैं न, जो इधर गुस्से में देख रहा है... वो मेरा ब्वायफ्रैंड है"]]></itunes:summary><itunes:duration>811</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a26a306bb35ab8d9a7d853c4b653ebaa.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>क़िबला काबा ईमान भी तू | स्टोरीबॉक्स | EP 13</title><link>https://www.spreaker.com/episode/qibala-kaba-imana-bhi-tu-storiboksa-ep-13--52090208</link><description><![CDATA["पाकिस्तान से ट्रेनें भर-भर के लौटती थीं, लेकिन फ्लैटफॉर्म पर ख़ड़ी बन्नों बुआ के हिस्से में सिर्फ इंतज़ार आता था। अम्मी हर साल एक ख़त बन्नों बुआ के नाम से लाहौर भेजती रहीं लेकिन बन्नों बुआ की आख़िरी अधूरी हसरत उनकी कब्र के किनारे उगे एक सफेद फूल बनकर आज भी महकती है" सुनिए आज़म क़ादरी की लिखी कहानी - 'क़िबला काबा ईमान भी तू' सिर्फ स्टोरीबॉक्स पर.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52090208</guid><pubDate>Sun, 04 Dec 2022 06:31:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52090208/02_dec_22_story_box_qaba_128.mp3" length="23365172" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"पाकिस्तान से ट्रेनें भर-भर के लौटती थीं, लेकिन फ्लैटफॉर्म पर ख़ड़ी बन्नों बुआ के हिस्से में सिर्फ इंतज़ार आता था। अम्मी हर साल एक ख़त बन्नों बुआ के नाम से लाहौर भेजती रहीं लेकिन बन्नों बुआ की आख़िरी अधूरी हसरत उनकी कब्र के किनारे उगे एक सफेद फूल बनकर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["पाकिस्तान से ट्रेनें भर-भर के लौटती थीं, लेकिन फ्लैटफॉर्म पर ख़ड़ी बन्नों बुआ के हिस्से में सिर्फ इंतज़ार आता था। अम्मी हर साल एक ख़त बन्नों बुआ के नाम से लाहौर भेजती रहीं लेकिन बन्नों बुआ की आख़िरी अधूरी हसरत उनकी कब्र के किनारे उगे एक सफेद फूल बनकर आज भी महकती है" सुनिए आज़म क़ादरी की लिखी कहानी - 'क़िबला काबा ईमान भी तू' सिर्फ स्टोरीबॉक्स पर.]]></itunes:summary><itunes:duration>1461</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c38d4025050b02de637057482a1ad6dc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>रशीद जहां की कहानी - चोर | स्टोरीबॉक्स | EP 12</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rasida-jaham-ki-kahani-cora-storiboksa-ep-12--52020830</link><description><![CDATA[रात के दस बज रहे थे मैं क्लीनिक में बैठी थी और क्लीनिक बंद करने का वक़्त हो गया था। उसी वक़्त एक आदमी धड़धड़ाते हुए अंदर घुसा, हट्टा-कट्टा शख्स, जिसकी गोद में एक बच्चा था, जो बीमार था। उस शख्स ने कहा "देखिये, इसे क्या हुआ है" लेकिन मेरी नज़र उस आदमी पर थी। उसका चेहरा और कान पर वो छोटा सा निशान बता रहा था कि ये वही कम्मन नाम का चोर है, जिसने कुछ दिन पहले मेरे घर में चोरी की थी। सुनिये पूरी कहानी इस इतवार 'स्टोरीबॉक्स' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52020830</guid><pubDate>Sun, 27 Nov 2022 05:31:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52020830/27_nov_22_chor_27_128.mp3" length="13229662" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रात के दस बज रहे थे मैं क्लीनिक में बैठी थी और क्लीनिक बंद करने का वक़्त हो गया था। उसी वक़्त एक आदमी धड़धड़ाते हुए अंदर घुसा, हट्टा-कट्टा शख्स, जिसकी गोद में एक बच्चा था, जो बीमार था। उस शख्स ने कहा "देखिये, इसे क्या हुआ है" लेकिन मेरी नज़र उस आदमी पर थी।...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रात के दस बज रहे थे मैं क्लीनिक में बैठी थी और क्लीनिक बंद करने का वक़्त हो गया था। उसी वक़्त एक आदमी धड़धड़ाते हुए अंदर घुसा, हट्टा-कट्टा शख्स, जिसकी गोद में एक बच्चा था, जो बीमार था। उस शख्स ने कहा "देखिये, इसे क्या हुआ है" लेकिन मेरी नज़र उस आदमी पर थी। उसका चेहरा और कान पर वो छोटा सा निशान बता रहा था कि ये वही कम्मन नाम का चोर है, जिसने कुछ दिन पहले मेरे घर में चोरी की थी। सुनिये पूरी कहानी इस इतवार 'स्टोरीबॉक्स' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>827</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/92d64e5fc4f430699b5a62efdcb718e7.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पाज़ेब | स्टोरीबॉक्स | EP 11</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pazeba-storiboksa-ep-11--51955762</link><description><![CDATA[मैं हमेशा सोचती थी कि मेरे ट्यूशन टीचर अयाज़ सर वक्त के इतने पांबद कैसे थे। शाम के साढ़े पांच बजते ही उनका स्कूटर आकर घर के दरवाज़े पर रुकता था और उसके पांच सेकेंड बाद आवाज़ आती थी - "शाज़िया... " वो वक्त के इतने पाबंद थे कि आप उन्हें देखकर अपनी घड़ी का वक्त मिला सकते थे। ख़ैर, उनकी आवाज़ का जवाब मैं “आ रही हूं सर” कहकर देती फिर मम्मी की तरफ देखकर कहती “मम्मी, सर आ गए। मैं जा रही हूं पढ़ने” और बैग टांग कर बाहरी कमरे की तरफ चल देती। किचन में दर्जनों टिफिन पैक कर रहीं मेरी मम्मी - ताहिरा मुझे देखकर मुस्कुरा देतीं। कुछ देर बाद अम्मी हाथ में चाय लिए हुए कमरे में आतीं तो उनमें एक किस्म की हड़बड़ाहट दिखाई देती थी। हां, मुझे पता था कि पिछले सात-आठ महीने से मेरी अम्मी और अयाज़ सर के बीच एक रिश्ता सांस ले रहा है। एक ऐसे रिश्ते का नाज़ुक धागा जिसके दो सिरे, दो ऐसे लोगों ने थाम रखे थे जिन्हें एक दूसरे की ज़रूरत थी... - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीकी की ज़बानी उनकी लिखी कहानी 'पाज़ेब' सिर्फ स्टोरीबॉक्स में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51955762</guid><pubDate>Sun, 20 Nov 2022 05:28:57 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51955762/18_nov_22_story_box_story_paazeb_mix_128.mp3" length="17473201" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मैं हमेशा सोचती थी कि मेरे ट्यूशन टीचर अयाज़ सर वक्त के इतने पांबद कैसे थे। शाम के साढ़े पांच बजते ही उनका स्कूटर आकर घर के दरवाज़े पर रुकता था और उसके पांच सेकेंड बाद आवाज़ आती थी - "शाज़िया... " वो वक्त के इतने पाबंद थे कि आप उन्हें देखकर अपनी घड़ी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मैं हमेशा सोचती थी कि मेरे ट्यूशन टीचर अयाज़ सर वक्त के इतने पांबद कैसे थे। शाम के साढ़े पांच बजते ही उनका स्कूटर आकर घर के दरवाज़े पर रुकता था और उसके पांच सेकेंड बाद आवाज़ आती थी - "शाज़िया... " वो वक्त के इतने पाबंद थे कि आप उन्हें देखकर अपनी घड़ी का वक्त मिला सकते थे। ख़ैर, उनकी आवाज़ का जवाब मैं “आ रही हूं सर” कहकर देती फिर मम्मी की तरफ देखकर कहती “मम्मी, सर आ गए। मैं जा रही हूं पढ़ने” और बैग टांग कर बाहरी कमरे की तरफ चल देती। किचन में दर्जनों टिफिन पैक कर रहीं मेरी मम्मी - ताहिरा मुझे देखकर मुस्कुरा देतीं। कुछ देर बाद अम्मी हाथ में चाय लिए हुए कमरे में आतीं तो उनमें एक किस्म की हड़बड़ाहट दिखाई देती थी। हां, मुझे पता था कि पिछले सात-आठ महीने से मेरी अम्मी और अयाज़ सर के बीच एक रिश्ता सांस ले रहा है। एक ऐसे रिश्ते का नाज़ुक धागा जिसके दो सिरे, दो ऐसे लोगों ने थाम रखे थे जिन्हें एक दूसरे की ज़रूरत थी... - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीकी की ज़बानी उनकी लिखी कहानी 'पाज़ेब' सिर्फ स्टोरीबॉक्स में]]></itunes:summary><itunes:duration>1093</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f0709b587fe8001e6fa2bb234cbca1b2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सामने वाली खिड़की | स्टोरीबॉक्स | EP 10</title><link>https://www.spreaker.com/episode/samane-vali-khiraki-storiboksa-ep-10--51875811</link><description><![CDATA["सफ़र की शुरुआत पर घर से निकलते ही दरवाज़े भुला दिये जाते हैं लेकिन मोड़ पर पहुंच कर हम फिर पलट कर देखते हैं, क्योंकि खिड़कियां याद रहती हैं। हमें याद रहता है कि कोई खिड़की से हमें जाता हुआ देख रहा होगा, इस उम्मीद से कि हम लौट आएंगे किसी दिन। लेकिन उस बंद होती खिड़की से झांकती दो आंखे, प्रभात जी को यूं देख रही थीं, जैसे अब वो कभी नहीं लौटेंगे" सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ़्ते की कहानी 'सामने वाली खिड़की' <br /><br /><br />Saamne Wale Khidki | Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51875811</guid><pubDate>Sun, 13 Nov 2022 06:57:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51875811/13_nov_22_sb_re_128.mp3" length="24237871" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>"सफ़र की शुरुआत पर घर से निकलते ही दरवाज़े भुला दिये जाते हैं लेकिन मोड़ पर पहुंच कर हम फिर पलट कर देखते हैं, क्योंकि खिड़कियां याद रहती हैं। हमें याद रहता है कि कोई खिड़की से हमें जाता हुआ देख रहा होगा, इस उम्मीद से कि हम लौट आएंगे किसी दिन। लेकिन उस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA["सफ़र की शुरुआत पर घर से निकलते ही दरवाज़े भुला दिये जाते हैं लेकिन मोड़ पर पहुंच कर हम फिर पलट कर देखते हैं, क्योंकि खिड़कियां याद रहती हैं। हमें याद रहता है कि कोई खिड़की से हमें जाता हुआ देख रहा होगा, इस उम्मीद से कि हम लौट आएंगे किसी दिन। लेकिन उस बंद होती खिड़की से झांकती दो आंखे, प्रभात जी को यूं देख रही थीं, जैसे अब वो कभी नहीं लौटेंगे" सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ़्ते की कहानी 'सामने वाली खिड़की' <br /><br /><br />Saamne Wale Khidki | Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui]]></itunes:summary><itunes:duration>1515</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c5460f9ed6103bf6d857a844a5d74012.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कभी यूं भी तो हो | स्टोरीबॉक्स | EP 09</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kabhi-yum-bhi-to-ho-storiboksa-ep-09--51801159</link><description><![CDATA[दो लोग जो साथ नहीं रहना चाहते, किसी दबाव में पूरी ज़िदगी साथ गुज़ार देते हैं। लेकिन जब ज़िंदगी उन्हें मौके दे तो क्या उन्हें अलग हो जाना चाहिए? क्या अलग हो जाना हमेशा बुरा होता है? या ज़्यादा बुरा होता है साथ होकर भी साथ न होना। सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी – कभी यूं भी तो हो<br /><br />KABHI YUN BHI TOH HO | STORY BOX WITH JAMSHED QAMAR SIDDIQUI]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51801159</guid><pubDate>Sun, 06 Nov 2022 07:09:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51801159/07_nov_22_sb_final_mix_128.mp3" length="27311124" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दो लोग जो साथ नहीं रहना चाहते, किसी दबाव में पूरी ज़िदगी साथ गुज़ार देते हैं। लेकिन जब ज़िंदगी उन्हें मौके दे तो क्या उन्हें अलग हो जाना चाहिए? क्या अलग हो जाना हमेशा बुरा होता है? या ज़्यादा बुरा होता है साथ होकर भी साथ न होना। सुनिए जमशेद क़मर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दो लोग जो साथ नहीं रहना चाहते, किसी दबाव में पूरी ज़िदगी साथ गुज़ार देते हैं। लेकिन जब ज़िंदगी उन्हें मौके दे तो क्या उन्हें अलग हो जाना चाहिए? क्या अलग हो जाना हमेशा बुरा होता है? या ज़्यादा बुरा होता है साथ होकर भी साथ न होना। सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी – कभी यूं भी तो हो<br /><br />KABHI YUN BHI TOH HO | STORY BOX WITH JAMSHED QAMAR SIDDIQUI]]></itunes:summary><itunes:duration>1707</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9183d534d2d28fba8cc80e29f7cb1c37.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पिंक मफ़लर | स्टोरीबॉक्स | EP 08</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pinka-mafalara-storiboksa-ep-08--51729261</link><description><![CDATA[वो जब लौटी तो आठ साल गुज़र चुके थे। इन आठ सालों में कुछ नहीं बदला था, सिवाए उसके। उसकी वो शोख हंसी, वो शरारतें, वो मासूमियत और ढेर सारी बातें जाने कहां खो गयी थीं। अब वो एक संजीदा लड़की थी और उसे बीती कोई बात याद नहीं थी, सिवाए एक पिंक मफ़लर के]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51729261</guid><pubDate>Sun, 30 Oct 2022 09:45:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51729261/30_oct_22_story_box_pink_mufler_30_oct_128.mp3" length="22947213" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो जब लौटी तो आठ साल गुज़र चुके थे। इन आठ सालों में कुछ नहीं बदला था, सिवाए उसके। उसकी वो शोख हंसी, वो शरारतें, वो मासूमियत और ढेर सारी बातें जाने कहां खो गयी थीं। अब वो एक संजीदा लड़की थी और उसे बीती कोई बात याद नहीं थी, सिवाए एक पिंक मफ़लर के</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो जब लौटी तो आठ साल गुज़र चुके थे। इन आठ सालों में कुछ नहीं बदला था, सिवाए उसके। उसकी वो शोख हंसी, वो शरारतें, वो मासूमियत और ढेर सारी बातें जाने कहां खो गयी थीं। अब वो एक संजीदा लड़की थी और उसे बीती कोई बात याद नहीं थी, सिवाए एक पिंक मफ़लर के]]></itunes:summary><itunes:duration>1435</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d06a61ba8b16b052700cf0294fd86cfd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सबसे ख़ूबसूरत तुम | स्टोरीबॉक्स | EP 07</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sabase-khubasurata-tuma-storiboksa-ep-07--51657784</link><description><![CDATA[जिस्म के किसी हिस्से का जिस्म से अलग हो जाना कितना तकलीफदेह है, एक मर्द होकर मैं ये बात सिर्फ समझने की कोशिश कर सकता था लेकिन मेरी पत्नी जब भी अपनी देह छूती तो उसकी आंखे नम हो जाती थीं। बेतहाशा दर्द और चुभन उसके चेहरे पर थी। लेकिन उस वक्त ये सबसे ज़रूरी था कि उसे याद दिला दूं कि वो अब भी सबसे ख़ूबसूरत है। सुनिए स्टोरीबॉक्स में एकता नाहर की लिखी कहानी - 'सबसे ख़ूबसूरत तुम' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51657784</guid><pubDate>Sun, 23 Oct 2022 05:47:14 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51657784/25_oct_22_sb_revised_khubsoorat_128.mp3" length="22945541" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जिस्म के किसी हिस्से का जिस्म से अलग हो जाना कितना तकलीफदेह है, एक मर्द होकर मैं ये बात सिर्फ समझने की कोशिश कर सकता था लेकिन मेरी पत्नी जब भी अपनी देह छूती तो उसकी आंखे नम हो जाती थीं। बेतहाशा दर्द और चुभन उसके चेहरे पर थी। लेकिन उस वक्त ये सबसे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जिस्म के किसी हिस्से का जिस्म से अलग हो जाना कितना तकलीफदेह है, एक मर्द होकर मैं ये बात सिर्फ समझने की कोशिश कर सकता था लेकिन मेरी पत्नी जब भी अपनी देह छूती तो उसकी आंखे नम हो जाती थीं। बेतहाशा दर्द और चुभन उसके चेहरे पर थी। लेकिन उस वक्त ये सबसे ज़रूरी था कि उसे याद दिला दूं कि वो अब भी सबसे ख़ूबसूरत है। सुनिए स्टोरीबॉक्स में एकता नाहर की लिखी कहानी - 'सबसे ख़ूबसूरत तुम' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1435</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5a0dace1da33429599185205be60b84a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>की-बोर्ड | स्टोरीबॉक्स | EP 06</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ki-borda-storiboksa-ep-06--51586970</link><description><![CDATA[एक लम्हें में पूरी ज़िंदगी को बदल देने की ताक़त होती है। ये बात मुझे उस दिन पता चली जब घुड़सवारी के दौरान एक हादसे ने मेरी ज़िंदगी को शायद हमेशा के लिए बदल दिया। कुछ इस तरह की ज़मीन पर कदम रखना भी मेरे लिए मुश्किल हो गया था। लेकिन उसी अलमारी में रखे एक पुरानी की-बोर्ड ने कैसे बदल दी मेरी ज़िंदगी.... सुनिए कहानी की-बोर्ड स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br />Keyboard | Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51586970</guid><pubDate>Sun, 16 Oct 2022 06:19:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51586970/15_oct_22_sb_ep_6_128.mp3" length="23610096" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक लम्हें में पूरी ज़िंदगी को बदल देने की ताक़त होती है। ये बात मुझे उस दिन पता चली जब घुड़सवारी के दौरान एक हादसे ने मेरी ज़िंदगी को शायद हमेशा के लिए बदल दिया। कुछ इस तरह की ज़मीन पर कदम रखना भी मेरे लिए मुश्किल हो गया था। लेकिन उसी अलमारी में रखे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक लम्हें में पूरी ज़िंदगी को बदल देने की ताक़त होती है। ये बात मुझे उस दिन पता चली जब घुड़सवारी के दौरान एक हादसे ने मेरी ज़िंदगी को शायद हमेशा के लिए बदल दिया। कुछ इस तरह की ज़मीन पर कदम रखना भी मेरे लिए मुश्किल हो गया था। लेकिन उसी अलमारी में रखे एक पुरानी की-बोर्ड ने कैसे बदल दी मेरी ज़िंदगी.... सुनिए कहानी की-बोर्ड स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से<br /><br />Keyboard | Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui]]></itunes:summary><itunes:duration>1476</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/add02d3be929e839298c6b60456ef632.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आख़िरी मुलाक़ात | स्टोरीबॉक्स । EP 05</title><link>https://www.spreaker.com/episode/akhiri-mulaqata-storiboksa-ep-05--51512156</link><description><![CDATA[वो दोनों मिले, एक लंबे अर्से के बाद, उसी जगह जहां पहले मिला करते थे... लेकिन अब उनके बीच का फ़ासला उनके बीच रखी उस टेबल के कहीं ज़्यादा था ... सुनिए कहानी 'आख़िरी मुलाक़ात' स्टोरी बॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51512156</guid><pubDate>Sun, 09 Oct 2022 04:31:13 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51512156/07_oct_22_story_box_story_5_aakhiri_mulaqat_128.mp3" length="22169391" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो दोनों मिले, एक लंबे अर्से के बाद, उसी जगह जहां पहले मिला करते थे... लेकिन अब उनके बीच का फ़ासला उनके बीच रखी उस टेबल के कहीं ज़्यादा था ... सुनिए कहानी 'आख़िरी मुलाक़ात' स्टोरी बॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो दोनों मिले, एक लंबे अर्से के बाद, उसी जगह जहां पहले मिला करते थे... लेकिन अब उनके बीच का फ़ासला उनके बीच रखी उस टेबल के कहीं ज़्यादा था ... सुनिए कहानी 'आख़िरी मुलाक़ात' स्टोरी बॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.]]></itunes:summary><itunes:duration>1386</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/392ce9c2cc4079d4caa9405b7c34d731.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्रेमचंद की आख़िरी कहानी | स्टोरीबॉक्स | Ep 04</title><link>https://www.spreaker.com/episode/premacanda-ki-akhiri-kahani-storiboksa-ep-04--51441397</link><description><![CDATA[वो एक नाकाम राइटर था जिसके हाथ लग गयी मुंशी प्रेमचंद की लिखी आख़िरी कहानी। वो कहानी जो दुनिया की नज़रों से अबतक छुपी हुई थी। क्या एक कहानी बदल सकती है किसी इंसान की क़िस्मत?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51441397</guid><pubDate>Sun, 02 Oct 2022 05:05:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51441397/30_sep_22_story_box_story_4_premchand_ki_aakhiri_kahani_128.mp3" length="24519575" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो एक नाकाम राइटर था जिसके हाथ लग गयी मुंशी प्रेमचंद की लिखी आख़िरी कहानी। वो कहानी जो दुनिया की नज़रों से अबतक छुपी हुई थी। क्या एक कहानी बदल सकती है किसी इंसान की क़िस्मत?</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो एक नाकाम राइटर था जिसके हाथ लग गयी मुंशी प्रेमचंद की लिखी आख़िरी कहानी। वो कहानी जो दुनिया की नज़रों से अबतक छुपी हुई थी। क्या एक कहानी बदल सकती है किसी इंसान की क़िस्मत?]]></itunes:summary><itunes:duration>1533</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/40f507ff1211808588c536f265523943.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मैकू | स्टोरीबॉक्स| Ep 03</title><link>https://www.spreaker.com/episode/maiku-storiboksa-ep-03--51374510</link><description><![CDATA[शहर में हर तरफ़ कोहराम मचा था, हर घर से रोने पीटने की आवाज़ें गूंज रही थीं। वो एक अजीब वायरस था, जो कैसे फैला और उसे कैसे रोका जाए किसी को नहीं पता था। एंबुलेंस की आवाज़ों से सड़क बार-बार चौंक जाती थी। जिस वक्त शहर में सब हो रहा था ठीक उसी वक्त शहर के सबसे पॉश एरिया में बने टैगोर सभागार में कुछ लेखकों और चिंतकों का सेमिनार हो रहा था। माइक पर थे छियालीस साल के कुमार साहब और उनके ज़हन में था मैकू, वही मैकू जो उनकी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल सवाल उनसे पूछने वाला था।]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51374510</guid><pubDate>Sun, 25 Sep 2022 08:37:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51374510/25_sep_22_story_box_maikoo_128.mp3" length="24759066" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहर में हर तरफ़ कोहराम मचा था, हर घर से रोने पीटने की आवाज़ें गूंज रही थीं। वो एक अजीब वायरस था, जो कैसे फैला और उसे कैसे रोका जाए किसी को नहीं पता था। एंबुलेंस की आवाज़ों से सड़क बार-बार चौंक जाती थी। जिस वक्त शहर में सब हो रहा था ठीक उसी वक्त शहर के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहर में हर तरफ़ कोहराम मचा था, हर घर से रोने पीटने की आवाज़ें गूंज रही थीं। वो एक अजीब वायरस था, जो कैसे फैला और उसे कैसे रोका जाए किसी को नहीं पता था। एंबुलेंस की आवाज़ों से सड़क बार-बार चौंक जाती थी। जिस वक्त शहर में सब हो रहा था ठीक उसी वक्त शहर के सबसे पॉश एरिया में बने टैगोर सभागार में कुछ लेखकों और चिंतकों का सेमिनार हो रहा था। माइक पर थे छियालीस साल के कुमार साहब और उनके ज़हन में था मैकू, वही मैकू जो उनकी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल सवाल उनसे पूछने वाला था।]]></itunes:summary><itunes:duration>1548</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/384b5ec687da100bd863061217bee948.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>गुल्लू आतिशबाज़ | स्टोरीबॉक्स | Ep 02</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gullu-atisabaza-storiboksa-ep-02--51295570</link><description><![CDATA[मोहल्ले के नुक्कड़ पर वो बोसीदा सी पुरानी दुकान जिसके एक तरफ को झुके हुए ज़ंग-आलूदा बोर्ड पर लिखा था - महबूब आतिशबाज़। कहते थे कि जब देश आज़ाद हुआ तो लाल क़िले पर आतिशबाज़ी के लिए महबूब भाई को बुलाया गया था। लेकिन वो दौर दूसरा था, अब तो महबूब भाई के पोते गुल्लू आतिशबाज़ उस उज़ड़ी हुई दुकान में कुछ पटाखों के साथ बैठे रहते थे। कभी-कबार किसी शादी-बारात में आतिशबाज़ी का ऑर्डर मिल गया तो मिल गया वरना वो भी नहीं। लेकिन हां, पिछले कुछ दिनों से गुल्लू साहब की दुकान से कुछ रॉकेट सुरसुराते हुए आसमान में जाते और वली अहमद साहब के मकान के ऊपर जाकर रौशनी में बिखरते हुए दिल बन जाते। और ये देखकर बालकनी पर एक मोहतरमा मुस्कुरा देतीं, कौन थीं वो मोहतरमा, सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ़्ते की कहानी - गुल्लू आतिशबाज़, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51295570</guid><pubDate>Sun, 18 Sep 2022 05:12:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51295570/16_sep_22_story_box_story_2_gullu_aatishbaaj_mix_128.mp3" length="24856032" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मोहल्ले के नुक्कड़ पर वो बोसीदा सी पुरानी दुकान जिसके एक तरफ को झुके हुए ज़ंग-आलूदा बोर्ड पर लिखा था - महबूब आतिशबाज़। कहते थे कि जब देश आज़ाद हुआ तो लाल क़िले पर आतिशबाज़ी के लिए महबूब भाई को बुलाया गया था। लेकिन वो दौर दूसरा था, अब तो महबूब भाई के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मोहल्ले के नुक्कड़ पर वो बोसीदा सी पुरानी दुकान जिसके एक तरफ को झुके हुए ज़ंग-आलूदा बोर्ड पर लिखा था - महबूब आतिशबाज़। कहते थे कि जब देश आज़ाद हुआ तो लाल क़िले पर आतिशबाज़ी के लिए महबूब भाई को बुलाया गया था। लेकिन वो दौर दूसरा था, अब तो महबूब भाई के पोते गुल्लू आतिशबाज़ उस उज़ड़ी हुई दुकान में कुछ पटाखों के साथ बैठे रहते थे। कभी-कबार किसी शादी-बारात में आतिशबाज़ी का ऑर्डर मिल गया तो मिल गया वरना वो भी नहीं। लेकिन हां, पिछले कुछ दिनों से गुल्लू साहब की दुकान से कुछ रॉकेट सुरसुराते हुए आसमान में जाते और वली अहमद साहब के मकान के ऊपर जाकर रौशनी में बिखरते हुए दिल बन जाते। और ये देखकर बालकनी पर एक मोहतरमा मुस्कुरा देतीं, कौन थीं वो मोहतरमा, सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ़्ते की कहानी - गुल्लू आतिशबाज़, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1554</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b44a09eceb2d77c03ead9c4f3fceab9e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पापा की मिस्ड कॉल | स्टोरीबॉक्स | Ep 01</title><link>https://www.spreaker.com/episode/papa-ki-misda-kola-storiboksa-ep-01--51216871</link><description><![CDATA[आख़िरी बार अपने पिता को कब गले लगाया था? याद है? क्यों बाप-बेटे के रिश्ते में रह जाता है काफ़ी कुछ अनकहा, एक बेटे के फ़ोन पर एक पिता की मिस्ड कॉल्स की तरह। सुनिए स्टोरीबॉक्स में आज की कहानी 'Missed Calls' जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51216871</guid><pubDate>Sun, 11 Sep 2022 08:13:00 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51216871/11_sep_22_story_box_story_1_missed_mix_128.mp3" length="22120489" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आख़िरी बार अपने पिता को कब गले लगाया था? याद है? क्यों बाप-बेटे के रिश्ते में रह जाता है काफ़ी कुछ अनकहा, एक बेटे के फ़ोन पर एक पिता की मिस्ड कॉल्स की तरह। सुनिए स्टोरीबॉक्स में आज की कहानी 'Missed Calls' जमशेद क़मर सिद्दीकी से</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आख़िरी बार अपने पिता को कब गले लगाया था? याद है? क्यों बाप-बेटे के रिश्ते में रह जाता है काफ़ी कुछ अनकहा, एक बेटे के फ़ोन पर एक पिता की मिस्ड कॉल्स की तरह। सुनिए स्टोरीबॉक्स में आज की कहानी 'Missed Calls' जमशेद क़मर सिद्दीकी से]]></itunes:summary><itunes:duration>1383</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ef1fab029c618d4065e02c8f5df44f6a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item></channel></rss>
