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<rss xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:podcast="https://podcastindex.org/namespace/1.0" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Padhaku Nitin</title><link>https://www.aajtak.in/podcast/padhaku-nitin</link><description><![CDATA[Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein.<br /><br /> कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है?<br /><br /> भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.]]></description><atom:link href="https://www.spreaker.com/show/5018441/episodes/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><language>hi</language><category>History</category><copyright>Copyright © 2026 Living Media India Limited</copyright><image><url>https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3fb2a1103d5caa0ce8d1784f298663f3.jpg</url><title>Padhaku Nitin</title><link>https://www.aajtak.in/podcast/padhaku-nitin</link></image><lastBuildDate>Thu, 16 Jul 2026 15:20:24 +0000</lastBuildDate><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:owner><itunes:name>Aaj Tak Radio</itunes:name><itunes:email>sanjay.nagpal@aajtak.com</itunes:email></itunes:owner><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3fb2a1103d5caa0ce8d1784f298663f3.jpg"/><itunes:subtitle>Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein.<br /><br /> कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है?<br /><br /> भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.]]></itunes:summary><itunes:category text="History"/><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:type>episodic</itunes:type><item><title>E20 Explained: कार टैंक में लगी चींटियों से लेकर घटते Mileage जैसे दावों पर क्या बोले Ask Carguru?</title><link>https://www.spreaker.com/episode/e20-explained-kara-tainka-mem-lagi-cintiyom-se-lekara-ghatate-mileage-jaise-davom-para-kya-bole-ask-carguru--73015904</link><description><![CDATA[भारत ने मार्च 2025 में तय समय से पांच साल पहले 20% Ethanol Blending (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया. सरकार का दावा है कि इससे तेल आयात का खर्च घटा, किसानों को फायदा हुआ और प्रदूषण कम हुआ. लेकिन 2026 में सोशल मीडिया पर E20 को लेकर कई दावे वायरल हुए-इंजन खराब होने, माइलेज घटने, फ्यूल टैंक में कीड़े लगने और सरकार द्वारा रिपोर्ट छिपाने तक के आरोप लगे. वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन दावों को चुनौती देते हुए कहा कि E20 से खराब हुई एक भी गाड़ी दिखाइए.<br /> क्या E20 को लेकर फैली बातें सच हैं या सिर्फ़ अफ़वाह? क्या भारत का Ethanol मॉडल सही दिशा में है, और इसका आपकी गाड़ी पर क्या असर पड़ता है? इन्हीं सवालों पर Automobile Expert अमित खरे के साथ देखिए यह खास चर्चा. <br /><br /> Credits:<br /> Producer: Manoj Rajpurohit <br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/73015904</guid><pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:19:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/73015904/16_jul_26_pn_16_july_128.mp3" length="70745443" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत ने मार्च 2025 में तय समय से पांच साल पहले 20% Ethanol Blending (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया. सरकार का दावा है कि इससे तेल आयात का खर्च घटा, किसानों को फायदा हुआ और प्रदूषण कम हुआ. लेकिन 2026 में सोशल मीडिया पर E20 को लेकर कई दावे वायरल हुए-इंजन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत ने मार्च 2025 में तय समय से पांच साल पहले 20% Ethanol Blending (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया. सरकार का दावा है कि इससे तेल आयात का खर्च घटा, किसानों को फायदा हुआ और प्रदूषण कम हुआ. लेकिन 2026 में सोशल मीडिया पर E20 को लेकर कई दावे वायरल हुए-इंजन खराब होने, माइलेज घटने, फ्यूल टैंक में कीड़े लगने और सरकार द्वारा रिपोर्ट छिपाने तक के आरोप लगे. वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन दावों को चुनौती देते हुए कहा कि E20 से खराब हुई एक भी गाड़ी दिखाइए.<br /> क्या E20 को लेकर फैली बातें सच हैं या सिर्फ़ अफ़वाह? क्या भारत का Ethanol मॉडल सही दिशा में है, और इसका आपकी गाड़ी पर क्या असर पड़ता है? इन्हीं सवालों पर Automobile Expert अमित खरे के साथ देखिए यह खास चर्चा. <br /><br /> Credits:<br /> Producer: Manoj Rajpurohit <br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>4422</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9db9f5e36ac80b68c0ff17cf98cb317e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंसान Actor कैसे बना? क्या जंगल से शुरू हुई थी कहानी? Ft. Adil Hussain</title><link>https://www.spreaker.com/episode/insana-actor-kaise-bana-kya-jangala-se-suru-hu-i-thi-kahani-ft-adil-hussain--72890025</link><description><![CDATA[Padhaku Nitin के इस खास एपिसोड में हमारे मेहमान हैं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके अभिनेता Adil Hussain। यह हमारी बातचीत का दूसरा पार्ट है.<br />इस एपिसोड में सिर्फ फिल्मों की नहीं, बल्कि एक्टिंग की गहराइयों की बात होती है. एक अच्छा एक्टर कैसे बनता है? किसी किरदार को समझने और निभाने का सही तरीका क्या है? एक कलाकार अपनी सोच और भावनाओं पर कैसे काम करता है? इन सभी सवालों पर आदिल हुसैन खुलकर अपनी बात रखते हैं.<br /><br />बातचीत में उन्होंने अपने थिएटर के दिनों, शुरुआती संघर्ष, Naseeruddin Shah से मिली सीख, बड़े फिल्म सेट्स के अनुभव और एक कलाकार की सोच के बारे में भी दिलचस्प किस्से साझा किए हैं. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ज़िंदगी के छोटे-छोटे फैसले कैसे हमारे करियर और व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं.<br />अगर आप Acting, Theatre, Cinema या खुद को बेहतर बनाने में रुचि रखते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए ज़रूर देखने लायक है.  <br /><br /><br />Credits:<br />Producer: Manoj Rajpurohit <br />Host: Nitin Thakur<br />Sound: Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72890025</guid><pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:21:57 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72890025/09_jul_26_pn_mix_9_july_128.mp3" length="68725864" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Padhaku Nitin के इस खास एपिसोड में हमारे मेहमान हैं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके अभिनेता Adil Hussain। यह हमारी बातचीत का दूसरा पार्ट है.&#13;
इस एपिसोड में सिर्फ फिल्मों की नहीं, बल्कि एक्टिंग की गहराइयों की बात होती है. एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Padhaku Nitin के इस खास एपिसोड में हमारे मेहमान हैं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके अभिनेता Adil Hussain। यह हमारी बातचीत का दूसरा पार्ट है.<br />इस एपिसोड में सिर्फ फिल्मों की नहीं, बल्कि एक्टिंग की गहराइयों की बात होती है. एक अच्छा एक्टर कैसे बनता है? किसी किरदार को समझने और निभाने का सही तरीका क्या है? एक कलाकार अपनी सोच और भावनाओं पर कैसे काम करता है? इन सभी सवालों पर आदिल हुसैन खुलकर अपनी बात रखते हैं.<br /><br />बातचीत में उन्होंने अपने थिएटर के दिनों, शुरुआती संघर्ष, Naseeruddin Shah से मिली सीख, बड़े फिल्म सेट्स के अनुभव और एक कलाकार की सोच के बारे में भी दिलचस्प किस्से साझा किए हैं. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ज़िंदगी के छोटे-छोटे फैसले कैसे हमारे करियर और व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं.<br />अगर आप Acting, Theatre, Cinema या खुद को बेहतर बनाने में रुचि रखते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए ज़रूर देखने लायक है.  <br /><br /><br />Credits:<br />Producer: Manoj Rajpurohit <br />Host: Nitin Thakur<br />Sound: Aman Pal]]></itunes:summary><itunes:duration>4296</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f2a55efc3391036d075ac383b3b4f1f5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Sridevi, Teacher Naseeruddin Shah और बड़े Bollywood Sets के अनसुने किस्से Ft. Actor Adil Hussain! : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sridevi-teacher-naseeruddin-shah-aura-bare-bollywood-sets-ke-anasune-kis-se-ft-actor-adil-hussain-padhaku-nitin--72791075</link><description><![CDATA[इस खास एपिसोड में Padhaku Nitin के नए स्टूडियो के पहले मेहमान हैं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके अभिनेता Adil Hussain।<br /><br /> इस बातचीत में सिर्फ फिल्मों की नहीं, बल्कि अभिनय, साहित्य, रंगमंच, किताबों, दर्शन और ज़िंदगी की गहरी बात होती है। आदिल हुसैन अपने शुरुआती संघर्ष, थिएटर के दिनों, अपने गुरु Naseeruddin Shah से मिली सीख, Sridevi के साथ काम करने के अनुभव, बड़े बॉलीवुड सेट्स के अनसुने किस्से और एक अभिनेता के भीतर चलने वाली प्रक्रिया के बारे में खुलकर बात करते हैं।<br /><br /> साथ ही, अगर आप अच्छी फिल्में, किताबें और थिएटर देखना चाहते हैं, तो इस एपिसोड में आपको मिलेंगी Adil Hussain की बेहतरीन Recommendations—Peter Brook की Mahabharata से लेकर Sridevi की Sadma तक।<br /><br /> इस एपिसोड में जानिए:<br /> • Theatre ने Adil Hussain को कैसे बदला?<br /> • Teacher Naseeruddin Shah से क्या सीखा?<br /> • Sridevi के साथ काम करने का अनुभव कैसा था?<br /> • बड़े Bollywood Sets के पीछे की अनसुनी कहानियाँ<br /> • Acting को Natural बनाने का उनका तरीका<br /> • Peter Brook की Mahabharata क्यों देखनी चाहिए?<br /> • कौन-सी किताबें और फिल्में हर कलाकार को देखनी चाहिए?<br /> • Cinema, Literature, Philosophy और Life पर गहरी बातचीत<br /><br /> अगर आपको सिनेमा, थिएटर, किताबें और बेहतरीन बातचीत पसंद है, तो यह एपिसोड मिस मत कीजिए।<br /><br /> Credits:<br /> Producer: Manav Dev Rawat<br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72791075</guid><pubDate>Thu, 02 Jul 2026 14:56:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72791075/02_jul_26_pn_mix_2_july_128.mp3" length="83466031" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस खास एपिसोड में Padhaku Nitin के नए स्टूडियो के पहले मेहमान हैं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके अभिनेता Adil Hussain।&#13;
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साथ काम करने का अनुभव कैसा था?<br /> • बड़े Bollywood Sets के पीछे की अनसुनी कहानियाँ<br /> • Acting को Natural बनाने का उनका तरीका<br /> • Peter Brook की Mahabharata क्यों देखनी चाहिए?<br /> • कौन-सी किताबें और फिल्में हर कलाकार को देखनी चाहिए?<br /> • Cinema, Literature, Philosophy और Life पर गहरी बातचीत<br /><br /> अगर आपको सिनेमा, थिएटर, किताबें और बेहतरीन बातचीत पसंद है, तो यह एपिसोड मिस मत कीजिए।<br /><br /> Credits:<br /> Producer: Manav Dev Rawat<br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Suraj Singh]]></itunes:summary><itunes:duration>5217</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/30f8b94e642768ac2b3f04cf69ea5d5b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंडियन UFC फाइटर Anshul Jubli के कोच ने MMA की दुनिया के बारे में क्या बताया?</title><link>https://www.spreaker.com/episode/indiyana-ufc-pha-itara-anshul-jubli-ke-koca-ne-mma-ki-duniya-ke-bare-mem-kya-bataya--72688136</link><description><![CDATA[Fight Club का पहला नियम है - Fight Club के बारे में बात नहीं करनी चाहिए. लेकिन दुनिया भर में लोग Combat Sports, MMA और UFC के बारे में बात करते हैं, बहस करते हैं और दीवाने भी हैं. भारत में भी Cage Fighting का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन क्या हम सच में इस खेल को समझते हैं? इस खास बातचीत में हमारे साथ हैं Siddharth Singh - Brazilian Jiu-Jitsu में भारत के पहले Black Belt, Submission Grappling में चार बार के विश्व विजेता और Crosstrain Fight Club के संस्थापक, जिसने भारत को पहला UFC फाइटर Anshul Jubli दिया.<br /><br /> Producer: Manoj Rajpurohit <br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72688136</guid><pubDate>Thu, 25 Jun 2026 13:20:08 +0000</pubDate><enclosure 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का, पेड़ों का, पौधों का, आध्यात्म का भी और Climate Change का भी. ये ज्ञान आप पर भी बरसेगा क्योंकि इस स्टूडियो में आए हैं People’s Favorite पीपल बाबा. क्योंकि हाल ही में आई है इनकी एक किताब Ghosts on People Trees. तो Padhaku Nitin में आज मिलिए Peepal baba से<br /><br /> Producer: Manav Dev Rawat<br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72579725</guid><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:10:40 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72579725/18_jun_26_pn_18_june_128.mp3" length="81174778" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सोशल मीडिया पर एक बाबा ऐसे हैं जिनको देखकर ऐसा ही लगता है कि आप पीपल की छांव में बैठे हों. पहला इसलिए क्योंकि उनके आसपास भी हमेशा हरियाली होती है. दूसरा इसलिए क्योंकि जिस तरह पीपल के सानिध्य में बुद्ध को ज्ञान मिला, इन बाबा के पास बैठकर भी ज्ञान 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href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dcbf8de12fb9f351ab3d321456b7e974.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Future Drones की AI दुनिया, China की Drone Monopoly और खूंखार Military Drones के किस्से! : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/future-drones-ki-ai-duniya-china-ki-drone-monopoly-aura-khunkhara-military-drones-ke-kis-se-padhaku-nitin--72498967</link><description><![CDATA[एक समय था जब युद्ध की पहचान टैंक, फाइटर जेट और लाखों सैनिकों से होती थी। लेकिन आज 500 डॉलर का एक FPV ड्रोन करोड़ों डॉलर के हथियारों को तबाह कर सकता है। Ukraine-Russia War से लेकर Middle East के संघर्षों तक, ड्रोन ने युद्ध की परिभाषा ही बदल दी है।<br /><br /> इस विशेष बातचीत में वरिष्ठ रक्षा पत्रकार Sandeep Unnithan के साथ समझिए कि ड्रोन आखिर इतने बड़े गेमचेंजर कैसे बने, सैन्य ड्रोन और आम DJI ड्रोन में क्या अंतर होता है, FPV Drones और Drone Swarms कितने खतरनाक हैं, और क्या भविष्य के युद्ध AI द्वारा संचालित मशीनें लड़ेंगी।<br /><br /> इस एपिसोड में जानिए:<br /> • Drone Warfare का विकास और इतिहास<br /> • Ukraine-Russia War से मिले सबक<br /> • FPV Drones और Drone Swarms का खतरा<br /> • China, Pakistan और Drone Technology की दौड़<br /> • AI-Guided Drones और Autonomous Weapons<br /> • क्या टैंक और फाइटर जेट्स अप्रासंगिक हो रहे हैं?<br /> • भारत की Drone Warfare तैयारियां<br /> • आतंकवाद और ड्रोन का भविष्य<br /> • 2035 का युद्ध कैसा दिखेगा?<br /> • क्या भविष्य के युद्ध सैनिक नहीं, सॉफ्टवेयर इंजीनियर तय करेंगे?<br /><br /> अगर आप Defence, Geopolitics, Military Technology, AI, International Relations और Future Warfare में रुचि रखते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है।]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72498967</guid><pubDate>Fri, 12 Jun 2026 14:27:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72498967/11_jun_26_pn_mix_11_june_128.mp3" length="63684858" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक समय था जब युद्ध की पहचान टैंक, फाइटर जेट और लाखों सैनिकों से होती थी। लेकिन आज 500 डॉलर का एक FPV ड्रोन करोड़ों डॉलर के हथियारों को तबाह कर सकता है। Ukraine-Russia War से लेकर Middle East के संघर्षों तक, ड्रोन ने युद्ध की परिभाषा ही बदल दी है।...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक समय था जब युद्ध की पहचान टैंक, फाइटर जेट और लाखों सैनिकों से होती थी। लेकिन आज 500 डॉलर का एक FPV ड्रोन करोड़ों डॉलर के हथियारों को तबाह कर सकता है। Ukraine-Russia War से लेकर Middle East के संघर्षों तक, ड्रोन ने युद्ध की परिभाषा ही बदल दी है।<br /><br /> इस विशेष बातचीत में वरिष्ठ रक्षा पत्रकार Sandeep Unnithan के साथ समझिए कि ड्रोन आखिर इतने बड़े गेमचेंजर कैसे बने, सैन्य ड्रोन और आम DJI ड्रोन में क्या अंतर होता है, FPV Drones और Drone Swarms कितने खतरनाक हैं, और क्या भविष्य के युद्ध AI द्वारा संचालित मशीनें लड़ेंगी।<br /><br /> इस एपिसोड में जानिए:<br /> • Drone Warfare का विकास और इतिहास<br /> • Ukraine-Russia War से मिले सबक<br /> • FPV Drones और Drone Swarms का खतरा<br /> • China, Pakistan और Drone Technology की दौड़<br /> • AI-Guided Drones और Autonomous Weapons<br /> • क्या टैंक और फाइटर जेट्स अप्रासंगिक हो रहे हैं?<br /> • भारत की Drone Warfare तैयारियां<br /> • आतंकवाद और ड्रोन का भविष्य<br /> • 2035 का युद्ध कैसा दिखेगा?<br /> • क्या भविष्य के युद्ध सैनिक नहीं, सॉफ्टवेयर इंजीनियर तय करेंगे?<br /><br /> अगर आप Defence, Geopolitics, Military Technology, AI, International Relations और Future Warfare में रुचि रखते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है।]]></itunes:summary><itunes:duration>3981</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b9557452f7ea7c59b0bf4f9821db833f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Content Creation से पैसा, Brands से कमाने के Hacks और Youtube की बदलती दुनिया! Ft. Aaditya Iyengar: Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/content-creation-se-paisa-brands-se-kamane-ke-hacks-aura-youtube-ki-badalati-duniya-ft-aaditya-iyengar-padhaku-nitin--72346236</link><description><![CDATA[एक दौर था जब इंसान को Social Animal कहा जाता था। आज वह Social Media Animal बन चुका है। और सोशल मीडिया? वह एक विशाल जंगल है।<br /><br /> इस जंगल में आग भी लगती है, जिन्हें हम Controversies कहते हैं। यहां मौसम भी बदलते रहते हैं, जिन्हें Trends कहा जाता है। कभी छोटे क्रिएटर्स बड़े-बड़े नामों को चुनौती देते हैं, कभी बड़े खिलाड़ी छोटे खिलाड़ियों को निगल जाते हैं, और कई बार तो पूरा सिस्टम ही बगावत के दौर से गुजरता है।<br /><br /> लेकिन इस जंगल के सबसे ताकतवर जीव हैं — Content Creators।<br /><br /> आज के दौर में कौन उनके जैसा नहीं बनना चाहता? लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच, ब्रांड डील्स, सब्सक्राइबर्स, व्यूज़ और पहचान। बाहर से देखने पर यह दुनिया जितनी चमकदार लगती है, अंदर से उतनी ही जटिल भी है। क्योंकि कंटेंट बनाना एक बात है, लेकिन उससे लगातार और टिकाऊ तरीके से पैसा कमाना बिल्कुल दूसरी।<br /><br /> यही सवाल मेरे मन में भी आया, जब मैंने हाल ही में "Creator to Crorepati" पढ़ी। यह किताब एक बेहद अहम सवाल उठाती है—क्या सभी Content Creators वास्तव में पैसा कमा पा रहे हैं? अगर नहीं, तो क्यों नहीं? और अगर हां, तो उसका सही रास्ता क्या है?<br /><br /> इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए आज हमारे साथ मौजूद हैं इस किताब के लेखक, डिजिटल दुनिया के अनुभवी क्रिएटर और सोशल मीडिया के इस जंगल के एक बड़े खिलाड़ी — Aaditya Iyengar।<br /><br /> Producer: Manav Dev Rawat<br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Rohan Bharti]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72346236</guid><pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:09:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72346236/04_jun_26_pn_4_june_128.mp3" length="82243082" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक दौर था जब इंसान को Social Animal कहा जाता था। आज वह Social Media Animal बन चुका है। और सोशल मीडिया? वह एक विशाल जंगल है।&#13;
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इस जंगल में आग भी लगती है, जिन्हें हम Controversies कहते हैं। यहां मौसम भी बदलते रहते हैं, जिन्हें Trends कहा जाता है। कभी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक दौर था जब इंसान को Social Animal कहा जाता था। आज वह Social Media Animal बन चुका है। और सोशल मीडिया? वह एक विशाल जंगल है।<br /><br /> इस जंगल में आग भी लगती है, जिन्हें हम Controversies कहते हैं। यहां मौसम भी बदलते रहते हैं, जिन्हें Trends कहा जाता है। कभी छोटे क्रिएटर्स बड़े-बड़े नामों को चुनौती देते हैं, कभी बड़े खिलाड़ी छोटे खिलाड़ियों को निगल जाते हैं, और कई बार तो पूरा सिस्टम ही बगावत के दौर से गुजरता है।<br /><br /> लेकिन इस जंगल के सबसे ताकतवर जीव हैं — Content Creators।<br /><br /> आज के दौर में कौन उनके जैसा नहीं बनना चाहता? लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच, ब्रांड डील्स, सब्सक्राइबर्स, व्यूज़ और पहचान। बाहर से देखने पर यह दुनिया जितनी चमकदार लगती है, अंदर से उतनी ही जटिल भी है। क्योंकि कंटेंट बनाना एक बात है, लेकिन उससे लगातार और टिकाऊ तरीके से पैसा कमाना बिल्कुल दूसरी।<br /><br /> यही सवाल मेरे मन में भी आया, जब मैंने हाल ही में "Creator to Crorepati" पढ़ी। यह किताब एक बेहद अहम सवाल उठाती है—क्या सभी Content Creators वास्तव में पैसा कमा पा रहे हैं? अगर नहीं, तो क्यों नहीं? और अगर हां, तो उसका सही रास्ता क्या है?<br /><br /> इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए आज हमारे साथ मौजूद हैं इस किताब के लेखक, डिजिटल दुनिया के अनुभवी क्रिएटर और सोशल मीडिया के इस जंगल के एक बड़े खिलाड़ी — Aaditya Iyengar।<br /><br /> Producer: Manav Dev Rawat<br /> Host: Nitin Thakur<br /> Sound: Rohan Bharti]]></itunes:summary><itunes:duration>5141</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e61fcacd63d8bad967b7f856d55fd744.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Coke Pepsi की जंग, Adidas Puma की लड़ाई और Brands की चमकीली दुनिया का सच! : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/coke-pepsi-ki-janga-adidas-puma-ki-lara-i-aura-brands-ki-camakili-duniya-ka-saca-padhaku-nitin--72210490</link><description><![CDATA[खाने पीने से लेकर जगने सोने तक. हम सब Brands से घिरे हुए हैं. खाना मंगाना हो तो Zomato-Swiggy जैसे Brands. सोना हो तो गद्दे के Brands. जागना हो तो कौनसी Brand की चाय कॉफ़ी पीएंगे उसके Brands. यहां तक की जिस डिवाइस पर आप हमें देख पा रहे हैं, उसका भी एक Specific Brand और ये भी मुमकिन है कि इस पॉडकास्ट को चलाने से पहले भी किसी Brand का ad आपके Youtube पर आया होगा. सोचिए इतना घिरे हैं हम Brands से. और इसलिए ज़रूरी है कि जो Brands हमारे इतने आसपास रहते हैं, वो हमसे चाहते क्या हैं? सिर्फ़ हमारा पैसा? नहीं! और भी काफ़ी कुछ. ज़रूरत है ये समझते कि वो सोचते कैसे हैं? <br /><br /> Padhaku Nitin के इस एपिसोड में Brands को समझने की कोशिश है. और किसी का true Character तभी reveal होता है, जब वो अपने Existence के लिए लड़ रहा हो. इसलिए आज Brands को समझेंगे. The Great Brand Wars के ज़रिए. बात करेंगे दुनिया के सबसे Creative और सबसे Brutal Brand Wars. कैसे दुनिया के बड़े बड़े Brands लड़ते हैं आपके और सिर्फ़ आपके Attention के लिए. और in the process बन जाते हैं Culture का हिस्सा. कई बार इस हद की आपकी Choices को Influence करने लगते हैं. हमारे साथ Expert भी ऐसी हैं जो इसपे बात करने के लिए Best हैं, क्योंकि वो रोज़ Brands के बारे में ही पढ़ाती हैं. हमारे साथ हैं Prof. Shailaja Manocha. Marketing की Professor हैं. Maharaja Agrasen Business School में. <br /><br /> Producer- Manav Dev Rawat<br /> Host - Nitin Thakur<br /> Sound- Suraj Singh]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72210490</guid><pubDate>Thu, 28 May 2026 16:04:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72210490/28_may_26_pn_28_may_128.mp3" length="78660754" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>खाने पीने से लेकर जगने सोने तक. हम सब Brands से घिरे हुए हैं. खाना मंगाना हो तो Zomato-Swiggy जैसे Brands. सोना हो तो गद्दे के Brands. जागना हो तो कौनसी Brand की चाय कॉफ़ी पीएंगे उसके Brands. यहां तक की जिस डिवाइस पर आप हमें देख पा रहे हैं, उसका भी एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[खाने पीने से लेकर जगने सोने तक. हम सब Brands से घिरे हुए हैं. खाना मंगाना हो तो Zomato-Swiggy जैसे Brands. सोना हो तो गद्दे के Brands. जागना हो तो कौनसी Brand की चाय कॉफ़ी पीएंगे उसके Brands. यहां तक की जिस डिवाइस पर आप हमें देख पा रहे हैं, उसका भी एक Specific Brand और ये भी मुमकिन है कि इस पॉडकास्ट को चलाने से पहले भी किसी Brand का ad आपके Youtube पर आया होगा. सोचिए इतना घिरे हैं हम Brands से. और इसलिए ज़रूरी है कि जो Brands हमारे इतने आसपास रहते हैं, वो हमसे चाहते क्या हैं? सिर्फ़ हमारा पैसा? नहीं! और भी काफ़ी कुछ. ज़रूरत है ये समझते कि वो सोचते कैसे हैं? <br /><br /> Padhaku Nitin के इस एपिसोड में Brands को समझने की कोशिश है. और किसी का true Character तभी reveal होता है, जब वो अपने Existence के लिए लड़ रहा हो. इसलिए आज Brands को समझेंगे. The Great Brand Wars के ज़रिए. बात करेंगे दुनिया के सबसे Creative और सबसे Brutal Brand Wars. कैसे दुनिया के बड़े बड़े Brands लड़ते हैं आपके और सिर्फ़ आपके Attention के लिए. और in the process बन जाते हैं Culture का हिस्सा. कई बार इस हद की आपकी Choices को Influence करने लगते हैं. हमारे साथ Expert भी ऐसी हैं जो इसपे बात करने के लिए Best हैं, क्योंकि वो रोज़ Brands के बारे में ही पढ़ाती हैं. हमारे साथ हैं Prof. Shailaja Manocha. Marketing की Professor हैं. 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Padhaku Nitin के इस एपिसोड में बात इसी पर हुई. सोना ख़रीदना छोड़ देने से क्या सब ठीक हो जाएगा? पूरा देश अगर सलाह मांग कर WFH कर भी ले, तो क्या Hormuz संकट हंसते खेलते बीत जाएगा? ये भी समझाया कि War होती ही किसी देश की Economy किस तरह बदल जाती है? Economist और Professor Arun Kumar से. <br /><br /><br /> Producer- Manav Dev Rawat<br /> Host - Nitin Thakur<br /> Sound- Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72099578</guid><pubDate>Thu, 21 May 2026 15:54:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72099578/21_may_26_pn_mix_21_may_128.mp3" length="58213773" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>संयम और कटौती. एक दौर था जब इन्हीं गर्मियों में शहर के कुछ मोहल्लों से बिजली की कटौती होती थी, और इतनी गर्मी में भी हम रखते थे संयम. हमारे घरों में भी जब जब कहीं से कोई विपत्ति आन पड़ती थी, बड़े बुज़ुर्गों की सलाह में संयम और कटौती दोनों शुमार होती...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[संयम और कटौती. एक दौर था जब इन्हीं गर्मियों में शहर के कुछ मोहल्लों से बिजली की कटौती होती थी, और इतनी गर्मी में भी हम रखते थे संयम. हमारे घरों में भी जब जब कहीं से कोई विपत्ति आन पड़ती थी, बड़े बुज़ुर्गों की सलाह में संयम और कटौती दोनों शुमार होती थीं. पिछले दिनों कुछ ऐसा हुआ, कि भारत भर की जनता के कानों में ये शब्द फिर कौंधे. जब पीएम मोदी ने तेलंगाना के सिकंदराबाद में 7 Pointer की अपील की. पीएम मोदी की इस सलाह को देशभर में दो तरह से देखा गया. एक तरफ़ तो लोगों ने कहा कि मोदीजी इस West Asia और Hormuz संकट के समय में संयम और कटौती की सलाह दे रहे हैं. लेकिन दूसरी तरफ़ भर भर के उसकी इस अपील की आलोचनाएं भी हो रहीं हैं. ये दोनों बातें Subjective है. लेकिन जब कोई Economy के Professor इस सलाह, इसके Consequences या Faultlines को समझाएं तो मुमकिन है कि एक Objective Insight आप और हम दोनों पा सकें. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में बात इसी पर हुई. सोना ख़रीदना छोड़ देने से क्या सब ठीक हो जाएगा? पूरा देश अगर सलाह मांग कर WFH कर भी ले, तो क्या Hormuz संकट हंसते खेलते बीत जाएगा? ये भी समझाया कि War होती ही किसी देश की Economy किस तरह बदल जाती है? 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Operation Blue Star क्या था? क्यों खालिस्तानियों पर ये आरोप लगता है कि वो कश्मीर में Operate करने वाले आतंकवादियों से ज़्यादा कट्टर हैं? Padhaku Nitin का ये एपिसोड दरअसल, सिर्फ़ एक पॉडकास्ट नहीं है. बल्कि एक Masterclass है खालिस्तान को समझने के लिए. और हमारे आपके टीचर हैं आपके चहीते Counter-terrorism Expert अभिनव पंड्या. <br /><br /> Producer- Manav Dev Rawat <br /> Host - Nitin Thakur<br /> Sound- Aman Pal]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/72005942</guid><pubDate>Tue, 19 May 2026 09:17:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/72005942/14_may_26_pn_mix_14_may_128.mp3" length="87162462" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आप दिलजीत दोसांझ को जानते हैं न? सोशल मीडिया के इस दौर में उनका नाम जाने बिना रह पाना मुश्किल है भी. सिंगर हैं. एक्टर भी हैं. उनके नाम पर भारत तो क्या. विदेशों में भी स्टेडियम के स्टेडियम भर जाते हैं. 30 अप्रैल 2026 को वो कैलगरी, कैनेडा में मौजूद एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आप दिलजीत दोसांझ को जानते हैं न? सोशल मीडिया के इस दौर में उनका नाम जाने बिना रह पाना मुश्किल है भी. सिंगर हैं. एक्टर भी हैं. उनके नाम पर भारत तो क्या. विदेशों में भी स्टेडियम के स्टेडियम भर जाते हैं. 30 अप्रैल 2026 को वो कैलगरी, कैनेडा में मौजूद एक ऐसे ही स्टेडियम में अपना शो कर रहे थे. अचानक उनकी नज़र भीड़ में कुछ लोगों पर पड़ी और गाते गाते रुक गए. दरअसल भीड़ में कुछ लोग खालिस्तान समर्थक झंडे लहरा रहे थे. दिलजीत ने पंजाबी में उन्हें डांट दिया. रिपोर्टस का मानना है कि दिलजीत ने उसके बाद सिक्योरिटी से इन झंडा लहराने वालों को बाहर भी निकाल दिया. इसके बाद फिर से मीडिया रिपोर्ट्स में खालिस्तान का कीवर्ड तैर गया. अक्सर तैरता ही रहता है. चाहे बात कनाडा भारत के संबंधों की हो. इंदिरा गांधी और Operation Blue Star की हो या अभी 5 मई 2026 को पंजाब में हुए बॉम्ब ब्लास्ट हों. एक नाम अक्सर तैर जाता है Khalistan. इस एपिसोड में आपको ये Khalistan Movement ही पूरी तरह समझा देते हैं. भारत के एक राज्य से उठा एक मूवमेंट कैसे कनाडा तक पहुंचा. कैसे भारत के लिए लगातार एक Internal Security का मसला बना रहता है. Operation Blue Star क्या था? क्यों खालिस्तानियों पर ये आरोप लगता है कि वो कश्मीर में Operate करने वाले आतंकवादियों से ज़्यादा कट्टर हैं? Padhaku Nitin का ये एपिसोड दरअसल, सिर्फ़ एक पॉडकास्ट नहीं है. बल्कि एक Masterclass है खालिस्तान को समझने के लिए. और हमारे आपके टीचर हैं आपके चहीते Counter-terrorism Expert अभिनव पंड्या. <br /><br /> Producer- Manav Dev Rawat <br /> Host - Nitin Thakur<br /> Sound- Aman Pal]]></itunes:summary><itunes:duration>5448</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c5fd6baa8e7139893659378d98d77ccc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फ़र्ज़ी Resume, USA में जॉब, लाखों का वादा: Desi Consultancies का सबसे बड़ा Scam! : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/farzi-resume-usa-mem-joba-lakhom-ka-vada-desi-consultancies-ka-sabase-bara-scam-padhaku-nitin--71908819</link><description><![CDATA[रोटी कपड़ा और मकान. The Ultimate Trio of Survival. एक दौर था जब किसी Individual की समृद्धि नापने के लिए ये मापक थे. लेकिन आज अल्टीमेट मापक है, नौकरी. वही नौकरी जिसके लिए लोग इतना पढ़ते लिखते हैं. इतनी Skills acquire करते हैं. और कई लोग तो इसके लिए दूर देश जाने के लिए तैयार हो जाते हैं. लेकिन हर बार सपना उतना सुनहरा हो जितना चमक रहा है, ज़रूरी नहीं. कई बार बाहर के किसी देश में काम करने गए लोगों के साथ धोखा होता है. Scams होते हैं. शोषण होता है. आज के पढ़ाकू नितिन में हम जिस किताब पर बात करने वाले हैं वो ऐसे ही Scams की कहानी है. वो भी वो Scams जो America में घटे. किताब की मानें तो सालों से घट रहे हैं. लगातार H1B Visa पर भारत से America पहुंचे लोगों के साथ. Padhaku Nitin में इस बार Tanul Thakur हैं. उस दुनिया को उन्होंने बहुत क़रीब से देखा है. खुद भी उसका शिकार होते होते बचे. और फिर सालों की मेहनत के बाद इस किताब में वो सारी कहानियां और इक्ट्ठी कीं. जिसे एक लाइन में Define करें तो कहेंगे. Indian Diaspora’s Best Kept Secret.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71908819</guid><pubDate>Thu, 07 May 2026 16:01:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71908819/07_may_26_pn_7_may_128.mp3" length="79194488" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रोटी कपड़ा और मकान. The Ultimate Trio of Survival. एक दौर था जब किसी Individual की समृद्धि नापने के लिए ये मापक थे. लेकिन आज अल्टीमेट मापक है, नौकरी. वही नौकरी जिसके लिए लोग इतना पढ़ते लिखते हैं. इतनी Skills acquire करते हैं. और कई लोग तो इसके लिए दूर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रोटी कपड़ा और मकान. The Ultimate Trio of Survival. एक दौर था जब किसी Individual की समृद्धि नापने के लिए ये मापक थे. लेकिन आज अल्टीमेट मापक है, नौकरी. वही नौकरी जिसके लिए लोग इतना पढ़ते लिखते हैं. इतनी Skills acquire करते हैं. और कई लोग तो इसके लिए दूर देश जाने के लिए तैयार हो जाते हैं. लेकिन हर बार सपना उतना सुनहरा हो जितना चमक रहा है, ज़रूरी नहीं. कई बार बाहर के किसी देश में काम करने गए लोगों के साथ धोखा होता है. Scams होते हैं. शोषण होता है. आज के पढ़ाकू नितिन में हम जिस किताब पर बात करने वाले हैं वो ऐसे ही Scams की कहानी है. वो भी वो Scams जो America में घटे. किताब की मानें तो सालों से घट रहे हैं. लगातार H1B Visa पर भारत से America पहुंचे लोगों के साथ. Padhaku Nitin में इस बार Tanul Thakur हैं. उस दुनिया को उन्होंने बहुत क़रीब से देखा है. खुद भी उसका शिकार होते होते बचे. और फिर सालों की मेहनत के बाद इस किताब में वो सारी कहानियां और इक्ट्ठी कीं. जिसे एक लाइन में Define करें तो कहेंगे. Indian Diaspora’s Best Kept Secret.]]></itunes:summary><itunes:duration>4950</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/46446071ae55e7c54de3d047207edc0e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Photojournalist Raghu Rai के जूनून, डिटेल्ड फोटोग्राफ़ी और सूफ़ीपन के अद्भुत किस्से! : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/photojournalist-raghu-rai-ke-jununa-ditelda-photografi-aura-sufipana-ke-adbhuta-kis-se-padhaku-nitin--71784044</link><description><![CDATA[आसमान के पार भी शायद कोई आसमान होगा। जो लोग इस जहान से रुख़सत पा जाते हैं, शायद वहाँ ठौर पाते होंगे। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो जाते-जाते ऐसी ख़ला छोड़ जाते हैं, जिसे भरने का कोई रास्ता समझ में नहीं आता।<br /><br /> कुछ दिन पहले दुनिया ने एक ऐसी ही ख़ला महसूस की, जब मशहूर फ़ोटोग्राफ़र रघु राय ने दुनिया को अलविदा कहा। वही रघु राय, जिनकी तस्वीरों को अगर कोई chronological order में लगाए, तो आज़ादी से आज तक के सालों की सिलसिलेवार तस्वीर देख सकता है। इतना इतिहास, इतना charm है उनमें।<br /><br /> इस यात्रा के बारे में हमने उनसे एक बार पहले Padhaku Nitin में बात की थी—वो भी सुनिएगा। ये एपिसोड रघु राय को ही tribute है—Padhaku Nitin की तरफ़ से भी और हमारे आज के मेहमान की तरफ़ से भी।<br /><br /> मेरे साथ हैं India Today Group के Photo Editor, Bandeep Singh। Bandeep जी इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित photojournalists में से एक हैं। एक photojournalist के craft पर बात करने के लिए, दूसरे photojournalist से बेहतर कौन होगा?<br /><br /> और बंदीप जी और रघु राय के बीच कई connections और समानताएँ भी हैं। एपिसोड अंत तक देखिएगा।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71784044</guid><pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:46:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71784044/30_apr_26_pn_mix_30_april_128.mp3" length="75421570" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आसमान के पार भी शायद कोई आसमान होगा। जो लोग इस जहान से रुख़सत पा जाते हैं, शायद वहाँ ठौर पाते होंगे। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो जाते-जाते ऐसी ख़ला छोड़ जाते हैं, जिसे भरने का कोई रास्ता समझ में नहीं आता।&#13;
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कुछ दिन पहले दुनिया ने एक ऐसी ही ख़ला...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आसमान के पार भी शायद कोई आसमान होगा। जो लोग इस जहान से रुख़सत पा जाते हैं, शायद वहाँ ठौर पाते होंगे। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो जाते-जाते ऐसी ख़ला छोड़ जाते हैं, जिसे भरने का कोई रास्ता समझ में नहीं आता।<br /><br /> कुछ दिन पहले दुनिया ने एक ऐसी ही ख़ला महसूस की, जब मशहूर फ़ोटोग्राफ़र रघु राय ने दुनिया को अलविदा कहा। वही रघु राय, जिनकी तस्वीरों को अगर कोई chronological order में लगाए, तो आज़ादी से आज तक के सालों की सिलसिलेवार तस्वीर देख सकता है। इतना इतिहास, इतना charm है उनमें।<br /><br /> इस यात्रा के बारे में हमने उनसे एक बार पहले Padhaku Nitin में बात की थी—वो भी सुनिएगा। ये एपिसोड रघु राय को ही tribute है—Padhaku Nitin की तरफ़ से भी और हमारे आज के मेहमान की तरफ़ से भी।<br /><br /> मेरे साथ हैं India Today Group के Photo Editor, Bandeep Singh। Bandeep जी इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित photojournalists में से एक हैं। एक photojournalist के craft पर बात करने के लिए, दूसरे photojournalist से बेहतर कौन होगा?<br /><br /> और बंदीप जी और रघु राय के बीच कई connections और समानताएँ भी हैं। एपिसोड अंत तक देखिएगा।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4714</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a7c4ec09513e739bdcc73059d956fe7b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Aarushi Talvar, Sushant Singh Rajput, Nirbhaya Case के अपराधियों का दिमाग कैसे पढ़ा गया?</title><link>https://www.spreaker.com/episode/aarushi-talvar-sushant-singh-rajput-nirbhaya-case-ke-aparadhiyom-ka-dimaga-kaise-parha-gaya--71591315</link><description><![CDATA[Crime and Punishment. यूं तो कहने को ये दोस्तोवेस्की के उपन्यास का नाम भी है. लेकिन Crime and punishment समाज का एक नंगा सच है. इन्हीं दोनों के बीच एक पूरा Penal System revolve करता है. Justice System revolve करता है. जिसके लिए बहुत ज़रूरी है Crime और Criminal की सोच और Behavior को समझना. Forensic Psychology यही करती है कुछ टूल्स के सहारे. जिनके बारे में सुनने को मिलता है Narco Test, Lie Detector, Brain Mapping. अब इनका मकसद एक हो सकता है- क्राइम सॉल्व करना.  लेकिन इनके इर्द गिर्द अब भी कई Confusion है. तो आज एक Forensic Psychologist के ज़रिए एक Criminal के दिमाग में उतरते हैं. वो कैसे सोचता है. कैसे काम करता है. क्या क्राइम होने से पहले Criminal mind को identify किया जा सकता है? Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमारे साथ हैं Dr. Divya Dubey. Forensic Psychologist हैं. Op Jindal University में इसी Subject की Professor भी हैं. तिहाड़ से लेकर साबरमती जेल में जाती है Criminals की Counselling भी करती हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71591315</guid><pubDate>Thu, 23 Apr 2026 15:12:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71591315/23_apr_26_pn_23_april_128.mp3" length="73962475" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Crime and Punishment. यूं तो कहने को ये दोस्तोवेस्की के उपन्यास का नाम भी है. लेकिन Crime and punishment समाज का एक नंगा सच है. इन्हीं दोनों के बीच एक पूरा Penal System revolve करता है. Justice System revolve करता है. जिसके लिए बहुत ज़रूरी है Crime और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Crime and Punishment. यूं तो कहने को ये दोस्तोवेस्की के उपन्यास का नाम भी है. लेकिन Crime and punishment समाज का एक नंगा सच है. इन्हीं दोनों के बीच एक पूरा Penal System revolve करता है. 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Filmein और अगर आयाम को थोड़ा बड़ा करें तो पॉप कल्चर इसमें हमेशा काम आया है. इस बात को तो आप भी चलते फिरते कह ही देते हैं हम लोग. लेकिन आज पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में 90s के दशक पर बात करेंगे. समझेंगे कि जब दुनिया और देश में इतना कुछ बदल रहा था. तभी म्यूज़िक सिनेमा टीवी शोज़ और Ads इतने क्यों बदले? 90s के वो गाने इतने पसंद क्यों आते हैं? Late 90s के Rock Bands, Indie Bands आज भी इतने अचानक से रील्स पर क्यों चल निकलते हैं? क्या इस बड़े रिव्ल्यूशन के पीछे एक बड़ा कारण इकॉनमी और पॉलिटिक्स भी है? और इसका राज़ भी खोलेंगे कि 90s के गानों को रिमिक्स करके आदित्य धर जैसे फिल्म मेकर्स क्यों इस्तेमाल करते हैं? आपको पता चलेगा कि इसकी भी पॉलिटिक्स है! हमारे साथ हैं प्रॉफेसर, हिस्टोरियन, पॉप कल्चर Enthusiast Arup Chatterjee. फिलहाल OP Jindal University में पढ़ाते हैं. प्रतिष्ठित अखबारों के लिए बड़े इंट्रेस्टिंग आर्टिकल्स लिखते हैं. 3 किताबें लिख चुके हैं. सुनिए पूरा एपिसोड]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71215629</guid><pubDate>Thu, 09 Apr 2026 18:30:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71215629/09_apr_26_pn_mix_9_april_128.mp3" length="68677381" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Gangs of Wasseypur का एक बहुचर्चित सीन है. जिसमें रामाधीर सिंह जी इस बात का वर्णन करते हैं कि सिनेमा का समाज से रिश्ता क्या है? और आप भी जानते ही हैं. चाहे पापा की दी हुई घुड़की पर तड़कता भड़कता दिलीप कुमारनुमा कमबैक देना हो, या गर्लफ्रेंड की आंखों की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Gangs of Wasseypur का एक बहुचर्चित सीन है. जिसमें रामाधीर सिंह जी इस बात का वर्णन करते हैं कि सिनेमा का समाज से रिश्ता क्या है? और आप भी जानते ही हैं. चाहे पापा की दी हुई घुड़की पर तड़कता भड़कता दिलीप कुमारनुमा कमबैक देना हो, या गर्लफ्रेंड की आंखों की तारीफ़ करके रिश्ते मधुर बनाने हों. Filmein और अगर आयाम को थोड़ा बड़ा करें तो पॉप कल्चर इसमें हमेशा काम आया है. इस बात को तो आप भी चलते फिरते कह ही देते हैं हम लोग. लेकिन आज पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में 90s के दशक पर बात करेंगे. समझेंगे कि जब दुनिया और देश में इतना कुछ बदल रहा था. तभी म्यूज़िक सिनेमा टीवी शोज़ और Ads इतने क्यों बदले? 90s के वो गाने इतने पसंद क्यों आते हैं? Late 90s के Rock Bands, Indie Bands आज भी इतने अचानक से रील्स पर क्यों चल निकलते हैं? क्या इस बड़े रिव्ल्यूशन के पीछे एक बड़ा कारण इकॉनमी और पॉलिटिक्स भी है? और इसका राज़ भी खोलेंगे कि 90s के गानों को रिमिक्स करके आदित्य धर जैसे फिल्म मेकर्स क्यों इस्तेमाल करते हैं? आपको पता चलेगा कि इसकी भी पॉलिटिक्स है! हमारे साथ हैं प्रॉफेसर, हिस्टोरियन, पॉप कल्चर Enthusiast Arup Chatterjee. फिलहाल OP Jindal University में पढ़ाते हैं. प्रतिष्ठित अखबारों के लिए बड़े इंट्रेस्टिंग आर्टिकल्स लिखते हैं. 3 किताबें लिख चुके हैं. सुनिए पूरा एपिसोड]]></itunes:summary><itunes:duration>4293</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1c29d2565e67f21fec24519f378629c0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Asli Dhurandhar के किस्से, RAW का भौकाल और Unknown Men के Open Secrets! : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/asli-dhurandhar-ke-kis-se-raw-ka-bhaukala-aura-unknown-men-ke-open-secrets-padhaku-nitin--71065933</link><description><![CDATA[मार्च 2026 के आख़िरी हफ़्ते में एक ख़बर आई—पाकिस्तान के बहावलपुर में एक व्यक्ति मारा गया। यह था जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और 2001 के संसद हमले के मास्टरमाइंड मसूद अज़हर का बड़ा भाई, मोहम्मद ताहिर अनवर।<br /><br /> अब ध्यान खींचने वाली बात क्या थी?<br /> किसने मारा—नहीं पता।<br /> कैसे मारा—नहीं पता।<br /><br /> यही एक पैटर्न सा बनता दिख रहा है। पिछले 5-6 सालों में भारत की धरती पर आतंक फैलाने का इरादा रखने वाले कई पाकिस्तानी और खालिस्तानी आतंकियों को अलग-अलग मौकों पर इसी तरह मौत के घाट उतारा गया है।<br /> किसने मारा—नहीं पता।<br /><br /> और फिर एक शब्द सामने आता है—“Unknown Men।”<br /><br /> पाकिस्तान आरोप लगाता है कि ये RAW के लोग हैं, लेकिन RAW इन आरोपों को तवज्जो ही नहीं देता। अगर आपने धुरंधर 2 देखी है, तो उसमें भी इस तरह के ऑपरेशंस का इशारा मिलता है। लेकिन धुरंधर 2 तो एक फिल्म है… असल में क्या हो रहा है?<br /><br /> क्या R&amp;AW जैसी एजेंसियां वाकई ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम देती हैं? CIA और ISI जैसी एजेंसियों पर भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं।<br /><br /> तो सोचा, जासूसी की इस दुनिया में थोड़ा गहराई से उतरते हैं—RAW की वर्किंग को समझते हैं, केस स्टडीज़ के ज़रिए, पुराने उदाहरणों के ज़रिए।<br /><br /> और इसलिए आज हमारे साथ हैं इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट Abhinandan Mishra। ये पहले नेवल ऑफिसर रह चुके हैं, नॉवेल लिख चुके हैं, बैंक PO भी रहे हैं और वकालत की पढ़ाई भी की है। लेकिन सबसे खास बात—इन्होंने इंटेलिजेंस एजेंसियों की कार्रवाई पर विस्तार से लिखा है।<br /><br /> इनसे पूछेंगे सारे सवाल। जानेंगे सब। क्योंकि ये है Padhaku Nitin—जहां हम मानते हैं, लाइफ़ है छोटी… जानना सब है।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/71065933</guid><pubDate>Thu, 02 Apr 2026 17:10:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/71065933/02_apr_26_pn_mix_2_april_128.mp3" length="72503379" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मार्च 2026 के आख़िरी हफ़्ते में एक ख़बर आई—पाकिस्तान के बहावलपुर में एक व्यक्ति मारा गया। यह था जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और 2001 के संसद हमले के मास्टरमाइंड मसूद अज़हर का बड़ा भाई, मोहम्मद ताहिर अनवर।&#13;
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अब ध्यान खींचने वाली बात क्या थी?&#13;
किसने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मार्च 2026 के आख़िरी हफ़्ते में एक ख़बर आई—पाकिस्तान के बहावलपुर में एक व्यक्ति मारा गया। यह था जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और 2001 के संसद हमले के मास्टरमाइंड मसूद अज़हर का बड़ा भाई, मोहम्मद ताहिर अनवर।<br /><br /> अब ध्यान खींचने वाली बात क्या थी?<br /> किसने मारा—नहीं पता।<br /> कैसे मारा—नहीं पता।<br /><br /> यही एक पैटर्न सा बनता दिख रहा है। पिछले 5-6 सालों में भारत की धरती पर आतंक फैलाने का इरादा रखने वाले कई पाकिस्तानी और खालिस्तानी आतंकियों को अलग-अलग मौकों पर इसी तरह मौत के घाट उतारा गया है।<br /> किसने मारा—नहीं पता।<br /><br /> और फिर एक शब्द सामने आता है—“Unknown Men।”<br /><br /> पाकिस्तान आरोप लगाता है कि ये RAW के लोग हैं, लेकिन RAW इन आरोपों को तवज्जो ही नहीं देता। अगर आपने धुरंधर 2 देखी है, तो उसमें भी इस तरह के ऑपरेशंस का इशारा मिलता है। लेकिन धुरंधर 2 तो एक फिल्म है… असल में क्या हो रहा है?<br /><br /> क्या R&amp;AW जैसी एजेंसियां वाकई ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम देती हैं? CIA और ISI जैसी एजेंसियों पर भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं।<br /><br /> तो सोचा, जासूसी की इस दुनिया में थोड़ा गहराई से उतरते हैं—RAW की वर्किंग को समझते हैं, केस स्टडीज़ के ज़रिए, पुराने उदाहरणों के ज़रिए।<br /><br /> और इसलिए आज हमारे साथ हैं इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट Abhinandan Mishra। ये पहले नेवल ऑफिसर रह चुके हैं, नॉवेल लिख चुके हैं, बैंक PO भी रहे हैं और वकालत की पढ़ाई भी की है। लेकिन सबसे खास बात—इन्होंने इंटेलिजेंस एजेंसियों की कार्रवाई पर विस्तार से लिखा है।<br /><br /> इनसे पूछेंगे सारे सवाल। जानेंगे सब। क्योंकि ये है Padhaku Nitin—जहां हम मानते हैं, लाइफ़ है छोटी… जानना सब है।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>4532</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/99f6f9137b23378748d056f904745390.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Bishnoi समाज का लंबा संघर्ष, Salman Khan Black Buck Case और Pakistan में ग़ायब होते काले हिरण! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bishnoi-samaja-ka-lamba-sangharsa-salman-khan-black-buck-case-aura-pakistan-mem-gayaba-hote-kale-hirana-parhaku-nitina--70899683</link><description><![CDATA[भारत एक ऐसा देश है. जहां तीन कोस में भाषा और पानी ही नहीं. कहानियां भी बदल जाती हैं. क्योंकि हर गांव की अपनी एक लेगसी है. हर गांव के अपने हीरोज़. लेकिन हरियाणा और राजस्थान के कुछ गांवों की विशेषता ही यही है कि वहां रहने वाले लोग जानवरों और प्रकृति से इतना प्रेम करते हैं कि उनके लिए अपनी जान तक दे सकते हैं. ये समाज ही बिश्ननोई समाज के नाम से जाता है, जिनके लिए प्रकृति एक धर्म है. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारी मेहमान इसी समाज पर गहरी रिसर्च कर चुकीं एडवोकेट अनु लाल है. हाल ही में उनकी किताब आई “Bishnoi and the blackbuck” नाम से तो हमने सोचा इसी मुद्दे पर उनसे खुल के बात की जाए. रेशा रेशा खोला जाए. वही किया है, एपिसोड पूरा देखिएगा सुनिएगा. क्योंकि ज़िंदगी छोटी सी है जानना सब है. शुरुआत यहीं से कीजिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70899683</guid><pubDate>Thu, 26 Mar 2026 16:21:13 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70899683/26_mar_26_pn_mix_26_march_128.mp3" length="58250553" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत एक ऐसा देश है. जहां तीन कोस में भाषा और पानी ही नहीं. कहानियां भी बदल जाती हैं. क्योंकि हर गांव की अपनी एक लेगसी है. हर गांव के अपने हीरोज़. लेकिन हरियाणा और राजस्थान के कुछ गांवों की विशेषता ही यही है कि वहां रहने वाले लोग जानवरों और प्रकृति से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत एक ऐसा देश है. जहां तीन कोस में भाषा और पानी ही नहीं. कहानियां भी बदल जाती हैं. क्योंकि हर गांव की अपनी एक लेगसी है. हर गांव के अपने हीरोज़. लेकिन हरियाणा और राजस्थान के कुछ गांवों की विशेषता ही यही है कि वहां रहने वाले लोग जानवरों और प्रकृति से इतना प्रेम करते हैं कि उनके लिए अपनी जान तक दे सकते हैं. ये समाज ही बिश्ननोई समाज के नाम से जाता है, जिनके लिए प्रकृति एक धर्म है. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारी मेहमान इसी समाज पर गहरी रिसर्च कर चुकीं एडवोकेट अनु लाल है. हाल ही में उनकी किताब आई “Bishnoi and the blackbuck” नाम से तो हमने सोचा इसी मुद्दे पर उनसे खुल के बात की जाए. रेशा रेशा खोला जाए. वही किया है, एपिसोड पूरा देखिएगा सुनिएगा. क्योंकि ज़िंदगी छोटी सी है जानना सब है. शुरुआत यहीं से कीजिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>3641</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8469641446d768de4449c4b1e0e5e496.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Bestselling Crime Author ने खोल दी Dhurandhar 2 की पोल!: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bestselling-crime-author-ne-khola-di-dhurandhar-2-ki-pola-parhaku-nitina--70833665</link><description><![CDATA[सोशल मीडिया पर Dhurandhar 2 का बहुत शोर है. कोई गानों की तारीफ़ कर रहा है. कोई एक्टर्स की. कोई कहानी की. लेकिन ये पॉडकास्ट कोई फिल्म रिव्यू नहीं है. क्योंकि Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने की है फिल्म के किरदारों की बात. फिल्म में कई किरदार हैं, जो या तो सच्चे किरदारों से inspired हैं. जैसे राकेश बेदी द्वारा निभाया गया जमील जमाली का किरदार या फिर वो सच्चे किरदार ही हैं जैसे रहमान बलोच, SP Aslam Chaudhary. लेकिन अब क्योंकि फिल्म में क्या सही है, क्या फिक्शन इसकी Lines Blurred हैं. तो हमने सोचा इस Line को थोड़ा क्लियर किया जाए. बताया जाए कि इन किरदारों की असल कहानी क्या है? किस हद तक ये Inspired हैं? हमारे मेहमान है Senior Journalist और अब तो Bestselling Author भी अनिरुध्य मित्रा. सालों साल से अंडरवर्ल्ड पर रिसर्च करते हैं. सिर्फ़ भारत के ही नहीं, पाकिस्तान के भी. Covert Operation, Intelligence Agencies पर पढ़ना लिखना आपका शौक़ पैशन और प्रोफेशन भी है. और मज़ेदार बात ये है इनकी किताब Delhi Directives का थीम भी Dhurandhar से कई जगह तो हूबहू मिलता है. कैसे मिलता है ये भी पूछा. बाकि पॉडकास्ट Dhurandhar स्पेशल है ही, चिंता मत कीजिए Spoilers नहीं दिए हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा और शेयर भी कीजिएगा]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70833665</guid><pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:49:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70833665/23_mar_26_pn_23_march_128.mp3" length="71476453" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सोशल मीडिया पर Dhurandhar 2 का बहुत शोर है. कोई गानों की तारीफ़ कर रहा है. कोई एक्टर्स की. कोई कहानी की. लेकिन ये पॉडकास्ट कोई फिल्म रिव्यू नहीं है. क्योंकि Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने की है फिल्म के किरदारों की बात. फिल्म में कई किरदार हैं,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सोशल मीडिया पर Dhurandhar 2 का बहुत शोर है. कोई गानों की तारीफ़ कर रहा है. कोई एक्टर्स की. कोई कहानी की. लेकिन ये पॉडकास्ट कोई फिल्म रिव्यू नहीं है. क्योंकि Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने की है फिल्म के किरदारों की बात. फिल्म में कई किरदार हैं, जो या तो सच्चे किरदारों से inspired हैं. जैसे राकेश बेदी द्वारा निभाया गया जमील जमाली का किरदार या फिर वो सच्चे किरदार ही हैं जैसे रहमान बलोच, SP Aslam Chaudhary. लेकिन अब क्योंकि फिल्म में क्या सही है, क्या फिक्शन इसकी Lines Blurred हैं. तो हमने सोचा इस Line को थोड़ा क्लियर किया जाए. बताया जाए कि इन किरदारों की असल कहानी क्या है? किस हद तक ये Inspired हैं? हमारे मेहमान है Senior Journalist और अब तो Bestselling Author भी अनिरुध्य मित्रा. सालों साल से अंडरवर्ल्ड पर रिसर्च करते हैं. सिर्फ़ भारत के ही नहीं, पाकिस्तान के भी. Covert Operation, Intelligence Agencies पर पढ़ना लिखना आपका शौक़ पैशन और प्रोफेशन भी है. और मज़ेदार बात ये है इनकी किताब Delhi Directives का थीम भी Dhurandhar से कई जगह तो हूबहू मिलता है. कैसे मिलता है ये भी पूछा. बाकि पॉडकास्ट Dhurandhar स्पेशल है ही, चिंता मत कीजिए Spoilers नहीं दिए हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा और शेयर भी कीजिएगा]]></itunes:summary><itunes:duration>4468</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5e784799e3ecd48e34bedd41dfa9e8ba.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Overtime, WFH से लेकर POSH और Maternity Leave तक कैसे सुलझाएं Office के सारे पंगे? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/overtime-wfh-se-lekara-posh-aura-maternity-leave-taka-kaise-sulajha-em-office-ke-sare-pange-parhaku-nitina--70608123</link><description><![CDATA[Toxic Work Culture... ये शब्द हम रोज़ सुनते हैं, मीम्स में देखते हैं, दोस्तों की शाम की रैंट में सुनते हैं. लेकिन Legally इसका मतलब क्या है? और सबसे ज़रूरी, आप इससे बच कैसे सकते हैं?<br />वकील रावी बीरबल से हमने पूछे आपके मन के सारे सवाल<br />Toxic Work Culture की Legal Definition क्या है?<br />70 घंटे काम करवाना Legal है या नहीं?<br />बॉस चिल्लाए तो Employee के क्या Rights हैं?<br />POSH Act असल में काम कैसे करता है?<br />Overwork, Harassment, और Hostile Environment Law की नज़र में कहाँ खड़े हैं ये?<br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70608123</guid><pubDate>Thu, 12 Mar 2026 12:30:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70608123/12_mar_26_pn_12_march_128.mp3" length="80213054" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Toxic Work Culture... ये शब्द हम रोज़ सुनते हैं, मीम्स में देखते हैं, दोस्तों की शाम की रैंट में सुनते हैं. लेकिन Legally इसका मतलब क्या है? और सबसे ज़रूरी, आप इससे बच कैसे सकते हैं?&#13;
वकील रावी बीरबल से हमने पूछे आपके मन के सारे सवाल&#13;
Toxic Work...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Toxic Work Culture... ये शब्द हम रोज़ सुनते हैं, मीम्स में देखते हैं, दोस्तों की शाम की रैंट में सुनते हैं. लेकिन Legally इसका मतलब क्या है? और सबसे ज़रूरी, आप इससे बच कैसे सकते हैं?<br />वकील रावी बीरबल से हमने पूछे आपके मन के सारे सवाल<br />Toxic Work Culture की Legal Definition क्या है?<br />70 घंटे काम करवाना Legal है या नहीं?<br />बॉस चिल्लाए तो Employee के क्या Rights हैं?<br />POSH Act असल में काम कैसे करता है?<br />Overwork, Harassment, और Hostile Environment Law की नज़र में कहाँ खड़े हैं ये?<br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>5014</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fcdb8e51b897ab64180ab1f6e4a87193.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हेलो बच्चों, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर और छावा के क्या किस्से बता गए एक्टर विनीत सिंह! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/helo-baccom-gaingsa-ofa-vasepura-aura-chava-ke-kya-kis-se-bata-ga-e-ektara-vinita-sinha-parhaku-nitina--70482053</link><description><![CDATA[Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं मुक्काबाज़, राइटर और दिल से एक्टर Vineet Kumar Singh. आपने उन्हें कई फिल्मों में देखा ही होगा. कभी गैंग्स ऑफ़ वसेपुर के छरहरे दानिश ख़ान. कभी Ugly Film में Police Station में रिपोर्ट लिखवाने ऐसे पहुंचे घबराए हुए Casting Director के तौर पर. कभी Boxer जैसी कड़ी बॉडी लिए मुक्काबाज़ के श्रवण बने. कभी हाथ में पन्ने लेकर SuperBoys of Malegaon में चिल्लाते दिखे ‘Writer सबका बाप होता है’. छावा में जब संभाजी से संवाद किया तो लोगों की आंखें भरी. और इनका सबसे लेटेस्ट काम आपको देखने को मिलेगा. Netflix पर आई वेब सीरीज़ Hello Bachhon में. Vineet इस सीरीज़ में Physicswallah के CEO और Star Teacher Alakh Pandey का किरदार निभा रहे हैं. ये पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा और हां, उसके बाद Netflix पर जाकर Hello Bacchon भी देखिएगा. दोनों में मज़ा आना पक्का है.  <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70482053</guid><pubDate>Thu, 05 Mar 2026 13:58:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70482053/05_mar_26_pn_5_march_mix_128.mp3" length="86524656" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं मुक्काबाज़, राइटर और दिल से एक्टर Vineet Kumar Singh. आपने उन्हें कई फिल्मों में देखा ही होगा. कभी गैंग्स ऑफ़ वसेपुर के छरहरे दानिश ख़ान. कभी Ugly Film में Police Station में रिपोर्ट लिखवाने ऐसे पहुंचे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं मुक्काबाज़, राइटर और दिल से एक्टर Vineet Kumar Singh. आपने उन्हें कई फिल्मों में देखा ही होगा. कभी गैंग्स ऑफ़ वसेपुर के छरहरे दानिश ख़ान. कभी Ugly Film में Police Station में रिपोर्ट लिखवाने ऐसे पहुंचे घबराए हुए Casting Director के तौर पर. कभी Boxer जैसी कड़ी बॉडी लिए मुक्काबाज़ के श्रवण बने. कभी हाथ में पन्ने लेकर SuperBoys of Malegaon में चिल्लाते दिखे ‘Writer सबका बाप होता है’. छावा में जब संभाजी से संवाद किया तो लोगों की आंखें भरी. और इनका सबसे लेटेस्ट काम आपको देखने को मिलेगा. Netflix पर आई वेब सीरीज़ Hello Bachhon में. Vineet इस सीरीज़ में Physicswallah के CEO और Star Teacher Alakh Pandey का किरदार निभा रहे हैं. ये पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा और हां, उसके बाद Netflix पर जाकर Hello Bacchon भी देखिएगा. दोनों में मज़ा आना पक्का है.  <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>5408</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e17006a009a6ed3d4f497ea29ebc10c1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>हिमंता बिस्व सरमा की परेशानी, कांग्रेस की चार्जशीट और असम की मियां प्रॉब्लम: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/himanta-bisva-sarama-ki-paresani-kangresa-ki-carjasita-aura-asama-ki-miyam-problama-parhaku-nitina--70301033</link><description><![CDATA[हमने कुछ महीने पहले ज़ुबिन गर्ग पर एक लंबी चौड़ा पॉडकास्ट किया था. उनके गानों की चर्चा हुई, उनके किस्से सुने हमने लेकिन जाते जाते हमारे गेस्ट ने एक बात कही- जब 2026 में असम चुनाव होगा तो ज़ुबिन गर्ग एक बड़ा मुद्दा साबित होगा. असम चुनाव का ऐलान हो चुका है. पार्टियों ने ज़मीन पर उतर कर जनता की सुध लेनी शुरू कर दी है. Screening Committees अब चुनावी चेहरों पर मंथन करना शुरू कर चुकी हैं. Strategies बन चुकी हैं. तो हमने सोचा कि Pre-Chunav माहौल में एक ऐसा पॉडकास्ट तो कर ही लिया जाए. जिससे कि हमारे देखने सुनने वालों को पता तो चले कि असम चुनाव इतना ख़ास है क्यों? हिंदी भाषी ऑडियंस को इस बात का अंदाज़ा तो हो कि दरअसल असम के मुद्दे क्या हैं? वहां बड़ी बड़ी पार्टियां कौनसी हैं? बड़े चेहरे कौनसे हैं?Padhaku Nitin का ये एपिसोड Assam पर ही. और मेहमान हैं Kaushik Deka, India Today North East के एडिटर हैं. India Today Magazine के Managing Editor हैं. इस बात को कहने में कोई दो राए नहीं है कि असम पर इनसे ज़्यादा बेहतर एक्सपर्ट आपको नहीं मिल सकता, क्योंकि Experience और Insight दोनों तगड़े हैं इनके. एपिसोड पूरा सुनिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70301033</guid><pubDate>Thu, 26 Feb 2026 15:01:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70301033/26_feb_26_pn_26_feb_128.mp3" length="83599360" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमने कुछ महीने पहले ज़ुबिन गर्ग पर एक लंबी चौड़ा पॉडकास्ट किया था. उनके गानों की चर्चा हुई, उनके किस्से सुने हमने लेकिन जाते जाते हमारे गेस्ट ने एक बात कही- जब 2026 में असम चुनाव होगा तो ज़ुबिन गर्ग एक बड़ा मुद्दा साबित होगा. असम चुनाव का ऐलान हो चुका...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमने कुछ महीने पहले ज़ुबिन गर्ग पर एक लंबी चौड़ा पॉडकास्ट किया था. उनके गानों की चर्चा हुई, उनके किस्से सुने हमने लेकिन जाते जाते हमारे गेस्ट ने एक बात कही- जब 2026 में असम चुनाव होगा तो ज़ुबिन गर्ग एक बड़ा मुद्दा साबित होगा. असम चुनाव का ऐलान हो चुका है. पार्टियों ने ज़मीन पर उतर कर जनता की सुध लेनी शुरू कर दी है. Screening Committees अब चुनावी चेहरों पर मंथन करना शुरू कर चुकी हैं. Strategies बन चुकी हैं. तो हमने सोचा कि Pre-Chunav माहौल में एक ऐसा पॉडकास्ट तो कर ही लिया जाए. जिससे कि हमारे देखने सुनने वालों को पता तो चले कि असम चुनाव इतना ख़ास है क्यों? हिंदी भाषी ऑडियंस को इस बात का अंदाज़ा तो हो कि दरअसल असम के मुद्दे क्या हैं? वहां बड़ी बड़ी पार्टियां कौनसी हैं? बड़े चेहरे कौनसे हैं?Padhaku Nitin का ये एपिसोड Assam पर ही. और मेहमान हैं Kaushik Deka, India Today North East के एडिटर हैं. India Today Magazine के Managing Editor हैं. इस बात को कहने में कोई दो राए नहीं है कि असम पर इनसे ज़्यादा बेहतर एक्सपर्ट आपको नहीं मिल सकता, क्योंकि Experience और Insight दोनों तगड़े हैं इनके. एपिसोड पूरा सुनिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>5225</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dc9bb5a53df29c75aa2fb056e54f195e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आपकी ज़िंदगी से 8 साल खा रहे प्रदूषण को कौन रोक नहीं रहा? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/apaki-zindagi-se-8-sala-kha-rahe-pradusana-ko-kauna-roka-nahim-raha-parhaku-nitina--70149024</link><description><![CDATA[देश के कोने कोने से आवाज़ें आ रहीं हैं. AQI डबल से ट्रिपल डिजिट हुआ जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. हवा में जो ज़हर घुलता जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. क्योंकि WHO के आंकड़े ऐसा बताते हैं कि दुनिया की 99% जनता, Air Pollution के सीधे ख़तरों से प्रभावित है. न उनका दिल सुरक्षित है, न दिमाग और न फेंफड़े. अब जब बात इतनी गंभीर है, तो इस पर बात होना भी Urgent हो जाता है. तो याद रखिए, Padhaku Nitin का ये एपिसोड सिर्फ़ इंट्रेस्टिंग ही नहीं बेहद Urgent भी है. आज बात करेंगे की Air Pollution की समस्या को Solve करने में हम कहां पीछे रह रहे हैं? क्या Policy Making की कमी है? या क्या हम इस प्रॉबल्म को Misjudge कर रहे हैं? क्या Pollution के चलते सिर्फ़ हमारी Society ही नहीं, Economy भी धीमे धीमे नुकसान उठा रही है? फोकस दिल्ली पर भी करेंगे. पूछेंगे कि क्या AQI को टेंप्रेचर का स्केल बता देना या पानी छिड़क देना Monitoring Scales के आसपास. किसी भी तरह से Pollution को मिटाने के लिए कोई वैज्ञानिक तरीका है? यही पूछा है इस एपिसोड में जाने माने Environmentalist Chandra Bhushan जी से. पिछले दो दशकों से ये लगातार Environment से जुड़े मुद्दों पर गहरी रिसर्च करते हैं, करवाते हैं. Panels का हिस्सा होते हैं और उस चर्चा से और भी आगे बढ़कर चीज़ें समझाते हैं जहां Air Pollution की चर्चा दिल्ली की गाड़ियों से शुरू होती है. iForest (International Forum for Environment, Sustainability और Technology)  नाम की प्रतिष्ठित संस्था के CEO भी हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70149024</guid><pubDate>Thu, 19 Feb 2026 15:19:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70149024/19_feb_26_pn_mix_19_feb_128.mp3" length="65483337" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>देश के कोने कोने से आवाज़ें आ रहीं हैं. AQI डबल से ट्रिपल डिजिट हुआ जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. हवा में जो ज़हर घुलता जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. क्योंकि WHO के आंकड़े ऐसा बताते हैं कि दुनिया की 99% जनता, Air Pollution के सीधे ख़तरों से प्रभावित है....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[देश के कोने कोने से आवाज़ें आ रहीं हैं. AQI डबल से ट्रिपल डिजिट हुआ जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. हवा में जो ज़हर घुलता जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. क्योंकि WHO के आंकड़े ऐसा बताते हैं कि दुनिया की 99% जनता, Air Pollution के सीधे ख़तरों से प्रभावित है. न उनका दिल सुरक्षित है, न दिमाग और न फेंफड़े. अब जब बात इतनी गंभीर है, तो इस पर बात होना भी Urgent हो जाता है. तो याद रखिए, Padhaku Nitin का ये एपिसोड सिर्फ़ इंट्रेस्टिंग ही नहीं बेहद Urgent भी है. आज बात करेंगे की Air Pollution की समस्या को Solve करने में हम कहां पीछे रह रहे हैं? क्या Policy Making की कमी है? या क्या हम इस प्रॉबल्म को Misjudge कर रहे हैं? क्या Pollution के चलते सिर्फ़ हमारी Society ही नहीं, Economy भी धीमे धीमे नुकसान उठा रही है? फोकस दिल्ली पर भी करेंगे. पूछेंगे कि क्या AQI को टेंप्रेचर का स्केल बता देना या पानी छिड़क देना Monitoring Scales के आसपास. किसी भी तरह से Pollution को मिटाने के लिए कोई वैज्ञानिक तरीका है? यही पूछा है इस एपिसोड में जाने माने Environmentalist Chandra Bhushan जी से. पिछले दो दशकों से ये लगातार Environment से जुड़े मुद्दों पर गहरी रिसर्च करते हैं, करवाते हैं. Panels का हिस्सा होते हैं और उस चर्चा से और भी आगे बढ़कर चीज़ें समझाते हैं जहां Air Pollution की चर्चा दिल्ली की गाड़ियों से शुरू होती है. iForest (International Forum for Environment, Sustainability और Technology)  नाम की प्रतिष्ठित संस्था के CEO भी हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4093</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5e3872911185485bed25e068acdd9f25.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Dhurandhar, Kashmir Files और Kerala Story जैसी फिल्में नहीं बननी चाहिए? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dhurandhar-kashmir-files-aura-kerala-story-jaisi-philmem-nahim-banani-cahi-e-parhaku-nitina--70014534</link><description><![CDATA[सिनेमा सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं, किसी समाज को, उसकी जड़ों और उसके culture को समझने का एक रास्ता भी है. सिनेमा के अंदर वह ताकत है कि आप 2026 में किसी थिएटर में बैठकर The Godfather देखें, तो मुमकिन है आपको लगे कि World War II अभी-अभी खत्म हुआ है. उसी थिएटर में बैठकर Interstellar देखें, तो महसूस हो कि दुनिया खत्म होने के कगार पर है. और अगर ओए लक्की! लक्की ओए! देखें, तो समझ आए कि दिल्लीवालों की complexities क्या हैं. Cinema एक subjective माध्यम भी है. दो अलग-अलग लोग एक ही फिल्म को अलग नजरिए से देख सकते हैं और इस पर बहस कर सकते हैं कि क्या वह फिल्म किसी propaganda का हिस्सा है या सच्चाई दिखाती है. आपने धुरंधर, छावा और The Kashmir Files को लेकर हुए बवाल भी देखे होंगे. क्योंकि आजकल फिल्मों पर propaganda cinema होने के आरोप पहले से ज़्यादा लगने लगे हैं.<br /><br /> Padhaku Nitin के इस एपिसोड में फिल्म journalist Mihir Pandya और documentary filmmaker Eshan Sharma के साथ इसी मुद्दे को टटोलेंगे. ये सिनेमा को पढ़ते भी हैं और पढ़ाते भी हैं, एक अलग नजरिए के साथ. इन्होंने हाल ही में propaganda cinema पर एक workshop भी की है. इसलिए आज हम इन्हीं से समझेंगे कि propaganda cinema आखिर होता क्या है. क्या propaganda-less cinema जैसी कोई चीज होती भी है. क्या सिनेमा सिर्फ एक छलावा है. क्या cinema की अपनी politics होती है, और क्या politics के बिना cinema संभव है.<br /> अंत तक बने रहिएगा. चैनल Subscribe करना भी न भूलिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/70014534</guid><pubDate>Thu, 12 Feb 2026 13:59:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/70014534/12_feb_26_pn_mix_12_feb_128.mp3" length="94670262" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सिनेमा सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं, किसी समाज को, उसकी जड़ों और उसके culture को समझने का एक रास्ता भी है. सिनेमा के अंदर वह ताकत है कि आप 2026 में किसी थिएटर में बैठकर The Godfather देखें, तो मुमकिन है आपको लगे कि World War II अभी-अभी खत्म हुआ है. उसी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सिनेमा सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं, किसी समाज को, उसकी जड़ों और उसके culture को समझने का एक रास्ता भी है. सिनेमा के अंदर वह ताकत है कि आप 2026 में किसी थिएटर में बैठकर The Godfather देखें, तो मुमकिन है आपको लगे कि World War II अभी-अभी खत्म हुआ है. उसी थिएटर में बैठकर Interstellar देखें, तो महसूस हो कि दुनिया खत्म होने के कगार पर है. और अगर ओए लक्की! लक्की ओए! देखें, तो समझ आए कि दिल्लीवालों की complexities क्या हैं. Cinema एक subjective माध्यम भी है. दो अलग-अलग लोग एक ही फिल्म को अलग नजरिए से देख सकते हैं और इस पर बहस कर सकते हैं कि क्या वह फिल्म किसी propaganda का हिस्सा है या सच्चाई दिखाती है. आपने धुरंधर, छावा और The Kashmir Files को लेकर हुए बवाल भी देखे होंगे. क्योंकि आजकल फिल्मों पर propaganda cinema होने के आरोप पहले से ज़्यादा लगने लगे हैं.<br /><br /> Padhaku Nitin के इस एपिसोड में फिल्म journalist Mihir Pandya और documentary filmmaker Eshan Sharma के साथ इसी मुद्दे को टटोलेंगे. ये सिनेमा को पढ़ते भी हैं और पढ़ाते भी हैं, एक अलग नजरिए के साथ. इन्होंने हाल ही में propaganda cinema पर एक workshop भी की है. इसलिए आज हम इन्हीं से समझेंगे कि propaganda cinema आखिर होता क्या है. क्या propaganda-less cinema जैसी कोई चीज होती भी है. क्या सिनेमा सिर्फ एक छलावा है. क्या cinema की अपनी politics होती है, और क्या politics के बिना cinema संभव है.<br /> अंत तक बने रहिएगा. चैनल Subscribe करना भी न भूलिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>5917</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e1abeacc0e831333442199b6bb8fa95c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भारत क्यों नहीं बन पा रहा विश्वगुरु? Economist ने किया पर्दाफाश : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bharata-kyom-nahim-bana-pa-raha-visvaguru-economist-ne-kiya-pardaphasa-parhaku-nitina--69742141</link><description><![CDATA[फरवरी 2026 आ चुका है. साथ ही आ चुका है इस साल का बजट भी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल लोकसभा में Union Budget 2026 पेश किया. 83 मिनट का भाषण दिया. कई ऐलान किए. और अब हर साल की तरह बजट पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. सरकार बजट के फायदे गिना रही है. विपक्ष नुकसान. प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि इस साल बजट हमारे युवाओं के सपनों का बिंब है और नेता प्रतिपक्ष कह रहे हैं कि युवा और किसान परेशान है और बजट ज़रूरी मुद्दों को एड्रेस नहीं कर रहा.   Experts समझाने में जुटे हैं कि भारी Economic Terms में लबरेज़ बजट. आपके हमारे लिए क्या समेटे हुए है? तो चलिए हम भी एक ऐसे ही Expert की शरण लेते हैं जो हमको समझाएं कि क्या वाकई इस साल का बजट थोड़ा बोरिंग है, जैसा कि सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं हैं. या फिर कुछ ऐसे Undertones समेटे हुए है जो फिलहाल हमें समझ नहीं आ रहे लेकिन समझना ज़रूरी है. हमारे साथ है हमारे पुराने मेहमान Economist Arun Kumar जी. Yale, Columbia University जैसी Universities में Lectures दे चुके हैं. दुनियाभर में बुलाए जाते हैं. JNU में 30 साल इकॉनमिक्स पढ़ा चुके हैं.  खासियत ये है इनकी कि आसान भाषा में सब समझाकर चौंका देते हैं. गुरुवार आने वाला पढ़ाकू नितिन का एपिसोड इस बार आपके लिए सोमवार ही ले आए हैं. पूरा देखिएगा और प्यार दीजिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69742141</guid><pubDate>Mon, 02 Feb 2026 15:50:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69742141/02_feb_26_pn_2_feb_128.mp3" length="80243565" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>फरवरी 2026 आ चुका है. साथ ही आ चुका है इस साल का बजट भी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल लोकसभा में Union Budget 2026 पेश किया. 83 मिनट का भाषण दिया. कई ऐलान किए. और अब हर साल की तरह बजट पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. सरकार बजट के फायदे गिना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[फरवरी 2026 आ चुका है. साथ ही आ चुका है इस साल का बजट भी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल लोकसभा में Union Budget 2026 पेश किया. 83 मिनट का भाषण दिया. कई ऐलान किए. और अब हर साल की तरह बजट पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. सरकार बजट के फायदे गिना रही है. विपक्ष नुकसान. प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि इस साल बजट हमारे युवाओं के सपनों का बिंब है और नेता प्रतिपक्ष कह रहे हैं कि युवा और किसान परेशान है और बजट ज़रूरी मुद्दों को एड्रेस नहीं कर रहा.   Experts समझाने में जुटे हैं कि भारी Economic Terms में लबरेज़ बजट. आपके हमारे लिए क्या समेटे हुए है? तो चलिए हम भी एक ऐसे ही Expert की शरण लेते हैं जो हमको समझाएं कि क्या वाकई इस साल का बजट थोड़ा बोरिंग है, जैसा कि सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं हैं. या फिर कुछ ऐसे Undertones समेटे हुए है जो फिलहाल हमें समझ नहीं आ रहे लेकिन समझना ज़रूरी है. हमारे साथ है हमारे पुराने मेहमान Economist Arun Kumar जी. Yale, Columbia University जैसी Universities में Lectures दे चुके हैं. दुनियाभर में बुलाए जाते हैं. JNU में 30 साल इकॉनमिक्स पढ़ा चुके हैं.  खासियत ये है इनकी कि आसान भाषा में सब समझाकर चौंका देते हैं. गुरुवार आने वाला पढ़ाकू नितिन का एपिसोड इस बार आपके लिए सोमवार ही ले आए हैं. पूरा देखिएगा और प्यार दीजिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>5016</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/638a25be48e4d7f54eb7e6399425fd27.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Neeraj Chopra, Bajrang Punia, Rahgir जहां पढ़े उस LPU का ये सच नहीं जानते होंगे आप? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neeraj-chopra-bajrang-punia-rahgir-jaham-parhe-usa-lpu-ka-ye-saca-nahim-janate-honge-apa-parhaku-nitina--69666420</link><description><![CDATA[पढ़ाकू नितिन में ऐसा कम होता है जब हम स्टूडियो से बाहर निकलते हों. लेकिन इस बार हम सिर्फ़ स्टूडियो से ही नहीं शहर, यहां तक की राज्य से भी बाहर आ गए हैं. पढ़ाकू नितिन की टीम पहुंच गई है पंजाब के जालंधर. इस एपिसोड में हम घूमे जालंधर की मशहूर Lovely Professional University में. 150 से ज़्यादा कोर्सेज़, 35 हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट्स—Agriculture, Robotics, Management, Technology, Liberal Arts, Law और न जाने कितने ऐसे कोर्सेज़। दिमाग में सवाल आया कि आख़िर इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी चलती कैसे है? स्कूली शिक्षा की खामियों की बात तो हम अक्सर सुनते रहते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी लेवल पर ये मामला कैसा है? यूनिवर्सिटीज़ करोड़ों के प्लेसमेंट्स कैसे करवाती हैं? एक वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी कैसी होती है? क्या भारत में कोई वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी है? और ये भी कि जब एक ही कैंपस में 40 से ज़्यादा देशों के स्टूडेंट्स पढ़ते हों, अलग-अलग राज्यों से, अलग-अलग पृष्ठभूमि से लोग आते हों—तो इतना सब कुछ मैनेज कैसे होता है? ये सारे सवाल हमने पूछे अपनी LPU की Pro-VC, Mrs. Rashmi Mittal से। <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69666420</guid><pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:49:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69666420/29_jan_26_pn_lpu_128.mp3" length="75608816" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पढ़ाकू नितिन में ऐसा कम होता है जब हम स्टूडियो से बाहर निकलते हों. लेकिन इस बार हम सिर्फ़ स्टूडियो से ही नहीं शहर, यहां तक की राज्य से भी बाहर आ गए हैं. पढ़ाकू नितिन की टीम पहुंच गई है पंजाब के जालंधर. इस एपिसोड में हम घूमे जालंधर की मशहूर Lovely...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पढ़ाकू नितिन में ऐसा कम होता है जब हम स्टूडियो से बाहर निकलते हों. लेकिन इस बार हम सिर्फ़ स्टूडियो से ही नहीं शहर, यहां तक की राज्य से भी बाहर आ गए हैं. पढ़ाकू नितिन की टीम पहुंच गई है पंजाब के जालंधर. इस एपिसोड में हम घूमे जालंधर की मशहूर Lovely Professional University में. 150 से ज़्यादा कोर्सेज़, 35 हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट्स—Agriculture, Robotics, Management, Technology, Liberal Arts, Law और न जाने कितने ऐसे कोर्सेज़। दिमाग में सवाल आया कि आख़िर इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी चलती कैसे है? स्कूली शिक्षा की खामियों की बात तो हम अक्सर सुनते रहते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी लेवल पर ये मामला कैसा है? यूनिवर्सिटीज़ करोड़ों के प्लेसमेंट्स कैसे करवाती हैं? एक वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी कैसी होती है? क्या भारत में कोई वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी है? और ये भी कि जब एक ही कैंपस में 40 से ज़्यादा देशों के स्टूडेंट्स पढ़ते हों, अलग-अलग राज्यों से, अलग-अलग पृष्ठभूमि से लोग आते हों—तो इतना सब कुछ मैनेज कैसे होता है? ये सारे सवाल हमने पूछे अपनी LPU की Pro-VC, Mrs. Rashmi Mittal से। <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>4726</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1f4060aafd39d45108d73c23074bf5da.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दिल्ली, मुंबई, नोएडा और गुरुग्राम जैसे महानगरों का भट्टा कैसे बैठ गया?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dilli-mumba-i-no-eda-aura-gurugrama-jaise-mahanagarom-ka-bhatta-kaise-baitha-gaya-parhaku-nitina--69548694</link><description><![CDATA[जीने का हक़ सभी को है, ये तो हमारा संविधान भी कहता है. लेकिन बार-बार इसका उल्लंघन होना हमें सवाल पूछने मजबूर करता है. कुछ ही दिन पहले, नोएडा के सोफ़्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता एक हादसे का शिकार हो गए, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में उनकी कार पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. और ये सिर्फ़ एक घटना नहीं, रिकॉर्ड्स बताते हैं कि 2004 से 2015 के बीच क़रीब ऐसे 40 लाख मामले देखने को मिले हैं. ये आंकड़े हालात का अंदाज़ा तो देते हैं, लेकिन असलियत इससे कहीं ज़्यादा गहरी है. ‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं केटी रवींद्रन, School of Planning and Architecture में Urban Design Department के डीन. उनसे हमने पूछा कि क्या हम अपने शहरों को अब तक Flawless क्यों नहीं बना पाए? क्यों Bangalore का Traffic अब भी बदनाम है? क्यों Monsoon आते ही बार बार ये डर सताता है कि पार्किंग में खड़ी गाड़ी डूब न जाए? पिछले साल Old Rajinder Nagar के Basement का मामला भी आपको याद होगा. तो सोचा क्यों न एक Expert से समझा जाए कि आखिर ये शहर बसाए कैसे जाते हैं? क्या इन्हें बसाते वक्त ऐसे Sustainable Methods के बारे में नहीं सोचा जाता कि Traffic न लगे. जानेंगे Noida, Gurugram, Delhi, Chandigarh, Bangalore, London, New York, Paris किस तरह से Urban Planning के लिहाज़ से शानदार या Flawed हैं. सुनिए पूरा पॉडकास्ट और हां, लाइक शेयर Subscribe करना न भूलिए<br /><br /> प्रड्यूस: मानव और माज़<br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69548694</guid><pubDate>Thu, 22 Jan 2026 17:32:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69548694/22_jan_26_pn_mix_22_jan_128.mp3" length="73159157" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जीने का हक़ सभी को है, ये तो हमारा संविधान भी कहता है. लेकिन बार-बार इसका उल्लंघन होना हमें सवाल पूछने मजबूर करता है. कुछ ही दिन पहले, नोएडा के सोफ़्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता एक हादसे का शिकार हो गए, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में उनकी कार पानी से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीने का हक़ सभी को है, ये तो हमारा संविधान भी कहता है. लेकिन बार-बार इसका उल्लंघन होना हमें सवाल पूछने मजबूर करता है. कुछ ही दिन पहले, नोएडा के सोफ़्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता एक हादसे का शिकार हो गए, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में उनकी कार पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. और ये सिर्फ़ एक घटना नहीं, रिकॉर्ड्स बताते हैं कि 2004 से 2015 के बीच क़रीब ऐसे 40 लाख मामले देखने को मिले हैं. ये आंकड़े हालात का अंदाज़ा तो देते हैं, लेकिन असलियत इससे कहीं ज़्यादा गहरी है. ‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं केटी रवींद्रन, School of Planning and Architecture में Urban Design Department के डीन. उनसे हमने पूछा कि क्या हम अपने शहरों को अब तक Flawless क्यों नहीं बना पाए? क्यों Bangalore का Traffic अब भी बदनाम है? क्यों Monsoon आते ही बार बार ये डर सताता है कि पार्किंग में खड़ी गाड़ी डूब न जाए? पिछले साल Old Rajinder Nagar के Basement का मामला भी आपको याद होगा. तो सोचा क्यों न एक Expert से समझा जाए कि आखिर ये शहर बसाए कैसे जाते हैं? क्या इन्हें बसाते वक्त ऐसे Sustainable Methods के बारे में नहीं सोचा जाता कि Traffic न लगे. जानेंगे Noida, Gurugram, Delhi, Chandigarh, Bangalore, London, New York, Paris किस तरह से Urban Planning के लिहाज़ से शानदार या Flawed हैं. सुनिए पूरा पॉडकास्ट और हां, लाइक शेयर Subscribe करना न भूलिए<br /><br /> प्रड्यूस: मानव और माज़<br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4573</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/75aad831cbbf4b94742b7a73a4869073.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Rail neer के नाम पर scam, IRCTC का सच और Train में किन्नरों-TT ख़ौफ़! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rail-neer-ke-nama-para-scam-irctc-ka-saca-aura-train-mem-kinnarom-tt-khaufa-parhaku-nitina--69452692</link><description><![CDATA[न जाने कितनी ही बॉलीवुड फिल्मों के क्लाइमेक्स सीन और न जाने कितने ही भारतीयों के आम जीवन का हिस्सा रही है यह रेल. भारतीय मिडिल क्लास की यादों का एक बड़ा हिस्सा रेलवे से जुड़ा है. लेकिन रेलवे की यात्राओं को रोमांटिसाइज़ करना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी यह समझना भी है कि रेलवे, कई दूसरी सरकारी संस्थाओं की तरह, अव्यवस्था से अछूता नहीं रहा है. रेलवे के मुताबिक, पिछले पांच सालों में खाने से जुड़ी 19,000 से ज़्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं. 2021–22 में शिकायतें करीब 1,000 थीं, 2023–24 में यह संख्या 7,000 के पार पहुंच गई और 2024–25 में 6,000 से ज्यादा हो गई. ये आंकड़े हालात का अंदाज़ा तो देते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज़्यादा गहरी है. ‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हमारे साथ एक ऐसे व्लॉगर हैं, जो इसी हकीकत को लगातार सामने लाते रहते हैं. वे ट्रेनों में सफर करते हैं, छोटी हो या लंबी दूरी, हर यात्रा में. जहां 14 रुपये की पानी की बोतल 20 में बेची जाती है, वहां सवाल उठाते हैं. महंगा खाना बेचा जाता है, तो शिकायत दर्ज कराते हैं. इस दौरान होने वाली झड़पों को भी वे बेहद सहजता से संभालते हैं. इनका नाम है शाहनवाज़. सोशल मीडिया पर ये “पीटर क्लिप्स” के नाम से मशहूर हैं. आपने इनकी रील्स और वीडियो ज़रूर देखी होंगी. आज देखिए इनका पहला पॉडकास्ट, जहां हमने रेलवे में भ्रष्टाचार, यात्रियों की परेशानियों और उनकी आंखों देखी अव्यवस्थाओं पर खुलकर बातचीत की है.<br /><br /> प्रड्यूसर : मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69452692</guid><pubDate>Thu, 15 Jan 2026 12:57:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69452692/15_jan_26_pn_15_jan_128.mp3" length="72743288" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>न जाने कितनी ही बॉलीवुड फिल्मों के क्लाइमेक्स सीन और न जाने कितने ही भारतीयों के आम जीवन का हिस्सा रही है यह रेल. भारतीय मिडिल क्लास की यादों का एक बड़ा हिस्सा रेलवे से जुड़ा है. लेकिन रेलवे की यात्राओं को रोमांटिसाइज़ करना जितना ज़रूरी है, उतना ही...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[न जाने कितनी ही बॉलीवुड फिल्मों के क्लाइमेक्स सीन और न जाने कितने ही भारतीयों के आम जीवन का हिस्सा रही है यह रेल. भारतीय मिडिल क्लास की यादों का एक बड़ा हिस्सा रेलवे से जुड़ा है. लेकिन रेलवे की यात्राओं को रोमांटिसाइज़ करना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी यह समझना भी है कि रेलवे, कई दूसरी सरकारी संस्थाओं की तरह, अव्यवस्था से अछूता नहीं रहा है. रेलवे के मुताबिक, पिछले पांच सालों में खाने से जुड़ी 19,000 से ज़्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं. 2021–22 में शिकायतें करीब 1,000 थीं, 2023–24 में यह संख्या 7,000 के पार पहुंच गई और 2024–25 में 6,000 से ज्यादा हो गई. ये आंकड़े हालात का अंदाज़ा तो देते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज़्यादा गहरी है. ‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हमारे साथ एक ऐसे व्लॉगर हैं, जो इसी हकीकत को लगातार सामने लाते रहते हैं. वे ट्रेनों में सफर करते हैं, छोटी हो या लंबी दूरी, हर यात्रा में. जहां 14 रुपये की पानी की बोतल 20 में बेची जाती है, वहां सवाल उठाते हैं. महंगा खाना बेचा जाता है, तो शिकायत दर्ज कराते हैं. इस दौरान होने वाली झड़पों को भी वे बेहद सहजता से संभालते हैं. इनका नाम है शाहनवाज़. सोशल मीडिया पर ये “पीटर क्लिप्स” के नाम से मशहूर हैं. आपने इनकी रील्स और वीडियो ज़रूर देखी होंगी. आज देखिए इनका पहला पॉडकास्ट, जहां हमने रेलवे में भ्रष्टाचार, यात्रियों की परेशानियों और उनकी आंखों देखी अव्यवस्थाओं पर खुलकर बातचीत की है.<br /><br /> प्रड्यूसर : मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्सिंग: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4547</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8ddb36d76da8f687a57ae53dc0fe9ccc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Mohit Chauhan Rockstar, Silk Route, Singer KK के कौन-से राज़ खोल गए? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mohit-chauhan-rockstar-silk-route-singer-kk-ke-kauna-se-raza-khola-ga-e-parhaku-nitina--69355138</link><description><![CDATA[Nostalgia किसी Time Machine की तरह होता है न? एक बार हिट किया नहीं कि आप पहुंच जाते हैं एक दूसरे Time-Space में. Music अक्सर इस तरह के Nostalgias के लिए Trigger साबित होता है. जो आपको 2026 में बैठे बैठे भी कई दशकों पहले की यात्रा मिनटों में करवा लाता है. तो चलिए आपको उस दौर में ले चलते हैं, Mid 1990s. जब Indie Pop किसी ठंडी हवा के झोंके की तरह Audience के कानों को कुछ शानदार Earworms दे रहा था. कुछ नए Bands, नए Sounds, नए Styles जो आज भी लोगों को याद हैं. आज हमारे साथ एक ऐसे ही Artist हैं जिन्होंने शुरूआत Popularity Indie Pop के दौर में पाई लेकिन फिर Bollywood में आकर भी खूब धूम मचाई. ये वही आर्टिस्ट हैं, जिन्होंने जो छुआ उसे सोना बना दिया. चाहे Silk Route के गाने हों, Rockstar की Album या Singles. इन्होंने कभी निराश नहीं किया. हमारे साथ हैं Playback Singer और Musician Mohit Chauhan. जिनका नया गाना सिर्फ़ सुरीला ही नहीं है, Social Cause के लिए Contributor भी है. पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69355138</guid><pubDate>Thu, 08 Jan 2026 15:17:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69355138/08_jan_26_pn_mix_8_jan_128.mp3" length="79285185" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Nostalgia किसी Time Machine की तरह होता है न? एक बार हिट किया नहीं कि आप पहुंच जाते हैं एक दूसरे Time-Space में. 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Music अक्सर इस तरह के Nostalgias के लिए Trigger साबित होता है. जो आपको 2026 में बैठे बैठे भी कई दशकों पहले की यात्रा मिनटों में करवा लाता है. तो चलिए आपको उस दौर में ले चलते हैं, Mid 1990s. जब Indie Pop किसी ठंडी हवा के झोंके की तरह Audience के कानों को कुछ शानदार Earworms दे रहा था. कुछ नए Bands, नए Sounds, नए Styles जो आज भी लोगों को याद हैं. आज हमारे साथ एक ऐसे ही Artist हैं जिन्होंने शुरूआत Popularity Indie Pop के दौर में पाई लेकिन फिर Bollywood में आकर भी खूब धूम मचाई. ये वही आर्टिस्ट हैं, जिन्होंने जो छुआ उसे सोना बना दिया. चाहे Silk Route के गाने हों, Rockstar की Album या Singles. इन्होंने कभी निराश नहीं किया. हमारे साथ हैं Playback Singer और Musician Mohit Chauhan. जिनका नया गाना सिर्फ़ सुरीला ही नहीं है, Social Cause के लिए Contributor भी है. पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4956</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2a037ae267c9b46f840fd6103563bdf3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Ram Mandir से जुड़े कौनसे राज़ खोल गए रामलला के वकील?</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ram-mandir-se-jure-kaunase-raza-khola-ga-e-ramalala-ke-vakila--69268547</link><description><![CDATA[दिसंबर सुनते ही दिमाग में क्या आता है? साल का आखिरी महीना. मगर पिछले एक ऐसी किताब आई जिसे पढ़कर, दिसंबर एक और कारण से याद आएगा. कारण है राम जन्मभूमि विवाद का. जब आप इस विवाद की टाइमलाइन देखेंगे तो आपको पैटर्न नज़र आएगा कि इस विवाद से जुड़े लगभग सारे बड़े घटनाक्रम दिसंबर में ही घटे फिर चाहे इस मामले में पहला मुकदमा दर्ज होना हो… या बाबरी मस्जिद का गिरना. और इसी दिसंबर में हम बात करने जा रहे हैं रामजन्मभूमि विवाद पर. वो भी उनसे जो Literally ‘भगवान के वकील’ रहे हैं. हमारे साथ हैं आज दो वकील, अनिरुद्ध शर्मा और श्रीधर पोटराजू. आपको 2019 का रामजन्मभूमि केस याद है न? इस केस में राल लला विराजमान को रिप्रेज़ेंट करने वालों में ये दोनों शामिल थे. इन दोनों ने हाल ही में मिलकर एक किताब लिखी जिसका नाम है Case for Ram. ये किताब दरअसल उस मुकदमे के पीछे की कहानी है. ये किताब सुप्रीम कोर्ट में हुई बहसों को समेटे हुए है. ये किताब समेटे हुए है उन तैयारियों की तफसील जो सुप्रीम कोर्ट में एक केस लड़ने के लिए की जाती है. भयंकर डिटेलिंग के भरा हुई किताब है, उतना ही डीटेल्ड ये पॉडकास्ट भी है. पूरा सुनिएगा]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69268547</guid><pubDate>Thu, 01 Jan 2026 14:02:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69268547/01_jan_26_pn_mix_1_jan_128.mp3" length="101279451" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दिसंबर सुनते ही दिमाग में क्या आता है? साल का आखिरी महीना. मगर पिछले एक ऐसी किताब आई जिसे पढ़कर, दिसंबर एक और कारण से याद आएगा. कारण है राम जन्मभूमि विवाद का. जब आप इस विवाद की टाइमलाइन देखेंगे तो आपको पैटर्न नज़र आएगा कि इस विवाद से जुड़े लगभग सारे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दिसंबर सुनते ही दिमाग में क्या आता है? साल का आखिरी महीना. मगर पिछले एक ऐसी किताब आई जिसे पढ़कर, दिसंबर एक और कारण से याद आएगा. कारण है राम जन्मभूमि विवाद का. जब आप इस विवाद की टाइमलाइन देखेंगे तो आपको पैटर्न नज़र आएगा कि इस विवाद से जुड़े लगभग सारे बड़े घटनाक्रम दिसंबर में ही घटे फिर चाहे इस मामले में पहला मुकदमा दर्ज होना हो… या बाबरी मस्जिद का गिरना. और इसी दिसंबर में हम बात करने जा रहे हैं रामजन्मभूमि विवाद पर. वो भी उनसे जो Literally ‘भगवान के वकील’ रहे हैं. हमारे साथ हैं आज दो वकील, अनिरुद्ध शर्मा और श्रीधर पोटराजू. आपको 2019 का रामजन्मभूमि केस याद है न? इस केस में राल लला विराजमान को रिप्रेज़ेंट करने वालों में ये दोनों शामिल थे. इन दोनों ने हाल ही में मिलकर एक किताब लिखी जिसका नाम है Case for Ram. ये किताब दरअसल उस मुकदमे के पीछे की कहानी है. ये किताब सुप्रीम कोर्ट में हुई बहसों को समेटे हुए है. ये किताब समेटे हुए है उन तैयारियों की तफसील जो सुप्रीम कोर्ट में एक केस लड़ने के लिए की जाती है. भयंकर डिटेलिंग के भरा हुई किताब है, उतना ही डीटेल्ड ये पॉडकास्ट भी है. पूरा सुनिएगा]]></itunes:summary><itunes:duration>6330</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2aff8347d74f92759cf9b2f1f90b84de.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>1971 India Pakistan War के Nail-Biting Secret और Bangladesh की आज़ादी में Condom कैसे बना हथियार? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/1971-india-pakistan-war-ke-nail-biting-secret-aura-bangladesh-ki-azadi-mem-condom-kaise-bana-hathiyara-parhaku-nitina--69203628</link><description><![CDATA[बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता भारत ने की थी. पिछले दो सालों में इसी पड़ोसी ने आंतरिक तौर पर काफ़ी उथल पुथल देखी. बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्तियां वहीं के लोगों ने गिराई. उनकी बेटी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को वहां से तुरंत भागना पड़ा. भारत ने उन्हें अपने यहां शरण भी दी. मगर भारत-बांग्लादेश  का ऐसा रिश्ता आखिर बना कैसे? 1971 में हुआ क्या था? ईस्ट पाकिस्तान से बांग्लादेश तक का सफ़र तय करने में ऐसे कौन कौन से पड़ाव थे जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है? और जब ये हो रहा था तो दुनिया भर में क्या घट रहा था? इसी सवाल को Address करती है Iqbal Chand Malhotra और Subroto Chattopadhyay की क़िताब Bangladesh: Humiliation, Carnage, Liberation, Chaos. और किताब के दोनों लेखक हैं हमारे मेहमान. मिलेंगे सारे सवालों के जवाब. सुनिएगा पूरा एपिसोड<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69203628</guid><pubDate>Thu, 25 Dec 2025 12:50:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69203628/25_dec_25_pn_25_dec_128.mp3" length="62900767" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता भारत ने की थी. पिछले दो सालों में इसी पड़ोसी ने आंतरिक तौर पर काफ़ी उथल पुथल देखी. बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्तियां वहीं के लोगों ने गिराई. उनकी बेटी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को वहां से तुरंत भागना पड़ा. भारत ने उन्हें अपने यहां शरण भी दी. मगर भारत-बांग्लादेश  का ऐसा रिश्ता आखिर बना कैसे? 1971 में हुआ क्या था? ईस्ट पाकिस्तान से बांग्लादेश तक का सफ़र तय करने में ऐसे कौन कौन से पड़ाव थे जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है? और जब ये हो रहा था तो दुनिया भर में क्या घट रहा था? इसी सवाल को Address करती है Iqbal Chand Malhotra और Subroto Chattopadhyay की क़िताब Bangladesh: Humiliation, Carnage, Liberation, Chaos. और किताब के दोनों लेखक हैं हमारे मेहमान. मिलेंगे सारे सवालों के जवाब. सुनिएगा पूरा एपिसोड<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>3932</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/27a2eb72c2d6dbd3d82d21d06db0b99d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Dhurandhar की सच्चाई, Kashmir में ISI का Jihad Game और Kashmir में Hybrid आतंकियों का ख़ौफ़! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dhurandhar-ki-sacca-i-kashmir-mem-isi-ka-jihad-game-aura-kashmir-mem-hybrid-atankiyom-ka-khaufa-parhaku-nitina--69183412</link><description><![CDATA[कश्मीर के इतिहास से आप और हम अनभिज्ञ तो नहीं हैं। हम उसकी ख़ूबसूरती, उसके कल्चर से जिस तरह वाक़िफ़ हैं, उसके सबसे बड़े दुर्भाग्य से भी उसी तरह वाक़िफ़ हैं।<br /> और उसका दुर्भाग्य यह है कि वह पाकिस्तान की शाह-रग है। उसका प्लेग्राउंड है।<br /> वह प्लेग्राउंड जहाँ पाकिस्तान अपनी उन ख़ुराफ़ातों को अंजाम देता है, जिससे भारत को प्रेशराइज़ किया जा सके। लिहाज़ा, कश्मीर से आने वाली छोटी-से-छोटी ख़बर भी एक प्रायोरिटी बन जाती है। हाल ही में हमारे हाथ एक किताब लगी. यह किताब कश्मीर की बिगड़ी हुई तहरीर की कहानी सुनाती है। कहानी सुनाती है उस जिहाद गेम की, जो पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI कई सालों तक कश्मीर में खेलती रही है। यह किताब आपको ले चलती है पाकिस्तान के डार्क वॉर के बीचों-बीच। किताब का नाम है The Jihad Game और लेखक हैं Abhinav Pandya। अभिनव पांडेय कश्मीर में कई वर्षों तक रहकर काउंटर-इंसर्जेंसी पर ग्राउंड रिसर्च कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में टेररिज़्म और काउंटर टेररिज़्म पर ही उनकी Ph.D. भी है। पढ़ाकू नितिन के एपिसोड में हम उनकी इसी किताब पर बात करेंगे। समझेंगे कि आखिर पाकिस्तान किस तरह लश्कर, जैश और हिज़्बुल जैसे संगठनों के ज़रिए सालों-साल कश्मीर में ऑपरेट करता रहा है? और सबसे अहम — यह भी समझेंगे कि किस तरह ये संगठन कश्मीर के यूथ को Radicalize करते हैं?<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69183412</guid><pubDate>Tue, 23 Dec 2025 15:50:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69183412/23_dec_25_pm_mix_23_dec_128.mp3" length="90233208" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कश्मीर के इतिहास से आप और हम अनभिज्ञ तो नहीं हैं। हम उसकी ख़ूबसूरती, उसके कल्चर से जिस तरह वाक़िफ़ हैं, उसके सबसे बड़े दुर्भाग्य से भी उसी तरह वाक़िफ़ हैं।&#13;
और उसका दुर्भाग्य यह है कि वह पाकिस्तान की शाह-रग है। उसका प्लेग्राउंड है।&#13;
वह प्लेग्राउंड...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कश्मीर के इतिहास से आप और हम अनभिज्ञ तो नहीं हैं। हम उसकी ख़ूबसूरती, उसके कल्चर से जिस तरह वाक़िफ़ हैं, उसके सबसे बड़े दुर्भाग्य से भी उसी तरह वाक़िफ़ हैं।<br /> और उसका दुर्भाग्य यह है कि वह पाकिस्तान की शाह-रग है। उसका प्लेग्राउंड है।<br /> वह प्लेग्राउंड जहाँ पाकिस्तान अपनी उन ख़ुराफ़ातों को अंजाम देता है, जिससे भारत को प्रेशराइज़ किया जा सके। लिहाज़ा, कश्मीर से आने वाली छोटी-से-छोटी ख़बर भी एक प्रायोरिटी बन जाती है। हाल ही में हमारे हाथ एक किताब लगी. यह किताब कश्मीर की बिगड़ी हुई तहरीर की कहानी सुनाती है। कहानी सुनाती है उस जिहाद गेम की, जो पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI कई सालों तक कश्मीर में खेलती रही है। यह किताब आपको ले चलती है पाकिस्तान के डार्क वॉर के बीचों-बीच। किताब का नाम है The Jihad Game और लेखक हैं Abhinav Pandya। अभिनव पांडेय कश्मीर में कई वर्षों तक रहकर काउंटर-इंसर्जेंसी पर ग्राउंड रिसर्च कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में टेररिज़्म और काउंटर टेररिज़्म पर ही उनकी Ph.D. भी है। पढ़ाकू नितिन के एपिसोड में हम उनकी इसी किताब पर बात करेंगे। समझेंगे कि आखिर पाकिस्तान किस तरह लश्कर, जैश और हिज़्बुल जैसे संगठनों के ज़रिए सालों-साल कश्मीर में ऑपरेट करता रहा है? और सबसे अहम — यह भी समझेंगे कि किस तरह ये संगठन कश्मीर के यूथ को Radicalize करते हैं?<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>5640</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/efa63ec783670034b68d2f30d13268de.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बांग्लादेश कैसे बना - Indian Intelligence का प्लान, भुट्टो की थेथरई या Left का ऑपरेशन? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bangladesa-kaise-bana-indian-intelligence-ka-plana-bhutto-ki-thethara-i-ya-left-ka-oparesana-parhaku-nitina--69118678</link><description><![CDATA[बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता भारत ने की थी. पिछले दो सालों में इसी पड़ोसी ने आंतरिक तौर पर काफ़ी उथल पुथल देखी. बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्तियां वहीं के लोगों ने गिराई. उनकी बेटी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को वहां से तुरंत भागना पड़ा. भारत ने उन्हें अपने यहां शरण भी दी. मगर भारत-बांग्लादेश  का ऐसा रिश्ता आखिर बना कैसे? 1971 में हुआ क्या था? ईस्ट पाकिस्तान से बांग्लादेश तक का सफ़र तय करने में ऐसे कौन कौन से पड़ाव थे जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है? और जब ये हो रहा था तो दुनिया भर में क्या घट रहा था? इसी सवाल को Address करती है Iqbal Chand Malhotra और Subroto Chattopadhyay की क़िताब Bangladesh: Humiliation, Carnage, Liberation, Chaos. और किताब के दोनों लेखक हैं हमारे मेहमान. मिलेंगे सारे सवालों के जवाब. सुनिएगा पूरा एपिसोड.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69118678</guid><pubDate>Thu, 18 Dec 2025 14:41:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69118678/18_dec_25_pn_mix_18_dec_128.mp3" length="70181198" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता भारत ने की थी. पिछले दो सालों में इसी पड़ोसी ने आंतरिक तौर पर काफ़ी उथल पुथल देखी. बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्तियां वहीं के लोगों ने गिराई. उनकी बेटी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को वहां से तुरंत भागना पड़ा. भारत ने उन्हें अपने यहां शरण भी दी. मगर भारत-बांग्लादेश  का ऐसा रिश्ता आखिर बना कैसे? 1971 में हुआ क्या था? ईस्ट पाकिस्तान से बांग्लादेश तक का सफ़र तय करने में ऐसे कौन कौन से पड़ाव थे जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है? और जब ये हो रहा था तो दुनिया भर में क्या घट रहा था? इसी सवाल को Address करती है Iqbal Chand Malhotra और Subroto Chattopadhyay की क़िताब Bangladesh: Humiliation, Carnage, Liberation, Chaos. और किताब के दोनों लेखक हैं हमारे मेहमान. मिलेंगे सारे सवालों के जवाब. सुनिएगा पूरा एपिसोड.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4387</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e78b57a1e250acb293d20906557e1bf5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Bondi Beach Terror Attack का सच और यहूदियों से मुसलमानों का Dispute Explained: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bondi-beach-terror-attack-ka-saca-aura-yahudiyom-se-musalamanom-ka-dispute-explained-parhaku-nitina--69079709</link><description><![CDATA[14 December 2025. Australia ने पिछले 3 दशकों का सबसे वीभत्स और सबसे बड़ा आतंकी हमला देखा. जब Sydney के Bondi Beach पर दो बंदूकधारी ताबड़तोड़ गोलीबारी करते दिखे. अफ़रा तफ़री मची 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई. 30 से ज़्यादा लोग घायल हुए. 10 साल की छोटी बच्ची से लेकर 41 साल तक के Rabbi तक इसमें मारे गए. जब जांच हुई तो मालूम हुआ कि हमलावरों के तार IS से जुड़े थे. कयास लगाए गए कि उन्होंने हमला करने के लिए ये दिन इसलिए चुना. ताकि वो Hanukkah मना रहे Jewish परिवारों को मारकर एक Messaging दे सकें. कुछ लोगों ने इस हमले को Anti-Semitic कहा.. कुछ ने इसमें एक Geopolitical एंगल ढूंढते हुए कहा कि देखो अभी तो Australia Palestine को मान्यता देने वाला था. और अब उनके यहां यहूदियों पर इतना बड़ा हमला हुआ.. ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक ने इस हमले की निंदा की और इसे Australia में उठते Anti-Semitic Sentiment का Indicator बताया. लेकिन सवाल उठता है कि ये Anti Semitism है क्या? हम इसे सीधा Anti-Jew क्यों नहीं कह देते? आखिर Islamic State  को Jews से क्या दिक्कत है? Jews दरअसल मुसलमानों और Christians से अलग होते हुए भी एक जैसे क्यों है? Jews के Origins से लेकर.  Holocaust. फिर Israel का बनना और फिर World Order का बदलना सब समझेंगे आज. इस सबमें Jews का Direct Indirect Role क्या रहा ये भी समझेंगे ? Bondi Beach पर हुए इस हमले को तो समझेंगे ही मगर बात थोड़ी इतिहास पर ज़्यादा करेंगे. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में यही सब समझने के लिए हमने दावत दी है कलकत्ता की ऐतिहासिक Presidency यूनिवर्सिटी में Holocaust History पढ़ाने वाले, Anti Semitism के मुद्दे पर Expertise रखने वाले Professor नवरस आफ़रीदी को.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/69079709</guid><pubDate>Tue, 16 Dec 2025 15:44:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/69079709/16_dec_25_pn_16th_dec_128.mp3" length="76444734" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>14 December 2025. Australia ने पिछले 3 दशकों का सबसे वीभत्स और सबसे बड़ा आतंकी हमला देखा. जब Sydney के Bondi Beach पर दो बंदूकधारी ताबड़तोड़ गोलीबारी करते दिखे. अफ़रा तफ़री मची 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई. 30 से ज़्यादा लोग घायल हुए. 10 साल की छोटी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[14 December 2025. Australia ने पिछले 3 दशकों का सबसे वीभत्स और सबसे बड़ा आतंकी हमला देखा. जब Sydney के Bondi Beach पर दो बंदूकधारी ताबड़तोड़ गोलीबारी करते दिखे. अफ़रा तफ़री मची 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई. 30 से ज़्यादा लोग घायल हुए. 10 साल की छोटी बच्ची से लेकर 41 साल तक के Rabbi तक इसमें मारे गए. जब जांच हुई तो मालूम हुआ कि हमलावरों के तार IS से जुड़े थे. कयास लगाए गए कि उन्होंने हमला करने के लिए ये दिन इसलिए चुना. ताकि वो Hanukkah मना रहे Jewish परिवारों को मारकर एक Messaging दे सकें. कुछ लोगों ने इस हमले को Anti-Semitic कहा.. कुछ ने इसमें एक Geopolitical एंगल ढूंढते हुए कहा कि देखो अभी तो Australia Palestine को मान्यता देने वाला था. और अब उनके यहां यहूदियों पर इतना बड़ा हमला हुआ.. ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक ने इस हमले की निंदा की और इसे Australia में उठते Anti-Semitic Sentiment का Indicator बताया. लेकिन सवाल उठता है कि ये Anti Semitism है क्या? हम इसे सीधा Anti-Jew क्यों नहीं कह देते? आखिर Islamic State  को Jews से क्या दिक्कत है? Jews दरअसल मुसलमानों और Christians से अलग होते हुए भी एक जैसे क्यों है? Jews के Origins से लेकर.  Holocaust. फिर Israel का बनना और फिर World Order का बदलना सब समझेंगे आज. इस सबमें Jews का Direct Indirect Role क्या रहा ये भी समझेंगे ? Bondi Beach पर हुए इस हमले को तो समझेंगे ही मगर बात थोड़ी इतिहास पर ज़्यादा करेंगे. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में यही सब समझने के लिए हमने दावत दी है कलकत्ता की ऐतिहासिक Presidency यूनिवर्सिटी में Holocaust History पढ़ाने वाले, Anti Semitism के मुद्दे पर Expertise रखने वाले Professor नवरस आफ़रीदी को.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>4778</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/11ac4537dc557f258ab052ddf8f8ecd6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pilot ने खोले IndiGo और Aviation Industry के दबे राज़! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pilot-ne-khole-indigo-aura-aviation-industry-ke-dabe-raza-parhaku-nitina--68991241</link><description><![CDATA[एक दौर में मिडिल क्लास का ख़्वाब थी हवाई यात्रा. अक्सर एयरपोर्ट पर खींची गई तस्वीरें-वीडियोज़ अपने प्रियजनों को भेजने के लिए ली जाती थीं. ये बताने के लिए कि लीजिए हमने ये ज़मीन छोड़कर परवाज़ ले ली है. बॉलीवुड का भी इसमें बड़ा योगदान था. अक्सर हीरो हीरोइन को वस्ल का लम्हा एयरपोर्ट के आंगन में ही नसीब होता था. एयरपोर्ट पर खींचे गए फोटोज़ वीडियोज़ तो आजकल वायरल भी हो रहे हैं. लेकिन इन फोटोज़ में भाव सेलिब्रेशन का नहीं बल्कि असंतोष, नाराज़गी और मुख्यत: निराशा का है. वजह है देश की सबसे बड़ी Airlines में से एक, IndiGo का Crisis का होना. मुमकिन है आपने भी ख़बरें को देखी ही होंगी और ऐसी वीडियोज़ भी. लेकिन ये मेरा दावा है कि ऐसा पॉडकास्ट नहीं देखा होगा जिसमें इतनी सरल हिंदी में आपको इस Crisis से जुड़े जटिल सवालों के सरलतम जवाब मिले हों. तो सोच क्या रहे हैं, देख डालिए पढ़ाकू नितिन का ये एपिसोड जहां हमारे मेहमान हैं सिविल एविएशन एक्सपर्ट और एक्स पायलट हर्ष वर्धन. जिनसे हमने समझा  अचानक इतनी बड़ी Airline इतनी बुरी तरह फेल क्यों होती दिखी? क्या Possible कारण हैं? DGCA की ओर से, Airline की ओर से? Infrastructural दिक्कत है या Operational? इसी बहाने झांकेगे कि Indian Civil Aviation की दुनिया अंदर से दिखती कैसी है?  <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68991241</guid><pubDate>Thu, 11 Dec 2025 14:12:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68991241/11_dec_25_pn_mix_11_dec_128.mp3" length="60778370" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक दौर में मिडिल क्लास का ख़्वाब थी हवाई यात्रा. अक्सर एयरपोर्ट पर खींची गई तस्वीरें-वीडियोज़ अपने प्रियजनों को भेजने के लिए ली जाती थीं. ये बताने के लिए कि लीजिए हमने ये ज़मीन छोड़कर परवाज़ ले ली है. बॉलीवुड का भी इसमें बड़ा योगदान था. अक्सर हीरो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक दौर में मिडिल क्लास का ख़्वाब थी हवाई यात्रा. अक्सर एयरपोर्ट पर खींची गई तस्वीरें-वीडियोज़ अपने प्रियजनों को भेजने के लिए ली जाती थीं. ये बताने के लिए कि लीजिए हमने ये ज़मीन छोड़कर परवाज़ ले ली है. बॉलीवुड का भी इसमें बड़ा योगदान था. अक्सर हीरो हीरोइन को वस्ल का लम्हा एयरपोर्ट के आंगन में ही नसीब होता था. एयरपोर्ट पर खींचे गए फोटोज़ वीडियोज़ तो आजकल वायरल भी हो रहे हैं. लेकिन इन फोटोज़ में भाव सेलिब्रेशन का नहीं बल्कि असंतोष, नाराज़गी और मुख्यत: निराशा का है. वजह है देश की सबसे बड़ी Airlines में से एक, IndiGo का Crisis का होना. मुमकिन है आपने भी ख़बरें को देखी ही होंगी और ऐसी वीडियोज़ भी. लेकिन ये मेरा दावा है कि ऐसा पॉडकास्ट नहीं देखा होगा जिसमें इतनी सरल हिंदी में आपको इस Crisis से जुड़े जटिल सवालों के सरलतम जवाब मिले हों. तो सोच क्या रहे हैं, देख डालिए पढ़ाकू नितिन का ये एपिसोड जहां हमारे मेहमान हैं सिविल एविएशन एक्सपर्ट और एक्स पायलट हर्ष वर्धन. जिनसे हमने समझा  अचानक इतनी बड़ी Airline इतनी बुरी तरह फेल क्यों होती दिखी? क्या Possible कारण हैं? DGCA की ओर से, Airline की ओर से? Infrastructural दिक्कत है या Operational? इसी बहाने झांकेगे कि Indian Civil Aviation की दुनिया अंदर से दिखती कैसी है?  <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>3799</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b90fd6a489b834db3da848741ec7a730.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>India की सबसे बड़ी Security Company बनने की अनसुनी कहानी! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/india-ki-sabase-bari-security-company-banane-ki-anasuni-kahani-parhaku-nitina--68881732</link><description><![CDATA[कल्पना कीजिए, साल 1970 का दशक। इमरजेंसी का दौर। एक निडर पत्रकार बेखौफ होकर सरकार के खिलाफ आग उगलते लेख लिख रहा है। जब ऊपर से दबाव इतना बढ़ गया कि नौकरी छोड़नी पड़ी, तो उसने हार नहीं मानी। सीधे पहुंच गया जयप्रकाश नारायण के पास, जिन्होंने उस वक्त इंदिरा गांधी की कुर्सी हिला रखी थी।<br /> जेपी ने उसे सलाह दी,<br /> “कुछ ऐसा करो कि रिटायर हो रहे हमारे सैनिकों को सम्मान के साथ रोजगार मिले।”<br /> बस इसी एक सलाह से 1974 में जन्म हुआ एक छोटी-सी सिक्योरिटी कंपनी का, नाम रखा SIS, यानी Security and Intelligence Services (India)।<br /> आज, 50 साल बाद वही SIS:<br /> - भारत और ऑस्ट्रेलिया की नंबर-1 सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी<br /> - न्यूज़ीलैंड में तीसरे और सिंगापुर में पांचवें नंबर पर<br /> - NSE में लिस्टेड<br /> - 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी, यानी TCS, Infosys और Reliance के ठीक बाद चौथे नंबर पर - भारत की सबसे बड़ी एम्प्लॉयर<br /><br /> आपने कभी न कभी किसी मॉल, सोसाइटी या ऑफिस के गेट पर “SIS” का बैज लगाए गार्ड को जरूर देखा होगा। लेकिन हैरानी की बात ये है कि TCS, Infosys, Reliance तो हर कोई जानता है, पर SIS के बारे में हममें से ज्यादातर लोग आज भी अनजान हैं।<br /> इस गुमनाम दिग्गज की पूरी कहानी अब एक किताब में आ गई है, किताब का नाम है The SIS Story और लेखक हैं प्रिंस मैथ्यू थॉमस. यही प्रिंस थॉमस, पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं. सुनिए पूरा पॉडकास्ट <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68881732</guid><pubDate>Thu, 04 Dec 2025 14:56:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68881732/04_dec_25_pn_mix_4_dec_128.mp3" length="58375941" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कल्पना कीजिए, साल 1970 का दशक। इमरजेंसी का दौर। एक निडर पत्रकार बेखौफ होकर सरकार के खिलाफ आग उगलते लेख लिख रहा है। जब ऊपर से दबाव इतना बढ़ गया कि नौकरी छोड़नी पड़ी, तो उसने हार नहीं मानी। सीधे पहुंच गया जयप्रकाश नारायण के पास, जिन्होंने उस वक्त इंदिरा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कल्पना कीजिए, साल 1970 का दशक। इमरजेंसी का दौर। एक निडर पत्रकार बेखौफ होकर सरकार के खिलाफ आग उगलते लेख लिख रहा है। जब ऊपर से दबाव इतना बढ़ गया कि नौकरी छोड़नी पड़ी, तो उसने हार नहीं मानी। सीधे पहुंच गया जयप्रकाश नारायण के पास, जिन्होंने उस वक्त इंदिरा गांधी की कुर्सी हिला रखी थी।<br /> जेपी ने उसे सलाह दी,<br /> “कुछ ऐसा करो कि रिटायर हो रहे हमारे सैनिकों को सम्मान के साथ रोजगार मिले।”<br /> बस इसी एक सलाह से 1974 में जन्म हुआ एक छोटी-सी सिक्योरिटी कंपनी का, नाम रखा SIS, यानी Security and Intelligence Services (India)।<br /> आज, 50 साल बाद वही SIS:<br /> - भारत और ऑस्ट्रेलिया की नंबर-1 सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी<br /> - न्यूज़ीलैंड में तीसरे और सिंगापुर में पांचवें नंबर पर<br /> - NSE में लिस्टेड<br /> - 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी, यानी TCS, Infosys और Reliance के ठीक बाद चौथे नंबर पर - भारत की सबसे बड़ी एम्प्लॉयर<br /><br /> आपने कभी न कभी किसी मॉल, सोसाइटी या ऑफिस के गेट पर “SIS” का बैज लगाए गार्ड को जरूर देखा होगा। लेकिन हैरानी की बात ये है कि TCS, Infosys, Reliance तो हर कोई जानता है, पर SIS के बारे में हममें से ज्यादातर लोग आज भी अनजान हैं।<br /> इस गुमनाम दिग्गज की पूरी कहानी अब एक किताब में आ गई है, किताब का नाम है The SIS Story और लेखक हैं प्रिंस मैथ्यू थॉमस. यही प्रिंस थॉमस, पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं. सुनिए पूरा पॉडकास्ट <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>3649</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eaf62b54df8ba9c12f7e99d34d55876f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Delhi में Putin Modi Meet, India-Russia Summit से चिढ़ तो नहीं जाएंगे Trump? : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/delhi-mem-putin-modi-meet-india-russia-summit-se-cirha-to-nahim-ja-enge-trump-padhaku-nitin--68833551</link><description><![CDATA[जब भी मैं कोई फिल्म देखता हूँ, तो एक्टिंग के बारे में एक बात बार-बार समझ में आती है, कि असल खेल तो सही तरीके से रिएक्ट करने का होता है। हैरानी की बात है कि जियोपॉलिटिक्स को फॉलो करते वक्त भी बिलकुल वैसा ही लगता है, सब कुछ इसी पर टिका है कि आप सामने वाली स्थिति पर सही ढंग से रिएक्ट करें। एक देश दूसरे पर टैरिफ थोपकर दबाव बनाता है, दूसरा देश उसी हालत में डिप्लोमैटिकली रिएक्ट करता है, कुछ डील्स फाइनल करता है, बस यही जियोपॉलिटिक्स है। इस हफ्ते जियोपॉलिटिक्स के मैदान में दो बड़े-बड़े इवेंट हुए। पहला, 30 नवंबर को फ्लोरिडा में यूक्रेन पीस डील को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधि आपस में मिले। दूसरा बड़ा इवेंट है राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा। 2022 में यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है। इसका महत्व तो अपने आप में बहुत बड़ा है। लेकिन सवाल यह है कि यह महत्व कितना बड़ा है? किस स्तर का है? यूक्रेन की शांति वार्ता को लेकर इस वक्त क्या-क्या बातें चल रही हैं? क्या भारत इस मुलाकात के जरिए दुनिया को और खास तौर पर अमेरिका को कोई खास संदेश देना चाहता है? इन सारे एंग्ल्स को हम डीकोड करेंगे, एक-एक करके सारे सवाल पूछेंगे प्रोफेसर राजन कुमार से। रूस और सेंट्रल एशियन स्टडीज के बड़े जानकार हैं, जेएनयू में पढ़ाते हैं। पहले भी हमारे शो पर आ चुके हैं और पिछली बार जब आए थे तो आप लोगों ने उस एपिसोड को खूब सारा प्यार दिया था।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68833551</guid><pubDate>Tue, 02 Dec 2025 16:06:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68833551/02_dec_25_pn_mix_2_dec_128.mp3" length="56524800" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जब भी मैं कोई फिल्म देखता हूँ, तो एक्टिंग के बारे में एक बात बार-बार समझ में आती है, कि असल खेल तो सही तरीके से रिएक्ट करने का होता है। हैरानी की बात है कि जियोपॉलिटिक्स को फॉलो करते वक्त भी बिलकुल वैसा ही लगता है, सब कुछ इसी पर टिका है कि आप सामने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जब भी मैं कोई फिल्म देखता हूँ, तो एक्टिंग के बारे में एक बात बार-बार समझ में आती है, कि असल खेल तो सही तरीके से रिएक्ट करने का होता है। हैरानी की बात है कि जियोपॉलिटिक्स को फॉलो करते वक्त भी बिलकुल वैसा ही लगता है, सब कुछ इसी पर टिका है कि आप सामने वाली स्थिति पर सही ढंग से रिएक्ट करें। एक देश दूसरे पर टैरिफ थोपकर दबाव बनाता है, दूसरा देश उसी हालत में डिप्लोमैटिकली रिएक्ट करता है, कुछ डील्स फाइनल करता है, बस यही जियोपॉलिटिक्स है। इस हफ्ते जियोपॉलिटिक्स के मैदान में दो बड़े-बड़े इवेंट हुए। पहला, 30 नवंबर को फ्लोरिडा में यूक्रेन पीस डील को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधि आपस में मिले। दूसरा बड़ा इवेंट है राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा। 2022 में यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है। इसका महत्व तो अपने आप में बहुत बड़ा है। लेकिन सवाल यह है कि यह महत्व कितना बड़ा है? किस स्तर का है? यूक्रेन की शांति वार्ता को लेकर इस वक्त क्या-क्या बातें चल रही हैं? क्या भारत इस मुलाकात के जरिए दुनिया को और खास तौर पर अमेरिका को कोई खास संदेश देना चाहता है? इन सारे एंग्ल्स को हम डीकोड करेंगे, एक-एक करके सारे सवाल पूछेंगे प्रोफेसर राजन कुमार से। रूस और सेंट्रल एशियन स्टडीज के बड़े जानकार हैं, जेएनयू में पढ़ाते हैं। पहले भी हमारे शो पर आ चुके हैं और पिछली बार जब आए थे तो आप लोगों ने उस एपिसोड को खूब सारा प्यार दिया था।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>3533</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f2ed147b21a43e46d8d11e72d09acf27.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Dubai Plane Crash का सच, Fighter Jets की दुनिया और LCA Tejas बेचने की जल्दी! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dubai-plane-crash-ka-saca-fighter-jets-ki-duniya-aura-lca-tejas-becane-ki-jaldi-parhaku-nitina--68784670</link><description><![CDATA[21 नवंबर 2025 की दोपहर दुबई के मकतूम एयरपोर्ट से कुछ ख़बरें-विज़ुअल्स आए जिन्होंने भारतीयों का ध्यान ख़ींचा. ख़बर थी दुबई के एयरशो के दौरान हुए एक भारतीय फाइटर प्लेन तेजस के क्रैश होने की. तुरंत उभरी चिंता, दुख में तब बदली जब ये मालूम हुआ कि पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल ने इस क्रैश में अपनी जान भी गंवाई.  लेकिन बात सिर्फ़ दुख की नहीं थी, चिंता के विषय और भी हैं. क्योंकि न सिर्फ़ तेजस Indian Air Force का Indispensable हिस्सा है, बल्कि हम इस प्लेन को Export करने की दिशा में भी तेज़ी से काम कर रहे थे. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में हमने बात शुरू की इसी Crash से. समझा कि आखिर भारत दुबई के इस एयरशो में करने क्या गया था? समझा कि तेजस क्रैश की जांच किस तरह से आगे बढ़ रही है? कौन जांच करेगा? कैसे करेगा?  और ये भी कि आखिर कोई प्लेन क्रैश क्यों होता है? और ये भी कि भारतीय जेट के क्रैश होने पर पाकिस्तान में मीम्स क्यों बन रहे हैं? हमारे मेहमान हैं सीनियर डिफेंस जर्नलिस्ट संदीप उन्नीथन. इन्हें आप जानते ही हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा. <br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68784670</guid><pubDate>Fri, 28 Nov 2025 13:14:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68784670/25_nov_25_pn_25_nov_128.mp3" length="47840026" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>21 नवंबर 2025 की दोपहर दुबई के मकतूम एयरपोर्ट से कुछ ख़बरें-विज़ुअल्स आए जिन्होंने भारतीयों का ध्यान ख़ींचा. ख़बर थी दुबई के एयरशो के दौरान हुए एक भारतीय फाइटर प्लेन तेजस के क्रैश होने की. तुरंत उभरी चिंता, दुख में तब बदली जब ये मालूम हुआ कि पायलट...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[21 नवंबर 2025 की दोपहर दुबई के मकतूम एयरपोर्ट से कुछ ख़बरें-विज़ुअल्स आए जिन्होंने भारतीयों का ध्यान ख़ींचा. ख़बर थी दुबई के एयरशो के दौरान हुए एक भारतीय फाइटर प्लेन तेजस के क्रैश होने की. तुरंत उभरी चिंता, दुख में तब बदली जब ये मालूम हुआ कि पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल ने इस क्रैश में अपनी जान भी गंवाई.  लेकिन बात सिर्फ़ दुख की नहीं थी, चिंता के विषय और भी हैं. क्योंकि न सिर्फ़ तेजस Indian Air Force का Indispensable हिस्सा है, बल्कि हम इस प्लेन को Export करने की दिशा में भी तेज़ी से काम कर रहे थे. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में हमने बात शुरू की इसी Crash से. समझा कि आखिर भारत दुबई के इस एयरशो में करने क्या गया था? समझा कि तेजस क्रैश की जांच किस तरह से आगे बढ़ रही है? कौन जांच करेगा? कैसे करेगा?  और ये भी कि आखिर कोई प्लेन क्रैश क्यों होता है? और ये भी कि भारतीय जेट के क्रैश होने पर पाकिस्तान में मीम्स क्यों बन रहे हैं? हमारे मेहमान हैं सीनियर डिफेंस जर्नलिस्ट संदीप उन्नीथन. इन्हें आप जानते ही हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा. <br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>2990</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9935ec58728e804046ec9424ca505f5d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>उन्मुक्त चंद को विराट कोहली ने दी साइकिल, पापा ने नाप दी दुनिया! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/unmukta-canda-ko-virata-kohali-ne-di-sa-ikila-papa-ne-napa-di-duniya-parhaku-nitina--68770068</link><description><![CDATA[‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हम किताबी कीड़ों से हटकर एक असली घुमक्कड़ से मिल रहे हैं, जो खुद को टूरिस्ट नहीं, यात्री कहते हैं. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं साइक्लिस्ट और घुमक्कड़ भरत चंद ठाकुर. इन्होंने साइकिल से श्रीलंका को नाप डाला, दिल्ली से मुंबई तक सैर की, दुनिया के सबसे ऊंचे हाईवे में से एक पामीर हाईवे होते हुए ताजिकिस्तान को पार किया, भूटान को साइकिल पर घूम डाला और मनाली-लेह-लद्दाख भी हो आए. और सबसे मज़े की बात ये है कि अपनी साइक्लिंग की शुरुआत इन्होंने अपने बेटे की साइकिल से की थी, वो साइकिल जो विराट कोहली ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने पर उनके बेटे उन्मुक्त चंद को गिफ्ट की थी! जी हां, ये सज्जन न सिर्फ़ यात्री और टीचर हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे उन्मुक्त चंद के पिता भी हैं. बस पॉडकास्ट पूरा देखिएगा और Aajtak Radio को Subscribe करना न भूलिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68770068</guid><pubDate>Thu, 27 Nov 2025 13:08:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68770068/27_nov_25_pn_27_novv_128.mp3" length="68224731" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हम किताबी कीड़ों से हटकर एक असली घुमक्कड़ से मिल रहे हैं, जो खुद को टूरिस्ट नहीं, यात्री कहते हैं. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं साइक्लिस्ट और घुमक्कड़ भरत चंद ठाकुर. इन्होंने साइकिल से श्रीलंका को नाप डाला, दिल्ली से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हम किताबी कीड़ों से हटकर एक असली घुमक्कड़ से मिल रहे हैं, जो खुद को टूरिस्ट नहीं, यात्री कहते हैं. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं साइक्लिस्ट और घुमक्कड़ भरत चंद ठाकुर. इन्होंने साइकिल से श्रीलंका को नाप डाला, दिल्ली से मुंबई तक सैर की, दुनिया के सबसे ऊंचे हाईवे में से एक पामीर हाईवे होते हुए ताजिकिस्तान को पार किया, भूटान को साइकिल पर घूम डाला और मनाली-लेह-लद्दाख भी हो आए. और सबसे मज़े की बात ये है कि अपनी साइक्लिंग की शुरुआत इन्होंने अपने बेटे की साइकिल से की थी, वो साइकिल जो विराट कोहली ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने पर उनके बेटे उन्मुक्त चंद को गिफ्ट की थी! जी हां, ये सज्जन न सिर्फ़ यात्री और टीचर हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे उन्मुक्त चंद के पिता भी हैं. बस पॉडकास्ट पूरा देखिएगा और Aajtak Radio को Subscribe करना न भूलिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>4265</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/58ac088cdb3120b538348b244ab31003.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>PM Modi, Nitish Kumar से लेकर Chirag Paswan तक की पॉलिटिक्स समझा गए Rajdeep Sardesai! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pm-modi-nitish-kumar-se-lekara-chirag-paswan-taka-ki-politiksa-samajha-ga-e-rajdeep-sardesai-parhaku-nitina--68665550</link><description><![CDATA[इस बिहार चुनाव ने न जाने कितनों को चौंकाया! हुआ यूं कि Exit Polls के रुझानों में जो हवा, महागठबंधन के पक्ष में बन रही थी. वो असली नतीज़ों से आते ही हवा हो गई. जीत हुई NDA की और बिहार के नए सीएम बने, बिहार के पुराने सीएम नीतीश कुमार. लेकिन Exit Polls के आने से भी पहले से एक आवाज़ थी, जिसने नतीजों की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी. ये आवाज़ थी 1988 से चुनावों को देख समझ और ओढ़-बिछा रहे सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई की. आपने उन्हें टीवी और सोशल मीडिया पर खूब देखा होगा, लेकिन इस बात का वादा है कि इस पॉडकास्ट में आपको वो एक नए अंदाज़ में ही बात करते नज़र आएंगे. पढ़ाकू नितिन में हमने उनसे पूछा कि जब वो बिहार चुनाव की रिपोर्टिंग के लिए ग्राउंड पर उतरे तो क्या चुन कर लाए? उनसे समझा कि आखिर ऐसा क्या है कि पिछले कुछ सालों से नीतीश कुमार जिसकी गाड़ी में बैठते हैं, वही फर्स्ट आती है? ये भी समझा कि नीतीश के अलावा NDA में मौजूद BJP और LJP का प्रदर्शन किस हद तक चौंकाने वाला रहा? बात सिर्फ़ जीतने वालों पर ही नहीं हुई समझा महागठबंधन के मुखिया तेजस्वी यादव इस बार के चुनाव में क्यों चूके? और ये भी पूछा कि आख़िर Prashant Kishor का भविष्य बिहार की राजनीति में राजदीप को कैसा दिखता है? बहुत मज़ा आएगा. गारंटी है. बस पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68665550</guid><pubDate>Fri, 21 Nov 2025 02:30:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68665550/21_nov_25_pn_mix_20_nov_128.mp3" length="82148205" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस बिहार चुनाव ने न जाने कितनों को चौंकाया! हुआ यूं कि Exit Polls के रुझानों में जो हवा, महागठबंधन के पक्ष में बन रही थी. वो असली नतीज़ों से आते ही हवा हो गई. जीत हुई NDA की और बिहार के नए सीएम बने, बिहार के पुराने सीएम नीतीश कुमार. लेकिन Exit Polls...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस बिहार चुनाव ने न जाने कितनों को चौंकाया! हुआ यूं कि Exit Polls के रुझानों में जो हवा, महागठबंधन के पक्ष में बन रही थी. वो असली नतीज़ों से आते ही हवा हो गई. जीत हुई NDA की और बिहार के नए सीएम बने, बिहार के पुराने सीएम नीतीश कुमार. लेकिन Exit Polls के आने से भी पहले से एक आवाज़ थी, जिसने नतीजों की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी. ये आवाज़ थी 1988 से चुनावों को देख समझ और ओढ़-बिछा रहे सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई की. आपने उन्हें टीवी और सोशल मीडिया पर खूब देखा होगा, लेकिन इस बात का वादा है कि इस पॉडकास्ट में आपको वो एक नए अंदाज़ में ही बात करते नज़र आएंगे. पढ़ाकू नितिन में हमने उनसे पूछा कि जब वो बिहार चुनाव की रिपोर्टिंग के लिए ग्राउंड पर उतरे तो क्या चुन कर लाए? उनसे समझा कि आखिर ऐसा क्या है कि पिछले कुछ सालों से नीतीश कुमार जिसकी गाड़ी में बैठते हैं, वही फर्स्ट आती है? ये भी समझा कि नीतीश के अलावा NDA में मौजूद BJP और LJP का प्रदर्शन किस हद तक चौंकाने वाला रहा? बात सिर्फ़ जीतने वालों पर ही नहीं हुई समझा महागठबंधन के मुखिया तेजस्वी यादव इस बार के चुनाव में क्यों चूके? और ये भी पूछा कि आख़िर Prashant Kishor का भविष्य बिहार की राजनीति में राजदीप को कैसा दिखता है? बहुत मज़ा आएगा. गारंटी है. बस पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>5135</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4da1c1104a0841691901d7a07453a094.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pakistan की ट्रेनिंग से बना Taliban, उसी को क्यों तबाह करना चाहता है?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistan-ki-treninga-se-bana-taliban-usi-ko-kyom-tabaha-karana-cahata-hai-parhaku-nitina--68621480</link><description><![CDATA[भारत ने हाल ही में अपनी राजधानी दिल्ली में एक भयानक विस्फोट देखा। आप सभी ने इसकी खबरें जरूर सुनी-पढ़ी होंगी। इसके मात्र एक-दो दिन बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी एक घातक बम धमाका हुआ जिसमें 12 लोग मारे गए और 20 घायल हो गए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस हमले का जिम्मेदार सीधे काबुल को ठहराया और कहा कि अब अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच जंग सिर्फ डूरंड लाइन तक सीमित नहीं रही। इस हमले का समय भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ठीक कुछ दिन पहले ही इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता असफल हो चुकी थी।<br /> याद कीजिए, जब अफगान तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे, उसी दौरान भी खबरें थीं कि पाकिस्तान अफगानिस्तान पर बम बरसा रहा है।<br /> तो आज के पढ़ाकू नितिन World Affairs में हमारा पूरा फोकस पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर रहेगा। हम समझेंगे कि दोनों इस्लामिक देशों के बीच बॉर्डर पर हालात इतने बिगड़े क्यों हैं? असल विवाद क्या है?<br /> हाल ही में अफगानिस्तान ने ईरान के साथ जिस तरह की ट्रेड डील की है, उससे भी पाकिस्तान काफी बौखलाया हुआ है। हम साउथ एशिया में इन दोनों पड़ोसियों के बीच बदलते समीकरण को भी डीकोड करेंगे।<br /> और ये भी जानेंगे कि आखिर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस धमाके को भारत से क्यों जोड़ा?<br /> चूंकि पूरा मसला बॉर्डर का है, इसलिए हमारे साथ हैं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस और खासतौर पर बॉर्डर स्टडीज पढ़ाने वाले प्रोफेसर धनंजय त्रिपाठी।<br /> एपिसोड को अंत तक सुनिए और Aajtak Radio को सब्सक्राइब करना न भूलें।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68621480</guid><pubDate>Tue, 18 Nov 2025 16:51:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68621480/18_nov_25_pn_mix_18_nov_128.mp3" length="55301015" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत ने हाल ही में अपनी राजधानी दिल्ली में एक भयानक विस्फोट देखा। आप सभी ने इसकी खबरें जरूर सुनी-पढ़ी होंगी। इसके मात्र एक-दो दिन बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी एक घातक बम धमाका हुआ जिसमें 12 लोग मारे गए और 20 घायल हो गए। पाकिस्तान के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत ने हाल ही में अपनी राजधानी दिल्ली में एक भयानक विस्फोट देखा। आप सभी ने इसकी खबरें जरूर सुनी-पढ़ी होंगी। इसके मात्र एक-दो दिन बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी एक घातक बम धमाका हुआ जिसमें 12 लोग मारे गए और 20 घायल हो गए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस हमले का जिम्मेदार सीधे काबुल को ठहराया और कहा कि अब अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच जंग सिर्फ डूरंड लाइन तक सीमित नहीं रही। इस हमले का समय भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ठीक कुछ दिन पहले ही इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता असफल हो चुकी थी।<br /> याद कीजिए, जब अफगान तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे, उसी दौरान भी खबरें थीं कि पाकिस्तान अफगानिस्तान पर बम बरसा रहा है।<br /> तो आज के पढ़ाकू नितिन World Affairs में हमारा पूरा फोकस पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर रहेगा। हम समझेंगे कि दोनों इस्लामिक देशों के बीच बॉर्डर पर हालात इतने बिगड़े क्यों हैं? असल विवाद क्या है?<br /> हाल ही में अफगानिस्तान ने ईरान के साथ जिस तरह की ट्रेड डील की है, उससे भी पाकिस्तान काफी बौखलाया हुआ है। हम साउथ एशिया में इन दोनों पड़ोसियों के बीच बदलते समीकरण को भी डीकोड करेंगे।<br /> और ये भी जानेंगे कि आखिर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस धमाके को भारत से क्यों जोड़ा?<br /> चूंकि पूरा मसला बॉर्डर का है, इसलिए हमारे साथ हैं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस और खासतौर पर बॉर्डर स्टडीज पढ़ाने वाले प्रोफेसर धनंजय त्रिपाठी।<br /> एपिसोड को अंत तक सुनिए और Aajtak Radio को सब्सक्राइब करना न भूलें।<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>3457</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b520374c642f97da40f708cf7656502f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Zubeen Garg को मारने की धमकी किसने दी थी, Singer का Fan क्यों है पूरा Assam?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/zubeen-garg-ko-marane-ki-dhamaki-kisane-di-thi-singer-ka-fan-kyom-hai-pura-assam-parhaku-nitina--68552774</link><description><![CDATA[असमिया सिंगर और म्यूज़िशियन ज़ुबिन गर्ग की मौत को लेकर जनता के दिल में सिर्फ़ शोक नहीं, क्षोभ भी है. कारण है वो रहस्यमयी हालात जिनमें उनकी मृत्यु हुई और वो Questionable तरीका जिस तरह से उनकी मृत्यु की Investigation की गई. 19 सितंबर 2025 में हुई ज़ुबिन की मौत जहां पहले हादसा लगी, फिर साज़िश और अब इस साज़िश में शामिल हो चुकी हैं कई और परतें. इन्हीं परतों को आज खोलेंगे.  समझेंगे कि आखिर Zubeen Garg असम के लिए कौन थे, 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में Exactly हुआ क्या था? क्या कुछ लोग हैं जो इस केस के सॉल्व होने में बाधा बन रहे हैं? वहीं ज़ुबिन जिन्होंने गाया पॉलिटिक्स नोकोरिबा बोन्धू…. उन्हीं की मौत पर राजनीति क्यों हो रही है? इस एपिसोड में हमारे साथ हैं India Today NE को संभालने वाले… साथ ही India Today Magazine के Managing Editor Kaushik Deka.. जिन्होंने न सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी के कई साल ज़ुबिन गर्ग के साथ बिताए.. बल्कि वो उन चंद लोगों में से हैं जो ज़ुबिन के जाने के बाद भी लगातार उनके केस पर लिख रहे हैं. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68552774</guid><pubDate>Thu, 13 Nov 2025 12:50:00 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68552774/12_nov_25_pn_12_nov_128.mp3" length="58685231" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>असमिया सिंगर और म्यूज़िशियन ज़ुबिन गर्ग की मौत को लेकर जनता के दिल में सिर्फ़ शोक नहीं, क्षोभ भी है. कारण है वो रहस्यमयी हालात जिनमें उनकी मृत्यु हुई और वो Questionable तरीका जिस तरह से उनकी मृत्यु की Investigation की गई. 19 सितंबर 2025 में हुई ज़ुबिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[असमिया सिंगर और म्यूज़िशियन ज़ुबिन गर्ग की मौत को लेकर जनता के दिल में सिर्फ़ शोक नहीं, क्षोभ भी है. कारण है वो रहस्यमयी हालात जिनमें उनकी मृत्यु हुई और वो Questionable तरीका जिस तरह से उनकी मृत्यु की Investigation की गई. 19 सितंबर 2025 में हुई ज़ुबिन की मौत जहां पहले हादसा लगी, फिर साज़िश और अब इस साज़िश में शामिल हो चुकी हैं कई और परतें. इन्हीं परतों को आज खोलेंगे.  समझेंगे कि आखिर Zubeen Garg असम के लिए कौन थे, 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में Exactly हुआ क्या था? क्या कुछ लोग हैं जो इस केस के सॉल्व होने में बाधा बन रहे हैं? वहीं ज़ुबिन जिन्होंने गाया पॉलिटिक्स नोकोरिबा बोन्धू…. उन्हीं की मौत पर राजनीति क्यों हो रही है? इस एपिसोड में हमारे साथ हैं India Today NE को संभालने वाले… साथ ही India Today Magazine के Managing Editor Kaushik Deka.. जिन्होंने न सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी के कई साल ज़ुबिन गर्ग के साथ बिताए.. बल्कि वो उन चंद लोगों में से हैं जो ज़ुबिन के जाने के बाद भी लगातार उनके केस पर लिख रहे हैं. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>3668</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/510a85c2362b67d7e0aabad20f72ebcf.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Zohran Mamdani की जीत क्यों चाहते थे US President Donald Trump?: Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/zohran-mamdani-ki-jita-kyom-cahate-the-us-president-donald-trump-padhaku-nitin--68538825</link><description><![CDATA[New York City.. अगर आप अमेरिकी Sitcoms के शौकीन रहे हैं तो इस नाम और इसकी लंबी लंबी इमारतों से वाकिफ़ होंगे. इस बड़े से शहर में Times Square से लेकर Wall Street भी है, लेकिन पिछले हफ़्ते ये शहर अपने Mayoral Elections के लिए चर्चाओं में रहा. इसी Election में जीत दर्ज की Indian Filmmaker Mira Nair के बेटे ज़ोहरान ममदानी ने. अब इंडियन जड़ों वाले ममदानी ने न सिर्फ़ अपनी विनिंग स्पीच में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को कोट किया, आखिर में धूम मचाले धूम के संगीत पर झूमे. बल्कि उसी मंच से उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी ललकारा. भारत में उनकी वीडियोज़ खूब वायरल हो रही हैं. उन पर एक एपिसोड हम पहले भी कर चुके हैं. लेकिन इस पॉडकास्ट में बात करेंगे कि जिन मुद्दों पर ज़ोहरान जीत पाए, उन्हें अंजाम तक पहुंचाना कितना Practical है? ट्रंप, ज़ोहरान ममदानी से चिढ़ते क्यों है? और आखिर New York City में पिछले 100 सालों में एक भी Republican क्यों नहीं जीत पाया? हमने पूछे ये सभी सवाल Washington DC में रहने वाले Journalist Rohit Sharma के साथ. पूरा पॉडकास्ट सुनिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68538825</guid><pubDate>Wed, 12 Nov 2025 15:47:33 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68538825/12_nov_25_pn_zoom_12_nov_128.mp3" length="66452166" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>New York City.. अगर आप अमेरिकी Sitcoms के शौकीन रहे हैं तो इस नाम और इसकी लंबी लंबी इमारतों से वाकिफ़ होंगे. इस बड़े से शहर में Times Square से लेकर Wall Street भी है, लेकिन पिछले हफ़्ते ये शहर अपने Mayoral Elections के लिए चर्चाओं में रहा. इसी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[New York City.. अगर आप अमेरिकी Sitcoms के शौकीन रहे हैं तो इस नाम और इसकी लंबी लंबी इमारतों से वाकिफ़ होंगे. इस बड़े से शहर में Times Square से लेकर Wall Street भी है, लेकिन पिछले हफ़्ते ये शहर अपने Mayoral Elections के लिए चर्चाओं में रहा. इसी Election में जीत दर्ज की Indian Filmmaker Mira Nair के बेटे ज़ोहरान ममदानी ने. अब इंडियन जड़ों वाले ममदानी ने न सिर्फ़ अपनी विनिंग स्पीच में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को कोट किया, आखिर में धूम मचाले धूम के संगीत पर झूमे. बल्कि उसी मंच से उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी ललकारा. भारत में उनकी वीडियोज़ खूब वायरल हो रही हैं. उन पर एक एपिसोड हम पहले भी कर चुके हैं. लेकिन इस पॉडकास्ट में बात करेंगे कि जिन मुद्दों पर ज़ोहरान जीत पाए, उन्हें अंजाम तक पहुंचाना कितना Practical है? ट्रंप, ज़ोहरान ममदानी से चिढ़ते क्यों है? और आखिर New York City में पिछले 100 सालों में एक भी Republican क्यों नहीं जीत पाया? हमने पूछे ये सभी सवाल Washington DC में रहने वाले Journalist Rohit Sharma के साथ. पूरा पॉडकास्ट सुनिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>4154</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/33540be1ec5552826ec7904c6e1e1c76.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Bihar में घूम रहे Journalists ने समझाया सीमांचल का गणित! पढ़ाकू नितिन, Bihar Election 2025 Special</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bihar-mem-ghuma-rahe-journalists-ne-samajhaya-simancala-ka-ganita-parhaku-nitina-bihar-election-2025-special--68450616</link><description><![CDATA[Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने खोला Bihar Election 2025 की परतों को … समझा कि आखिर बिहार चुनाव 2025 में कौन से मुद्दे सबसे ज़्यादा अहम साबित हो सकते हैं ग्राउंड पर? जनता के लिए क्या है Non-negotiable? आपसी गठबंधन में अंदरखाने क्या Insecurities हैं? तीन बड़े फोर्सेज़ जो नज़र आ रहे हैं, वो कहां कहां मात खा रहे हैं? बात की बिहार के Socio Economic Structure की भी, ताकि मुद्दों को बेहतरी से समझ पाएं और बात की जंगलराज और बाहुबल की राजनीति की भी. बिहार से जोड़े गए दो लोग. पहले, Political Economist Pushpendra और दूसरे India Today Magazine के लिए लिखने वाले और बिहार की राजनीति पर पकड़ रखने वाले Pushyamitra. दोनों ही ग्राउंड पर हैं. लगातार लोगों से मिल रहे हैं, रैलियां देखकर रहे हैं. तो बिहार चुनाव में हमारे संजय तो यहीं हैं. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68450616</guid><pubDate>Thu, 06 Nov 2025 17:51:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68450616/06_nov_25_pn_6_nov_128.mp3" length="89718282" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने खोला Bihar Election 2025 की परतों को … समझा कि आखिर बिहार चुनाव 2025 में कौन से मुद्दे सबसे ज़्यादा अहम साबित हो सकते हैं ग्राउंड पर? 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ज़रूरत महसूस होती है गाज़ा के पूरे Crisis की तरफ़ दो कदम पीछे हटकर देखने की और क्या ये सीज़फायर जो इससे पहले भी इतनी दफ़ा हुआ, फिर ब्रेक हुआ. क्या वो अब Survive कर पाएगा? लेकिन इस बार फिलिस्तीन के मुद्दे पर बात करने के लिए कोई प्रोफेसर या कोई डिप्लोमेट नहीं आए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन World Affairs में हमारे मेहमान हैं, KC Tyagi. जिन्हें ज़्यादातर लोग समाजवादी आंदोलन के बड़े नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद के तौर पर जानते हैं. लेकिन वो फिलिस्तीन के हक में बात करने वाले International Institution League of Parliamentarian for Al-quds and Palestine के मेंबर भी हैं.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68416002</guid><pubDate>Tue, 04 Nov 2025 15:55:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68416002/04_nov_25_pn_mix_4_nov_128.mp3" length="55549701" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>9 अक्टूबर, 2025 को फ़िलिस्तीन इज़रायल के बीच Egypt में Ceasefire deal साइन हुई. अगले ही दिन इज़रायली कैबिनेट ने इसे पास किया. हालांकि वो अलग बात है, कि उसके बाद भी वहां Israeli Airstrike की ख़बरें फिर आईं. अब गाज़ा से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जहां लोग...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[9 अक्टूबर, 2025 को फ़िलिस्तीन इज़रायल के बीच Egypt में Ceasefire deal साइन हुई. अगले ही दिन इज़रायली कैबिनेट ने इसे पास किया. हालांकि वो अलग बात है, कि उसके बाद भी वहां Israeli Airstrike की ख़बरें फिर आईं. अब गाज़ा से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जहां लोग बड़ी संख्या में अपने घर लौट रहे हैं. लेकिन घरों के नाम पर वहां बचा है मलबा. बड़ी दिक्कत ये है कि उन्हें इसी मलबे को पहचानकर पता लगाना है, कि हां यहां उनका घर था. यहां उनका पड़ोस. कईयों को तो उसी मलबे में दबे अपने परिवार भी ढूंढने पड़ रहे हैं.. ये दृश्य सोचने पर मजबूर तो करते हैं कि आखिर ये मसला यहां तक पहुंचा कैसे? ज़रूरत महसूस होती है गाज़ा के पूरे Crisis की तरफ़ दो कदम पीछे हटकर देखने की और क्या ये सीज़फायर जो इससे पहले भी इतनी दफ़ा हुआ, फिर ब्रेक हुआ. क्या वो अब Survive कर पाएगा? लेकिन इस बार फिलिस्तीन के मुद्दे पर बात करने के लिए कोई प्रोफेसर या कोई डिप्लोमेट नहीं आए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन World Affairs में हमारे मेहमान हैं, KC Tyagi. जिन्हें ज़्यादातर लोग समाजवादी आंदोलन के बड़े नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद के तौर पर जानते हैं. लेकिन वो फिलिस्तीन के हक में बात करने वाले International Institution League of Parliamentarian for Al-quds and Palestine के मेंबर भी हैं.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>3472</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/70ef8d50fd66eba52cafa3faad64ba11.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Indian Ocean का खेल, चीन की हैरतअंगेज़ Navy और Indian Navy की सबसे बड़ी दिक्कत!: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/indian-ocean-ka-khela-cina-ki-hairata-angeza-navy-aura-indian-navy-ki-sabase-bari-dikkata-parhaku-nitina--68349839</link><description><![CDATA[जिस देश की Navy जितनी ताकतवर होगी, उसका सागरों पर जितना कंट्रोल होगा. यही है मेहैनियन डोक्टरीन. इसी डोक्टरीन पर चलता नज़र आ रहा है हमारा पड़ोसी चीन. जिसने 2010 के बाद से अपनी नेवी की ताकत बढ़ाने की रफ्तार इस कदर पकड़ी की आज चीन हर पांच साल में उतनी बड़ी नेवी खड़ी कर सकता है, जितनी भारत के पास मौजूदा वक्त पर है. चिंता वाली बात ये है- कि इतनी बड़ी नेवी के साथ वो सिर्फ़ साउथ चाइना सी तक तो महदूद नहीं रहने वाला? क्या उसका Influence Indian Ocean में भी बढ़ रहा है? या बढ़ेगा? तो हमने सोचा कि आपके चहीते Senior Defence Journalist Sandeep Unnithan को फिर दावत दी जाए. और उनसे समझा जाए कि Indian Ocean के Power Dynamics फिलहाल किस तरह के हैं? भारतीय नेवी चीन के सामने कहां स्टैंड करती हैं? Indian Ocean में आधिपत्य बनाने के लिए भारत क्या कर रहा है? अगर Indian Navy ताकतवर है तो क्या कारण हैं? अगर कमज़ोर है तो क्या कारण हैं? क्या पानी में लड़ने की Tactics बदल जाती हैं? हथियार किस तरह बदल जाते हैं? और Indian Ocean में भविष्य में क्या खेल देखने को मिल सकता है? आप जल्दी से आजतक रेडियो को Subscribe कर लीजिए.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68349839</guid><pubDate>Thu, 30 Oct 2025 14:22:53 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68349839/30_oct_25_pn_30_october_128.mp3" length="68616777" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जिस देश की Navy जितनी ताकतवर होगी, उसका सागरों पर जितना कंट्रोल होगा. यही है मेहैनियन डोक्टरीन. इसी डोक्टरीन पर चलता नज़र आ रहा है हमारा पड़ोसी चीन. जिसने 2010 के बाद से अपनी नेवी की ताकत बढ़ाने की रफ्तार इस कदर पकड़ी की आज चीन हर पांच साल में उतनी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जिस देश की Navy जितनी ताकतवर होगी, उसका सागरों पर जितना कंट्रोल होगा. यही है मेहैनियन डोक्टरीन. इसी डोक्टरीन पर चलता नज़र आ रहा है हमारा पड़ोसी चीन. जिसने 2010 के बाद से अपनी नेवी की ताकत बढ़ाने की रफ्तार इस कदर पकड़ी की आज चीन हर पांच साल में उतनी बड़ी नेवी खड़ी कर सकता है, जितनी भारत के पास मौजूदा वक्त पर है. चिंता वाली बात ये है- कि इतनी बड़ी नेवी के साथ वो सिर्फ़ साउथ चाइना सी तक तो महदूद नहीं रहने वाला? क्या उसका Influence Indian Ocean में भी बढ़ रहा है? या बढ़ेगा? तो हमने सोचा कि आपके चहीते Senior Defence Journalist Sandeep Unnithan को फिर दावत दी जाए. और उनसे समझा जाए कि Indian Ocean के Power Dynamics फिलहाल किस तरह के हैं? भारतीय नेवी चीन के सामने कहां स्टैंड करती हैं? Indian Ocean में आधिपत्य बनाने के लिए भारत क्या कर रहा है? अगर Indian Navy ताकतवर है तो क्या कारण हैं? अगर कमज़ोर है तो क्या कारण हैं? क्या पानी में लड़ने की Tactics बदल जाती हैं? हथियार किस तरह बदल जाते हैं? और Indian Ocean में भविष्य में क्या खेल देखने को मिल सकता है? आप जल्दी से आजतक रेडियो को Subscribe कर लीजिए.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>4289</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ce8f78a88cea2a2227021d5981aeeb45.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nobel Peace Prize जीतने वाले Venezuela पर बम बरसने वाले हैं? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nobel-peace-prize-jitane-vale-venezuela-para-bama-barasane-vale-haim-parhaku-nitina--68313851</link><description><![CDATA[यूं तो हर बीतते पल के साथ देश-दुनिया में कुछ न कुछ घटता है. मगर इन्हीं में कुछ घटनाएं ऐतिहासिक तब बन जाती हैं जब उनसे प्रभावित होने वालों का आंकड़ा सैंकड़ों में हो. इन्हीं में से एक घटना थी 9/11. दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक. एक तरफ़ जहां इस घटना ने मानवता को झंझोड़ा, दूसरी तरफ़ ये घटना Geopolitics के लिहाज़ से काफ़ी निर्णायक साबित हुई. इस हमले के आरोपी ओसामा बिन लादेन के सिर पर 25 मिलियन यानि करीब 210 करोड़ का इनाम रखा गया था. लेकिन हाल ही में अमेरिका ने एक देश के राष्ट्रपति के सिर पर इससे दोगुना इनाम रखा, 420 करोड़ या कहें कि 50 मिलियन डॉलर. इतना ही नहीं, अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने CIA को इस देश में Covert Operation Conduct करने की परमिशन दी. दूसरी ओर दुनिया का सबसे बड़ा Aircraft Carrier USS Gerald Ford भी इस देश की दहलीज़ पर खड़ा कर दिया है. ये देश न तो दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है. न सबसे बड़ा हथियारों का सप्लायर. न ही इस देश पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है. लेकिन फिर भी इस देश में अमेरिका अपनी फौज़ उतारने पर उतारू है. ये देश है Venezuela. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में बात इसी पर होगी. हमारे साथ हैं प्रतिष्ठित Think Tank Observer Research Foundation से जुड़े Geopolitical Analyst Vivek Mishra. जिनसे हमने पूछा कि आखिर Venezuela में घट क्या रहा है? ट्रंप इस देश के राष्ट्रपति से इतने चिढ़े हुए क्यों है? अमेरिका कैरिबियन सी में सितंबर से अबतक 10 नावों को क्यों बम से उड़ा चुका है? और वेनेज़ुएला के इस राष्ट्रपति को अमेरिका 2019 के बाद से राष्ट्रपति न कहकर Drug Kingpin क्यों कहता है? Subscribe कर लीजिए आजतक रेडियो के यूट्यूब चैनल को ताकि ऐसे और मज़ेदार एपिसोड आप तक तुरंत पहुंचे.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68313851</guid><pubDate>Tue, 28 Oct 2025 16:00:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68313851/28_oct_25_pn_mix_28_oct_128.mp3" length="55601528" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>यूं तो हर बीतते पल के साथ देश-दुनिया में कुछ न कुछ घटता है. मगर इन्हीं में कुछ घटनाएं ऐतिहासिक तब बन जाती हैं जब उनसे प्रभावित होने वालों का आंकड़ा सैंकड़ों में हो. इन्हीं में से एक घटना थी 9/11. दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक. एक तरफ़...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[यूं तो हर बीतते पल के साथ देश-दुनिया में कुछ न कुछ घटता है. मगर इन्हीं में कुछ घटनाएं ऐतिहासिक तब बन जाती हैं जब उनसे प्रभावित होने वालों का आंकड़ा सैंकड़ों में हो. इन्हीं में से एक घटना थी 9/11. दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक. एक तरफ़ जहां इस घटना ने मानवता को झंझोड़ा, दूसरी तरफ़ ये घटना Geopolitics के लिहाज़ से काफ़ी निर्णायक साबित हुई. इस हमले के आरोपी ओसामा बिन लादेन के सिर पर 25 मिलियन यानि करीब 210 करोड़ का इनाम रखा गया था. लेकिन हाल ही में अमेरिका ने एक देश के राष्ट्रपति के सिर पर इससे दोगुना इनाम रखा, 420 करोड़ या कहें कि 50 मिलियन डॉलर. इतना ही नहीं, अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने CIA को इस देश में Covert Operation Conduct करने की परमिशन दी. दूसरी ओर दुनिया का सबसे बड़ा Aircraft Carrier USS Gerald Ford भी इस देश की दहलीज़ पर खड़ा कर दिया है. ये देश न तो दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है. न सबसे बड़ा हथियारों का सप्लायर. न ही इस देश पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है. लेकिन फिर भी इस देश में अमेरिका अपनी फौज़ उतारने पर उतारू है. ये देश है Venezuela. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में बात इसी पर होगी. हमारे साथ हैं प्रतिष्ठित Think Tank Observer Research Foundation से जुड़े Geopolitical Analyst Vivek Mishra. जिनसे हमने पूछा कि आखिर Venezuela में घट क्या रहा है? ट्रंप इस देश के राष्ट्रपति से इतने चिढ़े हुए क्यों है? अमेरिका कैरिबियन सी में सितंबर से अबतक 10 नावों को क्यों बम से उड़ा चुका है? और वेनेज़ुएला के इस राष्ट्रपति को अमेरिका 2019 के बाद से राष्ट्रपति न कहकर Drug Kingpin क्यों कहता है? Subscribe कर लीजिए आजतक रेडियो के यूट्यूब चैनल को ताकि ऐसे और मज़ेदार एपिसोड आप तक तुरंत पहुंचे.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></itunes:summary><itunes:duration>3476</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fcf6344f10fe65aabaea3a0c51d18604.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>काले ताज महल, गुंबद और 22 कमरों के राज़ का खुलासा! : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kale-taja-mahala-gumbada-aura-22-kamarom-ke-raza-ka-khulasa-parhaku-nitina--68264923</link><description><![CDATA[ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों के ताज महल के संदर्भ में उठता रहा है. क्या ताज महल दरअसल तेजो महालय था? यानि एक शिव मंदिर? क्या हमें पढ़ाया गया इतिहास झूठा है? इस तेजो महालय वाली थ्योरी के सेंटर में कौनसे तर्क हैं? क्या है उन 22 कमरों का रहस्य जो ताज महल के नीचे मौजूद हैं? इतने सारे दावों के बीच एक दावा पक्का है- इन सवालों के जवाब देने के लिए जो प्रोफेसर साहब हमारे मेहमान हैं, वो ताज महल पर बात करने के लिए सबसे मुफ़ीद नाम हैं.  मध्यकालीन इतिहास पर लेक्चर देने के लिए लंदन से पेरिस तक बुलाए जाने वाले, 50 से ज़्यादा Research papers और 2 किताबें लिखने वाले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के Centre of Advanced Studies, History Department के चेयरमैन रह चुके और इससे पहले हमारे एपिसोड नंबर 44 में शिरकत करने वाले Professor सैयद अली नदीम रिज़वी. एपिसोड दो पार्ट में रिलीज़ कर रहे हैं. ये दूसरा वाला है. प्यार भी दोगुना दीजिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68264923</guid><pubDate>Fri, 24 Oct 2025 12:55:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68264923/24_oct_25_pn_audio_second_part_24_oct_128.mp3" length="72850703" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों के ताज महल के संदर्भ में उठता रहा है. क्या ताज महल दरअसल तेजो महालय था? यानि एक शिव मंदिर? क्या हमें पढ़ाया गया इतिहास झूठा है? इस तेजो महालय वाली थ्योरी के सेंटर में कौनसे तर्क हैं? क्या है उन 22 कमरों का रहस्य जो ताज महल के नीचे मौजूद हैं? इतने सारे दावों के बीच एक दावा पक्का है- इन सवालों के जवाब देने के लिए जो प्रोफेसर साहब हमारे मेहमान हैं, वो ताज महल पर बात करने के लिए सबसे मुफ़ीद नाम हैं.  मध्यकालीन इतिहास पर लेक्चर देने के लिए लंदन से पेरिस तक बुलाए जाने वाले, 50 से ज़्यादा Research papers और 2 किताबें लिखने वाले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के Centre of Advanced Studies, History Department के चेयरमैन रह चुके और इससे पहले हमारे एपिसोड नंबर 44 में शिरकत करने वाले Professor सैयद अली नदीम रिज़वी. एपिसोड दो पार्ट में रिलीज़ कर रहे हैं. ये दूसरा वाला है. प्यार भी दोगुना दीजिएगा. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>4554</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7e32a2e7f194077d6acd9d9ead98231a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Taj Mahal पर लगे कलश, त्रिशूल और कमल के पीछे का पूरा सच क्या है?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/taj-mahal-para-lage-kalasa-trisula-aura-kamala-ke-piche-ka-pura-saca-kya-hai-parhaku-nitina--68253364</link><description><![CDATA[ताज महल का अगर Architectural पहलू हटा दें. तो उसकी दो इमेज हैं. एक शकील बदायूंनी का शेर है- <br /> एक शहंशाह ने बनवा के ताज महल… <br /> पूरी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है. <br /><br /> जबकि दूसरी तरफ़ साहिर लुधियानवी लिखते हैं कि- <br /> ये चमन-ज़ार ये जमुना का किनारा ये महल….ये मुनक़्क़श दर ओ दीवार ये मेहराब ये ताक़… इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर….हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़…मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझ से...<br /><br /> इसी ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों के ताज महल के संदर्भ में उठता रहा है. क्या ताज महल दरअसल तेजो महालय था? यानि एक शिव मंदिर? क्या हमें पढ़ाया गया इतिहास झूठा है? इस तेजो महालय वाली थ्योरी के सेंटर में कौनसे तर्क हैं? क्या है उन 22 कमरों का रहस्य जो ताज महल के नीचे मौजूद हैं? इतने सारे दावों के बीच एक दावा पक्का है- इन सवालों के जवाब देने के लिए जो प्रोफेसर साहब हमारे मेहमान हैं, वो ताज महल पर बात करने के लिए सबसे मुफ़ीद नाम हैं.  मध्यकालीन इतिहास पर लेक्चर देने के लिए लंदन से पेरिस तक बुलाए जाने वाले, 50 से ज़्यादा Research papers और 2 किताबें लिखने वाले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के Centre of Advanced Studies, History Department के चेयरमैन रह चुके और इससे पहले हमारे एपिसोड नंबर 44 में शिरकत करने वाले Professor सैयद अली नदीम रिज़वी. एपिसोड दो पार्ट में रिलीज़ कर रहे हैं. प्यार भी दोगुना दीजिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68253364</guid><pubDate>Thu, 23 Oct 2025 14:19:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68253364/23_oct_25_pn_23_oct_128.mp3" length="53737848" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ताज महल का अगर Architectural पहलू हटा दें. तो उसकी दो इमेज हैं. एक शकील बदायूंनी का शेर है- &#13;
एक शहंशाह ने बनवा के ताज महल… &#13;
पूरी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है. &#13;
&#13;
जबकि दूसरी तरफ़ साहिर लुधियानवी लिखते हैं कि- &#13;
ये चमन-ज़ार ये जमुना का किनारा ये...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ताज महल का अगर Architectural पहलू हटा दें. तो उसकी दो इमेज हैं. एक शकील बदायूंनी का शेर है- <br /> एक शहंशाह ने बनवा के ताज महल… <br /> पूरी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है. <br /><br /> जबकि दूसरी तरफ़ साहिर लुधियानवी लिखते हैं कि- <br /> ये चमन-ज़ार ये जमुना का किनारा ये महल….ये मुनक़्क़श दर ओ दीवार ये मेहराब ये ताक़… इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर….हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़…मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझ से...<br /><br /> इसी ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों के ताज महल के संदर्भ में उठता रहा है. क्या ताज महल दरअसल तेजो महालय था? यानि एक शिव मंदिर? क्या हमें पढ़ाया गया इतिहास झूठा है? इस तेजो महालय वाली थ्योरी के सेंटर में कौनसे तर्क हैं? क्या है उन 22 कमरों का रहस्य जो ताज महल के नीचे मौजूद हैं? इतने सारे दावों के बीच एक दावा पक्का है- इन सवालों के जवाब देने के लिए जो प्रोफेसर साहब हमारे मेहमान हैं, वो ताज महल पर बात करने के लिए सबसे मुफ़ीद नाम हैं.  मध्यकालीन इतिहास पर लेक्चर देने के लिए लंदन से पेरिस तक बुलाए जाने वाले, 50 से ज़्यादा Research papers और 2 किताबें लिखने वाले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के Centre of Advanced Studies, History Department के चेयरमैन रह चुके और इससे पहले हमारे एपिसोड नंबर 44 में शिरकत करने वाले Professor सैयद अली नदीम रिज़वी. एपिसोड दो पार्ट में रिलीज़ कर रहे हैं. प्यार भी दोगुना दीजिएगा.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>3359</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/334ad261a291f21ba8344b1b02c746bb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Deoband का आज़ादी की लड़ाई, भारत-पाक बंटवारे और तालिबान के बनने में है क्या Role?: Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/deoband-ka-azadi-ki-lara-i-bharata-paka-bantavare-aura-talibana-ke-banane-mem-hai-kya-role-padhaku-nitin--68163784</link><description><![CDATA[सोशल मीडिया पर कुछ दिन से अचानक अफ़ग़ानिस्तान Trend करने लगा है. कारण? तालिबान सरकार के Acting Foreign Minister Amir Khan Muttaqi का भारत दौरा. यूं तो इस दौरान कई चर्चाओं ने जन्म लिया. मगर गौर करने वाली बात ये है कि वो यूपी के एक शहर देवबंद गए. जहां एक बहुत बड़े हुजूम ने उनका स्वागत किया. ये शहर देवबंद था. मगर देवबंद और तालिबान के बीच में कनेक्शन क्या है? और उससे भी ज़रूरी बात ये देवबंद में ऐसा ख़ास क्या है? पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने इन्हीं सवालों के जवाब मांगे असद मिर्ज़ा से. देवबंद पर किताब- Demystifying Madrasah And Deobandi Islam लिखने वाले असद मिर्ज़ा साहब. दुबई के खलीज टाइम्स, BBC Urdu में सेवाएं दे चुके हैं. और इस एपिसोड में हमने उनसे देवबंद.. वहां पनपे इस्लाम और उसके तालिबान से रिश्ते पर बात की.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: अमन पाल]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68163784</guid><pubDate>Thu, 16 Oct 2025 12:34:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68163784/16_oct_25_pn_classic_mix_16_octttt_128.mp3" length="69647882" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सोशल मीडिया पर कुछ दिन से अचानक अफ़ग़ानिस्तान Trend करने लगा है. कारण? 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इसी बीच, अफ़ग़ान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताक़ी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक भी महिला पत्रकार को जगह नहीं मिली, जिससे लोकतंत्र और समानता के हमारे मूल्यों पर भी सवाल उठे. बाद में एक दूसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस रखी गई, जिसमें महिला पत्रकारों को आगे बैठाया गया, इन्हीं में से एक थीं गीता मोहन, इंडिया टुडे ग्रुप की फॉरन अफ़ेयर्स एडिटर जो इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की मेहमान हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68134763</guid><pubDate>Tue, 14 Oct 2025 16:10:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68134763/14_oct_25_pn_14_oct_128.mp3" length="53016032" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अफ़ग़ानिस्तान… एक ऐसा देश जो हमेशा से रणनीति और ताक़त के खेल का मैदान रहा है. चार साल पहले जब तालिबान ने सत्ता संभाली, भारत ने उसे मान्यता तो नहीं दी, लेकिन रिश्तों के दरवाज़े भी पूरी तरह बंद नहीं किए और अब, वही तालिबान दिल्ली में कूटनीति की मेज़ पर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अफ़ग़ानिस्तान… एक ऐसा देश जो हमेशा से रणनीति और ताक़त के खेल का मैदान रहा है. चार साल पहले जब तालिबान ने सत्ता संभाली, भारत ने उसे मान्यता तो नहीं दी, लेकिन रिश्तों के दरवाज़े भी पूरी तरह बंद नहीं किए और अब, वही तालिबान दिल्ली में कूटनीति की मेज़ पर बैठा है. क्या ये बातचीत सिर्फ़ एक ज़रूरी कदम है या भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा हितों के लिए एक बड़ा मोड़? इसी बीच, अफ़ग़ान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताक़ी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक भी महिला पत्रकार को जगह नहीं मिली, जिससे लोकतंत्र और समानता के हमारे मूल्यों पर भी सवाल उठे. बाद में एक दूसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस रखी गई, जिसमें महिला पत्रकारों को आगे बैठाया गया, इन्हीं में से एक थीं गीता मोहन, इंडिया टुडे ग्रुप की फॉरन अफ़ेयर्स एडिटर जो इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की मेहमान हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3314</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ffe79bb03236dca464023908b81e3da4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nitish Kumar, Lalu, Prashant Kishore और Akhilesh Yadav पर क्या बोले JDU नेता KC Tyagi? : पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nitish-kumar-lalu-prashant-kishore-aura-akhilesh-yadav-para-kya-bole-jdu-neta-kc-tyagi-parhaku-nitina--68076198</link><description><![CDATA[इस साल जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हुए. साथ ही भारतीय समाजवादी आंदोलन के भी 90 साल पूरे हुए. समाजवादी विचारधारा से उपजे आंदोलन ने भारत को इतना कुछ दिया है कि उंगलियों पर गिन पाना शायद मुश्किल हो. इसी आंदोलन ने भारत को वो नेता भी दिए जिन्होंने आगे चलकर केंद्र और राज्यों की राजनीति में अहम रोल निभाया. तो हमने सोचा कि ज़रा ठहर कर समझते हैं कि ये विचारधारा जिसे दुनियाभर के कई देशों ने अपनाया. उसे भारत ने किस तरह आत्मसात किया? क्यों Socialist शब्द संविधान की मूल प्रति में शामिल नहीं था? और क्यों इमरजेंसी के दौर में इसे संविधान में शामिल किया गया? सवाल कई सारे उठते हैं- क्या नेहरू समाजवादी थे? क्या भगत सिंह समाजवादी थे? या जेपी-लोहिया के हिसाब से समाजवाद का विचार कैसा था? समझेंगे कि आज़ादी और आज़ादी के इतने सालों बाद आज समाजवाद भारतीय राजनीति में कहां खड़ा मिलता है? पूछेंगे कि बिहार-यूपी जो समाजवादी नेताओं का गढ़ रहे, उनमें ग्रोथ का ग्राफ़ किस हद तक समाजवाद के कारण था? ये सब जानने के लिए हम पहुंचे पूर्व राज्यसभा सांसद, जेडीयू नेता और वरिष्ठ समाजवादी नेता KC Tyagi के पास. हमें तो Padhaku Nitin का ये एपिसोड रिकॉर्ड करने में बहुत आनंद आया, उम्मीद करते हैं सुनने-देखने में आपको भी आएगा. अगर आए तो तारीफ़ें सुझाव भेजिएगा, कमेंट बॉक्स खुला है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68076198</guid><pubDate>Thu, 09 Oct 2025 12:54:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68076198/09_oct_25_pn_9_oct_128.mp3" length="65974439" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस साल जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हुए. साथ ही भारतीय समाजवादी आंदोलन के भी 90 साल पूरे हुए. समाजवादी विचारधारा से उपजे आंदोलन ने भारत को इतना कुछ दिया है कि उंगलियों पर गिन पाना शायद मुश्किल हो. इसी आंदोलन ने भारत को वो नेता भी दिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस साल जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हुए. साथ ही भारतीय समाजवादी आंदोलन के भी 90 साल पूरे हुए. समाजवादी विचारधारा से उपजे आंदोलन ने भारत को इतना कुछ दिया है कि उंगलियों पर गिन पाना शायद मुश्किल हो. इसी आंदोलन ने भारत को वो नेता भी दिए जिन्होंने आगे चलकर केंद्र और राज्यों की राजनीति में अहम रोल निभाया. तो हमने सोचा कि ज़रा ठहर कर समझते हैं कि ये विचारधारा जिसे दुनियाभर के कई देशों ने अपनाया. उसे भारत ने किस तरह आत्मसात किया? क्यों Socialist शब्द संविधान की मूल प्रति में शामिल नहीं था? और क्यों इमरजेंसी के दौर में इसे संविधान में शामिल किया गया? सवाल कई सारे उठते हैं- क्या नेहरू समाजवादी थे? क्या भगत सिंह समाजवादी थे? या जेपी-लोहिया के हिसाब से समाजवाद का विचार कैसा था? समझेंगे कि आज़ादी और आज़ादी के इतने सालों बाद आज समाजवाद भारतीय राजनीति में कहां खड़ा मिलता है? पूछेंगे कि बिहार-यूपी जो समाजवादी नेताओं का गढ़ रहे, उनमें ग्रोथ का ग्राफ़ किस हद तक समाजवाद के कारण था? ये सब जानने के लिए हम पहुंचे पूर्व राज्यसभा सांसद, जेडीयू नेता और वरिष्ठ समाजवादी नेता KC Tyagi के पास. हमें तो Padhaku Nitin का ये एपिसोड रिकॉर्ड करने में बहुत आनंद आया, उम्मीद करते हैं सुनने-देखने में आपको भी आएगा. अगर आए तो तारीफ़ें सुझाव भेजिएगा, कमेंट बॉक्स खुला है.]]></itunes:summary><itunes:duration>4124</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e2991bc29098241374f1ca43e66a1b23.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Gaza Peace Deal से उम्मीदें, Trump का Nobel, Netanyahu की हार और Israel का मक़सद : पढ़ाकू नतिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gaza-peace-deal-se-um-midem-trump-ka-nobel-netanyahu-ki-hara-aura-israel-ka-maqasada-parhaku-natina--68050215</link><description><![CDATA[दो साल से जलती ज़मीन... गाज़ा. जहां हर सुबह राख से उठती है और हर रात धमाके में खत्म होती है. अब उसी राख पर रखी गई है, एक नई “Peace Deal” की पर्ची. वादा है कि जंग रुकेगी, बंधक लौटेंगे, गाज़ा फिर से जिएगा. लेकिन क्या शांति बस एक दस्तावेज़ से लौट आती है?<br /> क्या ये डील अमन का रास्ता है या बस पुरानी जंग का नया नाम, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/68050215</guid><pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:26:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/68050215/07_oct_25_pn_7_oct_128.mp3" length="51940205" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दो साल से जलती ज़मीन... गाज़ा. जहां हर सुबह राख से उठती है और हर रात धमाके में खत्म होती है. अब उसी राख पर रखी गई है, एक नई “Peace Deal” की पर्ची. वादा है कि जंग रुकेगी, बंधक लौटेंगे, गाज़ा फिर से जिएगा. लेकिन क्या शांति बस एक दस्तावेज़ से लौट आती है?...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दो साल से जलती ज़मीन... गाज़ा. जहां हर सुबह राख से उठती है और हर रात धमाके में खत्म होती है. अब उसी राख पर रखी गई है, एक नई “Peace Deal” की पर्ची. वादा है कि जंग रुकेगी, बंधक लौटेंगे, गाज़ा फिर से जिएगा. लेकिन क्या शांति बस एक दस्तावेज़ से लौट आती है?<br /> क्या ये डील अमन का रास्ता है या बस पुरानी जंग का नया नाम, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>3247</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d03815ba6c1212fd3d180102fb599b85.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Democracy से डर, Secularism की सीमा, Hindu की Anxiety और Mob की Beauty: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/democracy-se-dara-secularism-ki-sima-hindu-ki-anxiety-aura-mob-ki-beauty-parhaku-nitina--67987581</link><description><![CDATA[हज़ारों सालों से इंसान कबीलों, सल्तनतों और अब राष्ट्र-राज्य में जी रहा है. लेकिन सवाल वही है सबसे सही शासन व्यवस्था कौन-सी है? राज्य कानून और संस्थाओं का ढांचा है, जबकि राष्ट्र पहचान और भावनाओं का जाल, अक्सर हम दोनों को गड़बड़ा देते हैं. फिर आता है लोकतंत्र जो बराबरी और आवाज़ का वादा करता है, लेकिन साथ ही populism और polarisation भी लाता है. तो क्या लोकतंत्र ही सबसे बेहतर विकल्प है या कोई और मॉडल उससे आगे निकल सकता है? इन्हीं सवालों पर बातचीत होगी JNU के असोसिएट प्रोफ़ेसर अजय गुडावर्ती से, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67987581</guid><pubDate>Thu, 02 Oct 2025 15:14:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67987581/02_oct_25_pn_2_oct_128.mp3" length="83926204" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हज़ारों सालों से इंसान कबीलों, सल्तनतों और अब राष्ट्र-राज्य में जी रहा है. लेकिन सवाल वही है सबसे सही शासन व्यवस्था कौन-सी है? राज्य कानून और संस्थाओं का ढांचा है, जबकि राष्ट्र पहचान और भावनाओं का जाल, अक्सर हम दोनों को गड़बड़ा देते हैं. फिर आता है...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हज़ारों सालों से इंसान कबीलों, सल्तनतों और अब राष्ट्र-राज्य में जी रहा है. लेकिन सवाल वही है सबसे सही शासन व्यवस्था कौन-सी है? राज्य कानून और संस्थाओं का ढांचा है, जबकि राष्ट्र पहचान और भावनाओं का जाल, अक्सर हम दोनों को गड़बड़ा देते हैं. फिर आता है लोकतंत्र जो बराबरी और आवाज़ का वादा करता है, लेकिन साथ ही populism और polarisation भी लाता है. तो क्या लोकतंत्र ही सबसे बेहतर विकल्प है या कोई और मॉडल उससे आगे निकल सकता है? इन्हीं सवालों पर बातचीत होगी JNU के असोसिएट प्रोफ़ेसर अजय गुडावर्ती से, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>5246</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4077332338ebb28dfd09282a51dea94f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>China-India के रिश्ते क्यों नहीं सुधर सकते और Modi क्यों गए Xi Jinping के गांव?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/china-india-ke-riste-kyom-nahim-sudhara-sakate-aura-modi-kyom-ga-e-xi-jinping-ke-ganva-parhaku-nitina--67952792</link><description><![CDATA[भारत-चीन रिश्ते दशकों से उतार-चढ़ाव से गुज़रते रहे हैं. गलवान घाटी की झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हुआ. आखिर चीन की महत्वाकांक्षा क्या है? शी जिनपिंग किस तरह की राजनीति कर रहे हैं? और भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए कैसी रणनीति बना रहा है?<br /> इन्हीं सवालों पर हमने विस्तार से बात की पूर्व राजनयिक अशोक कंठ, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67952792</guid><pubDate>Tue, 30 Sep 2025 14:57:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67952792/30_sep_25_pn_30_october_128.mp3" length="63175784" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत-चीन रिश्ते दशकों से उतार-चढ़ाव से गुज़रते रहे हैं. गलवान घाटी की झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हुआ. आखिर चीन की महत्वाकांक्षा क्या है? शी जिनपिंग किस तरह की राजनीति कर रहे हैं? और भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए कैसी रणनीति...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत-चीन रिश्ते दशकों से उतार-चढ़ाव से गुज़रते रहे हैं. गलवान घाटी की झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हुआ. आखिर चीन की महत्वाकांक्षा क्या है? शी जिनपिंग किस तरह की राजनीति कर रहे हैं? और भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए कैसी रणनीति बना रहा है?<br /> इन्हीं सवालों पर हमने विस्तार से बात की पूर्व राजनयिक अशोक कंठ, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>3949</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/27345a372bf7e6bca3b99e49a323fda4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>RSS तीन बार बैन लगने के बावजूद कैसे बना सबसे बड़ा संगठन?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rss-tina-bara-baina-lagane-ke-bavajuda-kaise-bana-sabase-bara-sangathana-parhaku-nitina--67896012</link><description><![CDATA[27 सितंबर 2025—ये तारीख सिर्फ़ कैलेंडर का पन्ना नहीं, बल्कि एक सदी की कहानी है।<br /> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज अपने 100 साल पूरे कर रहा है।<br /><br /> इस सफ़र में RSS ने सबकुछ देखा—<br /> आज़ादी की गूंज, गांधी की हत्या का साया, इमरजेंसी की कड़वाहट, बाबरी मस्जिद का तूफ़ान,<br /> और वो मोड़, जब “अराजनीतिक” कहे जाने वाले संघ से दो प्रधानमंत्री निकले. सवाल उठे, आरोप लगे, तीन बार बैन भी झेला. लेकिन हर बार संघ और मज़बूत होकर लौटा.<br /><br /> अब, 100 साल बाद, सबसे बड़ा सवाल— RSS की असली यात्रा कैसी रही? क्या ये उतार-चढ़ावों से भरी रही या अपनी विचारधारा की मज़बूती से टिके रहने की कहानी?<br /> इन्हीं सवालों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार और लेखक निलांजन मुखोपाध्याय, जिन्होंने दशकों तक हिंदू संगठनों और राजनीति को क़रीब से कवर किया है और अपनी किताब The RSS: Icons of Indian Right में इन्हें दर्ज किया है. देखिए और समझिए, RSS के सौ सालों की ताक़त, आलोचनाएँ और जटिलताएँ. और हाँ, Aajtak Radio को Subscribe करना न भूलें.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67896012</guid><pubDate>Thu, 25 Sep 2025 14:03:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67896012/25_sep_25_pn_25_sep_128.mp3" length="92613067" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>27 सितंबर 2025—ये तारीख सिर्फ़ कैलेंडर का पन्ना नहीं, बल्कि एक सदी की कहानी है।&#13;
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज अपने 100 साल पूरे कर रहा है।&#13;
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इस सफ़र में RSS ने सबकुछ देखा—&#13;
आज़ादी की गूंज, गांधी की हत्या का साया, इमरजेंसी की कड़वाहट, बाबरी मस्जिद...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[27 सितंबर 2025—ये तारीख सिर्फ़ कैलेंडर का पन्ना नहीं, बल्कि एक सदी की कहानी है।<br /> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज अपने 100 साल पूरे कर रहा है।<br /><br /> इस सफ़र में RSS ने सबकुछ देखा—<br /> आज़ादी की गूंज, गांधी की हत्या का साया, इमरजेंसी की कड़वाहट, बाबरी मस्जिद का तूफ़ान,<br /> और वो मोड़, जब “अराजनीतिक” कहे जाने वाले संघ से दो प्रधानमंत्री निकले. सवाल उठे, आरोप लगे, तीन बार बैन भी झेला. लेकिन हर बार संघ और मज़बूत होकर लौटा.<br /><br /> अब, 100 साल बाद, सबसे बड़ा सवाल— RSS की असली यात्रा कैसी रही? क्या ये उतार-चढ़ावों से भरी रही या अपनी विचारधारा की मज़बूती से टिके रहने की कहानी?<br /> इन्हीं सवालों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार और लेखक निलांजन मुखोपाध्याय, जिन्होंने दशकों तक हिंदू संगठनों और राजनीति को क़रीब से कवर किया है और अपनी किताब The RSS: Icons of Indian Right में इन्हें दर्ज किया है. देखिए और समझिए, RSS के सौ सालों की ताक़त, आलोचनाएँ और जटिलताएँ. और हाँ, Aajtak Radio को Subscribe करना न भूलें.]]></itunes:summary><itunes:duration>5789</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/61cc604d7457238d57509e931ffdd541.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pakistan Saudi Arabia Defence Pact के निशाने पर कौन और India क्यों नहीं करता ऐसी डील?: Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistan-saudi-arabia-defence-pact-ke-nisane-para-kauna-aura-india-kyom-nahim-karata-aisi-dila-padhaku-nitin--67866727</link><description><![CDATA[पाकिस्तान और सऊदी अरब ने नया डिफ़ेंस पैक्ट किया है अगर एक पर हमला होगा तो दोनों मानेंगे लेकिन क्या इसका असर भारत तक पहुंचेगा? सऊदी भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है और पाकिस्तान हमारा विरोधी. तो इस समझौते से पाकिस्तान मज़बूत होगा या ये सिर्फ़ काग़ज़ी एलान है? और भारत को अब वेस्ट एशिया पॉलिसी नए सिरे से सोचना पड़ेगा, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67866727</guid><pubDate>Tue, 23 Sep 2025 15:45:57 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67866727/23_sep_25_pn_mix_23_sep_128.mp3" length="58916780" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाकिस्तान और सऊदी अरब ने नया डिफ़ेंस पैक्ट किया है अगर एक पर हमला होगा तो दोनों मानेंगे लेकिन क्या इसका असर भारत तक पहुंचेगा? सऊदी भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है और पाकिस्तान हमारा विरोधी. तो इस समझौते से पाकिस्तान मज़बूत होगा या ये सिर्फ़ काग़ज़ी एलान...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाकिस्तान और सऊदी अरब ने नया डिफ़ेंस पैक्ट किया है अगर एक पर हमला होगा तो दोनों मानेंगे लेकिन क्या इसका असर भारत तक पहुंचेगा? सऊदी भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है और पाकिस्तान हमारा विरोधी. तो इस समझौते से पाकिस्तान मज़बूत होगा या ये सिर्फ़ काग़ज़ी एलान है? और भारत को अब वेस्ट एशिया पॉलिसी नए सिरे से सोचना पड़ेगा, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>3683</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2b74c0462e4425e964baaf641a396c71.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nuclear Bomb बनाने से ज़्यादा टेढ़ी क्यों देसी Jet Engine Kaveri की राह? : Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nuclear-bomb-banane-se-zyada-terhi-kyom-desi-jet-engine-kaveri-ki-raha-padhaku-nitin--67806960</link><description><![CDATA[15 अगस्त को लाल किले से दी जाने वाली पीएम स्पीच देश के लिए एक बड़ा इवेंट होता है. सबकी नज़र रहती है कि इस भाषण में कौनसा शब्द कितनी बार बोला गया? इस साल इसी भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि “भारतीय फाइटर जेट्स को ज़रूरत है भारतीय इंजन की.” और फिर से सोशल मीडिया पर बात होने लगी कि यार… था तो सही एक स्वदेशी इंजन जिसकी दुहाई देकर अक्सर कहा जाता था कि भारत जेट बनाने के मामले में भी स्वदेशी बन जाएगा. ये नाम है- कावेरी इंजन.  1986 में इसे बनाने की शुरुआत हुई मगर अब तक कोई भारतीय जेट ऐसा नहीं उड़ा जिसका इंजन पूर्णत: भारतीय हो. तो कब होगा ये सपना पूरा? पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने बात की कावेरी इंजन पर और डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन से समझा कि आखिर कावेरी इंजन को पूरा करने में दिक्कत क्या है? क्या फैक्टर्स हैं जो इसे अब भी नहीं बनने दे रहे. ये इतना ख़ास क्यों है और कुछ बेसिक सवाल भी कि आखिर एक जेट इंजन काम कैसे करता है. <br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67806960</guid><pubDate>Thu, 18 Sep 2025 12:32:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67806960/18_sep_25_pn_18_sep_128.mp3" length="53602847" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>15 अगस्त को लाल किले से दी जाने वाली पीएम स्पीच देश के लिए एक बड़ा इवेंट होता है. सबकी नज़र रहती है कि इस भाषण में कौनसा शब्द कितनी बार बोला गया? इस साल इसी भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि “भारतीय फाइटर जेट्स को ज़रूरत है भारतीय इंजन की.” और फिर से सोशल...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[15 अगस्त को लाल किले से दी जाने वाली पीएम स्पीच देश के लिए एक बड़ा इवेंट होता है. सबकी नज़र रहती है कि इस भाषण में कौनसा शब्द कितनी बार बोला गया? इस साल इसी भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि “भारतीय फाइटर जेट्स को ज़रूरत है भारतीय इंजन की.” और फिर से सोशल मीडिया पर बात होने लगी कि यार… था तो सही एक स्वदेशी इंजन जिसकी दुहाई देकर अक्सर कहा जाता था कि भारत जेट बनाने के मामले में भी स्वदेशी बन जाएगा. ये नाम है- कावेरी इंजन.  1986 में इसे बनाने की शुरुआत हुई मगर अब तक कोई भारतीय जेट ऐसा नहीं उड़ा जिसका इंजन पूर्णत: भारतीय हो. तो कब होगा ये सपना पूरा? पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने बात की कावेरी इंजन पर और डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन से समझा कि आखिर कावेरी इंजन को पूरा करने में दिक्कत क्या है? क्या फैक्टर्स हैं जो इसे अब भी नहीं बनने दे रहे. ये इतना ख़ास क्यों है और कुछ बेसिक सवाल भी कि आखिर एक जेट इंजन काम कैसे करता है. <br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>3351</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/66fb87c8c192b303f127ae766e8e1ce9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Qatar पर हमला कर क्या Netanyahu ने ग़लती की और क्या Israel के सामने Arab NATO टिकेगा?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/qatar-para-hamala-kara-kya-netanyahu-ne-galati-ki-aura-kya-israel-ke-samane-arab-nato-tikega-parhaku-nitina--67780483</link><description><![CDATA[दोहा में अरब और इस्लामिक देशों का बड़ा सम्मेलन हुआ. इसी दौरान मिस्र ने फिर से "Arab NATO" का प्रस्ताव रखा यानि 22 अरब देशों की संयुक्त सेना! लेकिन क्या ये मुमकिन है, जब इतिहास गवाह है कि यही देश आपस में लड़ते रहे हैं? इज़रायल ने क़तर पर हमला कर दिया क़तर जो अमेरिका का बड़ा सहयोगी है. अब सवाल ये है कि क़तर अपनी सुरक्षा के लिए कब तक अमेरिका पर निर्भर रहेगा? क्या वो चीन का साथ लेगा? और क्या अरब NATO कभी हक़ीक़त बन पाएगा, प्रो. मोहसिन रज़ा के साथ 'पढ़ाकू नितिन' में हुई इस बातचीत को सुनिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67780483</guid><pubDate>Tue, 16 Sep 2025 15:54:40 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67780483/16_sep_25_pn_16_sep_128.mp3" length="48904150" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दोहा में अरब और इस्लामिक देशों का बड़ा सम्मेलन हुआ. इसी दौरान मिस्र ने फिर से "Arab NATO" का प्रस्ताव रखा यानि 22 अरब देशों की संयुक्त सेना! लेकिन क्या ये मुमकिन है, जब इतिहास गवाह है कि यही देश आपस में लड़ते रहे हैं? इज़रायल ने क़तर पर हमला कर दिया...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दोहा में अरब और इस्लामिक देशों का बड़ा सम्मेलन हुआ. इसी दौरान मिस्र ने फिर से "Arab NATO" का प्रस्ताव रखा यानि 22 अरब देशों की संयुक्त सेना! लेकिन क्या ये मुमकिन है, जब इतिहास गवाह है कि यही देश आपस में लड़ते रहे हैं? इज़रायल ने क़तर पर हमला कर दिया क़तर जो अमेरिका का बड़ा सहयोगी है. अब सवाल ये है कि क़तर अपनी सुरक्षा के लिए कब तक अमेरिका पर निर्भर रहेगा? क्या वो चीन का साथ लेगा? और क्या अरब NATO कभी हक़ीक़त बन पाएगा, प्रो. मोहसिन रज़ा के साथ 'पढ़ाकू नितिन' में हुई इस बातचीत को सुनिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>3057</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/14dc07adcaa83ce0b873d66994620ef3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Gangs of Wasseypur में Anurag Kashyap से इस Dhanbad Coal Mafia की कहानी छूट गई!: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gangs-of-wasseypur-mem-anurag-kashyap-se-isa-dhanbad-coal-mafia-ki-kahani-chuta-ga-i-parhaku-nitina--67722942</link><description><![CDATA[धनबाद, झारखंड—देश का कोल कैपिटल. कोयले ने जहाँ इंडस्ट्री को ताक़त दी, वहीं जन्म दिया माफ़िया, गैंगवार और करप्शन की अंधेरी दुनिया को. फ़िल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर ने इसकी झलक दिखाई लेकिन असली कहानी उससे कहीं ज़्यादा डरावनी है. इन्हीं सचाईयों पर लिखी है किताब “Dhanbad – The Economics of Coal – The Mafia”, जिसके लेखक हैं प्रमोद कुमार गुप्ता पूर्व प्रिंसिपल चीफ़ कमिश्नर ऑफ़ इनकम टैक्स. उन्होंने कोल माफ़िया को अपनी आँखों से देखा, उनसे टक्कर ली और अपने अनुभवों को किताब में दर्ज किया, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67722942</guid><pubDate>Thu, 11 Sep 2025 16:28:57 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67722942/11_sep_25_pn_mix_11_sep_128.mp3" length="66195121" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>धनबाद, झारखंड—देश का कोल कैपिटल. कोयले ने जहाँ इंडस्ट्री को ताक़त दी, वहीं जन्म दिया माफ़िया, गैंगवार और करप्शन की अंधेरी दुनिया को. फ़िल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर ने इसकी झलक दिखाई लेकिन असली कहानी उससे कहीं ज़्यादा डरावनी है. इन्हीं सचाईयों पर लिखी है...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[धनबाद, झारखंड—देश का कोल कैपिटल. कोयले ने जहाँ इंडस्ट्री को ताक़त दी, वहीं जन्म दिया माफ़िया, गैंगवार और करप्शन की अंधेरी दुनिया को. फ़िल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर ने इसकी झलक दिखाई लेकिन असली कहानी उससे कहीं ज़्यादा डरावनी है. इन्हीं सचाईयों पर लिखी है किताब “Dhanbad – The Economics of Coal – The Mafia”, जिसके लेखक हैं प्रमोद कुमार गुप्ता पूर्व प्रिंसिपल चीफ़ कमिश्नर ऑफ़ इनकम टैक्स. उन्होंने कोल माफ़िया को अपनी आँखों से देखा, उनसे टक्कर ली और अपने अनुभवों को किताब में दर्ज किया, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>4138</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c69be345854f4a7418249516bfdf1880.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nepal के Gen Z का Democracy पर डाउट, Nepo Kids की अय्याशी और Oli की China से गलबहियां: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nepal-ke-gen-z-ka-democracy-para-da-uta-nepo-kids-ki-ayyasi-aura-oli-ki-china-se-galabahiyam-parhaku-nitina--67704995</link><description><![CDATA[अंग्रेज़ी में कहते हैं Straw that broke the camel’s back और हिन्दी में इसके करीब है ताबूत की आख़िरी कील. नेपाल में सरकार ने अचानक लगभग सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स बैन कर दिए. इसके बाद हज़ारों लोग, ख़ासकर जेन-ज़ी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी सड़कों पर उतर आई सरकार ने शुरुआत में सख़्ती दिखाई, लेकिन हालात इतने बिगड़े कि मंत्री सड़क पर पिट गए सरकारी इमारतों को आग लगा दी गई और आखिरकार प्रधानमंत्री के.पी. ओली को इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ना पड़ा।तो क्या ये सब सिर्फ़ सोशल मीडिया बैन की वजह से हुआ? या फिर ये पहले से जमा गुस्से का फट पड़ना था, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67704995</guid><pubDate>Wed, 10 Sep 2025 16:30:23 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67704995/10_sep_25_pn_10_sep_128.mp3" length="56274024" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अंग्रेज़ी में कहते हैं Straw that broke the camel’s back और हिन्दी में इसके करीब है ताबूत की आख़िरी कील. नेपाल में सरकार ने अचानक लगभग सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स बैन कर दिए. इसके बाद हज़ारों लोग, ख़ासकर जेन-ज़ी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अंग्रेज़ी में कहते हैं Straw that broke the camel’s back और हिन्दी में इसके करीब है ताबूत की आख़िरी कील. नेपाल में सरकार ने अचानक लगभग सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स बैन कर दिए. इसके बाद हज़ारों लोग, ख़ासकर जेन-ज़ी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी सड़कों पर उतर आई सरकार ने शुरुआत में सख़्ती दिखाई, लेकिन हालात इतने बिगड़े कि मंत्री सड़क पर पिट गए सरकारी इमारतों को आग लगा दी गई और आखिरकार प्रधानमंत्री के.पी. ओली को इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ना पड़ा।तो क्या ये सब सिर्फ़ सोशल मीडिया बैन की वजह से हुआ? या फिर ये पहले से जमा गुस्से का फट पड़ना था, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>3518</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ffd31825898d5983cfab872a011293e5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Hitler कैसे बना Palestine का Hero और ISIS-Alqaeda का Hitler कनेक्शन क्या है?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hitler-kaise-bana-palestine-ka-hero-aura-isis-alqaeda-ka-hitler-kaneksana-kya-hai-parhaku-nitina--67641675</link><description><![CDATA[अडॉल्फ हिटलर, इतिहास का वो किरदार, जिसके बिना modern world history अधूरी है. पिछली सदी की लगभग हर बड़ी कहानी में जर्मनी के इस नेता का नाम किसी न किसी तरह सामने आता है. आज हमारे साथ हैं किताब Hitler: The Proclaimed Messiah of the Palestinian Cause के लेखक आभास मालदहियार, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67641675</guid><pubDate>Fri, 05 Sep 2025 07:33:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67641675/04_sep_25_pn_4_sep_128.mp3" length="81846021" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अडॉल्फ हिटलर, इतिहास का वो किरदार, जिसके बिना modern world history अधूरी है. पिछली सदी की लगभग हर बड़ी कहानी में जर्मनी के इस नेता का नाम किसी न किसी तरह सामने आता है. आज हमारे साथ हैं किताब Hitler: The Proclaimed Messiah of the Palestinian Cause के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अडॉल्फ हिटलर, इतिहास का वो किरदार, जिसके बिना modern world history अधूरी है. पिछली सदी की लगभग हर बड़ी कहानी में जर्मनी के इस नेता का नाम किसी न किसी तरह सामने आता है. आज हमारे साथ हैं किताब Hitler: The Proclaimed Messiah of the Palestinian Cause के लेखक आभास मालदहियार, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>5116</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4c82cd5bdaaa715fc76404f5aa13eaeb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>SCO Summit में साथ साथ Modi- Putin- Jinping, पर्दे के पीछे कौन खेल रहा?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sco-summit-mem-satha-satha-modi-putin-jinping-parde-ke-piche-kauna-khela-raha-parhaku-nitina--67593690</link><description><![CDATA[जहां American President Donald Trump के Impulsive Decisions से पूरी दुनिया में उथल पुथल है. एशिया में कुछ कंपन सा महसूस हो रहा है. क्योंकि चीन में हुई है एक बड़ी बैठक.  एससीओ की शुरुआत 2001 में हुई थी. तब इसमें चीन और रूस मुख्य किरदार निभाते थे. लेकिन इस बार की समिट में रूस-चीन के अलावा भारत भी स्पॉटलाइट में था.  SCO की ये समिट कई मामलों में अहम है, उसके Structure में भी बदलाव हुए हैं. Pakistan-Armenia ने भी आपस में वादा किया है कि- आप हम Diplomatic Relations आगे बढ़ाएंगे. लेकिन एक ज़रूरी बात और है… जैसी तस्वीरें और बातें सामने आई हैं, इससे अमेरिका की चिंताएं बढ़ती दिख रही हैं, ट्रंप ने सोचा नहीं होगा कि रूस जो अब तक अलग-थलग पड़ा था, उसके समर्थन में भारत और चीन एक साथ खड़े हो जाएंगे. उसका पुराना साथी जापान भी अपनी लकीर खींच रहा है… एक साथ बहुत कुछ हो रहा है… और इसे समझाने के लिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं, मोनीश टूरंगबाम. Geopolitical expert हैं, CRF (Chintan Research Foundation) नाम की रिसर्च फाउंडेशन में Senior Research Consultant हैं. पूरा एपिसोड सुनना और आजतक रेडियो को Subscribe करना न भूलें. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67593690</guid><pubDate>Tue, 02 Sep 2025 13:02:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67593690/02_sep_25_pn_2_september_128.mp3" length="63763435" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जहां American President Donald Trump के Impulsive Decisions से पूरी दुनिया में उथल पुथल है. एशिया में कुछ कंपन सा महसूस हो रहा है. क्योंकि चीन में हुई है एक बड़ी बैठक.  एससीओ की शुरुआत 2001 में हुई थी. तब इसमें चीन और रूस मुख्य किरदार निभाते थे. लेकिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जहां American President Donald Trump के Impulsive Decisions से पूरी दुनिया में उथल पुथल है. एशिया में कुछ कंपन सा महसूस हो रहा है. क्योंकि चीन में हुई है एक बड़ी बैठक.  एससीओ की शुरुआत 2001 में हुई थी. तब इसमें चीन और रूस मुख्य किरदार निभाते थे. लेकिन इस बार की समिट में रूस-चीन के अलावा भारत भी स्पॉटलाइट में था.  SCO की ये समिट कई मामलों में अहम है, उसके Structure में भी बदलाव हुए हैं. Pakistan-Armenia ने भी आपस में वादा किया है कि- आप हम Diplomatic Relations आगे बढ़ाएंगे. लेकिन एक ज़रूरी बात और है… जैसी तस्वीरें और बातें सामने आई हैं, इससे अमेरिका की चिंताएं बढ़ती दिख रही हैं, ट्रंप ने सोचा नहीं होगा कि रूस जो अब तक अलग-थलग पड़ा था, उसके समर्थन में भारत और चीन एक साथ खड़े हो जाएंगे. उसका पुराना साथी जापान भी अपनी लकीर खींच रहा है… एक साथ बहुत कुछ हो रहा है… और इसे समझाने के लिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं, मोनीश टूरंगबाम. Geopolitical expert हैं, CRF (Chintan Research Foundation) नाम की रिसर्च फाउंडेशन में Senior Research Consultant हैं. पूरा एपिसोड सुनना और आजतक रेडियो को Subscribe करना न भूलें. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती]]></itunes:summary><itunes:duration>3986</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0e9ac4ac6688cece2219e8c32498cf3f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Indira का अंधविश्वास, VP Singh का Fraud, Amar Singh के पैंतरे और Mulayam की मजबूरी: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/indira-ka-andhavisvasa-vp-singh-ka-fraud-amar-singh-ke-paintare-aura-mulayam-ki-majaburi-parhaku-nitina--67545041</link><description><![CDATA[इस बार पढ़ाकू नितिन पॉडकास्ट में हमारी मुलाक़ात हुई पूर्व राज्यसभा सदस्य और जाने-माने पत्रकार शाहिद सिद्दिक़ी से। उनसे हमने ढेर सारी बातें कीं, दिल्ली के पुराने किस्सों से लेकर देश की राजनीति और बड़े नेताओं तक।<br /><br /> उन्होंने अपने अनुभव शेयर किए कि कैसे उन्होंने क़रीब से नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी जैसे नेताओं को देखा। साथ ही लालकृष्ण आडवाणी, वीपी सिंह, मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह जैसी हस्तियों के बारे में भी दिलचस्प बातें बताईं। दिल्ली की राजनीति के उतार-चढ़ाव और देश की दिशा पर भी खुलकर चर्चा हुई। अगर आपको भारतीय राजनीति की कहानियां और नेताओं के अंदरूनी किस्से सुनना अच्छा लगता है, तो ये एपिसोड आपको ज़रूर पसंद आएगा।]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67545041</guid><pubDate>Thu, 28 Aug 2025 17:59:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67545041/28_aug_25_pn_28_aug_128.mp3" length="101561991" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस बार पढ़ाकू नितिन पॉडकास्ट में हमारी मुलाक़ात हुई पूर्व राज्यसभा सदस्य और जाने-माने पत्रकार शाहिद सिद्दिक़ी से। उनसे हमने ढेर सारी बातें कीं, दिल्ली के पुराने किस्सों से लेकर देश की राजनीति और बड़े नेताओं तक।&#13;
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उन्होंने अपने अनुभव शेयर किए कि कैसे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस बार पढ़ाकू नितिन पॉडकास्ट में हमारी मुलाक़ात हुई पूर्व राज्यसभा सदस्य और जाने-माने पत्रकार शाहिद सिद्दिक़ी से। उनसे हमने ढेर सारी बातें कीं, दिल्ली के पुराने किस्सों से लेकर देश की राजनीति और बड़े नेताओं तक।<br /><br /> उन्होंने अपने अनुभव शेयर किए कि कैसे उन्होंने क़रीब से नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी जैसे नेताओं को देखा। साथ ही लालकृष्ण आडवाणी, वीपी सिंह, मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह जैसी हस्तियों के बारे में भी दिलचस्प बातें बताईं। दिल्ली की राजनीति के उतार-चढ़ाव और देश की दिशा पर भी खुलकर चर्चा हुई। अगर आपको भारतीय राजनीति की कहानियां और नेताओं के अंदरूनी किस्से सुनना अच्छा लगता है, तो ये एपिसोड आपको ज़रूर पसंद आएगा।]]></itunes:summary><itunes:duration>6348</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7395f0bdbdc99ffaf9c0fc55f6094d06.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पूर्व राष्ट्रपति, पुलिस हेड, जेल प्रमुख को Jail, Sri Lanka में क्या हो रहा है?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/purva-rastrapati-pulisa-heda-jela-pramukha-ko-jail-sri-lanka-mem-kya-ho-raha-hai-parhaku-nitina--67517554</link><description><![CDATA[July 2022 का श्रीलंका. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, वहां से भागे और लोग उनके घर में घुसे. उनके स्विमिंग पूल में नहाए. घर में आग भी लगाई. राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद पदभार संभाला, रानिल विक्रमसिंघे ने. हाल ही में विक्रमसिंघे का नाम फिर से चर्चा में आया. क्योंकि वो श्रीलंका में गिरफ्तार किए गए. उन पर लगा है सरकारी शक्तियों को  दुरुपयोग करने का आरोप. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में Focus Sri Lanka पर करते हैं. समझते हैं कि ये मामला क्या है? Sri Lanka जो कुछ साल पहले तक Economically इतने बड़े Crisis में था. अब उसकी हालत क्या है? और ये कि भारत के साथ उसका रिश्ता अब किस हद तक बदला है? Sri Lanka भारत के साथ SAARC का मेंबर है. तो हमने भी दिल्ली में स्थित SAARC Sponsored साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के Professor Dr. Dhananjay Tripathi को न्यौता दिया. जो इंटरनेशनल स्टडीज़ पढ़ाते हैं. एसोसिएट प्रोफेसर हैं और एक किताब भी लिखी है- Re-imagininJuly 2022 का श्रीलंका. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, वहां से भागे और लोग उनके घर में घुसे. उनके स्विमिंग पूल में नहाए. घर में आग भी लगाई. राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद पदभार संभाला, रानिल विक्रमसिंघे ने. हाल ही में विक्रमसिंघे का नाम फिर से चर्चा में आया. क्योंकि वो श्रीलंका में गिरफ्तार किए गए. उन पर लगा है सरकारी शक्तियों को  दुरुपयोग करने का आरोप. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में Focus Sri Lanka पर करते हैं. समझते हैं कि ये मामला क्या है? Sri Lanka जो कुछ साल पहले तक Economically इतने बड़े Crisis में था. अब उसकी हालत क्या है? और ये कि भारत के साथ उसका रिश्ता अब किस हद तक बदला है? Sri Lanka भारत के साथ SAARC का मेंबर है. तो हमने भी दिल्ली में स्थित SAARC Sponsored साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के Professor Dr. Dhananjay Tripathi को न्यौता दिया. जो इंटरनेशनल स्टडीज़ पढ़ाते हैं. एसोसिएट प्रोफेसर हैं और एक किताब भी लिखी है- Re-imagining Border Studies in South Asia. एपिसोड पूरा सुनिएगा. लाइक, शेयर, सबस्क्राइब करना न भूलिएगा.<br /><br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैंg Border Studies in South Asia. एपिसोड पूरा सुनिएगा. लाइक, शेयर, सबस्क्राइब करना न भूलिएगा.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67517554</guid><pubDate>Tue, 26 Aug 2025 13:17:23 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67517554/26_aug_25_pn_26_aug_128.mp3" length="45728078" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>July 2022 का श्रीलंका. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, वहां से भागे और लोग उनके घर में घुसे. उनके स्विमिंग पूल में नहाए. घर में आग भी लगाई. राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद पदभार संभाला, रानिल विक्रमसिंघे ने. हाल ही में विक्रमसिंघे का नाम फिर से चर्चा में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[July 2022 का श्रीलंका. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, वहां से भागे और लोग उनके घर में घुसे. उनके स्विमिंग पूल में नहाए. घर में आग भी लगाई. राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद पदभार संभाला, रानिल विक्रमसिंघे ने. हाल ही में विक्रमसिंघे का नाम फिर से चर्चा में आया. क्योंकि वो श्रीलंका में गिरफ्तार किए गए. उन पर लगा है सरकारी शक्तियों को  दुरुपयोग करने का आरोप. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में Focus Sri Lanka पर करते हैं. समझते हैं कि ये मामला क्या है? Sri Lanka जो कुछ साल पहले तक Economically इतने बड़े Crisis में था. अब उसकी हालत क्या है? और ये कि भारत के साथ उसका रिश्ता अब किस हद तक बदला है? Sri Lanka भारत के साथ SAARC का मेंबर है. तो हमने भी दिल्ली में स्थित SAARC Sponsored साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के Professor Dr. Dhananjay Tripathi को न्यौता दिया. जो इंटरनेशनल स्टडीज़ पढ़ाते हैं. एसोसिएट प्रोफेसर हैं और एक किताब भी लिखी है- Re-imagininJuly 2022 का श्रीलंका. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, वहां से भागे और लोग उनके घर में घुसे. उनके स्विमिंग पूल में नहाए. घर में आग भी लगाई. राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद पदभार संभाला, रानिल विक्रमसिंघे ने. हाल ही में विक्रमसिंघे का नाम फिर से चर्चा में आया. क्योंकि वो श्रीलंका में गिरफ्तार किए गए. उन पर लगा है सरकारी शक्तियों को  दुरुपयोग करने का आरोप. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में Focus Sri Lanka पर करते हैं. समझते हैं कि ये मामला क्या है? Sri Lanka जो कुछ साल पहले तक Economically इतने बड़े Crisis में था. अब उसकी हालत क्या है? और ये कि भारत के साथ उसका रिश्ता अब किस हद तक बदला है? Sri Lanka भारत के साथ SAARC का मेंबर है. तो हमने भी दिल्ली में स्थित SAARC Sponsored साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के Professor Dr. Dhananjay Tripathi को न्यौता दिया. जो इंटरनेशनल स्टडीज़ पढ़ाते हैं. एसोसिएट प्रोफेसर हैं और एक किताब भी लिखी है- Re-imagining Border Studies in South Asia. एपिसोड पूरा सुनिएगा. लाइक, शेयर, सबस्क्राइब करना न भूलिएगा.<br /><br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैंg Border Studies in South Asia. एपिसोड पूरा सुनिएगा. लाइक, शेयर, सबस्क्राइब करना न भूलिएगा.]]></itunes:summary><itunes:duration>2858</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b7da4e75441d0555b24a754160dc6a8f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Javed Akhtar, Manto और Faiz से क्या है Aatish Taseer का रिश्ता?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/javed-akhtar-manto-aura-faiz-se-kya-hai-aatish-taseer-ka-rista-parhaku-nitina--67468506</link><description><![CDATA[साल 2019. X तब Twitter हुआ करता था. और इसी Twitter पर Writer-Journalist Aatish Taseer से उनकी नागरिकता छीनी गई. भारत सरकार ने कहा कि Aatish ने अपने Pakistani पिता Salman Taseer से अपने रिश्ते को छुपाया. जबकि Taseer ने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि सरकार उनसे नाराज़ थी. लेकिन ये किस्सा कई मामलों में आतिश की कहानी में एक turning Point भी साबित हुआ. क्योंकि वो कुछ ऐसी यात्राओं पर निकले जिनमें उनके कई सवाल छिपे थे. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में यही Aatish Taseer हैं हमारे मेहमान. हमने उनसे की उनकी नागरिकता, उनके पिता Salman Taseer, उनकी मां तवलीन सिंह और सबसे ज़रूरी उनकी नई किताब The Return to Self पर बात. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67468506</guid><pubDate>Thu, 21 Aug 2025 15:15:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67468506/21_aug_25_pn_21_aug_128.mp3" length="66911921" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>साल 2019. X तब Twitter हुआ करता था. और इसी Twitter पर Writer-Journalist Aatish Taseer से उनकी नागरिकता छीनी गई. भारत सरकार ने कहा कि Aatish ने अपने Pakistani पिता Salman Taseer से अपने रिश्ते को छुपाया. जबकि Taseer ने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[साल 2019. X तब Twitter हुआ करता था. और इसी Twitter पर Writer-Journalist Aatish Taseer से उनकी नागरिकता छीनी गई. भारत सरकार ने कहा कि Aatish ने अपने Pakistani पिता Salman Taseer से अपने रिश्ते को छुपाया. जबकि Taseer ने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि सरकार उनसे नाराज़ थी. लेकिन ये किस्सा कई मामलों में आतिश की कहानी में एक turning Point भी साबित हुआ. क्योंकि वो कुछ ऐसी यात्राओं पर निकले जिनमें उनके कई सवाल छिपे थे. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में यही Aatish Taseer हैं हमारे मेहमान. हमने उनसे की उनकी नागरिकता, उनके पिता Salman Taseer, उनकी मां तवलीन सिंह और सबसे ज़रूरी उनकी नई किताब The Return to Self पर बात. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4182</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a196aad55c05a0555a140bff8a547f80.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Javed Akhtar, Manto और Faiz से क्या है Aatish Taseer का रिश्ता?: पढ़ाकू नितिन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/javed-akhtar-manto-aura-faiz-se-kya-hai-aatish-taseer-ka-rista-parhaku-nitina--67468503</link><description><![CDATA[साल 2019. X तब Twitter हुआ करता था. और इसी Twitter पर Writer-Journalist Aatish Taseer से उनकी नागरिकता छीनी गई. भारत सरकार ने कहा कि Aatish ने अपने Pakistani पिता Salman Taseer से अपने रिश्ते को छुपाया. जबकि Taseer ने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि सरकार उनसे नाराज़ थी. लेकिन ये किस्सा कई मामलों में आतिश की कहानी में एक turning Point भी साबित हुआ. क्योंकि वो कुछ ऐसी यात्राओं पर निकले जिनमें उनके कई सवाल छिपे थे. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में यही Aatish Taseer हैं हमारे मेहमान. हमने उनसे की उनकी नागरिकता, उनके पिता Salman Taseer, उनकी मां तवलीन सिंह और सबसे ज़रूरी उनकी नई किताब The Return to Self पर बात. <br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67468503</guid><pubDate>Thu, 21 Aug 2025 15:14:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67468503/21_aug_25_pn_21_aug_128.mp3" length="66911921" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>साल 2019. X तब Twitter हुआ करता था. और इसी Twitter पर Writer-Journalist Aatish Taseer से उनकी नागरिकता छीनी गई. भारत सरकार ने कहा कि Aatish ने अपने Pakistani पिता Salman Taseer से अपने रिश्ते को छुपाया. जबकि Taseer ने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[साल 2019. X तब Twitter हुआ करता था. और इसी Twitter पर Writer-Journalist Aatish Taseer से उनकी नागरिकता छीनी गई. भारत सरकार ने कहा कि Aatish ने अपने Pakistani पिता Salman Taseer से अपने रिश्ते को छुपाया. जबकि Taseer ने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि सरकार उनसे नाराज़ थी. लेकिन ये किस्सा कई मामलों में आतिश की कहानी में एक turning Point भी साबित हुआ. क्योंकि वो कुछ ऐसी यात्राओं पर निकले जिनमें उनके कई सवाल छिपे थे. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में यही Aatish Taseer हैं हमारे मेहमान. हमने उनसे की उनकी नागरिकता, उनके पिता Salman Taseer, उनकी मां तवलीन सिंह और सबसे ज़रूरी उनकी नई किताब The Return to Self पर बात. <br /><br />प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br />साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4182</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a196aad55c05a0555a140bff8a547f80.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump ने की 5 दिन में दो बड़ी मीटिंग्स, Russia-Ukraine Ceasefire के कितने क़रीब?: पढ़ाकू नितिन, Ep 230</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ne-ki-5-dina-mem-do-bari-mitingsa-russia-ukraine-ceasefire-ke-kitane-qariba-parhaku-nitina-ep-230--67441053</link><description><![CDATA[आजकल एक चलन है, लोग अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपने Pronouns लिखते हैं. He, She, Them. Trump का बस चले तो वो अपने Pronouns में Dealmaker लिख दें. उन्हें Deal करवाने की चाहत ही नहीं, Addiction सा है. इससे हम सब वाकिफ़ हैं. उनकी इसी चाहत के चलते पिछले 5 दिनों में Geopolitics के लिहाज़ से दो बड़ी मीटिंग्स हुईं. दोनों अमेरिका में. मगर एक दूर अलास्का के पास और दूसरी Washington DC में. दोनों मीटिंग्स में Common थे Donald Trump जिनका ज़ोर आजकल Russia-Ukraine war को रुकवाने की ओर है. हमने पिछले एपिसोड में Prof. Amitabh Singh से पूछा भी था कि Alaska Meeting में क्या हो सकता है तो उन्होंने कहा था कि युद्ध रोकने की तरफ प्रयास तो होता दिख रहा है. और फिर ये मीटिंग हो गई. आपने भी देखी हैं ट्रंप-पुतिन की वो तस्वीरें जिनमें वो गर्मजोशी से मिलते नज़र आए. ट्रंप वादा करके गए थे कि Ceasefire करवाकर लौटूंगा. लेकिन किस हद तक अपने दावे पर अमल कर पाए. ये कहना मुश्किल है. क्योंकि इसके बाद कल हुई Washington DC में Zelensky और Trump की मीटिंग, जिसमें Zelensky European Leaders की पलटन लेकर पहुंचे. तो करेंगे इन दोनों मीटिंग्स और इनके Consequences को Decode Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में. जहां हमारे साथ हैं. Dr. Manish Dhabade, Associate Professor हैं JNU के Centre for International Politics, Organisation &amp; Disarmament में. Diplomacy की बात आप हम समय समय पर करते रहते हैं. मगर मनीष जी की PhD ही Diplomacy और Disarmament पर है. Like, Share, Comment के साथ साथ Subscribe करना भी न भूलें.<br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: रोहन भारती<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67441053</guid><pubDate>Tue, 19 Aug 2025 16:47:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67441053/19_aug_25_pn_19_aug_128.mp3" length="54365622" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आजकल एक चलन है, लोग अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपने Pronouns लिखते हैं. He, She, Them. 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Trump का बस चले तो वो अपने Pronouns में Dealmaker लिख दें. उन्हें Deal करवाने की चाहत ही नहीं, Addiction सा है. इससे हम सब वाकिफ़ हैं. उनकी इसी चाहत के चलते पिछले 5 दिनों में Geopolitics के लिहाज़ से दो बड़ी मीटिंग्स हुईं. दोनों अमेरिका में. मगर एक दूर अलास्का के पास और दूसरी Washington DC में. दोनों मीटिंग्स में Common थे Donald Trump जिनका ज़ोर आजकल Russia-Ukraine war को रुकवाने की ओर है. हमने पिछले एपिसोड में Prof. Amitabh Singh से पूछा भी था कि Alaska Meeting में क्या हो सकता है तो उन्होंने कहा था कि युद्ध रोकने की तरफ प्रयास तो होता दिख रहा है. और फिर ये मीटिंग हो गई. आपने भी देखी हैं ट्रंप-पुतिन की वो तस्वीरें जिनमें वो गर्मजोशी से मिलते नज़र आए. ट्रंप वादा करके गए थे कि Ceasefire करवाकर लौटूंगा. लेकिन किस हद तक अपने दावे पर अमल कर पाए. ये कहना मुश्किल है. क्योंकि इसके बाद कल हुई Washington DC में Zelensky और Trump की मीटिंग, जिसमें Zelensky European Leaders की पलटन लेकर पहुंचे. तो करेंगे इन दोनों मीटिंग्स और इनके Consequences को Decode Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में. जहां हमारे साथ हैं. Dr. Manish Dhabade, Associate Professor हैं JNU के Centre for International Politics, Organisation &amp; Disarmament में. Diplomacy की बात आप हम समय समय पर करते रहते हैं. मगर मनीष जी की PhD ही Diplomacy और Disarmament पर है. 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Peace Deal जिसका मकसद था करीब 30 साल पहले शुरू हुई लड़ाई को सुलझाना. लेकिन ये Armenia-Azerbaijan Peace Deal का सिर्फ़ एक पहलू है. इसमें कई और भी पक्ष हैं, कई और Complexities साथ में हैं एक Nobel Cause. वही, Nobel जिसकी चाहत में US President Donald Trump ने दुनियाभर के झगड़ों को सुलझाने का बीड़ा उठा रखा है. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में JNU Professor Amitabh Singh से हमने समझीं Armenia-Azerbaijan Conflict की बारीकियां, South Caucasus का Significant इतिहास, Armenia का Kannauj Connection और Trump-Putin की Alaska Meeting की संभावनाएं.    <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67347963</guid><pubDate>Tue, 12 Aug 2025 18:29:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67347963/12_aug_25_pn_mix_12_august_128.mp3" length="66434612" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारतीय समय के मुताबिक 9 अगस्त की अल सुबह एक ख़बर हर जगह फ्लैश हुई. ये ख़बर जुड़ी थी एक Peace Deal से. Peace Deal जिसका मकसद था करीब 30 साल पहले शुरू हुई लड़ाई को सुलझाना. लेकिन ये Armenia-Azerbaijan Peace Deal का सिर्फ़ एक पहलू है. इसमें कई और भी पक्ष...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारतीय समय के मुताबिक 9 अगस्त की अल सुबह एक ख़बर हर जगह फ्लैश हुई. ये ख़बर जुड़ी थी एक Peace Deal से. Peace Deal जिसका मकसद था करीब 30 साल पहले शुरू हुई लड़ाई को सुलझाना. लेकिन ये Armenia-Azerbaijan Peace Deal का सिर्फ़ एक पहलू है. इसमें कई और भी पक्ष हैं, कई और Complexities साथ में हैं एक Nobel Cause. वही, Nobel जिसकी चाहत में US President Donald Trump ने दुनियाभर के झगड़ों को सुलझाने का बीड़ा उठा रखा है. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में JNU Professor Amitabh Singh से हमने समझीं Armenia-Azerbaijan Conflict की बारीकियां, South Caucasus का Significant इतिहास, Armenia का Kannauj Connection और Trump-Putin की Alaska Meeting की संभावनाएं.    <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4153</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/64d8cc702b3736e51ca741c24d3c287b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कबीर-परंपरा के गुमनाम सितारे 'दादू' पर सुनिए JNU के Professor Purushottam Agrawal को: पढ़ाकू नितिन, Ep 227</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kabira-parampara-ke-gumanama-sitare-dadu-para-suni-e-jnu-ke-professor-purushottam-agrawal-ko-parhaku-nitina-ep-227--67286391</link><description><![CDATA[आज से करीब 600 साल पहले एक कवि हुए जो आज तक लोगों के दिलो-दिमाग पर राज करते हैं. नाम है कबीर. कबीर के बारे में यूं तो कई बाते प्रचलित हैं. कुछ का प्रमाण है. कुछ का नहीं. मगर एक बात सौ फीसदी प्रमाणित है कि उनकी बातें अब भी उतनी ही रेलेवेंट हैं. लेकिन कबीर के अलावा और भी कई कवि हुए, जिन्हें अलग अलग कारणों से कबीर जितनी ख़्याति नहीं मिली. इनमें से एक प्रमुख नाम है राजस्थान के संत दादू दयाल का. इन की ख़्याति को यूं समझिए कि उनके समकालीन रहे बादशाह अकबर ने उन्हें उस दौर का कबीर कहा. 40 दिन तक उनसे धार्मिक चर्चा की. मगर ये सब सिर्फ Tip of The Iceberg है. दादू के बारे में जानने को बहुत कुछ है. इसलिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने बात की JNU के पूर्व प्रोफेसर, UPSC के पूर्व मेंबर, न जाने कितनी यूनिवर्सिटियों में पढ़ा चुके और कबीर पर ऑथोरिटी माने वाले Professor Purushottam Agrawal से. प्रोफेसर साहब ने लिखी है दादू के जीवन का समग्र विश्लेषण करती So says Jan Gopal नाम की किताब. उम्मीद है आपको एपिसोड पसंद आएगा.<br /><br /><br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67286391</guid><pubDate>Thu, 07 Aug 2025 17:32:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67286391/07_aug_25_pn_mix_7_augustttttttttt_128.mp3" length="86351203" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आज से करीब 600 साल पहले एक कवि हुए जो आज तक लोगों के दिलो-दिमाग पर राज करते हैं. नाम है कबीर. कबीर के बारे में यूं तो कई बाते प्रचलित हैं. कुछ का प्रमाण है. कुछ का नहीं. मगर एक बात सौ फीसदी प्रमाणित है कि उनकी बातें अब भी उतनी ही रेलेवेंट हैं. लेकिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आज से करीब 600 साल पहले एक कवि हुए जो आज तक लोगों के दिलो-दिमाग पर राज करते हैं. नाम है कबीर. कबीर के बारे में यूं तो कई बाते प्रचलित हैं. कुछ का प्रमाण है. कुछ का नहीं. मगर एक बात सौ फीसदी प्रमाणित है कि उनकी बातें अब भी उतनी ही रेलेवेंट हैं. लेकिन कबीर के अलावा और भी कई कवि हुए, जिन्हें अलग अलग कारणों से कबीर जितनी ख़्याति नहीं मिली. इनमें से एक प्रमुख नाम है राजस्थान के संत दादू दयाल का. इन की ख़्याति को यूं समझिए कि उनके समकालीन रहे बादशाह अकबर ने उन्हें उस दौर का कबीर कहा. 40 दिन तक उनसे धार्मिक चर्चा की. मगर ये सब सिर्फ Tip of The Iceberg है. दादू के बारे में जानने को बहुत कुछ है. इसलिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने बात की JNU के पूर्व प्रोफेसर, UPSC के पूर्व मेंबर, न जाने कितनी यूनिवर्सिटियों में पढ़ा चुके और कबीर पर ऑथोरिटी माने वाले Professor Purushottam Agrawal से. प्रोफेसर साहब ने लिखी है दादू के जीवन का समग्र विश्लेषण करती So says Jan Gopal नाम की किताब. उम्मीद है आपको एपिसोड पसंद आएगा.<br /><br /><br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>5397</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0e12ef195d9443743f91f48e0cd3f384.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump के 50% Tariff से भारतीयों को होगा सीधा नुकसान?: पढ़ाकू नितिन, Ep 226</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ke-50-tariff-se-bharatiyom-ko-hoga-sidha-nukasana-parhaku-nitina-ep-226--67285419</link><description><![CDATA[इस साल के शुरुआत में जब US में चुनाव हो रहे थे तो कई भारतीय इस बात की उम्मीद लगा रहे थे कि- काश Trump वापस सत्ता में आ जाएं. उनकी दुआएं कबूल भी हुईं. मगर Partially, क्योंकि Trump अब वो ट्रंप नहीं रहे जो मोदी के ग्रेट फ्रेंड थे. इस बार उनके एजेंडे Business Centric ज़्यादा है. हालांकि ये Business किसके लिए कितना फायदेमंद है. ये भी किसी को नहीं मालूम. दुनियाभर में अलग अलग देशों पर Tariff लगाने के बाद आखिरकार Trump ने ये ऐलान किया कि US India पर न सिर्फ़ 25% का भारी Tariff लगाएगा, साथ ही 25% Penalty भी. क्योंकि वो Russia के साथ अपना Oil Trade सीमित नहीं कर रहा. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में डॉक्टर मुक्तदर ख़ान के साथ उधेडे़ंगे US-India Relations की परतें, टटोलेंगे Trump का दिमाग-आकांक्षाएं और मजबूरियां. साथ ही समझेंगे उन Complexities के बारे में जो अभी भारतीयों के लिए खड़ी हो सकती है. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67285419</guid><pubDate>Thu, 07 Aug 2025 15:02:04 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67285419/07_aug_25_pn_7_aug_128.mp3" length="74173126" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस साल के शुरुआत में जब US में चुनाव हो रहे थे तो कई भारतीय इस बात की उम्मीद लगा रहे थे कि- काश Trump वापस सत्ता में आ जाएं. उनकी दुआएं कबूल भी हुईं. मगर Partially, क्योंकि Trump अब वो ट्रंप नहीं रहे जो मोदी के ग्रेट फ्रेंड थे. इस बार उनके एजेंडे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस साल के शुरुआत में जब US में चुनाव हो रहे थे तो कई भारतीय इस बात की उम्मीद लगा रहे थे कि- काश Trump वापस सत्ता में आ जाएं. उनकी दुआएं कबूल भी हुईं. मगर Partially, क्योंकि Trump अब वो ट्रंप नहीं रहे जो मोदी के ग्रेट फ्रेंड थे. इस बार उनके एजेंडे Business Centric ज़्यादा है. हालांकि ये Business किसके लिए कितना फायदेमंद है. ये भी किसी को नहीं मालूम. दुनियाभर में अलग अलग देशों पर Tariff लगाने के बाद आखिरकार Trump ने ये ऐलान किया कि US India पर न सिर्फ़ 25% का भारी Tariff लगाएगा, साथ ही 25% Penalty भी. क्योंकि वो Russia के साथ अपना Oil Trade सीमित नहीं कर रहा. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में डॉक्टर मुक्तदर ख़ान के साथ उधेडे़ंगे US-India Relations की परतें, टटोलेंगे Trump का दिमाग-आकांक्षाएं और मजबूरियां. साथ ही समझेंगे उन Complexities के बारे में जो अभी भारतीयों के लिए खड़ी हो सकती है. <br /><br /> प्रड्यूसर: मानव देव रावत<br /> साउंड मिक्स: सूरज सिंह<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4636</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/af573522376fe86fd1b1d403143e6a98.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>China का ये Conflict जो करवा सकता है World War 3?: पढ़ाकू नितिन, Ep 225</title><link>https://www.spreaker.com/episode/china-ka-ye-conflict-jo-karava-sakata-hai-world-war-3-parhaku-nitina-ep-225--67261752</link><description><![CDATA[Geopolitics आजकल दो बड़े ध्रुवों के इर्द-गिर्द घूमती नज़र आती है. एक अमेरिका दूसरा चीन. दोनों सिर्फ़ दिशाओं में ही नहीं. धारा में भी एक दूसरे से उल्टे ही नज़र आते हैं. चीन का नाम अब हर बार एशिया और दुनियाभर के उन देशों में लिया जाने लगा है जो Geopolitics और World Trade को अपने हिसाब से चलाना चाहती हैं. मगर इस फेहरिस्त में शामिल होने के बावजूद भी China पूरी तरह निरंकुश नहीं है. उसकी भी कुछ दुखती रगें हैं. जिन्हें दबा दबा कर वेस्ट की ताकतें उसे समय समय पर काउंटर करती हैं. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में टटोलेंगे चीन की सबसे ज़्यादा दुखने वाली नब्ज़ को Taiwan. जानेंगे कि Taiwan से क्यों है पूरी दुनिया को इतनी उम्मीदें? Taiwan-China Conflict का इतिहास और भविष्य क्या है? जानेंगे कि बार बार 2027 में Taiwan को ख़त्म करने के बावजूद भी Chinese President Xi Jinping की दिक्कतें क्या क्या हैं? जिसके लिए हमारे साथ है Taiwan पर किताब लिखने वाले Gaurav Sen.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67261752</guid><pubDate>Tue, 05 Aug 2025 19:35:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67261752/06_aug_25_pn_6_august_128.mp3" length="75373923" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Geopolitics आजकल दो बड़े ध्रुवों के इर्द-गिर्द घूमती नज़र आती है. एक अमेरिका दूसरा चीन. दोनों सिर्फ़ दिशाओं में ही नहीं. धारा में भी एक दूसरे से उल्टे ही नज़र आते हैं. चीन का नाम अब हर बार एशिया और दुनियाभर के उन देशों में लिया जाने लगा है जो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Geopolitics आजकल दो बड़े ध्रुवों के इर्द-गिर्द घूमती नज़र आती है. एक अमेरिका दूसरा चीन. दोनों सिर्फ़ दिशाओं में ही नहीं. धारा में भी एक दूसरे से उल्टे ही नज़र आते हैं. चीन का नाम अब हर बार एशिया और दुनियाभर के उन देशों में लिया जाने लगा है जो Geopolitics और World Trade को अपने हिसाब से चलाना चाहती हैं. मगर इस फेहरिस्त में शामिल होने के बावजूद भी China पूरी तरह निरंकुश नहीं है. उसकी भी कुछ दुखती रगें हैं. जिन्हें दबा दबा कर वेस्ट की ताकतें उसे समय समय पर काउंटर करती हैं. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में टटोलेंगे चीन की सबसे ज़्यादा दुखने वाली नब्ज़ को Taiwan. जानेंगे कि Taiwan से क्यों है पूरी दुनिया को इतनी उम्मीदें? Taiwan-China Conflict का इतिहास और भविष्य क्या है? जानेंगे कि बार बार 2027 में Taiwan को ख़त्म करने के बावजूद भी Chinese President Xi Jinping की दिक्कतें क्या क्या हैं? जिसके लिए हमारे साथ है Taiwan पर किताब लिखने वाले Gaurav Sen.]]></itunes:summary><itunes:duration>4711</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8cd926153b28fbc3700e11844b6a406b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump के Tariff का सामना India कैसे करेगा और क्या Russia से रिश्ता टूटने वाला है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 224</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ke-tariff-ka-samana-india-kaise-karega-aura-kya-russia-se-rista-tutane-vala-hai-parhaku-nitina-ep-224--67204104</link><description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ़ कहा है कि भारत से 25% टैरिफ़ वसूला जाएगा और अगर रूस से दोस्ती ऐसे ही चलती रही, तो इसकी भी कीमत चुकानी होगी भारत हमेशा से कोशिश करता रहा है कि उसे रूस और अमेरिका में से किसी एक को न चुनना पड़े. लेकिन अब लग रहा है कि फैसला करना पड़ सकता है  या फिर अमेरिका का दबाव भारत को उल्टा रूस के और क़रीब ले जाए? क्या हम ग्लोबल राजनीति में नए दोस्त और दुश्मन बनते देख रहे हैं? और भारत की आम जनता पर इसका असर क्या होगा? इन तमाम सवालों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जाने-माने अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार, ट्रंप ने कैसे टैरिफ़ को हथियार बना दिया है? भारत क्यों झुक नहीं सकता? और आगे क्या विकल्प बचे हैं? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67204104</guid><pubDate>Thu, 31 Jul 2025 16:32:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67204104/31_jul_25_pn_mix_31_july_128.mp3" length="58399764" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ़ कहा है कि भारत से 25% टैरिफ़ वसूला जाएगा और अगर रूस से दोस्ती ऐसे ही चलती रही, तो इसकी भी कीमत चुकानी होगी भारत हमेशा से कोशिश करता रहा है कि उसे रूस और अमेरिका में से किसी एक को न चुनना पड़े. लेकिन अब लग रहा है कि फैसला...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ़ कहा है कि भारत से 25% टैरिफ़ वसूला जाएगा और अगर रूस से दोस्ती ऐसे ही चलती रही, तो इसकी भी कीमत चुकानी होगी भारत हमेशा से कोशिश करता रहा है कि उसे रूस और अमेरिका में से किसी एक को न चुनना पड़े. लेकिन अब लग रहा है कि फैसला करना पड़ सकता है  या फिर अमेरिका का दबाव भारत को उल्टा रूस के और क़रीब ले जाए? क्या हम ग्लोबल राजनीति में नए दोस्त और दुश्मन बनते देख रहे हैं? और भारत की आम जनता पर इसका असर क्या होगा? इन तमाम सवालों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जाने-माने अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार, ट्रंप ने कैसे टैरिफ़ को हथियार बना दिया है? भारत क्यों झुक नहीं सकता? और आगे क्या विकल्प बचे हैं? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>3650</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8100f2b718b97497944b32523edc5c27.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump के Tarrif का सामना India कैसे करेगा और क्या Russia से रिश्ता टूटने वाला है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 224</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ke-tarrif-ka-samana-india-kaise-karega-aura-kya-russia-se-rista-tutane-vala-hai-parhaku-nitina-ep-224--67204102</link><description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ़ कहा है कि भारत से 25% टैरिफ़ वसूला जाएगा और अगर रूस से दोस्ती ऐसे ही चलती रही, तो इसकी भी कीमत चुकानी होगी भारत हमेशा से कोशिश करता रहा है कि उसे रूस और अमेरिका में से किसी एक को न चुनना पड़े. लेकिन अब लग रहा है कि फैसला करना पड़ सकता है  या फिर अमेरिका का दबाव भारत को उल्टा रूस के और क़रीब ले जाए? क्या हम ग्लोबल राजनीति में नए दोस्त और दुश्मन बनते देख रहे हैं? और भारत की आम जनता पर इसका असर क्या होगा? इन तमाम सवालों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जाने-माने अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार, ट्रंप ने कैसे टैरिफ़ को हथियार बना दिया है? भारत क्यों झुक नहीं सकता? और आगे क्या विकल्प बचे हैं? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67204102</guid><pubDate>Thu, 31 Jul 2025 16:32:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67204102/31_jul_25_pn_mix_31_july_128.mp3" length="58399764" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ़ कहा है कि भारत से 25% टैरिफ़ वसूला जाएगा और अगर रूस से दोस्ती ऐसे ही चलती रही, तो इसकी भी कीमत चुकानी होगी भारत हमेशा से कोशिश करता रहा है कि उसे रूस और अमेरिका में से किसी एक को न चुनना पड़े. लेकिन अब लग रहा है कि फैसला...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ़ कहा है कि भारत से 25% टैरिफ़ वसूला जाएगा और अगर रूस से दोस्ती ऐसे ही चलती रही, तो इसकी भी कीमत चुकानी होगी भारत हमेशा से कोशिश करता रहा है कि उसे रूस और अमेरिका में से किसी एक को न चुनना पड़े. लेकिन अब लग रहा है कि फैसला करना पड़ सकता है  या फिर अमेरिका का दबाव भारत को उल्टा रूस के और क़रीब ले जाए? क्या हम ग्लोबल राजनीति में नए दोस्त और दुश्मन बनते देख रहे हैं? और भारत की आम जनता पर इसका असर क्या होगा? इन तमाम सवालों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जाने-माने अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार, ट्रंप ने कैसे टैरिफ़ को हथियार बना दिया है? भारत क्यों झुक नहीं सकता? और आगे क्या विकल्प बचे हैं? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>3650</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9964d853c5141cce0a25a3f19d1ef5f8.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump के MAGA Supporters क्यों है उनसे नाराज़?: पढ़ाकू नितिन, Ep 223</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ke-maga-supporters-kyom-hai-unase-naraza-parhaku-nitina-ep-223--67179014</link><description><![CDATA[इस दुनिया में आज जो कुछ घट रहा है — क्या वो मेरे कारण घट रहा है, या इसलिए क्योंकि मैं उसे घटने दे रहा हूं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शायद यह बात कभी सीधे शब्दों में न कही हो, लेकिन उनके बयानों और फैसलों को देखकर ऐसा जरूर लगता है कि वो खुद को इसी तरह सोचते हैं। मगर अब उनके अपने ही देश में — अमेरिका में — एक नाम है जो लगातार चर्चा में है। एक ऐसा नाम, जिसे ट्रंप अब सुनना भी पसंद नहीं करते: जेफ्री एपस्टीन। हैरानी की बात ये है कि यही व्यक्ति, जिसे ट्रंप आज "creep" कहकर नापसंद करते हैं, उसे करीब 23 साल पहले वो "terrific guy" बुलाते थे। तो आखिर अब ऐसा क्या बदल गया है? Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हम समझेंगे — Jeffrey Epstein का नाम अमेरिका में फिर क्यों चर्चा में है? Trump को इससे क्या परेशानी है? और क्यों अब खुद उनके समर्थक भी उनसे खफा नज़र आ रहे हैं? हमारे साथ हैं प्रोफेसर विनीत प्रकाश, जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। अमेरिकी राजनीति और नीति पढ़ाने का उनके पास दो दशकों का अनुभव है।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67179014</guid><pubDate>Tue, 29 Jul 2025 17:51:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67179014/29_jul_25_pn29july_128.mp3" length="36399229" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस दुनिया में आज जो कुछ घट रहा है — क्या वो मेरे कारण घट रहा है, या इसलिए क्योंकि मैं उसे घटने दे रहा हूं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शायद यह बात कभी सीधे शब्दों में न कही हो, लेकिन उनके बयानों और फैसलों को देखकर ऐसा जरूर लगता है कि वो खुद को...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस दुनिया में आज जो कुछ घट रहा है — क्या वो मेरे कारण घट रहा है, या इसलिए क्योंकि मैं उसे घटने दे रहा हूं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शायद यह बात कभी सीधे शब्दों में न कही हो, लेकिन उनके बयानों और फैसलों को देखकर ऐसा जरूर लगता है कि वो खुद को इसी तरह सोचते हैं। मगर अब उनके अपने ही देश में — अमेरिका में — एक नाम है जो लगातार चर्चा में है। एक ऐसा नाम, जिसे ट्रंप अब सुनना भी पसंद नहीं करते: जेफ्री एपस्टीन। हैरानी की बात ये है कि यही व्यक्ति, जिसे ट्रंप आज "creep" कहकर नापसंद करते हैं, उसे करीब 23 साल पहले वो "terrific guy" बुलाते थे। तो आखिर अब ऐसा क्या बदल गया है? Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हम समझेंगे — Jeffrey Epstein का नाम अमेरिका में फिर क्यों चर्चा में है? Trump को इससे क्या परेशानी है? और क्यों अब खुद उनके समर्थक भी उनसे खफा नज़र आ रहे हैं? हमारे साथ हैं प्रोफेसर विनीत प्रकाश, जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। अमेरिकी राजनीति और नीति पढ़ाने का उनके पास दो दशकों का अनुभव है।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>2275</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a833e44f17b058c53436ab2231aeab0f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Japan में सत्ता का संकट! LDP की हार और Sanseito की जीत बदलेगा Indo-Japan रिश्ता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 221</title><link>https://www.spreaker.com/episode/japan-mem-satta-ka-sankata-ldp-ki-hara-aura-sanseito-ki-jita-badalega-indo-japan-rista-parhaku-nitina-ep-221--67076700</link><description><![CDATA[20 जुलाई 2025 को जापान में Upper House के लिए चुनाव हुए और नतीजे इतने चौंकाने वाले नहीं रहे, लेकिन एतिहासिक ज़रूर थे. प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानी LDP और उसके सहयोगी कोमेतो गठबंधन बहुमत से पीछे रह गए। उन्हें सिर्फ़ 47 सीटें मिलीं, जबकि ज़रूरत थी कम से कम 50 की. इस बार महंगाई, खासकर चावल की बढ़ती क़ीमतें और देश में विदेशी मज़दूरों को लेकर चिंता बड़ी बहस का मुद्दा रही। और इसी माहौल में उभरी एक नई ताक़त  Sanseito पार्टी, जिसके नेता सोहेई कामिया ने “Japanese-First” जैसे नारों के साथ बड़ा असर डाला. ऐसे ही नारे हमने अमेरिका में राष्ट्रपती ट्रंप की रैली में भी सुन चुके हैं. ट्रंप ने जैसे बाहर से आकर अमेरिका की राजनीति के केंद्र में पहुंच गए, क्या जापान में भी ऐसा होता दिख रहा है… क्या इशिबा सरकार बच पाएगी? जापान की आर्थिक और विदेश नीति का क्या होगा? और भारत जैसे साझेदार देशों के लिए इसका क्या मतलब है? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67076700</guid><pubDate>Tue, 22 Jul 2025 18:03:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67076700/23_jul_25_pn22julyrevise_128.mp3" length="43425959" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>20 जुलाई 2025 को जापान में Upper House के लिए चुनाव हुए और नतीजे इतने चौंकाने वाले नहीं रहे, लेकिन एतिहासिक ज़रूर थे. प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानी LDP और उसके सहयोगी कोमेतो गठबंधन बहुमत से पीछे रह गए। उन्हें सिर्फ़ 47...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[20 जुलाई 2025 को जापान में Upper House के लिए चुनाव हुए और नतीजे इतने चौंकाने वाले नहीं रहे, लेकिन एतिहासिक ज़रूर थे. प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानी LDP और उसके सहयोगी कोमेतो गठबंधन बहुमत से पीछे रह गए। उन्हें सिर्फ़ 47 सीटें मिलीं, जबकि ज़रूरत थी कम से कम 50 की. इस बार महंगाई, खासकर चावल की बढ़ती क़ीमतें और देश में विदेशी मज़दूरों को लेकर चिंता बड़ी बहस का मुद्दा रही। और इसी माहौल में उभरी एक नई ताक़त  Sanseito पार्टी, जिसके नेता सोहेई कामिया ने “Japanese-First” जैसे नारों के साथ बड़ा असर डाला. ऐसे ही नारे हमने अमेरिका में राष्ट्रपती ट्रंप की रैली में भी सुन चुके हैं. ट्रंप ने जैसे बाहर से आकर अमेरिका की राजनीति के केंद्र में पहुंच गए, क्या जापान में भी ऐसा होता दिख रहा है… क्या इशिबा सरकार बच पाएगी? जापान की आर्थिक और विदेश नीति का क्या होगा? और भारत जैसे साझेदार देशों के लिए इसका क्या मतलब है? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>2715</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5b78f80336db450bc1dccc824ef7d47c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump अब Putin से NATO को भिड़ाएंगे और क्या India के लिए फैसले की घड़ी आ गई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 220</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-aba-putin-se-nato-ko-bhira-enge-aura-kya-india-ke-li-e-phaisale-ki-ghari-a-ga-i-parhaku-nitina-ep-220--67015466</link><description><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है. अगर पुतिन ने यूक्रेन के साथ शांति नहीं की, तो रूस और उसके साथियों को भारी कीमत चुकानी होगी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, अमेरिका यूक्रेन को एडवांस हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें देगा लेकिन इनकी क़ीमत यूरोपीय देश मिलकर चुकाएंगे और इसी के साथ NATO फिर से चर्चा में है, वही NATO, जिससे इस जंग की शुरुआत जुड़ी थी. तो क्या 50 दिन बाद जंग थमेगी या और भड़केगी? क्या अमेरिकी हथियार यूक्रेन के लिए गेम चेंजर बनेंगे या रूस और आक्रामक हो जाएगा? और भारत के लिए क्या अब तटस्थ रह पाना मुश्किल हो जाएगा? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/67015466</guid><pubDate>Thu, 17 Jul 2025 15:58:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/67015466/17_jul_25_pn17july_128.mp3" length="58476251" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है. अगर पुतिन ने यूक्रेन के साथ शांति नहीं की, तो रूस और उसके साथियों को भारी कीमत चुकानी होगी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, अमेरिका यूक्रेन को एडवांस हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें देगा लेकिन इनकी क़ीमत यूरोपीय...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है. अगर पुतिन ने यूक्रेन के साथ शांति नहीं की, तो रूस और उसके साथियों को भारी कीमत चुकानी होगी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, अमेरिका यूक्रेन को एडवांस हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें देगा लेकिन इनकी क़ीमत यूरोपीय देश मिलकर चुकाएंगे और इसी के साथ NATO फिर से चर्चा में है, वही NATO, जिससे इस जंग की शुरुआत जुड़ी थी. तो क्या 50 दिन बाद जंग थमेगी या और भड़केगी? क्या अमेरिकी हथियार यूक्रेन के लिए गेम चेंजर बनेंगे या रूस और आक्रामक हो जाएगा? और भारत के लिए क्या अब तटस्थ रह पाना मुश्किल हो जाएगा? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3655</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ae26a2a04d4073d9d062a706db2b3956.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Lal Bahadur Shastri के साथ Tashkent में क्या हुआ और Russia को क्या पहले से सब पता था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 219</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lal-bahadur-shastri-ke-satha-tashkent-mem-kya-hu-a-aura-russia-ko-kya-pahale-se-saba-pata-tha-parhaku-nitina-ep-219--66987394</link><description><![CDATA[2 अक्टूबर 1904 को मुग़लसराय में जन्मे लाल बहादुर शास्त्री भारतीय राजनीति की मिसाल हैं  सादगी, ईमानदारी और नेतृत्व के प्रतीक. 1965 के भारत-पाक युद्ध में "जय जवान, जय किसान" का नारा देने वाले शास्त्री जी ने देश को मुश्किल समय में संभाला. 10 जनवरी 1966 को ताशकंद समझौते पर दस्तखत हुए, लेकिन उसी रात खबर आई “प्रधानमंत्री नहीं रहे”. कहा गया दिल का दौरा पड़ा, लेकिन आज भी कई सवाल ज़िंदा हैं.<br /> हमारे साथ हैं लेखक अनुज धर, जिनकी किताब Your Prime Minister is Dead शास्त्री जी की मौत पर सवाल उठाती है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66987394</guid><pubDate>Tue, 15 Jul 2025 16:53:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66987394/15_jul_25_pn_15_july_128.mp3" length="80857547" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>2 अक्टूबर 1904 को मुग़लसराय में जन्मे लाल बहादुर शास्त्री भारतीय राजनीति की मिसाल हैं  सादगी, ईमानदारी और नेतृत्व के प्रतीक. 1965 के भारत-पाक युद्ध में "जय जवान, जय किसान" का नारा देने वाले शास्त्री जी ने देश को मुश्किल समय में संभाला. 10 जनवरी 1966...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[2 अक्टूबर 1904 को मुग़लसराय में जन्मे लाल बहादुर शास्त्री भारतीय राजनीति की मिसाल हैं  सादगी, ईमानदारी और नेतृत्व के प्रतीक. 1965 के भारत-पाक युद्ध में "जय जवान, जय किसान" का नारा देने वाले शास्त्री जी ने देश को मुश्किल समय में संभाला. 10 जनवरी 1966 को ताशकंद समझौते पर दस्तखत हुए, लेकिन उसी रात खबर आई “प्रधानमंत्री नहीं रहे”. कहा गया दिल का दौरा पड़ा, लेकिन आज भी कई सवाल ज़िंदा हैं.<br /> हमारे साथ हैं लेखक अनुज धर, जिनकी किताब Your Prime Minister is Dead शास्त्री जी की मौत पर सवाल उठाती है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5054</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8289397ace4f453a199b4ce392839581.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Panchayat 5 में Vikash क्या करेगा और Phulera में Pradhan Ji का हारना क्यों ज़रूरी था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 218</title><link>https://www.spreaker.com/episode/panchayat-5-mem-vikash-kya-karega-aura-phulera-mem-pradhan-ji-ka-harana-kyom-zaruri-tha-parhaku-nitina-ep-218--66928268</link><description><![CDATA[वो लोग जो बरसों पहले काम, अवसर या शिक्षा की तलाश में अपने गाँवों को छोड़ शहरों की ओर चले गए  या किसी और मजबूरी के कारण उन्होंने आज भी अपने भीतर गांव को बचाए रखने की कोशिशें नहीं छोड़ीं. टीवीएफ़ की 'पंचायत' भी ऐसी ही एक कोशिश है. इसे देखने वाला हर शख़्स फुलेरा में कहीं न कहीं अपना गाँव तलाशता है. गलियों में, शादियों में, पंचायत भवन में या प्रधानी के चुनाव में. फुलेरा में रहने वाले हर किरदार को लोग अपना सा मान लेते हैं. ऐसे ही एक प्यारे किरदार हैं हमारे उप-सचिव विकास और इनका असली नाम है चंदन रॉय, सुनिए ‘पढ़ाकू नितिन’ में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66928268</guid><pubDate>Thu, 10 Jul 2025 15:23:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66928268/10_jul_25_pn_10_july_128.mp3" length="39992006" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>वो लोग जो बरसों पहले काम, अवसर या शिक्षा की तलाश में अपने गाँवों को छोड़ शहरों की ओर चले गए  या किसी और मजबूरी के कारण उन्होंने आज भी अपने भीतर गांव को बचाए रखने की कोशिशें नहीं छोड़ीं. टीवीएफ़ की 'पंचायत' भी ऐसी ही एक कोशिश है. इसे देखने वाला हर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[वो लोग जो बरसों पहले काम, अवसर या शिक्षा की तलाश में अपने गाँवों को छोड़ शहरों की ओर चले गए  या किसी और मजबूरी के कारण उन्होंने आज भी अपने भीतर गांव को बचाए रखने की कोशिशें नहीं छोड़ीं. टीवीएफ़ की 'पंचायत' भी ऐसी ही एक कोशिश है. इसे देखने वाला हर शख़्स फुलेरा में कहीं न कहीं अपना गाँव तलाशता है. गलियों में, शादियों में, पंचायत भवन में या प्रधानी के चुनाव में. फुलेरा में रहने वाले हर किरदार को लोग अपना सा मान लेते हैं. ऐसे ही एक प्यारे किरदार हैं हमारे उप-सचिव विकास और इनका असली नाम है चंदन रॉय, सुनिए ‘पढ़ाकू नितिन’ में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>2500</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/573e8c16c53e53689b450e8c30b18ef7.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump की Tarrif War से India क्यों नहीं डरता और Dollar से क्यों नहीं लड़ पा रहा BRICS?: पढ़ाकू नितिन, Ep 217</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ki-tarrif-war-se-india-kyom-nahim-darata-aura-dollar-se-kyom-nahim-lara-pa-raha-brics-parhaku-nitina-ep-217--66900832</link><description><![CDATA[एक समय था जब दुनिया दो ध्रुवों में बंटी हुई थी. एक ओर था अमेरिका के नेतृत्व वाला पश्चिम और दूसरी ओर सोवियत संघ. फिर वक्त बदला, दीवारें गिरीं, पुराने गठबंधन टूटे और नए गठबंधन बनते गए. जो जहां हित साधता दिखा, वहीं जुड़ता चला गया, चाहे वो आर्थिक हित हों या सामरिक. इसी दौर में चार देशों ने मिलकर एक गठबंधन बनाया — BRIC: ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन. फिर साउथ अफ्रीका जुड़ा और बन गया BRICS. बाद में और देश जुड़े, पर नाम वही रहा. इस समूह का मक़सद था अमेरिकी डॉलर की सर्वोच्चता को चुनौती देना. कभी जो साझेदारी एक सपना लगती थी आज वही अमेरिका की आंखों में चुभ क्यों रही है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66900832</guid><pubDate>Tue, 08 Jul 2025 17:53:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66900832/08_jul_25_pn8_july_128.mp3" length="64115774" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक समय था जब दुनिया दो ध्रुवों में बंटी हुई थी. एक ओर था अमेरिका के नेतृत्व वाला पश्चिम और दूसरी ओर सोवियत संघ. फिर वक्त बदला, दीवारें गिरीं, पुराने गठबंधन टूटे और नए गठबंधन बनते गए. जो जहां हित साधता दिखा, वहीं जुड़ता चला गया, चाहे वो आर्थिक हित हों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक समय था जब दुनिया दो ध्रुवों में बंटी हुई थी. एक ओर था अमेरिका के नेतृत्व वाला पश्चिम और दूसरी ओर सोवियत संघ. फिर वक्त बदला, दीवारें गिरीं, पुराने गठबंधन टूटे और नए गठबंधन बनते गए. जो जहां हित साधता दिखा, वहीं जुड़ता चला गया, चाहे वो आर्थिक हित हों या सामरिक. इसी दौर में चार देशों ने मिलकर एक गठबंधन बनाया — BRIC: ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन. फिर साउथ अफ्रीका जुड़ा और बन गया BRICS. बाद में और देश जुड़े, पर नाम वही रहा. इस समूह का मक़सद था अमेरिकी डॉलर की सर्वोच्चता को चुनौती देना. कभी जो साझेदारी एक सपना लगती थी आज वही अमेरिका की आंखों में चुभ क्यों रही है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4008</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1402d9e0f600aeaecd313200371819e1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Zohran Mamdani क्या बदल सकते हैं USA की Politics और New York अपने Mayor से क्या चाहता है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 216</title><link>https://www.spreaker.com/episode/zohran-mamdani-kya-badala-sakate-haim-usa-ki-politics-aura-new-york-apane-mayor-se-kya-cahata-hai-parhaku-nitina-ep-216--66824124</link><description><![CDATA[अमेरिका में चुनाव होता है तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. इस बार राष्ट्रपति चुनाव नहीं, न्यूयॉर्क में मेयर का चुनाव है और डेमोक्रेटिक पार्टी से ज़ोहरान ममदानी का उम्मीदवार बनना लगभग तय है. 2018 में नागरिक बने ममदानी, आज अमेरिका की राजनीति के चर्चा में हैं. अपने कैंपेन, रैप और डेटिंग ऐप से हुई शादी तक की वजह से. वो न्यूयॉर्क जैसे शहर में फ्री सुविधाओं की बात कर रहे हैं. जो कि कैपिटलिज़्म की राजधानी माना जाता है. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं प्रो. डॉ. मुक्तदर खान, जो बताएंगे कि ममदानी कैसे उभरे, ट्रंप ने उन्हें "Communist Lunatic" क्यों कहा और मोदी से वो दूरी क्यों बनाए रखना चाहते हैं, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66824124</guid><pubDate>Tue, 01 Jul 2025 17:53:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66824124/01_jul_25_pn_1_july_128.mp3" length="73625600" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिका में चुनाव होता है तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. इस बार राष्ट्रपति चुनाव नहीं, न्यूयॉर्क में मेयर का चुनाव है और डेमोक्रेटिक पार्टी से ज़ोहरान ममदानी का उम्मीदवार बनना लगभग तय है. 2018 में नागरिक बने ममदानी, आज अमेरिका की राजनीति के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिका में चुनाव होता है तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. इस बार राष्ट्रपति चुनाव नहीं, न्यूयॉर्क में मेयर का चुनाव है और डेमोक्रेटिक पार्टी से ज़ोहरान ममदानी का उम्मीदवार बनना लगभग तय है. 2018 में नागरिक बने ममदानी, आज अमेरिका की राजनीति के चर्चा में हैं. अपने कैंपेन, रैप और डेटिंग ऐप से हुई शादी तक की वजह से. वो न्यूयॉर्क जैसे शहर में फ्री सुविधाओं की बात कर रहे हैं. जो कि कैपिटलिज़्म की राजधानी माना जाता है. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं प्रो. डॉ. मुक्तदर खान, जो बताएंगे कि ममदानी कैसे उभरे, ट्रंप ने उन्हें "Communist Lunatic" क्यों कहा और मोदी से वो दूरी क्यों बनाए रखना चाहते हैं, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4602</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6c3901c824a58faab2b4670dbfe49ac5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Shubhanshu Shukla को ISRO ने क्या काम दिया है और NASA क्यों Space Station तोड़ेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 215</title><link>https://www.spreaker.com/episode/shubhanshu-shukla-ko-isro-ne-kya-kama-diya-hai-aura-nasa-kyom-space-station-torega-parhaku-nitina-ep-215--66759444</link><description><![CDATA[1984 में जब राकेश शर्मा से पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो जवाब था — 'सारे जहां से अच्छा'. वो लम्हा इतिहास बन गया. अब चार दशक बाद, एक और आवाज़ आई है — “Namaskar from space!” ये थे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला. अमेरिका की प्राइवेट कंपनी Axiom Space ने भेजा है. फिर भी ये भारत के लिए बड़ी बात है, क्योंकि आगे है मिशन गगनयान, भारत अब अपने दम पर इंसान को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में है. तो सवाल ये है: शुभांशु की उड़ान क्या गगनयान की तैयारी का हिस्सा है? ISS का भविष्य क्या है? भारत इस दौड़ में कहां है, और चीन कितना आगे निकल चुका है? क्या भविष्य प्राइवेट स्पेस कंपनियों का होगा? इन सब सवालों के जवाब आज पढ़ाकू नितिन में तलाशेंगे, हमारे साथ हैं वरिष्ठ साइंस जर्नलिस्ट दिनेश सी. शर्मा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66759444</guid><pubDate>Thu, 26 Jun 2025 16:17:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66759444/26_jun_25_pn_26_june_128.mp3" length="54229786" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>1984 में जब राकेश शर्मा से पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो जवाब था — 'सारे जहां से अच्छा'. वो लम्हा इतिहास बन गया. अब चार दशक बाद, एक और आवाज़ आई है — “Namaskar from space!” ये थे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला. अमेरिका की प्राइवेट कंपनी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[1984 में जब राकेश शर्मा से पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो जवाब था — 'सारे जहां से अच्छा'. वो लम्हा इतिहास बन गया. अब चार दशक बाद, एक और आवाज़ आई है — “Namaskar from space!” ये थे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला. अमेरिका की प्राइवेट कंपनी Axiom Space ने भेजा है. फिर भी ये भारत के लिए बड़ी बात है, क्योंकि आगे है मिशन गगनयान, भारत अब अपने दम पर इंसान को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में है. तो सवाल ये है: शुभांशु की उड़ान क्या गगनयान की तैयारी का हिस्सा है? ISS का भविष्य क्या है? भारत इस दौड़ में कहां है, और चीन कितना आगे निकल चुका है? क्या भविष्य प्राइवेट स्पेस कंपनियों का होगा? इन सब सवालों के जवाब आज पढ़ाकू नितिन में तलाशेंगे, हमारे साथ हैं वरिष्ठ साइंस जर्नलिस्ट दिनेश सी. शर्मा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3390</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/833734fbc252f39763a25ef4a795bcd5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump का दिखावा, Israel की थकान, Iran का बदला, Russia की लाचारी और India की दूरी: पढ़ाकू नितिन, Ep 214</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ka-dikhava-israel-ki-thakana-iran-ka-badala-russia-ki-lacari-aura-india-ki-duri-parhaku-nitina-ep-214--66720389</link><description><![CDATA[जी-7 मीटिंग के बीच ट्रंप उठकर चले गए और जाते-जाते बोले – अब सिर्फ़ शांति नहीं, कुछ बड़ा होगा. कुछ घंटे बाद अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर दिया. टेल अवीव में बैनर लगे – “Mr. President, Finish The Job.” इज़राइल चाहता है आर-पार की लड़ाई, ट्रंप ने दे दिया ‘रेजीम चेंज’ का इशारा.<br /> अब सवाल ये है:<br /> ईरान का जवाब क्या होगा?<br /> क्या अमेरिका वाकई अजेय है?<br /> और भारत की चुप्पी दुनिया को क्यों चुभ रही है?, सुनिए 'पढ़ाकू  नितिन' में प्रो. मोहसिन रज़ा के साथ हुई इस बातचीत को.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66720389</guid><pubDate>Tue, 24 Jun 2025 07:34:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66720389/23_jun_25_pn_23_june_128.mp3" length="69161795" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जी-7 मीटिंग के बीच ट्रंप उठकर चले गए और जाते-जाते बोले – अब सिर्फ़ शांति नहीं, कुछ बड़ा होगा. कुछ घंटे बाद अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर दिया. टेल अवीव में बैनर लगे – “Mr. President, Finish The Job.” इज़राइल चाहता है आर-पार की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जी-7 मीटिंग के बीच ट्रंप उठकर चले गए और जाते-जाते बोले – अब सिर्फ़ शांति नहीं, कुछ बड़ा होगा. कुछ घंटे बाद अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर दिया. टेल अवीव में बैनर लगे – “Mr. President, Finish The Job.” इज़राइल चाहता है आर-पार की लड़ाई, ट्रंप ने दे दिया ‘रेजीम चेंज’ का इशारा.<br /> अब सवाल ये है:<br /> ईरान का जवाब क्या होगा?<br /> क्या अमेरिका वाकई अजेय है?<br /> और भारत की चुप्पी दुनिया को क्यों चुभ रही है?, सुनिए 'पढ़ाकू  नितिन' में प्रो. मोहसिन रज़ा के साथ हुई इस बातचीत को.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4323</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eaeb49c079a395c0e79d181aa4726119.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>LGBTQ+ Community की History, Transgenders की पहचान और Pride Month के बाद की कोशिशें: पढ़ाकू नितिन, Ep 213</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lgbtq-community-ki-history-transgenders-ki-pahacana-aura-pride-month-ke-bada-ki-kosisem-parhaku-nitina-ep-213--66696117</link><description><![CDATA[जून 1969 में न्यूयॉर्क के स्टोनवॉल इन में हुई एक पुलिस रेड ने LGBTQ+ आंदोलन को जन्म दिया. एक साल बाद, दुनिया की पहली प्राइड परेड निकली, एक ऐसा मार्च जिसने बताया कि अपने अस्तित्व पर गर्व करना चाहिए. ये आंदोलन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है. भारत के छोटे-छोटे शहरों तक और आज हम बात कर रहे हैं उस आवाज़ से, जिसने खुद के लिए नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए रास्ता बनाया ट्रांसजेंडर मॉडल और एक्टिविस्ट, रुद्राणी छेत्री के साथ 'पढ़ाकू नितिन' में हुई इस बातचीत में सुनिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66696117</guid><pubDate>Sun, 22 Jun 2025 17:32:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66696117/22_jun_25_pn_22_june_128.mp3" length="53871177" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जून 1969 में न्यूयॉर्क के स्टोनवॉल इन में हुई एक पुलिस रेड ने LGBTQ+ आंदोलन को जन्म दिया. एक साल बाद, दुनिया की पहली प्राइड परेड निकली, एक ऐसा मार्च जिसने बताया कि अपने अस्तित्व पर गर्व करना चाहिए. ये आंदोलन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है. भारत के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जून 1969 में न्यूयॉर्क के स्टोनवॉल इन में हुई एक पुलिस रेड ने LGBTQ+ आंदोलन को जन्म दिया. एक साल बाद, दुनिया की पहली प्राइड परेड निकली, एक ऐसा मार्च जिसने बताया कि अपने अस्तित्व पर गर्व करना चाहिए. ये आंदोलन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है. भारत के छोटे-छोटे शहरों तक और आज हम बात कर रहे हैं उस आवाज़ से, जिसने खुद के लिए नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए रास्ता बनाया ट्रांसजेंडर मॉडल और एक्टिविस्ट, रुद्राणी छेत्री के साथ 'पढ़ाकू नितिन' में हुई इस बातचीत में सुनिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3367</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4a1f09589219d3fd8ba9c8cba3cb3f30.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Israel की दादागिरी, Iran की किलाबंदी, America के दांव पेंच और India की दुविधा: पढ़ाकू नितिन, Ep 212</title><link>https://www.spreaker.com/episode/israel-ki-dadagiri-iran-ki-kilabandi-america-ke-danva-penca-aura-india-ki-duvidha-parhaku-nitina-ep-212--66604658</link><description><![CDATA[क्या आपने 'पिज़्ज़ा इंडेक्स' सुना है? कहते हैं, जब पेंटागन में देर रात पिज़्ज़ा की डिलिवरी बढ़ जाए तो दुनिया के किसी कोने में जंग शुरू होने वाली होती है. 12 जून को यही हुआ और अगले दिन इज़राइल ने ईरान पर सीधा हमला किया:<br /> Operation Rising Lion — 200+ जेट्स, 300+ मिसाइलें, न्यूक्लियर साइट्स पर हमला<br /> ईरान ने भी पलटवार किया — True Promise 3, दर्जनों मिसाइलें, ड्रोन और तेल अवीव में रेड अलर्ट<br /> अमेरिका ने भी F‑35 और F‑22 जेट्स भेज दिए। यानी अब ये लड़ाई सिर्फ दो देशों की नहीं, एक ग्लोबल टकराव बन चुकी है.<br /> इज़राइल ये सब मैनेज कैसे कर रहा है?<br /> ईरान के पास क्या चालें बची हैं?<br /> और रूस-चीन, भारत—सबकी भूमिका क्या होगी? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66604658</guid><pubDate>Wed, 18 Jun 2025 16:15:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66604658/19_jun_25_pn_19_june_revise_128.mp3" length="75179572" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>क्या आपने 'पिज़्ज़ा इंडेक्स' सुना है? कहते हैं, जब पेंटागन में देर रात पिज़्ज़ा की डिलिवरी बढ़ जाए तो दुनिया के किसी कोने में जंग शुरू होने वाली होती है. 12 जून को यही हुआ और अगले दिन इज़राइल ने ईरान पर सीधा हमला किया:&#13;
Operation Rising Lion — 200+...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[क्या आपने 'पिज़्ज़ा इंडेक्स' सुना है? कहते हैं, जब पेंटागन में देर रात पिज़्ज़ा की डिलिवरी बढ़ जाए तो दुनिया के किसी कोने में जंग शुरू होने वाली होती है. 12 जून को यही हुआ और अगले दिन इज़राइल ने ईरान पर सीधा हमला किया:<br /> Operation Rising Lion — 200+ जेट्स, 300+ मिसाइलें, न्यूक्लियर साइट्स पर हमला<br /> ईरान ने भी पलटवार किया — True Promise 3, दर्जनों मिसाइलें, ड्रोन और तेल अवीव में रेड अलर्ट<br /> अमेरिका ने भी F‑35 और F‑22 जेट्स भेज दिए। यानी अब ये लड़ाई सिर्फ दो देशों की नहीं, एक ग्लोबल टकराव बन चुकी है.<br /> इज़राइल ये सब मैनेज कैसे कर रहा है?<br /> ईरान के पास क्या चालें बची हैं?<br /> और रूस-चीन, भारत—सबकी भूमिका क्या होगी? सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में]]></itunes:summary><itunes:duration>4699</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/25ea0a48cb2f265075b1d309c1fbe60e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आज़ादी से पहले शुरू हुई अंतरिक्ष की तैयारी गगनयान तक कैसे पहुंची: पढ़ाकू नितिन, Ep 211</title><link>https://www.spreaker.com/episode/azadi-se-pahale-suru-hu-i-antariksa-ki-taiyari-gaganayana-taka-kaise-pahunci-parhaku-nitina-ep-211--66534108</link><description><![CDATA[चंद्रयान, मंगलयान और आगामी गगनयान जैसे मिशन से इंडिया स्पेस में भले ही सफलता की नई कहानियां लिख रहा है. लेकिन ये सब शुरू कैसे हुआ था, ISRO की नींव कैसे आज़ादी से पहले पड़ गई थी, केरल में देश का पहला रॉकेट लॉन्च कैसे हुआ, Cold War के बीच विक्रम साराभाई ने कैसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को संवारा, होमी जहांगीर भाभा की मौत की सच्चाई क्या है, भारत के पहले सेटेलाइट आर्यभट का नाम कैसे रखा गया, नेहरू ने यूरी गागरिन का भारत में स्वागत कैसे करवाया, ISRO के लॉन्च प्रोग्राम में राजीव गांधी के पहुंचने की कहानी, क्रायोजेनिक इंजन बनाना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि कैसे साबित हुई, क्या चांद पर सच में बस्ती बसाई जा सकती है, अंतरिक्ष में जाने के लिए किसी का चयन कैसे होता है, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा और भारत के आगामी स्पेस मिशन पर दिलचस्प चर्चा, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में सीनियर साइंस जर्नलिस्ट और ऑथर दिनेश सी. शर्मा और नितिन ठाकुर के साथ.<br /><br /> प्रड्यूसर: कुमार केशव<br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66534108</guid><pubDate>Thu, 12 Jun 2025 16:14:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66534108/12_jun_25_pn_12_june_128.mp3" length="100218671" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चंद्रयान, मंगलयान और आगामी गगनयान जैसे मिशन से इंडिया स्पेस में भले ही सफलता की नई कहानियां लिख रहा है. लेकिन ये सब शुरू कैसे हुआ था, ISRO की नींव कैसे आज़ादी से पहले पड़ गई थी, केरल में देश का पहला रॉकेट लॉन्च कैसे हुआ, Cold War के बीच विक्रम साराभाई...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चंद्रयान, मंगलयान और आगामी गगनयान जैसे मिशन से इंडिया स्पेस में भले ही सफलता की नई कहानियां लिख रहा है. लेकिन ये सब शुरू कैसे हुआ था, ISRO की नींव कैसे आज़ादी से पहले पड़ गई थी, केरल में देश का पहला रॉकेट लॉन्च कैसे हुआ, Cold War के बीच विक्रम साराभाई ने कैसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को संवारा, होमी जहांगीर भाभा की मौत की सच्चाई क्या है, भारत के पहले सेटेलाइट आर्यभट का नाम कैसे रखा गया, नेहरू ने यूरी गागरिन का भारत में स्वागत कैसे करवाया, ISRO के लॉन्च प्रोग्राम में राजीव गांधी के पहुंचने की कहानी, क्रायोजेनिक इंजन बनाना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि कैसे साबित हुई, क्या चांद पर सच में बस्ती बसाई जा सकती है, अंतरिक्ष में जाने के लिए किसी का चयन कैसे होता है, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा और भारत के आगामी स्पेस मिशन पर दिलचस्प चर्चा, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में सीनियर साइंस जर्नलिस्ट और ऑथर दिनेश सी. शर्मा और नितिन ठाकुर के साथ.<br /><br /> प्रड्यूसर: कुमार केशव<br /> साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह]]></itunes:summary><itunes:duration>6264</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/aaa2dac195466f078201b1a9725b0ca0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nepal Anti-Monarchy protest की ज़मीनी हक़ीक़त, China संग Flirt और India से बदलते रिश्ते: पढ़ाकू नितिन, Ep 210</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nepal-anti-monarchy-protest-ki-zamini-haqiqata-china-sanga-flirt-aura-india-se-badalate-riste-parhaku-nitina-ep-210--66476080</link><description><![CDATA[हमारी दादी-नानी की कहानियों में अक्सर राजाओं और रानियों का ज़िक्र आता रहा है. आज आधी से ज़्यादा दुनिया के लिए भी राजशाही हिस्ट्री है, कहानी है. लेकिन ख़बरें बताती हैं कि भारत के पड़ोस में एक देश ऐसा है जहां राजशाही आकांक्षा है, कम से कम एक वर्ग के लिए तो है. नेपाल. जहां मई 2025 ख़त्म होते होते लोग सड़कों पर उतर आए. मांग थी केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को हटाया जाए. राजशाही वापस लाई जाए. नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए. लेकिन इस पर चर्चा क्यों ज़रूरी है? क्योंकि बारिश में नेपाल भीगता है, छींक भारत को आती है. भारत-नेपाल का रिश्ता ही ऐसा नज़र आता है. या कहिए कि आता था. क्योंकि एक एंगल चीन भी है. तो पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में नेपाल की राजशाही की मांग और उसकी Complexity को खोलेंगे. समझेंगे कि नेपाल दरअसल चाहता क्या है? अपने आप से और दुनिया से? क्या वाकई नेपाल एक हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है? यानि इन शोर्ट भारत-नेपाल-चीन के तिकोने रिश्ते की पेचीदगियां. और इस सफ़र में हमारे साथ हैं डॉ. महेंद्र पी. लामा. जेएनयू में इंटरनेशनल रिलेशंस के सीनियर प्रोफेसर,  सिक्किम सरकार के चीफ़ इकोनॉमिक एडवाइज़र, NSA बोर्ड के पूर्व सलाहकार सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ सिक्किम के फाउंडिंग वाइस चांसलर और भारत-नेपाल के साझा Eminent Persons Group के अहम सदस्य. इतना ही नहीं—ऐतिहासिक नाथू ला ट्रेड रूट को दोबारा खोलने का श्रेय भी इन्हें ही जाता है. मतलब डॉ. महेंद्र पी. लामा ने नेपाल को नज़दीक से देखा, समझा और जिया है. समझिए नेपाल की ये नई-पुरानी चाह, उसकी जड़ें, उसका भूगोल और उसकी राजनीति पढ़ाकू नितिन के साथ.<br /><br /> In our grandmother's stories, we often heard tales of kings and queens. For more than half the world today, monarchy is just that—a story, a thing of the past. But news coming from India’s neighborhood tells a different tale. In Nepal, as May 2025 drew to a close, people took to the streets. Their demands? The removal of the KP Sharma Oli-led coalition government, the restoration of the monarchy, and the declaration of Nepal as a Hindu nation.<br /><br /> Why is this discussion important? Because when it rains in Nepal, India catches a cold. That’s how closely tied the two countries have been—or perhaps, were. And now, there's also a Chinese angle.<br /><br /> In this episode of Padhaku Nitin, we unpack the demand for monarchy in Nepal and its many complexities. What does Nepal really want—from itself and from the world? Does it truly aspire to become a Hindu nation? In short, we dive deep into the triangular relationship between India, Nepal, and China.<br /><br /> Joining us on this journey is Dr. Mahendra P. Lama—senior professor of International Relations at JNU, former Chief Economic Advisor to the Government of Sikkim, ex-advisor to the NSA Board, founding Vice Chancellor of the Central University of Sikkim, and a key member of the India-Nepal Eminent Persons Group. He also played a pivotal role in reopening the historic Nathu La Trade Route.<br /><br /> Which means—Dr. Lama has not just studied Nepal, he has lived it, shaped it, and understood its soul.<br /><br /> So join us in Padhaku Nitin as we decode Nepal’s old-new aspirations—its roots, its geography, and its politics.<br /><br /><br /> ​​​​​​​Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66476080</guid><pubDate>Mon, 09 Jun 2025 18:23:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66476080/09_jun_25_pn_9_june_128.mp3" length="79283095" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमारी दादी-नानी की कहानियों में अक्सर राजाओं और रानियों का ज़िक्र आता रहा है. आज आधी से ज़्यादा दुनिया के लिए भी राजशाही हिस्ट्री है, कहानी है. लेकिन ख़बरें बताती हैं कि भारत के पड़ोस में एक देश ऐसा है जहां राजशाही आकांक्षा है, कम से कम एक वर्ग के लिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमारी दादी-नानी की कहानियों में अक्सर राजाओं और रानियों का ज़िक्र आता रहा है. आज आधी से ज़्यादा दुनिया के लिए भी राजशाही हिस्ट्री है, कहानी है. लेकिन ख़बरें बताती हैं कि भारत के पड़ोस में एक देश ऐसा है जहां राजशाही आकांक्षा है, कम से कम एक वर्ग के लिए तो है. नेपाल. जहां मई 2025 ख़त्म होते होते लोग सड़कों पर उतर आए. मांग थी केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को हटाया जाए. राजशाही वापस लाई जाए. नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए. लेकिन इस पर चर्चा क्यों ज़रूरी है? क्योंकि बारिश में नेपाल भीगता है, छींक भारत को आती है. भारत-नेपाल का रिश्ता ही ऐसा नज़र आता है. या कहिए कि आता था. क्योंकि एक एंगल चीन भी है. तो पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में नेपाल की राजशाही की मांग और उसकी Complexity को खोलेंगे. समझेंगे कि नेपाल दरअसल चाहता क्या है? अपने आप से और दुनिया से? क्या वाकई नेपाल एक हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है? यानि इन शोर्ट भारत-नेपाल-चीन के तिकोने रिश्ते की पेचीदगियां. और इस सफ़र में हमारे साथ हैं डॉ. महेंद्र पी. लामा. जेएनयू में इंटरनेशनल रिलेशंस के सीनियर प्रोफेसर,  सिक्किम सरकार के चीफ़ इकोनॉमिक एडवाइज़र, NSA बोर्ड के पूर्व सलाहकार सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ सिक्किम के फाउंडिंग वाइस चांसलर और भारत-नेपाल के साझा Eminent Persons Group के अहम सदस्य. इतना ही नहीं—ऐतिहासिक नाथू ला ट्रेड रूट को दोबारा खोलने का श्रेय भी इन्हें ही जाता है. मतलब डॉ. महेंद्र पी. लामा ने नेपाल को नज़दीक से देखा, समझा और जिया है. समझिए नेपाल की ये नई-पुरानी चाह, उसकी जड़ें, उसका भूगोल और उसकी राजनीति पढ़ाकू नितिन के साथ.<br /><br /> In our grandmother's stories, we often heard tales of kings and queens. For more than half the world today, monarchy is just that—a story, a thing of the past. But news coming from India’s neighborhood tells a different tale. In Nepal, as May 2025 drew to a close, people took to the streets. Their demands? The removal of the KP Sharma Oli-led coalition government, the restoration of the monarchy, and the declaration of Nepal as a Hindu nation.<br /><br /> Why is this discussion important? Because when it rains in Nepal, India catches a cold. That’s how closely tied the two countries have been—or perhaps, were. And now, there's also a Chinese angle.<br /><br /> In this episode of Padhaku Nitin, we unpack the demand for monarchy in Nepal and its many complexities. What does Nepal really want—from itself and from the world? Does it truly aspire to become a Hindu nation? In short, we dive deep into the triangular relationship between India, Nepal, and China.<br /><br /> Joining us on this journey is Dr. Mahendra P. Lama—senior professor of International Relations at JNU, former Chief Economic Advisor to the Government of Sikkim, ex-advisor to the NSA Board, founding Vice Chancellor of the Central University of Sikkim, and a key member of the India-Nepal Eminent Persons Group. He also played a pivotal role in reopening the historic Nathu La Trade Route.<br /><br /> Which means—Dr. Lama has not just studied Nepal, he has lived it, shaped it, and understood its soul.<br /><br /> So join us in Padhaku Nitin as we decode Nepal’s old-new aspirations—its roots, its geography, and its politics.<br /><br /><br /> ​​​​​​​Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4956</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3ee0fe9cdebf973d58eb922f0c507120.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Air Chief Marshal को क्यों HAL पर भरोसा नहीं और Drone Tech में क्यों पिछड़ रहा India?: पढ़ाकू नितिन, Ep 209</title><link>https://www.spreaker.com/episode/air-chief-marshal-ko-kyom-hal-para-bharosa-nahim-aura-drone-tech-mem-kyom-pichara-raha-india-parhaku-nitina-ep-209--66395554</link><description><![CDATA[Air Chief Marshal Amar Preet Singh ने दिल्ली के मंच से HAL पर सीधा निशाना साधा और कहा- HAL से नहीं हो पा रहा है. ये सिर्फ टेक्निकल नहीं, एक नीतिगत चेतावनी है. इस एपिसोड में बात होगी, HAL की सुस्ती, अधूरे प्रोजेक्ट्स, भरोसे की गिरती साख और भविष्य के ड्रोन युद्ध की तैयारी पर. हमसे जुड़ रहे हैं वरिष्ठ रक्षा पत्रकार संदीप उन्नीथन। पढ़ाकू नितिन में हमने उनसे पूछा- HAL की धीमी रफ्तार का बोझ क्या सैनिक उठा रहे हैं, भारत ड्रोन रेस में क्यों पिछड़ रहा है और क्या प्राइवेट प्लेयर्स सेना को नई रफ्तार दे सकते हैं? सुनिए, 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66395554</guid><pubDate>Wed, 04 Jun 2025 13:54:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66395554/04_jun_25_pn_4_june_128.mp3" length="62420532" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Air Chief Marshal Amar Preet Singh ने दिल्ली के मंच से HAL पर सीधा निशाना साधा और कहा- HAL से नहीं हो पा रहा है. ये सिर्फ टेक्निकल नहीं, एक नीतिगत चेतावनी है. इस एपिसोड में बात होगी, HAL की सुस्ती, अधूरे प्रोजेक्ट्स, भरोसे की गिरती साख और भविष्य के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Air Chief Marshal Amar Preet Singh ने दिल्ली के मंच से HAL पर सीधा निशाना साधा और कहा- HAL से नहीं हो पा रहा है. ये सिर्फ टेक्निकल नहीं, एक नीतिगत चेतावनी है. इस एपिसोड में बात होगी, HAL की सुस्ती, अधूरे प्रोजेक्ट्स, भरोसे की गिरती साख और भविष्य के ड्रोन युद्ध की तैयारी पर. हमसे जुड़ रहे हैं वरिष्ठ रक्षा पत्रकार संदीप उन्नीथन। पढ़ाकू नितिन में हमने उनसे पूछा- HAL की धीमी रफ्तार का बोझ क्या सैनिक उठा रहे हैं, भारत ड्रोन रेस में क्यों पिछड़ रहा है और क्या प्राइवेट प्लेयर्स सेना को नई रफ्तार दे सकते हैं? सुनिए, 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3902</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f74f6834518daccabd31def3a51bb2d6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Bangladesh की India से नाराज़गी, Yunus का Election Plan और Chicken Neck की चिंता: पढ़ाकू नितिन, Ep 208</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bangladesh-ki-india-se-narazagi-yunus-ka-election-plan-aura-chicken-neck-ki-cinta-parhaku-nitina-ep-208--66327731</link><description><![CDATA[बांग्लादेश में संसद खत्म, सड़कों पर सेना और सत्ता एक ऐसे शख्स के हाथ में, जिसे जनता ने चुना ही नहीं, नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस. शेख़ हसीना नज़र नहीं आ रहीं. तो क्या यूनुस सत्ता में लाए गए हैं? अगर हां, तो अमेरिका, चीन या किसी और के इशारे पर? भारत क्यों चुप है लेकिन बेचैन भी? इस एपिसोड में जानिए बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति, अमेरिका-चीन की चालें और भारत की चिंता, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66327731</guid><pubDate>Thu, 29 May 2025 14:49:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66327731/29_may_25_pn_mix_29_may_128.mp3" length="65254713" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बांग्लादेश में संसद खत्म, सड़कों पर सेना और सत्ता एक ऐसे शख्स के हाथ में, जिसे जनता ने चुना ही नहीं, नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस. शेख़ हसीना नज़र नहीं आ रहीं. तो क्या यूनुस सत्ता में लाए गए हैं? अगर हां, तो अमेरिका, चीन या किसी और के इशारे पर? भारत...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बांग्लादेश में संसद खत्म, सड़कों पर सेना और सत्ता एक ऐसे शख्स के हाथ में, जिसे जनता ने चुना ही नहीं, नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस. शेख़ हसीना नज़र नहीं आ रहीं. तो क्या यूनुस सत्ता में लाए गए हैं? अगर हां, तो अमेरिका, चीन या किसी और के इशारे पर? भारत क्यों चुप है लेकिन बेचैन भी? इस एपिसोड में जानिए बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति, अमेरिका-चीन की चालें और भारत की चिंता, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4079</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8307b5cb31368f3922d89558e7219a6c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nehru से लेकर Modi तक को Bose का सच मालूम, Plane Crash की कहानी क्यों गढ़ी गई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 207</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nehru-se-lekara-modi-taka-ko-bose-ka-saca-maluma-plane-crash-ki-kahani-kyom-garhi-ga-i-parhaku-nitina-ep-207--66202721</link><description><![CDATA[अनुज धर — वो नाम जिन्होंने नेताजी की मौत के रहस्य को अपनी ज़िंदगी का मिशन बना लिया. बीते 25 सालों में उन्होंने नेताजी पर कई किताबें लिखीं — ‘What Happened to Netaji’, ‘Conundrum’, ‘The Bose Deception’ — जिनमें हैं दस्तावेज़, सबूत और वो सवाल जो अब तक अनसुने रहे. उनका मानना है कि 18 अगस्त 1945 को नेताजी की मौत प्लेन क्रैश में नहीं हुई थी. आज हमने अनुज धर को अपने पॉडकास्ट में बुलाया और उनसे सीधे सवाल किए — सरकारी कहानी पर उन्हें शक क्यों है, असल में उस दिन हुआ क्या था और वो कौन लोग हैं जो नेताजी का सच छुपा रहे हैं, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66202721</guid><pubDate>Thu, 22 May 2025 15:13:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66202721/22_may_25_pn_22_may_mix_128.mp3" length="106249404" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अनुज धर — वो नाम जिन्होंने नेताजी की मौत के रहस्य को अपनी ज़िंदगी का मिशन बना लिया. बीते 25 सालों में उन्होंने नेताजी पर कई किताबें लिखीं — ‘What Happened to Netaji’, ‘Conundrum’, ‘The Bose Deception’ — जिनमें हैं दस्तावेज़, सबूत और वो सवाल जो अब तक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अनुज धर — वो नाम जिन्होंने नेताजी की मौत के रहस्य को अपनी ज़िंदगी का मिशन बना लिया. बीते 25 सालों में उन्होंने नेताजी पर कई किताबें लिखीं — ‘What Happened to Netaji’, ‘Conundrum’, ‘The Bose Deception’ — जिनमें हैं दस्तावेज़, सबूत और वो सवाल जो अब तक अनसुने रहे. उनका मानना है कि 18 अगस्त 1945 को नेताजी की मौत प्लेन क्रैश में नहीं हुई थी. आज हमने अनुज धर को अपने पॉडकास्ट में बुलाया और उनसे सीधे सवाल किए — सरकारी कहानी पर उन्हें शक क्यों है, असल में उस दिन हुआ क्या था और वो कौन लोग हैं जो नेताजी का सच छुपा रहे हैं, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>6641</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3cc5ffabd5e65ffbba6383c15baa0375.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Turkey-Pakistan का भाईचार, Erdogan का Islamic Agenda और India का करारा जवाब: Padhaku Nitin</title><link>https://www.spreaker.com/episode/turkey-pakistan-ka-bha-icara-erdogan-ka-islamic-agenda-aura-india-ka-karara-javaba-padhaku-nitin--66153020</link><description><![CDATA[एक वक्त था जब तुर्की भारत का करीबी माना जाता था, व्यापार, पर्यटन और संस्कृति—हर मोर्चे पर रिश्ते मज़बूत हो रहे थे. वही तुर्की भारत के लिए एक कूटनीतिक और वैचारिक चुनौती बनता जा रहा है. चाहे कश्मीर का मुद्दा हो या संयुक्त राष्ट्र का मंच—तुर्की अक्सर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखता है. एर्दोगान अब सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसी विचारधारा के प्रतिनिधि हैं जो 'खिलाफ़त' को नई ज़मीन देना चाहती है, दक्षिण एशिया तक.<br /> तो सवाल ये है—<br /> क्या तुर्की का ये रुख सिर्फ डिप्लोमेसी है या कोई गहरा एजेंडा?<br /> क्या तुर्की-पाकिस्तान-चीन की तिकड़ी भारत के लिए नई चुनौती बन रही है?<br /> आज पढ़ाकू नितिन में हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार और विदेश मामलों के जानकार प्रकाश के रे. बात करेंगे एर्दोगान की रणनीति, तुर्की की वैचारिक राजनीति और इसके असर पर भारत, पाकिस्तान और इज़रायल जैसे देशों के साथ, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66153020</guid><pubDate>Mon, 19 May 2025 16:52:19 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66153020/19_may_25_pn_19_may_128.mp3" length="65251787" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक वक्त था जब तुर्की भारत का करीबी माना जाता था, व्यापार, पर्यटन और संस्कृति—हर मोर्चे पर रिश्ते मज़बूत हो रहे थे. वही तुर्की भारत के लिए एक कूटनीतिक और वैचारिक चुनौती बनता जा रहा है. चाहे कश्मीर का मुद्दा हो या संयुक्त राष्ट्र का मंच—तुर्की अक्सर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक वक्त था जब तुर्की भारत का करीबी माना जाता था, व्यापार, पर्यटन और संस्कृति—हर मोर्चे पर रिश्ते मज़बूत हो रहे थे. वही तुर्की भारत के लिए एक कूटनीतिक और वैचारिक चुनौती बनता जा रहा है. चाहे कश्मीर का मुद्दा हो या संयुक्त राष्ट्र का मंच—तुर्की अक्सर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखता है. एर्दोगान अब सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसी विचारधारा के प्रतिनिधि हैं जो 'खिलाफ़त' को नई ज़मीन देना चाहती है, दक्षिण एशिया तक.<br /> तो सवाल ये है—<br /> क्या तुर्की का ये रुख सिर्फ डिप्लोमेसी है या कोई गहरा एजेंडा?<br /> क्या तुर्की-पाकिस्तान-चीन की तिकड़ी भारत के लिए नई चुनौती बन रही है?<br /> आज पढ़ाकू नितिन में हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार और विदेश मामलों के जानकार प्रकाश के रे. बात करेंगे एर्दोगान की रणनीति, तुर्की की वैचारिक राजनीति और इसके असर पर भारत, पाकिस्तान और इज़रायल जैसे देशों के साथ, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में]]></itunes:summary><itunes:duration>4079</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/00fac822f1625b05e51ff5597cf98190.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंसाफ में देरी की वजह जजों और पैसों की कमी नहीं... कुछ और है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 205</title><link>https://www.spreaker.com/episode/insapha-mem-deri-ki-vajaha-jajom-aura-paisom-ki-kami-nahim-kucha-aura-hai-parhaku-nitina-ep-205--66102341</link><description><![CDATA[इंग्लैंड के प्रधानमंत्री विलियम ग्लैडस्टन ने कहा था—“Justice delayed is justice denied.” यानि अगर न्याय मिलने में देर हो जाए, तो समझिए वो मिला ही नहीं, अब भारत की हकीकत देखिए—हाई कोर्ट में औसतन 5 से 6 साल लगते हैं फैसले में और ज़िला अदालतों में तो 10 साल तक भी. पटना हाई कोर्ट में एक केस को सुनने का औसत समय? सिर्फ़ दो मिनट! ऐसे में आम आदमी की ज़िंदगी अदालतों के चक्कर लगाते ही बीत जाती है.<br /> 'पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हम बात कर रहे हैं न्याय में देरी की उस गंभीर समस्या की, जो लोगों का सिस्टम से भरोसा तोड़ रही है. हमारे साथ हैं ‘तारीख़ पर जस्टिस’ किताब के लेखक प्रशांत रेड्डी और चित्राक्षी जैन, जो बताएंगे जजों की कमी और उनकी बढ़ती उम्र क्यों है चिंता की बात, ज़िला अदालतों के जज किससे डरते हैं, और न्यायपालिका में पारदर्शिता की इतनी कमी क्यों है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66102341</guid><pubDate>Thu, 15 May 2025 15:36:46 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66102341/15_may_25_pn_15_may_128.mp3" length="66973779" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इंग्लैंड के प्रधानमंत्री विलियम ग्लैडस्टन ने कहा था—“Justice delayed is justice denied.” यानि अगर न्याय मिलने में देर हो जाए, तो समझिए वो मिला ही नहीं, अब भारत की हकीकत देखिए—हाई कोर्ट में औसतन 5 से 6 साल लगते हैं फैसले में और ज़िला अदालतों में तो 10...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इंग्लैंड के प्रधानमंत्री विलियम ग्लैडस्टन ने कहा था—“Justice delayed is justice denied.” यानि अगर न्याय मिलने में देर हो जाए, तो समझिए वो मिला ही नहीं, अब भारत की हकीकत देखिए—हाई कोर्ट में औसतन 5 से 6 साल लगते हैं फैसले में और ज़िला अदालतों में तो 10 साल तक भी. पटना हाई कोर्ट में एक केस को सुनने का औसत समय? सिर्फ़ दो मिनट! ऐसे में आम आदमी की ज़िंदगी अदालतों के चक्कर लगाते ही बीत जाती है.<br /> 'पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हम बात कर रहे हैं न्याय में देरी की उस गंभीर समस्या की, जो लोगों का सिस्टम से भरोसा तोड़ रही है. हमारे साथ हैं ‘तारीख़ पर जस्टिस’ किताब के लेखक प्रशांत रेड्डी और चित्राक्षी जैन, जो बताएंगे जजों की कमी और उनकी बढ़ती उम्र क्यों है चिंता की बात, ज़िला अदालतों के जज किससे डरते हैं, और न्यायपालिका में पारदर्शिता की इतनी कमी क्यों है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4186</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/63a82c7205215181f0c176f2cf6fcf25.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>India-Pakistan War का Objective, POK की पेचीदगी, Turkey का सपना और West की चुप्पी: पढ़ाकू नितिन, Ep 204</title><link>https://www.spreaker.com/episode/india-pakistan-war-ka-objective-pok-ki-pecidagi-turkey-ka-sapana-aura-west-ki-cuppi-parhaku-nitina-ep-204--66019462</link><description><![CDATA[भारत ने बोलने का नहीं, दिखाने का रास्ता चुना, पहलगाम में हुआ हमला सिर्फ एक आतंकी हरकत नहीं थी, वो एक साजिश थी, भारत को उकसाने की और भारत ने इसका जवाब दिया ऑपरेशन सिंदूर से, ये ऑपरेशन खास था, 9 आतंकी अड्डों पर एक साथ हमला और उनमें से कई जगहें वो थीं जिनका नाम आप सालों से सुनते आए हैं- मुरीदके, बहरावल. जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के गढ़. रिपोर्ट्स कहती हैं कि करीब 100 आतंकवादी मारे गए, लेकिन असल कहानी इससे कहीं आगे की है…पाकिस्तान आगे क्या करेगा? भारत की रणनीति क्या होगी ये सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं और इनके जवाब तलाशने की कोशिश चल रही है. हमारे साथ हैं डॉ. अभिनव पांड्या,  जैश-ए-मुहम्मद और आतंकवाद पर इनका गहन अध्यन है, किताबें भी लिखी हैं, पढ़ाकू नितिन में भी पहले आ चुके हैं. आज के एपिसोड में हमने पांड्या से पूछा- पाकिस्तान की आवाम क्यों आतंकवाद पर चुप है, भारत को किस हद तक पाकिस्तान को पीछे घकेलना चाहिए, तुर्किए ने क्यों पाकिस्तान का हाथ थामे रखा है और भारत की विदेश नीति क्या सही दिशा में आगे बढ़ रही है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66019462</guid><pubDate>Fri, 09 May 2025 17:37:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66019462/09_may_25_pn_session_9_may_mix_128.mp3" length="57525394" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत ने बोलने का नहीं, दिखाने का रास्ता चुना, पहलगाम में हुआ हमला सिर्फ एक आतंकी हरकत नहीं थी, वो एक साजिश थी, भारत को उकसाने की और भारत ने इसका जवाब दिया ऑपरेशन सिंदूर से, ये ऑपरेशन खास था, 9 आतंकी अड्डों पर एक साथ हमला और उनमें से कई जगहें वो थीं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत ने बोलने का नहीं, दिखाने का रास्ता चुना, पहलगाम में हुआ हमला सिर्फ एक आतंकी हरकत नहीं थी, वो एक साजिश थी, भारत को उकसाने की और भारत ने इसका जवाब दिया ऑपरेशन सिंदूर से, ये ऑपरेशन खास था, 9 आतंकी अड्डों पर एक साथ हमला और उनमें से कई जगहें वो थीं जिनका नाम आप सालों से सुनते आए हैं- मुरीदके, बहरावल. जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के गढ़. रिपोर्ट्स कहती हैं कि करीब 100 आतंकवादी मारे गए, लेकिन असल कहानी इससे कहीं आगे की है…पाकिस्तान आगे क्या करेगा? भारत की रणनीति क्या होगी ये सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं और इनके जवाब तलाशने की कोशिश चल रही है. हमारे साथ हैं डॉ. अभिनव पांड्या,  जैश-ए-मुहम्मद और आतंकवाद पर इनका गहन अध्यन है, किताबें भी लिखी हैं, पढ़ाकू नितिन में भी पहले आ चुके हैं. आज के एपिसोड में हमने पांड्या से पूछा- पाकिस्तान की आवाम क्यों आतंकवाद पर चुप है, भारत को किस हद तक पाकिस्तान को पीछे घकेलना चाहिए, तुर्किए ने क्यों पाकिस्तान का हाथ थामे रखा है और भारत की विदेश नीति क्या सही दिशा में आगे बढ़ रही है, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>3596</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/72a699d705af6b0718d89f47ea038823.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Operation Sindoor का लक्ष्य, POK में तिरंगा, Pakistan का इलाज और China की जंग से दूरी: पढ़ाकू नितिन, Ep 203</title><link>https://www.spreaker.com/episode/operation-sindoor-ka-laksya-pok-mem-tiranga-pakistan-ka-ilaja-aura-china-ki-janga-se-duri-parhaku-nitina-ep-203--66002808</link><description><![CDATA[पहलगाम की शांत वादियों में हुआ हमला सिर्फ एक आतंकी वारदात नहीं, एक बयान था — ज़ख़्म कुरेदने की कोशिश. जवाब मिला ऑपरेशन सिंदूर से, जो सीमित दिखा पर गहरा संदेश लेकर आया. भारत-पाक तनाव नया नहीं है लेकिन अब लड़ाई ड्रोन, साइबर और सोशल मीडिया के मोर्चे पर भी हो रही है. ऐसे दौर में सबसे बड़ा सवाल है — क्या हम तैयार हैं? आज हमारे साथ हैं मेजर एल. एस. चौधरी — कीर्ति चक्र विजेता, जिन्होंने कश्मीर में आतंक के ख़िलाफ़ कई सफल ऑपरेशन लीड किए. एक हमले में पांच आतंकियों को ढेर किया, खुद घायल हुए। आज वो युवाओं को सिखा रहे हैं- Warrior Mindset, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/66002808</guid><pubDate>Thu, 08 May 2025 17:59:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/66002808/08_may_25_pn_8_may_128.mp3" length="52320130" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पहलगाम की शांत वादियों में हुआ हमला सिर्फ एक आतंकी वारदात नहीं, एक बयान था — ज़ख़्म कुरेदने की कोशिश. जवाब मिला ऑपरेशन सिंदूर से, जो सीमित दिखा पर गहरा संदेश लेकर आया. भारत-पाक तनाव नया नहीं है लेकिन अब लड़ाई ड्रोन, साइबर और सोशल मीडिया के मोर्चे पर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पहलगाम की शांत वादियों में हुआ हमला सिर्फ एक आतंकी वारदात नहीं, एक बयान था — ज़ख़्म कुरेदने की कोशिश. जवाब मिला ऑपरेशन सिंदूर से, जो सीमित दिखा पर गहरा संदेश लेकर आया. भारत-पाक तनाव नया नहीं है लेकिन अब लड़ाई ड्रोन, साइबर और सोशल मीडिया के मोर्चे पर भी हो रही है. ऐसे दौर में सबसे बड़ा सवाल है — क्या हम तैयार हैं? आज हमारे साथ हैं मेजर एल. एस. चौधरी — कीर्ति चक्र विजेता, जिन्होंने कश्मीर में आतंक के ख़िलाफ़ कई सफल ऑपरेशन लीड किए. एक हमले में पांच आतंकियों को ढेर किया, खुद घायल हुए। आज वो युवाओं को सिखा रहे हैं- Warrior Mindset, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3271</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eca00429442f9afa3be0621df7cf6661.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump का Report Card, Trudeau की चूक, Mark Carney के वादे और Canada में PR का हालः पढ़ाकू नितिन, Ep 202</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ka-report-card-trudeau-ki-cuka-mark-carney-ke-vade-aura-canada-mem-pr-ka-halah-parhaku-nitina-ep-202--65924903</link><description><![CDATA[ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे हो चुके हैं और अब वक्त है ये परखने का कि क्या उन्हें सिर्फ मज़ा आ रहा है या वो जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं. उधर, अमेरिका के पड़ोसी कनाडा में चुनाव हुए और नतीजों ने सबको चौंका दिया. अमेरिका चुनावी मुद्दा था लेकिन वहां की जनता ने ट्रंप के विरोध में खड़े हुए मार्क कार्नी को प्रधानमंत्री बना दिया—एक ऐसा नाम जो अब तक सिर्फ अर्थशास्त्र और बैंकिंग की दुनिया में जाना जाता था. ‘पढ़ाकू नितिन’ में बात होगी ट्रंप और कार्नी की शुरुआती पारी की और इस नई वैश्विक राजनीति का भारत पर क्या असर पड़ सकता है. इस बातचीत के लिए हमारे साथ हैं वॉशिंगटन डीसी से वरिष्ठ पत्रकार रोहित शर्मा. हमने उनसे जाना कि ट्रूडो की भारत से टकराव की कीमत उन्हें कैसे चुकानी पड़ी, कार्नी ने कनाडा का मूड कैसे बदला, ट्रंप अपनी बात सबसे कैसे मनवाते हैं और आखिर मस्क ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन में क्यों नहीं फिट हो पा रहे, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65924903</guid><pubDate>Mon, 05 May 2025 16:41:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65924903/05_may_25_pn_5_may_128.mp3" length="60736992" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे हो चुके हैं और अब वक्त है ये परखने का कि क्या उन्हें सिर्फ मज़ा आ रहा है या वो जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं. उधर, अमेरिका के पड़ोसी कनाडा में चुनाव हुए और नतीजों ने सबको चौंका दिया. अमेरिका चुनावी मुद्दा था...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे हो चुके हैं और अब वक्त है ये परखने का कि क्या उन्हें सिर्फ मज़ा आ रहा है या वो जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं. उधर, अमेरिका के पड़ोसी कनाडा में चुनाव हुए और नतीजों ने सबको चौंका दिया. अमेरिका चुनावी मुद्दा था लेकिन वहां की जनता ने ट्रंप के विरोध में खड़े हुए मार्क कार्नी को प्रधानमंत्री बना दिया—एक ऐसा नाम जो अब तक सिर्फ अर्थशास्त्र और बैंकिंग की दुनिया में जाना जाता था. ‘पढ़ाकू नितिन’ में बात होगी ट्रंप और कार्नी की शुरुआती पारी की और इस नई वैश्विक राजनीति का भारत पर क्या असर पड़ सकता है. इस बातचीत के लिए हमारे साथ हैं वॉशिंगटन डीसी से वरिष्ठ पत्रकार रोहित शर्मा. हमने उनसे जाना कि ट्रूडो की भारत से टकराव की कीमत उन्हें कैसे चुकानी पड़ी, कार्नी ने कनाडा का मूड कैसे बदला, ट्रंप अपनी बात सबसे कैसे मनवाते हैं और आखिर मस्क ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन में क्यों नहीं फिट हो पा रहे, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.]]></itunes:summary><itunes:duration>3797</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ce5eff524768f7672a5914d08523bf68.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>India पर Attack का दबाव, Pakistan में कितनी ताक़त और Trump-China-Saudi किसके साथ?: पढ़ाकू नितिन, Ep 200</title><link>https://www.spreaker.com/episode/india-para-attack-ka-dabava-pakistan-mem-kitani-taqata-aura-trump-china-saudi-kisake-satha-parhaku-nitina-ep-200--65783289</link><description><![CDATA[जब सरहद पार से गोलियां चलती हैं, तो उनकी गूंज हमारे रिश्तों और रणनीतियों तक पहुँचती है. पहलगाम के ताज़ा हमले ने फिर सवाल उठाया है — भारत-पाकिस्तान के बीच अब बातचीत की गुंजाइश है या टकराव तय है? भारत ने अब पाकिस्तान से निपटने का तरीका बदल दिया है — कूटनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नए सधे हुए कदम उठाए जा रहे हैं. खासतौर पर पाकिस्तान को आर्थिक मोर्चे पर अलग-थलग करने की रणनीति पर चर्चा हो रही है.<br /> सवाल है — क्या यह रणनीति काम कर रही है? या तनाव पूरे दक्षिण एशिया को संकट में धकेल रहा है? इन्हीं मुद्दों पर आज हमारे साथ हैं प्रोफेसर मोहसिन रज़ा खान — अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा मामलों के जानकार. हमने उनसे पूछा — पहलगाम के बाद भारत की रणनीति कैसी बदली? पाकिस्तान की कौन सी कमजोरी उसके लिए ताकत बन सकती है? दोनों देश अब तक परमाणु टकराव के कितने करीब आए हैं? और भारत सरकार किन दबावों के बीच फैसले ले रही है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65783289</guid><pubDate>Mon, 28 Apr 2025 17:54:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65783289/28_apr_25_pn_28_april_128.mp3" length="65475813" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जब सरहद पार से गोलियां चलती हैं, तो उनकी गूंज हमारे रिश्तों और रणनीतियों तक पहुँचती है. पहलगाम के ताज़ा हमले ने फिर सवाल उठाया है — भारत-पाकिस्तान के बीच अब बातचीत की गुंजाइश है या टकराव तय है? भारत ने अब पाकिस्तान से निपटने का तरीका बदल दिया है —...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जब सरहद पार से गोलियां चलती हैं, तो उनकी गूंज हमारे रिश्तों और रणनीतियों तक पहुँचती है. पहलगाम के ताज़ा हमले ने फिर सवाल उठाया है — भारत-पाकिस्तान के बीच अब बातचीत की गुंजाइश है या टकराव तय है? भारत ने अब पाकिस्तान से निपटने का तरीका बदल दिया है — कूटनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नए सधे हुए कदम उठाए जा रहे हैं. खासतौर पर पाकिस्तान को आर्थिक मोर्चे पर अलग-थलग करने की रणनीति पर चर्चा हो रही है.<br /> सवाल है — क्या यह रणनीति काम कर रही है? या तनाव पूरे दक्षिण एशिया को संकट में धकेल रहा है? इन्हीं मुद्दों पर आज हमारे साथ हैं प्रोफेसर मोहसिन रज़ा खान — अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा मामलों के जानकार. हमने उनसे पूछा — पहलगाम के बाद भारत की रणनीति कैसी बदली? पाकिस्तान की कौन सी कमजोरी उसके लिए ताकत बन सकती है? दोनों देश अब तक परमाणु टकराव के कितने करीब आए हैं? और भारत सरकार किन दबावों के बीच फैसले ले रही है?]]></itunes:summary><itunes:duration>4093</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/190d788eba2bf4ad855d83b97a0382bb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pahalgam Attack की तैयारी, Kashmir में आतंक का नया चेहरा और India कैसे लेगा बदला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 199</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pahalgam-attack-ki-taiyari-kashmir-mem-atanka-ka-naya-cehara-aura-india-kaise-lega-badala-parhaku-nitina-ep-199--65707758</link><description><![CDATA[22 अप्रैल, पहलगाम. बर्फीली वादियाँ, शांत घाटियाँ — लेकिन उस दिन वहाँ सिर्फ़ चीखें थीं.बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 28 लोग मारे गए — 24 पर्यटक, 2 स्थानीय, 2 विदेशी. 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए. इस हमले की ज़िम्मेदारी ली दी रेजिस्टेंस फ्रंट ने — जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है. प्रधानमंत्री ने विदेश दौरा बीच में छोड़ा, गृहमंत्री मौके पर पहुँचे. चार साल में सात गुना बढ़े टूरिज़्म पर अब ब्रेक लग गया है. कश्मीर जितना हसीन है, उतना ही संवेदनशील भी. शांति यहाँ इतनी मुश्किल क्यों है? इन्हीं सवालों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं डॉ. अभिनव पांड्या — कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पढ़े हुए, Usanas Foundation के संस्थापक, और सुरक्षा विषयों पर तीन किताबों के लेखक.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65707758</guid><pubDate>Thu, 24 Apr 2025 18:16:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65707758/24_apr_25_pn_24_april_128.mp3" length="75034958" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>22 अप्रैल, पहलगाम. बर्फीली वादियाँ, शांत घाटियाँ — लेकिन उस दिन वहाँ सिर्फ़ चीखें थीं.बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 28 लोग मारे गए — 24 पर्यटक, 2 स्थानीय, 2 विदेशी. 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए. इस हमले की ज़िम्मेदारी ली दी रेजिस्टेंस फ्रंट ने —...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[22 अप्रैल, पहलगाम. बर्फीली वादियाँ, शांत घाटियाँ — लेकिन उस दिन वहाँ सिर्फ़ चीखें थीं.बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 28 लोग मारे गए — 24 पर्यटक, 2 स्थानीय, 2 विदेशी. 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए. इस हमले की ज़िम्मेदारी ली दी रेजिस्टेंस फ्रंट ने — जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है. प्रधानमंत्री ने विदेश दौरा बीच में छोड़ा, गृहमंत्री मौके पर पहुँचे. चार साल में सात गुना बढ़े टूरिज़्म पर अब ब्रेक लग गया है. कश्मीर जितना हसीन है, उतना ही संवेदनशील भी. शांति यहाँ इतनी मुश्किल क्यों है? इन्हीं सवालों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं डॉ. अभिनव पांड्या — कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पढ़े हुए, Usanas Foundation के संस्थापक, और सुरक्षा विषयों पर तीन किताबों के लेखक.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4690</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/117e3e421bf2f2592b4b09990b7746a4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>US-China के Tariff War में India के लिए Opportunity और JD Vance का Offer: पढ़ाकू नितिन, Ep 198</title><link>https://www.spreaker.com/episode/us-china-ke-tariff-war-mem-india-ke-li-e-opportunity-aura-jd-vance-ka-offer-parhaku-nitina-ep-198--65654390</link><description><![CDATA[अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ़ वॉर शुरू हो गया. ट्रंप का सपना था – “Make America Great Again”, यानी अमेरिका फिर से मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बने. उन्हें खल रहा था कि चीन से तीन गुना ज़्यादा सामान मंगवाकर अमेरिका व्यापार घाटा झेल रहा है. उनके लिए ये सिर्फ आर्थिक नहीं, “इगो” का भी मामला था. इसलिए 2 अप्रैल को ट्रंप ने 90 देशों के सामान पर भारी टैक्स लगा दिए और इस दिन को Liberation Day कहा – विदेशी माल से आज़ादी का दिन. चाहे चीन के मोबाइल पार्ट्स हों, यूरोप की कारें, भारत की दवाइयाँ या मैक्सिको की मशीनें – सब महंगे हो गए हैं. लक्ष्य है: विदेशी कंपनियाँ हटें, अमेरिकी कंपनियाँ बढ़ें. लेकिन सवाल ये है – क्या अमेरिकी लोग महंगे लोकल सामान को चुनेंगे? क्या अमेरिका फिर से उत्पादन में अग्रणी बन पाएगा? इन्हीं सवालों पर बात करेंगे अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे से.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65654390</guid><pubDate>Mon, 21 Apr 2025 17:09:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65654390/21_apr_25_pn_mix_21_aprilll_128.mp3" length="66463451" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ़ वॉर शुरू हो गया. ट्रंप का सपना था – “Make America Great Again”, यानी अमेरिका फिर से मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बने. उन्हें खल रहा था कि चीन से तीन गुना ज़्यादा सामान मंगवाकर अमेरिका व्यापार घाटा झेल रहा है. उनके लिए ये सिर्फ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ़ वॉर शुरू हो गया. ट्रंप का सपना था – “Make America Great Again”, यानी अमेरिका फिर से मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बने. उन्हें खल रहा था कि चीन से तीन गुना ज़्यादा सामान मंगवाकर अमेरिका व्यापार घाटा झेल रहा है. उनके लिए ये सिर्फ आर्थिक नहीं, “इगो” का भी मामला था. इसलिए 2 अप्रैल को ट्रंप ने 90 देशों के सामान पर भारी टैक्स लगा दिए और इस दिन को Liberation Day कहा – विदेशी माल से आज़ादी का दिन. चाहे चीन के मोबाइल पार्ट्स हों, यूरोप की कारें, भारत की दवाइयाँ या मैक्सिको की मशीनें – सब महंगे हो गए हैं. लक्ष्य है: विदेशी कंपनियाँ हटें, अमेरिकी कंपनियाँ बढ़ें. लेकिन सवाल ये है – क्या अमेरिकी लोग महंगे लोकल सामान को चुनेंगे? क्या अमेरिका फिर से उत्पादन में अग्रणी बन पाएगा? इन्हीं सवालों पर बात करेंगे अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे से.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4154</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/54a45f13b1a617d2c24a835198ac2dff.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Ex Army Chief ने बताया India China Galwan Face Off का सच और Agniveer के फायदे: पढ़ाकू नितिन, Ep 197</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ex-army-chief-ne-bataya-india-china-galwan-face-off-ka-saca-aura-agniveer-ke-phayade-parhaku-nitina-ep-197--65613358</link><description><![CDATA[भारत के 28वें सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे हमारे साथ हैं, उनका सफर एक कैडेट से लेकर सेना प्रमुख बनने तक और अब लेखक के रूप में एक नई भूमिका में प्रवेश करना, कई ऐतिहासिक पड़ावों से होकर गुज़रा है. इस एपिसोड में हमने बात की गलवान संकट, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, LAC पर चीन से तनाव, अग्निवीर योजना, श्रीलंका में भारत की रणनीति और पाकिस्तान की सेना से हमारी तुलना पर. साथ ही चर्चा की उनकी नई किताब "The Cantonment Conspiracy", जो एक रोमांचक मिलिट्री थ्रिलर है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65613358</guid><pubDate>Thu, 17 Apr 2025 16:23:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65613358/17_apr_25_pn_17_april_128.mp3" length="103530579" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत के 28वें सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे हमारे साथ हैं, उनका सफर एक कैडेट से लेकर सेना प्रमुख बनने तक और अब लेखक के रूप में एक नई भूमिका में प्रवेश करना, कई ऐतिहासिक पड़ावों से होकर गुज़रा है. इस एपिसोड में हमने बात की गलवान संकट, ऑपरेशन स्नो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत के 28वें सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे हमारे साथ हैं, उनका सफर एक कैडेट से लेकर सेना प्रमुख बनने तक और अब लेखक के रूप में एक नई भूमिका में प्रवेश करना, कई ऐतिहासिक पड़ावों से होकर गुज़रा है. इस एपिसोड में हमने बात की गलवान संकट, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, LAC पर चीन से तनाव, अग्निवीर योजना, श्रीलंका में भारत की रणनीति और पाकिस्तान की सेना से हमारी तुलना पर. साथ ही चर्चा की उनकी नई किताब "The Cantonment Conspiracy", जो एक रोमांचक मिलिट्री थ्रिलर है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6471</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e55d2955687fd9d542b3197f105ec956.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Nuclear Test के पहले का डर, Atal Bihari Vajpayee की Lahore Bus यात्रा और ISI की साजिश: पढ़ाकू नितिन, Ep 196</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nuclear-test-ke-pahale-ka-dara-atal-bihari-vajpayee-ki-lahore-bus-yatra-aura-isi-ki-sajisa-parhaku-nitina-ep-196--65527081</link><description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं—विभाजन से लेकर युद्धों और कारगिल तक और उसके बाद भी. 'पढ़ाकू नितिन' में हमारे साथ हैं पूर्व राजनयिक शरत सभरवाल, जिन्होंने पाकिस्तान में भारत के डिप्टी और फिर हाई कमिश्नर के रूप में काम किया. वे हमें बताते हैं कि भारत-पाक संबंध क्यों सामान्य नहीं हो सकते, कैसे उन्होंने पाकिस्तान के जासूसों को चकमा दिया और बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग कैसे पाकिस्तान के लिए चुनौती बनती जा रही है. हम बलूच आंदोलन के इतिहास, नवाब बुगती की हत्या और भारत की भूमिका पर भी चर्चा करते हैं, सुनिए ये बातचीत जो पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति, जासूसी तंत्र और अलगाववाद को गहराई से समझने में मदद करेगी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65527081</guid><pubDate>Thu, 10 Apr 2025 14:36:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65527081/10_apr_25_pn_10_april_128.mp3" length="96563200" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं—विभाजन से लेकर युद्धों और कारगिल तक और उसके बाद भी. 'पढ़ाकू नितिन' में हमारे साथ हैं पूर्व राजनयिक शरत सभरवाल, जिन्होंने पाकिस्तान में भारत के डिप्टी और फिर हाई कमिश्नर के रूप में काम किया. वे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं—विभाजन से लेकर युद्धों और कारगिल तक और उसके बाद भी. 'पढ़ाकू नितिन' में हमारे साथ हैं पूर्व राजनयिक शरत सभरवाल, जिन्होंने पाकिस्तान में भारत के डिप्टी और फिर हाई कमिश्नर के रूप में काम किया. वे हमें बताते हैं कि भारत-पाक संबंध क्यों सामान्य नहीं हो सकते, कैसे उन्होंने पाकिस्तान के जासूसों को चकमा दिया और बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग कैसे पाकिस्तान के लिए चुनौती बनती जा रही है. हम बलूच आंदोलन के इतिहास, नवाब बुगती की हत्या और भारत की भूमिका पर भी चर्चा करते हैं, सुनिए ये बातचीत जो पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति, जासूसी तंत्र और अलगाववाद को गहराई से समझने में मदद करेगी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6036</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fb4bb0d00545a110be9a4bdcd5fe352f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Waqf Law का पूरा सच, Muslims का फायदा-नुकसान और Modi का Masterstroke: पढ़ाकू नितिन, Ep 195</title><link>https://www.spreaker.com/episode/waqf-law-ka-pura-saca-muslims-ka-phayada-nukasana-aura-modi-ka-masterstroke-parhaku-nitina-ep-195--65406868</link><description><![CDATA[12वीं सदी में मोहम्मद गोरी ने जब भारत में सत्ता स्थापित की, तो वक्फ़ की परंपरा भी शुरू हुई. आज वक्फ़ सिर्फ़ एक धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी ज़मीन की मालिक है — करीब 9.4 लाख एकड़. अब वक्फ़ क़ानून में बदलाव हो चुका है — Waqf (Amendment) Act, 2025 पास हो गया है और इसके साथ कई सवाल भी उठ रहे हैं. क्या ये संशोधन धार्मिक आज़ादी पर असर डालेगा? क्या इससे मुसलमानों की ज़मीनें ख़तरे में पड़ेंगी? इन्हीं सवालों पर बात करने हमारे साथ हैं सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय घोष. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65406868</guid><pubDate>Mon, 07 Apr 2025 16:29:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65406868/07_apr_25_pn_7_april_128.mp3" length="69199830" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>12वीं सदी में मोहम्मद गोरी ने जब भारत में सत्ता स्थापित की, तो वक्फ़ की परंपरा भी शुरू हुई. आज वक्फ़ सिर्फ़ एक धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी ज़मीन की मालिक है — करीब 9.4 लाख एकड़. अब वक्फ़ क़ानून में बदलाव हो चुका है — Waqf...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[12वीं सदी में मोहम्मद गोरी ने जब भारत में सत्ता स्थापित की, तो वक्फ़ की परंपरा भी शुरू हुई. आज वक्फ़ सिर्फ़ एक धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी ज़मीन की मालिक है — करीब 9.4 लाख एकड़. अब वक्फ़ क़ानून में बदलाव हो चुका है — Waqf (Amendment) Act, 2025 पास हो गया है और इसके साथ कई सवाल भी उठ रहे हैं. क्या ये संशोधन धार्मिक आज़ादी पर असर डालेगा? क्या इससे मुसलमानों की ज़मीनें ख़तरे में पड़ेंगी? इन्हीं सवालों पर बात करने हमारे साथ हैं सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय घोष. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4325</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4b1d2f2d9e6cf95a78bb2b33336e60bc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pakistan Army की दरिंदगी, Taliban का साथ और Iran से नफरत पर क्या बोले Germany में बैठे बलूच नेता: पढ़ाकू नितिन, Ep194</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistan-army-ki-darindagi-taliban-ka-satha-aura-iran-se-napharata-para-kya-bole-germany-mem-baithe-baluca-neta-parhaku-nitina-ep194--65338476</link><description><![CDATA[बलूचिस्तान की आज़ादी की गूंज दुनिया भर में सुनाई दे रही है और ऐसी ही एक बुलंद आवाज़ हैं मुमताज़ बलोच. तुरबत से ताल्लुक रखने वाले मुमताज़ फिलहाल जर्मनी में निर्वासन का जीवन बिता रहे हैं. छात्र जीवन से ही आज़ादी की तहरीक से जुड़े, पहले बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन फ्रीडम के सदस्य रहे और अब फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट का हिस्सा हैं.  <br /><br /> इस पॉडकास्ट में हमने मुमताज़ से पूछा – ईरान से आज़ादी की मांग क्यों उतनी ज़ोर से नहीं उठती जितनी पाकिस्तान से? बाग़ियों को हथियार कहां से मिलते हैं? उन्हें पाकिस्तान से भागने की नौबत क्यों आई? और बलूचिस्तान को दुनिया से कैसी मदद की उम्मीद है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65338476</guid><pubDate>Thu, 03 Apr 2025 17:17:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65338476/03_apr_25_pn_3_april_128.mp3" length="90620656" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बलूचिस्तान की आज़ादी की गूंज दुनिया भर में सुनाई दे रही है और ऐसी ही एक बुलंद आवाज़ हैं मुमताज़ बलोच. तुरबत से ताल्लुक रखने वाले मुमताज़ फिलहाल जर्मनी में निर्वासन का जीवन बिता रहे हैं. छात्र जीवन से ही आज़ादी की तहरीक से जुड़े, पहले बलूच स्टूडेंट्स...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बलूचिस्तान की आज़ादी की गूंज दुनिया भर में सुनाई दे रही है और ऐसी ही एक बुलंद आवाज़ हैं मुमताज़ बलोच. तुरबत से ताल्लुक रखने वाले मुमताज़ फिलहाल जर्मनी में निर्वासन का जीवन बिता रहे हैं. छात्र जीवन से ही आज़ादी की तहरीक से जुड़े, पहले बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन फ्रीडम के सदस्य रहे और अब फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट का हिस्सा हैं.  <br /><br /> इस पॉडकास्ट में हमने मुमताज़ से पूछा – ईरान से आज़ादी की मांग क्यों उतनी ज़ोर से नहीं उठती जितनी पाकिस्तान से? बाग़ियों को हथियार कहां से मिलते हैं? उन्हें पाकिस्तान से भागने की नौबत क्यों आई? और बलूचिस्तान को दुनिया से कैसी मदद की उम्मीद है?]]></itunes:summary><itunes:duration>5664</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bee83cea7847a875b4352527e0bead64.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बलूचिस्तान और पाकिस्तान को इस्लाम क्यों नहीं बांध पाया और ये लड़ाई कब तक चलेगी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 193</title><link>https://www.spreaker.com/episode/balucistana-aura-pakistana-ko-islama-kyom-nahim-bandha-paya-aura-ye-lara-i-kaba-taka-calegi-parhaku-nitina-ep-193--65164239</link><description><![CDATA[पाकिस्तान को बने अभी सौ साल भी नहीं हुए, लेकिन बलूचिस्तान का इतिहास हज़ारों साल पुराना है. आज की हकीकत यह है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा है, लेकिन 1947 से ही वहां के लोग आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं. बलूचिस्तान नेशनल मूवमेंट इसी संघर्ष का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य हर हाल में एक स्वतंत्र बलूचिस्तान है. इस संगठन के सीनियर ज्वाइंट सेक्रेटरी, कमाल बलोच, जो सुरक्षा कारणों से अपनी लोकेशन उजागर नहीं कर सकते उन्होंने पढ़ाकू नितिन से वर्चुअल बातचीत में बताया कि वे बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग क्यों मानते हैं और जिन्ना ने कैसे उन्हें धोखा दिया. इस एपिसोड में हमने जाना कि इस आंदोलन की फंडिंग कैसे होती है, चीन की मौजूदगी ने इसे कितना मुश्किल बना दिया है, और क्यों कमाल बलोच, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस को अपना हीरो मानते हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/65164239</guid><pubDate>Thu, 27 Mar 2025 17:01:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/65164239/27_mar_25_pn_27_march_128.mp3" length="60698958" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाकिस्तान को बने अभी सौ साल भी नहीं हुए, लेकिन बलूचिस्तान का इतिहास हज़ारों साल पुराना है. आज की हकीकत यह है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा है, लेकिन 1947 से ही वहां के लोग आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं. बलूचिस्तान नेशनल मूवमेंट इसी संघर्ष का हिस्सा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाकिस्तान को बने अभी सौ साल भी नहीं हुए, लेकिन बलूचिस्तान का इतिहास हज़ारों साल पुराना है. आज की हकीकत यह है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा है, लेकिन 1947 से ही वहां के लोग आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं. बलूचिस्तान नेशनल मूवमेंट इसी संघर्ष का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य हर हाल में एक स्वतंत्र बलूचिस्तान है. इस संगठन के सीनियर ज्वाइंट सेक्रेटरी, कमाल बलोच, जो सुरक्षा कारणों से अपनी लोकेशन उजागर नहीं कर सकते उन्होंने पढ़ाकू नितिन से वर्चुअल बातचीत में बताया कि वे बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग क्यों मानते हैं और जिन्ना ने कैसे उन्हें धोखा दिया. इस एपिसोड में हमने जाना कि इस आंदोलन की फंडिंग कैसे होती है, चीन की मौजूदगी ने इसे कितना मुश्किल बना दिया है, और क्यों कमाल बलोच, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस को अपना हीरो मानते हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3794</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a8aab9cd74407f3ff107872779938809.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Tejashwi Yadav की Leadership, Manoj Jha की Favorite Films और Socialism का Future: पढ़ाकू नितिन, Ep 192</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tejashwi-yadav-ki-leadership-manoj-jha-ki-favorite-films-aura-socialism-ka-future-parhaku-nitina-ep-192--64995814</link><description><![CDATA[इस बार हमने बात की राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा से—जिनकी आवाज़ संसद में गूंजती है तो लोग ध्यान से सुनते हैं और सोशल मीडिया पर लाखों लोग देखते हैं. उनके घर पहुंचे तो राजनीति पर चर्चा की उम्मीद थी लेकिन सैकड़ों किताबों और फिल्मी पोस्टरों से घिरे कमरे ने हमें चौंका दिया। बातचीत राजनीति, सिनेमा और किताबों के बीच घूमती रही. मज़ाक और हंसी के बीच हमने तीखे सवाल भी पूछे—गरीबों से जुड़े मुद्दों पर जनता क्यों नहीं जुड़ती, राजनीतिक दलों में लोकतंत्र क्यों नहीं है और संसद में समोसे कितने के मिलते हैं?<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64995814</guid><pubDate>Thu, 20 Mar 2025 15:01:23 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64995814/20_mar_25_pn_manoj_jha_20_march_128.mp3" length="92111934" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस बार हमने बात की राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा से—जिनकी आवाज़ संसद में गूंजती है तो लोग ध्यान से सुनते हैं और सोशल मीडिया पर लाखों लोग देखते हैं. उनके घर पहुंचे तो राजनीति पर चर्चा की उम्मीद थी लेकिन सैकड़ों किताबों और फिल्मी पोस्टरों से घिरे कमरे ने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस बार हमने बात की राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा से—जिनकी आवाज़ संसद में गूंजती है तो लोग ध्यान से सुनते हैं और सोशल मीडिया पर लाखों लोग देखते हैं. उनके घर पहुंचे तो राजनीति पर चर्चा की उम्मीद थी लेकिन सैकड़ों किताबों और फिल्मी पोस्टरों से घिरे कमरे ने हमें चौंका दिया। बातचीत राजनीति, सिनेमा और किताबों के बीच घूमती रही. मज़ाक और हंसी के बीच हमने तीखे सवाल भी पूछे—गरीबों से जुड़े मुद्दों पर जनता क्यों नहीं जुड़ती, राजनीतिक दलों में लोकतंत्र क्यों नहीं है और संसद में समोसे कितने के मिलते हैं?<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5757</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/011d8681d05fc7f5ff46f8d27a914905.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Tipu की France से करीबी, Ram नाम की अंगूठी और India को Muslim देश बनाने का प्लान : पढ़ाकू नितिन, Ep 191</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tipu-ki-france-se-karibi-ram-nama-ki-anguthi-aura-india-ko-muslim-desa-banane-ka-plana-parhaku-nitina-ep-191--64863934</link><description><![CDATA[हमारी खास बातचीत हुई इतिहासकार विक्रम संपत से, जिन्होंने Tipu Sultan: The Saga of Mysore's Interregnum लिखी है. यह सिर्फ़ टीपू सुल्तान नहीं, बल्कि उनके पिता हैदर अली की कहानी भी बताती है. हमने इस पर दो एपिसोड रिकॉर्ड किए और यह दूसरा भाग है. पहले भाग में हैदर अली की चर्चा हुई थी, अब पूरी बातचीत टीपू पर केंद्रित होगी.<br /><br /> इस एपिसोड में हमने विक्रम से पूछा—टीपू ने फ्रांस को क्यों चुना? वे मुग़लों से तमगा क्यों चाहते थे? 'राम नाम' की अंगूठी का सच क्या है? और एक समुदाय दीवाली क्यों नहीं मनाता? <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64863934</guid><pubDate>Thu, 13 Mar 2025 15:53:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64863934/13_mar_25_pn_13_march_128.mp3" length="46244675" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमारी खास बातचीत हुई इतिहासकार विक्रम संपत से, जिन्होंने Tipu Sultan: The Saga of Mysore's Interregnum लिखी है. यह सिर्फ़ टीपू सुल्तान नहीं, बल्कि उनके पिता हैदर अली की कहानी भी बताती है. हमने इस पर दो एपिसोड रिकॉर्ड किए और यह दूसरा भाग है. पहले भाग...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमारी खास बातचीत हुई इतिहासकार विक्रम संपत से, जिन्होंने Tipu Sultan: The Saga of Mysore's Interregnum लिखी है. यह सिर्फ़ टीपू सुल्तान नहीं, बल्कि उनके पिता हैदर अली की कहानी भी बताती है. हमने इस पर दो एपिसोड रिकॉर्ड किए और यह दूसरा भाग है. पहले भाग में हैदर अली की चर्चा हुई थी, अब पूरी बातचीत टीपू पर केंद्रित होगी.<br /><br /> इस एपिसोड में हमने विक्रम से पूछा—टीपू ने फ्रांस को क्यों चुना? वे मुग़लों से तमगा क्यों चाहते थे? 'राम नाम' की अंगूठी का सच क्या है? और एक समुदाय दीवाली क्यों नहीं मनाता? <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>2891</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d357eb82691c77dcf8c4f90de1c7dd57.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Tipu Sultan की काफ़िरों से नफ़रत, Hyder Ali की कसक और Mysuru की साज़िशें: पढ़ाकू नितिन, Ep 190</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tipu-sultan-ki-kafirom-se-nafarata-hyder-ali-ki-kasaka-aura-mysuru-ki-sazisem-parhaku-nitina-ep-190--64733566</link><description><![CDATA[टीपू सुल्तान: हीरो या खलनायक? <br /> टीपू सुल्तान का म्यूज़िकल टाइगर टॉय क्या खेल था या चेतावनी?<br /> वह वीर योद्धा था या निर्दयी शासक?<br /> चार युद्ध, ब्रिटिशों से संघर्ष, और 1799 में वीरगति. लेकिन कोडागु के लोग उसे अत्याचारी क्यों मानते हैं? क्या उसने जबरन धर्म परिवर्तन करवाया?<br /> इस पर चर्चा करेंगे इतिहासकार डॉ. विक्रम संपत, जिनकी किताब ‘टीपू सुल्तान: द सागा ऑफ मैसूर’ चर्चा में रही, देखिए पूरा एपिसोड ‘पढ़ाकू नितिन’ में. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64733566</guid><pubDate>Thu, 06 Mar 2025 17:00:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64733566/06_mar_25_pn_6_march_128.mp3" length="64850546" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>टीपू सुल्तान: हीरो या खलनायक? &#13;
टीपू सुल्तान का म्यूज़िकल टाइगर टॉय क्या खेल था या चेतावनी?&#13;
वह वीर योद्धा था या निर्दयी शासक?&#13;
चार युद्ध, ब्रिटिशों से संघर्ष, और 1799 में वीरगति. लेकिन कोडागु के लोग उसे अत्याचारी क्यों मानते हैं? क्या उसने जबरन धर्म...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[टीपू सुल्तान: हीरो या खलनायक? <br /> टीपू सुल्तान का म्यूज़िकल टाइगर टॉय क्या खेल था या चेतावनी?<br /> वह वीर योद्धा था या निर्दयी शासक?<br /> चार युद्ध, ब्रिटिशों से संघर्ष, और 1799 में वीरगति. लेकिन कोडागु के लोग उसे अत्याचारी क्यों मानते हैं? क्या उसने जबरन धर्म परिवर्तन करवाया?<br /> इस पर चर्चा करेंगे इतिहासकार डॉ. विक्रम संपत, जिनकी किताब ‘टीपू सुल्तान: द सागा ऑफ मैसूर’ चर्चा में रही, देखिए पूरा एपिसोड ‘पढ़ाकू नितिन’ में. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4054</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e9fd3b47bb85a01769c1536bd5729754.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Trump की ज़िद्द, Musk की मचलन, India की उम्मीदें और China का डर: पढ़ाकू नितिन, Ep 189</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trump-ki-zidda-musk-ki-macalana-india-ki-um-midem-aura-china-ka-dara-parhaku-nitina-ep-189--64607424</link><description><![CDATA[अमेरिका आज भी दुनिया की अकेली महाशक्ति है और डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद वहां बड़े फैसले लिए जा रहे हैं—इमिग्रेंट्स पर सख्त कदम, रूस से बातचीत, और भी बहुत कुछ। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए हमारे साथ हैं प्रोफेसर मोहसिन रज़ा खान, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा नीति के विशेषज्ञ हैं. वह ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और वॉशिंगटन डीसी में इंडिया रिसर्च ग्रुप के सीनियर फेलो हैं. उन्होंने अमेरिका और यूरोप में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक राजनीति पर गहन शोध किया है. पढ़ाकू नितिन में बात होगी ट्रंप की नई नीतियों और उनके वैश्विक प्रभावों पर 'नितिन ठाकुर' के साथ.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64607424</guid><pubDate>Thu, 27 Feb 2025 16:53:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64607424/27_feb_25_pn_27_feb_128.mp3" length="80100623" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिका आज भी दुनिया की अकेली महाशक्ति है और डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद वहां बड़े फैसले लिए जा रहे हैं—इमिग्रेंट्स पर सख्त कदम, रूस से बातचीत, और भी बहुत कुछ। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए हमारे साथ हैं प्रोफेसर मोहसिन रज़ा खान,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिका आज भी दुनिया की अकेली महाशक्ति है और डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद वहां बड़े फैसले लिए जा रहे हैं—इमिग्रेंट्स पर सख्त कदम, रूस से बातचीत, और भी बहुत कुछ। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए हमारे साथ हैं प्रोफेसर मोहसिन रज़ा खान, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा नीति के विशेषज्ञ हैं. वह ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और वॉशिंगटन डीसी में इंडिया रिसर्च ग्रुप के सीनियर फेलो हैं. उन्होंने अमेरिका और यूरोप में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक राजनीति पर गहन शोध किया है. पढ़ाकू नितिन में बात होगी ट्रंप की नई नीतियों और उनके वैश्विक प्रभावों पर 'नितिन ठाकुर' के साथ.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5007</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/cb5ac68ca6c06ddf3c5bc8886c9aea35.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Hindi-Urdu की लड़ाई, Bhojpuri में वियतनामी मिक्स और नई भाषाओं का जन्म: पढ़ाकू नितिन, Ep 188</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hindi-urdu-ki-lara-i-bhojpuri-mem-viyatanami-miksa-aura-na-i-bhasa-om-ka-janma-parhaku-nitina-ep-188--64477631</link><description><![CDATA[भाषा सिर्फ़ शब्दों का सेट नहीं, बल्कि एक जीती-जागती दुनिया होती है, जो समय के साथ विकसित होती रहती है. मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो ने कहा था कि ज़बान बनाई नहीं जाती, वो ख़ुद बनती है. इन्हीं पहलुओं पर बात करने के लिए आज हमारे साथ हैं लिंग्विस्ट, लेखक और शोधकर्ता पेगी मोहन, अपनी किताबों Wanderers, Kings, Merchants और Father Tongue, Motherland में उन्होंने दिखाया है कि भारतीय भाषाएँ सिर्फ़ संस्कृत या फ़ारसी का विस्तार नहीं, बल्कि एक गहरे और मिश्रित भाषा तंत्र का हिस्सा हैं. उनसे जानते हैं—भाषाओं का असली DNA क्या है? माइग्रेशन और जेंडर का भाषा निर्माण पर क्या असर होता है? क्या हिंदी, बंगाली, तमिल जैसी भाषाएँ किसी प्राचीन ज़बान का नया रूप हैं? और भाषा कब ‘मदर टंग’ बनती है, कब इसमें गालियां जुड़ जाती हैं, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64477631</guid><pubDate>Thu, 20 Feb 2025 16:44:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64477631/20_feb_25_pn_20th_feb_128.mp3" length="83124976" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भाषा सिर्फ़ शब्दों का सेट नहीं, बल्कि एक जीती-जागती दुनिया होती है, जो समय के साथ विकसित होती रहती है. मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो ने कहा था कि ज़बान बनाई नहीं जाती, वो ख़ुद बनती है. इन्हीं पहलुओं पर बात करने के लिए आज हमारे साथ हैं लिंग्विस्ट, लेखक और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भाषा सिर्फ़ शब्दों का सेट नहीं, बल्कि एक जीती-जागती दुनिया होती है, जो समय के साथ विकसित होती रहती है. मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो ने कहा था कि ज़बान बनाई नहीं जाती, वो ख़ुद बनती है. इन्हीं पहलुओं पर बात करने के लिए आज हमारे साथ हैं लिंग्विस्ट, लेखक और शोधकर्ता पेगी मोहन, अपनी किताबों Wanderers, Kings, Merchants और Father Tongue, Motherland में उन्होंने दिखाया है कि भारतीय भाषाएँ सिर्फ़ संस्कृत या फ़ारसी का विस्तार नहीं, बल्कि एक गहरे और मिश्रित भाषा तंत्र का हिस्सा हैं. उनसे जानते हैं—भाषाओं का असली DNA क्या है? माइग्रेशन और जेंडर का भाषा निर्माण पर क्या असर होता है? क्या हिंदी, बंगाली, तमिल जैसी भाषाएँ किसी प्राचीन ज़बान का नया रूप हैं? और भाषा कब ‘मदर टंग’ बनती है, कब इसमें गालियां जुड़ जाती हैं, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ.]]></itunes:summary><itunes:duration>5196</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/63888d459cda5f15f4f2a1374e8f74af.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>AAP की हार के 3 कारण, BJP का खेल और Delhi के Swing Voters: पढ़ाकू नितिन, Ep 187</title><link>https://www.spreaker.com/episode/aap-ki-hara-ke-3-karana-bjp-ka-khela-aura-delhi-ke-swing-voters-parhaku-nitina-ep-187--64343319</link><description><![CDATA[हर चुनाव में नेता अपना सोचते हैं, लेकिन वोटर सिर्फ़ अपना फ़ायदा देखता है. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे चौंकाने वाले रहे—27 साल बाद बीजेपी की वापसी, AAP विपक्ष में, और कांग्रेस स्थिर. अब सवाल ये है कि बीजेपी बिना CM फेस के कैसे जीती? AAP के वोटर्स क्यों खिसक गए? केजरीवाल की कौन सी चाल फेल हुई? और बीजेपी के लिए आगे का रास्ता कितना मुश्किल? इन्हीं सवालों पर चर्चा के लिए हमारे साथ हैं सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई. ‘पढ़ाकू नितिन’ में आज होगी गहरी पड़ताल!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64343319</guid><pubDate>Wed, 12 Feb 2025 17:18:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64343319/12_feb_25_pn_mixed_12_feb_128.mp3" length="64591412" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हर चुनाव में नेता अपना सोचते हैं, लेकिन वोटर सिर्फ़ अपना फ़ायदा देखता है. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे चौंकाने वाले रहे—27 साल बाद बीजेपी की वापसी, AAP विपक्ष में, और कांग्रेस स्थिर. अब सवाल ये है कि बीजेपी बिना CM फेस के कैसे जीती? AAP के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हर चुनाव में नेता अपना सोचते हैं, लेकिन वोटर सिर्फ़ अपना फ़ायदा देखता है. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे चौंकाने वाले रहे—27 साल बाद बीजेपी की वापसी, AAP विपक्ष में, और कांग्रेस स्थिर. अब सवाल ये है कि बीजेपी बिना CM फेस के कैसे जीती? AAP के वोटर्स क्यों खिसक गए? केजरीवाल की कौन सी चाल फेल हुई? और बीजेपी के लिए आगे का रास्ता कितना मुश्किल? इन्हीं सवालों पर चर्चा के लिए हमारे साथ हैं सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई. ‘पढ़ाकू नितिन’ में आज होगी गहरी पड़ताल!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4037</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1da1514de6d087a445ee7223b2fd40d6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Baba पर्चा कैसे बनाते हैं, Mind reading की दुनिया और आप सम्मोहन से क्या करा सकते हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 186</title><link>https://www.spreaker.com/episode/baba-parca-kaise-banate-haim-mind-reading-ki-duniya-aura-apa-sam-mohana-se-kya-kara-sakate-haim-parhaku-nitina-ep-186--64232886</link><description><![CDATA[Video Episode-  <a href="https://youtu.be/AjcfY2ZD8Us" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtu.be/AjcfY2ZD8Us</a><br /><br /> जादू को हमने कई रूपों में महसूस किया है—लता मंगेशकर की आवाज़, सचिन तेंदुलकर के कवर ड्राइव, या निर्मल वर्मा की लेखनी में. आज हमारे साथ एक ऐसे ही ‘जादूगर’ हैं, जो एक हिप्नोथैरेपिस्ट भी हैं. ये लोगों सिर्फ़ लोगों को हैरान करते हैं, बल्कि उनकी भावनात्मक चोटें भी भरते हैं और पर्चा बनाने वाले ‘दिव्य आत्माओं’ की सच्चाई उजागर करते हैं. इस एपिसोड में हमने रविंद्र से जाना कि सम्मोहन को लेकर कौन-कौन सी ग़लतफ़हमियाँ हैं, किसे सम्मोहित किया जा सकता है और किसे नहीं, साथ ही ये थैरेपी की तरह कैसे काम करता है. खास बात ये है कि पहली बार पढ़ाकू नितिन में लाइव ऑडियंस भी इसका अनुभव ले रही है!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64232886</guid><pubDate>Thu, 06 Feb 2025 17:40:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64232886/07_feb_25_pn_ravinder_revise_128.mp3" length="94510602" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>Video Episode-  https://youtu.be/AjcfY2ZD8Us&#13;
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जादू को हमने कई रूपों में महसूस किया है—लता मंगेशकर की आवाज़, सचिन तेंदुलकर के कवर ड्राइव, या निर्मल वर्मा की लेखनी में. आज हमारे साथ एक ऐसे ही ‘जादूगर’ हैं, जो एक हिप्नोथैरेपिस्ट भी हैं. ये लोगों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[Video Episode-  <a href="https://youtu.be/AjcfY2ZD8Us" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtu.be/AjcfY2ZD8Us</a><br /><br /> जादू को हमने कई रूपों में महसूस किया है—लता मंगेशकर की आवाज़, सचिन तेंदुलकर के कवर ड्राइव, या निर्मल वर्मा की लेखनी में. आज हमारे साथ एक ऐसे ही ‘जादूगर’ हैं, जो एक हिप्नोथैरेपिस्ट भी हैं. ये लोगों सिर्फ़ लोगों को हैरान करते हैं, बल्कि उनकी भावनात्मक चोटें भी भरते हैं और पर्चा बनाने वाले ‘दिव्य आत्माओं’ की सच्चाई उजागर करते हैं. इस एपिसोड में हमने रविंद्र से जाना कि सम्मोहन को लेकर कौन-कौन सी ग़लतफ़हमियाँ हैं, किसे सम्मोहित किया जा सकता है और किसे नहीं, साथ ही ये थैरेपी की तरह कैसे काम करता है. खास बात ये है कि पहली बार पढ़ाकू नितिन में लाइव ऑडियंस भी इसका अनुभव ले रही है!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5907</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e6bd0dab126fe25157c81adfcd8bbdaa.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मुगलों की भारत में लूट, वामपंथियों की साजिश और NCERT में जोड़-घटाव: पढ़ाकू नितिन, Ep 185</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mugalom-ki-bharata-mem-luta-vamapanthiyom-ki-sajisa-aura-ncert-mem-jora-ghatava-parhaku-nitina-ep-185--64045068</link><description><![CDATA[पिछले एपिसोड में डॉ. मिनाक्षी जैन ने बताया कि सती प्रथा, बाबरी मस्जिद के नीचे मिले प्रमाण और हिंदवी भाषा को कैसे बदला गया. इस एपिसोड में वे गुजरात के व्यापारी की कहानी बताती हैं, जिसने मंदिर पर हमले के विरोध में शाहजहाँ से टक्कर ली और उन इतिहासकारों का ज़िक्र करती हैं जिन्होंने भारतीय इतिहास को गलत दिशा दी. साथ ही, हमने पूछा कि क्या औरंगज़ेब ने मंदिर निर्माण के लिए धन दिया था, धार्मिक विवादों का समाधान क्या है, और NCERT की किताबों में उन्होंने क्या बदला गया अगर पिछला हिस्सा नहीं सुना, तो ज़रूर सुनें.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/64045068</guid><pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:42:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/64045068/30_jan_25_pn_29_jan_mixed_128.mp3" length="57771572" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पिछले एपिसोड में डॉ. मिनाक्षी जैन ने बताया कि सती प्रथा, बाबरी मस्जिद के नीचे मिले प्रमाण और हिंदवी भाषा को कैसे बदला गया. इस एपिसोड में वे गुजरात के व्यापारी की कहानी बताती हैं, जिसने मंदिर पर हमले के विरोध में शाहजहाँ से टक्कर ली और उन इतिहासकारों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पिछले एपिसोड में डॉ. मिनाक्षी जैन ने बताया कि सती प्रथा, बाबरी मस्जिद के नीचे मिले प्रमाण और हिंदवी भाषा को कैसे बदला गया. इस एपिसोड में वे गुजरात के व्यापारी की कहानी बताती हैं, जिसने मंदिर पर हमले के विरोध में शाहजहाँ से टक्कर ली और उन इतिहासकारों का ज़िक्र करती हैं जिन्होंने भारतीय इतिहास को गलत दिशा दी. साथ ही, हमने पूछा कि क्या औरंगज़ेब ने मंदिर निर्माण के लिए धन दिया था, धार्मिक विवादों का समाधान क्या है, और NCERT की किताबों में उन्होंने क्या बदला गया अगर पिछला हिस्सा नहीं सुना, तो ज़रूर सुनें.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3611</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2738e58bd1b97b695c06c645b5167d4f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Sati के पीछे साज़िश, Ayodhya Mathura Kashi की खुदाई और Urdu कैसे आई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 184</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sati-ke-piche-sazisa-ayodhya-mathura-kashi-ki-khuda-i-aura-urdu-kaise-a-i-parhaku-nitina-ep-184--63854728</link><description><![CDATA[जब पढ़ाकू नितिन पॉडकास्ट की शुरुआत हुई, हमारा उद्देश्य था इतिहास जैसे जटिल विषयों को सरल और निष्पक्ष रूप से आप तक पहुंचाना. इतिहास की खूबी यह है कि वह समय के साथ बदलता रहता है—नई जानकारियां और बदलते नज़रिए पुरानी धारणाओं को चुनौती देते हैं. आज के एपिसोड में हमारे साथ हैं जानी-मानी इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन. राम, अयोध्या, सती, और कृष्ण जैसे विषयों पर उनकी साक्ष्य-आधारित किताबों ने इतिहास की नई समझ दी है. 2020 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. हमने उनसे सवाल किए—सती प्रथा का सच क्या है? मंदिर तोड़ने की शुरुआत कब हुई? क्या बौद्ध स्तूपों को तोड़कर मंदिर बनाए गए? और उर्दू का विकास कैसे हुआ? इन सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए पूरा एपिसोड<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63854728</guid><pubDate>Thu, 23 Jan 2025 17:08:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63854728/23_jan_25_pn_23_jan_128.mp3" length="60859872" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जब पढ़ाकू नितिन पॉडकास्ट की शुरुआत हुई, हमारा उद्देश्य था इतिहास जैसे जटिल विषयों को सरल और निष्पक्ष रूप से आप तक पहुंचाना. इतिहास की खूबी यह है कि वह समय के साथ बदलता रहता है—नई जानकारियां और बदलते नज़रिए पुरानी धारणाओं को चुनौती देते हैं. आज के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जब पढ़ाकू नितिन पॉडकास्ट की शुरुआत हुई, हमारा उद्देश्य था इतिहास जैसे जटिल विषयों को सरल और निष्पक्ष रूप से आप तक पहुंचाना. इतिहास की खूबी यह है कि वह समय के साथ बदलता रहता है—नई जानकारियां और बदलते नज़रिए पुरानी धारणाओं को चुनौती देते हैं. आज के एपिसोड में हमारे साथ हैं जानी-मानी इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन. राम, अयोध्या, सती, और कृष्ण जैसे विषयों पर उनकी साक्ष्य-आधारित किताबों ने इतिहास की नई समझ दी है. 2020 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. हमने उनसे सवाल किए—सती प्रथा का सच क्या है? मंदिर तोड़ने की शुरुआत कब हुई? क्या बौद्ध स्तूपों को तोड़कर मंदिर बनाए गए? और उर्दू का विकास कैसे हुआ? इन सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए पूरा एपिसोड<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3804</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b4148ba2695b27d10bc617af09cbcb46.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Kanpur का काला बच्चा कौन था, UP में खालिस्तानी कैसे आए और क्यों चली इस IPS पर गोली?: पढ़ाकू नितिन, 183</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kanpur-ka-kala-bacca-kauna-tha-up-mem-khalistani-kaise-a-e-aura-kyom-cali-isa-ips-para-goli-parhaku-nitina-183--63714559</link><description><![CDATA[भारत में बहुत कम लोग हैं जिनके नाम के साथ IIT, IPS, और बेस्टसेलर लेखक जैसी उपलब्धियां जुड़ती हैं और उनमें से एक हैं आलोक लाल. 35 साल पुलिस फोर्स को सेवा देने वाले, दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित और True Crime जॉनर में बेस्टसेलर The Barabanki Narcos के लेखक. उनकी किताबें केवल घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि एक कला प्रेमी के दिल से लिखी कहानियां हैं. सेवा के दौरान पेंटिंग प्रदर्शनियां लगाने वाले आलोक लाल ने यूपी के बाराबंकी से अफीम के धंधे का सफाया किया, कई बड़े केस सुलझाए और जानलेवा हमलों का सामना किया. पढ़ाकू नितिन में उन्होंने बताया कि क्यों मुलायम सिंह यादव ने उनके लिए विधायकों को डांटा और किस गिल्ट ने उन्हें अब तक नहीं छोड़ा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63714559</guid><pubDate>Thu, 16 Jan 2025 15:50:30 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63714559/16_jan_25_pn_16_jan_128.mp3" length="75263582" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत में बहुत कम लोग हैं जिनके नाम के साथ IIT, IPS, और बेस्टसेलर लेखक जैसी उपलब्धियां जुड़ती हैं और उनमें से एक हैं आलोक लाल. 35 साल पुलिस फोर्स को सेवा देने वाले, दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित और True Crime जॉनर में बेस्टसेलर The Barabanki...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत में बहुत कम लोग हैं जिनके नाम के साथ IIT, IPS, और बेस्टसेलर लेखक जैसी उपलब्धियां जुड़ती हैं और उनमें से एक हैं आलोक लाल. 35 साल पुलिस फोर्स को सेवा देने वाले, दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित और True Crime जॉनर में बेस्टसेलर The Barabanki Narcos के लेखक. उनकी किताबें केवल घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि एक कला प्रेमी के दिल से लिखी कहानियां हैं. सेवा के दौरान पेंटिंग प्रदर्शनियां लगाने वाले आलोक लाल ने यूपी के बाराबंकी से अफीम के धंधे का सफाया किया, कई बड़े केस सुलझाए और जानलेवा हमलों का सामना किया. पढ़ाकू नितिन में उन्होंने बताया कि क्यों मुलायम सिंह यादव ने उनके लिए विधायकों को डांटा और किस गिल्ट ने उन्हें अब तक नहीं छोड़ा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4704</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0dd03701307b7614a049bc5afa0921af.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Sambhal, Adhai Din Ka Jhopda, Somnath, Krishna Janam Bhumi -  कौन सही कौन गलत?: पढ़ाकू नितिन, Ep 182</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sambhal-adhai-din-ka-jhopda-somnath-krishna-janam-bhumi-kauna-sahi-kauna-galata-parhaku-nitina-ep-182--63625872</link><description><![CDATA[नए साल की देरी से ही सही, शुभकामनाएं! 2025 में भी इतिहास और मिथकों के बीच की खाई को समझना उतना ही मुश्किल है. इसी पर चर्चा के लिए हमारे आज के एपिसोड में हैं डॉ. रुचिका शर्मा, जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास की विशेषज्ञ हैं. JNU से PhD, कई भाषाओं की जानकार और अपने अनोखे अंदाज़ में इतिहास पर बात करने वाली रुचिका से हमने धार्मिक स्थलों के विवाद, मंदिरों के विध्वंस, सोमनाथ मंदिर, और अकबर से जुड़े मिथकों पर चर्चा की, आराम से सुनें और इतिहास की परतें खोलें!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63625872</guid><pubDate>Thu, 09 Jan 2025 15:09:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63625872/09_jan_25_pn_mix_9_jan_128.mp3" length="93189851" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नए साल की देरी से ही सही, शुभकामनाएं! 2025 में भी इतिहास और मिथकों के बीच की खाई को समझना उतना ही मुश्किल है. इसी पर चर्चा के लिए हमारे आज के एपिसोड में हैं डॉ. रुचिका शर्मा, जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास की विशेषज्ञ हैं. JNU से PhD, कई भाषाओं की जानकार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नए साल की देरी से ही सही, शुभकामनाएं! 2025 में भी इतिहास और मिथकों के बीच की खाई को समझना उतना ही मुश्किल है. इसी पर चर्चा के लिए हमारे आज के एपिसोड में हैं डॉ. रुचिका शर्मा, जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास की विशेषज्ञ हैं. JNU से PhD, कई भाषाओं की जानकार और अपने अनोखे अंदाज़ में इतिहास पर बात करने वाली रुचिका से हमने धार्मिक स्थलों के विवाद, मंदिरों के विध्वंस, सोमनाथ मंदिर, और अकबर से जुड़े मिथकों पर चर्चा की, आराम से सुनें और इतिहास की परतें खोलें!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5825</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ea3b42eb9faf4d5a6209ff9ded58b5f8.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Afzal Guru के साथ Tihar में शरारत, Veg vs Non Veg की बेकार बहस और Investment के Tips: पढ़ाकू नितिन, Ep 181</title><link>https://www.spreaker.com/episode/afzal-guru-ke-satha-tihar-mem-sararata-veg-vs-non-veg-ki-bekara-bahasa-aura-investment-ke-tips-parhaku-nitina-ep-181--63547492</link><description><![CDATA[बीते साल हमने कई विषयों पर चर्चा की, मशहूर लेखकों, कलाकारों, राजनयिकों और विशेषज्ञों से बातचीत की. इस विशेष एपिसोड में हमने अलग-अलग जॉनर के उन हिस्सों को समेटने की कोशिश की है, जिन्हें आपने सबसे ज़्यादा पसंद किया और सराहा. हमने शेर सिंह राणा से तिहाड़ में अफ़जल गुरू के साथ बिताए उनके अनुभवों के बारे में पूछा. मानव कौल से जाना कि उन्होंने एक किताब के कवर के लिए कपड़े क्यों उतार दिए. कृष अशोक ने वेज, नॉन वेज और वीगन खानों के बीच के फ़र्क को स्पष्ट किया. दीपक वाधवा ने इन्वेस्टमेंट के फंडे दिए. अक्षत गुप्ता ने हमें नागाओं की अनोखी दुनिया से परिचित कराया. सुनिए पढ़ाकू नितिन का ये स्पेशल एपिसोड.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63547492</guid><pubDate>Thu, 02 Jan 2025 18:25:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63547492/02_jan_25_pn_2_jan_128.mp3" length="42274899" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बीते साल हमने कई विषयों पर चर्चा की, मशहूर लेखकों, कलाकारों, राजनयिकों और विशेषज्ञों से बातचीत की. इस विशेष एपिसोड में हमने अलग-अलग जॉनर के उन हिस्सों को समेटने की कोशिश की है, जिन्हें आपने सबसे ज़्यादा पसंद किया और सराहा. हमने शेर सिंह राणा से तिहाड़...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बीते साल हमने कई विषयों पर चर्चा की, मशहूर लेखकों, कलाकारों, राजनयिकों और विशेषज्ञों से बातचीत की. इस विशेष एपिसोड में हमने अलग-अलग जॉनर के उन हिस्सों को समेटने की कोशिश की है, जिन्हें आपने सबसे ज़्यादा पसंद किया और सराहा. हमने शेर सिंह राणा से तिहाड़ में अफ़जल गुरू के साथ बिताए उनके अनुभवों के बारे में पूछा. मानव कौल से जाना कि उन्होंने एक किताब के कवर के लिए कपड़े क्यों उतार दिए. कृष अशोक ने वेज, नॉन वेज और वीगन खानों के बीच के फ़र्क को स्पष्ट किया. दीपक वाधवा ने इन्वेस्टमेंट के फंडे दिए. अक्षत गुप्ता ने हमें नागाओं की अनोखी दुनिया से परिचित कराया. सुनिए पढ़ाकू नितिन का ये स्पेशल एपिसोड.]]></itunes:summary><itunes:duration>2643</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9d48ff4da5a8c13d80ea9e25b70d8878.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सोना ख़रीदकर घर में रखना क्यों घाटे का सौदा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 180</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sona-kharidakara-ghara-mem-rakhana-kyom-ghate-ka-sauda-hai-parhaku-nitina-ep-180--63393405</link><description><![CDATA[सोना इतना क़ीमती क्यों है, सोने को समृद्धि से जोड़कर क्यों देखा जाता है, भारत कितना सोना आयात करता है और सोना खरीदने को लेकर लोग इतने उतावले क्यों रहते हैं, सोना या उससे बने गहने ख़रीद कर रखना क्या घाटे का सौदा है, धर्मों में सोने को इतनी अहमियत क्यों, सोना इतना महंगा क्यों है, साउथ अफ्रीका में सबसे ज्यादा सोने की खदानें हैं, लेकिन क्या वो सोना भी अमूल्य हीरे की तरह लैब में बनाया जा सकता है, मिडिल ईस्ट में सोने का क्रेज़ इतना क्यों है, सोने का कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा है, सोने के दाम कैसे तय होते हैं, विदेशों से सोना देश में कैसे आता है, बाजार तक कैसे पहुंचता है, कैरेट में इसकी शुद्धता कैसे तय होती है, इन्वेस्टमेंट के लिहाज से सोना कैसे खरीदें और डिजिटल गोल्ड क्या बला है? समझिए सोने का इतिहास, भूगोल और इकोनॉमिक्स समझिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में MyGold के Founder अमोल बंसल से. <br /><br /> प्रड्यूसर: कुंदन कुमार<br /> साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63393405</guid><pubDate>Thu, 19 Dec 2024 14:43:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63393405/19_dec_24_pn_mygold_19_dec_128.mp3" length="46297338" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सोना इतना क़ीमती क्यों है, सोने को समृद्धि से जोड़कर क्यों देखा जाता है, भारत कितना सोना आयात करता है और सोना खरीदने को लेकर लोग इतने उतावले क्यों रहते हैं, सोना या उससे बने गहने ख़रीद कर रखना क्या घाटे का सौदा है, धर्मों में सोने को इतनी अहमियत क्यों,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सोना इतना क़ीमती क्यों है, सोने को समृद्धि से जोड़कर क्यों देखा जाता है, भारत कितना सोना आयात करता है और सोना खरीदने को लेकर लोग इतने उतावले क्यों रहते हैं, सोना या उससे बने गहने ख़रीद कर रखना क्या घाटे का सौदा है, धर्मों में सोने को इतनी अहमियत क्यों, सोना इतना महंगा क्यों है, साउथ अफ्रीका में सबसे ज्यादा सोने की खदानें हैं, लेकिन क्या वो सोना भी अमूल्य हीरे की तरह लैब में बनाया जा सकता है, मिडिल ईस्ट में सोने का क्रेज़ इतना क्यों है, सोने का कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा है, सोने के दाम कैसे तय होते हैं, विदेशों से सोना देश में कैसे आता है, बाजार तक कैसे पहुंचता है, कैरेट में इसकी शुद्धता कैसे तय होती है, इन्वेस्टमेंट के लिहाज से सोना कैसे खरीदें और डिजिटल गोल्ड क्या बला है? समझिए सोने का इतिहास, भूगोल और इकोनॉमिक्स समझिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में MyGold के Founder अमोल बंसल से. <br /><br /> प्रड्यूसर: कुंदन कुमार<br /> साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी]]></itunes:summary><itunes:duration>2894</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/448f966b91ca50c9e67c64bbf91fbb09.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Asad ने क्या गलत किया, Syria के बहाने कौन लड़ रहा है और Arab World में आगे क्या होगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 179</title><link>https://www.spreaker.com/episode/asad-ne-kya-galata-kiya-syria-ke-bahane-kauna-lara-raha-hai-aura-arab-world-mem-age-kya-hoga-parhaku-nitina-ep-179--63283342</link><description><![CDATA[कुछ ही महीनों पहले हमने इज़रायल-फिलिस्तीन संकट और अफ़गानिस्तान में तालिबान की वापसी पर बात की थी. अब साल के अंत में, एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय संकट सामने है—सीरिया में विद्रोहियों ने तख़्तापलट कर राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल कर दिया है. पचास वर्षों से सत्ता में काबिज़ असद परिवार इस बार विद्रोहियों के सामने टिक नहीं पाया. इस जटिल स्थिति को समझने के लिए हमने जियोपॉलिटिक्स विशेषज्ञ और सीनियर जर्नलिस्ट प्रकाश के रे को आमंत्रित किया है. इस एपिसोड में चर्चा करेंगे—बशर अल-असद की विफलता, सीरिया के टूटने से संभावित लाभार्थी, मिडिल ईस्ट में अस्थिरता, और इस घटना का भारत पर प्रभाव. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63283342</guid><pubDate>Thu, 12 Dec 2024 12:40:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63283342/12_dec_24_pn_12_dec_128.mp3" length="58814380" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कुछ ही महीनों पहले हमने इज़रायल-फिलिस्तीन संकट और अफ़गानिस्तान में तालिबान की वापसी पर बात की थी. अब साल के अंत में, एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय संकट सामने है—सीरिया में विद्रोहियों ने तख़्तापलट कर राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल कर दिया है. पचास...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कुछ ही महीनों पहले हमने इज़रायल-फिलिस्तीन संकट और अफ़गानिस्तान में तालिबान की वापसी पर बात की थी. अब साल के अंत में, एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय संकट सामने है—सीरिया में विद्रोहियों ने तख़्तापलट कर राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल कर दिया है. पचास वर्षों से सत्ता में काबिज़ असद परिवार इस बार विद्रोहियों के सामने टिक नहीं पाया. इस जटिल स्थिति को समझने के लिए हमने जियोपॉलिटिक्स विशेषज्ञ और सीनियर जर्नलिस्ट प्रकाश के रे को आमंत्रित किया है. इस एपिसोड में चर्चा करेंगे—बशर अल-असद की विफलता, सीरिया के टूटने से संभावित लाभार्थी, मिडिल ईस्ट में अस्थिरता, और इस घटना का भारत पर प्रभाव. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3676</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6ff699c9c42a32c47d673ca7425ecd51.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Sundeep Sharma ने खोला Comedians का कच्चा चिट्ठा और इशारे-इशारे में लिए किसके मज़े?: पढ़ाकू नितिन, Ep 178</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sundeep-sharma-ne-khola-comedians-ka-kacca-cittha-aura-isare-isare-mem-li-e-kisake-maze-parhaku-nitina-ep-178--63170025</link><description><![CDATA[हम सबको लगता है कि हमारा सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है, लेकिन दोस्तों को हंसाना और अनजान लोगों को हंसाना दो अलग बातें हैं. स्टैंड-अप कॉमेडी मेहनत, टेक्निक और स्किल का काम है. हमारे साथ हैं संदीप शर्मा—स्टैंड-अप कॉमेडी का बड़ा नाम. उनके जुमले मीम बन जाते हैं, और उनकी आवाज़ कंटेंट के हर फॉर्म में गूंजती है. हम उनसे जानेंगे कि कॉमेडी फनी से फूहड़ कब बनती है, स्टैंड-अप का इतिहास और वर्तमान क्या है, और क्या गाली दिए बिना कॉमेडी हो सकती है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63170025</guid><pubDate>Thu, 05 Dec 2024 16:32:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63170025/05_dec_24_pn_internview_128.mp3" length="125299147" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हम सबको लगता है कि हमारा सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है, लेकिन दोस्तों को हंसाना और अनजान लोगों को हंसाना दो अलग बातें हैं. स्टैंड-अप कॉमेडी मेहनत, टेक्निक और स्किल का काम है. हमारे साथ हैं संदीप शर्मा—स्टैंड-अप कॉमेडी का बड़ा नाम. उनके जुमले मीम बन जाते...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हम सबको लगता है कि हमारा सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है, लेकिन दोस्तों को हंसाना और अनजान लोगों को हंसाना दो अलग बातें हैं. स्टैंड-अप कॉमेडी मेहनत, टेक्निक और स्किल का काम है. हमारे साथ हैं संदीप शर्मा—स्टैंड-अप कॉमेडी का बड़ा नाम. उनके जुमले मीम बन जाते हैं, और उनकी आवाज़ कंटेंट के हर फॉर्म में गूंजती है. हम उनसे जानेंगे कि कॉमेडी फनी से फूहड़ कब बनती है, स्टैंड-अप का इतिहास और वर्तमान क्या है, और क्या गाली दिए बिना कॉमेडी हो सकती है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>7832</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c99894e571c7a80222d5b782f3e18759.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Lucky Bisht के दुश्मन, Pappu Yadav का Gym और Jail Break की पूरी कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 177</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lucky-bisht-ke-dusmana-pappu-yadav-ka-gym-aura-jail-break-ki-puri-kahani-parhaku-nitina-ep-177--63046499</link><description><![CDATA[हमने पढ़ाकू नितिन के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा एपिसोड रिकॉर्ड किया है, और वो भी शेर सिंह राणा के साथ! जिस इंसान की ज़िंदगी पर फ़िल्म बन रही हो, उसका पॉडकास्ट तो खास होगा ही. पिछले एपिसोड में राणा ने फूलन देवी हत्या कांड की वो बातें बताईं, जो पुलिस जांच से बाहर थीं। तिहाड़ में उनके 13 साल, अफ़ज़ल गुरु से बातचीत, और स्पेशल सेल के अंदर की कहानियां – सब कुछ डीटेल में था.<br /><br /> इस एपिसोड में हमने तिहाड़ से भागने की माइन्यूट डीटेल्स, रॉ एजेंट लकी बिष्ट की जेल की मुश्किलें, और पप्पू यादव के जेल जिम का राज़ पूछा. अंत तक सुनेंगे तो जानेंगे कि अफ़गानिस्तान से पृथ्वीराज की अस्थियां लाने में राणा कितनी बार मरते-मरते बचे, ये एपिसोड भी लंबा है, तो इसे 1.5x पर सुनने का सुझाव है!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/63046499</guid><pubDate>Thu, 28 Nov 2024 14:37:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/63046499/28_nov_24_pn_28_nov_part2_128.mp3" length="126883631" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमने पढ़ाकू नितिन के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा एपिसोड रिकॉर्ड किया है, और वो भी शेर सिंह राणा के साथ! जिस इंसान की ज़िंदगी पर फ़िल्म बन रही हो, उसका पॉडकास्ट तो खास होगा ही. पिछले एपिसोड में राणा ने फूलन देवी हत्या कांड की वो बातें बताईं, जो पुलिस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमने पढ़ाकू नितिन के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा एपिसोड रिकॉर्ड किया है, और वो भी शेर सिंह राणा के साथ! जिस इंसान की ज़िंदगी पर फ़िल्म बन रही हो, उसका पॉडकास्ट तो खास होगा ही. पिछले एपिसोड में राणा ने फूलन देवी हत्या कांड की वो बातें बताईं, जो पुलिस जांच से बाहर थीं। तिहाड़ में उनके 13 साल, अफ़ज़ल गुरु से बातचीत, और स्पेशल सेल के अंदर की कहानियां – सब कुछ डीटेल में था.<br /><br /> इस एपिसोड में हमने तिहाड़ से भागने की माइन्यूट डीटेल्स, रॉ एजेंट लकी बिष्ट की जेल की मुश्किलें, और पप्पू यादव के जेल जिम का राज़ पूछा. अंत तक सुनेंगे तो जानेंगे कि अफ़गानिस्तान से पृथ्वीराज की अस्थियां लाने में राणा कितनी बार मरते-मरते बचे, ये एपिसोड भी लंबा है, तो इसे 1.5x पर सुनने का सुझाव है!<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>7931</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2d29e5c9df70d19131911ff66b0b3ca9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Sher Singh Rana के खुलासे, Afzal Guru से हंसी मज़ाक और Tihar में कैसे मरते हैं कैदी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 176</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sher-singh-rana-ke-khulase-afzal-guru-se-hansi-mazaka-aura-tihar-mem-kaise-marate-haim-kaidi-parhaku-nitina-ep-176--62957688</link><description><![CDATA[आज का एपिसोड खास है, क्योंकि हमारे मेहमान शेर सिंह राणा हैं. कोर्ट ने उन्हें फुलन देवी की हत्या का दोषी पाया, उन्होंने तिहाड़ जेल में 13 साल बिताए और जेल तोड़कर भागने वाले दूसरे व्यक्ति बने. अफगानिस्तान जाकर पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने, अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने और ‘जेल डायरी: तिहाड़ से काबुल कंधार तक’ नामक किताब लिखने जैसे कारनामे उनके नाम हैं.<br /><br /> शेर सिंह राणा को कुछ लोग नायक मानते हैं, तो कुछ खलनायक. आज, हम उनसे उनके जीवन के अनछुए पहलुओं, जेल के अनुभवों, अफजल गुरु से हुई बातचीत, और विवादों पर उनके हिस्से का सच जानेंगे.<br /><br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62957688</guid><pubDate>Thu, 21 Nov 2024 17:54:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62957688/21_nov_24_pn_21_nov_mix_128.mp3" length="130027520" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आज का एपिसोड खास है, क्योंकि हमारे मेहमान शेर सिंह राणा हैं. कोर्ट ने उन्हें फुलन देवी की हत्या का दोषी पाया, उन्होंने तिहाड़ जेल में 13 साल बिताए और जेल तोड़कर भागने वाले दूसरे व्यक्ति बने. अफगानिस्तान जाकर पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने, अपनी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आज का एपिसोड खास है, क्योंकि हमारे मेहमान शेर सिंह राणा हैं. कोर्ट ने उन्हें फुलन देवी की हत्या का दोषी पाया, उन्होंने तिहाड़ जेल में 13 साल बिताए और जेल तोड़कर भागने वाले दूसरे व्यक्ति बने. अफगानिस्तान जाकर पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने, अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने और ‘जेल डायरी: तिहाड़ से काबुल कंधार तक’ नामक किताब लिखने जैसे कारनामे उनके नाम हैं.<br /><br /> शेर सिंह राणा को कुछ लोग नायक मानते हैं, तो कुछ खलनायक. आज, हम उनसे उनके जीवन के अनछुए पहलुओं, जेल के अनुभवों, अफजल गुरु से हुई बातचीत, और विवादों पर उनके हिस्से का सच जानेंगे.<br /><br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>8127</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e16922d6bf9606204d816f7b84c02b49.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Afghanistan कैसे बना Drug Lords का अड्डा और China क्यों India से कुढ़ा हुआ है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 175</title><link>https://www.spreaker.com/episode/afghanistan-kaise-bana-drug-lords-ka-adda-aura-china-kyom-india-se-kurha-hu-a-hai-parhaku-nitina-ep-175--62881569</link><description><![CDATA[पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में चर्चा है इक़बाल चंद मल्होत्रा की किताब The Nuke, The Jihad, The Hawalas and Crystal Meth पर. जानिए, कैसे पाकिस्तान अफ़गानिस्तान के ड्रग्स कारोबार को नियंत्रित कर रहा था, दाऊद इब्राहिम का ISI से कनेक्शन, क्रिस्टल मेथ का रॉ मटीरियल अफ़गानिस्तान में कैसे मिला, और चीन भारत से किस बात का बदला लेने की कोशिश कर रहा है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62881569</guid><pubDate>Wed, 20 Nov 2024 16:17:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62881569/20_nov_24_pn_20_nov_128.mp3" length="37306200" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में चर्चा है इक़बाल चंद मल्होत्रा की किताब The Nuke, The Jihad, The Hawalas and Crystal Meth पर. जानिए, कैसे पाकिस्तान अफ़गानिस्तान के ड्रग्स कारोबार को नियंत्रित कर रहा था, दाऊद इब्राहिम का ISI से कनेक्शन, क्रिस्टल मेथ का...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में चर्चा है इक़बाल चंद मल्होत्रा की किताब The Nuke, The Jihad, The Hawalas and Crystal Meth पर. जानिए, कैसे पाकिस्तान अफ़गानिस्तान के ड्रग्स कारोबार को नियंत्रित कर रहा था, दाऊद इब्राहिम का ISI से कनेक्शन, क्रिस्टल मेथ का रॉ मटीरियल अफ़गानिस्तान में कैसे मिला, और चीन भारत से किस बात का बदला लेने की कोशिश कर रहा है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>2332</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1c0fb5fea5cb488fd7afabe7daf58121.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pablo का Pakistan कनेक्शन, Drugs बेचता Afghanistan और Jihad का धंधा: पढ़ाकू नितिन, Ep 174</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pablo-ka-pakistan-kaneksana-drugs-becata-afghanistan-aura-jihad-ka-dhandha-parhaku-nitina-ep-174--62740208</link><description><![CDATA[हमारे पढ़ाकू नितिन का स्टूडियो छोड़कर बाहर शूट करने का मौका कम ही आता है, लेकिन आज का दिन खास है, और मेहमान उससे भी खास. हमारे साथ हैं इकबाल चंद मल्होत्रा, जो पहले भी दो बार हमारे शो में आ चुके हैं और जिनकी किताबें हमेशा हमारी रुचि का केंद्र रही हैं. उनकी नई किताब, .The Nukes, the Jihad, the Hawalas, and Crystal Meth: A Tale of Treachery., जल्द ही रिलीज़ होने वाली है. इस किताब में पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, तालिबान, अमेरिका, रूस, ड्रग्स कार्टेल और परमाणु बम जैसे गहन मुद्दों का विवरण है. पिछले एपिसोड में हम पाकिस्तान के परमाणु बम पर रुके थे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62740208</guid><pubDate>Thu, 14 Nov 2024 16:37:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62740208/14_nov_24_pn_14_nov_pack_128.mp3" length="49112711" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमारे पढ़ाकू नितिन का स्टूडियो छोड़कर बाहर शूट करने का मौका कम ही आता है, लेकिन आज का दिन खास है, और मेहमान उससे भी खास. हमारे साथ हैं इकबाल चंद मल्होत्रा, जो पहले भी दो बार हमारे शो में आ चुके हैं और जिनकी किताबें हमेशा हमारी रुचि का केंद्र रही हैं....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमारे पढ़ाकू नितिन का स्टूडियो छोड़कर बाहर शूट करने का मौका कम ही आता है, लेकिन आज का दिन खास है, और मेहमान उससे भी खास. हमारे साथ हैं इकबाल चंद मल्होत्रा, जो पहले भी दो बार हमारे शो में आ चुके हैं और जिनकी किताबें हमेशा हमारी रुचि का केंद्र रही हैं. उनकी नई किताब, .The Nukes, the Jihad, the Hawalas, and Crystal Meth: A Tale of Treachery., जल्द ही रिलीज़ होने वाली है. इस किताब में पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, तालिबान, अमेरिका, रूस, ड्रग्स कार्टेल और परमाणु बम जैसे गहन मुद्दों का विवरण है. पिछले एपिसोड में हम पाकिस्तान के परमाणु बम पर रुके थे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3070</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/02c4d3afcfb8742a6578ee3f6fc1f4b1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Everest पर किसने बचाई जान, Salman Khan ने क्या सिखाया और कैसे बन गया World Record?: पढ़ाकू नितिन, Ep 173</title><link>https://www.spreaker.com/episode/everest-para-kisane-baca-i-jana-salman-khan-ne-kya-sikhaya-aura-kaise-bana-gaya-world-record-parhaku-nitina-ep-173--62651911</link><description><![CDATA[हम अक्सर फिल्मों और किताबों में पढ़ते हैं कि किसी ने सात समुंदर पार किया या पहाड़ लांघा, पर असल में इन चुनौतियों का एहसास तभी होता है जब हम खुद उनका सामना करें. मध्य प्रदेश के सीहोर की मेघा परमार ने इसको सच कर दिखाया है—वह राज्य की पहली महिला हैं जिन्होंने 22 मई 2019 को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की. गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाली मेघा MP की कई योजनाओं की ब्रांड एंबेसडर भी रही हैं. आज हमारे साथ हैं और हम जानेंगे कि ऑक्सीजन खत्म होने पर उन्होंने एवरेस्ट पर अपनी जान कैसे बचाई और क्यों वह बार-बार अपनी जान जोखिम में डालती हैं, सुनिए ‘पढ़ाकू नितिन’ में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62651911</guid><pubDate>Thu, 07 Nov 2024 12:36:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62651911/07_nov_24_pn_7_nov_megha_128.mp3" length="73519856" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हम अक्सर फिल्मों और किताबों में पढ़ते हैं कि किसी ने सात समुंदर पार किया या पहाड़ लांघा, पर असल में इन चुनौतियों का एहसास तभी होता है जब हम खुद उनका सामना करें. मध्य प्रदेश के सीहोर की मेघा परमार ने इसको सच कर दिखाया है—वह राज्य की पहली महिला हैं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हम अक्सर फिल्मों और किताबों में पढ़ते हैं कि किसी ने सात समुंदर पार किया या पहाड़ लांघा, पर असल में इन चुनौतियों का एहसास तभी होता है जब हम खुद उनका सामना करें. मध्य प्रदेश के सीहोर की मेघा परमार ने इसको सच कर दिखाया है—वह राज्य की पहली महिला हैं जिन्होंने 22 मई 2019 को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की. गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाली मेघा MP की कई योजनाओं की ब्रांड एंबेसडर भी रही हैं. आज हमारे साथ हैं और हम जानेंगे कि ऑक्सीजन खत्म होने पर उन्होंने एवरेस्ट पर अपनी जान कैसे बचाई और क्यों वह बार-बार अपनी जान जोखिम में डालती हैं, सुनिए ‘पढ़ाकू नितिन’ में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4595</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/87b620b6e6b2bb3c45533efe96219a84.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Hamas Israel War के चश्मदीद ने खोल दिया Air Force का पूरा प्लान!: पढ़ाकू नितिन, Ep 172</title><link>https://www.spreaker.com/episode/hamas-israel-war-ke-casmadida-ne-khola-diya-air-force-ka-pura-plana-parhaku-nitina-ep-172--62566659</link><description><![CDATA[हाल के दिनों में हमने पढ़ाकू नितिन में इज़राइल-हमास युद्ध पर चर्चा की, जिसे आप सभी ने सराहा और अपनी कुछ नाराज़गी भी जाहिर की. आज एक बार फिर इसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं. युद्ध की समाप्ति के कोई साफ संकेत नहीं हैं; अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बात हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है.<br /> हमारे साथ हैं इंडिया टुडे टीवी के वार कॉरेस्पोंडेंट गौरव सावंत, जो हाल ही में इज़राइल से लौटे हैं. गौरव हाइफ़ा, तेल अवीव, और लेबनान की सीमा तक गए, वहाँ 15 दिन बिताए और ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्टिंग की. 7 अक्टूबर के हमले के अगले ही दिन, वे भारत के पहले पत्रकार थे जो वहाँ पहुंचे. आइए, उनसे जानें कि क्या वजह है जो इज़राइल अब तक युद्ध जारी रखे हुए है, और उन्होंने कैसे अपनी जान जोखिम में डाल कर रिपोर्टिंग की<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62566659</guid><pubDate>Thu, 31 Oct 2024 10:58:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62566659/30_oct_24_pn_israel_30_oct_128.mp3" length="52239046" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हाल के दिनों में हमने पढ़ाकू नितिन में इज़राइल-हमास युद्ध पर चर्चा की, जिसे आप सभी ने सराहा और अपनी कुछ नाराज़गी भी जाहिर की. आज एक बार फिर इसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं. युद्ध की समाप्ति के कोई साफ संकेत नहीं हैं; अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बात...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हाल के दिनों में हमने पढ़ाकू नितिन में इज़राइल-हमास युद्ध पर चर्चा की, जिसे आप सभी ने सराहा और अपनी कुछ नाराज़गी भी जाहिर की. आज एक बार फिर इसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं. युद्ध की समाप्ति के कोई साफ संकेत नहीं हैं; अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बात हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है.<br /> हमारे साथ हैं इंडिया टुडे टीवी के वार कॉरेस्पोंडेंट गौरव सावंत, जो हाल ही में इज़राइल से लौटे हैं. गौरव हाइफ़ा, तेल अवीव, और लेबनान की सीमा तक गए, वहाँ 15 दिन बिताए और ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्टिंग की. 7 अक्टूबर के हमले के अगले ही दिन, वे भारत के पहले पत्रकार थे जो वहाँ पहुंचे. आइए, उनसे जानें कि क्या वजह है जो इज़राइल अब तक युद्ध जारी रखे हुए है, और उन्होंने कैसे अपनी जान जोखिम में डाल कर रिपोर्टिंग की<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3265</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f99244d3a26b3148c4757138bf126b22.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नाटो के डर से हटे नेहरू और लता मंगेशकर ने दिए पैसे.. ऐसे आज़ाद हुआ था ये प्रदेश: पढ़ाकू नितिन, Ep 171</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nato-ke-dara-se-hate-neharu-aura-lata-mangesakara-ne-di-e-paise-aise-azada-hu-a-tha-ye-pradesa-parhaku-nitina-ep-171--62489913</link><description><![CDATA[15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हुआ, लेकिन कुछ हिस्सों की आज़ादी की तारीख अलग है. हैदराबाद 17 सितंबर 1948 को भारत का हिस्सा बना, गोवा 19 दिसंबर 1961 को आज़ाद हुआ और दादरा नागर हवेली 2 अगस्त 1954 को पुर्तगालियों से मुक्त हुआ. हमें भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में तो पता है, लेकिन दादरा नागर हवेली के स्वतंत्रता सेनानियों ने कैसे संघर्ष किया, आज़ादी पाई और लगभग एक दशक बाद भारत का हिस्सा बने, यह कम लोग जानते हैं. इसकी कहानी बताई गई है किताब "Uprising: The Liberation of Dadra and Nagar Haveli" में, जिसे वेस्टलैंड नॉन-फिक्शन ने प्रकाशित किया है. इसके लेखक निलेश कुलकर्णी हैं, जो मैनेजमेंट के शिक्षक, पब्लिक स्पीकर, और कवि भी हैं. निलेश से हमने पूछा कि पुर्तगालियों के पास यह भारतीय हिस्सा कैसे पहुंचा, आज़ादी के बाद नेहरू ने इस राज्य की आज़ादी में क्यों दिलचस्पी नहीं दिखाई, लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी का इस आज़ादी की लड़ाई से क्या रिश्ता है, और इसके लिबरेशन में RSS की क्या भूमिका रही.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62489913</guid><pubDate>Thu, 24 Oct 2024 15:41:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62489913/24_oct_24_pn_24_oct_128.mp3" length="72431490" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हुआ, लेकिन कुछ हिस्सों की आज़ादी की तारीख अलग है. हैदराबाद 17 सितंबर 1948 को भारत का हिस्सा बना, गोवा 19 दिसंबर 1961 को आज़ाद हुआ और दादरा नागर हवेली 2 अगस्त 1954 को पुर्तगालियों से मुक्त हुआ. हमें भारत के स्वतंत्रता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हुआ, लेकिन कुछ हिस्सों की आज़ादी की तारीख अलग है. हैदराबाद 17 सितंबर 1948 को भारत का हिस्सा बना, गोवा 19 दिसंबर 1961 को आज़ाद हुआ और दादरा नागर हवेली 2 अगस्त 1954 को पुर्तगालियों से मुक्त हुआ. हमें भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में तो पता है, लेकिन दादरा नागर हवेली के स्वतंत्रता सेनानियों ने कैसे संघर्ष किया, आज़ादी पाई और लगभग एक दशक बाद भारत का हिस्सा बने, यह कम लोग जानते हैं. इसकी कहानी बताई गई है किताब "Uprising: The Liberation of Dadra and Nagar Haveli" में, जिसे वेस्टलैंड नॉन-फिक्शन ने प्रकाशित किया है. इसके लेखक निलेश कुलकर्णी हैं, जो मैनेजमेंट के शिक्षक, पब्लिक स्पीकर, और कवि भी हैं. निलेश से हमने पूछा कि पुर्तगालियों के पास यह भारतीय हिस्सा कैसे पहुंचा, आज़ादी के बाद नेहरू ने इस राज्य की आज़ादी में क्यों दिलचस्पी नहीं दिखाई, लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी का इस आज़ादी की लड़ाई से क्या रिश्ता है, और इसके लिबरेशन में RSS की क्या भूमिका रही.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4527</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5383d0bb1a2d353c4809ebb626f9f58b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>TVF में काम करने की चाहत, Dost से प्यार करने के पंगे और Harshita के Move On Tips: पढ़ाकू नितिन, Ep 170</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tvf-mem-kama-karane-ki-cahata-dost-se-pyara-karane-ke-pange-aura-harshita-ke-move-on-tips-parhaku-nitina-ep-170--62399864</link><description><![CDATA[इस एपिसोड में हम दिल टूटने और उससे उबरने की बात करेंगे. हमारे साथ हैं हर्षिता गुप्ता, जो सोशल मीडिया पर काफी फ़ेमस हैं. आपने उन्हें इंस्टाग्राम पर देखा होगा और उनके रिल्स शेयर भी किए होंगे. आज वो आपको कुछ खास टिप्स देंगी जिससे आप ब्रेकअप के दर्द से जल्दी उबर सकें. 'पढ़ाकू नितिन' में हमने उनसे पूछा कि दोस्ती और प्यार का घालमेल को कैसे संभालें, एक्स से टच में रहने के नुकसान क्या हैं और ब्रेकअप के बाद कब थैरेपिस्ट की मदद लेनी चाहिए, अंत तक पूरी बताचीत ज़रूर सुनिएगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62399864</guid><pubDate>Thu, 17 Oct 2024 14:47:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62399864/17_oct_24_pn_17_oct_128.mp3" length="62419278" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस एपिसोड में हम दिल टूटने और उससे उबरने की बात करेंगे. हमारे साथ हैं हर्षिता गुप्ता, जो सोशल मीडिया पर काफी फ़ेमस हैं. आपने उन्हें इंस्टाग्राम पर देखा होगा और उनके रिल्स शेयर भी किए होंगे. आज वो आपको कुछ खास टिप्स देंगी जिससे आप ब्रेकअप के दर्द से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस एपिसोड में हम दिल टूटने और उससे उबरने की बात करेंगे. हमारे साथ हैं हर्षिता गुप्ता, जो सोशल मीडिया पर काफी फ़ेमस हैं. आपने उन्हें इंस्टाग्राम पर देखा होगा और उनके रिल्स शेयर भी किए होंगे. आज वो आपको कुछ खास टिप्स देंगी जिससे आप ब्रेकअप के दर्द से जल्दी उबर सकें. 'पढ़ाकू नितिन' में हमने उनसे पूछा कि दोस्ती और प्यार का घालमेल को कैसे संभालें, एक्स से टच में रहने के नुकसान क्या हैं और ब्रेकअप के बाद कब थैरेपिस्ट की मदद लेनी चाहिए, अंत तक पूरी बताचीत ज़रूर सुनिएगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3902</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fff2e9c34cb7d70f374628394d321e59.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Iran जंग से पहले कैसे Israel को थका रहा है और India क्यों कभी Stand नहीं लेता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 169</title><link>https://www.spreaker.com/episode/iran-janga-se-pahale-kaise-israel-ko-thaka-raha-hai-aura-india-kyom-kabhi-stand-nahim-leta-parhaku-nitina-ep-169--62314956</link><description><![CDATA[7 अक्टूबर 2023 को हमास के अप्रत्याशित हमले के बाद, इजरायल और मध्य पूर्व में महायुद्ध की शुरुआत हो गई है, जिसमें अब तक 42,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. गाजा से शुरू हुई ये जंग अब लेबनान और ईरान तक फैल चुकी है. अमेरिका के लिए इजरायल एक मुश्किल मामला बन गया है और भारत के लिए भी यह सवाल खड़ा है कि वह किसका समर्थन करे. इस संकट पर चर्चा करने के लिए, पढ़ाकू नितिन में हमने वरिष्ठ पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे को बुलाया है. उनसे जानेंगे कि इजरायल का अगला कदम क्या होगा और बदलते हालात में भारत की विदेश नीति कैसी होनी चाहिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62314956</guid><pubDate>Thu, 10 Oct 2024 16:58:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62314956/10_oct_24_pn_10_oct_128.mp3" length="99590896" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>7 अक्टूबर 2023 को हमास के अप्रत्याशित हमले के बाद, इजरायल और मध्य पूर्व में महायुद्ध की शुरुआत हो गई है, जिसमें अब तक 42,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. गाजा से शुरू हुई ये जंग अब लेबनान और ईरान तक फैल चुकी है. अमेरिका के लिए इजरायल एक मुश्किल...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[7 अक्टूबर 2023 को हमास के अप्रत्याशित हमले के बाद, इजरायल और मध्य पूर्व में महायुद्ध की शुरुआत हो गई है, जिसमें अब तक 42,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. गाजा से शुरू हुई ये जंग अब लेबनान और ईरान तक फैल चुकी है. अमेरिका के लिए इजरायल एक मुश्किल मामला बन गया है और भारत के लिए भी यह सवाल खड़ा है कि वह किसका समर्थन करे. इस संकट पर चर्चा करने के लिए, पढ़ाकू नितिन में हमने वरिष्ठ पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे को बुलाया है. उनसे जानेंगे कि इजरायल का अगला कदम क्या होगा और बदलते हालात में भारत की विदेश नीति कैसी होनी चाहिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6225</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f03a87e0808c6703269d9a716df0d7bf.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इजरायल-ईरान जंग में भारत किसके साथ, अमेरिका की मजबूरी और सुन्नी इससे अलग क्यों हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 168</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ijarayala-irana-janga-mem-bharata-kisake-satha-amerika-ki-majaburi-aura-sunni-isase-alaga-kyom-haim-parhaku-nitina-ep-168--62211998</link><description><![CDATA[पिछले एक साल से इज़रायल, फिलिस्तीन, लेबनान, यमन और ईरान लगातार सुर्खियों में हैं. इज़रायल के हमलों और ईरान की मिसाइलों से तनाव और बढ़ गया है. हिज़बुल्लाह के नेता मारे जा चुके हैं, और अक्टूबर से शुरू हुई ये लड़ाई अब भी जारी है. 'पढ़ाकू नितिन' में हमने पूर्व भारतीय राजनयिक राजीव सीकरी से इस संघर्ष के जड़, इज़रायल और ईरान की रणनीति, और भारत की भूमिका पर बात की है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62211998</guid><pubDate>Thu, 03 Oct 2024 15:03:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62211998/03_oct_24_pn_israel_iran_3_oct_mix_128.mp3" length="53677662" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पिछले एक साल से इज़रायल, फिलिस्तीन, लेबनान, यमन और ईरान लगातार सुर्खियों में हैं. इज़रायल के हमलों और ईरान की मिसाइलों से तनाव और बढ़ गया है. हिज़बुल्लाह के नेता मारे जा चुके हैं, और अक्टूबर से शुरू हुई ये लड़ाई अब भी जारी है. 'पढ़ाकू नितिन' में हमने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पिछले एक साल से इज़रायल, फिलिस्तीन, लेबनान, यमन और ईरान लगातार सुर्खियों में हैं. इज़रायल के हमलों और ईरान की मिसाइलों से तनाव और बढ़ गया है. हिज़बुल्लाह के नेता मारे जा चुके हैं, और अक्टूबर से शुरू हुई ये लड़ाई अब भी जारी है. 'पढ़ाकू नितिन' में हमने पूर्व भारतीय राजनयिक राजीव सीकरी से इस संघर्ष के जड़, इज़रायल और ईरान की रणनीति, और भारत की भूमिका पर बात की है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3355</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3af2b00bb2e4d5fe44349590d02aaf4b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मोटिवेशन के लिए क्या सुनें, वर्क स्ट्रेस कैसे जाएगा और शिव खेड़ा किससे खफ़ा हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 167</title><link>https://www.spreaker.com/episode/motivesana-ke-li-e-kya-sunem-varka-stresa-kaise-ja-ega-aura-siva-khera-kisase-khafa-haim-parhaku-nitina-ep-167--62115605</link><description><![CDATA['मोटिवेशनल स्पीकर' क्या बला है - भारत में जब कोई जानता भी नहीं था, तब भी लोग एक नाम जानते थे — शिव खेड़ा.  उनकी लिखी किताब You Can Win (जीत आपकी) भी ख़ूब पॉपुलर हुई. इस बार शिव खेड़ा ‘पढ़ाकू नितिन’ में बतौर मेहमान आए, तो उन्होंने अपनी बातों से एक बार फिर प्रेरित किया. उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बारे में बताया, वर्क स्ट्रेस कम करने के तरीके बताए और यह भी साझा किया कि वे कब रिटायर होंगे. इस एपिसोड में हमने शिव खेड़ा से पूछा कि अमेरिका में सब कुछ होने के बावजूद वे भारत लौटकर क्यों आए, मौजूदा मोटिवेशनल स्पीकर्स पर उनकी क्या राय है, और उन्हें ‘झारखंड का बेटा’ कहलाना क्यों पसंद नहीं है. मोटिवेशनल किस्सों से भरपूर इस पूरी बातचीत को अंत तक ज़रूर सुनें.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62115605</guid><pubDate>Thu, 26 Sep 2024 11:58:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62115605/26_sep_24_pn_khera_26_sept_mix_128.mp3" length="69798347" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>'मोटिवेशनल स्पीकर' क्या बला है - भारत में जब कोई जानता भी नहीं था, तब भी लोग एक नाम जानते थे — शिव खेड़ा.  उनकी लिखी किताब You Can Win (जीत आपकी) भी ख़ूब पॉपुलर हुई. इस बार शिव खेड़ा ‘पढ़ाकू नितिन’ में बतौर मेहमान आए, तो उन्होंने अपनी बातों से एक बार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA['मोटिवेशनल स्पीकर' क्या बला है - भारत में जब कोई जानता भी नहीं था, तब भी लोग एक नाम जानते थे — शिव खेड़ा.  उनकी लिखी किताब You Can Win (जीत आपकी) भी ख़ूब पॉपुलर हुई. इस बार शिव खेड़ा ‘पढ़ाकू नितिन’ में बतौर मेहमान आए, तो उन्होंने अपनी बातों से एक बार फिर प्रेरित किया. उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बारे में बताया, वर्क स्ट्रेस कम करने के तरीके बताए और यह भी साझा किया कि वे कब रिटायर होंगे. इस एपिसोड में हमने शिव खेड़ा से पूछा कि अमेरिका में सब कुछ होने के बावजूद वे भारत लौटकर क्यों आए, मौजूदा मोटिवेशनल स्पीकर्स पर उनकी क्या राय है, और उन्हें ‘झारखंड का बेटा’ कहलाना क्यों पसंद नहीं है. मोटिवेशनल किस्सों से भरपूर इस पूरी बातचीत को अंत तक ज़रूर सुनें.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4363</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8922436b8748c0bb019b58888b0d8b9e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पाकिस्तान के सबसे सीक्रेट अड्डे पर कैसे पहुंचीं Indian Diplomat और पीछे लगे एजेंट को कैसे सिखाया सबक?: Padhaku Nitin, Ep 166</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistana-ke-sabase-sikreta-adde-para-kaise-pahuncim-indian-diplomat-aura-piche-lage-ejenta-ko-kaise-sikhaya-sabaka-padhaku-nitin-ep-166--62028445</link><description><![CDATA[पाकिस्तान के वजूद में आने से लेकर अब तक उसकी पॉलिटिक्स हेप्पेनिंग बनी हुई है. हमारे पड़ोस में हमेशा कुछ न कुछ होता रहता है. मगर इसका उरूज लेट नाइंटीज़ में था. भारत के प्रधानमंत्री बस से पाकिस्तान गए थे. जिस नवाज़ शरीफ़ ने उन्हें रिसीव किया था, उसकी सरकार गिरा दी गई और बाद के सालों में दोनों देशों के बीच कारिगल युद्ध भी हुआ. जब ये सब हो रहा था तब उसकी एक गवाह थीं रुचि घनश्याम, इन घटनाओं और अपने अनुभवों को मिलाकर उन्होंने एक किताब लिखी, An Indian Woman In Islamabad. 'पढ़ाकू नितिन' में रुचि से हमने पूछा कि कैसे वो इक रोज़ आधी रात वहां पहुंच गईं जहां पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा था. जो एजेंट्स उनका दिन रात पीछा किया करते थे वो कैसे आमने-सामने आ गए और क्यों रुचि के एक साथी को लाठी मार कर अधमरा कर दिया. तथ्यों और किस्सों से भरपूर इस एपिसोड को अंत तक सुनिएगा, कमाल की जानकारियां मिलेंगी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/62028445</guid><pubDate>Thu, 19 Sep 2024 14:31:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/62028445/19_sep_24_pn_19_sept_mix_128.mp3" length="63215908" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाकिस्तान के वजूद में आने से लेकर अब तक उसकी पॉलिटिक्स हेप्पेनिंग बनी हुई है. हमारे पड़ोस में हमेशा कुछ न कुछ होता रहता है. मगर इसका उरूज लेट नाइंटीज़ में था. भारत के प्रधानमंत्री बस से पाकिस्तान गए थे. जिस नवाज़ शरीफ़ ने उन्हें रिसीव किया था, उसकी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाकिस्तान के वजूद में आने से लेकर अब तक उसकी पॉलिटिक्स हेप्पेनिंग बनी हुई है. हमारे पड़ोस में हमेशा कुछ न कुछ होता रहता है. मगर इसका उरूज लेट नाइंटीज़ में था. भारत के प्रधानमंत्री बस से पाकिस्तान गए थे. जिस नवाज़ शरीफ़ ने उन्हें रिसीव किया था, उसकी सरकार गिरा दी गई और बाद के सालों में दोनों देशों के बीच कारिगल युद्ध भी हुआ. जब ये सब हो रहा था तब उसकी एक गवाह थीं रुचि घनश्याम, इन घटनाओं और अपने अनुभवों को मिलाकर उन्होंने एक किताब लिखी, An Indian Woman In Islamabad. 'पढ़ाकू नितिन' में रुचि से हमने पूछा कि कैसे वो इक रोज़ आधी रात वहां पहुंच गईं जहां पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा था. जो एजेंट्स उनका दिन रात पीछा किया करते थे वो कैसे आमने-सामने आ गए और क्यों रुचि के एक साथी को लाठी मार कर अधमरा कर दिया. तथ्यों और किस्सों से भरपूर इस एपिसोड को अंत तक सुनिएगा, कमाल की जानकारियां मिलेंगी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>3951</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/210de4d5958c7ff866d2f67309972b71.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बिरयानी क्यों है सर्वगुण संपन्न, नमक कौन सा सही और वीगन के नाम पर क्या मज़ाक चल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 165</title><link>https://www.spreaker.com/episode/birayani-kyom-hai-sarvaguna-sampanna-namaka-kauna-sa-sahi-aura-vigana-ke-nama-para-kya-mazaka-cala-raha-hai-parhaku-nitina-ep-165--61384992</link><description><![CDATA[खाना दुनिया के उन गिने-चुने कामों में से है जो ज़रूरत भी है और शौक़ भी, और अगर पूरी शिद्दत से दिल लगाकर किया जाए, तो यह पेशा भी बन सकता है और पहचान भी। कुछ लोग होते हैं जो क्या खाना है, इसके बारे में बहुत सोचते हैं, और कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना सोचे-समझे जो मिल जाए, खा लेते हैं। खाने के साथ प्यार भी जुड़ा होता है, इसका अपना 'लव लैंग्वेज' होता है। खाने के साथ मॉरैलिटी भी जोड़ी जाती है, और इसमें भूगोल भी एक बड़ा खिलाड़ी होता है। अब तो इसमें विज्ञान भी जुड़ गया है, और इस पर खूब काम किया है कृष अशोक ने। आज वे हमारे मेहमान हैं। इन्होंने खाने पर एक किताब लिखी है, जो रेसिपीज़ और इतिहास पर नहीं, बल्कि इसके विज्ञान पर आधारित है। कृष अशोक ने खाने से जुड़े कई मिथक तोड़े हैं, और शाकाहारी और मांसाहारी खाने की बहस को भी समाप्त कर दिया है। हमने उनसे पूछा कि भारत के लोग मसालेदार खाना क्यों पसंद करते हैं, किस तरह का नमक खाना के लिए सही है, और खाने के मामले में किसकी सुननी चाहिए। अंत तक इस लज़ीज़ पॉडकास्ट को सुनिए, इसका 'आफ़्टरटेस्ट' भी बहुत अच्छा है<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61384992</guid><pubDate>Thu, 12 Sep 2024 16:30:30 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61384992/12_sep_24_pn_12_sept_128.mp3" length="77207928" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>खाना दुनिया के उन गिने-चुने कामों में से है जो ज़रूरत भी है और शौक़ भी, और अगर पूरी शिद्दत से दिल लगाकर किया जाए, तो यह पेशा भी बन सकता है और पहचान भी। कुछ लोग होते हैं जो क्या खाना है, इसके बारे में बहुत सोचते हैं, और कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[खाना दुनिया के उन गिने-चुने कामों में से है जो ज़रूरत भी है और शौक़ भी, और अगर पूरी शिद्दत से दिल लगाकर किया जाए, तो यह पेशा भी बन सकता है और पहचान भी। कुछ लोग होते हैं जो क्या खाना है, इसके बारे में बहुत सोचते हैं, और कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना सोचे-समझे जो मिल जाए, खा लेते हैं। खाने के साथ प्यार भी जुड़ा होता है, इसका अपना 'लव लैंग्वेज' होता है। खाने के साथ मॉरैलिटी भी जोड़ी जाती है, और इसमें भूगोल भी एक बड़ा खिलाड़ी होता है। अब तो इसमें विज्ञान भी जुड़ गया है, और इस पर खूब काम किया है कृष अशोक ने। आज वे हमारे मेहमान हैं। इन्होंने खाने पर एक किताब लिखी है, जो रेसिपीज़ और इतिहास पर नहीं, बल्कि इसके विज्ञान पर आधारित है। कृष अशोक ने खाने से जुड़े कई मिथक तोड़े हैं, और शाकाहारी और मांसाहारी खाने की बहस को भी समाप्त कर दिया है। हमने उनसे पूछा कि भारत के लोग मसालेदार खाना क्यों पसंद करते हैं, किस तरह का नमक खाना के लिए सही है, और खाने के मामले में किसकी सुननी चाहिए। अंत तक इस लज़ीज़ पॉडकास्ट को सुनिए, इसका 'आफ़्टरटेस्ट' भी बहुत अच्छा है<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4826</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1cf7537bd477bedc5e5db338a5c01607.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>10 सालों तक बाग-बाग जा कर आम खाने के बाद लिखी गई किताब: पढ़ाकू नितिन, Ep 164</title><link>https://www.spreaker.com/episode/10-salom-taka-baga-baga-ja-kara-ama-khane-ke-bada-likhi-ga-i-kitaba-parhaku-nitina-ep-164--61274688</link><description><![CDATA[आम की हर बात ख़ास होती है. आम सिर्फ़ एक फल नहीं, फलों का राजा होता है, आम इमोशन होता है, आम से रिश्ते बनते हैं, इनफ़ैक्ट सबसे अच्छा मौसम ही वो है जिसमें पेड़ों पर आम लगते हैं और हां! कोई आम ख़राब नहीं होता. आम के पेड़ों के इर्द-गिर्द समाज फलता है. बहसें होती हैं, झगड़ें होते हैं.आम रिश्वत भी है तो आम व्यवहार बनाने का ज़रिया भी है. आम को कोई मना नहीं करता और उस्तादों ने कहा है कि आम को सिर्फ़ गदहे ही नहीं खाते. आम की खुशबू ने कई गांवों की महक दुनिया तक पहुंचाई है और उसे ही एक पॉडकास्टनुमा शीशी में कैद कर आज हम आपके सामने हाज़िर हुए हैं, हमने बात कि लेखक सोपान जोशी से जिन्होंने एक पूरी फिर भी अधूरी किताब Mangifera Indica: A Biography of the Mango लिखी है, अधूरी इसलिए क्योंकि दुनिया में हज़ारों किस्म के आम हैं, बावजूद इसके हमने बहुत कुछ समेटने की कोशिश की है और उनसे पूछा है कि आखिर लोग आम को इतना पसंद क्यों करते हैं, बारिश के पहले या बाद में आम खाना चाहिए, इसके नाम कैसे पड़ते हैं, दक्षिण भारत के आम उत्तर के आमों से अलग कैसे हैं, सॉफ़्टड्रिंक्स किस आम से बनाए जाते हैं और मुगल और अंग्रोज़ों ने आमों के साथ क्या किया,अंत तक सुनिए, इस रसदार पॉडकास्ट में आमों पर हुई बेमौसम मगर मज़ेदार बातचीत को अंत तक सुनिएगा, मज़ा आएगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61274688</guid><pubDate>Thu, 05 Sep 2024 15:55:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61274688/05_sep_24_pn_5_sept_sopan_joshi_128.mp3" length="88670458" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आम की हर बात ख़ास होती है. आम सिर्फ़ एक फल नहीं, फलों का राजा होता है, आम इमोशन होता है, आम से रिश्ते बनते हैं, इनफ़ैक्ट सबसे अच्छा मौसम ही वो है जिसमें पेड़ों पर आम लगते हैं और हां! कोई आम ख़राब नहीं होता. आम के पेड़ों के इर्द-गिर्द समाज फलता है....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आम की हर बात ख़ास होती है. आम सिर्फ़ एक फल नहीं, फलों का राजा होता है, आम इमोशन होता है, आम से रिश्ते बनते हैं, इनफ़ैक्ट सबसे अच्छा मौसम ही वो है जिसमें पेड़ों पर आम लगते हैं और हां! कोई आम ख़राब नहीं होता. आम के पेड़ों के इर्द-गिर्द समाज फलता है. बहसें होती हैं, झगड़ें होते हैं.आम रिश्वत भी है तो आम व्यवहार बनाने का ज़रिया भी है. आम को कोई मना नहीं करता और उस्तादों ने कहा है कि आम को सिर्फ़ गदहे ही नहीं खाते. आम की खुशबू ने कई गांवों की महक दुनिया तक पहुंचाई है और उसे ही एक पॉडकास्टनुमा शीशी में कैद कर आज हम आपके सामने हाज़िर हुए हैं, हमने बात कि लेखक सोपान जोशी से जिन्होंने एक पूरी फिर भी अधूरी किताब Mangifera Indica: A Biography of the Mango लिखी है, अधूरी इसलिए क्योंकि दुनिया में हज़ारों किस्म के आम हैं, बावजूद इसके हमने बहुत कुछ समेटने की कोशिश की है और उनसे पूछा है कि आखिर लोग आम को इतना पसंद क्यों करते हैं, बारिश के पहले या बाद में आम खाना चाहिए, इसके नाम कैसे पड़ते हैं, दक्षिण भारत के आम उत्तर के आमों से अलग कैसे हैं, सॉफ़्टड्रिंक्स किस आम से बनाए जाते हैं और मुगल और अंग्रोज़ों ने आमों के साथ क्या किया,अंत तक सुनिए, इस रसदार पॉडकास्ट में आमों पर हुई बेमौसम मगर मज़ेदार बातचीत को अंत तक सुनिएगा, मज़ा आएगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>5542</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ac2517a09b19d3adca80afc0183f6331.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बुक कवर के लिए मानव कौल ने कपड़े उतारे तो मां क्या बोलीं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 163</title><link>https://www.spreaker.com/episode/buka-kavara-ke-li-e-manava-kaula-ne-kapare-utare-to-mam-kya-bolim-parhaku-nitina-ep-163--61199781</link><description><![CDATA[पहचान. एक ऐसी चीज़ जिसके लिए दुनियाभर के लोग मेहनत करते हैं. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक पहचान बनाने में पूरी ज़िंदगी बिता देते हैं और कुछ ऐसे लोग होते हैं जो एक ही ज़िंदगी में अपनी कई कई पहचान बना लेते हैं. इसी प्रजाति से ताल्लुक रखते हैं इस एपिसोड के मेहमान मानव कौल. जिनकी कई पहचान हैं, कभी नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ फेम गेम में माधुरी दीक्षित से इश्क लड़ाते नज़र आते हैं. कभी रंगमंच पर कला की गोद में पड़े लेखक के तौर पर दिखते हैं. जिसने थियेटर प्रेमियों को ये अधिकार दिया कि ‘जाओ आज से मेरा सब लिखा तुम्हारा!’. वो शख्स जो घूमने के दौरान जिए को कागज़ के सहारे लोगों को उतारता है. मगर ये भी मानव कौल की पूरी पहचान नहीं है . तो आखिर क्या है मानव कौल का पूरा परिचय?सुनिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61199781</guid><pubDate>Thu, 29 Aug 2024 15:41:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61199781/29_aug_24_pn_29_aug_128.mp3" length="69221146" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पहचान. एक ऐसी चीज़ जिसके लिए दुनियाभर के लोग मेहनत करते हैं. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक पहचान बनाने में पूरी ज़िंदगी बिता देते हैं और कुछ ऐसे लोग होते हैं जो एक ही ज़िंदगी में अपनी कई कई पहचान बना लेते हैं. इसी प्रजाति से ताल्लुक रखते हैं इस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पहचान. एक ऐसी चीज़ जिसके लिए दुनियाभर के लोग मेहनत करते हैं. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक पहचान बनाने में पूरी ज़िंदगी बिता देते हैं और कुछ ऐसे लोग होते हैं जो एक ही ज़िंदगी में अपनी कई कई पहचान बना लेते हैं. इसी प्रजाति से ताल्लुक रखते हैं इस एपिसोड के मेहमान मानव कौल. जिनकी कई पहचान हैं, कभी नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ फेम गेम में माधुरी दीक्षित से इश्क लड़ाते नज़र आते हैं. कभी रंगमंच पर कला की गोद में पड़े लेखक के तौर पर दिखते हैं. जिसने थियेटर प्रेमियों को ये अधिकार दिया कि ‘जाओ आज से मेरा सब लिखा तुम्हारा!’. वो शख्स जो घूमने के दौरान जिए को कागज़ के सहारे लोगों को उतारता है. मगर ये भी मानव कौल की पूरी पहचान नहीं है . तो आखिर क्या है मानव कौल का पूरा परिचय?सुनिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में.]]></itunes:summary><itunes:duration>4327</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dccb3477992787ba6b1629cde9691f67.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भारत के दो शापित शहर, गुफ़ा में रहने वाली माई और गंगा-नर्मदा से रिश्ता: पढ़ाकू नितिन, Ep 162</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bharata-ke-do-sapita-sahara-gufa-mem-rahane-vali-ma-i-aura-ganga-narmada-se-rista-parhaku-nitina-ep-162--61117479</link><description><![CDATA[अब यह एक स्थापित तथ्य है कि जिसने भी यात्राएं की हैं, वह वैसा नहीं रहा जैसा पहले था. जब कोई सफ़र पर निकलता है, तब वह मीलों अपने भीतर भी चलता है. रास्ते में लोग मिलते हैं, उनकी कहानियां मिलती हैं, और उनकी कहानियों से ज़िंदगी का सच पता चलता है और ऐसे ही एक सच की तलाश में निकले थे रौनक साहनी, फ़ेमस YouTuber, जो मंकी मैजिक के नाम से मशहूर हैं. रौनक को नदियों से बहुत प्यार है. उन्होंने पहले नर्मदा यात्रा की और फिर गंगा यात्रा पर निकले. नर्मदा ने उन्हें मन की शांति दी, और गंगा यात्रा से निकली एक किताब—Melodies Of India. सुंदर और शानदार तस्वीरों और तजुर्बों से भरपूर यह किताब भारत के रंगों से रूबरू कराती है. इसके लेखक रौनक साहनी हैं और वे हमारे आज के मेहमान हैं। पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में, बात उन 11 तस्वीरों की होगी, जिनकी चाहत में रौनक ने अपनी जमी-जमाई कंपनी बंद कर ट्रैवलिंग शुरू कर दी।]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61117479</guid><pubDate>Thu, 22 Aug 2024 17:26:16 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61117479/22_aug_24_pn_22_august_128.mp3" length="73386945" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अब यह एक स्थापित तथ्य है कि जिसने भी यात्राएं की हैं, वह वैसा नहीं रहा जैसा पहले था. जब कोई सफ़र पर निकलता है, तब वह मीलों अपने भीतर भी चलता है. रास्ते में लोग मिलते हैं, उनकी कहानियां मिलती हैं, और उनकी कहानियों से ज़िंदगी का सच पता चलता है और ऐसे ही...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अब यह एक स्थापित तथ्य है कि जिसने भी यात्राएं की हैं, वह वैसा नहीं रहा जैसा पहले था. जब कोई सफ़र पर निकलता है, तब वह मीलों अपने भीतर भी चलता है. रास्ते में लोग मिलते हैं, उनकी कहानियां मिलती हैं, और उनकी कहानियों से ज़िंदगी का सच पता चलता है और ऐसे ही एक सच की तलाश में निकले थे रौनक साहनी, फ़ेमस YouTuber, जो मंकी मैजिक के नाम से मशहूर हैं. रौनक को नदियों से बहुत प्यार है. उन्होंने पहले नर्मदा यात्रा की और फिर गंगा यात्रा पर निकले. नर्मदा ने उन्हें मन की शांति दी, और गंगा यात्रा से निकली एक किताब—Melodies Of India. सुंदर और शानदार तस्वीरों और तजुर्बों से भरपूर यह किताब भारत के रंगों से रूबरू कराती है. इसके लेखक रौनक साहनी हैं और वे हमारे आज के मेहमान हैं। पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में, बात उन 11 तस्वीरों की होगी, जिनकी चाहत में रौनक ने अपनी जमी-जमाई कंपनी बंद कर ट्रैवलिंग शुरू कर दी।]]></itunes:summary><itunes:duration>4587</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ba364dda5a1a5aaa4a9c0187e4349af9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>1984 के सिख दंगों की वो कहानियां जो बस इसी किताब में मिलेंगी: पढ़ाकू नितिन, Ep 161</title><link>https://www.spreaker.com/episode/1984-ke-sikha-dangom-ki-vo-kahaniyam-jo-basa-isi-kitaba-mem-milengi-parhaku-nitina-ep-161--61039498</link><description><![CDATA[1984.. एक ऐसा साल जिसे ना कभी इंडियन पॉलिटिक्स भूली.. ना भूला इंडिया, ना कभी पंजाब. इस साल दिल्ली, कानपुर, फिरोज़ाबाद, अमृतसर में सिखों का जो खून बहा उसकी कहानी इन 40 सालों में कई बार कही गई.. मगर फिर भी जिनकी कहानी रह गई वो हैं सिख महिलाएं. कितनी ही ऐसी औरतें थीं जिन्होंने अपनों को हत्यारों के हाथों मरते देखा. खुद पर बलात्कार सहे. जान बचने के बाद ताने सुने... मगर फिर भी वो इंसाफ के लिए लड़ती रहीं.. इन कहानियों को पहली बार सामने लाए हैं एडवोकेट सनम सुतीरथ वज़ीर,उनकी किताब है The Kaurs of 1984. इस किताब को लिखने के लिए सनम दंगापीड़ितों के घर गए. उनसे मिले. उनकी कहानियां कई सालों तक सुनी जिसे सनम से 'पढ़ाकू नितिन' में पूछेंगे...<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/61039498</guid><pubDate>Thu, 15 Aug 2024 15:35:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/61039498/15_aug_24_pn_15_aug_128.mp3" length="65275611" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>1984.. एक ऐसा साल जिसे ना कभी इंडियन पॉलिटिक्स भूली.. ना भूला इंडिया, ना कभी पंजाब. इस साल दिल्ली, कानपुर, फिरोज़ाबाद, अमृतसर में सिखों का जो खून बहा उसकी कहानी इन 40 सालों में कई बार कही गई.. मगर फिर भी जिनकी कहानी रह गई वो हैं सिख महिलाएं. कितनी ही...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[1984.. एक ऐसा साल जिसे ना कभी इंडियन पॉलिटिक्स भूली.. ना भूला इंडिया, ना कभी पंजाब. इस साल दिल्ली, कानपुर, फिरोज़ाबाद, अमृतसर में सिखों का जो खून बहा उसकी कहानी इन 40 सालों में कई बार कही गई.. मगर फिर भी जिनकी कहानी रह गई वो हैं सिख महिलाएं. कितनी ही ऐसी औरतें थीं जिन्होंने अपनों को हत्यारों के हाथों मरते देखा. खुद पर बलात्कार सहे. जान बचने के बाद ताने सुने... मगर फिर भी वो इंसाफ के लिए लड़ती रहीं.. इन कहानियों को पहली बार सामने लाए हैं एडवोकेट सनम सुतीरथ वज़ीर,उनकी किताब है The Kaurs of 1984. इस किताब को लिखने के लिए सनम दंगापीड़ितों के घर गए. उनसे मिले. उनकी कहानियां कई सालों तक सुनी जिसे सनम से 'पढ़ाकू नितिन' में पूछेंगे...<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4080</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/09336307a25b5a615bc387144fb7bfda.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शेख हसीना- ख़ालिदा ज़िया में फंसा भारत और खेल के पीछे खिलाड़ी कौन?: पढ़ाकू नितिन, Ep 160</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sekha-hasina-khalida-ziya-mem-phansa-bharata-aura-khela-ke-piche-khilari-kauna-parhaku-nitina-ep-160--60958911</link><description><![CDATA[आपको ध्यान होगा कि पिछले साल सितंबर के महीने में भारत में G20 समिट का आयोजन हुआ. दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष आए थे. भारत पहुंचने वाली सबसे पहली राष्ट्राध्यक्ष थीं शेख़ हसीना. भारत ने उन्हें मेहमान की हैसियत से बुलाया था. उस समिट में एक फ़ोटो वायरल हुआ जिसमें तब के ब्रिटिश प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने घुटनों के बल बैठ कर बात कर रहे थे. एक वो वक्त था और एक आज का वक्त है, ब्रिटेन हसीना को शरण देने से कन्नी काट रहा है. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री फिलहाल दिल्ली में हैं और पड़ोसी देश में हर घंटे राजनीतिक हालात बदल रहे हैं. पढ़ाकू नितिन में इस बार बात बांग्लादेश के मौजूदा हालात और भविष्य की, सत्ता के दावेदारों की और साथ ही इतिहास की कुछ अहम घटनाओं की भी. हमारे मेहमान हैं, सीनियर जर्नलिस्ट और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60958911</guid><pubDate>Thu, 08 Aug 2024 17:13:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60958911/08_aug_24_pn_bangladesh_8_aug_mix_128.mp3" length="51740003" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आपको ध्यान होगा कि पिछले साल सितंबर के महीने में भारत में G20 समिट का आयोजन हुआ. दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष आए थे. भारत पहुंचने वाली सबसे पहली राष्ट्राध्यक्ष थीं शेख़ हसीना. भारत ने उन्हें मेहमान की हैसियत से बुलाया था. उस समिट में एक फ़ोटो वायरल हुआ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आपको ध्यान होगा कि पिछले साल सितंबर के महीने में भारत में G20 समिट का आयोजन हुआ. दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष आए थे. भारत पहुंचने वाली सबसे पहली राष्ट्राध्यक्ष थीं शेख़ हसीना. भारत ने उन्हें मेहमान की हैसियत से बुलाया था. उस समिट में एक फ़ोटो वायरल हुआ जिसमें तब के ब्रिटिश प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने घुटनों के बल बैठ कर बात कर रहे थे. एक वो वक्त था और एक आज का वक्त है, ब्रिटेन हसीना को शरण देने से कन्नी काट रहा है. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री फिलहाल दिल्ली में हैं और पड़ोसी देश में हर घंटे राजनीतिक हालात बदल रहे हैं. पढ़ाकू नितिन में इस बार बात बांग्लादेश के मौजूदा हालात और भविष्य की, सत्ता के दावेदारों की और साथ ही इतिहास की कुछ अहम घटनाओं की भी. हमारे मेहमान हैं, सीनियर जर्नलिस्ट और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>3234</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2973853738703189af6b7696fb5f2ff1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फोटोग्राफर जिसके मुरीद थे इंदिरा, दलाई लामा, ज़िया उल हक़!: पढ़ाकू नितिन, Ep 159</title><link>https://www.spreaker.com/episode/photographara-jisake-murida-the-indira-dala-i-lama-ziya-ula-haqa-parhaku-nitina-ep-159--60887634</link><description><![CDATA[पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं मशहूर फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय. रघु राय को 'फादर ऑफ इंडियन फोटोग्राफी' भी माना जाता है. इनकी खींची कई तस्वीरों को दुनियाभर में पहचान मिली है. भोपाल गैस ट्रेजडी के बाद की फोटो हों या संजय गांधी के प्लेन क्रैश की फोटो. जरनैल सिंह भिंडरावाले की स्वर्ण मंदिर वाली फोटो भी रघु राय ने ही खींची थी. रघु राय ने पॉडकास्ट में अपने करियर से लेकर निजी जीवन पर खूब रस लेकर बातें कीं। उन्होंने फोटोग्राफी करियर के कई किस्से सुनाए. दलाई लामा, मदर टेरेसा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, बाला साहब ठाकरे की उन तस्वीरों पर भी बात हुई जो आज दुनियाभर में फेमस हैं. सुनिए ये दिलचस्प पॉडकास्ट.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60887634</guid><pubDate>Thu, 01 Aug 2024 17:41:12 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60887634/01_aug_24_pn_1_aug_128.mp3" length="81239562" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं मशहूर फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय. रघु राय को 'फादर ऑफ इंडियन फोटोग्राफी' भी माना जाता है. इनकी खींची कई तस्वीरों को दुनियाभर में पहचान मिली है. भोपाल गैस ट्रेजडी के बाद की फोटो हों या संजय गांधी के प्लेन क्रैश की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं मशहूर फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय. रघु राय को 'फादर ऑफ इंडियन फोटोग्राफी' भी माना जाता है. इनकी खींची कई तस्वीरों को दुनियाभर में पहचान मिली है. भोपाल गैस ट्रेजडी के बाद की फोटो हों या संजय गांधी के प्लेन क्रैश की फोटो. जरनैल सिंह भिंडरावाले की स्वर्ण मंदिर वाली फोटो भी रघु राय ने ही खींची थी. रघु राय ने पॉडकास्ट में अपने करियर से लेकर निजी जीवन पर खूब रस लेकर बातें कीं। उन्होंने फोटोग्राफी करियर के कई किस्से सुनाए. दलाई लामा, मदर टेरेसा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, बाला साहब ठाकरे की उन तस्वीरों पर भी बात हुई जो आज दुनियाभर में फेमस हैं. सुनिए ये दिलचस्प पॉडकास्ट.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>5078</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0578b2c36188b2e79b76465373222852.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कोहली-कुंबले की इनसाइड स्टोरी, ओलंपिक में क्रिकेट की एंट्री और जय शाह का रिपोर्ट कार्ड!: पढ़ाकू नितिन, Ep 158</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kohali-kumbale-ki-inasa-ida-stori-olampika-mem-kriketa-ki-entri-aura-jaya-saha-ka-riporta-karda-parhaku-nitina-ep-158--60804451</link><description><![CDATA[इस बार पढ़ाकू नितिन में हमारी मेहमान हैं वो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट जिन्होंने भारत को नौ देशों में क्रिकेट खेलते हुए देखा है, दो ओलंपिक खेलों में रिपोर्टिंग की है. उन्होंने युवराज सिंह के साथ उनकी जीवनी टेस्ट ऑफ माई लाइफ पर भी काम किया है. इसके अलावा तमाम दूसरे खेलों के बारे में भी तीन दशकों तक अंतरराष्ट्रीय- राष्ट्रीय मीडिया में लिखा. बैंगलोर में रहनेवाली चर्चित पत्रकार शारदा उग्रा से मिलिए और सुनिए तफ्सील में हुई ये बातचीत जिसमें शामिल हैं वो सवाल जो आपके मन में उठते रहे होंगे।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60804451</guid><pubDate>Thu, 25 Jul 2024 18:27:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60804451/25_jul_24_pn_25_july_128.mp3" length="79351222" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस बार पढ़ाकू नितिन में हमारी मेहमान हैं वो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट जिन्होंने भारत को नौ देशों में क्रिकेट खेलते हुए देखा है, दो ओलंपिक खेलों में रिपोर्टिंग की है. उन्होंने युवराज सिंह के साथ उनकी जीवनी टेस्ट ऑफ माई लाइफ पर भी काम किया है. इसके अलावा तमाम...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस बार पढ़ाकू नितिन में हमारी मेहमान हैं वो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट जिन्होंने भारत को नौ देशों में क्रिकेट खेलते हुए देखा है, दो ओलंपिक खेलों में रिपोर्टिंग की है. उन्होंने युवराज सिंह के साथ उनकी जीवनी टेस्ट ऑफ माई लाइफ पर भी काम किया है. इसके अलावा तमाम दूसरे खेलों के बारे में भी तीन दशकों तक अंतरराष्ट्रीय- राष्ट्रीय मीडिया में लिखा. बैंगलोर में रहनेवाली चर्चित पत्रकार शारदा उग्रा से मिलिए और सुनिए तफ्सील में हुई ये बातचीत जिसमें शामिल हैं वो सवाल जो आपके मन में उठते रहे होंगे।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4960</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3178a2cba4efd96339bab27abf2d29ea.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कांग्रेस का तिलिस्म तोड़नेवाला नेता जो बिहार में बंदूकें बंटवाना चाहता था: पढ़ाकू नितिन, Ep 157</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kangresa-ka-tilisma-toranevala-neta-jo-bihara-mem-bandukem-bantavana-cahata-tha-parhaku-nitina-ep-157--60731072</link><description><![CDATA[कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाज़ा गया तो बहुत सारे लोग उनके नाम से पहली दफे परिचित हुए। हालांकि बिहार उन्हें जानता था जहां के वो दो बार सीएम रहे मगर नई पीढ़ी फिर भी कम जानती है। कर्पूरी ठाकुर का दिलचस्प जीवन किताब में समेटा है संतोष सिंह ने। उनकी किताब का नाम है- द जननायक। इस किताब में कर्पूरी ठाकुर की ज़िंदगी के बेशुमार पहलू उघाड़े गए हैं। पढ़ाकू नितिन में इस बार कहानी कर्पूरी की संतोष सिंह के ज़रिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60731072</guid><pubDate>Thu, 18 Jul 2024 16:51:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60731072/19_jul_24_pn_santosh_18_july_128.mp3" length="67469061" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाज़ा गया तो बहुत सारे लोग उनके नाम से पहली दफे परिचित हुए। हालांकि बिहार उन्हें जानता था जहां के वो दो बार सीएम रहे मगर नई पीढ़ी फिर भी कम जानती है। कर्पूरी ठाकुर का दिलचस्प जीवन किताब में समेटा है संतोष सिंह ने। उनकी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाज़ा गया तो बहुत सारे लोग उनके नाम से पहली दफे परिचित हुए। हालांकि बिहार उन्हें जानता था जहां के वो दो बार सीएम रहे मगर नई पीढ़ी फिर भी कम जानती है। कर्पूरी ठाकुर का दिलचस्प जीवन किताब में समेटा है संतोष सिंह ने। उनकी किताब का नाम है- द जननायक। इस किताब में कर्पूरी ठाकुर की ज़िंदगी के बेशुमार पहलू उघाड़े गए हैं। पढ़ाकू नितिन में इस बार कहानी कर्पूरी की संतोष सिंह के ज़रिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4217</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/047f8b47f8517bce4a2870dc200e644f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इस हिंदुस्तानी पत्रकार की आंखों के सामने तालिबान ने काबुल कब्ज़ा लिया: पढ़ाकू नितिन, Ep 156</title><link>https://www.spreaker.com/episode/isa-hindustani-patrakara-ki-ankhom-ke-samane-talibana-ne-kabula-kabza-liya-parhaku-nitina-ep-156--60666153</link><description><![CDATA[तालिबान ने काबुल में 15 अगस्त 2021 को एंट्री ली तो हमने वो तस्वीरें टीवी-अख़बारों में देखीं। तालिबान के लड़ाकों को हथियार लहराते, हिंसा करते, प्रेसिडेंशियल हाउस में उछलकूद करते देखा गया। इस दौरान एक हिंदुस्तानी पत्रकार नयनिमा बासु काबुल में ही मौजूद थीं और जान पर खेलकर सब रिपोर्ट कर रही थीं। इस बार पढ़ाकू नितिन में उसी एक हफ्ते की कहानी नयनिमा से सुनेंगे जब तालिबान के फिर लौटने का शोर मचा, पॉलिटिकल एलीट्स ने इसे नकारा और आख़िरकार बंदूक़ लहराते तालिबान को सभी ने काबुल क़ब्ज़ाते देखा।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60666153</guid><pubDate>Thu, 11 Jul 2024 18:06:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60666153/11_jul_24_pn_11_july_128.mp3" length="72314044" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तालिबान ने काबुल में 15 अगस्त 2021 को एंट्री ली तो हमने वो तस्वीरें टीवी-अख़बारों में देखीं। तालिबान के लड़ाकों को हथियार लहराते, हिंसा करते, प्रेसिडेंशियल हाउस में उछलकूद करते देखा गया। इस दौरान एक हिंदुस्तानी पत्रकार नयनिमा बासु काबुल में ही मौजूद...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तालिबान ने काबुल में 15 अगस्त 2021 को एंट्री ली तो हमने वो तस्वीरें टीवी-अख़बारों में देखीं। तालिबान के लड़ाकों को हथियार लहराते, हिंसा करते, प्रेसिडेंशियल हाउस में उछलकूद करते देखा गया। इस दौरान एक हिंदुस्तानी पत्रकार नयनिमा बासु काबुल में ही मौजूद थीं और जान पर खेलकर सब रिपोर्ट कर रही थीं। इस बार पढ़ाकू नितिन में उसी एक हफ्ते की कहानी नयनिमा से सुनेंगे जब तालिबान के फिर लौटने का शोर मचा, पॉलिटिकल एलीट्स ने इसे नकारा और आख़िरकार बंदूक़ लहराते तालिबान को सभी ने काबुल क़ब्ज़ाते देखा।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4520</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f6eb4571a5124f26492d261bf24e38d7.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सब बदलने के बावजूद तीन नए आपराधिक कानूनों में क्या कुछ नहीं बदला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 155</title><link>https://www.spreaker.com/episode/saba-badalane-ke-bavajuda-tina-na-e-aparadhika-kanunom-mem-kya-kucha-nahim-badala-parhaku-nitina-ep-155--60602634</link><description><![CDATA[तीन नए आपराधिक कानून आ गए, लागू भी हो गए मगर कुछ लोगों के गले से नहीं उतरे। जज, वकील, लॉ स्टूडेंट्स, पुलिस सबको कंफ्यूज़न है। हर किसी को क्लैरिटी चाहिए। हमने इसीलिए पढ़ाकू नितिन में न्यौता है सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजॉय घोष को। इस बातचीत में बड़े ही इंटरेस्टिंग अंदाज़ में संजॉय ने नए क़ानूनों पर अपनी राय रखी।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60602634</guid><pubDate>Thu, 04 Jul 2024 17:15:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60602634/04_jul_24_pn_4_july_128.mp3" length="63634703" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तीन नए आपराधिक कानून आ गए, लागू भी हो गए मगर कुछ लोगों के गले से नहीं उतरे। जज, वकील, लॉ स्टूडेंट्स, पुलिस सबको कंफ्यूज़न है। हर किसी को क्लैरिटी चाहिए। हमने इसीलिए पढ़ाकू नितिन में न्यौता है सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजॉय घोष को। इस बातचीत में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तीन नए आपराधिक कानून आ गए, लागू भी हो गए मगर कुछ लोगों के गले से नहीं उतरे। जज, वकील, लॉ स्टूडेंट्स, पुलिस सबको कंफ्यूज़न है। हर किसी को क्लैरिटी चाहिए। हमने इसीलिए पढ़ाकू नितिन में न्यौता है सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजॉय घोष को। इस बातचीत में बड़े ही इंटरेस्टिंग अंदाज़ में संजॉय ने नए क़ानूनों पर अपनी राय रखी।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3978</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/68f3ffd50c1fa7847229cb0b8788ff78.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेहरू अपने राजदूत कैसे चुनते थे और एक स्टेनोग्राफर को क्यों एंबेसेडर बनाया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 154</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neharu-apane-rajaduta-kaise-cunate-the-aura-eka-stenographara-ko-kyom-embesedara-banaya-parhaku-nitina-ep-154--60529409</link><description><![CDATA[नेहरू के सामने एक देश को अकाल, विभाजन और सांप्रदायिक आग के बीच से निकालने की चुनौती थी। वो जानते थे कि ये काम बिना दूसरे देशों की मदद के नहीं होगा। उन्होंने IFS की स्थापना की मगर उसके पहले नेहरू ने खुद उन लोगों को चुना जो भारत की तरफ से विदेशों में उसके प्रतिनिधि बने। इनमें कमाल के लोग शामिल थे। उन्हीं पर एक किताब आई Nehru’s First Recruits. कल्लोल भट्टाचार्जी ने लिखी है। पढ़ाकू नितिन में उनसे ही सुनेंगे डिप्लोमेसी की दुनिया से निकले दिलचस्प किस्से।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60529409</guid><pubDate>Thu, 27 Jun 2024 16:20:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60529409/27_jun_24_pn_27_june_diplomats_mix_128.mp3" length="70671882" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नेहरू के सामने एक देश को अकाल, विभाजन और सांप्रदायिक आग के बीच से निकालने की चुनौती थी। वो जानते थे कि ये काम बिना दूसरे देशों की मदद के नहीं होगा। उन्होंने IFS की स्थापना की मगर उसके पहले नेहरू ने खुद उन लोगों को चुना जो भारत की तरफ से विदेशों में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नेहरू के सामने एक देश को अकाल, विभाजन और सांप्रदायिक आग के बीच से निकालने की चुनौती थी। वो जानते थे कि ये काम बिना दूसरे देशों की मदद के नहीं होगा। उन्होंने IFS की स्थापना की मगर उसके पहले नेहरू ने खुद उन लोगों को चुना जो भारत की तरफ से विदेशों में उसके प्रतिनिधि बने। इनमें कमाल के लोग शामिल थे। उन्हीं पर एक किताब आई Nehru’s First Recruits. कल्लोल भट्टाचार्जी ने लिखी है। पढ़ाकू नितिन में उनसे ही सुनेंगे डिप्लोमेसी की दुनिया से निकले दिलचस्प किस्से।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4417</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7ed6a4426878e3911b67f065eda4049f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>करोड़ों गंवाकर फिर करोड़ों बनाने वाले से जानिए शेयर मार्केट में क्या ना करें?: पढ़ाकू नितिन, Ep 153</title><link>https://www.spreaker.com/episode/karorom-ganvakara-phira-karorom-banane-vale-se-jani-e-seyara-marketa-mem-kya-na-karem-parhaku-nitina-ep-153--60451851</link><description><![CDATA[शेयर मार्केट के हो हल्ले के बीच कितने लोग करोड़पति बनते हैं, और जाने कितने लखपति. पिछले कुछ महीनों से औसत 20 लाख डीमेट अकाउंट हर महीने खुल रहे हैं. 4 सालों में सेंसेक्स 26 हज़ार से 77 हज़ार पहुंच गया है और फरवरी 2024 तक देश में 15 करोड़ डीमैट अकाउंट थे. इसका मतलब कि जिसे देखो वो शेयर बाज़ार की तरफ भागा जा रहा है, लेकिन इस भागदौड़ में कई बार ठोकर लग जाती है. ऐसी ही ठोकर लगी थी गाज़ियाबाद के रहने वाले दीपक वाधवा को. ट्रेडिंग में करोड़ों गंवा दिए और फिर खुद को संभालकर मार्केट में पहुंचे. अब वो ना सिर्फ अपना खोया कैपिटल वापस पा चुके हैं बल्कि लोगों को बता रहे हैं कि कैसे शेयर मार्केट में वो गलती ना करें जो उन्होंने खुद की थीं, सुनिए इस बार उन्हें पढ़ाकू नितिन में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60451851</guid><pubDate>Thu, 20 Jun 2024 16:14:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60451851/20_jun_24_pn_20_june_128.mp3" length="86478680" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शेयर मार्केट के हो हल्ले के बीच कितने लोग करोड़पति बनते हैं, और जाने कितने लखपति. पिछले कुछ महीनों से औसत 20 लाख डीमेट अकाउंट हर महीने खुल रहे हैं. 4 सालों में सेंसेक्स 26 हज़ार से 77 हज़ार पहुंच गया है और फरवरी 2024 तक देश में 15 करोड़ डीमैट अकाउंट...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शेयर मार्केट के हो हल्ले के बीच कितने लोग करोड़पति बनते हैं, और जाने कितने लखपति. पिछले कुछ महीनों से औसत 20 लाख डीमेट अकाउंट हर महीने खुल रहे हैं. 4 सालों में सेंसेक्स 26 हज़ार से 77 हज़ार पहुंच गया है और फरवरी 2024 तक देश में 15 करोड़ डीमैट अकाउंट थे. इसका मतलब कि जिसे देखो वो शेयर बाज़ार की तरफ भागा जा रहा है, लेकिन इस भागदौड़ में कई बार ठोकर लग जाती है. ऐसी ही ठोकर लगी थी गाज़ियाबाद के रहने वाले दीपक वाधवा को. ट्रेडिंग में करोड़ों गंवा दिए और फिर खुद को संभालकर मार्केट में पहुंचे. अब वो ना सिर्फ अपना खोया कैपिटल वापस पा चुके हैं बल्कि लोगों को बता रहे हैं कि कैसे शेयर मार्केट में वो गलती ना करें जो उन्होंने खुद की थीं, सुनिए इस बार उन्हें पढ़ाकू नितिन में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5405</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9dca152fc6e824dca7eab5d6c8fc278d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Bigg Boss के नैरेटर की ये सच्चाई आपकी ज़िंदगी बदल सकती है: पढ़ाकू नितिन, Ep 152</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bigg-boss-ke-nairetara-ki-ye-sacca-i-apaki-zindagi-badala-sakati-hai-parhaku-nitina-ep-152--60374704</link><description><![CDATA[हमारी पहचान की कई परतें होती हैं, नाम, काम, धर्म, शक्ल, सूरत के अलावा आवाज़ भी हमारी पहचान का अहम हिस्सा है. आवाज़ कई बार रहस्य पैदा करती हैं, आवाज़ से भ्रमित भी किया जा सकता है, तो आवाज़ें हमें जोड़ती भी हैं, आवाज़ों की अपनी दुनिया होती हैं और तो और आवाज़ करियर ऑप्शन भी है. हम-आपने कई लोगों को कहा होगा, फलाने की आवाज़ सुनी है? उसकी आवाज़ में दम है. हमाने साथ एक ऐसे शख़्स से बात की जिन्हें किसी ने बताया कि तुम्हारी आवाज़ बहुत अच्छी है और उन्होंने बस इसे कॉम्पिलमेंट की तरह नहीं लिया, इसे अपना रोज़गार बना लिया, आज शायद ही कोई ऐसा मशहूर रियैलिटी शो है जिसमें इनकी आवाज़ नहीं है. डांस इंडिया डांस से शुरू हुआ ये सफ़र बिग बॉस की ऊंचाईयों तक गया. बिग बॉस के नैरेटेर और कई फ़ेसम वेब सीरिज़ में एक्टिंग कर चुके विजय विक्रम सिंह को सुनिए ‘पढ़ाकू नितिन’ में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60374704</guid><pubDate>Thu, 13 Jun 2024 17:38:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60374704/13_jun_24_pn_13_june_128.mp3" length="51925995" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमारी पहचान की कई परतें होती हैं, नाम, काम, धर्म, शक्ल, सूरत के अलावा आवाज़ भी हमारी पहचान का अहम हिस्सा है. आवाज़ कई बार रहस्य पैदा करती हैं, आवाज़ से भ्रमित भी किया जा सकता है, तो आवाज़ें हमें जोड़ती भी हैं, आवाज़ों की अपनी दुनिया होती हैं और तो और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमारी पहचान की कई परतें होती हैं, नाम, काम, धर्म, शक्ल, सूरत के अलावा आवाज़ भी हमारी पहचान का अहम हिस्सा है. आवाज़ कई बार रहस्य पैदा करती हैं, आवाज़ से भ्रमित भी किया जा सकता है, तो आवाज़ें हमें जोड़ती भी हैं, आवाज़ों की अपनी दुनिया होती हैं और तो और आवाज़ करियर ऑप्शन भी है. हम-आपने कई लोगों को कहा होगा, फलाने की आवाज़ सुनी है? उसकी आवाज़ में दम है. हमाने साथ एक ऐसे शख़्स से बात की जिन्हें किसी ने बताया कि तुम्हारी आवाज़ बहुत अच्छी है और उन्होंने बस इसे कॉम्पिलमेंट की तरह नहीं लिया, इसे अपना रोज़गार बना लिया, आज शायद ही कोई ऐसा मशहूर रियैलिटी शो है जिसमें इनकी आवाज़ नहीं है. डांस इंडिया डांस से शुरू हुआ ये सफ़र बिग बॉस की ऊंचाईयों तक गया. बिग बॉस के नैरेटेर और कई फ़ेसम वेब सीरिज़ में एक्टिंग कर चुके विजय विक्रम सिंह को सुनिए ‘पढ़ाकू नितिन’ में.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3246</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/789b3165c75aa8740e0e4eb6b10add89.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नागा साधुओं का रहस्य और इतिहास क्या है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 151</title><link>https://www.spreaker.com/episode/naga-sadhu-om-ka-rahasya-aura-itihasa-kya-hai-parhaku-nitina-ep-151--60301014</link><description><![CDATA[नागा साधु कहां से आते हैं, कहां चले जाते हैं? कोई नागा कैसे बनता है? अघोरी और नागा में क्या फ़र्क़ है? इतिहास नागाओं के बारे में क्या बताता है? इन सारे सवालों के साथ हम मिले नागाओं पर किताब लिखने वाले चर्चित लेखक अक्षत गुप्ता से. पढ़ाकू नितिन में सुनिए क्या कहते हैं वो.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट मेंव्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60301014</guid><pubDate>Thu, 06 Jun 2024 16:08:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60301014/06_jun_24_pn_6_june_128.mp3" length="49159941" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नागा साधु कहां से आते हैं, कहां चले जाते हैं? कोई नागा कैसे बनता है? अघोरी और नागा में क्या फ़र्क़ है? इतिहास नागाओं के बारे में क्या बताता है? इन सारे सवालों के साथ हम मिले नागाओं पर किताब लिखने वाले चर्चित लेखक अक्षत गुप्ता से. पढ़ाकू नितिन में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नागा साधु कहां से आते हैं, कहां चले जाते हैं? कोई नागा कैसे बनता है? अघोरी और नागा में क्या फ़र्क़ है? इतिहास नागाओं के बारे में क्या बताता है? इन सारे सवालों के साथ हम मिले नागाओं पर किताब लिखने वाले चर्चित लेखक अक्षत गुप्ता से. पढ़ाकू नितिन में सुनिए क्या कहते हैं वो.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट मेंव्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3073</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/aaa22c0153bf129de40c2caab9c76b5c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कारगिल में हमने क्या ग़लती की और थिएटर कमांड सेना की किन मुश्किलों का हल है: पढ़ाकू नितिन, Ep 150</title><link>https://www.spreaker.com/episode/karagila-mem-hamane-kya-galati-ki-aura-thi-etara-kamanda-sena-ki-kina-muskilom-ka-hala-hai-parhaku-nitina-ep-150--60222382</link><description><![CDATA[थिएटर कमांड का शोर बहुत है लेकिन इस तरफ देश पच्चीस साल में ढाई कोस ही चला है. कोई कह रहा है कमांड्स बनने के बाद सेनाओं का स्ट्रक्चर बदल जाएगा, किसी का कहना है कि पुरानी परंपराओं को बदलना होगा, एयरफ़ोर्स के कुछ सवाल हैं तो एक्सपर्ट्स संशय जता रहे हैं कि अब आर्मी ही सुपीरियर हो जाएगी. थिएटर कमांड खुद एक मुश्किल है या मुश्किलों का समाधान हमने जाना 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में गौरव सावंत के साथ. पिछले ढाई दशकों में उन्होंने दुनिया में चल रही सभी जंग कवर की हैं और कारगिल कवर करने के बाद मशहूर किताब “डेटलाइन कारगिल” भी लिखी. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60222382</guid><pubDate>Thu, 30 May 2024 15:51:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60222382/30_may_24_pn_theatre_command_mix_30_may_128.mp3" length="47439621" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>थिएटर कमांड का शोर बहुत है लेकिन इस तरफ देश पच्चीस साल में ढाई कोस ही चला है. कोई कह रहा है कमांड्स बनने के बाद सेनाओं का स्ट्रक्चर बदल जाएगा, किसी का कहना है कि पुरानी परंपराओं को बदलना होगा, एयरफ़ोर्स के कुछ सवाल हैं तो एक्सपर्ट्स संशय जता रहे हैं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[थिएटर कमांड का शोर बहुत है लेकिन इस तरफ देश पच्चीस साल में ढाई कोस ही चला है. कोई कह रहा है कमांड्स बनने के बाद सेनाओं का स्ट्रक्चर बदल जाएगा, किसी का कहना है कि पुरानी परंपराओं को बदलना होगा, एयरफ़ोर्स के कुछ सवाल हैं तो एक्सपर्ट्स संशय जता रहे हैं कि अब आर्मी ही सुपीरियर हो जाएगी. थिएटर कमांड खुद एक मुश्किल है या मुश्किलों का समाधान हमने जाना 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में गौरव सावंत के साथ. पिछले ढाई दशकों में उन्होंने दुनिया में चल रही सभी जंग कवर की हैं और कारगिल कवर करने के बाद मशहूर किताब “डेटलाइन कारगिल” भी लिखी. <br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>2965</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f5215b821012c783cf4da6aeed4131e0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>'दैव' पर 150 साल बाद आई किताब, जो इंसानी शरीर में घुसकर बोलते हैं!: पढ़ाकू नितिन, Ep 149</title><link>https://www.spreaker.com/episode/daiva-para-150-sala-bada-a-i-kitaba-jo-insani-sarira-mem-ghusakara-bolate-haim-parhaku-nitina-ep-149--60150682</link><description><![CDATA[कांतारा मूवी आपने देखी हो तो शायद आपको कोला याद हो. इस कोला में बुलाया जाता है “दैव” को. दैव वो ताकत हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वो इंसानी शरीर में आकर सबके जवाब देते हैं. कुछ लोग मानते हैं वो भूत हैं. इस सब्जेक्ट पर डेढ़ सौ साल पहले एक किताब लिखी गई थी, और अब फिर आई है- “दैव”. लेखक हैं के हरि कुमार. जिस तुलु समुदाय में “दैव आराधना” का प्रचलन है कुमार उसी से संबंध रखते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन मे उन्हीं के साथ बैठकी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60150682</guid><pubDate>Thu, 23 May 2024 14:55:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60150682/23_may_24_padhaku_23_may_128.mp3" length="56328359" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कांतारा मूवी आपने देखी हो तो शायद आपको कोला याद हो. इस कोला में बुलाया जाता है “दैव” को. दैव वो ताकत हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वो इंसानी शरीर में आकर सबके जवाब देते हैं. कुछ लोग मानते हैं वो भूत हैं. इस सब्जेक्ट पर डेढ़ सौ साल पहले एक किताब...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कांतारा मूवी आपने देखी हो तो शायद आपको कोला याद हो. इस कोला में बुलाया जाता है “दैव” को. दैव वो ताकत हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वो इंसानी शरीर में आकर सबके जवाब देते हैं. कुछ लोग मानते हैं वो भूत हैं. इस सब्जेक्ट पर डेढ़ सौ साल पहले एक किताब लिखी गई थी, और अब फिर आई है- “दैव”. लेखक हैं के हरि कुमार. जिस तुलु समुदाय में “दैव आराधना” का प्रचलन है कुमार उसी से संबंध रखते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन मे उन्हीं के साथ बैठकी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3521</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fc44e981b6bbe7739c5940389bd63385.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>JNU के एक पत्थर ने खोला इतिहास, सिंधु लिपि 'अफीम' क्यों और पुराने क़िले का राज़: पढ़ाकू नितिन, Ep 148</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jnu-ke-eka-pat-thara-ne-khola-itihasa-sindhu-lipi-aphima-kyom-aura-purane-qile-ka-raza-parhaku-nitina-ep-148--60060757</link><description><![CDATA[एक रोज़ एक आर्कियोलॉजिस्ट जेएनयू की सड़कों पर टहल रहे थे। आदत के मुताबिक़ नीचे देख रहे थे। उम्मीद नहीं थी कि चंद कदमों दूर उन्हें पत्थर का ऐसा टुकड़ा मिलेगा जो प्राचीन इतिहास को बदल देगा.. और ये पहली बार नहीं था जब बीएम पांडे को ज़मीन से मिले किसी सुराग ने इतिहास की धारा को मोड़ा हो। ASI में पैंतीस साल तक काम करनेवाले बीएम पांडे 1996 में डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे। पद्म विभूषण बीबी लाल के शिष्य पांडे जी ने कालीबंगा, गिलूंद, सरदारगढ़, बुर्ज़होम, थानेसर के excavations में हिस्सा लिया और दिल्ली के पुराना किले में भी अहम खोज कीं। पढ़ाकू नितिन में आज बैठकी बीएम पांडे जी के साथ ही।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/60060757</guid><pubDate>Thu, 16 May 2024 16:07:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/60060757/16_may_24_pn_16_may_128.mp3" length="54338455" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक रोज़ एक आर्कियोलॉजिस्ट जेएनयू की सड़कों पर टहल रहे थे। आदत के मुताबिक़ नीचे देख रहे थे। उम्मीद नहीं थी कि चंद कदमों दूर उन्हें पत्थर का ऐसा टुकड़ा मिलेगा जो प्राचीन इतिहास को बदल देगा.. और ये पहली बार नहीं था जब बीएम पांडे को ज़मीन से मिले किसी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक रोज़ एक आर्कियोलॉजिस्ट जेएनयू की सड़कों पर टहल रहे थे। आदत के मुताबिक़ नीचे देख रहे थे। उम्मीद नहीं थी कि चंद कदमों दूर उन्हें पत्थर का ऐसा टुकड़ा मिलेगा जो प्राचीन इतिहास को बदल देगा.. और ये पहली बार नहीं था जब बीएम पांडे को ज़मीन से मिले किसी सुराग ने इतिहास की धारा को मोड़ा हो। ASI में पैंतीस साल तक काम करनेवाले बीएम पांडे 1996 में डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे। पद्म विभूषण बीबी लाल के शिष्य पांडे जी ने कालीबंगा, गिलूंद, सरदारगढ़, बुर्ज़होम, थानेसर के excavations में हिस्सा लिया और दिल्ली के पुराना किले में भी अहम खोज कीं। पढ़ाकू नितिन में आज बैठकी बीएम पांडे जी के साथ ही।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3397</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fbea98216f7fd2c3362fa483bad26a9a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अटल ने जिसे एंटी नेशनल कहा वो एक्टर क्यों ख़ुद को 'भांड' कहता है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 147</title><link>https://www.spreaker.com/episode/atala-ne-jise-enti-nesanala-kaha-vo-ektara-kyom-khuda-ko-bhanda-kahata-hai-parhaku-nitina-ep-147--59947413</link><description><![CDATA[एक रुका हुआ फैसला, तारे ज़मीं पर, आयशा जैसी फिल्में हों या पचास साल तक देशभर में घूमकर थिएटर करना, कश्मीर का लोक नाट्य दुनिया में फैलाना या इमरजेंसी, सिख विरोधी दंगे, बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति से मिलना और सफदर हाशमी की हत्या के बाद सहमत का बनना… एम के रैना हर जगह हैं. उनकी नई किताब आई है.. ‘Before I Forget’. इसमें आधी सदी में उन पर गुज़रे सारे किस्से दर्ज हैं.. आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में आनंद लीजिए इस बैठकी का.<br /><br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59947413</guid><pubDate>Thu, 09 May 2024 15:35:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59947413/09_may_24_pn_9_may_mix_128.mp3" length="102244937" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक रुका हुआ फैसला, तारे ज़मीं पर, आयशा जैसी फिल्में हों या पचास साल तक देशभर में घूमकर थिएटर करना, कश्मीर का लोक नाट्य दुनिया में फैलाना या इमरजेंसी, सिख विरोधी दंगे, बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति से मिलना और सफदर हाशमी की हत्या के बाद सहमत का बनना…...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक रुका हुआ फैसला, तारे ज़मीं पर, आयशा जैसी फिल्में हों या पचास साल तक देशभर में घूमकर थिएटर करना, कश्मीर का लोक नाट्य दुनिया में फैलाना या इमरजेंसी, सिख विरोधी दंगे, बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति से मिलना और सफदर हाशमी की हत्या के बाद सहमत का बनना… एम के रैना हर जगह हैं. उनकी नई किताब आई है.. ‘Before I Forget’. इसमें आधी सदी में उन पर गुज़रे सारे किस्से दर्ज हैं.. आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में आनंद लीजिए इस बैठकी का.<br /><br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6391</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1b33118a4aad15bc53cb9cda7fd1f9cc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कपड़े उतारने को क्यों तैयार हो जाते हैं लोग, Nude Sketch Artist ने बताया: पढ़ाकू नितिन, Ep 146</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kapare-utarane-ko-kyom-taiyara-ho-jate-haim-loga-nude-sketch-artist-ne-bataya-parhaku-nitina-ep-146--59775244</link><description><![CDATA[पेंटिंग की दुनिया में स्किल का ज़रूरी हिस्सा है- बिना कपड़ों की तस्वीरें बनाना. सुनने में अजीब सा लगता है. हम खुद कभी किसी पेंटर का सब्जेक्ट हो सकते हैं?? शायद नहीं, या शायद हां. स्केच आर्टिस्ट किसी को कपड़े उतारने के लिए कन्विंस कैसे कर लेते हैं? किसी को अपना न्यूड स्केच बनवाकर क्या मिलता है? ये सारे जवाब आज के पढ़ाकू नितिन में दे रहे हैं मिहिर श्रीवास्तव. दिल्ली के रहनेवाले मिहिर ने आजतक पांच सौ न्यूड स्केचेज़ बनाए हैं और अपने अनुभवों पर एक किताब भी लिखी है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59775244</guid><pubDate>Thu, 02 May 2024 15:28:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59775244/02_may_24_pn_nude_painting_2_may_128.mp3" length="73020813" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पेंटिंग की दुनिया में स्किल का ज़रूरी हिस्सा है- बिना कपड़ों की तस्वीरें बनाना. सुनने में अजीब सा लगता है. हम खुद कभी किसी पेंटर का सब्जेक्ट हो सकते हैं?? शायद नहीं, या शायद हां. स्केच आर्टिस्ट किसी को कपड़े उतारने के लिए कन्विंस कैसे कर लेते हैं?...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पेंटिंग की दुनिया में स्किल का ज़रूरी हिस्सा है- बिना कपड़ों की तस्वीरें बनाना. सुनने में अजीब सा लगता है. हम खुद कभी किसी पेंटर का सब्जेक्ट हो सकते हैं?? शायद नहीं, या शायद हां. स्केच आर्टिस्ट किसी को कपड़े उतारने के लिए कन्विंस कैसे कर लेते हैं? किसी को अपना न्यूड स्केच बनवाकर क्या मिलता है? ये सारे जवाब आज के पढ़ाकू नितिन में दे रहे हैं मिहिर श्रीवास्तव. दिल्ली के रहनेवाले मिहिर ने आजतक पांच सौ न्यूड स्केचेज़ बनाए हैं और अपने अनुभवों पर एक किताब भी लिखी है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4564</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f4f153bc66c24ca9063ef720a346317e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सिनेमा के समंदर से कैसे निकालें काम की फ़िल्में?: पढ़ाकू नितिन, Ep 145</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sinema-ke-samandara-se-kaise-nikalem-kama-ki-filmem-parhaku-nitina-ep-145--59657725</link><description><![CDATA[जिगन, लंदन, वियना, शंघाई और आधी दुनिया घूमकर भारत लौटे एक पत्रकार ने ढेरों नोट्स बनाए, और फिर उससे निकाली एक सुंदर सी किताब. इसका नाम है- ‘बेखुदी में खोया शहर- एक पत्रकार के नोट्स.’ इस किताब में दुनियाभर के शहर हैं, सिनेमा है, कला है, संगीत है और साथ में हैं ढेरों यादें उस गांव देहात की जो वो पीछे छोड़ आया. आज के पढ़ाकू नितिन में ढाई दशक से पत्रकारिता कर रहे अरविंद दास से मुखामुखम हुआ, उसका आनंद लीजिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59657725</guid><pubDate>Thu, 25 Apr 2024 18:04:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59657725/25_apr_24_pn_25_april_mix_128.mp3" length="65469126" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जिगन, लंदन, वियना, शंघाई और आधी दुनिया घूमकर भारत लौटे एक पत्रकार ने ढेरों नोट्स बनाए, और फिर उससे निकाली एक सुंदर सी किताब. इसका नाम है- ‘बेखुदी में खोया शहर- एक पत्रकार के नोट्स.’ इस किताब में दुनियाभर के शहर हैं, सिनेमा है, कला है, संगीत है और साथ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जिगन, लंदन, वियना, शंघाई और आधी दुनिया घूमकर भारत लौटे एक पत्रकार ने ढेरों नोट्स बनाए, और फिर उससे निकाली एक सुंदर सी किताब. इसका नाम है- ‘बेखुदी में खोया शहर- एक पत्रकार के नोट्स.’ इस किताब में दुनियाभर के शहर हैं, सिनेमा है, कला है, संगीत है और साथ में हैं ढेरों यादें उस गांव देहात की जो वो पीछे छोड़ आया. आज के पढ़ाकू नितिन में ढाई दशक से पत्रकारिता कर रहे अरविंद दास से मुखामुखम हुआ, उसका आनंद लीजिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4092</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ad1ca55185bd28564b5bf68bd2594160.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>औरंगज़ेब ने क्यों गिरवाए मथुरा के मंदिर और चर्चिल का वृंदावन से क्या रिश्ता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 144</title><link>https://www.spreaker.com/episode/aurangazeba-ne-kyom-girava-e-mathura-ke-mandira-aura-carcila-ka-vrndavana-se-kya-rista-parhaku-nitina-ep-144--59553853</link><description><![CDATA[दिल्ली से 180 किमी दूर यमुना किनारे बसा है मथुरा. इतना पुराना शहर कि दो हजार साल पहले इजिप्ट के खगोलशास्त्री टॉल्मी ने इस शहर का ज़िक्र मोदुरा नाम से किया. लैटिन में इसका मतलब हुआ- सिटी ऑफ गॉड्स. यहीं है वृंदावन.. मंदिरों का शहर. यहां हर टीले के नीचे इतिहास दफन है. आपने कभी मथुरा वृंदावन की ऐसी दिलचस्प कहानी नहीं सुनी होगी जिसमें चैतन्य महाप्रभु हैं, औरंगज़ेब है, अकबर है, मान सिंह है, चर्चिल भी है और हैं कुछ प्राचीन मंदिर जिनका रिश्ता कलिंग तक से है. इस बार पढ़ाकू नितिन में सुनिए मदन मोहन मंदिर पर किताब लिखने वाले सुशांत भारती से गज़ब किस्से. सुशांत कन्ज़रवेशन आर्किटेक्ट और रिसर्चर हैं. रॉयल एशियाटिक सोसायटी ऑफ आयरलैंड एंड ग्रेट ब्रिटेन के फैलो भी और साथ ही लंदन की रॉयल हिस्टोरिकल सोसायटी के असोसिएट फैलो भी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59553853</guid><pubDate>Fri, 19 Apr 2024 16:53:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59553853/19_apr_24_pn_19_apr_128.mp3" length="91483324" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दिल्ली से 180 किमी दूर यमुना किनारे बसा है मथुरा. इतना पुराना शहर कि दो हजार साल पहले इजिप्ट के खगोलशास्त्री टॉल्मी ने इस शहर का ज़िक्र मोदुरा नाम से किया. लैटिन में इसका मतलब हुआ- सिटी ऑफ गॉड्स. यहीं है वृंदावन.. मंदिरों का शहर. यहां हर टीले के नीचे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दिल्ली से 180 किमी दूर यमुना किनारे बसा है मथुरा. इतना पुराना शहर कि दो हजार साल पहले इजिप्ट के खगोलशास्त्री टॉल्मी ने इस शहर का ज़िक्र मोदुरा नाम से किया. लैटिन में इसका मतलब हुआ- सिटी ऑफ गॉड्स. यहीं है वृंदावन.. मंदिरों का शहर. यहां हर टीले के नीचे इतिहास दफन है. आपने कभी मथुरा वृंदावन की ऐसी दिलचस्प कहानी नहीं सुनी होगी जिसमें चैतन्य महाप्रभु हैं, औरंगज़ेब है, अकबर है, मान सिंह है, चर्चिल भी है और हैं कुछ प्राचीन मंदिर जिनका रिश्ता कलिंग तक से है. इस बार पढ़ाकू नितिन में सुनिए मदन मोहन मंदिर पर किताब लिखने वाले सुशांत भारती से गज़ब किस्से. सुशांत कन्ज़रवेशन आर्किटेक्ट और रिसर्चर हैं. रॉयल एशियाटिक सोसायटी ऑफ आयरलैंड एंड ग्रेट ब्रिटेन के फैलो भी और साथ ही लंदन की रॉयल हिस्टोरिकल सोसायटी के असोसिएट फैलो भी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5718</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/172d59bfeb7ca573c8973765b56fbef1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंदिरा पर देवी का कोप, बाबरी पर राव का कबूलनामा और मनमोहन का बेस्टफ्रेंड: पढ़ाकू नितिन, Ep 143</title><link>https://www.spreaker.com/episode/indira-para-devi-ka-kopa-babari-para-rava-ka-kabulanama-aura-manamohana-ka-bestaphrenda-parhaku-nitina-ep-143--59422928</link><description><![CDATA[प्रधानमंत्री हमारे देश का सबसे ताकतवर पद है। नीतियां तय करना, लागू कराना, देश का विदेशों में प्रतिनिधित्व करना सब उसकी ही असीम ताकत का हिस्सा है। हम प्रधानमंत्रियों के फैसले देखते हैं लेकिन कभी उस प्रक्रिया को नहीं देखते जो फैसले के पीछे होती है और ना कभी इस पद पर बैठे शख्स के मूड, पूर्वाग्रहों और ज़िद को देख पाते हैं। छह प्रधानमंत्रियों पर अवॉर्ड विनिंग जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी ने किताब लिखी है- How Prime Ministers Decide. चार दशकों तक राजनीतिक कोठरियों से कहानियां निकालती रहीं नीरजा ने पढ़ाकू नितिन में इंदिरा, मोरारजी, राजीव, राव, चंद्रशेखर, चरण सिंह, अटल, मनमोहन पर जमकर किस्से सुनाए।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59422928</guid><pubDate>Thu, 11 Apr 2024 17:51:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59422928/11_apr_24_pn_11_april_128.mp3" length="71146684" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>प्रधानमंत्री हमारे देश का सबसे ताकतवर पद है। नीतियां तय करना, लागू कराना, देश का विदेशों में प्रतिनिधित्व करना सब उसकी ही असीम ताकत का हिस्सा है। हम प्रधानमंत्रियों के फैसले देखते हैं लेकिन कभी उस प्रक्रिया को नहीं देखते जो फैसले के पीछे होती है और ना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[प्रधानमंत्री हमारे देश का सबसे ताकतवर पद है। नीतियां तय करना, लागू कराना, देश का विदेशों में प्रतिनिधित्व करना सब उसकी ही असीम ताकत का हिस्सा है। हम प्रधानमंत्रियों के फैसले देखते हैं लेकिन कभी उस प्रक्रिया को नहीं देखते जो फैसले के पीछे होती है और ना कभी इस पद पर बैठे शख्स के मूड, पूर्वाग्रहों और ज़िद को देख पाते हैं। छह प्रधानमंत्रियों पर अवॉर्ड विनिंग जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी ने किताब लिखी है- How Prime Ministers Decide. चार दशकों तक राजनीतिक कोठरियों से कहानियां निकालती रहीं नीरजा ने पढ़ाकू नितिन में इंदिरा, मोरारजी, राजीव, राव, चंद्रशेखर, चरण सिंह, अटल, मनमोहन पर जमकर किस्से सुनाए।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4447</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d445b86175ec522cad827f2533aa62c1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ज्ञानी ज़ैल सिंह - इंदिरा के ख़ास, संजय के भरोसेमंद लेकिन राजीव की मुसीबत: पढ़ाकू नितिन, Ep 142</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jnani-zaila-sinha-indira-ke-khasa-sanjaya-ke-bharosemanda-lekina-rajiva-ki-musibata-parhaku-nitina-ep-142--59296446</link><description><![CDATA[ये कहानी ऐसे राष्ट्रपति की है जो पंजाब के ठेठ गांव से निकला और अंग्रेज़ों से लड़ता हुआ राजनीति में आ गया. फिर मंत्री बना, मुख्यमंत्री भी, गृहमंत्री और आखिरकार राष्ट्रपति.. राष्ट्रपति भी ऐसा जिसने पद संभालने से पहले कह दिया नेता कहेंगी तो झाड़ू भी लगाऊंगा लेकिन जब राष्ट्रपति बना तो प्रधानमंत्री आशंकित रहे कि जाने कब सरकार बर्खास्त हो जाए. ऑपरेशन ब्लूस्टार, इंदिरा की हत्या, सिख दंगे, राजीव गांधी सरकार का अविश्वास.. ये सब देखनेवाले देश के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह से जुड़े किस्से सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में उन्हीं के उप सचिव रहे पूर्व डिप्लोमेट के सी सिंह से.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59296446</guid><pubDate>Thu, 04 Apr 2024 18:22:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59296446/04_apr_24_pn_4_april_128.mp3" length="62947996" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये कहानी ऐसे राष्ट्रपति की है जो पंजाब के ठेठ गांव से निकला और अंग्रेज़ों से लड़ता हुआ राजनीति में आ गया. फिर मंत्री बना, मुख्यमंत्री भी, गृहमंत्री और आखिरकार राष्ट्रपति.. राष्ट्रपति भी ऐसा जिसने पद संभालने से पहले कह दिया नेता कहेंगी तो झाड़ू भी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये कहानी ऐसे राष्ट्रपति की है जो पंजाब के ठेठ गांव से निकला और अंग्रेज़ों से लड़ता हुआ राजनीति में आ गया. फिर मंत्री बना, मुख्यमंत्री भी, गृहमंत्री और आखिरकार राष्ट्रपति.. राष्ट्रपति भी ऐसा जिसने पद संभालने से पहले कह दिया नेता कहेंगी तो झाड़ू भी लगाऊंगा लेकिन जब राष्ट्रपति बना तो प्रधानमंत्री आशंकित रहे कि जाने कब सरकार बर्खास्त हो जाए. ऑपरेशन ब्लूस्टार, इंदिरा की हत्या, सिख दंगे, राजीव गांधी सरकार का अविश्वास.. ये सब देखनेवाले देश के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह से जुड़े किस्से सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में उन्हीं के उप सचिव रहे पूर्व डिप्लोमेट के सी सिंह से.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3935</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ff5fd52f91938cd07525407f18c17462.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंडियन इस्लाम, गांधी और अल्लाह नाम की सियासत: पढ़ाकू नितिन, Ep 141</title><link>https://www.spreaker.com/episode/indiyana-islama-gandhi-aura-allaha-nama-ki-siyasata-parhaku-nitina-ep-141--59210434</link><description><![CDATA[हिंदुस्तान में मुसलमानों का इतिहास इस्लाम जितना पुराना है। भारतीय लोकतंत्र में भी उनकी भागीदारी भरपूर है लेकिन सियासी मुहावरों में वो वोट बैंक भी हैं। इस्लाम के भारतीय वर्ज़न में हमारी आपकी समझ के लिए बहुत कुछ छिपा है। ये भी कि मुसलमानों में भी जातियां हैं, ये भी कि मुस्लिम होते हुए धर्मनिरपेक्ष हुआ जा सकता है क्या और ये भी कि गांधी मुसलमानों के बारे में क्या कहते थे? इस बार हिलाल अहमद ने पढ़ाकू नितिन में कुछ मुश्किल सवालों के जवाब दिए जिनसे वो अपनी किताब “अल्लाह नाम की सियासत” में भी मुखातिब थे।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59210434</guid><pubDate>Thu, 28 Mar 2024 17:30:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59210434/28_mar_24_pn_28_march_128.mp3" length="62076551" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हिंदुस्तान में मुसलमानों का इतिहास इस्लाम जितना पुराना है। भारतीय लोकतंत्र में भी उनकी भागीदारी भरपूर है लेकिन सियासी मुहावरों में वो वोट बैंक भी हैं। इस्लाम के भारतीय वर्ज़न में हमारी आपकी समझ के लिए बहुत कुछ छिपा है। ये भी कि मुसलमानों में भी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हिंदुस्तान में मुसलमानों का इतिहास इस्लाम जितना पुराना है। भारतीय लोकतंत्र में भी उनकी भागीदारी भरपूर है लेकिन सियासी मुहावरों में वो वोट बैंक भी हैं। इस्लाम के भारतीय वर्ज़न में हमारी आपकी समझ के लिए बहुत कुछ छिपा है। ये भी कि मुसलमानों में भी जातियां हैं, ये भी कि मुस्लिम होते हुए धर्मनिरपेक्ष हुआ जा सकता है क्या और ये भी कि गांधी मुसलमानों के बारे में क्या कहते थे? इस बार हिलाल अहमद ने पढ़ाकू नितिन में कुछ मुश्किल सवालों के जवाब दिए जिनसे वो अपनी किताब “अल्लाह नाम की सियासत” में भी मुखातिब थे।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3880</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b792b658a4505a3ab07856cdf52deba0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Citizenship का फंडा कहां से आया और किसी देश का नागरिक होना ज़रूरी है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 140</title><link>https://www.spreaker.com/episode/citizenship-ka-phanda-kaham-se-aya-aura-kisi-desa-ka-nagarika-hona-zaruri-hai-parhaku-nitina-ep-140--59128706</link><description><![CDATA[नागरिकता का कॉन्सेप्ट बहुत नया है या ज़्यादा पुराना? नागरिक कौन होता है? नागरिकता कैसे छिन जाती हैं? भारत का नागरिकता कानून क्या बोलता है और सीएए कानून की बारीकियाँ.. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में इन्हीं सवालों के जवाब देने आई हैं जेएनयू में पढ़ानेवाली और नागरिकता पर कई किताबें लिखनी वालीं प्रोफेसर अनुपमा रॉय.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59128706</guid><pubDate>Thu, 21 Mar 2024 17:32:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59128706/21_mar_24_pn_21_march_128.mp3" length="60408894" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नागरिकता का कॉन्सेप्ट बहुत नया है या ज़्यादा पुराना? नागरिक कौन होता है? नागरिकता कैसे छिन जाती हैं? भारत का नागरिकता कानून क्या बोलता है और सीएए कानून की बारीकियाँ.. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में इन्हीं सवालों के जवाब देने आई हैं जेएनयू में पढ़ानेवाली और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नागरिकता का कॉन्सेप्ट बहुत नया है या ज़्यादा पुराना? नागरिक कौन होता है? नागरिकता कैसे छिन जाती हैं? भारत का नागरिकता कानून क्या बोलता है और सीएए कानून की बारीकियाँ.. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में इन्हीं सवालों के जवाब देने आई हैं जेएनयू में पढ़ानेवाली और नागरिकता पर कई किताबें लिखनी वालीं प्रोफेसर अनुपमा रॉय.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3776</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dc2862f4e4b6ec810b066db2ffa9b489.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जलियाँवाला बाग के चश्मदीद नानक सिंह की किताबें क्या बताती हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 139</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jaliyamvala-baga-ke-casmadida-nanaka-sinha-ki-kitabem-kya-batati-haim-parhaku-nitina-ep-139--59046438</link><description><![CDATA[लेखक अपने समय का इतिहासकार है। पंजाबी लेखक नानक सिंह भी वही थे। उन्होंने जलियांवाला से लेकर पंजाब का विभाजन तक अपनी आंखों से देखा। उसके बारे में कहानी-किस्से-उपन्यास लिखे। उन्हीं नानक सिंह के पोते पूर्व डिप्लोमेट नवदीप सूरी ने हमसे साझा किया कि उनके दादा उस हिंदुस्तान के बारे में क्या कहते थे जिसे बस हम किताबों में पढ़ते हैं।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/59046438</guid><pubDate>Thu, 14 Mar 2024 15:52:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/59046438/14_mar_24_pn_14_march_mix_nanak_singh_128.mp3" length="45707180" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>लेखक अपने समय का इतिहासकार है। पंजाबी लेखक नानक सिंह भी वही थे। उन्होंने जलियांवाला से लेकर पंजाब का विभाजन तक अपनी आंखों से देखा। उसके बारे में कहानी-किस्से-उपन्यास लिखे। उन्हीं नानक सिंह के पोते पूर्व डिप्लोमेट नवदीप सूरी ने हमसे साझा किया कि उनके...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[लेखक अपने समय का इतिहासकार है। पंजाबी लेखक नानक सिंह भी वही थे। उन्होंने जलियांवाला से लेकर पंजाब का विभाजन तक अपनी आंखों से देखा। उसके बारे में कहानी-किस्से-उपन्यास लिखे। उन्हीं नानक सिंह के पोते पूर्व डिप्लोमेट नवदीप सूरी ने हमसे साझा किया कि उनके दादा उस हिंदुस्तान के बारे में क्या कहते थे जिसे बस हम किताबों में पढ़ते हैं।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>2857</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/24f5377e715a0512983be8ba22518a91.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>रामसेतु पर चलकर श्रीलंका आते-जाते थे लोग?: पढ़ाकू नितिन, Ep 138</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ramasetu-para-calakara-srilanka-ate-jate-the-loga-parhaku-nitina-ep-138--58961143</link><description><![CDATA[भारत और श्रीलंका के बीच चूना पत्थरों की कड़ी को एडम्स ब्रिज या रामसेतु कहा जाता है. धार्मिक आख्यानों से लेकर पर्यावरणीय विविधता तक इसका महत्व झुठलाया नहीं जा सकता. ये भी बड़ी हकीकत है कि इस संरचना को लेकर भ्रम, सवाल, जिज्ञासा अनंत हैं. इन्हीं की शांति के लिए हमारे मेहमान बने हैं प्रो अरूप के चटर्जी, जिन्होंने एक किताब “एडम्स ब्रिज” भी लिखी है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58961143</guid><pubDate>Thu, 07 Mar 2024 18:07:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58961143/07_mar_24_pn_7_march_mix_128.mp3" length="65604127" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत और श्रीलंका के बीच चूना पत्थरों की कड़ी को एडम्स ब्रिज या रामसेतु कहा जाता है. धार्मिक आख्यानों से लेकर पर्यावरणीय विविधता तक इसका महत्व झुठलाया नहीं जा सकता. ये भी बड़ी हकीकत है कि इस संरचना को लेकर भ्रम, सवाल, जिज्ञासा अनंत हैं. इन्हीं की शांति...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत और श्रीलंका के बीच चूना पत्थरों की कड़ी को एडम्स ब्रिज या रामसेतु कहा जाता है. धार्मिक आख्यानों से लेकर पर्यावरणीय विविधता तक इसका महत्व झुठलाया नहीं जा सकता. ये भी बड़ी हकीकत है कि इस संरचना को लेकर भ्रम, सवाल, जिज्ञासा अनंत हैं. इन्हीं की शांति के लिए हमारे मेहमान बने हैं प्रो अरूप के चटर्जी, जिन्होंने एक किताब “एडम्स ब्रिज” भी लिखी है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं]]></itunes:summary><itunes:duration>4101</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f12c6c10ec8acce49aa1a41802bf3964.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बांग्लादेश- नेपाल ने ऐसा क्या किया कि भारत से आगे निकल गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 137</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bangladesa-nepala-ne-aisa-kya-kiya-ki-bharata-se-age-nikala-ga-e-parhaku-nitina-ep-137--58878950</link><description><![CDATA[किसी देश के लिए इतना ही काफी नहीं कि वहां कितने अमीर बसते हैं, ज़रूरी ये आंकड़ा भी है कि कितने गरीब रहते हैं. महिला सुरक्षा, सेहत, शिक्षा, जीवन प्रत्याशा के नंबर भी बताते हैं कि देश किस राह पर है. स्वाति नारायण ने एक किताब लिखी है 'Unequal', जिसकी चर्चा संसद तक में है. किताब का दावा है कि बहुत से इंडिकेटर्स में भारत के पड़ोसी उसे पछाड़ रहे हैं. ये किताब चिंता पैदा करती है और ये चाह भी कि गड़बड़ियों को दुरुस्त करके आगे बढ़ा जाए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58878950</guid><pubDate>Thu, 29 Feb 2024 18:22:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58878950/29_feb_24_pn_29_feb_128.mp3" length="55389622" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>किसी देश के लिए इतना ही काफी नहीं कि वहां कितने अमीर बसते हैं, ज़रूरी ये आंकड़ा भी है कि कितने गरीब रहते हैं. महिला सुरक्षा, सेहत, शिक्षा, जीवन प्रत्याशा के नंबर भी बताते हैं कि देश किस राह पर है. स्वाति नारायण ने एक किताब लिखी है 'Unequal', जिसकी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[किसी देश के लिए इतना ही काफी नहीं कि वहां कितने अमीर बसते हैं, ज़रूरी ये आंकड़ा भी है कि कितने गरीब रहते हैं. महिला सुरक्षा, सेहत, शिक्षा, जीवन प्रत्याशा के नंबर भी बताते हैं कि देश किस राह पर है. स्वाति नारायण ने एक किताब लिखी है 'Unequal', जिसकी चर्चा संसद तक में है. किताब का दावा है कि बहुत से इंडिकेटर्स में भारत के पड़ोसी उसे पछाड़ रहे हैं. ये किताब चिंता पैदा करती है और ये चाह भी कि गड़बड़ियों को दुरुस्त करके आगे बढ़ा जाए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3462</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5e76dc1fdbb1488ed84f5f3d7979afc3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चुनावी चंदा, EVM पर शक़, इलेक्शन कमीशन की बेबसी! : पढ़ाकू नितिन Ft. SY Quraishi, Ep 136</title><link>https://www.spreaker.com/episode/cunavi-canda-evm-para-saqa-ileksana-kamisana-ki-bebasi-parhaku-nitina-ft-sy-quraishi-ep-136--58785159</link><description><![CDATA[कहते हैं कि हिंदुस्तान हमेशा इलेक्शन में रहता है. कहीं ना कहीं चुनाव चल रहा होता है. दुनिया की सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश में चुनाव करना-करवाना आठवां अजूबा ही है मगर ये अजूबा चुनाव आयोग करीब 75 सालों से कराता चला जा रहा है. इस पूरे भारी भरकम प्रोसेस में मुश्किलें भी कम नहीं. कभी इलेक्टोरल बॉन्ड का झंझट, कभी EVM पर मचमच और कितनी बार तो नेताओं के गिले शिकवे. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार आए हैं देश के 17वें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे एस वाई कुरैशी साहब. उनसे हमने किए मुश्किल सवाल और उन्होंने दिए सबके तसल्लीबख्श जवाब.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58785159</guid><pubDate>Thu, 22 Feb 2024 17:48:12 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58785159/22_feb_24_pn_22_fb_qyureshi_mix_128.mp3" length="75174974" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कहते हैं कि हिंदुस्तान हमेशा इलेक्शन में रहता है. कहीं ना कहीं चुनाव चल रहा होता है. दुनिया की सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश में चुनाव करना-करवाना आठवां अजूबा ही है मगर ये अजूबा चुनाव आयोग करीब 75 सालों से कराता चला जा रहा है. इस पूरे भारी भरकम प्रोसेस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कहते हैं कि हिंदुस्तान हमेशा इलेक्शन में रहता है. कहीं ना कहीं चुनाव चल रहा होता है. दुनिया की सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश में चुनाव करना-करवाना आठवां अजूबा ही है मगर ये अजूबा चुनाव आयोग करीब 75 सालों से कराता चला जा रहा है. इस पूरे भारी भरकम प्रोसेस में मुश्किलें भी कम नहीं. कभी इलेक्टोरल बॉन्ड का झंझट, कभी EVM पर मचमच और कितनी बार तो नेताओं के गिले शिकवे. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार आए हैं देश के 17वें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे एस वाई कुरैशी साहब. उनसे हमने किए मुश्किल सवाल और उन्होंने दिए सबके तसल्लीबख्श जवाब.]]></itunes:summary><itunes:duration>4699</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bbfee1c5c60c926663ad05fd81d6d88c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चंद्रकांता के क्रूर सिंह को एक्टर होने का प्रूफ कंडक्टर को क्यों देना पड़ा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 135</title><link>https://www.spreaker.com/episode/candrakanta-ke-krura-sinha-ko-ektara-hone-ka-prupha-kandaktara-ko-kyom-dena-para-parhaku-nitina-ep-135--58696211</link><description><![CDATA[चंद्रकांता का क्रूर सिंह, गंगाजल का डीएसपी भूरेलाल, सरफरोश का मिर्ची सेठ और लगान का अर्जन सिंह… सब एक ही थे. नाम है- अखिलेंद्र मिश्र. बच्चों बच्चों को उनका “यक्कू” याद है. 40 साल एक्टिंग की यात्रा करके आज वो 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हुए. बातें ज़बरदस्त हुई हैं. मज़े का वादा पक्का है...सुनिएगा.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58696211</guid><pubDate>Thu, 15 Feb 2024 15:23:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58696211/15_feb_24_pn_15_feb_128.mp3" length="71567986" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चंद्रकांता का क्रूर सिंह, गंगाजल का डीएसपी भूरेलाल, सरफरोश का मिर्ची सेठ और लगान का अर्जन सिंह… सब एक ही थे. नाम है- अखिलेंद्र मिश्र. बच्चों बच्चों को उनका “यक्कू” याद है. 40 साल एक्टिंग की यात्रा करके आज वो 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हुए. बातें...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चंद्रकांता का क्रूर सिंह, गंगाजल का डीएसपी भूरेलाल, सरफरोश का मिर्ची सेठ और लगान का अर्जन सिंह… सब एक ही थे. नाम है- अखिलेंद्र मिश्र. बच्चों बच्चों को उनका “यक्कू” याद है. 40 साल एक्टिंग की यात्रा करके आज वो 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हुए. बातें ज़बरदस्त हुई हैं. मज़े का वादा पक्का है...सुनिएगा.]]></itunes:summary><itunes:duration>4473</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/29979f30650d82022edcdb8ab7a82e5a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भारत के सबसे बड़े कूटनीतिज्ञ से समझें चीन के सोचने का तरीका: पढ़ाकू नितिन, Ep 134</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bharata-ke-sabase-bare-kutanitijna-se-samajhem-cina-ke-socane-ka-tarika-parhaku-nitina-ep-134--58613201</link><description><![CDATA[चीन आबादी में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और इलाके में तीसरा सबसे बड़ा देश है लेकिन उसका सपना इकोनॉमी में सबसे बड़ा देश बनना है. दर्जनों विद्वान कहते हैं बन भी जाएगा लेकिन हमारी टेंशन है कि पड़ोस में बसा ये देश हमें बराबरी का दर्जा नहीं देता. और ऐसा होने की वजहें ढेर हैं. कई तो हिस्ट्री में छुपी हैं. 'पढ़ाकू नितिन' इसे ही उघाड़ने आए हैं भारत के 32वें विदेश सचिव और चीन में राजदूत रहे विजय गोखले. <br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58613201</guid><pubDate>Thu, 08 Feb 2024 18:29:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58613201/08_feb_24_pn_8_feb_128.mp3" length="65877472" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चीन आबादी में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और इलाके में तीसरा सबसे बड़ा देश है लेकिन उसका सपना इकोनॉमी में सबसे बड़ा देश बनना है. दर्जनों विद्वान कहते हैं बन भी जाएगा लेकिन हमारी टेंशन है कि पड़ोस में बसा ये देश हमें बराबरी का दर्जा नहीं देता. और ऐसा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चीन आबादी में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और इलाके में तीसरा सबसे बड़ा देश है लेकिन उसका सपना इकोनॉमी में सबसे बड़ा देश बनना है. दर्जनों विद्वान कहते हैं बन भी जाएगा लेकिन हमारी टेंशन है कि पड़ोस में बसा ये देश हमें बराबरी का दर्जा नहीं देता. और ऐसा होने की वजहें ढेर हैं. कई तो हिस्ट्री में छुपी हैं. 'पढ़ाकू नितिन' इसे ही उघाड़ने आए हैं भारत के 32वें विदेश सचिव और चीन में राजदूत रहे विजय गोखले. <br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4118</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2544a590096e88fae90951e24f3ae96c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Parliament Attack की साज़िश का पुलिस अफसर ने कैसे 48 घंटों में खुलासा किया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 133</title><link>https://www.spreaker.com/episode/parliament-attack-ki-sazisa-ka-pulisa-aphasara-ne-kaise-48-ghantom-mem-khulasa-kiya-parhaku-nitina-ep-133--58535641</link><description><![CDATA[23 साल पहले भारतीय संसद पर आतंकी हमला हुआ था. इस केस की गुत्थी 48 घंटों में सुलझाई गई और अफ़ज़ल गुरू को फांसी भी इसी केस में हुई. लेकिन इनवेस्टिगेशन को अंजाम कैसे दिया गया? जिस पुलिस अफसर ने मामला खोला उनका नाम है अशोक चांद. 32 सालों में उन्होंने ढेरों हाई प्रोफ़ाइल केस सुलझाए. 13 साल में दो बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी उनके हिस्से है. तो आज के 'पढ़ाकू नितिन' में बात करेंगे दिल्ली के रिटायर्ड एडिशनल पुलिस कमिश्नर क्राइम अशोक चांद और आजतक के एडिटर क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन अरविंद ओझा से और सुनेंगे संसद हमले से लेकर लाल किला आतंकी हमला केस तक की कहानी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58535641</guid><pubDate>Thu, 01 Feb 2024 17:53:14 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58535641/01_feb_24_1_feb_pn_128.mp3" length="50938357" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>23 साल पहले भारतीय संसद पर आतंकी हमला हुआ था. इस केस की गुत्थी 48 घंटों में सुलझाई गई और अफ़ज़ल गुरू को फांसी भी इसी केस में हुई. लेकिन इनवेस्टिगेशन को अंजाम कैसे दिया गया? जिस पुलिस अफसर ने मामला खोला उनका नाम है अशोक चांद. 32 सालों में उन्होंने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[23 साल पहले भारतीय संसद पर आतंकी हमला हुआ था. इस केस की गुत्थी 48 घंटों में सुलझाई गई और अफ़ज़ल गुरू को फांसी भी इसी केस में हुई. लेकिन इनवेस्टिगेशन को अंजाम कैसे दिया गया? जिस पुलिस अफसर ने मामला खोला उनका नाम है अशोक चांद. 32 सालों में उन्होंने ढेरों हाई प्रोफ़ाइल केस सुलझाए. 13 साल में दो बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी उनके हिस्से है. तो आज के 'पढ़ाकू नितिन' में बात करेंगे दिल्ली के रिटायर्ड एडिशनल पुलिस कमिश्नर क्राइम अशोक चांद और आजतक के एडिटर क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन अरविंद ओझा से और सुनेंगे संसद हमले से लेकर लाल किला आतंकी हमला केस तक की कहानी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3184</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6a5161cdf508c4a214e6396fadf71093.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वित्तमंत्रियों, RBI, इकोनॉमी से जुड़े ये क़िस्से आपको नई दुनिया दिखाएंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 132</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vittamantriyom-rbi-ikonomi-se-jure-ye-qis-se-apako-na-i-duniya-dikha-enge-parhaku-nitina-ep-132--58447917</link><description><![CDATA[दुनिया पैसे से चलती है ये आपने सुना होगा, लेकिन कितना पैसा किसकी जेब में जाएगा तय कौन करता है? किसी देश का वित्त मंत्रालय. अब वित्त मंत्रालय चलाते हैं मंत्री और सेक्रेटरी. मगर आपको इसकी बारीकी और काम करने का तरीका शायद पता नहीं होगा. आज हमने पढ़ाकू नितिन में एक इनसाइडर को न्यौता दिया है. उनका नाम है सुभाषचंद्र गर्ग. वर्ल्ड बैंक और राजस्थान के वित्तीय मामलों को संभालने के बाद उन्होंने दो सालों तक वित्त सचिव का कामकाज संभाला, वो भी तीन तीन मंत्रियों के साथ. इस दौरान उनके कार्यकाल में खूब दिलचस्प घटनाएं घटीं. सुनिए और बताइए कैसा लगा हमारा ये पॉडकास्ट.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58447917</guid><pubDate>Thu, 25 Jan 2024 17:57:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58447917/25_jan_24_pn_25_jan_128.mp3" length="100447294" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दुनिया पैसे से चलती है ये आपने सुना होगा, लेकिन कितना पैसा किसकी जेब में जाएगा तय कौन करता है? किसी देश का वित्त मंत्रालय. अब वित्त मंत्रालय चलाते हैं मंत्री और सेक्रेटरी. मगर आपको इसकी बारीकी और काम करने का तरीका शायद पता नहीं होगा. आज हमने पढ़ाकू...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दुनिया पैसे से चलती है ये आपने सुना होगा, लेकिन कितना पैसा किसकी जेब में जाएगा तय कौन करता है? किसी देश का वित्त मंत्रालय. अब वित्त मंत्रालय चलाते हैं मंत्री और सेक्रेटरी. मगर आपको इसकी बारीकी और काम करने का तरीका शायद पता नहीं होगा. आज हमने पढ़ाकू नितिन में एक इनसाइडर को न्यौता दिया है. उनका नाम है सुभाषचंद्र गर्ग. वर्ल्ड बैंक और राजस्थान के वित्तीय मामलों को संभालने के बाद उन्होंने दो सालों तक वित्त सचिव का कामकाज संभाला, वो भी तीन तीन मंत्रियों के साथ. इस दौरान उनके कार्यकाल में खूब दिलचस्प घटनाएं घटीं. सुनिए और बताइए कैसा लगा हमारा ये पॉडकास्ट.]]></itunes:summary><itunes:duration>6278</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e2df5052d37c47af2d97eba3697830de.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेहरू ने अपने गहरे दोस्त शेख़ अब्दुल्ला को जेल क्यों भेजा था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 131</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neharu-ne-apane-gahare-dosta-sekha-abdulla-ko-jela-kyom-bheja-tha-parhaku-nitina-ep-131--58350878</link><description><![CDATA[कश्मीर का ज़िक्र हमेशा शेख अब्दुल्ला के बिना अधूरा है. नेशनल कॉन्फ़्रेंस के इस नेता ने विद्रोही, शासक, कैदी हर रोल में छाप छोड़ी. जिन्ना से शेख का हमेशा झगड़ा रहा क्योंकि वो इस्लाम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहते थे, विभाजन होते ही क़बायली वेश में पाकिस्तानी आर्मी घाटी में घुस आई तो शेख के वर्कर्स ही लाठी लेकर लड़ने उतरे, राजशाही से जूझते शेख ने हमेशा लोकतंत्र की पैरवी की मगर क्या हुआ जो वो आज़ाद भारत में जेल भेजे गए. क्या हुआ कि नेहरू से उनकी दूरी बढ़ गई. क्या हुआ कि वो अलगाववादी कहलाए गए, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में प्रो चित्रलेखा ज़ुत्शी से जिन्होंने शेख और कश्मीर पर कई किताबें लिखी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58350878</guid><pubDate>Thu, 18 Jan 2024 17:01:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58350878/18_jan_24_pn_18_jan_128.mp3" length="68989178" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कश्मीर का ज़िक्र हमेशा शेख अब्दुल्ला के बिना अधूरा है. नेशनल कॉन्फ़्रेंस के इस नेता ने विद्रोही, शासक, कैदी हर रोल में छाप छोड़ी. जिन्ना से शेख का हमेशा झगड़ा रहा क्योंकि वो इस्लाम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहते थे, विभाजन होते ही क़बायली वेश में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कश्मीर का ज़िक्र हमेशा शेख अब्दुल्ला के बिना अधूरा है. नेशनल कॉन्फ़्रेंस के इस नेता ने विद्रोही, शासक, कैदी हर रोल में छाप छोड़ी. जिन्ना से शेख का हमेशा झगड़ा रहा क्योंकि वो इस्लाम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहते थे, विभाजन होते ही क़बायली वेश में पाकिस्तानी आर्मी घाटी में घुस आई तो शेख के वर्कर्स ही लाठी लेकर लड़ने उतरे, राजशाही से जूझते शेख ने हमेशा लोकतंत्र की पैरवी की मगर क्या हुआ जो वो आज़ाद भारत में जेल भेजे गए. क्या हुआ कि नेहरू से उनकी दूरी बढ़ गई. क्या हुआ कि वो अलगाववादी कहलाए गए, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में प्रो चित्रलेखा ज़ुत्शी से जिन्होंने शेख और कश्मीर पर कई किताबें लिखी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4312</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c83a177f213c40e41e995be8634ac3ef.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फर्ज़ी मर्डर केस में 12 साल हुआ टॉर्चर, फिर ऐसे लिया बदला: पढ़ाकू नितिन, Ep 130</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pharzi-mardara-kesa-mem-12-sala-hu-a-torcara-phira-aise-liya-badala-parhaku-nitina-ep-130--58266134</link><description><![CDATA[एक लड़के पर फर्ज़ी केस लगा, पुलिस टॉर्चर हुआ, जेल गया, फिर खुद वकालत पढ़के बरी हुआ. आपको लग रहा होगा किसी वेबसीरीज़ या फिल्म की कहानी है, लेकिन ये हकीकत है सिस्टम की. सिस्टम में बैठे करप्ट लोगों के बावजूद कामयाब होने की, हिम्मत ना हारने की. 'पढ़ाकू नितिन' में सुनेंगे बागपत के अमित चौधरी से उनकी आपबीती जो अब मेरठ में कामयाब वकील हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58266134</guid><pubDate>Thu, 11 Jan 2024 15:59:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58266134/11_jan_24_pn_11_jan_lawyer_mix_128.mp3" length="69177260" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक लड़के पर फर्ज़ी केस लगा, पुलिस टॉर्चर हुआ, जेल गया, फिर खुद वकालत पढ़के बरी हुआ. आपको लग रहा होगा किसी वेबसीरीज़ या फिल्म की कहानी है, लेकिन ये हकीकत है सिस्टम की. सिस्टम में बैठे करप्ट लोगों के बावजूद कामयाब होने की, हिम्मत ना हारने की. 'पढ़ाकू...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक लड़के पर फर्ज़ी केस लगा, पुलिस टॉर्चर हुआ, जेल गया, फिर खुद वकालत पढ़के बरी हुआ. आपको लग रहा होगा किसी वेबसीरीज़ या फिल्म की कहानी है, लेकिन ये हकीकत है सिस्टम की. सिस्टम में बैठे करप्ट लोगों के बावजूद कामयाब होने की, हिम्मत ना हारने की. 'पढ़ाकू नितिन' में सुनेंगे बागपत के अमित चौधरी से उनकी आपबीती जो अब मेरठ में कामयाब वकील हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4324</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/058e025cef29c78ec768e04cc73a1686.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्राचीन अयोध्या की सिटी प्लानिंग, पेरू से कनेक्शन और अनसुने क़िस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 129</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pracina-ayodhya-ki-siti-planinga-peru-se-kaneksana-aura-anasune-qis-se-parhaku-nitina-ep-129--58200000</link><description><![CDATA[अयोध्या को देखने का सबका अपना नज़रिया है. कुछ लोग इसे इतिहास मानते हैं तो कुछ ऐसा मिथक जो रामायण से शुरू हुआ. बावजूद इसके ये सच है कि अयोध्या नाम का शहर सैकड़ों साल से मौजूद है अपने बदलते नामों के साथ और उस भूगोल के भी जिसका विवरण पुराणों में मिलता है. वाल्मीकि कृत रामायण में तो अयोध्या पर जो बारीक जानकारियाँ मिलती हैं वो हैरतनाक हैं. आज के पढ़ाकू नितिन में 'अमेज़िंग अयोध्या' की लेखिका नीना राय से जानेंगे त्रेताकालीन अयोध्या की कहानी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58200000</guid><pubDate>Thu, 04 Jan 2024 18:10:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58200000/04_jan_24_pn_ayodhya_4_jan_mix_128.mp3" length="68103941" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अयोध्या को देखने का सबका अपना नज़रिया है. कुछ लोग इसे इतिहास मानते हैं तो कुछ ऐसा मिथक जो रामायण से शुरू हुआ. बावजूद इसके ये सच है कि अयोध्या नाम का शहर सैकड़ों साल से मौजूद है अपने बदलते नामों के साथ और उस भूगोल के भी जिसका विवरण पुराणों में मिलता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अयोध्या को देखने का सबका अपना नज़रिया है. कुछ लोग इसे इतिहास मानते हैं तो कुछ ऐसा मिथक जो रामायण से शुरू हुआ. बावजूद इसके ये सच है कि अयोध्या नाम का शहर सैकड़ों साल से मौजूद है अपने बदलते नामों के साथ और उस भूगोल के भी जिसका विवरण पुराणों में मिलता है. वाल्मीकि कृत रामायण में तो अयोध्या पर जो बारीक जानकारियाँ मिलती हैं वो हैरतनाक हैं. आज के पढ़ाकू नितिन में 'अमेज़िंग अयोध्या' की लेखिका नीना राय से जानेंगे त्रेताकालीन अयोध्या की कहानी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4257</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ca27b9d30932c39313fbabfa6b45e2b4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कोठों से लेकर सल्तनत तक चलानेवाली तवायफों की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 128</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kothom-se-lekara-saltanata-taka-calanevali-tavayaphom-ki-kahani-parhaku-nitina-ep-128--58140179</link><description><![CDATA[तवायफों को हमने फिल्मों में देखा है, उनके बारे में उपन्यासों से जाना है. होना ये चाहिए था कि दौलत और रुतबा रखनेवाली इन तवायफों को इतिहास में तवज्जो मिलती लेकिन मिला तिरस्कार. हिंदुस्तान की मशहूर तवायफों के क़िस्से आज 'पढ़ाकू नितिन' में सुनेंगे एकता कुमार से जिन्होंने तवायफों पर किताब भी लिखी है.<br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58140179</guid><pubDate>Thu, 28 Dec 2023 18:15:23 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58140179/28_dec_23_pn_28_ekrta_kumar_128.mp3" length="51581178" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तवायफों को हमने फिल्मों में देखा है, उनके बारे में उपन्यासों से जाना है. होना ये चाहिए था कि दौलत और रुतबा रखनेवाली इन तवायफों को इतिहास में तवज्जो मिलती लेकिन मिला तिरस्कार. हिंदुस्तान की मशहूर तवायफों के क़िस्से आज 'पढ़ाकू नितिन' में सुनेंगे एकता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तवायफों को हमने फिल्मों में देखा है, उनके बारे में उपन्यासों से जाना है. होना ये चाहिए था कि दौलत और रुतबा रखनेवाली इन तवायफों को इतिहास में तवज्जो मिलती लेकिन मिला तिरस्कार. हिंदुस्तान की मशहूर तवायफों के क़िस्से आज 'पढ़ाकू नितिन' में सुनेंगे एकता कुमार से जिन्होंने तवायफों पर किताब भी लिखी है.<br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3224</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/58804fae8459908f53094d0605d329cf.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ख़राब अंग्रेज़ी पर जिसका मज़ाक उड़ा उसने लंदन विवि में कैसे चुनाव जीत लिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 127</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kharaba-angrezi-para-jisaka-mazaka-ura-usane-landana-vivi-mem-kaise-cunava-jita-liya-parhaku-nitina-ep-127--58085846</link><description><![CDATA[जहां चाह वहां राह. ये मुहावरा सही साबित किया बुलंदशहर के सुशांत सिंह ने. दलित परिवार के बेटे सुशांत ने गरीबी और मार्गदर्शन के अभाव से लड़ते हुए लंदन यूनिवर्सिटी में ना सिर्फ कानून की पढ़ाई की बल्कि दो दो बार छात्रसंघ चुनाव जीता. सुशांत बाबासाहेब अंबेडकर को अपनी प्रेरणा मानते हैं और हर सवाल का जवाब उनके जीवन में खोजते हैं. 'पढ़ाकू नितिन' में सुशांत के सफ़र के ज़रिए सुनिए ब्रिटेन में स्टूडेंट पॉलिटिक्स की कमाल कहानियां.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58085846</guid><pubDate>Thu, 21 Dec 2023 16:09:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58085846/21_dec_23_pn_21_dec_mix_student_leader_128.mp3" length="50680058" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जहां चाह वहां राह. ये मुहावरा सही साबित किया बुलंदशहर के सुशांत सिंह ने. दलित परिवार के बेटे सुशांत ने गरीबी और मार्गदर्शन के अभाव से लड़ते हुए लंदन यूनिवर्सिटी में ना सिर्फ कानून की पढ़ाई की बल्कि दो दो बार छात्रसंघ चुनाव जीता. सुशांत बाबासाहेब...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जहां चाह वहां राह. ये मुहावरा सही साबित किया बुलंदशहर के सुशांत सिंह ने. दलित परिवार के बेटे सुशांत ने गरीबी और मार्गदर्शन के अभाव से लड़ते हुए लंदन यूनिवर्सिटी में ना सिर्फ कानून की पढ़ाई की बल्कि दो दो बार छात्रसंघ चुनाव जीता. सुशांत बाबासाहेब अंबेडकर को अपनी प्रेरणा मानते हैं और हर सवाल का जवाब उनके जीवन में खोजते हैं. 'पढ़ाकू नितिन' में सुशांत के सफ़र के ज़रिए सुनिए ब्रिटेन में स्टूडेंट पॉलिटिक्स की कमाल कहानियां.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3168</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/946d0e16aaa75214db9fb910fb4a7e75.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>लोहिया वक्त से आगे के नेता क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 126</title><link>https://www.spreaker.com/episode/lohiya-vakta-se-age-ke-neta-kyom-the-parhaku-nitina-ep-126--58010432</link><description><![CDATA[राम मनोहर लोहिया हिंदुस्तानी सियासत के सबसे आकर्षक नेताओं में एक रहे हैं. उनकी राजनीतिक सोच समझ से प्रेरित होकर बहुत सारे नेताओं और दलों ने अपनी पारी खेली. लोहिया ने आज़ादी के पहले जितने जूझकर लड़ाई लड़ी, उतनी ही बड़ी लड़ाई आज़ादी के बाद संसद में लोकतंत्र के लिए लड़ी. उनके जीवन में कलर्स की कोई कमी नहीं. ज़िद्दी थे, स्वच्छंद भी, जुझारू और ज़बरदस्त बौद्धिक भी. आज उन्हीं लोहिया के जीवन से ढेरों दिलचस्प पहलू खोलने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में पधारे हैं पत्रकार और लेखक अरविंद मोहन.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/58010432</guid><pubDate>Thu, 14 Dec 2023 18:16:33 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/58010432/14_dec_23_pn_14_dec_128.mp3" length="91313632" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>राम मनोहर लोहिया हिंदुस्तानी सियासत के सबसे आकर्षक नेताओं में एक रहे हैं. उनकी राजनीतिक सोच समझ से प्रेरित होकर बहुत सारे नेताओं और दलों ने अपनी पारी खेली. लोहिया ने आज़ादी के पहले जितने जूझकर लड़ाई लड़ी, उतनी ही बड़ी लड़ाई आज़ादी के बाद संसद में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[राम मनोहर लोहिया हिंदुस्तानी सियासत के सबसे आकर्षक नेताओं में एक रहे हैं. उनकी राजनीतिक सोच समझ से प्रेरित होकर बहुत सारे नेताओं और दलों ने अपनी पारी खेली. लोहिया ने आज़ादी के पहले जितने जूझकर लड़ाई लड़ी, उतनी ही बड़ी लड़ाई आज़ादी के बाद संसद में लोकतंत्र के लिए लड़ी. उनके जीवन में कलर्स की कोई कमी नहीं. ज़िद्दी थे, स्वच्छंद भी, जुझारू और ज़बरदस्त बौद्धिक भी. आज उन्हीं लोहिया के जीवन से ढेरों दिलचस्प पहलू खोलने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में पधारे हैं पत्रकार और लेखक अरविंद मोहन.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5708</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/662fb09a6af28465ba0953f6ee5a295b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेहरू ने इंदिरा गांधी को बढ़ाया तो शास्त्री क्यों ख़ामोश रहे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 125</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neharu-ne-indira-gandhi-ko-barhaya-to-sastri-kyom-khamosa-rahe-parhaku-nitina-ep-125--57942177</link><description><![CDATA[इंदिरा गांधी ने देश पर सोलह साल शासन किया. उनके हिस्से तारीफ और आलोचना दोनों आईं. इमरजेंसी वाला मामला उन पर मौत के बाद भी हावी रहा लेकिन इसके अलावा भी उनके दामन पर कई तरह के दाग रहे. लेखक विष्णु शर्मा की किताब “इंदिरा फाइल्स” 50 आरोप लगाती है, 'पढ़ाकू नितिन' पॉडकास्ट के इस एपिसोड में सुनिए उनसे दिलचस्प बातचीत.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57942177</guid><pubDate>Thu, 07 Dec 2023 17:18:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57942177/07_dec_23_pn_indira_7_dec_mix_128.mp3" length="63271497" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इंदिरा गांधी ने देश पर सोलह साल शासन किया. उनके हिस्से तारीफ और आलोचना दोनों आईं. इमरजेंसी वाला मामला उन पर मौत के बाद भी हावी रहा लेकिन इसके अलावा भी उनके दामन पर कई तरह के दाग रहे. लेखक विष्णु शर्मा की किताब “इंदिरा फाइल्स” 50 आरोप लगाती है, 'पढ़ाकू...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इंदिरा गांधी ने देश पर सोलह साल शासन किया. उनके हिस्से तारीफ और आलोचना दोनों आईं. इमरजेंसी वाला मामला उन पर मौत के बाद भी हावी रहा लेकिन इसके अलावा भी उनके दामन पर कई तरह के दाग रहे. लेखक विष्णु शर्मा की किताब “इंदिरा फाइल्स” 50 आरोप लगाती है, 'पढ़ाकू नितिन' पॉडकास्ट के इस एपिसोड में सुनिए उनसे दिलचस्प बातचीत.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3955</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6d8b0c15aaafa128796f1b91ea5531a9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सावरकर ने भारतीय संविधान में 'हिंदू राष्ट्र' की मांग क्यों नहीं की?: पढ़ाकू नितिन, Ep 124</title><link>https://www.spreaker.com/episode/savarakara-ne-bharatiya-sanvidhana-mem-hindu-rastra-ki-manga-kyom-nahim-ki-parhaku-nitina-ep-124--57867441</link><description><![CDATA[संविधान लागू हुए 75 साल होने जा रहे हैं. जितनी इसकी तारीफ होती है उतनी ही आलोचना भी. आलोचना के कई बिंदुओं में एक है इसके अंदर ब्रिटिश उपनिवेशवादी काल के कानूनों का होना. क्या केवल इस वजह से इसे 'Colonial Constitution' कहा जा सकता है? क़ानून के जानकार और लेखक अर्घ्य सेनगुप्ता ऐसा ना केवल मानते हैं बल्कि किताब इसी नाम से लिखी है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में उनकी दलील सुनिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57867441</guid><pubDate>Thu, 30 Nov 2023 18:27:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57867441/30_nov_23_pn_30_nov_constitution_mix_128.mp3" length="54747219" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>संविधान लागू हुए 75 साल होने जा रहे हैं. जितनी इसकी तारीफ होती है उतनी ही आलोचना भी. आलोचना के कई बिंदुओं में एक है इसके अंदर ब्रिटिश उपनिवेशवादी काल के कानूनों का होना. क्या केवल इस वजह से इसे 'Colonial Constitution' कहा जा सकता है? क़ानून के जानकार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[संविधान लागू हुए 75 साल होने जा रहे हैं. जितनी इसकी तारीफ होती है उतनी ही आलोचना भी. आलोचना के कई बिंदुओं में एक है इसके अंदर ब्रिटिश उपनिवेशवादी काल के कानूनों का होना. क्या केवल इस वजह से इसे 'Colonial Constitution' कहा जा सकता है? क़ानून के जानकार और लेखक अर्घ्य सेनगुप्ता ऐसा ना केवल मानते हैं बल्कि किताब इसी नाम से लिखी है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में उनकी दलील सुनिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3422</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/48aecb0b9f3c6729fb4a00a51d265a1d.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>IAS अफसरों ने वोट करके बताया उनमें कौन सबसे करप्ट, फिर क्या हुआ?: पढ़ाकू नितिन, Ep 123</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ias-aphasarom-ne-vota-karake-bataya-unamem-kauna-sabase-karapta-phira-kya-hu-a-parhaku-nitina-ep-123--57785821</link><description><![CDATA[करीब 30 साल पहले एक अनोखा चुनाव हुआ. देश के सारे IAS अफसरों ने मिलकर अपने बीच से 3 सबसे करप्ट अफसरों को चुना. ऐसा इलेक्शन ना पहले देखा गया था और ना उसके बाद कभी हुआ. लेकिन इसका होना आसान नहीं था.. मगर फिर भी हुआ. उसके बाद हालात और मुश्किल बन गए. क्यों ये चुनाव हुए, जिनका नाम आया वो कौन थे, क्या उन पर कभी कोई एक्शन हुआ.. 'पढ़ाकू नितिन' में ये कहानी सुनाने आए हैं यूपी के कई ज़िलों के डीएम रहे, सीएम ऑफिस में बड़ी बड़ी ज़िम्मेदारियां निभानेवाले और केंद्र सरकार को भी सेवा देते रहे पूर्व आईएएस विजय शंकर पाण्डेय. इसके अलावा सुनिए क्यों वो मुलायम सिंह यादव की गुडबुक में नहीं थे, मायावती का वर्किंग स्टाइल कैसा था, क्या हुआ जब चंद्रास्वामी ने बाबरी विध्वंस के बाद ठान लिया कि अयोध्या में ही यज्ञ करेंगे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57785821</guid><pubDate>Thu, 23 Nov 2023 17:20:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57785821/23_nov_23_pn_23_nov_128.mp3" length="68912274" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>करीब 30 साल पहले एक अनोखा चुनाव हुआ. देश के सारे IAS अफसरों ने मिलकर अपने बीच से 3 सबसे करप्ट अफसरों को चुना. ऐसा इलेक्शन ना पहले देखा गया था और ना उसके बाद कभी हुआ. लेकिन इसका होना आसान नहीं था.. मगर फिर भी हुआ. उसके बाद हालात और मुश्किल बन गए. क्यों...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[करीब 30 साल पहले एक अनोखा चुनाव हुआ. देश के सारे IAS अफसरों ने मिलकर अपने बीच से 3 सबसे करप्ट अफसरों को चुना. ऐसा इलेक्शन ना पहले देखा गया था और ना उसके बाद कभी हुआ. लेकिन इसका होना आसान नहीं था.. मगर फिर भी हुआ. उसके बाद हालात और मुश्किल बन गए. क्यों ये चुनाव हुए, जिनका नाम आया वो कौन थे, क्या उन पर कभी कोई एक्शन हुआ.. 'पढ़ाकू नितिन' में ये कहानी सुनाने आए हैं यूपी के कई ज़िलों के डीएम रहे, सीएम ऑफिस में बड़ी बड़ी ज़िम्मेदारियां निभानेवाले और केंद्र सरकार को भी सेवा देते रहे पूर्व आईएएस विजय शंकर पाण्डेय. इसके अलावा सुनिए क्यों वो मुलायम सिंह यादव की गुडबुक में नहीं थे, मायावती का वर्किंग स्टाइल कैसा था, क्या हुआ जब चंद्रास्वामी ने बाबरी विध्वंस के बाद ठान लिया कि अयोध्या में ही यज्ञ करेंगे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>4308</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/81629500acbf70bf0e5dcd1620dc8015.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कहीं जलाना, कहीं दफ़नाना, टावर पर छोड़ देना..अंतिम विदाई के ये तरीक़े क्या कहते हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 122</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kahim-jalana-kahim-dafanana-tavara-para-chora-dena-antima-vida-i-ke-ye-tariqe-kya-kahate-haim-parhaku-nitina-ep-122--57668943</link><description><![CDATA[मौत शाश्वत सत्य है. इंसान जिस शरीर के ज़रिए इस दुनिया के हर कामकाज निपटाता है उसे एक दिन छोड़कर जाना पड़ता है. इस काया का निपटान भी अलग अलग तरीके से होता रहा है. हर धर्म, इलाके, संस्कृति का अपना तरीका है जो कई बार हैरान करता है तो कई दफे सोचने को मजबूर. इस बार पढ़ाकू नितिन में 'अंतिम संस्कार' जैसे टॉपिक पर बैठकी जमी डॉ मिनाक्षी दीवान से.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57668943</guid><pubDate>Thu, 16 Nov 2023 18:25:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57668943/16_nov_23_pn_16_nov_128.mp3" length="69356564" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मौत शाश्वत सत्य है. इंसान जिस शरीर के ज़रिए इस दुनिया के हर कामकाज निपटाता है उसे एक दिन छोड़कर जाना पड़ता है. इस काया का निपटान भी अलग अलग तरीके से होता रहा है. हर धर्म, इलाके, संस्कृति का अपना तरीका है जो कई बार हैरान करता है तो कई दफे सोचने को...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मौत शाश्वत सत्य है. इंसान जिस शरीर के ज़रिए इस दुनिया के हर कामकाज निपटाता है उसे एक दिन छोड़कर जाना पड़ता है. इस काया का निपटान भी अलग अलग तरीके से होता रहा है. हर धर्म, इलाके, संस्कृति का अपना तरीका है जो कई बार हैरान करता है तो कई दफे सोचने को मजबूर. इस बार पढ़ाकू नितिन में 'अंतिम संस्कार' जैसे टॉपिक पर बैठकी जमी डॉ मिनाक्षी दीवान से.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4335</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/920da75b8526162c0b456c71e073dbfe.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>निठारी कांड वाले सुरेंद्र कोली के लिए फंदा तैयार था फिर वो बचा कैसे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 121</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nithari-kanda-vale-surendra-koli-ke-li-e-phanda-taiyara-tha-phira-vo-baca-kaise-parhaku-nitina-ep-121--57581500</link><description><![CDATA[निठारी कांड डेढ़ दशक पहले भले हुआ हो लेकिन कोई उसे अब तक नहीं भूला. बच्चों की गुमशुदगी और हत्या से आगे उनके निर्जीव शरीर को खा जाने की जघन्य वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया था. अब लंबे ट्रायल के बाद उस केस के दोनों आरोपी बरी हो गए हैं. सवाल है कि जब सारा केस एकदम सीधा था फिर कैसे आरोपियों को सज़ा नहीं मिली, साथ ही जानिए कि एक बार फांसी का फंदा तैयार था मगर सुरेंद्र कोली कैसे बच गया? पढ़ाकू नितिन में पूरी कहानी सुना रहे हैं मशहूर सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट शम्स ताहिर खान.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57581500</guid><pubDate>Thu, 09 Nov 2023 18:10:13 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57581500/09_nov_23_pn_mix_9_nov_128.mp3" length="56287399" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>निठारी कांड डेढ़ दशक पहले भले हुआ हो लेकिन कोई उसे अब तक नहीं भूला. बच्चों की गुमशुदगी और हत्या से आगे उनके निर्जीव शरीर को खा जाने की जघन्य वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया था. अब लंबे ट्रायल के बाद उस केस के दोनों आरोपी बरी हो गए हैं. सवाल है कि जब...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[निठारी कांड डेढ़ दशक पहले भले हुआ हो लेकिन कोई उसे अब तक नहीं भूला. बच्चों की गुमशुदगी और हत्या से आगे उनके निर्जीव शरीर को खा जाने की जघन्य वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया था. अब लंबे ट्रायल के बाद उस केस के दोनों आरोपी बरी हो गए हैं. सवाल है कि जब सारा केस एकदम सीधा था फिर कैसे आरोपियों को सज़ा नहीं मिली, साथ ही जानिए कि एक बार फांसी का फंदा तैयार था मगर सुरेंद्र कोली कैसे बच गया? पढ़ाकू नितिन में पूरी कहानी सुना रहे हैं मशहूर सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट शम्स ताहिर खान.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3518</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6757b8c55aae3c43086db8d25f15f519.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एंकरिंग में नायाब रिकॉर्ड दर्ज करानेवाले सईद अंसारी के हाथ पांव कब फूले?: पढ़ाकू नितिन, Ep 120</title><link>https://www.spreaker.com/episode/enkaringa-mem-nayaba-rikorda-darja-karanevale-sa-ida-ansari-ke-hatha-panva-kaba-phule-parhaku-nitina-ep-120--57486889</link><description><![CDATA[टीवी पर न्यूज़ हर कोई देखता है और इस न्यूज़ को आप तक पहुंचाते हैं प्रेजेंटर या एंकर. अपनी आवाज़ और अंदाज़ से हर न्यूज़ को रोचक बनाने वाले इन एंकरों की दुनिया कैसी होती है, जितनी आसानी से ये न्यूज़ आपतक पहुंचाते हैं, क्या इसका प्रोसेस भी इतना ही आसान होता है, किस तरह की चुनौतियों से दो-चार होना पड़ता है इन्हें, इन सब पर बात बात करने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में हमने बुलाया न्यूज़ एंकरिंग की दुनिया की जानी-मानी हस्ती सईद अंसारी को. इस पॉडकास्ट में उनसे कई प्रोफेशनल और पर्सनल सवाल किए गए और बड़ी बेबाक़ी से उन्होंने इसके जवाब भी दिए हैं. तो आकाशवाणी और दूरदर्शन के ज़माने से लेकर प्राइवेट मीडिया संस्थानों के कई दिलचस्प क़िस्से सुनिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57486889</guid><pubDate>Thu, 02 Nov 2023 18:21:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57486889/02_nov_23_pn_2_nov_128.mp3" length="114086556" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>टीवी पर न्यूज़ हर कोई देखता है और इस न्यूज़ को आप तक पहुंचाते हैं प्रेजेंटर या एंकर. अपनी आवाज़ और अंदाज़ से हर न्यूज़ को रोचक बनाने वाले इन एंकरों की दुनिया कैसी होती है, जितनी आसानी से ये न्यूज़ आपतक पहुंचाते हैं, क्या इसका प्रोसेस भी इतना ही आसान होता...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[टीवी पर न्यूज़ हर कोई देखता है और इस न्यूज़ को आप तक पहुंचाते हैं प्रेजेंटर या एंकर. अपनी आवाज़ और अंदाज़ से हर न्यूज़ को रोचक बनाने वाले इन एंकरों की दुनिया कैसी होती है, जितनी आसानी से ये न्यूज़ आपतक पहुंचाते हैं, क्या इसका प्रोसेस भी इतना ही आसान होता है, किस तरह की चुनौतियों से दो-चार होना पड़ता है इन्हें, इन सब पर बात बात करने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में हमने बुलाया न्यूज़ एंकरिंग की दुनिया की जानी-मानी हस्ती सईद अंसारी को. इस पॉडकास्ट में उनसे कई प्रोफेशनल और पर्सनल सवाल किए गए और बड़ी बेबाक़ी से उन्होंने इसके जवाब भी दिए हैं. तो आकाशवाणी और दूरदर्शन के ज़माने से लेकर प्राइवेट मीडिया संस्थानों के कई दिलचस्प क़िस्से सुनिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>7131</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/57499d5fd2bf6a71e72f256a3af7c8bf.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फांसी से पहले कसाब की आंखों में पछतावे की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 119</title><link>https://www.spreaker.com/episode/phansi-se-pahale-kasaba-ki-ankhom-mem-pachatave-ki-kahani-parhaku-nitina-ep-119--57398890</link><description><![CDATA[IPS अफसर को जीवन में भले सुख सुविधाओं की कमी ना हो लेकिन चैलेंज भी भरपूर हैं. अगर अफसर महिला हो तो चुनौतियों दोगुनी हो जाती हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में मिलिए मीरां चड्ढा बोरवनकर से जो महाराष्ट्र की पहली महिला एसपी और कमिश्नर रहीं. उन्होंने क्राइम ब्रांच से लेकर प्रदेश के जेलों तक की ज़िम्मेदारी संभाली, वो भी ऐसे वक्त में जब आतंकी कसाब और याकूब मेमन की फांसी हुई. उनके करियर में खूब दिलचस्प घटनाएं घटी हैं और वही 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिएगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57398890</guid><pubDate>Thu, 26 Oct 2023 16:51:19 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57398890/26_oct_23_pn_25_oct_mix_ips_meeran_128.mp3" length="62270066" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>IPS अफसर को जीवन में भले सुख सुविधाओं की कमी ना हो लेकिन चैलेंज भी भरपूर हैं. अगर अफसर महिला हो तो चुनौतियों दोगुनी हो जाती हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में मिलिए मीरां चड्ढा बोरवनकर से जो महाराष्ट्र की पहली महिला एसपी और कमिश्नर रहीं. उन्होंने क्राइम...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[IPS अफसर को जीवन में भले सुख सुविधाओं की कमी ना हो लेकिन चैलेंज भी भरपूर हैं. अगर अफसर महिला हो तो चुनौतियों दोगुनी हो जाती हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में मिलिए मीरां चड्ढा बोरवनकर से जो महाराष्ट्र की पहली महिला एसपी और कमिश्नर रहीं. उन्होंने क्राइम ब्रांच से लेकर प्रदेश के जेलों तक की ज़िम्मेदारी संभाली, वो भी ऐसे वक्त में जब आतंकी कसाब और याकूब मेमन की फांसी हुई. उनके करियर में खूब दिलचस्प घटनाएं घटी हैं और वही 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिएगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3892</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/627b67b4beae60c4b1ee3be57e07e7bb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बिहार की पॉलिटिक्स 35 सालों में कैसे बदल गई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 118</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bihara-ki-politiksa-35-salom-mem-kaise-badala-ga-i-parhaku-nitina-ep-118--57308979</link><description><![CDATA[बिहार हमारे देश की प्राचीन सभ्यता का बड़ा गढ़ रहा है, इस नाते राजनीति का भी. लोकतांत्रिक राजनीति में भी इस सूबे ने हमेशा झंडे गाड़े. देश को एक से बढ़कर एक नेता दिए, यहीं आंदोलनों की फसल लहलहाई, राजनीतिक मॉडलों से परिचय कराया. इस पॉडकास्ट में बिहार की पॉलिटिक्स को दशकों से कवर कर रहे पत्रकार और लेखक संतोष सिंह के साथ हमने बिहार के साढ़े तीन दशकों की यात्रा पर चलने का प्रयास किया है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57308979</guid><pubDate>Thu, 19 Oct 2023 18:06:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57308979/20_oct_23_pn_19_oct_re_128.mp3" length="90152960" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बिहार हमारे देश की प्राचीन सभ्यता का बड़ा गढ़ रहा है, इस नाते राजनीति का भी. लोकतांत्रिक राजनीति में भी इस सूबे ने हमेशा झंडे गाड़े. देश को एक से बढ़कर एक नेता दिए, यहीं आंदोलनों की फसल लहलहाई, राजनीतिक मॉडलों से परिचय कराया. इस पॉडकास्ट में बिहार की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बिहार हमारे देश की प्राचीन सभ्यता का बड़ा गढ़ रहा है, इस नाते राजनीति का भी. लोकतांत्रिक राजनीति में भी इस सूबे ने हमेशा झंडे गाड़े. देश को एक से बढ़कर एक नेता दिए, यहीं आंदोलनों की फसल लहलहाई, राजनीतिक मॉडलों से परिचय कराया. इस पॉडकास्ट में बिहार की पॉलिटिक्स को दशकों से कवर कर रहे पत्रकार और लेखक संतोष सिंह के साथ हमने बिहार के साढ़े तीन दशकों की यात्रा पर चलने का प्रयास किया है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5635</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/721b84434aa13123eed0f8c642e9d2cc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इज़रायल-फ़िलिस्तीन के झगड़े में कौन छिपकर खेल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 117</title><link>https://www.spreaker.com/episode/izarayala-filistina-ke-jhagare-mem-kauna-chipakara-khela-raha-hai-parhaku-nitina-ep-117--57214073</link><description><![CDATA[दुनिया में हमेशा कहीं ना कहीं जंग चलती रहती है. ग़ाज़ा के ईर्द गिर्द तो ये रुटीन है. 35 एकड़ के अल अक्सा कॉम्प्लेक्स के लिए सैकड़ों साल से जूझ रहे तीन धर्मों का संघर्ष अब जियोपॉलिटिक्स की बड़ी गुत्थी बन गया है. इज़रायल-फ़िलिस्तीन की खींचतान का रेशा रेशा इस पॉडकास्ट में खोला गया है. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार मेहमान हैं जेएनयू में इंटरनेशनल अफ़ेयर्स पढ़ानेवाले और इज़रायल होकर आए असिस्टेंट प्रोफेसर अमिताभ सिंह.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57214073</guid><pubDate>Thu, 12 Oct 2023 18:09:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57214073/12_oct_23_pn_isareal_hamas_12_oct_mix_128.mp3" length="122740401" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दुनिया में हमेशा कहीं ना कहीं जंग चलती रहती है. ग़ाज़ा के ईर्द गिर्द तो ये रुटीन है. 35 एकड़ के अल अक्सा कॉम्प्लेक्स के लिए सैकड़ों साल से जूझ रहे तीन धर्मों का संघर्ष अब जियोपॉलिटिक्स की बड़ी गुत्थी बन गया है. इज़रायल-फ़िलिस्तीन की खींचतान का रेशा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दुनिया में हमेशा कहीं ना कहीं जंग चलती रहती है. ग़ाज़ा के ईर्द गिर्द तो ये रुटीन है. 35 एकड़ के अल अक्सा कॉम्प्लेक्स के लिए सैकड़ों साल से जूझ रहे तीन धर्मों का संघर्ष अब जियोपॉलिटिक्स की बड़ी गुत्थी बन गया है. इज़रायल-फ़िलिस्तीन की खींचतान का रेशा रेशा इस पॉडकास्ट में खोला गया है. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार मेहमान हैं जेएनयू में इंटरनेशनल अफ़ेयर्स पढ़ानेवाले और इज़रायल होकर आए असिस्टेंट प्रोफेसर अमिताभ सिंह.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>7672</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/98fdf0b46b49e8e98e7b907620f4516e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सिखों ने विभाजन से पहले मुस्लिम लीग की जगह कांग्रेस को क्यों चुना?: पढ़ाकू नितिन, Ep 116</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sikhom-ne-vibhajana-se-pahale-muslima-liga-ki-jagaha-kangresa-ko-kyom-cuna-parhaku-nitina-ep-116--57091807</link><description><![CDATA[सिखों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह के बाद सिख साम्राज्य की स्थापना भी हुई और पतन भी. अंग्रेज़ों का दौर सिख समाज ने देखा और विभाजन भी. उसके बाद अलग सूबा बनाने का संघर्ष चला, फिर खालिस्तान आंदोलन का दंश भी झेला. सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट से समझिए. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में मेहमान हैं सिख इतिहास पर कई किताब लिखनेवाले अमृतसर की गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/57091807</guid><pubDate>Thu, 05 Oct 2023 17:19:12 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/57091807/05_oct_23_pn_5_oct_mixed_128.mp3" length="101727085" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सिखों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह के बाद सिख साम्राज्य की स्थापना भी हुई और पतन भी. अंग्रेज़ों का दौर सिख समाज ने देखा और विभाजन भी. उसके बाद अलग सूबा बनाने का संघर्ष चला, फिर खालिस्तान आंदोलन का दंश भी झेला. सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सिखों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह के बाद सिख साम्राज्य की स्थापना भी हुई और पतन भी. अंग्रेज़ों का दौर सिख समाज ने देखा और विभाजन भी. उसके बाद अलग सूबा बनाने का संघर्ष चला, फिर खालिस्तान आंदोलन का दंश भी झेला. सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट से समझिए. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में मेहमान हैं सिख इतिहास पर कई किताब लिखनेवाले अमृतसर की गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6358</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6b57e6c52384154335de8385da022835.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अकबर की मौत के बाद मुगलों ने सिखों से दुश्मनी क्यों ठान ली?: पढ़ाकू नितिन, Ep 115</title><link>https://www.spreaker.com/episode/akabara-ki-mauta-ke-bada-mugalom-ne-sikhom-se-dusmani-kyom-thana-li-parhaku-nitina-ep-115--56980227</link><description><![CDATA[दुनिया में ढाई करोड़ से ज़्यादा सिख हैं लेकिन उनका इतिहास कम लोग जानते हैं. इस इतिहास में धर्म के साथ त्याग, साहस, ईर्ष्या, साज़िश, प्रतिशोध सब कुछ है. एक धार्मिक समुदाय से राजनीतिक ताकत बनने की यात्रा भी है. दस गुरूओं की शानदार पंरपरा वाले सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट से समझिए. 'पढ़ाकू नितिन' के इस ऐपीसोड में मेहमान हैं सिख इतिहास पर दशकों तक लिखनेवालीं पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एमिरेटस इंदु बंगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56980227</guid><pubDate>Thu, 28 Sep 2023 17:27:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56980227/28_sep_23_pn_sikh_part_1_sept_28_128.mp3" length="111714220" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दुनिया में ढाई करोड़ से ज़्यादा सिख हैं लेकिन उनका इतिहास कम लोग जानते हैं. इस इतिहास में धर्म के साथ त्याग, साहस, ईर्ष्या, साज़िश, प्रतिशोध सब कुछ है. एक धार्मिक समुदाय से राजनीतिक ताकत बनने की यात्रा भी है. दस गुरूओं की शानदार पंरपरा वाले सिखों से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दुनिया में ढाई करोड़ से ज़्यादा सिख हैं लेकिन उनका इतिहास कम लोग जानते हैं. इस इतिहास में धर्म के साथ त्याग, साहस, ईर्ष्या, साज़िश, प्रतिशोध सब कुछ है. एक धार्मिक समुदाय से राजनीतिक ताकत बनने की यात्रा भी है. दस गुरूओं की शानदार पंरपरा वाले सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट से समझिए. 'पढ़ाकू नितिन' के इस ऐपीसोड में मेहमान हैं सिख इतिहास पर दशकों तक लिखनेवालीं पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एमिरेटस इंदु बंगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>6983</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ede3250fd0416ea13828c543934234a1.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कव्वाली को 750 सालों बाद भी कौन ज़िंदा रखे हुए है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 114</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kavvali-ko-750-salom-bada-bhi-kauna-zinda-rakhe-hu-e-hai-parhaku-nitina-ep-114--56887875</link><description><![CDATA[कव्वाली संगीत का सिर्फ एक फॉर्म नहीं बल्कि उससे बढ़कर विधा है. सैकड़ों सालों की यात्रा करके ये हम तक पहुंची. ख़ानकाहों और दरगाहों के आंगन में पली बढ़ी कव्वाली ने फ़िल्मों तक में जादू बिखेरा है. इस कला में ऐसा क्या है जो इसे आज तक ज़िंदा रखे है, 'पढ़ाकू नितिन' में बता रहे हैं सिकंदराबाद घराने के देश-विदेश में मशहूर कव्वाल यूसुफ खान निज़ामी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56887875</guid><pubDate>Thu, 21 Sep 2023 18:20:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56887875/21_sep_23_pn_qawwali_21_sept_mix_128.mp3" length="68972460" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कव्वाली संगीत का सिर्फ एक फॉर्म नहीं बल्कि उससे बढ़कर विधा है. सैकड़ों सालों की यात्रा करके ये हम तक पहुंची. ख़ानकाहों और दरगाहों के आंगन में पली बढ़ी कव्वाली ने फ़िल्मों तक में जादू बिखेरा है. इस कला में ऐसा क्या है जो इसे आज तक ज़िंदा रखे है,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कव्वाली संगीत का सिर्फ एक फॉर्म नहीं बल्कि उससे बढ़कर विधा है. सैकड़ों सालों की यात्रा करके ये हम तक पहुंची. ख़ानकाहों और दरगाहों के आंगन में पली बढ़ी कव्वाली ने फ़िल्मों तक में जादू बिखेरा है. इस कला में ऐसा क्या है जो इसे आज तक ज़िंदा रखे है, 'पढ़ाकू नितिन' में बता रहे हैं सिकंदराबाद घराने के देश-विदेश में मशहूर कव्वाल यूसुफ खान निज़ामी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4311</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/40ebbc2c42284c20f0c94befb885cdea.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पाकिस्तानी एटम बम में Pablo Escobar का पैसा लगा था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 113</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistani-etama-bama-mem-pablo-escobar-ka-paisa-laga-tha-parhaku-nitina-ep-113--56802506</link><description><![CDATA[अगर आपसे कहा जाए कि पाकिस्तान के परमाणु बम में कोलंबिया के सबसे बड़े ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार का पैसा लगा है तो आपको यकीन होगा? क्या आप यकीन करेंगे कि पाकिस्तान ने दुनिया का सबसे बदनाम बैंक खड़ा किया था? क्या आपको मालूम है कि पाकिस्तानी परमाणु बम के शुरूआती परीक्षण चीन में हुए थे? और किसकी हत्या की साज़िश रचने के लिए लादेन की नवाज़ शरीफ से मीटिंग हुई थी? इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में खुलासों की पूरी सीरीज़ है. मेहमान हैं मशहूर डॉक्यूमेंट्री मेकर और लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56802506</guid><pubDate>Thu, 14 Sep 2023 17:33:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56802506/14_sep_23_pn_14_sept_128.mp3" length="71889815" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अगर आपसे कहा जाए कि पाकिस्तान के परमाणु बम में कोलंबिया के सबसे बड़े ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार का पैसा लगा है तो आपको यकीन होगा? क्या आप यकीन करेंगे कि पाकिस्तान ने दुनिया का सबसे बदनाम बैंक खड़ा किया था? क्या आपको मालूम है कि पाकिस्तानी परमाणु बम...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अगर आपसे कहा जाए कि पाकिस्तान के परमाणु बम में कोलंबिया के सबसे बड़े ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार का पैसा लगा है तो आपको यकीन होगा? क्या आप यकीन करेंगे कि पाकिस्तान ने दुनिया का सबसे बदनाम बैंक खड़ा किया था? क्या आपको मालूम है कि पाकिस्तानी परमाणु बम के शुरूआती परीक्षण चीन में हुए थे? और किसकी हत्या की साज़िश रचने के लिए लादेन की नवाज़ शरीफ से मीटिंग हुई थी? इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में खुलासों की पूरी सीरीज़ है. मेहमान हैं मशहूर डॉक्यूमेंट्री मेकर और लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4494</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2c6dae241464435e82a88f5efdb552cf.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ट्रंप की मसखरी और ज़िनपिंग की डांट, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के दिलचस्प किस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 112</title><link>https://www.spreaker.com/episode/trampa-ki-masakhari-aura-zinapinga-ki-danta-antarrastriya-sam-melanom-ke-dilacaspa-kis-se-parhaku-nitina-ep-112--56727748</link><description><![CDATA[बड़े बड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में बड़े बड़े क़िस्से होते रहते हैं. आजकल G-20 का शोर चल रहा है तो किस्से इसके भी हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में हमने दावत दी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट प्रकाश के रे को. इस एपिसोड में उनसे सुनेंगे G-20 की ज़रूरत, कमियों, उपलब्धियों की कहानी लेकिन साथ ही ऐसे दिलचस्प किस्से भी जो आपको हैरान करेंगे और हंसाएंगे भी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56727748</guid><pubDate>Thu, 07 Sep 2023 18:06:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56727748/07_sep_23_pn_g20_pkr_mix_128.mp3" length="63958622" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बड़े बड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में बड़े बड़े क़िस्से होते रहते हैं. आजकल G-20 का शोर चल रहा है तो किस्से इसके भी हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में हमने दावत दी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट प्रकाश के रे को. इस एपिसोड में उनसे सुनेंगे G-20 की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बड़े बड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में बड़े बड़े क़िस्से होते रहते हैं. आजकल G-20 का शोर चल रहा है तो किस्से इसके भी हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में हमने दावत दी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट प्रकाश के रे को. इस एपिसोड में उनसे सुनेंगे G-20 की ज़रूरत, कमियों, उपलब्धियों की कहानी लेकिन साथ ही ऐसे दिलचस्प किस्से भी जो आपको हैरान करेंगे और हंसाएंगे भी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3998</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b5f584905483b95c1777f99446e3a523.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>टाटा और टैगोर का शिपिंग बिज़नेस अंग्रेज़ों ने कैसे चौपट किया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 111</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tata-aura-taigora-ka-sipinga-bizanesa-angrezom-ne-kaise-caupata-kiya-parhaku-nitina-ep-111--56650484</link><description><![CDATA[अंग्रेज़ों ने हिंदुस्तान में बिज़नेस करने की नीयत से कब्ज़ा किया था. फिर व्यापार करने लगे तो ऐसे करने लगे कि भारतीयों की सब राह रोक दी. शिपिंग का बिज़नेस भी ऐसा ही था जहां गोरों ने तय कर लिया कि किसी हिंदुस्तानी को टिकने नहीं देंगे. टैगोर से लेकर टाटा तक ने कोशिशें कीं मगर अंग्रेज़ों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया पर फिर भी संघर्ष करते भारतीयों ने कैसे इस डॉमिनेंस को तोड़ा, ये कहानी सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में सुशांत भारती से जिन्होंने इस टॉपिक पर किताब भी लिखी है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56650484</guid><pubDate>Thu, 31 Aug 2023 16:46:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56650484/31_aug_23_pn_31_august_128.mp3" length="67899977" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अंग्रेज़ों ने हिंदुस्तान में बिज़नेस करने की नीयत से कब्ज़ा किया था. फिर व्यापार करने लगे तो ऐसे करने लगे कि भारतीयों की सब राह रोक दी. शिपिंग का बिज़नेस भी ऐसा ही था जहां गोरों ने तय कर लिया कि किसी हिंदुस्तानी को टिकने नहीं देंगे. टैगोर से लेकर टाटा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अंग्रेज़ों ने हिंदुस्तान में बिज़नेस करने की नीयत से कब्ज़ा किया था. फिर व्यापार करने लगे तो ऐसे करने लगे कि भारतीयों की सब राह रोक दी. शिपिंग का बिज़नेस भी ऐसा ही था जहां गोरों ने तय कर लिया कि किसी हिंदुस्तानी को टिकने नहीं देंगे. टैगोर से लेकर टाटा तक ने कोशिशें कीं मगर अंग्रेज़ों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया पर फिर भी संघर्ष करते भारतीयों ने कैसे इस डॉमिनेंस को तोड़ा, ये कहानी सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में सुशांत भारती से जिन्होंने इस टॉपिक पर किताब भी लिखी है.]]></itunes:summary><itunes:duration>4244</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b00e7966cccaba522adbe4d7da62e574.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>खोई हुई नदियों को खोज निकालना क्यों ज़रूरी है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 110</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kho-i-hu-i-nadiyom-ko-khoja-nikalana-kyom-zaruri-hai-parhaku-nitina-ep-110--56578596</link><description><![CDATA[नदियों से जीवन है. दुनिया की सारी बड़ी सभ्यताएं नदी किनारे पैदा हुईं, मगर हमने नदियों के साथ क्या किया? या तो अपने इग्नोरेंस से उन्हें खत्म कर दिया या फिर उन्हें प्रदूषण से बीमार करके खुद दूर हो गए. नदियों की ज़रूरत अभी हमें ठीक से समझ नहीं आ रही, जबकि कोशिश होनी चाहिए पुरानी नदियों को जिला लेने की. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार मिलिए रिवर मैन ऑफ इंडिया रमन कांत त्यागी को.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56578596</guid><pubDate>Thu, 24 Aug 2023 14:53:19 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56578596/24_aug_23_pn_24_aug_rivers_128.mp3" length="67979807" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नदियों से जीवन है. दुनिया की सारी बड़ी सभ्यताएं नदी किनारे पैदा हुईं, मगर हमने नदियों के साथ क्या किया? या तो अपने इग्नोरेंस से उन्हें खत्म कर दिया या फिर उन्हें प्रदूषण से बीमार करके खुद दूर हो गए. नदियों की ज़रूरत अभी हमें ठीक से समझ नहीं आ रही,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नदियों से जीवन है. दुनिया की सारी बड़ी सभ्यताएं नदी किनारे पैदा हुईं, मगर हमने नदियों के साथ क्या किया? या तो अपने इग्नोरेंस से उन्हें खत्म कर दिया या फिर उन्हें प्रदूषण से बीमार करके खुद दूर हो गए. नदियों की ज़रूरत अभी हमें ठीक से समझ नहीं आ रही, जबकि कोशिश होनी चाहिए पुरानी नदियों को जिला लेने की. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार मिलिए रिवर मैन ऑफ इंडिया रमन कांत त्यागी को.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4249</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a84548435fc9ec73630acccc4dee816e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दलेर मेहंदी की किस ज़िद पर अमिताभ बच्चन हैरान रह गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 109</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dalera-mehandi-ki-kisa-zida-para-amitabha-baccana-hairana-raha-ga-e-parhaku-nitina-ep-109--56503911</link><description><![CDATA[नब्बे के दशक में दलेर मेहंदी ने पंजाबी गीत संगीत को वो उठान दी कि उनका नाम देश विदेश में फैल गया. इंडी पॉप के वो सबसे चमकते सितारे थे. दशक भर तक उन्होंने अपनी एलबम्स के ज़रिए राज किया और फिर फिल्मी गीत भी गाए. उनकी कंट्रोवर्सीज़ से मुठभेड़ हम सभी ने देखी है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में दलेर मेहंदी के सफर और संघर्ष पर बड़ा खुलकर बात हुई.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56503911</guid><pubDate>Thu, 17 Aug 2023 17:52:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56503911/17_aug_23_pn_daler_17_aug_128.mp3" length="61530697" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नब्बे के दशक में दलेर मेहंदी ने पंजाबी गीत संगीत को वो उठान दी कि उनका नाम देश विदेश में फैल गया. इंडी पॉप के वो सबसे चमकते सितारे थे. दशक भर तक उन्होंने अपनी एलबम्स के ज़रिए राज किया और फिर फिल्मी गीत भी गाए. उनकी कंट्रोवर्सीज़ से मुठभेड़ हम सभी ने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नब्बे के दशक में दलेर मेहंदी ने पंजाबी गीत संगीत को वो उठान दी कि उनका नाम देश विदेश में फैल गया. इंडी पॉप के वो सबसे चमकते सितारे थे. दशक भर तक उन्होंने अपनी एलबम्स के ज़रिए राज किया और फिर फिल्मी गीत भी गाए. उनकी कंट्रोवर्सीज़ से मुठभेड़ हम सभी ने देखी है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में दलेर मेहंदी के सफर और संघर्ष पर बड़ा खुलकर बात हुई.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3846</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2c81df33d44bcf1d28b9fc3590995292.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इस्लाम के दक़ियानूसी हिस्सों की सर्जरी कौन करेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 108</title><link>https://www.spreaker.com/episode/islama-ke-daqiyanusi-his-som-ki-sarjari-kauna-karega-parhaku-nitina-ep-108--56426177</link><description><![CDATA[इस्लाम 1400 साल पुराना मज़हब है. धारणा ये है कि जो इस्लाम में पहले कहा गया वही आज तक चला आ रहा है, जबकि ये पूरा सच नहीं.'इज़्तिहाद' नाम की टर्म को अगर आप डीकोड करने चलें तो एक ऐसी राह से रूबरू होंगे जो मुसलमानों को इंडिपेंडेंट थिंकिंग की तरफ ले जाती है. हमने 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार यही टॉपिक छेड़ा है, और हमारे मेहमान हैं साइंस एंड मॉर्डन पॉलिटिकल हिस्ट्री के इतिहासकार सैयद इरफ़ान हबीब.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56426177</guid><pubDate>Thu, 10 Aug 2023 18:05:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56426177/10_aug_23_pn_10_aug_128.mp3" length="78724284" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>इस्लाम 1400 साल पुराना मज़हब है. धारणा ये है कि जो इस्लाम में पहले कहा गया वही आज तक चला आ रहा है, जबकि ये पूरा सच नहीं.'इज़्तिहाद' नाम की टर्म को अगर आप डीकोड करने चलें तो एक ऐसी राह से रूबरू होंगे जो मुसलमानों को इंडिपेंडेंट थिंकिंग की तरफ ले जाती...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[इस्लाम 1400 साल पुराना मज़हब है. धारणा ये है कि जो इस्लाम में पहले कहा गया वही आज तक चला आ रहा है, जबकि ये पूरा सच नहीं.'इज़्तिहाद' नाम की टर्म को अगर आप डीकोड करने चलें तो एक ऐसी राह से रूबरू होंगे जो मुसलमानों को इंडिपेंडेंट थिंकिंग की तरफ ले जाती है. हमने 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार यही टॉपिक छेड़ा है, और हमारे मेहमान हैं साइंस एंड मॉर्डन पॉलिटिकल हिस्ट्री के इतिहासकार सैयद इरफ़ान हबीब.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4921</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/65de524334ace156b7bd179d7f1468f0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चांद पर कैसी दिखेंगी इंसानी बस्तियां?: पढ़ाकू नितिन, Ep 107</title><link>https://www.spreaker.com/episode/canda-para-kaisi-dikhengi-insani-bastiyam-parhaku-nitina-ep-107--56358324</link><description><![CDATA[चांद मामा भी है और महबूब भी, दुनिया के लिए मिशन भी. कभी पांव रखना जहां मुश्किल था आज वहां इंसानों की आवाजाही है. उसे दूसरी धरती बनाने की कोशिश है. लोगों में चांद को लेकर सवाल हैं, उत्सुकता है और ढेरों महत्वाकांक्षाएं भी. 'पढ़ाकू नितिन' में आजतक रेडियो के साइंस रिपोर्टर रिचीक मिश्रा ने चांद को लेकर ढेरों सवालों के जवाब दिए हैं. सुनकर बताइए कैसा लगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56358324</guid><pubDate>Thu, 03 Aug 2023 16:56:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56358324/03_aug_23_pn_3_aug_128.mp3" length="82811089" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चांद मामा भी है और महबूब भी, दुनिया के लिए मिशन भी. कभी पांव रखना जहां मुश्किल था आज वहां इंसानों की आवाजाही है. उसे दूसरी धरती बनाने की कोशिश है. लोगों में चांद को लेकर सवाल हैं, उत्सुकता है और ढेरों महत्वाकांक्षाएं भी. 'पढ़ाकू नितिन' में आजतक रेडियो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चांद मामा भी है और महबूब भी, दुनिया के लिए मिशन भी. कभी पांव रखना जहां मुश्किल था आज वहां इंसानों की आवाजाही है. उसे दूसरी धरती बनाने की कोशिश है. लोगों में चांद को लेकर सवाल हैं, उत्सुकता है और ढेरों महत्वाकांक्षाएं भी. 'पढ़ाकू नितिन' में आजतक रेडियो के साइंस रिपोर्टर रिचीक मिश्रा ने चांद को लेकर ढेरों सवालों के जवाब दिए हैं. सुनकर बताइए कैसा लगा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5176</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6e9a3bf71377bc85dd792d310dfb066f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मणिपुर में हर घर हथियार के लिए ज़िम्मेदार कौन?: पढ़ाकू नितिन, Ep 106</title><link>https://www.spreaker.com/episode/manipura-mem-hara-ghara-hathiyara-ke-li-e-zim-medara-kauna-parhaku-nitina-ep-106--56249728</link><description><![CDATA[मणिपुर लंबे वक्त तक एक डिस्टर्ब स्टेट रहा. कारण भले अलग हों मगर आज भी है. हालिया कॉन्फ्लिक्ट की कई परतें हैं और सभी को एक एक कर उघाड़ने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर कौशिक डेका.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56249728</guid><pubDate>Thu, 27 Jul 2023 16:43:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56249728/27_jul_23_pn_27_july_j_manipur_mix_128.mp3" length="51031980" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मणिपुर लंबे वक्त तक एक डिस्टर्ब स्टेट रहा. कारण भले अलग हों मगर आज भी है. हालिया कॉन्फ्लिक्ट की कई परतें हैं और सभी को एक एक कर उघाड़ने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर कौशिक डेका.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मणिपुर लंबे वक्त तक एक डिस्टर्ब स्टेट रहा. कारण भले अलग हों मगर आज भी है. हालिया कॉन्फ्लिक्ट की कई परतें हैं और सभी को एक एक कर उघाड़ने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर कौशिक डेका.]]></itunes:summary><itunes:duration>3190</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4d4e2480820f5ced24c4cdd17b4d7ad4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>JNU की वो दुनिया देखिए जिसे आप नहीं जानते: पढ़ाकू नितिन, Ep 105</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jnu-ki-vo-duniya-dekhi-e-jise-apa-nahim-janate-parhaku-nitina-ep-105--56169423</link><description><![CDATA[देश में कुछ ही कॉलेज-यूनिवर्सिटी हैं जिनकी चर्चा खूब होती है. JNU इन्हीं में से एक है. इसके कैंपस में ना विवादों की कमी है ना कहानियों की. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं जेएनयू से दो दशकों तक जुड़े रहे और अब अमेरिका में पढ़ रहे जे सुशील. उनसे सुनिए इस यूनिवर्सिटी से जुड़े किस्से कहानी और यादें. <br /><br /> Opening music credit: Dub Sharma<br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56169423</guid><pubDate>Thu, 20 Jul 2023 17:13:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56169423/20_jul_23_pn_20_july_j_sushil_mix_128.mp3" length="100113345" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>देश में कुछ ही कॉलेज-यूनिवर्सिटी हैं जिनकी चर्चा खूब होती है. JNU इन्हीं में से एक है. इसके कैंपस में ना विवादों की कमी है ना कहानियों की. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं जेएनयू से दो दशकों तक जुड़े रहे और अब अमेरिका में पढ़ रहे जे सुशील. उनसे सुनिए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[देश में कुछ ही कॉलेज-यूनिवर्सिटी हैं जिनकी चर्चा खूब होती है. JNU इन्हीं में से एक है. इसके कैंपस में ना विवादों की कमी है ना कहानियों की. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं जेएनयू से दो दशकों तक जुड़े रहे और अब अमेरिका में पढ़ रहे जे सुशील. उनसे सुनिए इस यूनिवर्सिटी से जुड़े किस्से कहानी और यादें. <br /><br /> Opening music credit: Dub Sharma<br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6258</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/037879ec452d8e96611e506c8d6b652c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड वो सपना है जो कभी पूरा हो नहीं सकता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 104</title><link>https://www.spreaker.com/episode/yuniforma-sivila-koda-vo-sapana-hai-jo-kabhi-pura-ho-nahim-sakata-parhaku-nitina-ep-104--56089191</link><description><![CDATA[कॉमन सिविल कोड का शोर पुराना है इसलिए ये विवाद सदाबहार है. संविधान बनाने वालों ने चाहा था कि ये आए, सत्तारूढ़ दल चाह रहा है कि आए, ज़्यादातर लोग चाह रहे हैं कि आ ही जाए मगर ये लागू होती क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब 'पढ़ाकू नितिन' में देने आईं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में लीगल हिस्ट्री पढ़ानेवालीं डॉ सौम्या सक्सेना.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56089191</guid><pubDate>Thu, 13 Jul 2023 15:16:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56089191/13_jul_23_pn_13_july_128.mp3" length="80893910" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कॉमन सिविल कोड का शोर पुराना है इसलिए ये विवाद सदाबहार है. संविधान बनाने वालों ने चाहा था कि ये आए, सत्तारूढ़ दल चाह रहा है कि आए, ज़्यादातर लोग चाह रहे हैं कि आ ही जाए मगर ये लागू होती क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब 'पढ़ाकू नितिन' में देने आईं कैंब्रिज...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कॉमन सिविल कोड का शोर पुराना है इसलिए ये विवाद सदाबहार है. संविधान बनाने वालों ने चाहा था कि ये आए, सत्तारूढ़ दल चाह रहा है कि आए, ज़्यादातर लोग चाह रहे हैं कि आ ही जाए मगर ये लागू होती क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब 'पढ़ाकू नितिन' में देने आईं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में लीगल हिस्ट्री पढ़ानेवालीं डॉ सौम्या सक्सेना.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5056</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d5a64881d0680f96356422de6571cbe4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अंडरवर्ल्ड के वो राज़ जिन पर कोई बात नहीं करता: पढ़ाकू नितिन, Ep 103</title><link>https://www.spreaker.com/episode/andaravarlda-ke-vo-raza-jina-para-ko-i-bata-nahim-karata-parhaku-nitina-ep-103--56012791</link><description><![CDATA[अंडरवर्ल्ड के तौर तरीके अब बदल चुके हैं, चेहरे भी और तेवर भी. नए गैंगस्टर अपने साथ नए रंग ढंग लाए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में डेढ़ दशकों से क्राइम रिपोर्टिंग करते रहे अरविंद ओझा से सुनेंगे छोटा शकील से लेकर गोल्डी बरार तक से उनके इंटरव्यू के क़िस्से और अपराध की दुनिया से जुड़े वो सच भी जो आपको हर कोई नहीं बताएगा.<br /><br />  Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/56012791</guid><pubDate>Thu, 06 Jul 2023 12:05:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/56012791/06_jul_23_pn_6_july_arvind_ojha_mix_128.mp3" length="72762932" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अंडरवर्ल्ड के तौर तरीके अब बदल चुके हैं, चेहरे भी और तेवर भी. नए गैंगस्टर अपने साथ नए रंग ढंग लाए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में डेढ़ दशकों से क्राइम रिपोर्टिंग करते रहे अरविंद ओझा से सुनेंगे छोटा शकील से लेकर गोल्डी बरार तक से उनके इंटरव्यू के क़िस्से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अंडरवर्ल्ड के तौर तरीके अब बदल चुके हैं, चेहरे भी और तेवर भी. नए गैंगस्टर अपने साथ नए रंग ढंग लाए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में डेढ़ दशकों से क्राइम रिपोर्टिंग करते रहे अरविंद ओझा से सुनेंगे छोटा शकील से लेकर गोल्डी बरार तक से उनके इंटरव्यू के क़िस्से और अपराध की दुनिया से जुड़े वो सच भी जो आपको हर कोई नहीं बताएगा.<br /><br />  Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4548</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/cda0f0db6114e205cd3f432cca02754c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>गीता प्रेस के महात्मा गांधी से रिश्ते क्यों बिगड़ गए थे?: पढ़ाकू नितिन, EP 102</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gita-presa-ke-mahatma-gandhi-se-riste-kyom-bigara-ga-e-the-parhaku-nitina-ep-102--55519849</link><description><![CDATA[गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार का एलान होते ही हंगामा बरपा है. जितने लोग सम्मान देने के पक्ष में हैं, उतने ही विरोध में. 'पढ़ाकू नितिन' में गीता प्रेस के इतिहास, गांधी से रिश्ते, भारतीय जनमानस के निर्माण में उसके रोल पर बात की गई है. बात करने के लिए इस बार मेहमान थे अक्षय मुकुल जिन्होंने गीता प्रेस पर कई साल पहले एक शानदार शोधपरक किताब लिखी है जिसकी चर्चा अक्सर होती रहती है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/55519849</guid><pubDate>Thu, 29 Jun 2023 15:33:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/55519849/29_jun_23_pn_geeta_press_mix_29_june_128.mp3" length="74855235" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार का एलान होते ही हंगामा बरपा है. जितने लोग सम्मान देने के पक्ष में हैं, उतने ही विरोध में. 'पढ़ाकू नितिन' में गीता प्रेस के इतिहास, गांधी से रिश्ते, भारतीय जनमानस के निर्माण में उसके रोल पर बात की गई है. बात करने के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार का एलान होते ही हंगामा बरपा है. जितने लोग सम्मान देने के पक्ष में हैं, उतने ही विरोध में. 'पढ़ाकू नितिन' में गीता प्रेस के इतिहास, गांधी से रिश्ते, भारतीय जनमानस के निर्माण में उसके रोल पर बात की गई है. बात करने के लिए इस बार मेहमान थे अक्षय मुकुल जिन्होंने गीता प्रेस पर कई साल पहले एक शानदार शोधपरक किताब लिखी है जिसकी चर्चा अक्सर होती रहती है.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4679</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/323a1cf461f387ec7e467799c5abe727.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल अब कहां हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 101</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nagaraja-dhruva-doga-bhokala-aba-kaham-haim-parhaku-nitina-ep-101--54826872</link><description><![CDATA[हमारे बचपन के दोस्त सिर्फ रिंकू, चिंटू, पिंकू नहीं थे बल्कि नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल भी थे. गर्मी की छुट्टियों में इनकी संगत खूब होती थी और स्कूल खुलते तो पीछे की बेंच पर छिपकर मुलाकाते चलतीं. ये दोस्त अब दिखते नहीं या कम दिखते हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में राज कॉमिक्स के को प्रोड्यूसर संजय गुप्ता आ रहे हैं और अपने साथ ला रहे हैं इन सुपरहीरोज़ की दुनिया.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54826872</guid><pubDate>Thu, 22 Jun 2023 16:32:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54826872/22_jun_23_padhaku_nitin_raj_comics_22_june_mix_128.mp3" length="78070595" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हमारे बचपन के दोस्त सिर्फ रिंकू, चिंटू, पिंकू नहीं थे बल्कि नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल भी थे. गर्मी की छुट्टियों में इनकी संगत खूब होती थी और स्कूल खुलते तो पीछे की बेंच पर छिपकर मुलाकाते चलतीं. ये दोस्त अब दिखते नहीं या कम दिखते हैं. इस बार 'पढ़ाकू...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हमारे बचपन के दोस्त सिर्फ रिंकू, चिंटू, पिंकू नहीं थे बल्कि नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल भी थे. गर्मी की छुट्टियों में इनकी संगत खूब होती थी और स्कूल खुलते तो पीछे की बेंच पर छिपकर मुलाकाते चलतीं. ये दोस्त अब दिखते नहीं या कम दिखते हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में राज कॉमिक्स के को प्रोड्यूसर संजय गुप्ता आ रहे हैं और अपने साथ ला रहे हैं इन सुपरहीरोज़ की दुनिया.]]></itunes:summary><itunes:duration>4880</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c7198675a507ec0b927a0b977eecd97f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>गिटार वालों में कितनी ज़रूरी है छटपटाहट?: पढ़ाकू नितिन, Ep 100 Feat. Rabbi Shergill</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gitara-valom-mem-kitani-zaruri-hai-chatapatahata-parhaku-nitina-ep-100-feat-rabbi-shergill--54447773</link><description><![CDATA[पढ़ाकू नितिन सौवें ऐपीसोड के पड़ाव तक आ पहुंचा है. अब मौका ख़ास था तो मेहमान को ख़ास होना ही था. हमने पुकारा सिंगर और म्यूज़िशियन रब्बी शेरगिल को. पढ़ाकू नितिन में रब्बी ने दिल्ली, दिल, गीत, हवा, AI, दोस्तों से लेकर दुनिया जहान की बातें छेड़ीं. आइए इस छोटी सी सैर पर निकलें.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54447773</guid><pubDate>Thu, 15 Jun 2023 16:49:51 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54447773/15_jun_23_pn_15_june_rabbi_shergill_128.mp3" length="161288359" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पढ़ाकू नितिन सौवें ऐपीसोड के पड़ाव तक आ पहुंचा है. अब मौका ख़ास था तो मेहमान को ख़ास होना ही था. हमने पुकारा सिंगर और म्यूज़िशियन रब्बी शेरगिल को. पढ़ाकू नितिन में रब्बी ने दिल्ली, दिल, गीत, हवा, AI, दोस्तों से लेकर दुनिया जहान की बातें छेड़ीं. आइए इस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पढ़ाकू नितिन सौवें ऐपीसोड के पड़ाव तक आ पहुंचा है. अब मौका ख़ास था तो मेहमान को ख़ास होना ही था. हमने पुकारा सिंगर और म्यूज़िशियन रब्बी शेरगिल को. पढ़ाकू नितिन में रब्बी ने दिल्ली, दिल, गीत, हवा, AI, दोस्तों से लेकर दुनिया जहान की बातें छेड़ीं. आइए इस छोटी सी सैर पर निकलें.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>10081</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c57ab5098a948e10eb69faa960fa0201.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अमेरिका ने 13 देशों को साथ जोड़कर क्या मिसाल कायम की?: पढ़ाकू नितिन, Ep 99</title><link>https://www.spreaker.com/episode/amerika-ne-13-desom-ko-satha-jorakara-kya-misala-kayama-ki-parhaku-nitina-ep-99--54141770</link><description><![CDATA[अमेरिका का सिक्का दुनिया में चलता है. उससे होड़ लेने वाले भी मानते हैं कि उसे पछाड़ना सबसे मुश्किल है. दुनिया के लगभग हर कूटनीतिक मामले में वो समस्या या समाधान बनकर खड़ा है. यही वजह है कि उसके सियासी तंत्र की बारीकी समझना सबके लिए ज़रूरी है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में हमने अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान से बात की और अमेरिकी तंत्र के हर पहलू को समझा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54141770</guid><pubDate>Thu, 08 Jun 2023 18:16:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54141770/08_jun_23_pn_8_june_128.mp3" length="101585815" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिका का सिक्का दुनिया में चलता है. उससे होड़ लेने वाले भी मानते हैं कि उसे पछाड़ना सबसे मुश्किल है. दुनिया के लगभग हर कूटनीतिक मामले में वो समस्या या समाधान बनकर खड़ा है. यही वजह है कि उसके सियासी तंत्र की बारीकी समझना सबके लिए ज़रूरी है. 'पढ़ाकू...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिका का सिक्का दुनिया में चलता है. उससे होड़ लेने वाले भी मानते हैं कि उसे पछाड़ना सबसे मुश्किल है. दुनिया के लगभग हर कूटनीतिक मामले में वो समस्या या समाधान बनकर खड़ा है. यही वजह है कि उसके सियासी तंत्र की बारीकी समझना सबके लिए ज़रूरी है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में हमने अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान से बात की और अमेरिकी तंत्र के हर पहलू को समझा.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6350</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/298fba74de9195d71674e88147fb5c1a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सेंगोल वाले चोल डेढ़ हज़ार सालों तक देश-दुनिया पर राज कैसे कर पाए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 98</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sengola-vale-cola-derha-hazara-salom-taka-desa-duniya-para-raja-kaise-kara-pa-e-parhaku-nitina-ep-98--54068561</link><description><![CDATA[चोलों को लेकर उपन्यास लिखे गए, फिल्म बनीं और अब उनकी परंपरा सरकारें निभा रही हैं. दक्षिण हिंदुस्तान के सबसे ताकतवर राजवंश की शुरूआत कैसे हुई, गिर कर वो कैसे उभरे, उनका धर्म क्या था, राजकाज कैसे चलाते थे, परंपराएं क्या थीं और कहां तक उनका बोलबाला रहा ये सब अचानक लोगों में दिलचस्पी जगाने लगा है. इस बार पढ़ाकू नितिन में यही सब बताने आई हैं प्रो डॉ एस चांदनीबी.  इतिहासकार चांदनीबी ने तीन दशकों तक चोलों पर गहरा रिसर्च किया है और उनके किए गए शोध पर दुनिया भरोसा करती है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/54068561</guid><pubDate>Thu, 01 Jun 2023 18:29:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/54068561/02_jun_23_pn_chola_mix_june_1_redone_128.mp3" length="108707422" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चोलों को लेकर उपन्यास लिखे गए, फिल्म बनीं और अब उनकी परंपरा सरकारें निभा रही हैं. दक्षिण हिंदुस्तान के सबसे ताकतवर राजवंश की शुरूआत कैसे हुई, गिर कर वो कैसे उभरे, उनका धर्म क्या था, राजकाज कैसे चलाते थे, परंपराएं क्या थीं और कहां तक उनका बोलबाला रहा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चोलों को लेकर उपन्यास लिखे गए, फिल्म बनीं और अब उनकी परंपरा सरकारें निभा रही हैं. दक्षिण हिंदुस्तान के सबसे ताकतवर राजवंश की शुरूआत कैसे हुई, गिर कर वो कैसे उभरे, उनका धर्म क्या था, राजकाज कैसे चलाते थे, परंपराएं क्या थीं और कहां तक उनका बोलबाला रहा ये सब अचानक लोगों में दिलचस्पी जगाने लगा है. इस बार पढ़ाकू नितिन में यही सब बताने आई हैं प्रो डॉ एस चांदनीबी.  इतिहासकार चांदनीबी ने तीन दशकों तक चोलों पर गहरा रिसर्च किया है और उनके किए गए शोध पर दुनिया भरोसा करती है.]]></itunes:summary><itunes:duration>6795</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f5ba0debec104687e1313fe2618c8b70.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जंगल की जादुई दुनिया के किस्से जो आपने नहीं सुने: पढ़ाकू नितिन, Ep 97</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jangala-ki-jadu-i-duniya-ke-kis-se-jo-apane-nahim-sune-parhaku-nitina-ep-97--53999680</link><description><![CDATA[पेड़ बोलते भी हैं, दुश्मन पर हमला करते हैं, चलते फिरते भी हैं. और तो और कीट-पतंगों को खा भी जाते हैं. कितने ही असाध्य रोगों का इलाज करते हैं. ये दुनिया वो है जहां आप अब तक शायद प्रवेश ना कर सके हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए डॉ दीपक आचार्य से दिलचस्प कहानियां उन जंगलों, आदिवासी, पेड़-पौधों की जहां तक आप कभी गए नहीं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53999680</guid><pubDate>Thu, 25 May 2023 18:00:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53999680/25_may_23_pn_nature_128.mp3" length="83644081" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पेड़ बोलते भी हैं, दुश्मन पर हमला करते हैं, चलते फिरते भी हैं. और तो और कीट-पतंगों को खा भी जाते हैं. कितने ही असाध्य रोगों का इलाज करते हैं. ये दुनिया वो है जहां आप अब तक शायद प्रवेश ना कर सके हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए डॉ दीपक आचार्य से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पेड़ बोलते भी हैं, दुश्मन पर हमला करते हैं, चलते फिरते भी हैं. और तो और कीट-पतंगों को खा भी जाते हैं. कितने ही असाध्य रोगों का इलाज करते हैं. ये दुनिया वो है जहां आप अब तक शायद प्रवेश ना कर सके हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए डॉ दीपक आचार्य से दिलचस्प कहानियां उन जंगलों, आदिवासी, पेड़-पौधों की जहां तक आप कभी गए नहीं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5228</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/93e399903b4ff53c4ee7ec32f9bb165a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कोहिनूर की मनहूसियत ने क्या साम्राज्यों को बर्बाद कर दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 96</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kohinura-ki-manahusiyata-ne-kya-samrajyom-ko-barbada-kara-diya-parhaku-nitina-ep-96--53922197</link><description><![CDATA[हीरों से आकर्षण कोई नई बात नहीं. हीरा अगर कोहिनूर हो तो मामला और ख़ास हो जाता है. शासकों की इस नायाब हीरे से मोहब्बत और इससे जुड़ी मनहूसियत की कहानियां बहुत दिलचस्प हैं. हिंदुस्तान की गोद से निकला ये हीरा आजकल टावर ऑफ लंदन में रखा है, लेकिन उसका ये सफ़र बेहद जटिल, रहस्यमयी, धोखे, कपट और लालच से भरा था. पढ़ाकू नितिन में यही कहानियां इतिहासकार और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मानवेंद्र कुमार पुण्डीर से सुनेंगे. एक बार सुनिए तो आप भी उनकी क़िस्सागोई के मुरीद हो जाएंगे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53922197</guid><pubDate>Thu, 18 May 2023 18:14:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53922197/18_may_23_pn_kohinoor_18_may_128.mp3" length="65791791" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हीरों से आकर्षण कोई नई बात नहीं. हीरा अगर कोहिनूर हो तो मामला और ख़ास हो जाता है. शासकों की इस नायाब हीरे से मोहब्बत और इससे जुड़ी मनहूसियत की कहानियां बहुत दिलचस्प हैं. हिंदुस्तान की गोद से निकला ये हीरा आजकल टावर ऑफ लंदन में रखा है, लेकिन उसका ये...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हीरों से आकर्षण कोई नई बात नहीं. हीरा अगर कोहिनूर हो तो मामला और ख़ास हो जाता है. शासकों की इस नायाब हीरे से मोहब्बत और इससे जुड़ी मनहूसियत की कहानियां बहुत दिलचस्प हैं. हिंदुस्तान की गोद से निकला ये हीरा आजकल टावर ऑफ लंदन में रखा है, लेकिन उसका ये सफ़र बेहद जटिल, रहस्यमयी, धोखे, कपट और लालच से भरा था. पढ़ाकू नितिन में यही कहानियां इतिहासकार और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मानवेंद्र कुमार पुण्डीर से सुनेंगे. एक बार सुनिए तो आप भी उनकी क़िस्सागोई के मुरीद हो जाएंगे.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4112</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3ce3adc117107815301078c8ac53c59a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पाकिस्तानी आर्मी का सबसे बड़ा डर क्या है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 95</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistani-armi-ka-sabase-bara-dara-kya-hai-parhaku-nitina-ep-95--53823419</link><description><![CDATA[पाकिस्तान में हालात फिर से नासाज़ हैं. पहली बार पाकिस्तान के आम लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर्स पर पत्थर फेंकते देखा गया. किसी पूर्व पीएम को हाईकोर्ट से गिरफ्तार होते भी पहली बार देखा गया. ये भी पहली बार देखा गया कि 48 घंटों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रिहाई दे दी. बावजूद इसके पाकिस्तान में सब कुछ ठीक नहीं है. सरकार विपक्ष से टकरा रही है. विपक्ष सेना से टकरा रहा है. सेना न्यायपालिका को तेवर दिखा रही है. इस कॉम्प्लिकेशन को सरलता से समझने के लिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने न्यौता दिया साउथ एशियन स्टडीज़ के प्रो एस डी मुनि को.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53823419</guid><pubDate>Thu, 11 May 2023 15:25:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53823419/11_may_23_pn_sd_muni_11_may_128.mp3" length="55361201" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाकिस्तान में हालात फिर से नासाज़ हैं. पहली बार पाकिस्तान के आम लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर्स पर पत्थर फेंकते देखा गया. किसी पूर्व पीएम को हाईकोर्ट से गिरफ्तार होते भी पहली बार देखा गया. ये भी पहली बार देखा गया कि 48 घंटों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाकिस्तान में हालात फिर से नासाज़ हैं. पहली बार पाकिस्तान के आम लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर्स पर पत्थर फेंकते देखा गया. किसी पूर्व पीएम को हाईकोर्ट से गिरफ्तार होते भी पहली बार देखा गया. ये भी पहली बार देखा गया कि 48 घंटों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रिहाई दे दी. बावजूद इसके पाकिस्तान में सब कुछ ठीक नहीं है. सरकार विपक्ष से टकरा रही है. विपक्ष सेना से टकरा रहा है. सेना न्यायपालिका को तेवर दिखा रही है. इस कॉम्प्लिकेशन को सरलता से समझने के लिए पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने न्यौता दिया साउथ एशियन स्टडीज़ के प्रो एस डी मुनि को.]]></itunes:summary><itunes:duration>3461</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9b7b1706af04dbb91a4858774257786a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी जगदीशचंद्र बोस को नोबेल क्यों नहीं मिला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 94</title><link>https://www.spreaker.com/episode/duniya-badala-denevali-khoja-karake-bhi-jagadisacandra-bosa-ko-nobela-kyom-nahim-mila-parhaku-nitina-ep-94--53743025</link><description><![CDATA[साइंस बहुत लोगों को बोर लगता है मगर हम चारों तरफ साइंस से घिरे हैं. इसके बावजूद साइंटिस्ट हमारे हीरो नहीं हैं!! जगदीशचंद्र बोस भारत में आधुनिक विज्ञान के जनक माने जाते हैं लेकिन खुद से पूछिए कि आप उनके काम को कितना जानते हैं या आप उन्हें कितना जानते हैं??? बेहद दिलचस्प जीवन जीकर और दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी बोस पॉपुलर कल्चर का हिस्सा नहीं हो सके. ये जितना दुखद है उतना ही विचारणीय भी. आज के पढ़ाकू नितिन में साइंटिस्ट और लेखक डॉ मेहर वान उन्हीं जगदीश चंद्र बोस के किस्से सुना रहे हैं जिन्होंने अगर ज़िद ना ठानी होती तो शायद दो-दो नोबेल जीते होते.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53743025</guid><pubDate>Thu, 04 May 2023 18:17:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53743025/04_may_23_pn_mix_re_4_may_128.mp3" length="109799967" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>साइंस बहुत लोगों को बोर लगता है मगर हम चारों तरफ साइंस से घिरे हैं. इसके बावजूद साइंटिस्ट हमारे हीरो नहीं हैं!! जगदीशचंद्र बोस भारत में आधुनिक विज्ञान के जनक माने जाते हैं लेकिन खुद से पूछिए कि आप उनके काम को कितना जानते हैं या आप उन्हें कितना जानते...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[साइंस बहुत लोगों को बोर लगता है मगर हम चारों तरफ साइंस से घिरे हैं. इसके बावजूद साइंटिस्ट हमारे हीरो नहीं हैं!! जगदीशचंद्र बोस भारत में आधुनिक विज्ञान के जनक माने जाते हैं लेकिन खुद से पूछिए कि आप उनके काम को कितना जानते हैं या आप उन्हें कितना जानते हैं??? बेहद दिलचस्प जीवन जीकर और दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी बोस पॉपुलर कल्चर का हिस्सा नहीं हो सके. ये जितना दुखद है उतना ही विचारणीय भी. आज के पढ़ाकू नितिन में साइंटिस्ट और लेखक डॉ मेहर वान उन्हीं जगदीश चंद्र बोस के किस्से सुना रहे हैं जिन्होंने अगर ज़िद ना ठानी होती तो शायद दो-दो नोबेल जीते होते.]]></itunes:summary><itunes:duration>6863</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/98cc870ee307343a9fea43624c34a669.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंटरनेट के ठगों से ज़्यादा स्मार्ट बनने के टिप्स: पढ़ाकू नितिन, Ep 93</title><link>https://www.spreaker.com/episode/intaraneta-ke-thagom-se-zyada-smarta-banane-ke-tipsa-parhaku-nitina-ep-93--53667312</link><description><![CDATA[किसी को इंटरनेट की लॉटरी पाने के चक्कर में जेल जाना पड़ा तो किसी को इंटरनेट की दोस्ती में ज़िंदगी भर का पैसा गंवाना पड़ा. अब इंटरनेट का इस्तेमाल तो छोड़ नहीं सकते, फिर साइबर फ्रॉड्स से बचने का उपाय क्या है? सारे उपाय 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिए उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार और लेखक ओपी मनोचा से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53667312</guid><pubDate>Thu, 27 Apr 2023 16:00:53 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53667312/27_apr_23_pn_27_april_128.mp3" length="42319203" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>किसी को इंटरनेट की लॉटरी पाने के चक्कर में जेल जाना पड़ा तो किसी को इंटरनेट की दोस्ती में ज़िंदगी भर का पैसा गंवाना पड़ा. अब इंटरनेट का इस्तेमाल तो छोड़ नहीं सकते, फिर साइबर फ्रॉड्स से बचने का उपाय क्या है? सारे उपाय 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[किसी को इंटरनेट की लॉटरी पाने के चक्कर में जेल जाना पड़ा तो किसी को इंटरनेट की दोस्ती में ज़िंदगी भर का पैसा गंवाना पड़ा. अब इंटरनेट का इस्तेमाल तो छोड़ नहीं सकते, फिर साइबर फ्रॉड्स से बचने का उपाय क्या है? सारे उपाय 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिए उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार और लेखक ओपी मनोचा से.]]></itunes:summary><itunes:duration>2645</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/70b1c8a2371f72a843b857c7f6c76830.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दाऊद क्यों मानता था यूपी के माफियाओं को खुद से खूंखार?: पढ़ाकू नितिन, Ep 92</title><link>https://www.spreaker.com/episode/da-uda-kyom-manata-tha-yupi-ke-maphiya-om-ko-khuda-se-khunkhara-parhaku-nitina-ep-92--53596480</link><description><![CDATA[अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, ब्रजेश सिंह जैसे नाम यूपी माफियाओं की लिस्ट में अव्वल हैं. इनके नाम से सूबे की सियासत और अपराध दोनों दहल रहे हैं आजतक में क्राइम के हेड अरविंद ओझा ने करीब दो दशकों तक अंडरवर्ल्ड और माफिया को कवर किया है. उन्हीं से इस पॉडकास्ट में सुनेंगे यूपी माफिया की ऐसी करतूतें जिन्हें देखकर दाऊद इब्राहीम ने भी मान लिया था कि यूपी के माफिया उससे भी खूंखार हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53596480</guid><pubDate>Thu, 20 Apr 2023 17:27:21 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53596480/20_apr_23_pn_mafia_20_april_mix_128.mp3" length="54218083" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, ब्रजेश सिंह जैसे नाम यूपी माफियाओं की लिस्ट में अव्वल हैं. इनके नाम से सूबे की सियासत और अपराध दोनों दहल रहे हैं आजतक में क्राइम के हेड अरविंद ओझा ने करीब दो दशकों तक अंडरवर्ल्ड और माफिया को कवर किया है. उन्हीं से इस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, ब्रजेश सिंह जैसे नाम यूपी माफियाओं की लिस्ट में अव्वल हैं. इनके नाम से सूबे की सियासत और अपराध दोनों दहल रहे हैं आजतक में क्राइम के हेड अरविंद ओझा ने करीब दो दशकों तक अंडरवर्ल्ड और माफिया को कवर किया है. उन्हीं से इस पॉडकास्ट में सुनेंगे यूपी माफिया की ऐसी करतूतें जिन्हें देखकर दाऊद इब्राहीम ने भी मान लिया था कि यूपी के माफिया उससे भी खूंखार हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3389</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0c2875033ee9c6e6a44bda3c5476236b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अंग्रेज़ों को एक विदेशी राजकुमारी ने सिक्किम में कैसे उलझाए रखा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 91</title><link>https://www.spreaker.com/episode/angrezom-ko-eka-videsi-rajakumari-ne-sikkima-mem-kaise-ulajha-e-rakha-parhaku-nitina-ep-91--53526104</link><description><![CDATA[भारत के इतिहास में राजा ही नहीं रानियों का भी बड़ा रोल है. प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी. उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी. इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53526104</guid><pubDate>Thu, 13 Apr 2023 15:16:00 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53526104/13_apr_23_pn_13_april_128.mp3" length="48535928" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत के इतिहास में राजा ही नहीं रानियों का भी बड़ा रोल है. प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी. उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी. इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत के इतिहास में राजा ही नहीं रानियों का भी बड़ा रोल है. प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी. उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी. इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां.]]></itunes:summary><itunes:duration>3034</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a141818de6e242b57ae387b38dc4c539.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>झांसी की रानी के किस सवाल का जवाब नहीं दे सके थे अंग्रेज़? :पढ़ाकू नितिन, Ep 90</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jhansi-ki-rani-ke-kisa-savala-ka-javaba-nahim-de-sake-the-angreza-parhaku-nitina-ep-90--53464296</link><description><![CDATA[राजाओं के इतिहास में रानियों का भी बड़ा रोल है। प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी। उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी। इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां. <br /><br /><br /><br /> नोट - पॉडकास्ट में व्यक्त किये गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53464296</guid><pubDate>Thu, 06 Apr 2023 17:58:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53464296/06_apr_23_pn_6_april_mix_part_1_128.mp3" length="70051213" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>राजाओं के इतिहास में रानियों का भी बड़ा रोल है। प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी। उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी। इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[राजाओं के इतिहास में रानियों का भी बड़ा रोल है। प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी। उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी। इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां. <br /><br /><br /><br /> नोट - पॉडकास्ट में व्यक्त किये गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>4379</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4e662329e85f000a88707cba52cf5622.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>'खालिस्तान' ने पंजाबी पॉलिटिक्स को कैसे बदल दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 89</title><link>https://www.spreaker.com/episode/khalistana-ne-panjabi-politiksa-ko-kaise-badala-diya-parhaku-nitina-ep-89--53393088</link><description><![CDATA['खालिस्तान' ने पंजाब की पॉलिटिक्स को लंबे समय तक नचाया है. भिंडरावाले से पहले और बाद में खूब रंग बदले गए. आज की सियासत के कई चेहरों का इस मूवमेंट में गहरा रोल रहा. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53393088</guid><pubDate>Thu, 30 Mar 2023 17:00:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53393088/30_mar_23_pn_30_march_khalistan_mix_part_2_128.mp3" length="68021603" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>'खालिस्तान' ने पंजाब की पॉलिटिक्स को लंबे समय तक नचाया है. भिंडरावाले से पहले और बाद में खूब रंग बदले गए. आज की सियासत के कई चेहरों का इस मूवमेंट में गहरा रोल रहा. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA['खालिस्तान' ने पंजाब की पॉलिटिक्स को लंबे समय तक नचाया है. भिंडरावाले से पहले और बाद में खूब रंग बदले गए. आज की सियासत के कई चेहरों का इस मूवमेंट में गहरा रोल रहा. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए हैं.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4252</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f72d4de4f94f2ea0d239c03533bb412f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अमृतपाल बस मोहरा है, खालिस्तान का खेल ऐसे शुरू हुआ था: पढ़ाकू नितिन, Ep 88</title><link>https://www.spreaker.com/episode/amrtapala-basa-mohara-hai-khalistana-ka-khela-aise-suru-hu-a-tha-parhaku-nitina-ep-88--53315185</link><description><![CDATA['खालिस्तान' आजकल खूब ट्रेंड में है, लेकिन ये शब्द आजकल का नहीं है और ना ही ये मूवमेंट. इसके बीज सौ साल से भी पहले पड़े थे और सच ये है कि खालिस्तान के मायने वक्त गुज़रने के साथ बदलते रहे. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53315185</guid><pubDate>Thu, 23 Mar 2023 18:27:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53315185/23_mar_23_pn_23_march_khalistan_mix_part_1_128.mp3" length="71447614" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>'खालिस्तान' आजकल खूब ट्रेंड में है, लेकिन ये शब्द आजकल का नहीं है और ना ही ये मूवमेंट. इसके बीज सौ साल से भी पहले पड़े थे और सच ये है कि खालिस्तान के मायने वक्त गुज़रने के साथ बदलते रहे. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA['खालिस्तान' आजकल खूब ट्रेंड में है, लेकिन ये शब्द आजकल का नहीं है और ना ही ये मूवमेंट. इसके बीज सौ साल से भी पहले पड़े थे और सच ये है कि खालिस्तान के मायने वक्त गुज़रने के साथ बदलते रहे. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>4466</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c92125adadbca82cb11aba7a3966fcd0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सदियों से भिड़ते मुस्लिम देशों की सुलह कराके चीन को क्या मिलेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 87</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sadiyom-se-bhirate-muslima-desom-ki-sulaha-karake-cina-ko-kya-milega-parhaku-nitina-ep-87--53227413</link><description><![CDATA[सऊदी अरब और ईरान की फ्रेंडशिप डील ने दुनिया को चौंका दिया है. इसमें चीन का जो रोल रहा वो तो और भी धमाकेदार है. सदियों से लड़ते इन देशों को दोस्ती की टेबल पर लाना आसान काम नहीं था. इन देशों की रंजिश समझने वाले ये बखूबी जानते हैं. इस बहुत कुछ बदल डालने वाली डील के ढेरों मायने हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे ने समझाया 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53227413</guid><pubDate>Thu, 16 Mar 2023 18:29:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53227413/17_mar_23_pn_iran_re_128.mp3" length="72212897" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सऊदी अरब और ईरान की फ्रेंडशिप डील ने दुनिया को चौंका दिया है. इसमें चीन का जो रोल रहा वो तो और भी धमाकेदार है. सदियों से लड़ते इन देशों को दोस्ती की टेबल पर लाना आसान काम नहीं था. इन देशों की रंजिश समझने वाले ये बखूबी जानते हैं. इस बहुत कुछ बदल डालने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सऊदी अरब और ईरान की फ्रेंडशिप डील ने दुनिया को चौंका दिया है. इसमें चीन का जो रोल रहा वो तो और भी धमाकेदार है. सदियों से लड़ते इन देशों को दोस्ती की टेबल पर लाना आसान काम नहीं था. इन देशों की रंजिश समझने वाले ये बखूबी जानते हैं. इस बहुत कुछ बदल डालने वाली डील के ढेरों मायने हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे ने समझाया 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में.]]></itunes:summary><itunes:duration>4514</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1216114f84a29b4a9541447defbf1654.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बिना डिग्री का देसी जीनियस जिसे विदेशियों ने “दूसरा न्यूटन” कहा : पढ़ाकू नितिन, Ep 86</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bina-digri-ka-desi-jiniyasa-jise-videsiyom-ne-dusara-n-yutana-kaha-parhaku-nitina-ep-86--53149850</link><description><![CDATA[हिंदुस्तान ने दुनिया को बहुत हीरे दिए। फिर हम ही उनको भूल गए। इस बार पढ़ाकू नितिन में बात ऐसे जीनियस की जिसे हमने नहीं पहचाना लेकिन पश्चिम के दिग्गजों ने गले लगाया। छोटी सी उम्र में कारनामे करके वो चला गया। डॉ मेहेर वान ने उनकी जीवनी लिखी है। सुनिए उस रहस्यमयी “दूसरे न्यूटन” की कहानी।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53149850</guid><pubDate>Thu, 09 Mar 2023 18:18:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53149850/09_mar_23_pn_ramanujan_128.mp3" length="69824679" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हिंदुस्तान ने दुनिया को बहुत हीरे दिए। फिर हम ही उनको भूल गए। इस बार पढ़ाकू नितिन में बात ऐसे जीनियस की जिसे हमने नहीं पहचाना लेकिन पश्चिम के दिग्गजों ने गले लगाया। छोटी सी उम्र में कारनामे करके वो चला गया। डॉ मेहेर वान ने उनकी जीवनी लिखी है। सुनिए उस...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हिंदुस्तान ने दुनिया को बहुत हीरे दिए। फिर हम ही उनको भूल गए। इस बार पढ़ाकू नितिन में बात ऐसे जीनियस की जिसे हमने नहीं पहचाना लेकिन पश्चिम के दिग्गजों ने गले लगाया। छोटी सी उम्र में कारनामे करके वो चला गया। डॉ मेहेर वान ने उनकी जीवनी लिखी है। सुनिए उस रहस्यमयी “दूसरे न्यूटन” की कहानी।<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4365</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6fc20e09c70d1fc3423288f3b295396c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मौलाना आज़ाद से जिन्ना चिढ़ते क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 85</title><link>https://www.spreaker.com/episode/maulana-azada-se-jinna-cirhate-kyom-the-parhaku-nitina-ep-85--53073744</link><description><![CDATA[देश के पहले एजुकेशन मिनिस्टर मौलाना आज़ाद की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही आसानी से हमने वो भुला दी. उनका परिवार अफ़ग़ानिस्तान से दिल्ली आया था और फिर मक्का चला गया था, जहां आज़ाद पैदा हुए. वो फिर भारत लौटे. यहां पढ़े, क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े, जेल गए, कांग्रेस को संभाला, जिन्ना से लड़े, अपनों से हारे और आखिरकार उस देश के पहले शिक्षामंत्री बने जिसे अखंड बनाए रखने के लिए वो बहुत जूझे. उन्हीं मौलाना आज़ाद की कहानी 'पढ़ाकू नितिन' में हमने सुनी एस इरफ़ान हबीब से जिन्होंने मौलाना की जीवनी लिखी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/53073744</guid><pubDate>Thu, 02 Mar 2023 16:52:24 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/53073744/02_mar_23_pn_kalam_azad_128.mp3" length="84754181" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>देश के पहले एजुकेशन मिनिस्टर मौलाना आज़ाद की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही आसानी से हमने वो भुला दी. उनका परिवार अफ़ग़ानिस्तान से दिल्ली आया था और फिर मक्का चला गया था, जहां आज़ाद पैदा हुए. वो फिर भारत लौटे. यहां पढ़े, क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[देश के पहले एजुकेशन मिनिस्टर मौलाना आज़ाद की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही आसानी से हमने वो भुला दी. उनका परिवार अफ़ग़ानिस्तान से दिल्ली आया था और फिर मक्का चला गया था, जहां आज़ाद पैदा हुए. वो फिर भारत लौटे. यहां पढ़े, क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े, जेल गए, कांग्रेस को संभाला, जिन्ना से लड़े, अपनों से हारे और आखिरकार उस देश के पहले शिक्षामंत्री बने जिसे अखंड बनाए रखने के लिए वो बहुत जूझे. उन्हीं मौलाना आज़ाद की कहानी 'पढ़ाकू नितिन' में हमने सुनी एस इरफ़ान हबीब से जिन्होंने मौलाना की जीवनी लिखी.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5298</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0989f699fd84c5d52a2989ce2ae72752.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>तुर्किये की इस्लामिक दुनिया में क्या जगह है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 84</title><link>https://www.spreaker.com/episode/turkiye-ki-islamika-duniya-mem-kya-jagaha-hai-parhaku-nitina-ep-84--52827481</link><description><![CDATA[तुर्किये जबरन लोगों को सेक्युलर और राष्ट्रवादी क्यों बनाना चाहता है, सरकारी दफ्तरों में कोट-पैंट क्यों ज़रूरी है, आया सोफिया को म्यूज़ियम से मस्जिद क्यों बना दिया गया, इन सारे सवालों के जवाब आपको पढ़ाकू नितिन के इस पॉडकास्ट में मिलेंगे, अंकारा में पढ़ानेवाले ओमैर अनस ने तफ्सील से तुर्की के खाने, सिनेमा और लोगों के बारे में बताया.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं<br /><br />]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52827481</guid><pubDate>Thu, 23 Feb 2023 16:45:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52827481/23_feb_23_pn_turkey_2_128.mp3" length="56421146" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तुर्किये जबरन लोगों को सेक्युलर और राष्ट्रवादी क्यों बनाना चाहता है, सरकारी दफ्तरों में कोट-पैंट क्यों ज़रूरी है, आया सोफिया को म्यूज़ियम से मस्जिद क्यों बना दिया गया, इन सारे सवालों के जवाब आपको पढ़ाकू नितिन के इस पॉडकास्ट में मिलेंगे, अंकारा में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तुर्किये जबरन लोगों को सेक्युलर और राष्ट्रवादी क्यों बनाना चाहता है, सरकारी दफ्तरों में कोट-पैंट क्यों ज़रूरी है, आया सोफिया को म्यूज़ियम से मस्जिद क्यों बना दिया गया, इन सारे सवालों के जवाब आपको पढ़ाकू नितिन के इस पॉडकास्ट में मिलेंगे, अंकारा में पढ़ानेवाले ओमैर अनस ने तफ्सील से तुर्की के खाने, सिनेमा और लोगों के बारे में बताया.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं<br /><br />]]></itunes:summary><itunes:duration>3527</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ba14a1f3b0595f72317b31ab6f2fc0ac.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मुगल राजकुमारियों से क्यों घबराया था ऑटोमन बादशाह?: पढ़ाकू नितिन, Ep 83</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mugala-rajakumariyom-se-kyom-ghabaraya-tha-otomana-badasaha-parhaku-nitina-ep-83--52756262</link><description><![CDATA[दुनिया का सबसे प्रभावशाली साम्राज्य मुगल राजकुमारियों से क्यों घबराया था, गोवा तक तुर्की सेना ने क्यों धावा बोला था, चर्चित यात्री अलबरूनी एक मंदिर में हिंदू बनकर क्यों रहे.. इन सब सवालों के जवाब तुर्की पर हुए इस दिलचस्प पॉडकास्ट में हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हैं अंकारा की अंकारा यिलद्रिम बियाज़िद यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले ओमैर अनस.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52756262</guid><pubDate>Thu, 16 Feb 2023 16:14:59 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52756262/16_feb_23_pn_turkey_1_128.mp3" length="69292617" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दुनिया का सबसे प्रभावशाली साम्राज्य मुगल राजकुमारियों से क्यों घबराया था, गोवा तक तुर्की सेना ने क्यों धावा बोला था, चर्चित यात्री अलबरूनी एक मंदिर में हिंदू बनकर क्यों रहे.. इन सब सवालों के जवाब तुर्की पर हुए इस दिलचस्प पॉडकास्ट में हैं. इस बार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दुनिया का सबसे प्रभावशाली साम्राज्य मुगल राजकुमारियों से क्यों घबराया था, गोवा तक तुर्की सेना ने क्यों धावा बोला था, चर्चित यात्री अलबरूनी एक मंदिर में हिंदू बनकर क्यों रहे.. इन सब सवालों के जवाब तुर्की पर हुए इस दिलचस्प पॉडकास्ट में हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हैं अंकारा की अंकारा यिलद्रिम बियाज़िद यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले ओमैर अनस.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4331</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/41ea2d72e4af42266b66e5f792a22af4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ये पुलिस सुधरती क्यों नहीं है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 82</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ye-pulisa-sudharati-kyom-nahim-hai-parhaku-nitina-ep-82--52684242</link><description><![CDATA[पुलिस सिस्टम में सुधार की बात बहुत होती है लेकिन हो क्यों नहीं रहा? 'पढ़ाकू नितिन' में आज के मेहमान पद्मश्री प्रकाश सिंह ने तो इसकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ी मगर सरकारें खेल कर गईं. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर संग उनके साढ़े तीन दशक के तजुर्बे सुनिए और सोचिए कि पुलिस सुधरेगी कब और उसे सुधरने कौन नहीं दे रहा?<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52684242</guid><pubDate>Thu, 09 Feb 2023 18:13:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52684242/09_feb_23_pn_prakash_singh_9_feb_128.mp3" length="85093982" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पुलिस सिस्टम में सुधार की बात बहुत होती है लेकिन हो क्यों नहीं रहा? 'पढ़ाकू नितिन' में आज के मेहमान पद्मश्री प्रकाश सिंह ने तो इसकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ी मगर सरकारें खेल कर गईं. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर संग उनके साढ़े तीन दशक के तजुर्बे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पुलिस सिस्टम में सुधार की बात बहुत होती है लेकिन हो क्यों नहीं रहा? 'पढ़ाकू नितिन' में आज के मेहमान पद्मश्री प्रकाश सिंह ने तो इसकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ी मगर सरकारें खेल कर गईं. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर संग उनके साढ़े तीन दशक के तजुर्बे सुनिए और सोचिए कि पुलिस सुधरेगी कब और उसे सुधरने कौन नहीं दे रहा?<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5319</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/79c77b0bfc4f7d34bb43fbeec3b19de0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सूफ़ी कौन हैं, कहां से आए, सबसे अलग कैसे हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 81</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sufi-kauna-haim-kaham-se-a-e-sabase-alaga-kaise-haim-parhaku-nitina-ep-81--52616991</link><description><![CDATA[सूफ़ियों को भले हम जानते ना हों लेकिन अपनी अपनी समझ से पहचानते ज़रूर हैं. कव्वाली, सूफ़िया कलाम, दरगाहें हमेशा हमारे चारों तरफ ही रहे लेकिन अभी भी सूफीज़्म को लेकर हमारी समझ कच्ची है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में हमने बात की प्रो सैयद ज़हीर हुसैन जाफ़री से जिन्होंने चार दशकों तक इतिहास पढ़ाया और फिलहाल रायबरेली में एक चार सौ साल पुरानी खानकाह का रख रखाव संभाल रहे हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52616991</guid><pubDate>Thu, 02 Feb 2023 16:32:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52616991/02_feb_23_pn_sufi_feb_02_128.mp3" length="84167366" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सूफ़ियों को भले हम जानते ना हों लेकिन अपनी अपनी समझ से पहचानते ज़रूर हैं. कव्वाली, सूफ़िया कलाम, दरगाहें हमेशा हमारे चारों तरफ ही रहे लेकिन अभी भी सूफीज़्म को लेकर हमारी समझ कच्ची है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में हमने बात की प्रो सैयद ज़हीर हुसैन जाफ़री...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सूफ़ियों को भले हम जानते ना हों लेकिन अपनी अपनी समझ से पहचानते ज़रूर हैं. कव्वाली, सूफ़िया कलाम, दरगाहें हमेशा हमारे चारों तरफ ही रहे लेकिन अभी भी सूफीज़्म को लेकर हमारी समझ कच्ची है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में हमने बात की प्रो सैयद ज़हीर हुसैन जाफ़री से जिन्होंने चार दशकों तक इतिहास पढ़ाया और फिलहाल रायबरेली में एक चार सौ साल पुरानी खानकाह का रख रखाव संभाल रहे हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5261</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/826580741f72001b36d32c81b4fec99c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ब्रिटिश राज को बचाए रखने वाले हिंदुस्तानी सिपाहियों को अंग्रेजों ने कैसे धोखा दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 80</title><link>https://www.spreaker.com/episode/britisa-raja-ko-baca-e-rakhane-vale-hindustani-sipahiyom-ko-angrejom-ne-kaise-dhokha-diya-parhaku-nitina-ep-80--52552139</link><description><![CDATA[हिंदुस्तान और दुनियाभर में अंग्रेज़ी हुकूमत के लिए खून बहाने वाले ज़्यादातर सिपाही हिंदुस्तानी थे. अंग्रेजों ने उनकी फ़ौज कैसे तैयार की और कैसे उन्हें लगातार बरगलाते रहे? इस पॉडकास्ट में रविंद्र राठी ने नितिन ठाकुर को आज़ादी की लड़ाई के कई नए और दिलचस्प पहलू सुनाए. रविंद्र के नाना ने अंग्रेज़ी सेना में कई साल गुज़ारे और अखिरकार अपने अफसर से लड़कर गांव लौट आए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52552139</guid><pubDate>Thu, 26 Jan 2023 15:51:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52552139/26_jan_23_pn_jan_26_final_128.mp3" length="89512228" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हिंदुस्तान और दुनियाभर में अंग्रेज़ी हुकूमत के लिए खून बहाने वाले ज़्यादातर सिपाही हिंदुस्तानी थे. अंग्रेजों ने उनकी फ़ौज कैसे तैयार की और कैसे उन्हें लगातार बरगलाते रहे? इस पॉडकास्ट में रविंद्र राठी ने नितिन ठाकुर को आज़ादी की लड़ाई के कई नए और...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हिंदुस्तान और दुनियाभर में अंग्रेज़ी हुकूमत के लिए खून बहाने वाले ज़्यादातर सिपाही हिंदुस्तानी थे. अंग्रेजों ने उनकी फ़ौज कैसे तैयार की और कैसे उन्हें लगातार बरगलाते रहे? इस पॉडकास्ट में रविंद्र राठी ने नितिन ठाकुर को आज़ादी की लड़ाई के कई नए और दिलचस्प पहलू सुनाए. रविंद्र के नाना ने अंग्रेज़ी सेना में कई साल गुज़ारे और अखिरकार अपने अफसर से लड़कर गांव लौट आए.]]></itunes:summary><itunes:duration>5595</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/978a60707d05fd16c818d31712fd26cd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>उस दिन दाऊद को ठिकाने लगा देते डोभाल, लेकिन... Feat. शम्स ताहिर खान: पढ़ाकू नितिन, Ep 79</title><link>https://www.spreaker.com/episode/usa-dina-da-uda-ko-thikane-laga-dete-dobhala-lekina-feat-samsa-tahira-khana-parhaku-nitina-ep-79--52485826</link><description><![CDATA[दाऊद इब्राहिम से आमना-सामना करना भारतीय खुफिया एजेंसियों से लेकर हर क्राइम रिपोर्टर का सपना रहा है. खास कर पिछले 30 सालों से हर भारतीय ने चाहा है कि डॉन को पाकिस्तान से लाकर भारत की जेल में डाला जाए. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में क्राइम रिपोर्टिंग की सबसे मशहूर आवाज़ शम्स ताहिर खान से सुनिए कि डी कंपनी का मालिक कहां है, किस हाल में है, क्या कर रहा है, साथ ही वो किस्सा भी जब अजीत डोभाल उसका खात्मा करने ही वाले थे.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52485826</guid><pubDate>Thu, 19 Jan 2023 17:04:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52485826/19_jan_23_pn_d_company_128.mp3" length="68825338" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दाऊद इब्राहिम से आमना-सामना करना भारतीय खुफिया एजेंसियों से लेकर हर क्राइम रिपोर्टर का सपना रहा है. खास कर पिछले 30 सालों से हर भारतीय ने चाहा है कि डॉन को पाकिस्तान से लाकर भारत की जेल में डाला जाए. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में क्राइम रिपोर्टिंग की सबसे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दाऊद इब्राहिम से आमना-सामना करना भारतीय खुफिया एजेंसियों से लेकर हर क्राइम रिपोर्टर का सपना रहा है. खास कर पिछले 30 सालों से हर भारतीय ने चाहा है कि डॉन को पाकिस्तान से लाकर भारत की जेल में डाला जाए. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में क्राइम रिपोर्टिंग की सबसे मशहूर आवाज़ शम्स ताहिर खान से सुनिए कि डी कंपनी का मालिक कहां है, किस हाल में है, क्या कर रहा है, साथ ही वो किस्सा भी जब अजीत डोभाल उसका खात्मा करने ही वाले थे.]]></itunes:summary><itunes:duration>4302</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/32460b57d1432bf41ed948b4afcf02c6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>RAW के चीफ रहे दुलत की कौन सी चाहत पूरी नहीं हुई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 78</title><link>https://www.spreaker.com/episode/raw-ke-cipha-rahe-dulata-ki-kauna-si-cahata-puri-nahim-hu-i-parhaku-nitina-ep-78--52425025</link><description><![CDATA[देश की सबसे बड़ी ख़ुफ़िया एजेंसी कई साल चलानेवाले ए एस दुलत ने दुनिया घूमी है और दिग्गजों को करीब से देखा है. उनके पास बताने को क़िस्सों का ज़खीरा है और छिपाने के लिए बेशुमार बातें. इस पॉडकास्ट में दुलत ने अपने जीवन के करीब करीब हर पहलू को छुआ. सुनकर देखिए, मज़ा आएगा.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52425025</guid><pubDate>Thu, 12 Jan 2023 18:29:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52425025/12_jan_23_pn_spy_final_128.mp3" length="88452702" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>देश की सबसे बड़ी ख़ुफ़िया एजेंसी कई साल चलानेवाले ए एस दुलत ने दुनिया घूमी है और दिग्गजों को करीब से देखा है. उनके पास बताने को क़िस्सों का ज़खीरा है और छिपाने के लिए बेशुमार बातें. इस पॉडकास्ट में दुलत ने अपने जीवन के करीब करीब हर पहलू को छुआ. सुनकर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[देश की सबसे बड़ी ख़ुफ़िया एजेंसी कई साल चलानेवाले ए एस दुलत ने दुनिया घूमी है और दिग्गजों को करीब से देखा है. उनके पास बताने को क़िस्सों का ज़खीरा है और छिपाने के लिए बेशुमार बातें. इस पॉडकास्ट में दुलत ने अपने जीवन के करीब करीब हर पहलू को छुआ. सुनकर देखिए, मज़ा आएगा.]]></itunes:summary><itunes:duration>5529</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/836c05e81ec8a0c9a0e34bbab77281bb.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भारत के प्राचीन मंदिर अपने इतिहास के बारे में क्या कहते हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 77</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bharata-ke-pracina-mandira-apane-itihasa-ke-bare-mem-kya-kahate-haim-parhaku-nitina-ep-77--52363430</link><description><![CDATA[देश का सबसे पुराना मंदिर कहां है, मंदिर में गुंबद कैसे आ गए, पुरानी इमारतों को कैसे बचाया जाता है और हमारे आसपास ऐतिहासिक जगहें कौन सी हैं जिनको हमने इग्नोर कर रखा है.. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में कंज़र्वेशन आर्किटेक्ट सुशांत भारती का आना हुआ है। उन्होंने हिस्ट्री की कई खिड़कियां खोलीं. आइए, ज़रा झांकिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52363430</guid><pubDate>Thu, 05 Jan 2023 18:08:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52363430/05_jan_23_pn_shushant_bahrti_mix_5_jan_128.mp3" length="91535569" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>देश का सबसे पुराना मंदिर कहां है, मंदिर में गुंबद कैसे आ गए, पुरानी इमारतों को कैसे बचाया जाता है और हमारे आसपास ऐतिहासिक जगहें कौन सी हैं जिनको हमने इग्नोर कर रखा है.. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में कंज़र्वेशन आर्किटेक्ट सुशांत भारती का आना हुआ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[देश का सबसे पुराना मंदिर कहां है, मंदिर में गुंबद कैसे आ गए, पुरानी इमारतों को कैसे बचाया जाता है और हमारे आसपास ऐतिहासिक जगहें कौन सी हैं जिनको हमने इग्नोर कर रखा है.. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में कंज़र्वेशन आर्किटेक्ट सुशांत भारती का आना हुआ है। उन्होंने हिस्ट्री की कई खिड़कियां खोलीं. आइए, ज़रा झांकिए.<br /><br /> Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5721</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a99b11db45bd25ecbe71ac40254e19f0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेपाल हिंदू राष्ट्र कैसे बना और राजशाही का खात्मा क्यों हुआ?: पढ़ाकू नितिन, Ep 76</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nepala-hindu-rastra-kaise-bana-aura-rajasahi-ka-khatma-kyom-hu-a-parhaku-nitina-ep-76--52307277</link><description><![CDATA[नेपाल हमारा पड़ोसी है लेकिन हम उसके बारे में फिर भी कम जानते हैं. हम नहीं जानते कि वो कैसे हिंदू राष्ट्र बना था, कैसे वहां माओवादी संघर्ष हुआ, प्रचंड की पॉलिटिक्स क्या है, राजशाही का कैसा असर रहा है और चीन-भारत के बीच नेपाल किसे चुनेगा? यही सब जानने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी जमी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ प्रो एस डी मुनि से जिनका मिलना जुलना दशकों तक नेपाली राजनीति के अहम किरदारों से रहा.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52307277</guid><pubDate>Thu, 29 Dec 2022 17:12:40 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52307277/29_dec_22_pn_nepal_re_128.mp3" length="84788453" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नेपाल हमारा पड़ोसी है लेकिन हम उसके बारे में फिर भी कम जानते हैं. हम नहीं जानते कि वो कैसे हिंदू राष्ट्र बना था, कैसे वहां माओवादी संघर्ष हुआ, प्रचंड की पॉलिटिक्स क्या है, राजशाही का कैसा असर रहा है और चीन-भारत के बीच नेपाल किसे चुनेगा? यही सब जानने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नेपाल हमारा पड़ोसी है लेकिन हम उसके बारे में फिर भी कम जानते हैं. हम नहीं जानते कि वो कैसे हिंदू राष्ट्र बना था, कैसे वहां माओवादी संघर्ष हुआ, प्रचंड की पॉलिटिक्स क्या है, राजशाही का कैसा असर रहा है और चीन-भारत के बीच नेपाल किसे चुनेगा? यही सब जानने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी जमी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ प्रो एस डी मुनि से जिनका मिलना जुलना दशकों तक नेपाली राजनीति के अहम किरदारों से रहा.]]></itunes:summary><itunes:duration>5300</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3e13960c0ae2cbcd3ab9778baca9b2ce.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>इंद्र, कुबेर, अश्वत्थामा और कल्कि के बारे में ऐसा ज्ञान पहले नहीं मिला होगा: पढ़ाकू नितिन, Ep 75</title><link>https://www.spreaker.com/episode/indra-kubera-asvat-thama-aura-kalki-ke-bare-mem-aisa-jnana-pahale-nahim-mila-hoga-parhaku-nitina-ep-75--52259799</link><description><![CDATA[पौराणिक आख्यानों में कई पात्रों का नाम आपने खूब सुना होगा लेकिन ज़रूरी नहीं कि आप उनके बारे में जानते ही हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में आशुतोष गर्ग जमे हैं जिन्होंने इंद्र, कुबेर, अश्वत्थामा, कल्कि पर किताबें लिखीं. इस पॉडकास्ट में इन चार दिलचस्प पात्रों को करीब से जानिए समझिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52259799</guid><pubDate>Thu, 22 Dec 2022 18:21:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52259799/22_dec_22_pn_dec_22_final_128.mp3" length="71081900" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पौराणिक आख्यानों में कई पात्रों का नाम आपने खूब सुना होगा लेकिन ज़रूरी नहीं कि आप उनके बारे में जानते ही हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में आशुतोष गर्ग जमे हैं जिन्होंने इंद्र, कुबेर, अश्वत्थामा, कल्कि पर किताबें लिखीं. इस पॉडकास्ट में इन चार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पौराणिक आख्यानों में कई पात्रों का नाम आपने खूब सुना होगा लेकिन ज़रूरी नहीं कि आप उनके बारे में जानते ही हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में आशुतोष गर्ग जमे हैं जिन्होंने इंद्र, कुबेर, अश्वत्थामा, कल्कि पर किताबें लिखीं. इस पॉडकास्ट में इन चार दिलचस्प पात्रों को करीब से जानिए समझिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>4443</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8b57b0236f1f5cb9201b34be94358f97.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सेक्स पावर बढ़ाने वाली 'कीड़ाजड़ी' कैसे पहाड़ में पैसा और बर्बादी ला रही है: पढ़ाकू नितिन, Ep 74</title><link>https://www.spreaker.com/episode/seksa-pavara-barhane-vali-kirajari-kaise-pahara-mem-paisa-aura-barbadi-la-rahi-hai-parhaku-nitina-ep-74--52197172</link><description><![CDATA[उत्तराखंड की पिंडर घाटी जितनी दूर है उतनी ही रहस्यमयी और रोमांचक. अनिल यादव कमाल के घुमक्कड़ हैं. उन्होंने पूरा देश नापा है और इस बार बारी सोने से महंगी बिकने वाली 'कीड़ाजड़ी' के गढ़ पिंडर की थी. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में आपको कमाल की कहानियां मिलेंगी और उस देस की झलक भी जहां आप अब तक नहीं पहुंचे होंगे.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52197172</guid><pubDate>Thu, 15 Dec 2022 18:11:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52197172/16_dec_22_pn_pahad_re_128.mp3" length="74026004" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>उत्तराखंड की पिंडर घाटी जितनी दूर है उतनी ही रहस्यमयी और रोमांचक. अनिल यादव कमाल के घुमक्कड़ हैं. उन्होंने पूरा देश नापा है और इस बार बारी सोने से महंगी बिकने वाली 'कीड़ाजड़ी' के गढ़ पिंडर की थी. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में आपको कमाल की कहानियां...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[उत्तराखंड की पिंडर घाटी जितनी दूर है उतनी ही रहस्यमयी और रोमांचक. अनिल यादव कमाल के घुमक्कड़ हैं. उन्होंने पूरा देश नापा है और इस बार बारी सोने से महंगी बिकने वाली 'कीड़ाजड़ी' के गढ़ पिंडर की थी. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में आपको कमाल की कहानियां मिलेंगी और उस देस की झलक भी जहां आप अब तक नहीं पहुंचे होंगे.]]></itunes:summary><itunes:duration>4627</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bf2104bbdce8121aa4f0017135aa7a51.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेहरू और जिन्ना का टकराव क्यों होता था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 73</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neharu-aura-jinna-ka-takarava-kyom-hota-tha-parhaku-nitina-ep-73--52130496</link><description><![CDATA[नेहरू अपने दौर के ऐसे नेता थे जो टकरावों को निमंत्रण देते थे. यही वजह है कि उनके दौर के सियासतदानों और बुद्धिजीवियों ने उनसे जमकर बौद्धिक विमर्श किया. इनमें इक़बाल, जिन्ना, पटेल, मुखर्जी भी शामिल थे. इस बार पढ़ाकू नितिन में मेहमान के तौर पर शामिल हुए हैं इतिहास के दो छात्र जिन्होंने इन सभी ऐतिहासिक पात्रों को एक किताब में संजोया है, त्रिपुरदमन सिंह और अदील हुसैन.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52130496</guid><pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:50:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52130496/08_dec_22_pn_nehru_book_dec_08_128.mp3" length="71409162" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नेहरू अपने दौर के ऐसे नेता थे जो टकरावों को निमंत्रण देते थे. यही वजह है कि उनके दौर के सियासतदानों और बुद्धिजीवियों ने उनसे जमकर बौद्धिक विमर्श किया. इनमें इक़बाल, जिन्ना, पटेल, मुखर्जी भी शामिल थे. इस बार पढ़ाकू नितिन में मेहमान के तौर पर शामिल हुए...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नेहरू अपने दौर के ऐसे नेता थे जो टकरावों को निमंत्रण देते थे. यही वजह है कि उनके दौर के सियासतदानों और बुद्धिजीवियों ने उनसे जमकर बौद्धिक विमर्श किया. इनमें इक़बाल, जिन्ना, पटेल, मुखर्जी भी शामिल थे. इस बार पढ़ाकू नितिन में मेहमान के तौर पर शामिल हुए हैं इतिहास के दो छात्र जिन्होंने इन सभी ऐतिहासिक पात्रों को एक किताब में संजोया है, त्रिपुरदमन सिंह और अदील हुसैन.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4464</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/39c224bee26ae7be0f7c35b059655ecd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Che Guevara के भारत दौरे की ख़बर किसने दबाई थी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 72</title><link>https://www.spreaker.com/episode/che-guevara-ke-bharata-daure-ki-khabara-kisane-daba-i-thi-parhaku-nitina-ep-72--52068985</link><description><![CDATA[चे गेवारा को कौन नहीं जानता? कोई नहीं भी जानता तो पहचानता ज़रूर है. इस क्रांतिकारी की फोटो पिछले 60 दशकों किसी के लिए अनजान नहीं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया भर में मशहूर दक्षिण अमेरिका के इस क्रांतिकारी ने भारत का दौरा भी किया था. कई दिनों तक वो कई शहरों में गया. ढेरों मंत्रियों से मिला. प्रधानमंत्री नेहरू का मेहमान रहा. बाद के दिनों में चे के इस दौरे पर कुछ पढ़ने-जानने को नहीं मिलता लेकिन सीनियर जर्नलिस्ट ओम थानवी ने इस ऐतिहासिक दौरे की कहानी खोज निकाली. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में जानिए इस अद्भुत क्रांतिकारी के बारे में.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52068985</guid><pubDate>Thu, 01 Dec 2022 17:16:25 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52068985/01_dec_22_pn_1_dec_che_guevara_128.mp3" length="62087418" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चे गेवारा को कौन नहीं जानता? कोई नहीं भी जानता तो पहचानता ज़रूर है. इस क्रांतिकारी की फोटो पिछले 60 दशकों किसी के लिए अनजान नहीं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया भर में मशहूर दक्षिण अमेरिका के इस क्रांतिकारी ने भारत का दौरा भी किया था. कई दिनों तक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चे गेवारा को कौन नहीं जानता? कोई नहीं भी जानता तो पहचानता ज़रूर है. इस क्रांतिकारी की फोटो पिछले 60 दशकों किसी के लिए अनजान नहीं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया भर में मशहूर दक्षिण अमेरिका के इस क्रांतिकारी ने भारत का दौरा भी किया था. कई दिनों तक वो कई शहरों में गया. ढेरों मंत्रियों से मिला. प्रधानमंत्री नेहरू का मेहमान रहा. बाद के दिनों में चे के इस दौरे पर कुछ पढ़ने-जानने को नहीं मिलता लेकिन सीनियर जर्नलिस्ट ओम थानवी ने इस ऐतिहासिक दौरे की कहानी खोज निकाली. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में जानिए इस अद्भुत क्रांतिकारी के बारे में.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3881</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ae20b583efdbbb8efb2ec2c751e4ffb3.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ज़माने भर की लड़ाइयां हरियाणा में क्यों होती थीं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 71</title><link>https://www.spreaker.com/episode/zamane-bhara-ki-lara-iyam-hariyana-mem-kyom-hoti-thim-parhaku-nitina-ep-71--52003183</link><description><![CDATA[हरियाणा की पहचान सिर्फ खाप नहीं, ना ही चंद खिलाड़ी हैं. इस स्टेट का अपना दिलचस्प इतिहास और संघर्ष है. इसने बहुत कुछ पाया और बहुत कुछ खोया. दिल्ली और पंजाब का ये पड़ोसी हमेशा जंग का मैदान क्यों बना रहा या जाटों का पर्याय कैसे बन गया, 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में सुनिए. मेहमान हैं लेखक अर्जुन सिंह कादियान.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/52003183</guid><pubDate>Thu, 24 Nov 2022 18:19:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/52003183/24_nov_22_pn_24_nov_128.mp3" length="92160000" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हरियाणा की पहचान सिर्फ खाप नहीं, ना ही चंद खिलाड़ी हैं. इस स्टेट का अपना दिलचस्प इतिहास और संघर्ष है. इसने बहुत कुछ पाया और बहुत कुछ खोया. दिल्ली और पंजाब का ये पड़ोसी हमेशा जंग का मैदान क्यों बना रहा या जाटों का पर्याय कैसे बन गया, 'पढ़ाकू नितिन' के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हरियाणा की पहचान सिर्फ खाप नहीं, ना ही चंद खिलाड़ी हैं. इस स्टेट का अपना दिलचस्प इतिहास और संघर्ष है. इसने बहुत कुछ पाया और बहुत कुछ खोया. दिल्ली और पंजाब का ये पड़ोसी हमेशा जंग का मैदान क्यों बना रहा या जाटों का पर्याय कैसे बन गया, 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में सुनिए. मेहमान हैं लेखक अर्जुन सिंह कादियान.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5760</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3d4c9246a1889deb7c7c87a0e5abb57c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दुनिया का अंत 'राष्ट्रवाद' के हाथों होने जा रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 70</title><link>https://www.spreaker.com/episode/duniya-ka-anta-rastravada-ke-hathom-hone-ja-raha-hai-parhaku-nitina-ep-70--51927980</link><description><![CDATA[“जैसी है वैसी बचा लो ये दुनिया” वाली लाइन सच तो है लेकिन क्या हम दुनिया बचा सकेंगे? या क्या हम इस योग्य हैं कि दुनिया को बचा सकें? और हम दुनिया को आखिर बचा किससे रहे हैं? सवालों की भूल भुलैया है और सामने बदलता क्लाइमेट है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में लेखक और पर्यावरण पर खूब काम करनेवाले सोपान जोशी से बात हुई है. सुनकर देखिए, कुछ तृप्त और कुछ आक्लांत महसूस करेंगे.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51927980</guid><pubDate>Thu, 17 Nov 2022 15:42:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51927980/17_nov_22_pn_climatechange_17_nov_128.mp3" length="52318458" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>“जैसी है वैसी बचा लो ये दुनिया” वाली लाइन सच तो है लेकिन क्या हम दुनिया बचा सकेंगे? या क्या हम इस योग्य हैं कि दुनिया को बचा सकें? और हम दुनिया को आखिर बचा किससे रहे हैं? सवालों की भूल भुलैया है और सामने बदलता क्लाइमेट है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[“जैसी है वैसी बचा लो ये दुनिया” वाली लाइन सच तो है लेकिन क्या हम दुनिया बचा सकेंगे? या क्या हम इस योग्य हैं कि दुनिया को बचा सकें? और हम दुनिया को आखिर बचा किससे रहे हैं? सवालों की भूल भुलैया है और सामने बदलता क्लाइमेट है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में लेखक और पर्यावरण पर खूब काम करनेवाले सोपान जोशी से बात हुई है. सुनकर देखिए, कुछ तृप्त और कुछ आक्लांत महसूस करेंगे.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3270</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f5e6e4c3a2e1ccaf4cc9843acb356f8a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>आपके मल का दुनिया चलाने में ग़ज़ब का योगदान है!: पढ़ाकू नितिन, Ep 69</title><link>https://www.spreaker.com/episode/apake-mala-ka-duniya-calane-mem-gazaba-ka-yogadana-hai-parhaku-nitina-ep-69--51852315</link><description><![CDATA[मल को कमोबेश हर जगह घृणा से देखा जाता है. हमारे समाज में तो ये इतनी ज़्यादा है कि पूरे एक समुदाय को इसे साफ करने में लगाकर हमने उसे ही दूर कर दिया. हम में से बहुतों को नहीं मालूम कि इस दुनिया के चलने-चलाने में मल का बहुत योगदान है. क़ुदरती प्रक्रियाओं का अभिन्न अंग है ये. इस बार के पढ़ाकू नितिन में 'जल थल मल' किताब के लेखक सोपान जोशी बता रहे हैं मल की महिमा क्या है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51852315</guid><pubDate>Thu, 10 Nov 2022 15:53:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51852315/10_nov_22_pn_sopan_joshi_part_1_nov_10_mix_128.mp3" length="61092675" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मल को कमोबेश हर जगह घृणा से देखा जाता है. हमारे समाज में तो ये इतनी ज़्यादा है कि पूरे एक समुदाय को इसे साफ करने में लगाकर हमने उसे ही दूर कर दिया. हम में से बहुतों को नहीं मालूम कि इस दुनिया के चलने-चलाने में मल का बहुत योगदान है. क़ुदरती प्रक्रियाओं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मल को कमोबेश हर जगह घृणा से देखा जाता है. हमारे समाज में तो ये इतनी ज़्यादा है कि पूरे एक समुदाय को इसे साफ करने में लगाकर हमने उसे ही दूर कर दिया. हम में से बहुतों को नहीं मालूम कि इस दुनिया के चलने-चलाने में मल का बहुत योगदान है. क़ुदरती प्रक्रियाओं का अभिन्न अंग है ये. इस बार के पढ़ाकू नितिन में 'जल थल मल' किताब के लेखक सोपान जोशी बता रहे हैं मल की महिमा क्या है.]]></itunes:summary><itunes:duration>3819</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/f75a71552d6306708c581e2cd938c6d4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जब मोदी-नड्डा ने ‘बंधक मंत्री’ को छुड़वा कर गिराई थी कांग्रेस सरकार: पढ़ाकू नितिन, Ep 68</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jaba-modi-nadda-ne-bandhaka-mantri-ko-churava-kara-gira-i-thi-kangresa-sarakara-parhaku-nitina-ep-68--51777770</link><description><![CDATA[हिमाचल भले छोटा राज्य है लेकिन इसके राजनीतिक क़िस्से हैं मज़ेदार. पढ़ाकू नितिन में इस बार तीन दशकों तक शिमला की राजनीतिक हलचल पर नज़र रखनेवाले डॉ शशिकांत शर्मा को सुनिए. सुनिए कि हिमाचल में क्या क्या गज़ब का घटा है.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51777770</guid><pubDate>Thu, 03 Nov 2022 17:03:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51777770/03_nov_22_pn_himachal_re_128.mp3" length="101665645" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>हिमाचल भले छोटा राज्य है लेकिन इसके राजनीतिक क़िस्से हैं मज़ेदार. पढ़ाकू नितिन में इस बार तीन दशकों तक शिमला की राजनीतिक हलचल पर नज़र रखनेवाले डॉ शशिकांत शर्मा को सुनिए. सुनिए कि हिमाचल में क्या क्या गज़ब का घटा है.&#13;
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Disclaimer: इस पॉडकास्ट में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[हिमाचल भले छोटा राज्य है लेकिन इसके राजनीतिक क़िस्से हैं मज़ेदार. पढ़ाकू नितिन में इस बार तीन दशकों तक शिमला की राजनीतिक हलचल पर नज़र रखनेवाले डॉ शशिकांत शर्मा को सुनिए. सुनिए कि हिमाचल में क्या क्या गज़ब का घटा है.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>6355</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2ec275dcfb4437e420188a5619e72166.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सुनक का संकट, लंदन का पतन और एक क़िस्सा: पढ़ाकू नितिन, Ep 67</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sunaka-ka-sankata-landana-ka-patana-aura-eka-qis-sa-parhaku-nitina-ep-67--51706748</link><description><![CDATA[सुनक के पीएम बनने के बाद भारतीयों की दिलचस्पी लंदन में ज़्यादा ही बढ़ गई है। सब जानना चाहते हैं कि आज के इंग्लैंड में चल क्या रहा है? विक्टोरियन युग से अब तक वो कितना बदला और वहां की सियासत के रंग कैसे हैं? इस बार पढ़ाकू नितिन में दशकों पहले लंदन वासी हो चुके पत्रकार परवेज़ आलम से बात की नितिन ठाकुर ने. उनसे समझा कि लंदन में पक क्या रहा है और साथ में बांचे गए हैं कई दिलचस्प क़िस्से भी. <br /><br />साउंड मिक्सिंग- अमृत रज्जी <br /><br />नोट- पॉडकास्ट में व्यक्त विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51706748</guid><pubDate>Thu, 27 Oct 2022 17:03:28 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51706748/27_oct_22_pn_27_128.mp3" length="98478706" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सुनक के पीएम बनने के बाद भारतीयों की दिलचस्पी लंदन में ज़्यादा ही बढ़ गई है। सब जानना चाहते हैं कि आज के इंग्लैंड में चल क्या रहा है? विक्टोरियन युग से अब तक वो कितना बदला और वहां की सियासत के रंग कैसे हैं? इस बार पढ़ाकू नितिन में दशकों पहले लंदन वासी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सुनक के पीएम बनने के बाद भारतीयों की दिलचस्पी लंदन में ज़्यादा ही बढ़ गई है। सब जानना चाहते हैं कि आज के इंग्लैंड में चल क्या रहा है? विक्टोरियन युग से अब तक वो कितना बदला और वहां की सियासत के रंग कैसे हैं? इस बार पढ़ाकू नितिन में दशकों पहले लंदन वासी हो चुके पत्रकार परवेज़ आलम से बात की नितिन ठाकुर ने. उनसे समझा कि लंदन में पक क्या रहा है और साथ में बांचे गए हैं कई दिलचस्प क़िस्से भी. <br /><br />साउंड मिक्सिंग- अमृत रज्जी <br /><br />नोट- पॉडकास्ट में व्यक्त विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>6155</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4b1dc67c9fe8fcb0c9430df92373597f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भगत सिंह की लापता पिस्तौल मिलने की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 66</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bhagata-sinha-ki-lapata-pistaula-milane-ki-kahani-parhaku-nitina-ep-66--51636065</link><description><![CDATA[शहीदे आज़म भगत सिंह की छवि पिस्तौल के बिना अधूरी सी लगती है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि उनकी पिस्तौल करीब 70 सालों तक कहीं गुम हो गई थी. इस पिस्तौल से भगत सिंह ने जो कुछ किया वो जितना दिलचस्प है उतना ही ये जानना भी कि इस पिस्तौल की कहानी क्या है, कैसे ये गुम हो गई और फिर कैसे इसे खोजा गया. इस बार पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर बात कर रहे हैं जर्नलिस्ट जुपिंदरजीत सिंह से जिन्होंने इस खोई हुई विरासत को खोजा था.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51636065</guid><pubDate>Thu, 20 Oct 2022 16:32:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51636065/20_oct_22_pn_bhagat_pistol_20_oct_mix_128.mp3" length="92402834" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहीदे आज़म भगत सिंह की छवि पिस्तौल के बिना अधूरी सी लगती है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि उनकी पिस्तौल करीब 70 सालों तक कहीं गुम हो गई थी. इस पिस्तौल से भगत सिंह ने जो कुछ किया वो जितना दिलचस्प है उतना ही ये जानना भी कि इस पिस्तौल की कहानी क्या है,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहीदे आज़म भगत सिंह की छवि पिस्तौल के बिना अधूरी सी लगती है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि उनकी पिस्तौल करीब 70 सालों तक कहीं गुम हो गई थी. इस पिस्तौल से भगत सिंह ने जो कुछ किया वो जितना दिलचस्प है उतना ही ये जानना भी कि इस पिस्तौल की कहानी क्या है, कैसे ये गुम हो गई और फिर कैसे इसे खोजा गया. इस बार पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर बात कर रहे हैं जर्नलिस्ट जुपिंदरजीत सिंह से जिन्होंने इस खोई हुई विरासत को खोजा था.]]></itunes:summary><itunes:duration>5776</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/993a081b375f7c73333bdc9f848aa0ba.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>RSS पर तीन-तीन बार बैन की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 65</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rss-para-tina-tina-bara-baina-ki-kahani-parhaku-nitina-ep-65--51565450</link><description><![CDATA[RSS से जुड़े ढेरों सवाल लोगों के मन में उठते हैं. कुछ का जवाब मिलता है और कुछ का नहीं. इसी कोशिश में संघ पर शोध हो रहे हैं, किताबें लिखी जा रही हैं, डॉक्यूमेंट्रीज़ बनाई जा रही हैं. नितिन ठाकुर ने संघ को लेकर पिछले ऐपीसोड में ढेरों सवाल पूछे और इसी कड़ी में ये दूसरा ऐपीसोड है. पत्रकार और लेखक विजय त्रिवेदी ने आरएसएस पर एक चर्चित किताब लिखी है वही पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51565450</guid><pubDate>Thu, 13 Oct 2022 15:25:06 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51565450/13_oct_22_pn_rss_6_oct_second_part_part_mix_128.mp3" length="54699154" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>RSS से जुड़े ढेरों सवाल लोगों के मन में उठते हैं. कुछ का जवाब मिलता है और कुछ का नहीं. इसी कोशिश में संघ पर शोध हो रहे हैं, किताबें लिखी जा रही हैं, डॉक्यूमेंट्रीज़ बनाई जा रही हैं. नितिन ठाकुर ने संघ को लेकर पिछले ऐपीसोड में ढेरों सवाल पूछे और इसी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[RSS से जुड़े ढेरों सवाल लोगों के मन में उठते हैं. कुछ का जवाब मिलता है और कुछ का नहीं. इसी कोशिश में संघ पर शोध हो रहे हैं, किताबें लिखी जा रही हैं, डॉक्यूमेंट्रीज़ बनाई जा रही हैं. नितिन ठाकुर ने संघ को लेकर पिछले ऐपीसोड में ढेरों सवाल पूछे और इसी कड़ी में ये दूसरा ऐपीसोड है. पत्रकार और लेखक विजय त्रिवेदी ने आरएसएस पर एक चर्चित किताब लिखी है वही पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3419</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b0925cf653c007847db6b7ae27dd7bba.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सावरकर को RSS का हिंदुत्व पसंद क्यों नहीं आया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 64</title><link>https://www.spreaker.com/episode/savarakara-ko-rss-ka-hindutva-pasanda-kyom-nahim-aya-parhaku-nitina-ep-64--51491081</link><description><![CDATA[RSS देश में 97 सालों से काम कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसे लेकर सवाल कभी कम नहीं होते. लोगों की दिलचस्पी इस संगठन में बढ़ती जा रही है. कई लोगों का मानना है कि लाखों स्वयंसेवकों वाले इस संगठन को इसमें काम करनेवाले लोग भी नहीं समझते. इसी कोशिश में संघ पर शोध हो रहे हैं, किताबें लिखी जा रही हैं, डॉक्यूमेंट्रीज़ बनाई जा रही हैं. पढ़ाकू नितिन के हालिया ऐपीसोड में नितिन ठाकुर ने संघ को लेकर ढेरों सवाल पूछे हैं पत्रकार और लेखक विजय त्रिवेदी से, जिन्होंने आरएसएस पर एक चर्चित किताब लिखी है.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51491081</guid><pubDate>Thu, 06 Oct 2022 18:02:36 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51491081/06_oct_22_pn_rss_6_oct_first_part_mix_128.mp3" length="57322266" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>RSS देश में 97 सालों से काम कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसे लेकर सवाल कभी कम नहीं होते. लोगों की दिलचस्पी इस संगठन में बढ़ती जा रही है. कई लोगों का मानना है कि लाखों स्वयंसेवकों वाले इस संगठन को इसमें काम करनेवाले लोग भी नहीं समझते. इसी कोशिश में संघ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[RSS देश में 97 सालों से काम कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसे लेकर सवाल कभी कम नहीं होते. लोगों की दिलचस्पी इस संगठन में बढ़ती जा रही है. कई लोगों का मानना है कि लाखों स्वयंसेवकों वाले इस संगठन को इसमें काम करनेवाले लोग भी नहीं समझते. इसी कोशिश में संघ पर शोध हो रहे हैं, किताबें लिखी जा रही हैं, डॉक्यूमेंट्रीज़ बनाई जा रही हैं. पढ़ाकू नितिन के हालिया ऐपीसोड में नितिन ठाकुर ने संघ को लेकर ढेरों सवाल पूछे हैं पत्रकार और लेखक विजय त्रिवेदी से, जिन्होंने आरएसएस पर एक चर्चित किताब लिखी है.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>3583</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b9bb407af8a010aec815048f8bc59762.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मुख्यमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी परदे के पीछे क्या तैयारी कर रहे थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 63</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mukhyamantri-banane-se-pahale-narendra-modi-parade-ke-piche-kya-taiyari-kara-rahe-the-parhaku-nitina-ep-63--51419778</link><description><![CDATA[नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने से पहले संगठनकर्ता थे. भाजपा के ऐसे अनुशासित सिपाही जिसने गुजरात में बीजेपी को सींचा और बावजूद इसके हमेशा हाईकमान का आदेश चुपचाप माना. इस पॉडकास्ट में बात हो रही है अजय सिंह से जिन्होंने हाल में किताब लिखी- द आर्किटेक्ट ऑफ द न्यू बीजेपी. किताब मोदी और संगठन पर है. फिलहाल अजय राष्ट्रपति के प्रेस सचिव हैं. इस पॉडकास्ट में आपको ऐसे कई किस्से और संगठन के सूत्र मिलेंगे जिनसे आप पहले टकराए नहीं होंगे.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51419778</guid><pubDate>Thu, 29 Sep 2022 18:25:27 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51419778/29_sep_22_pn_29_sep_128.mp3" length="97340604" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने से पहले संगठनकर्ता थे. भाजपा के ऐसे अनुशासित सिपाही जिसने गुजरात में बीजेपी को सींचा और बावजूद इसके हमेशा हाईकमान का आदेश चुपचाप माना. इस पॉडकास्ट में बात हो रही है अजय सिंह से जिन्होंने हाल में किताब...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने से पहले संगठनकर्ता थे. भाजपा के ऐसे अनुशासित सिपाही जिसने गुजरात में बीजेपी को सींचा और बावजूद इसके हमेशा हाईकमान का आदेश चुपचाप माना. इस पॉडकास्ट में बात हो रही है अजय सिंह से जिन्होंने हाल में किताब लिखी- द आर्किटेक्ट ऑफ द न्यू बीजेपी. किताब मोदी और संगठन पर है. फिलहाल अजय राष्ट्रपति के प्रेस सचिव हैं. इस पॉडकास्ट में आपको ऐसे कई किस्से और संगठन के सूत्र मिलेंगे जिनसे आप पहले टकराए नहीं होंगे.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>6084</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/ccbfd603534576126a4b61ed749db997.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अकबर आधी रात को बेचैन होकर क्यों घूमा करते थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 62</title><link>https://www.spreaker.com/episode/akabara-adhi-rata-ko-becaina-hokara-kyom-ghuma-karate-the-parhaku-nitina-ep-62--51346730</link><description><![CDATA[अकबर पर पॉडकास्ट का ये दूसरा हिस्सा है. इसे सुनने के बाद चाहें तो पहला भी सुन लीजिएगा. मज़ा बराबर है. नितिन ठाकुर ने ये पॉडकास्ट किया है शाज़ी ज़मां के साथ. शाज़ी ने अपने दशक भर के रिसर्च के बाद अकबर पर एक किताब भी लिखी है. इस बातचीत में आपको सुनने को मिलेगा कि अकबर को खाने में क्या क्या परोसा जाता था, क्या वो राणा प्रताप की मौत पर रोये थे, क्यों उन्होंने दीने इलाही बनाया और अकबर आधी रात को किस बेचैनी में टहला करते थे? <br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51346730</guid><pubDate>Thu, 22 Sep 2022 15:49:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51346730/22_sep_22_pn_re_128.mp3" length="67921711" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अकबर पर पॉडकास्ट का ये दूसरा हिस्सा है. इसे सुनने के बाद चाहें तो पहला भी सुन लीजिएगा. मज़ा बराबर है. नितिन ठाकुर ने ये पॉडकास्ट किया है शाज़ी ज़मां के साथ. शाज़ी ने अपने दशक भर के रिसर्च के बाद अकबर पर एक किताब भी लिखी है. इस बातचीत में आपको सुनने को...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अकबर पर पॉडकास्ट का ये दूसरा हिस्सा है. इसे सुनने के बाद चाहें तो पहला भी सुन लीजिएगा. मज़ा बराबर है. नितिन ठाकुर ने ये पॉडकास्ट किया है शाज़ी ज़मां के साथ. शाज़ी ने अपने दशक भर के रिसर्च के बाद अकबर पर एक किताब भी लिखी है. इस बातचीत में आपको सुनने को मिलेगा कि अकबर को खाने में क्या क्या परोसा जाता था, क्या वो राणा प्रताप की मौत पर रोये थे, क्यों उन्होंने दीने इलाही बनाया और अकबर आधी रात को किस बेचैनी में टहला करते थे? <br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. ]]></itunes:summary><itunes:duration>4246</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0e3843873e5aa986eeb0c309bceb5e6f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>अकबर ने अनारकली को वाकई दीवार में चुनवाया था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 61</title><link>https://www.spreaker.com/episode/akabara-ne-anarakali-ko-vaka-i-divara-mem-cunavaya-tha-parhaku-nitina-ep-61--51271447</link><description><![CDATA[अकबर के नाम पर खूब कहानियां हैं, खूब अफवाहें हैं और खूब विवाद हैं. उन्हें कोई महान मानता है तो कोई विलेन. इस बार के पढ़ाकू नितिन में मुगल साम्राज्य के सबसे दमदार शासक अकबर पर बात हुई. नितिन ठाकुर ने ये पॉडकास्ट किया है शाज़ी ज़मां के साथ. शाज़ी ने अपने दशक भर के रिसर्च के बाद अकबर पर एक किताब भी लिखी है. इस बातचीत में आपको सुनने को मिलेगा कि अकबर असल में दिखता कैसा था, जोधाबाई से उसका क्या रिश्ता था, सलीम-अनारकली वाली कहानी कितनी सच्ची है, और उसके अलावा भी बहुत कुछ.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51271447</guid><pubDate>Thu, 15 Sep 2022 16:06:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51271447/15_sep_22_pn_akbar_15_sept_part_1_mix_128.mp3" length="62722298" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अकबर के नाम पर खूब कहानियां हैं, खूब अफवाहें हैं और खूब विवाद हैं. उन्हें कोई महान मानता है तो कोई विलेन. इस बार के पढ़ाकू नितिन में मुगल साम्राज्य के सबसे दमदार शासक अकबर पर बात हुई. नितिन ठाकुर ने ये पॉडकास्ट किया है शाज़ी ज़मां के साथ. शाज़ी ने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अकबर के नाम पर खूब कहानियां हैं, खूब अफवाहें हैं और खूब विवाद हैं. उन्हें कोई महान मानता है तो कोई विलेन. इस बार के पढ़ाकू नितिन में मुगल साम्राज्य के सबसे दमदार शासक अकबर पर बात हुई. नितिन ठाकुर ने ये पॉडकास्ट किया है शाज़ी ज़मां के साथ. शाज़ी ने अपने दशक भर के रिसर्च के बाद अकबर पर एक किताब भी लिखी है. इस बातचीत में आपको सुनने को मिलेगा कि अकबर असल में दिखता कैसा था, जोधाबाई से उसका क्या रिश्ता था, सलीम-अनारकली वाली कहानी कितनी सच्ची है, और उसके अलावा भी बहुत कुछ.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3921</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6005e393470be96940a0d59afbbcf22f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>तिहाड़ जाने की जुगत क्यों भिड़ाते हैं कुछ लोग?: पढ़ाकू नितिन, Ep 60</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tihara-jane-ki-jugata-kyom-bhirate-haim-kucha-loga-parhaku-nitina-ep-60--51186682</link><description><![CDATA[जेल एक भीड़ भरी लेकिन अकेली जगह है. सब वहां नहीं जाते लेकिन उस दुनिया का रहस्य ज़रूर जानना चाहते हैं. फ़ोटो जर्नलिस्ट रेणुका पुरी ने अनगिनत बार उस दुनिया को देखा है और खासकर महिलाओं की उस सेल तक पहुंची हैं जहां सबको नहीं जाने दिया जाता. इस बार के पढ़ाकू नितिन में तिहाड़ के उन कोनों तक पहुंचेंगे जहां सब नहीं जा पाते.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51186682</guid><pubDate>Thu, 08 Sep 2022 14:27:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51186682/08_sep_22_pn_tihar_8_sept_128.mp3" length="56149890" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जेल एक भीड़ भरी लेकिन अकेली जगह है. सब वहां नहीं जाते लेकिन उस दुनिया का रहस्य ज़रूर जानना चाहते हैं. फ़ोटो जर्नलिस्ट रेणुका पुरी ने अनगिनत बार उस दुनिया को देखा है और खासकर महिलाओं की उस सेल तक पहुंची हैं जहां सबको नहीं जाने दिया जाता. इस बार के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जेल एक भीड़ भरी लेकिन अकेली जगह है. सब वहां नहीं जाते लेकिन उस दुनिया का रहस्य ज़रूर जानना चाहते हैं. फ़ोटो जर्नलिस्ट रेणुका पुरी ने अनगिनत बार उस दुनिया को देखा है और खासकर महिलाओं की उस सेल तक पहुंची हैं जहां सबको नहीं जाने दिया जाता. इस बार के पढ़ाकू नितिन में तिहाड़ के उन कोनों तक पहुंचेंगे जहां सब नहीं जा पाते.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3510</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3fc7a7c117638a6c7d62084be349fadd.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भूत प्रेतों की दुनिया में कितनी हक़ीक़त और कितना अफ़साना है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 59</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bhuta-pretom-ki-duniya-mem-kitani-haqiqata-aura-kitana-afasana-hai-parhaku-nitina-ep-59--51107756</link><description><![CDATA[भूत, प्रेत, चुड़ैल, डायन, जिन्न, पिशाच, बेताल.. जाने कितने नाम हैं उस ख़ौफ़ के जिसके साये में लोग घबराए रहते हैं. हज़ारों साल से लेकर आज तक कई गुत्थियां सुलझ नहीं पाईं. इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर बात कर रहे हैं पैरानॉर्मल इनवेस्टिगेटर जय अलानी से और सुन रहे हैं उनकी आपबीती.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51107756</guid><pubDate>Thu, 01 Sep 2022 16:54:50 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51107756/01_sep_22_pn_bhoot_1_sep_mix_128.mp3" length="73719222" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भूत, प्रेत, चुड़ैल, डायन, जिन्न, पिशाच, बेताल.. जाने कितने नाम हैं उस ख़ौफ़ के जिसके साये में लोग घबराए रहते हैं. हज़ारों साल से लेकर आज तक कई गुत्थियां सुलझ नहीं पाईं. इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर बात कर रहे हैं पैरानॉर्मल इनवेस्टिगेटर जय...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भूत, प्रेत, चुड़ैल, डायन, जिन्न, पिशाच, बेताल.. जाने कितने नाम हैं उस ख़ौफ़ के जिसके साये में लोग घबराए रहते हैं. हज़ारों साल से लेकर आज तक कई गुत्थियां सुलझ नहीं पाईं. इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर बात कर रहे हैं पैरानॉर्मल इनवेस्टिगेटर जय अलानी से और सुन रहे हैं उनकी आपबीती.]]></itunes:summary><itunes:duration>4608</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6512ebf0488442fca15e3cfd38c63246.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>महात्मा गांधी पर सबसे मुश्किल सवालों का जवाब इतिहासकार से सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 58</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mahatma-gandhi-para-sabase-muskila-savalom-ka-javaba-itihasakara-se-suni-e-parhaku-nitina-ep-58--51030593</link><description><![CDATA[गांधी के समर्थक और उनके विरोधी हमेशा उन्हें कौतूहल से देखते रहे हैं. सबके पास उनके लिए सवाल थे और हैं. कुछ का जवाब मिल गया और कुछ अनुत्तरित रहे. इस बार के पढ़ाकू नितिन में इतिहासकार सुधीर चंद्र से नितिन ठाकुर ने गांधी से जुड़े सबसे मुश्किल सवाल पूछे हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/51030593</guid><pubDate>Thu, 25 Aug 2022 17:44:11 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/51030593/25_aug_22_pn_25_aug_128.mp3" length="90861400" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>गांधी के समर्थक और उनके विरोधी हमेशा उन्हें कौतूहल से देखते रहे हैं. सबके पास उनके लिए सवाल थे और हैं. कुछ का जवाब मिल गया और कुछ अनुत्तरित रहे. इस बार के पढ़ाकू नितिन में इतिहासकार सुधीर चंद्र से नितिन ठाकुर ने गांधी से जुड़े सबसे मुश्किल सवाल पूछे हैं.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[गांधी के समर्थक और उनके विरोधी हमेशा उन्हें कौतूहल से देखते रहे हैं. सबके पास उनके लिए सवाल थे और हैं. कुछ का जवाब मिल गया और कुछ अनुत्तरित रहे. इस बार के पढ़ाकू नितिन में इतिहासकार सुधीर चंद्र से नितिन ठाकुर ने गांधी से जुड़े सबसे मुश्किल सवाल पूछे हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5679</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d8baf02a7b225217c68fb249d53d35bc.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जब एक संपादक ने अपने अखबार के फ्रंट पेज पर छापा- I am Bastard!: पढ़ाकू नितिन, Ep 57</title><link>https://www.spreaker.com/episode/jaba-eka-sampadaka-ne-apane-akhabara-ke-phranta-peja-para-chapa-i-am-bastard-parhaku-nitina-ep-57--50969617</link><description><![CDATA[एक संपादक जिसने अपने ही अखबार में छाप दिया था- I am Bastard, एक पीएम जिसने चंद्रास्वामी को गिरफ्तारी से बचा लिया, एक ज्योतिषी जिसे पीएम पद के दावेदार ने कुंडली दिखाकर पूछा- मनमोहन सिंह की बजाय मुझे क्यों नहीं प्रधानमंत्री बनाया गया. ऐसे ऐसे मज़ेदार किस्से इस बार पढ़ाकू नितिन में सुनेंगे सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी से. उन्होंने एक किताब भी लिखी है- Instant History जिसमें पांच दशकों के करियर की यात्रा दर्ज की है. आज नितिन ठाकुर के साथ उनकी किस्सेबाज़ी के आनंद लीजिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50969617</guid><pubDate>Sat, 20 Aug 2022 08:56:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50969617/19_aug_22_pn_18_aug_128.mp3" length="76012982" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक संपादक जिसने अपने ही अखबार में छाप दिया था- I am Bastard, एक पीएम जिसने चंद्रास्वामी को गिरफ्तारी से बचा लिया, एक ज्योतिषी जिसे पीएम पद के दावेदार ने कुंडली दिखाकर पूछा- मनमोहन सिंह की बजाय मुझे क्यों नहीं प्रधानमंत्री बनाया गया. ऐसे ऐसे मज़ेदार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक संपादक जिसने अपने ही अखबार में छाप दिया था- I am Bastard, एक पीएम जिसने चंद्रास्वामी को गिरफ्तारी से बचा लिया, एक ज्योतिषी जिसे पीएम पद के दावेदार ने कुंडली दिखाकर पूछा- मनमोहन सिंह की बजाय मुझे क्यों नहीं प्रधानमंत्री बनाया गया. ऐसे ऐसे मज़ेदार किस्से इस बार पढ़ाकू नितिन में सुनेंगे सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी से. उन्होंने एक किताब भी लिखी है- Instant History जिसमें पांच दशकों के करियर की यात्रा दर्ज की है. आज नितिन ठाकुर के साथ उनकी किस्सेबाज़ी के आनंद लीजिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>4751</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c4ccab98eb1b8583227a530f37aca1d4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ताइवान को कभी तवज्जो ना देनेवाला चीन अब उसके पीछे क्यों पड़ा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 56</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ta-ivana-ko-kabhi-tavajjo-na-denevala-cina-aba-usake-piche-kyom-para-hai-parhaku-nitina-ep-56--50887512</link><description><![CDATA[अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे के तुरंत बाद चीन एक्टिव हो गया है. तरह-तरह से वो ताइवान को डरा धमका रहा है. उसका दावा है कि ताइवान ऐतिहासिक रूप से चीन का हिस्सा है. इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ चाइना स्टडीज़ के एक्सपर्ट प्रो राकेश कुमार बता रहे हैं कि कभी जिस ताइवान को तवज्जो नहीं मिली उसके पीछे चीन क्यों पड़ा है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50887512</guid><pubDate>Thu, 11 Aug 2022 17:13:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50887512/11_aug_22_pn_11_aug_128.mp3" length="87253577" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे के तुरंत बाद चीन एक्टिव हो गया है. तरह-तरह से वो ताइवान को डरा धमका रहा है. उसका दावा है कि ताइवान ऐतिहासिक रूप से चीन का हिस्सा है. इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ चाइना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे के तुरंत बाद चीन एक्टिव हो गया है. तरह-तरह से वो ताइवान को डरा धमका रहा है. उसका दावा है कि ताइवान ऐतिहासिक रूप से चीन का हिस्सा है. इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ चाइना स्टडीज़ के एक्सपर्ट प्रो राकेश कुमार बता रहे हैं कि कभी जिस ताइवान को तवज्जो नहीं मिली उसके पीछे चीन क्यों पड़ा है?]]></itunes:summary><itunes:duration>5454</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e0705c718cc3025edbf50bbc4405b68a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जंग के बीच एयरफोर्स पायलट पर आर्मी के जवान ने क्यों तान दी थी बंदूक?: पढ़ाकू नितिन, Ep 55</title><link>https://www.spreaker.com/episode/janga-ke-bica-eyaraphorsa-payalata-para-armi-ke-javana-ne-kyom-tana-di-thi-banduka-parhaku-nitina-ep-55--50815694</link><description><![CDATA[पढ़ाकू नितिन का ये एपिसोड गज़ब के क़िस्सों से भरा है. क़िस्से असली हैं और सुनानेवाले रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल राजेश इस्सर हैं. उन्होंने 37 सालों तक बेशुमार हेलिकॉप्टर्स उड़ाए और वायुसैनिकों को उड़ाने सिखाए भी. चार दशकों के लंबे करियर में उन्होंने जंग, आपदा, शांति मिशन जैसी तमाम चीज़ें झेलीं, और एक बार तो ये भी हुआ कि बीच जंग में उन पर आर्मी के एक जवान ने बंदूक तान दी और ठीक उसी वक्त एक आर्मी अफ़सर उनके सामने हाथ जोड़ रहा था. चलिए नितिन ठाकुर के साथ इन क़िस्सों के सफ़र पर.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50815694</guid><pubDate>Thu, 04 Aug 2022 18:02:33 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50815694/04_aug_22_pn_4_aug_chopper_mix_128.mp3" length="84432352" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पढ़ाकू नितिन का ये एपिसोड गज़ब के क़िस्सों से भरा है. क़िस्से असली हैं और सुनानेवाले रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल राजेश इस्सर हैं. उन्होंने 37 सालों तक बेशुमार हेलिकॉप्टर्स उड़ाए और वायुसैनिकों को उड़ाने सिखाए भी. चार दशकों के लंबे करियर में उन्होंने जंग,...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पढ़ाकू नितिन का ये एपिसोड गज़ब के क़िस्सों से भरा है. क़िस्से असली हैं और सुनानेवाले रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल राजेश इस्सर हैं. उन्होंने 37 सालों तक बेशुमार हेलिकॉप्टर्स उड़ाए और वायुसैनिकों को उड़ाने सिखाए भी. चार दशकों के लंबे करियर में उन्होंने जंग, आपदा, शांति मिशन जैसी तमाम चीज़ें झेलीं, और एक बार तो ये भी हुआ कि बीच जंग में उन पर आर्मी के एक जवान ने बंदूक तान दी और ठीक उसी वक्त एक आर्मी अफ़सर उनके सामने हाथ जोड़ रहा था. चलिए नितिन ठाकुर के साथ इन क़िस्सों के सफ़र पर.]]></itunes:summary><itunes:duration>5278</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/aed3740a0d52a89440899ded57dfecaa.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>क्रैश के बाद नेताजी बोस को ज़िंदा देखने का दावा करनेवाले खामोश कर दिए गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 54</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kraisa-ke-bada-netaji-bosa-ko-zinda-dekhane-ka-dava-karanevale-khamosa-kara-di-e-ga-e-parhaku-nitina-ep-54--50774576</link><description><![CDATA[नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बारे में हमेशा बताया गया कि उनकी मौत हवाई हादसे में हो गई थी. बावजूद इसके ये घटना विवादों में ही रही. पढ़ाकू नितिन में डॉक्यूमेंटेरियन इक़बाल चंद मल्होत्रा गवाहों और कागज़ात के बूते दावा कर रहे हैं कि नेताजी अपनी “मौत की खबर” के बाद भी ज़िंदा थे और सामने आने की कोशिश भी करते रहे.<br /><br />साउंड मिक्सिंग - कपिल देव सिंह <br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50774576</guid><pubDate>Mon, 01 Aug 2022 12:33:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50774576/29_jul_22_pn_28_july_128.mp3" length="80858801" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बारे में हमेशा बताया गया कि उनकी मौत हवाई हादसे में हो गई थी. बावजूद इसके ये घटना विवादों में ही रही. पढ़ाकू नितिन में डॉक्यूमेंटेरियन इक़बाल चंद मल्होत्रा गवाहों और कागज़ात के बूते दावा कर रहे हैं कि नेताजी अपनी “मौत की खबर”...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बारे में हमेशा बताया गया कि उनकी मौत हवाई हादसे में हो गई थी. बावजूद इसके ये घटना विवादों में ही रही. पढ़ाकू नितिन में डॉक्यूमेंटेरियन इक़बाल चंद मल्होत्रा गवाहों और कागज़ात के बूते दावा कर रहे हैं कि नेताजी अपनी “मौत की खबर” के बाद भी ज़िंदा थे और सामने आने की कोशिश भी करते रहे.<br /><br />साउंड मिक्सिंग - कपिल देव सिंह <br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>5054</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0d27ff0b170828e8f2d5b28015e2ff6a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>रामायण का वो वर्ज़न जिसमें ना गदा है और ना सीता का स्वयंवर: पढ़ाकू नितिन, Ep 53</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ramayana-ka-vo-varzana-jisamem-na-gada-hai-aura-na-sita-ka-svayanvara-parhaku-nitina-ep-53--50669623</link><description><![CDATA[रामायण के बहुत से वर्ज़न हैं. कोई संस्कृत में है तो कोई अवधी में, कोई उत्तर भारत में है तो कोई साउथ में. कोई सैकड़ों साल पहले लिखी गई तो कोई आजकल में ही. जितनी रामायण हैं उतनी ही अलग अलग दिलचस्प कहानियां भी. पढ़ाकू नितिन में शामिल हुईं अमि गणात्रा जिन्होंने Ramayana Unravelled लिखी है उन्होंने नितिन ठाकुर को बताया कि कौन सी रामायण प्रामाणिकता के करीब है, कौन सी रामायण है जिसमें ना गदा का ज़िक्र है और ना सीता स्वयंवर का, राम और कृष्ण इंसान थे या अवतार, रावण की असल कहानी क्या है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50669623</guid><pubDate>Thu, 21 Jul 2022 17:02:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50669623/21_jul_22_pn_ramayana_21_july_mix_128.mp3" length="57322684" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>रामायण के बहुत से वर्ज़न हैं. कोई संस्कृत में है तो कोई अवधी में, कोई उत्तर भारत में है तो कोई साउथ में. कोई सैकड़ों साल पहले लिखी गई तो कोई आजकल में ही. जितनी रामायण हैं उतनी ही अलग अलग दिलचस्प कहानियां भी. पढ़ाकू नितिन में शामिल हुईं अमि गणात्रा...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[रामायण के बहुत से वर्ज़न हैं. कोई संस्कृत में है तो कोई अवधी में, कोई उत्तर भारत में है तो कोई साउथ में. कोई सैकड़ों साल पहले लिखी गई तो कोई आजकल में ही. जितनी रामायण हैं उतनी ही अलग अलग दिलचस्प कहानियां भी. पढ़ाकू नितिन में शामिल हुईं अमि गणात्रा जिन्होंने Ramayana Unravelled लिखी है उन्होंने नितिन ठाकुर को बताया कि कौन सी रामायण प्रामाणिकता के करीब है, कौन सी रामायण है जिसमें ना गदा का ज़िक्र है और ना सीता स्वयंवर का, राम और कृष्ण इंसान थे या अवतार, रावण की असल कहानी क्या है.]]></itunes:summary><itunes:duration>3583</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/71f5d6038d613895aef550e51bbcb77f.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>श्रीलंका के डूबने की वजह रुपए-पैसे से ज़्यादा नफरती राजनीति क्यों है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 52</title><link>https://www.spreaker.com/episode/srilanka-ke-dubane-ki-vajaha-rupa-e-paise-se-zyada-napharati-rajaniti-kyom-hai-parhaku-nitina-ep-52--50574013</link><description><![CDATA[श्रीलंका में भरभराता इकोनॉमिक सिस्टम एक रात में कमज़ोर नहीं हुआ. इसके पीछे कई वजहें हैं, कई लोग हैं, कई गलत फैसले हैं. जो तस्वीरें श्रीलंका से आ रही हैं उनकी तह तक जाने के लिए इस बार पढ़ाकू नितिन में बैठकी हुई है ऐसे एक्सपर्ट से जो तीस सालों तक श्रीलंका पर पढ़ाई लिखाई करते रहे. अवतार सिंह भसीन से सुनिए श्रीलंका के डूबने की कहानी.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50574013</guid><pubDate>Thu, 14 Jul 2022 17:36:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50574013/14_jul_22_pn_ep_52_sri_lanka_mix_128.mp3" length="54634788" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>श्रीलंका में भरभराता इकोनॉमिक सिस्टम एक रात में कमज़ोर नहीं हुआ. इसके पीछे कई वजहें हैं, कई लोग हैं, कई गलत फैसले हैं. जो तस्वीरें श्रीलंका से आ रही हैं उनकी तह तक जाने के लिए इस बार पढ़ाकू नितिन में बैठकी हुई है ऐसे एक्सपर्ट से जो तीस सालों तक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[श्रीलंका में भरभराता इकोनॉमिक सिस्टम एक रात में कमज़ोर नहीं हुआ. इसके पीछे कई वजहें हैं, कई लोग हैं, कई गलत फैसले हैं. जो तस्वीरें श्रीलंका से आ रही हैं उनकी तह तक जाने के लिए इस बार पढ़ाकू नितिन में बैठकी हुई है ऐसे एक्सपर्ट से जो तीस सालों तक श्रीलंका पर पढ़ाई लिखाई करते रहे. अवतार सिंह भसीन से सुनिए श्रीलंका के डूबने की कहानी.]]></itunes:summary><itunes:duration>3415</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dd38f9ee2b3bc0b441ed51690459fa2b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>धर्मों को समलैंगिकता मंज़ूर है या नहीं, देवदत्त पटनायक से सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 51</title><link>https://www.spreaker.com/episode/dharmom-ko-samalaingikata-manzura-hai-ya-nahim-devadatta-patanayaka-se-suni-e-parhaku-nitina-ep-51--50497854</link><description><![CDATA[धर्मों में समलैंगिकता के लिए कितनी जगह है, ये सवाल हमेशा बना रहा है. धार्मिक पुस्तकों में इसका जवाब तलाशने की कोशिश चलती ही रहती है. अब माइथोलॉजी पर जमकर लिखनेवाले देवदत्त पटनायक एक किताब लाए हैं जिसका नाम ही है ‘धर्म और समलैंगिकता’. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर ने उनसे बात की और टटोला कि कौन सा धर्म समलैंगिकता पर क्या कहता है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50497854</guid><pubDate>Thu, 07 Jul 2022 15:14:53 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50497854/07_jul_22_pn_7_july_devdutt_128.mp3" length="63147781" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>धर्मों में समलैंगिकता के लिए कितनी जगह है, ये सवाल हमेशा बना रहा है. धार्मिक पुस्तकों में इसका जवाब तलाशने की 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50</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bekabu-sera-hathi-marane-vale-navaba-sahaba-kyom-sikara-ke-samarthaka-haim-parhaku-nitina-ep-50--50421984</link><description><![CDATA[कभी कोई आदमखोर शेर इंसान को मार देता है तो कभी बेकाबू हाथी मस्त होकर सब कुचलने निकल जाता है. जब जंगली काबू से बाहर हो जाते हैं तब कई बार उन्हें मारने का फैसला लिया जाता है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए ख़तरनाक हो चुके जंगली जानवरों को काबू करने में एक्सपर्ट पिता-पुत्र नवाब शफत अली खान और उनके बेटे असगर अली खान को. वो बता रहे हैं कि इंसान-जानवरों के इस संघर्ष का समाधान क्या हो सकता है, चर्चित शेरनी ‘अवनि’ को मारने का विवादित किस्सा क्या है और क्या शिकार से इंसान-जानवर की आबादी का अनुपात ठीक हो सकता है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50421984</guid><pubDate>Thu, 30 Jun 2022 16:49:13 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50421984/30_jun_22_pn_30_june_sherni_128.mp3" length="96227996" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कभी कोई आदमखोर शेर इंसान को मार देता है तो कभी बेकाबू हाथी मस्त होकर सब कुचलने निकल जाता है. जब जंगली काबू से बाहर हो जाते हैं तब कई बार उन्हें मारने का फैसला लिया जाता है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए ख़तरनाक हो चुके जंगली जानवरों को काबू करने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कभी कोई आदमखोर शेर इंसान को मार देता है तो कभी बेकाबू हाथी मस्त होकर सब कुचलने निकल जाता है. जब जंगली काबू से बाहर हो जाते हैं तब कई बार उन्हें मारने का फैसला लिया जाता है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए ख़तरनाक हो चुके जंगली जानवरों को काबू करने में एक्सपर्ट पिता-पुत्र नवाब शफत अली खान और उनके बेटे असगर अली खान को. वो बता रहे हैं कि इंसान-जानवरों के इस संघर्ष का समाधान क्या हो सकता है, चर्चित शेरनी ‘अवनि’ को मारने का विवादित किस्सा क्या है और क्या शिकार से इंसान-जानवर की आबादी का अनुपात ठीक हो सकता है?]]></itunes:summary><itunes:duration>6015</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3dfb78c5157a64a1f0e79f9f8da55276.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>गांधी के प्रेम प्रसंगों पर क्या सोचती थीं उनकी पत्नी कस्तूरबा, सुनिए तुषार गांधी से: पढ़ाकू नितिन, Ep 49</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gandhi-ke-prema-prasangom-para-kya-socati-thim-unaki-patni-kasturaba-suni-e-tusara-gandhi-se-parhaku-nitina-ep-49--50310434</link><description><![CDATA[कस्तूरबा हमेशा महात्मा गांधी के साथ साये की तरह रहीं. वो जब जेल में होते तो भी बाहर संघर्ष करती रहीं लेकिन नायक की परछाईं में कई बार बाकी लोग छिप जाते हैं. कस्तूरबा भी छिप गईं. पढ़ाकू नितिन के इस ऐपीसोड में कस्तूरबा के पड़पोते तुषार गांधी उन्हें भावुक होकर याद कर रहे हैं. एक 'गांधी' होने के नाते वो क्या महसूस करते हैं ये भी बता रहे हैं, और गांधी जी के प्रयोगों एवं प्रेम प्रसंगों पर कस्तूरबा क्या कहती थीं वो भी सुना रहे हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50310434</guid><pubDate>Thu, 23 Jun 2022 17:17:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50310434/23_jun_22_pn_23_june_mix_ba_part_2_128.mp3" length="53408914" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कस्तूरबा हमेशा महात्मा गांधी के साथ साये की तरह रहीं. वो जब जेल में होते तो भी बाहर संघर्ष करती रहीं लेकिन नायक की परछाईं में कई बार बाकी लोग छिप जाते हैं. कस्तूरबा भी छिप गईं. पढ़ाकू नितिन के इस ऐपीसोड में कस्तूरबा के पड़पोते तुषार गांधी उन्हें भावुक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कस्तूरबा हमेशा महात्मा गांधी के साथ साये की तरह रहीं. वो जब जेल में होते तो भी बाहर संघर्ष करती रहीं लेकिन नायक की परछाईं में कई बार बाकी लोग छिप जाते हैं. कस्तूरबा भी छिप गईं. पढ़ाकू नितिन के इस ऐपीसोड में कस्तूरबा के पड़पोते तुषार गांधी उन्हें भावुक होकर याद कर रहे हैं. एक 'गांधी' होने के नाते वो क्या महसूस करते हैं ये भी बता रहे हैं, और गांधी जी के प्रयोगों एवं प्रेम प्रसंगों पर कस्तूरबा क्या कहती थीं वो भी सुना रहे हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3339</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/794f90d46457a10dce9f3957fa624114.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कस्तूरबा गांधी की 90 साल पुरानी डायरी में क्या लिखा है, उनके पड़पोते से जानिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 48</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kasturaba-gandhi-ki-90-sala-purani-dayari-mem-kya-likha-hai-unake-parapote-se-jani-e-parhaku-nitina-ep-48--50226043</link><description><![CDATA[महात्मा गांधी की विशाल छवि के पीछे जाने- अनजाने कस्तूरबा छिपी रह गईं. वही थीं जिन्होंने मोहन को महात्मा बनते देखा लेकिन उनके बारे में बहुत कम जाना गया. पिछले दिनों कस्तूरबा की एक गुम हो चुकी डायरी उनके पड़पोते तुषार गांधी के हाथ लगी. उन्होंने उस पर एक किताब भी लिखी. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में तुषार ने इत्मीनान और विस्तार से अपनी पड़दादी कस्तूरबा को याद किया. उन्होंने बताया कि कस्तूरबा की सीमाएँ क्या थीं, गुण क्या थे, मजबूरियां क्या थीं, ज़िद क्या थी और धर्मसंकट क्या थे.<br /><br />- कस्तूरबा अपने पति के पीछे चलने वाली अनुयायी भर थीं?<br />- गांधी की वैचारिक विरासत का बोझ ढोना कस्तूर की मजबूरी थी?<br />- कस्तूरबा खुद कभी एक्टिव पॉलिटिक्स में क्यों नहीं आईं?<br />- गांधी-कस्तूरबा के बीच किस बात पर झगड़े होते थे?<br />- हरिलाल क्यों ‘गांधी के सबसे बिगड़ैल बेटे’ थे? <br />- क्या गांधी कस्तूरबा से राजनीतिक सलाह लेते थे?<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. आज तक रेडियो इसका अनुमोदन नहीं करता.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50226043</guid><pubDate>Thu, 16 Jun 2022 15:57:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50226043/pn_ep_48_re.mp3" length="133530332" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>महात्मा गांधी की विशाल छवि के पीछे जाने- अनजाने कस्तूरबा छिपी रह गईं. वही थीं जिन्होंने मोहन को महात्मा बनते देखा लेकिन उनके बारे में बहुत कम जाना गया. पिछले दिनों कस्तूरबा की एक गुम हो चुकी डायरी उनके पड़पोते तुषार गांधी के हाथ लगी. उन्होंने उस पर एक...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[महात्मा गांधी की विशाल छवि के पीछे जाने- अनजाने कस्तूरबा छिपी रह गईं. वही थीं जिन्होंने मोहन को महात्मा बनते देखा लेकिन उनके बारे में बहुत कम जाना गया. पिछले दिनों कस्तूरबा की एक गुम हो चुकी डायरी उनके पड़पोते तुषार गांधी के हाथ लगी. उन्होंने उस पर एक किताब भी लिखी. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में तुषार ने इत्मीनान और विस्तार से अपनी पड़दादी कस्तूरबा को याद किया. उन्होंने बताया कि कस्तूरबा की सीमाएँ क्या थीं, गुण क्या थे, मजबूरियां क्या थीं, ज़िद क्या थी और धर्मसंकट क्या थे.<br /><br />- कस्तूरबा अपने पति के पीछे चलने वाली अनुयायी भर थीं?<br />- गांधी की वैचारिक विरासत का बोझ ढोना कस्तूर की मजबूरी थी?<br />- कस्तूरबा खुद कभी एक्टिव पॉलिटिक्स में क्यों नहीं आईं?<br />- गांधी-कस्तूरबा के बीच किस बात पर झगड़े होते थे?<br />- हरिलाल क्यों ‘गांधी के सबसे बिगड़ैल बेटे’ थे? <br />- क्या गांधी कस्तूरबा से राजनीतिक सलाह लेते थे?<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. आज तक रेडियो इसका अनुमोदन नहीं करता.]]></itunes:summary><itunes:duration>3339</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/93b0bfa26c9a427f7c095723d2a86592.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पृथ्वीराज चौहान का असल इतिहास सुनेंगे तो किसी झांसे में नहीं फंसेंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 47</title><link>https://www.spreaker.com/episode/prthviraja-cauhana-ka-asala-itihasa-sunenge-to-kisi-jhanse-mem-nahim-phansenge-parhaku-nitina-ep-47--50145953</link><description><![CDATA[पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी की जंग हज़ार साल पहले हुई लेकिन उनका कहानी-किस्सा आज तक लोगों के ज़हन में है. वक्त बहुत बीत गया इसलिए ढेरों बातों पर धुंधलका छाया है. सच-झूठ क्या है पता नहीं चल पाता लेकिन आज के 'पढ़ाकू नितिन' में तथ्य और गल्प को अलग अलग करके देखेंगे. पटना यूनिवर्सिटी में इतिहास पढ़ाने वालीं असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा सिंह से सुनिए पृथ्वीराज चौहान का असली इतिहास.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50145953</guid><pubDate>Thu, 09 Jun 2022 18:02:38 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50145953/09_jun_22_pn_prithvi_raj_128.mp3" length="82252277" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी की जंग हज़ार साल पहले हुई लेकिन उनका कहानी-किस्सा आज तक लोगों के ज़हन में है. वक्त बहुत बीत गया इसलिए ढेरों बातों पर धुंधलका छाया है. सच-झूठ क्या है पता नहीं चल पाता लेकिन आज के 'पढ़ाकू नितिन' में तथ्य और गल्प को अलग...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी की जंग हज़ार साल पहले हुई लेकिन उनका कहानी-किस्सा आज तक लोगों के ज़हन में है. वक्त बहुत बीत गया इसलिए ढेरों बातों पर धुंधलका छाया है. सच-झूठ क्या है पता नहीं चल पाता लेकिन आज के 'पढ़ाकू नितिन' में तथ्य और गल्प को अलग अलग करके देखेंगे. पटना यूनिवर्सिटी में इतिहास पढ़ाने वालीं असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा सिंह से सुनिए पृथ्वीराज चौहान का असली इतिहास.]]></itunes:summary><itunes:duration>5141</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b34aba8803c40b1c6c7c60627c7f9b99.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>शिवाजी के पिता मुस्लिम सुल्तानों के दरबारी थे लेकिन उन्होंने क्यों तलवार उठा ली?: पढ़ाकू नितिन, Ep 46</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sivaji-ke-pita-muslima-sultanom-ke-darabari-the-lekina-unhonne-kyom-talavara-utha-li-parhaku-nitina-ep-46--50041121</link><description><![CDATA[शिवाजी के बारे में जितने तथ्य फैले हैं उतनी ही किंवदंतियां भी. बावजूद इसके बहुत सारे लोग शिवाजी के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते. जैसे कितने लोग जानते हैं कि वो एक ताकतवर नेवी के स्वामी थे या उनके पिता जिस आदिलशाही सल्तनत के लिए जंग लड़ते थे उसी के दुर्ग शिवाजी जीत रहे थे. ऐसे ही दिलचस्प किस्से सुनिए पढ़ाकू नितिन में मराठों पर तीन किताब लिख चुकीं लेखिका मेधा देशमुख भास्करन से.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/50041121</guid><pubDate>Thu, 02 Jun 2022 16:40:58 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/50041121/pn_02_mixdown.mp3" length="263362163" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शिवाजी के बारे में जितने तथ्य फैले हैं उतनी ही किंवदंतियां भी. बावजूद इसके बहुत सारे लोग शिवाजी के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते. जैसे कितने लोग जानते हैं कि वो एक ताकतवर नेवी के स्वामी थे या उनके पिता जिस आदिलशाही सल्तनत के लिए जंग लड़ते थे उसी के...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शिवाजी के बारे में जितने तथ्य फैले हैं उतनी ही किंवदंतियां भी. बावजूद इसके बहुत सारे लोग शिवाजी के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते. जैसे कितने लोग जानते हैं कि वो एक ताकतवर नेवी के स्वामी थे या उनके पिता जिस आदिलशाही सल्तनत के लिए जंग लड़ते थे उसी के दुर्ग शिवाजी जीत रहे थे. ऐसे ही दिलचस्प किस्से सुनिए पढ़ाकू नितिन में मराठों पर तीन किताब लिख चुकीं लेखिका मेधा देशमुख भास्करन से.]]></itunes:summary><itunes:duration>6582</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3ec787648002ee83c5594fbbaf2ad07c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>औरंगजेब की शाही सेना को तबाह कर देनेवाले लछित सेनापति की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 45</title><link>https://www.spreaker.com/episode/aurangajeba-ki-sahi-sena-ko-tabaha-kara-denevale-lachita-senapati-ki-kahani-parhaku-nitina-ep-45--49957012</link><description><![CDATA[मुस्लिम हमलवारों को अहोम वंश ने 18 बार हराया. औरंगजेब की भी उनके सामने एक नहीं चली. सेनापति लछित ने अपनी नेवी से शाही सेना को ब्रह्मपुत्र में डुबा दिया. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार सुनिए नितिन ठाकुर के साथ अनीश गोखले की ये क़िस्सागोई.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49957012</guid><pubDate>Thu, 26 May 2022 17:02:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49957012/26_may_22_pn_26_may_mixed_128.mp3" length="74790452" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मुस्लिम हमलवारों को अहोम वंश ने 18 बार हराया. औरंगजेब की भी उनके सामने एक नहीं चली. सेनापति लछित ने अपनी नेवी से शाही सेना को ब्रह्मपुत्र में डुबा दिया. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार सुनिए नितिन ठाकुर के साथ अनीश गोखले की ये क़िस्सागोई.</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मुस्लिम हमलवारों को अहोम वंश ने 18 बार हराया. औरंगजेब की भी उनके सामने एक नहीं चली. सेनापति लछित ने अपनी नेवी से शाही सेना को ब्रह्मपुत्र में डुबा दिया. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार सुनिए नितिन ठाकुर के साथ अनीश गोखले की ये क़िस्सागोई.]]></itunes:summary><itunes:duration>4675</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e6736c3636102d644bf7e764f76c2330.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>ताजमहल के गुंबद से लेकर बंद कमरों तक पहुंचे प्रोफेसर से सुनिए चौंकानेवाले सच : पढ़ाकू नितिन, Ep 44</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tajamahala-ke-gumbada-se-lekara-banda-kamarom-taka-pahunce-prophesara-se-suni-e-caunkanevale-saca-parhaku-nitina-ep-44--49863837</link><description><![CDATA[ताजमहल को लेकर आजकल बहुत सवाल उठ रहे हैं. कुछ नए हैं कुछ पुराने. इस बार “पढ़ाकू नितिन” में नितिन ठाकुर ने ऐसे शख्स से बात की है जो पांच दशक पहले ताजमहल के गुंबद तक भी गए हैं और अंडरग्राउंड 22 बंद कमरों तक भी. एएमयू में इतिहास विभाग संभाल चुके प्रो सैयद अली नदीम रेज़वी ने इस पॉडकास्ट में ताजमहल से जुड़े ऐसे सभी सवालों का इत्मीनान से जवाब दिया है जो आपके ज़हन में कभी ना कभी उठे होंगे.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. आज तक रेडियो इसका अनुमोदन नहीं करता.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49863837</guid><pubDate>Thu, 19 May 2022 16:31:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49863837/19_may_22_pn_taj_mix_128.mp3" length="115234690" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ताजमहल को लेकर आजकल बहुत सवाल उठ रहे हैं. कुछ नए हैं कुछ पुराने. इस बार “पढ़ाकू नितिन” में नितिन ठाकुर ने ऐसे शख्स से बात की है जो पांच दशक पहले ताजमहल के गुंबद तक भी गए हैं और अंडरग्राउंड 22 बंद कमरों तक भी. एएमयू में इतिहास विभाग संभाल चुके प्रो...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ताजमहल को लेकर आजकल बहुत सवाल उठ रहे हैं. कुछ नए हैं कुछ पुराने. इस बार “पढ़ाकू नितिन” में नितिन ठाकुर ने ऐसे शख्स से बात की है जो पांच दशक पहले ताजमहल के गुंबद तक भी गए हैं और अंडरग्राउंड 22 बंद कमरों तक भी. एएमयू में इतिहास विभाग संभाल चुके प्रो सैयद अली नदीम रेज़वी ने इस पॉडकास्ट में ताजमहल से जुड़े ऐसे सभी सवालों का इत्मीनान से जवाब दिया है जो आपके ज़हन में कभी ना कभी उठे होंगे.<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. आज तक रेडियो इसका अनुमोदन नहीं करता.]]></itunes:summary><itunes:duration>7203</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/744752268430e1fd8300bee3aebcfd9b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सैकड़ों साल से गली-मोहल्ले में खेले जा रहे खेल कहां खो गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 43</title><link>https://www.spreaker.com/episode/saikarom-sala-se-gali-mohalle-mem-khele-ja-rahe-khela-kaham-kho-ga-e-parhaku-nitina-ep-43--49775308</link><description><![CDATA[जितना पुराना इंसान है शायद उतने ही पुराने खेल. हर देश, हर समाज, हर काल में खेले जाते रहे. रोम में ग्लैडिएटर्स भी खेलते थे, महाभारत में कौरव-पांडव भी. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर ने बात की है अमिताभ सत्यम और संगीता गोस्वामी से खेलों के ही बारे में. ऐसे विशुद्ध देसी खेल जो धीरे धीरे खोते चले जा रहे हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49775308</guid><pubDate>Thu, 12 May 2022 16:38:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49775308/12_may_22_pn_khel_128.mp3" length="48246700" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जितना पुराना इंसान है शायद उतने ही पुराने खेल. हर देश, हर समाज, हर काल में खेले जाते रहे. रोम में ग्लैडिएटर्स भी खेलते थे, महाभारत में कौरव-पांडव भी. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर ने बात की है अमिताभ सत्यम और संगीता गोस्वामी से खेलों के ही बारे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जितना पुराना इंसान है शायद उतने ही पुराने खेल. हर देश, हर समाज, हर काल में खेले जाते रहे. रोम में ग्लैडिएटर्स भी खेलते थे, महाभारत में कौरव-पांडव भी. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर ने बात की है अमिताभ सत्यम और संगीता गोस्वामी से खेलों के ही बारे में. ऐसे विशुद्ध देसी खेल जो धीरे धीरे खोते चले जा रहे हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>3016</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c470e9db638f127bda0ee518cdb422f6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बीजेपी-शिवेसना में बाबरी विध्वंस क्रेडिट की होड़, सुनिए आंखों देखी: पढ़ाकू नितिन, Ep 42</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bijepi-sivesana-mem-babari-vidhvansa-kredita-ki-hora-suni-e-ankhom-dekhi-parhaku-nitina-ep-42--49676909</link><description><![CDATA[बीजेपी-शिवेसना के बीच बाबरी विध्वंस का क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है. ऐसे मौके पर हमने सोचा कि पढ़ाकू नितिन में 6 दिसंबर 1992 की आंखों देखी सुनी जाए. सीनियर जर्नलिस्ट रामदत्त त्रिपाठी ने ना सिर्फ बाबरी को ढहते देखा था बल्कि उसके पहले और बाद के हर वाकये के वो चश्मदीद भी रहे हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में उन्हें ही सुनिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49676909</guid><pubDate>Thu, 05 May 2022 15:25:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49676909/05_may_22_pn_5_may_babri_mixed_kapil_128.mp3" length="37327934" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बीजेपी-शिवेसना के बीच बाबरी विध्वंस का क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है. ऐसे मौके पर हमने सोचा कि पढ़ाकू नितिन में 6 दिसंबर 1992 की आंखों देखी सुनी जाए. सीनियर जर्नलिस्ट रामदत्त त्रिपाठी ने ना सिर्फ बाबरी को ढहते देखा था बल्कि उसके पहले और बाद के हर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बीजेपी-शिवेसना के बीच बाबरी विध्वंस का क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है. ऐसे मौके पर हमने सोचा कि पढ़ाकू नितिन में 6 दिसंबर 1992 की आंखों देखी सुनी जाए. सीनियर जर्नलिस्ट रामदत्त त्रिपाठी ने ना सिर्फ बाबरी को ढहते देखा था बल्कि उसके पहले और बाद के हर वाकये के वो चश्मदीद भी रहे हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में उन्हें ही सुनिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>2333</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2e2b3eebbcdda6ea78146fbcb51fbefe.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>फ्री स्पीच के लिए खुले Social Media Platforms खुलकर बोलने कब देंगे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 41</title><link>https://www.spreaker.com/episode/phri-spica-ke-li-e-khule-social-media-platforms-khulakara-bolane-kaba-denge-parhaku-nitina-ep-41--49584286</link><description><![CDATA[सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स कभी फ्री स्पीच का नारा देकर आए थे, लेकिन लोगों को वो हक दे नहीं सके. ऊपर से उनके सिर पर कई तरह की तलवारें अलग लटकी हैं. अब तो कॉम्पीटिशन भी तेज़ है. तो इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ Koo के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्णा से बात हो रही है इन्हीं सवालों पर.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49584286</guid><pubDate>Thu, 28 Apr 2022 15:06:14 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49584286/28_apr_22_pn_koo_mix_128.mp3" length="60492068" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स कभी फ्री स्पीच का नारा देकर आए थे, लेकिन लोगों को वो हक दे नहीं सके. ऊपर से उनके सिर पर कई तरह की तलवारें अलग लटकी हैं. अब तो कॉम्पीटिशन भी तेज़ है. तो इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ Koo के को-फाउंडर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स कभी फ्री स्पीच का नारा देकर आए थे, लेकिन लोगों को वो हक दे नहीं सके. ऊपर से उनके सिर पर कई तरह की तलवारें अलग लटकी हैं. अब तो कॉम्पीटिशन भी तेज़ है. तो इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ Koo के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्णा से बात हो रही है इन्हीं सवालों पर.]]></itunes:summary><itunes:duration>3781</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1abc68f8785f284734cef432ed211d41.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>पाकिस्तान के खाली खज़ाने की कहानी क्या है, पाकिस्तानी एक्सपर्ट से सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 40</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistana-ke-khali-khazane-ki-kahani-kya-hai-pakistani-eksaparta-se-suni-e-parhaku-nitina-ep-40--49504964</link><description><![CDATA[पाकिस्तान अपने इतिहास की सबसे ज़्यादा महंगाई झेल रहा है, उसके पास विदेश से खरीद के लिए महज़ डेढ़ महीने लायक डॉलर हैं, बेचने के लिए उनके पास कुछ बचा नहीं. ऐसे में राजनीतिक तौर पर डावांडोल पाकिस्तान क्या करेगा, सुनिए पढ़ाकू नितिन में इकोनॉमिस्ट और कराची की हबीब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ अक़दस अफ़ज़ल से.<br /><br />डिस्क्लेमर: इस पॉडकास्ट में पेश किए गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं. आजतक रेडियो का सहमत होना ज़रूरी नहीं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49504964</guid><pubDate>Thu, 21 Apr 2022 15:00:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49504964/21_apr_22_pn_21_april_128.mp3" length="68106866" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाकिस्तान अपने इतिहास की सबसे ज़्यादा महंगाई झेल रहा है, उसके पास विदेश से खरीद के लिए महज़ डेढ़ महीने लायक डॉलर हैं, बेचने के लिए उनके पास कुछ बचा नहीं. ऐसे में राजनीतिक तौर पर डावांडोल पाकिस्तान क्या करेगा, सुनिए पढ़ाकू नितिन में इकोनॉमिस्ट और कराची...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाकिस्तान अपने इतिहास की सबसे ज़्यादा महंगाई झेल रहा है, उसके पास विदेश से खरीद के लिए महज़ डेढ़ महीने लायक डॉलर हैं, बेचने के लिए उनके पास कुछ बचा नहीं. ऐसे में राजनीतिक तौर पर डावांडोल पाकिस्तान क्या करेगा, सुनिए पढ़ाकू नितिन में इकोनॉमिस्ट और कराची की हबीब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ अक़दस अफ़ज़ल से.<br /><br />डिस्क्लेमर: इस पॉडकास्ट में पेश किए गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं. आजतक रेडियो का सहमत होना ज़रूरी नहीं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4257</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/510fd180991b1d269c50d14c628c8c61.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Vinod Rai से सुनिए Indian Cricket किसकी पॉलिटिक्स से त्रस्त था: पढ़ाकू नितिन, Ep 39</title><link>https://www.spreaker.com/episode/vinod-rai-se-suni-e-indian-cricket-kisaki-politiksa-se-trasta-tha-parhaku-nitina-ep-39--49435770</link><description><![CDATA[विनोद राय का नाम पहली बार देश ने 2G मामले में सुना था. फिर उनका नाम सुर्खियों में आया जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BCCI की कमान संभाली. 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अंदरखाने का बहुत कुछ देखा-समझा और अब उस पर किताब लिख दी है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ विनोद राय शामिल हुए और ढेरों सवाल पर इत्मीनान से बोले.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49435770</guid><pubDate>Thu, 14 Apr 2022 15:55:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49435770/14_apr_22_padhaku_nitin_vionod_rai_14_april_mixed_kapil_128.mp3" length="90207294" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>विनोद राय का नाम पहली बार देश ने 2G मामले में सुना था. फिर उनका नाम सुर्खियों में आया जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BCCI की कमान संभाली. 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अंदरखाने का बहुत कुछ देखा-समझा और अब उस पर किताब लिख...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[विनोद राय का नाम पहली बार देश ने 2G मामले में सुना था. फिर उनका नाम सुर्खियों में आया जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BCCI की कमान संभाली. 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अंदरखाने का बहुत कुछ देखा-समझा और अब उस पर किताब लिख दी है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ विनोद राय शामिल हुए और ढेरों सवाल पर इत्मीनान से बोले.]]></itunes:summary><itunes:duration>5638</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/8a785788d9caf56d72dc76c7b18a496e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Pakistan में भुट्टो- शरीफ-इमरान आए लेकिन Democracy क्यों नहीं आती है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 38</title><link>https://www.spreaker.com/episode/pakistan-mem-bhutto-saripha-imarana-a-e-lekina-democracy-kyom-nahim-ati-hai-parhaku-nitina-ep-38--49354757</link><description><![CDATA[पाकिस्तान की सत्ता में चाहे भुट्टो आएं, शरीफ आएं या इमरान खान लेकिन फ़र्क़ ज़्यादा नहीं पड़ता. ये देश डेमोक्रेसी को तरसता ही रहता है. फौज और फॉरेन ताकतें इसके लोकतंत्र को खाती रहती हैं मगर दीमक कई तरफ से लगी है, उन्हें ही पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ टटोल रहे हैं इंटरनेशनल अफेयर्स के आला जानकार प्रकाश के रे.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49354757</guid><pubDate>Thu, 07 Apr 2022 16:43:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49354757/play.mp3" length="77172401" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पाकिस्तान की सत्ता में चाहे भुट्टो आएं, शरीफ आएं या इमरान खान लेकिन फ़र्क़ ज़्यादा नहीं पड़ता. ये देश डेमोक्रेसी को तरसता ही रहता है. फौज और फॉरेन ताकतें इसके लोकतंत्र को खाती रहती हैं मगर दीमक कई तरफ से लगी है, उन्हें ही पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पाकिस्तान की सत्ता में चाहे भुट्टो आएं, शरीफ आएं या इमरान खान लेकिन फ़र्क़ ज़्यादा नहीं पड़ता. ये देश डेमोक्रेसी को तरसता ही रहता है. फौज और फॉरेन ताकतें इसके लोकतंत्र को खाती रहती हैं मगर दीमक कई तरफ से लगी है, उन्हें ही पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ टटोल रहे हैं इंटरनेशनल अफेयर्स के आला जानकार प्रकाश के रे.]]></itunes:summary><itunes:duration>4824</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bd7da14a3193ad8dce6b40b9b86a09b4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>‘तेल इतना महंगा क्यों है’, जानिए उस पत्रकार से जिसने 27 साल तक इसका जवाब खोजा: पढ़ाकू नितिन, Ep 37</title><link>https://www.spreaker.com/episode/tela-itana-mahanga-kyom-hai-jani-e-usa-patrakara-se-jisane-27-sala-taka-isaka-javaba-khoja-parhaku-nitina-ep-37--49267948</link><description><![CDATA[तेल का खेल समझना आसान नहीं क्योंकि तेल निकलता कहीं है.. उससे पेट्रोल डीज़ल बनता कहीं है.. बिकता कहीं और है..  लेकिन इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ सरलता से समझेंगे इस खेल को सीनियर पत्रकार ऋचा मिश्रा से जिन्होंने 27 सालों तक इसी सवाल का पीछा किया कि तेल इतना महंगा क्यों है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49267948</guid><pubDate>Thu, 31 Mar 2022 15:18:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49267948/play.mp3" length="64173035" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तेल का खेल समझना आसान नहीं क्योंकि तेल निकलता कहीं है.. उससे पेट्रोल डीज़ल बनता कहीं है.. बिकता कहीं और है..  लेकिन इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ सरलता से समझेंगे इस खेल को सीनियर पत्रकार ऋचा मिश्रा से जिन्होंने 27 सालों तक इसी सवाल का...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तेल का खेल समझना आसान नहीं क्योंकि तेल निकलता कहीं है.. उससे पेट्रोल डीज़ल बनता कहीं है.. बिकता कहीं और है..  लेकिन इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ सरलता से समझेंगे इस खेल को सीनियर पत्रकार ऋचा मिश्रा से जिन्होंने 27 सालों तक इसी सवाल का पीछा किया कि तेल इतना महंगा क्यों है?]]></itunes:summary><itunes:duration>4011</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9550cf0f427124258d6608247d57c5ff.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>चुनावों के ऐसे-ऐसे अतरंगी क़िस्से जो आपने सुने नहीं होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 36</title><link>https://www.spreaker.com/episode/cunavom-ke-aise-aise-atarangi-qis-se-jo-apane-sune-nahim-honge-parhaku-nitina-ep-36--49186327</link><description><![CDATA[चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं और भारत के मामले में महापर्व. हमारे देश में कहीं ना कहीं चुनाव चलता ही रहता है. इन्हीं चुनावों में ढेरों कहानियां बनती हैं. ऐसी ही कहानियों को अपनी किताब में पिरोया है सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी ने.. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में सुनिए और आनंद लीजिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49186327</guid><pubDate>Thu, 24 Mar 2022 17:06:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49186327/24_mar_22_padhaku_nitin_ep_36_mixed_kapil_128.mp3" length="90809573" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं और भारत के मामले में महापर्व. हमारे देश में कहीं ना कहीं चुनाव चलता ही रहता है. इन्हीं चुनावों में ढेरों कहानियां बनती हैं. ऐसी ही कहानियों को अपनी किताब में पिरोया है सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी ने.. आज पढ़ाकू नितिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं और भारत के मामले में महापर्व. हमारे देश में कहीं ना कहीं चुनाव चलता ही रहता है. इन्हीं चुनावों में ढेरों कहानियां बनती हैं. ऐसी ही कहानियों को अपनी किताब में पिरोया है सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी ने.. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में सुनिए और आनंद लीजिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>5676</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1a58e6f2cdfa124f580992f5c679494a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Delhi में घूमे, खाए, रहे होंगे लेकिन ऐसे क़िस्से नहीं सुने होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 35</title><link>https://www.spreaker.com/episode/delhi-mem-ghume-kha-e-rahe-honge-lekina-aise-qis-se-nahim-sune-honge-parhaku-nitina-ep-35--49094571</link><description><![CDATA[दिल्ली में चौक और सराय हैं तो प्लेस और एनक्लेव भी. इस बहुरंगी शहर की ढेरों कहानियां हैं. जिनमें कई इलाकों के नाम बनने और उनके मिटने की भी हैं. शर्तिया आपने सुनी नहीं होंगी. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ पत्रकार और घुमक्कड़ अद्रिजा रॉयचौधरी ने जमकर वो क़िस्से बांचे जो आपको एक बार तो सुनने ही चाहिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49094571</guid><pubDate>Thu, 17 Mar 2022 14:23:10 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49094571/17_mar_22_padhaku_nitin_17_march_delhi_mixed_kapil_128.mp3" length="87146161" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>दिल्ली में चौक और सराय हैं तो प्लेस और एनक्लेव भी. इस बहुरंगी शहर की ढेरों कहानियां हैं. जिनमें कई इलाकों के नाम बनने और उनके मिटने की भी हैं. शर्तिया आपने सुनी नहीं होंगी. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ पत्रकार और घुमक्कड़ अद्रिजा रॉयचौधरी ने...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[दिल्ली में चौक और सराय हैं तो प्लेस और एनक्लेव भी. इस बहुरंगी शहर की ढेरों कहानियां हैं. जिनमें कई इलाकों के नाम बनने और उनके मिटने की भी हैं. शर्तिया आपने सुनी नहीं होंगी. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ पत्रकार और घुमक्कड़ अद्रिजा रॉयचौधरी ने जमकर वो क़िस्से बांचे जो आपको एक बार तो सुनने ही चाहिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>5447</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/a859ede930e0ca04701457b27046a9f0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कौटिल्य अगर आज होते तो पुतिन, बाइडेन, मोदी को क्या सलाह देते?: पढ़ाकू नितिन, Ep 34</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kautilya-agara-aja-hote-to-putina-ba-idena-modi-ko-kya-salaha-dete-parhaku-nitina-ep-34--49016365</link><description><![CDATA[कौटिल्य जिन्हें आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने सदियों पहले एक किताब लिखी. नाम था- अर्थशास्त्र. ये इकोनॉमिक्स के बारे में नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनाने के बारे में है. खूब चर्चित है और विवादित भी. किसी ने इसे भले ना पढ़ा हो लेकिन सुना ज़रूर होगा. वैसे कौटिल्य हों या अर्थशास्त्र दोनों के बारे में अनेक मत हैं.. तो आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में Kautilya’s Arthshastra किताब लिखने वालीं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मेधा बिष्ट से बात करेंगे और जानेंगे कि यदि आज आचार्य होते तो जंग में डूबी दुनिया के बीच क्या सलाह देते.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/49016365</guid><pubDate>Thu, 10 Mar 2022 14:06:52 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/49016365/play.mp3" length="80626416" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कौटिल्य जिन्हें आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने सदियों पहले एक किताब लिखी. नाम था- अर्थशास्त्र. ये इकोनॉमिक्स के बारे में नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनाने के बारे में है. खूब चर्चित है और विवादित भी. किसी ने इसे भले ना पढ़ा हो लेकिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कौटिल्य जिन्हें आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने सदियों पहले एक किताब लिखी. नाम था- अर्थशास्त्र. ये इकोनॉमिक्स के बारे में नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनाने के बारे में है. खूब चर्चित है और विवादित भी. किसी ने इसे भले ना पढ़ा हो लेकिन सुना ज़रूर होगा. वैसे कौटिल्य हों या अर्थशास्त्र दोनों के बारे में अनेक मत हैं.. तो आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में Kautilya’s Arthshastra किताब लिखने वालीं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मेधा बिष्ट से बात करेंगे और जानेंगे कि यदि आज आचार्य होते तो जंग में डूबी दुनिया के बीच क्या सलाह देते.]]></itunes:summary><itunes:duration>5040</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/01ee895896ab2ab99aea8c7986f5cbda.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Ukraine- Russia संकट में उलझे देशों की Inside Story: पढ़ाकू नितिन, Ep 33</title><link>https://www.spreaker.com/episode/ukraine-russia-sankata-mem-ulajhe-desom-ki-inside-story-parhaku-nitina-ep-33--48936307</link><description><![CDATA[यूक्रेन और रूस आज जिस झगड़े में पड़े हैं उसकी बहुत वजहें हैं. रूस और यूक्रेन की अंदरूनी राजनीति से लेकर नेटो का साम्राज्यवाद भी, अमेरिका की एक ख़ास समझ से लेकर लुकाशेंको की एक पुरानी चाह भी. आज इन सारे पहलुओं को 'पढ़ाकू नितिन' में समझिए जहां नितिन ठाकुर संग बैठकी जमी है इंटरनेशनल अफेयर्स एक्सपर्ट प्रकाश के रे की.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48936307</guid><pubDate>Thu, 03 Mar 2022 17:12:04 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48936307/03_mar_22_padhaku_nitin_3_march_mixed_kapil_128.mp3" length="111819546" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>यूक्रेन और रूस आज जिस झगड़े में पड़े हैं उसकी बहुत वजहें हैं. रूस और यूक्रेन की अंदरूनी राजनीति से लेकर नेटो का साम्राज्यवाद भी, अमेरिका की एक ख़ास समझ से लेकर लुकाशेंको की एक पुरानी चाह भी. आज इन सारे पहलुओं को 'पढ़ाकू नितिन' में समझिए जहां नितिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[यूक्रेन और रूस आज जिस झगड़े में पड़े हैं उसकी बहुत वजहें हैं. रूस और यूक्रेन की अंदरूनी राजनीति से लेकर नेटो का साम्राज्यवाद भी, अमेरिका की एक ख़ास समझ से लेकर लुकाशेंको की एक पुरानी चाह भी. आज इन सारे पहलुओं को 'पढ़ाकू नितिन' में समझिए जहां नितिन ठाकुर संग बैठकी जमी है इंटरनेशनल अफेयर्स एक्सपर्ट प्रकाश के रे की.]]></itunes:summary><itunes:duration>6989</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/5684272d9b8f5abcef1768af07845ca0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>रूस को 'सुपर पावर' बनाने के लिए पुतिन के दिमाग में क्या चल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 32</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rusa-ko-supara-pavara-banane-ke-li-e-putina-ke-dimaga-mem-kya-cala-raha-hai-parhaku-nitina-ep-32--48857425</link><description><![CDATA[यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर रूस अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस मामले में किसी भी देश को दखल न देने की चेतवानी देने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पूरी दुनिया में चरित्र चित्रण हो रहा है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में इस बार पुतिन की शख़्सियत और चाहत पर चर्चा हुई है. इस बातचीत में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में Centre for Russian and Central Asian Studies के Associate Professor राजन कुमार.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- क्या पुतिन रूस के सबसे शक्तिशाली शासक हैं?<br /><br />- पुतिन के उत्थान की वजह क्या है?<br /><br />- क्या व्लादिमीर पुतिन तानाशाह हैं?<br /><br />- क्या व्लादिमीर पुतिन करप्ट हैं?<br /><br />- पुतिन के इरादे क्या हैं?<br /><br />- क्या पुतिन सोवियत यूनियन के 'अच्छे दिन' लौटाना चाहते हैं?<br /><br />- भारत के साथ पुतिन कैसे रिश्ते रखेंगे?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48857425</guid><pubDate>Thu, 24 Feb 2022 16:16:53 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48857425/play.mp3" length="70828617" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर रूस अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस मामले में किसी भी देश को दखल न देने की चेतवानी देने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पूरी दुनिया में चरित्र चित्रण हो रहा है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में इस बार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर रूस अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस मामले में किसी भी देश को दखल न देने की चेतवानी देने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पूरी दुनिया में चरित्र चित्रण हो रहा है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में इस बार पुतिन की शख़्सियत और चाहत पर चर्चा हुई है. इस बातचीत में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में Centre for Russian and Central Asian Studies के Associate Professor राजन कुमार.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- क्या पुतिन रूस के सबसे शक्तिशाली शासक हैं?<br /><br />- पुतिन के उत्थान की वजह क्या है?<br /><br />- क्या व्लादिमीर पुतिन तानाशाह हैं?<br /><br />- क्या व्लादिमीर पुतिन करप्ट हैं?<br /><br />- पुतिन के इरादे क्या हैं?<br /><br />- क्या पुतिन सोवियत यूनियन के 'अच्छे दिन' लौटाना चाहते हैं?<br /><br />- भारत के साथ पुतिन कैसे रिश्ते रखेंगे?]]></itunes:summary><itunes:duration>4427</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/dcfa4b75dbdf7c3770b4ce048ea6303a.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>रूस- यूक्रेन विवाद में असल विलेन कौन है, पुतिन, बाइडेन या कोई तीसरा? : पढ़ाकू नितिन, Ep 31</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rusa-yukrena-vivada-mem-asala-vilena-kauna-hai-putina-ba-idena-ya-ko-i-tisara-parhaku-nitina-ep-31--48770919</link><description><![CDATA[यूक्रेन हमें दूर बसा देश लगता था लेकिन आज उसकी हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक हैं. लग रहा है मानो वो मोहल्ले का ही कोई घर है जहां बस जंग छिड़ने को है. दुनिया में डर फैला है कि जाने कब रूस की सेना यूक्रेन में घुस जाए! भारत के यूक्रेन से गहरे रिश्ते हैं; हज़ारों छात्र वहां हर साल पढ़ने जाते हैं, व्यापारिक रिश्ते भी फल फूल रहे हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में बात करेंगे जेएनयू में असोसिएट प्रोफेसर अमिताभ सिंह से और उन छात्रों से भी जो यूक्रेन में अभी तक मौजूद हैं. जानेंगे कैसा है यूक्रेन का माहौल, इस झगड़े का असल विलेन कौन है, रूस और यूक्रेन एक-दूसरे से चाहते क्या हैं?<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />यूक्रेन में भारतीय छात्र क्या महसूस कर रहे हैं?<br />पूर्वी और पश्चिमी यूक्रेन में फ़र्क़ क्या है?<br />क्या वाकई जंग बस होने ही वाली है?<br />पुतिन के लिए यूक्रेन का मुद्दा क्यों ज़रूरी?<br />यूक्रेन से रूस असल में चाहता क्या है?<br />यूक्रेन की सरकार ने क्या चाहा जो रूस भड़का?<br />क्या यूक्रेन मामले पर NATO में मतभेद है?<br />क्रीमिया और डोनबास का मामला कितना अलग?<br />क्या बाइडेन सिर्फ रूस को विलेन दिखाना चाहते हैं?<br />इस झगड़े में भारत कहां खड़ा है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48770919</guid><pubDate>Thu, 17 Feb 2022 15:27:43 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48770919/play.mp3" length="58075846" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>यूक्रेन हमें दूर बसा देश लगता था लेकिन आज उसकी हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक हैं. लग रहा है मानो वो मोहल्ले का ही कोई घर है जहां बस जंग छिड़ने को है. दुनिया में डर फैला है कि जाने कब रूस की सेना यूक्रेन में घुस जाए! भारत के यूक्रेन से गहरे रिश्ते...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[यूक्रेन हमें दूर बसा देश लगता था लेकिन आज उसकी हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक हैं. लग रहा है मानो वो मोहल्ले का ही कोई घर है जहां बस जंग छिड़ने को है. दुनिया में डर फैला है कि जाने कब रूस की सेना यूक्रेन में घुस जाए! भारत के यूक्रेन से गहरे रिश्ते हैं; हज़ारों छात्र वहां हर साल पढ़ने जाते हैं, व्यापारिक रिश्ते भी फल फूल रहे हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में बात करेंगे जेएनयू में असोसिएट प्रोफेसर अमिताभ सिंह से और उन छात्रों से भी जो यूक्रेन में अभी तक मौजूद हैं. जानेंगे कैसा है यूक्रेन का माहौल, इस झगड़े का असल विलेन कौन है, रूस और यूक्रेन एक-दूसरे से चाहते क्या हैं?<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />यूक्रेन में भारतीय छात्र क्या महसूस कर रहे हैं?<br />पूर्वी और पश्चिमी यूक्रेन में फ़र्क़ क्या है?<br />क्या वाकई जंग बस होने ही वाली है?<br />पुतिन के लिए यूक्रेन का मुद्दा क्यों ज़रूरी?<br />यूक्रेन से रूस असल में चाहता क्या है?<br />यूक्रेन की सरकार ने क्या चाहा जो रूस भड़का?<br />क्या यूक्रेन मामले पर NATO में मतभेद है?<br />क्रीमिया और डोनबास का मामला कितना अलग?<br />क्या बाइडेन सिर्फ रूस को विलेन दिखाना चाहते हैं?<br />इस झगड़े में भारत कहां खड़ा है?]]></itunes:summary><itunes:duration>3630</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/52c52ef290b96fac0aef019d6ea99ac5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>साल में एक बार अस्पताल जाएं तो हम कैसे बचा सकते हैं 12 हज़ार ज़िंदगी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 30</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sala-mem-eka-bara-aspatala-ja-em-to-hama-kaise-baca-sakate-haim-12-hazara-zindagi-parhaku-nitina-ep-30--48670208</link><description><![CDATA[क्या आपको पता है कि अगर आप साल में एक दिन अस्पताल जाएं तो 12 हज़ार लोगों की जान बचा सकते हैं. दिल्ली के किरण वर्मा भारत की पैदल यात्रा इसी मकसद से कर रहे हैं ताकि लोगों में ये जागरुकता फैला सकें. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में किरण ने नितिन ठाकुर को बताया कि वो किस मक़सद से घर छोड़कर निकले हैं और क्यों हमें उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48670208</guid><pubDate>Thu, 10 Feb 2022 17:15:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48670208/play.mp3" length="49515624" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>क्या आपको पता है कि अगर आप साल में एक दिन अस्पताल जाएं तो 12 हज़ार लोगों की जान बचा सकते हैं. दिल्ली के किरण वर्मा भारत की पैदल यात्रा इसी मकसद से कर रहे हैं ताकि लोगों में ये जागरुकता फैला सकें. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में किरण ने नितिन ठाकुर को बताया...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[क्या आपको पता है कि अगर आप साल में एक दिन अस्पताल जाएं तो 12 हज़ार लोगों की जान बचा सकते हैं. दिल्ली के किरण वर्मा भारत की पैदल यात्रा इसी मकसद से कर रहे हैं ताकि लोगों में ये जागरुकता फैला सकें. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में किरण ने नितिन ठाकुर को बताया कि वो किस मक़सद से घर छोड़कर निकले हैं और क्यों हमें उनकी बात ध्यान से सुननी 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राह में सरकार ने संशोधन किए थे. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ इतिहासकार त्रिपुरदमन सिंह ने भारतीय राजनीतिक इतिहास की इसी अहम घटना पर बात की है.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- संविधान में पहला संशोधन क्यों ज़रूरी था?<br />- संशोधन पास कराने का चैलेंज बड़ा क्यों था?<br />- नेहरू फ्रीडम ऑफ स्पीच को सीमित करना चाहते थे?<br />- संविधान लागू होने के बाद सरकार को क्या परेशानियां हुईं?<br />- क्यों जेपी ने कहा कि संविधान रद्द करके नया बनना चाहिए?<br />- किस कानून के खिलाफ दक्षिणपंथी और वामपंथी खड़े हो गए?<br />- संशोधन पर पटेल, मुखर्जी, डॉ राजेंद्र प्रसाद, आंबेडकर का क्या कहना था?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48571160</guid><pubDate>Thu, 03 Feb 2022 16:51:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48571160/play.mp3" length="70345874" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>भारत का संविधान जितना बड़ा है उतनी ही दिलचस्प कहानी इसके बनने की है. यहां तक कि पहले संशोधन से जुड़े किस्से भी बेहद रोचक हैं. लोग हैरान होते हैं कि इतनी मेहनत के बाद बने संविधान में क्या ऐसा रह गया था कि संसद को 16 महीनों बाद उसमें संशोधन करना पड़ा....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[भारत का संविधान जितना बड़ा है उतनी ही दिलचस्प कहानी इसके बनने की है. यहां तक कि पहले संशोधन से जुड़े किस्से भी बेहद रोचक हैं. लोग हैरान होते हैं कि इतनी मेहनत के बाद बने संविधान में क्या ऐसा रह गया था कि संसद को 16 महीनों बाद उसमें संशोधन करना पड़ा. आरोप लगते हैं कि शायद नेहरू संविधान लागू होने के बाद फ्रीडम ऑफ स्पीच को सीमित करना चाहते थे, वहीं ये भी कहा जाता है कि आम लोगों को राहत देने की राह में सरकार ने संशोधन किए थे. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ इतिहासकार त्रिपुरदमन सिंह ने भारतीय राजनीतिक इतिहास की इसी अहम घटना पर बात की है.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- संविधान में पहला संशोधन क्यों ज़रूरी था?<br />- संशोधन पास कराने का चैलेंज बड़ा क्यों था?<br />- नेहरू फ्रीडम ऑफ स्पीच को सीमित करना चाहते थे?<br />- संविधान लागू होने के बाद सरकार को क्या परेशानियां हुईं?<br />- क्यों जेपी ने कहा कि संविधान रद्द करके नया बनना चाहिए?<br />- किस कानून के खिलाफ दक्षिणपंथी और वामपंथी खड़े हो गए?<br />- संशोधन पर पटेल, मुखर्जी, डॉ राजेंद्र प्रसाद, आंबेडकर का क्या कहना था?]]></itunes:summary><itunes:duration>4397</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e5ba6295c9787e21908ee584b2d58344.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेहरू की विदेश नीति की आलोचना के बावजूद उसे अपनाने को मजबूर क्यों एस जयशंकर?: पढ़ाकू नितिन, Ep 28</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neharu-ki-videsa-niti-ki-alocana-ke-bavajuda-use-apanane-ko-majabura-kyom-esa-jayasankara-parhaku-nitina-ep-28--48468416</link><description><![CDATA[एस जयशंकर आला डिप्लोमेट और ताकतवर विदेशमंत्री हैं. उन्होंने पद संभालने के बाद दुनिया की चुनौतियों और भारत की रणनीति पर एक किताब लिखी. कई बातें इशारों में भी कहीं. इस किताब को लेकर चर्चा इसलिए ज़्यादा है क्योंकि मंत्री रहते हुए कम ही नेता खुलकर फॉरेन पॉलिसी पर बोलते हैं. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ बैठे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले प्रो मुक्तदर खान जो एक यूट्यूब चैनल 'खानवर्सेशन' भी चलाते हैं. बात हुई कि जयशंकर का दुनिया को लेकर क्या विज़न है, वो कैसी पॉलिसी के पक्षधर हैं, चीन और अमेरिका में वो किसके पाले को मज़बूत मानते हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48468416</guid><pubDate>Thu, 27 Jan 2022 15:43:37 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48468416/27_jan_22_padhaku_nitin_27_jan_128.mp3" length="70643043" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एस जयशंकर आला डिप्लोमेट और ताकतवर विदेशमंत्री हैं. उन्होंने पद संभालने के बाद दुनिया की चुनौतियों और भारत की रणनीति पर एक किताब लिखी. कई बातें इशारों में भी कहीं. इस किताब को लेकर चर्चा इसलिए ज़्यादा है क्योंकि मंत्री रहते हुए कम ही नेता खुलकर फॉरेन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एस जयशंकर आला डिप्लोमेट और ताकतवर विदेशमंत्री हैं. उन्होंने पद संभालने के बाद दुनिया की चुनौतियों और भारत की रणनीति पर एक किताब लिखी. कई बातें इशारों में भी कहीं. इस किताब को लेकर चर्चा इसलिए ज़्यादा है क्योंकि मंत्री रहते हुए कम ही नेता खुलकर फॉरेन पॉलिसी पर बोलते हैं. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ बैठे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले प्रो मुक्तदर खान जो एक यूट्यूब चैनल 'खानवर्सेशन' भी चलाते हैं. बात हुई कि जयशंकर का दुनिया को लेकर क्या विज़न है, वो कैसी पॉलिसी के पक्षधर हैं, चीन और अमेरिका में वो किसके पाले को मज़बूत मानते हैं.]]></itunes:summary><itunes:duration>4416</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c069262fd1843c3b3e19b9fb791af1d2.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>कश्मीर के झगड़े और नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर ऐसे खुलासे आपने सुने नहीं होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 27</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kasmira-ke-jhagare-aura-netaji-subhasacandra-bosa-para-aise-khulase-apane-sune-nahim-honge-parhaku-nitina-ep-27--48378591</link><description><![CDATA[कश्मीर के झगड़े की वो कहानी सुनिए जो आपने शर्तिया कहीं सुनी नहीं होगी. ये भी जानिए कि सोवियत और ब्रिटेन के झगड़े में अविभाजित भारत के साथ खेल कैसे हो गया. और ये भी कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नेताजी सुभाष कहां थे. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ खुलासों की बैठकी कर रहे हैं “डार्क सीक्रेट्स” के लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48378591</guid><pubDate>Thu, 20 Jan 2022 17:12:18 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48378591/play.mp3" length="72365453" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कश्मीर के झगड़े की वो कहानी सुनिए जो आपने शर्तिया कहीं सुनी नहीं होगी. ये भी जानिए कि सोवियत और ब्रिटेन के झगड़े में अविभाजित भारत के साथ खेल कैसे हो गया. और ये भी कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नेताजी सुभाष कहां थे. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कश्मीर के झगड़े की वो कहानी सुनिए जो आपने शर्तिया कहीं सुनी नहीं होगी. ये भी जानिए कि सोवियत और ब्रिटेन के झगड़े में अविभाजित भारत के साथ खेल कैसे हो गया. और ये भी कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नेताजी सुभाष कहां थे. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ खुलासों की बैठकी कर रहे हैं “डार्क सीक्रेट्स” के लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.]]></itunes:summary><itunes:duration>4523</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4d7ff591f1cbddb62e2d6cc04a66e262.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी की ज़िंदगी के अनसुने क़िस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 26</title><link>https://www.spreaker.com/episode/nobela-vijeta-kailasa-satyarthi-ki-zindagi-ke-anasune-qis-se-parhaku-nitina-ep-26--48282016</link><description><![CDATA[क्या आपको मालूम है नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पहली लड़ाई जाति के खिलाफ थी? और उस लड़ाई में उन्हें अपना उपनाम छोड़ देना पड़ा. ऐसा बहुत कुछ है जो हम 'बचपन बचाओ आंदोलन' के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के बारे में नहीं जानते. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार शामिल हुए हैं कैलाश जी. पूरा पॉडकास्ट सुनिए क्योंकि यहां उन्होंने बचपन, संघर्ष, कामयाबी, सपनों, मोहब्बत पर हर बात बड़ी बेबाकी से कही है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48282016</guid><pubDate>Thu, 13 Jan 2022 15:52:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48282016/13_jan_22_padhaku_nitin_kailash_13_jan_128.mp3" length="67117139" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>क्या आपको मालूम है नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पहली लड़ाई जाति के खिलाफ थी? और उस लड़ाई में उन्हें अपना उपनाम छोड़ देना पड़ा. ऐसा बहुत कुछ है जो हम 'बचपन बचाओ आंदोलन' के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के बारे में नहीं जानते. पढ़ाकू नितिन की...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[क्या आपको मालूम है नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पहली लड़ाई जाति के खिलाफ थी? और उस लड़ाई में उन्हें अपना उपनाम छोड़ देना पड़ा. ऐसा बहुत कुछ है जो हम 'बचपन बचाओ आंदोलन' के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के बारे में नहीं जानते. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार शामिल हुए हैं कैलाश जी. पूरा पॉडकास्ट सुनिए क्योंकि यहां उन्होंने बचपन, संघर्ष, कामयाबी, सपनों, मोहब्बत पर हर बात बड़ी बेबाकी से कही है.]]></itunes:summary><itunes:duration>4195</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/3abcf3fad2cf0bd7f3f643194f3f0e23.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सारे काम पुलिस को सौंपकर सरकारों ने गड़बड़ कर दी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 25</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sare-kama-pulisa-ko-saumpakara-sarakarom-ne-garabara-kara-di-parhaku-nitina-ep-25--48189373</link><description><![CDATA[पुलिस वालों पर करप्शन, कस्टडी में हत्या, एनकाउंटर से लेकर जाने कौन कौन से आरोप लगते रहते हैं. फिर भी ना सरकारों का और ना पब्लिक का काम पुलिस के बिना चलता है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए इंदौर ATS के एसपी रुपेश कुमार द्विवेदी. उनसे सुनिए पुलिस वालों की चुनौतियां और परेशानियां.<br /><br />इस Podcast में सुनिए:<br /><br />- अंग्रेज़ों के ज़माने से अब तक कितनी बदली पुलिस?<br /><br />- पुलिस में सुधार की ज़रूरत है तो सुधारते क्यों नहीं?<br /><br />- पुलिस में करप्शन की प्रॉब्लम इतनी तगड़ी क्यों है?<br /><br />- पुलिसवालों को मनोवैज्ञानिक ट्रेनिंग देनी चाहिए?<br /><br />- पुलिस कस्टडी में मौत के मामले इतने बढ़ क्यों गए? <br /><br />- सारे काम पुलिस को ही सौंपकर सरकार ने गड़बड़ी कर दी है?<br /><br />- स्मार्ट शहर और स्मार्ट अपराधी हैं पर पुलिस कब स्मार्ट बनेगी?<br /><br />- क्या एनकाउंटर सियासी दबावों के चलते होते हैं?<br /><br />- अपराधों की रोकथाम के नाम पर प्राइवेसी उल्लंघन होने लगा है?<br /><br />- एक आदर्श पुलिसवाला कैसा होता है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48189373</guid><pubDate>Thu, 06 Jan 2022 12:38:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48189373/06_jan_22_padhaku_nitin_police_6_jan_128.mp3" length="62902857" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पुलिस वालों पर करप्शन, कस्टडी में हत्या, एनकाउंटर से लेकर जाने कौन कौन से आरोप लगते रहते हैं. फिर भी ना सरकारों का और ना पब्लिक का काम पुलिस के बिना चलता है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए इंदौर ATS के एसपी रुपेश कुमार...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[पुलिस वालों पर करप्शन, कस्टडी में हत्या, एनकाउंटर से लेकर जाने कौन कौन से आरोप लगते रहते हैं. फिर भी ना सरकारों का और ना पब्लिक का काम पुलिस के बिना चलता है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए इंदौर ATS के एसपी रुपेश कुमार द्विवेदी. उनसे सुनिए पुलिस वालों की चुनौतियां और परेशानियां.<br /><br />इस Podcast में सुनिए:<br /><br />- अंग्रेज़ों के ज़माने से अब तक कितनी बदली पुलिस?<br /><br />- पुलिस में सुधार की ज़रूरत है तो सुधारते क्यों नहीं?<br /><br />- पुलिस में करप्शन की प्रॉब्लम इतनी तगड़ी क्यों है?<br /><br />- पुलिसवालों को मनोवैज्ञानिक ट्रेनिंग देनी चाहिए?<br /><br />- पुलिस कस्टडी में मौत के मामले इतने बढ़ क्यों गए? <br /><br />- सारे काम पुलिस को ही सौंपकर सरकार ने गड़बड़ी कर दी है?<br /><br />- स्मार्ट शहर और स्मार्ट अपराधी हैं पर पुलिस कब स्मार्ट बनेगी?<br /><br />- क्या एनकाउंटर सियासी दबावों के चलते होते हैं?<br /><br />- अपराधों की रोकथाम के नाम पर प्राइवेसी उल्लंघन होने लगा है?<br /><br />- एक आदर्श पुलिसवाला कैसा होता है?]]></itunes:summary><itunes:duration>3932</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/834073739a7f5ecc4ac355d89a5943d6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Malgudi Days, Byomkesh Bakshi वाला दौर पसंद है तो दूरदर्शन के ये अनसुने क़िस्से ज़रूर सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 24</title><link>https://www.spreaker.com/episode/malgudi-days-byomkesh-bakshi-vala-daura-pasanda-hai-to-duradarsana-ke-ye-anasune-qis-se-zarura-suni-e-parhaku-nitina-ep-24--48109224</link><description><![CDATA[आप अगर उसी जनरेशन के हैं जो नब्बे के दशक में होश संभाल रही थी तो शक्तिमान, ब्योमकेश बख्शी, मालगुडी डेज़ को भूले थोड़े ही होंगे. कभी आपके दिल में सवाल भी उठा होगा कि कौन लोग हैं जो ऐसे दिलकश प्रोग्राम बना रहे हैं. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं प्रो अरूप चटर्जी जिनका नब्बे के दशक की एडवरटाइज़िंग पर ज़बरदस्त शोध है और साथ में राजशेखर व्यास जिन्होंने चालीस साल तक दूरदर्शन की यात्रा को ना सिर्फ जिया बल्कि उसे दिशा दी. तो आज की मज़ेदार बैठकी में ऐसे अनसुने क़िस्सों का आनंद लीजिए जो आपको उसी दौर में ले जाएंगे.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- दूरदर्शन के यादगार सीरियल्स के पीछे की कहानियां<br />- डीडी मेट्रो ने कैसे डीडी वन को टक्कर दी?<br />- कैसे बनाया जाता था सनडे को स्पेशल?<br />- सरकारी कैद से बाहर कैसे निकला था दूरदर्शन?<br />- जब टीवी शो पर सवालों से हो जाती थी मंत्रियों की छुट्टी<br />- राजीव गांधी ने क्यों दी थी दूरदर्शन को छूट?<br />- सुषमा स्वराज ने दूरदर्शन को क्या दिया?<br />- क्यों नहीं लौट पा रहा दूरदर्शन का पुराना दौर?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48109224</guid><pubDate>Thu, 30 Dec 2021 14:11:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48109224/play.mp3" length="99119020" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आप अगर उसी जनरेशन के हैं जो नब्बे के दशक में होश संभाल रही थी तो शक्तिमान, ब्योमकेश बख्शी, मालगुडी डेज़ को भूले थोड़े ही होंगे. कभी आपके दिल में सवाल भी उठा होगा कि कौन लोग हैं जो ऐसे दिलकश प्रोग्राम बना रहे हैं. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आप अगर उसी जनरेशन के हैं जो नब्बे के दशक में होश संभाल रही थी तो शक्तिमान, ब्योमकेश बख्शी, मालगुडी डेज़ को भूले थोड़े ही होंगे. कभी आपके दिल में सवाल भी उठा होगा कि कौन लोग हैं जो ऐसे दिलकश प्रोग्राम बना रहे हैं. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं प्रो अरूप चटर्जी जिनका नब्बे के दशक की एडवरटाइज़िंग पर ज़बरदस्त शोध है और साथ में राजशेखर व्यास जिन्होंने चालीस साल तक दूरदर्शन की यात्रा को ना सिर्फ जिया बल्कि उसे दिशा दी. तो आज की मज़ेदार बैठकी में ऐसे अनसुने क़िस्सों का आनंद लीजिए जो आपको उसी दौर में ले जाएंगे.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- दूरदर्शन के यादगार सीरियल्स के पीछे की कहानियां<br />- डीडी मेट्रो ने कैसे डीडी वन को टक्कर दी?<br />- कैसे बनाया जाता था सनडे को स्पेशल?<br />- सरकारी कैद से बाहर कैसे निकला था दूरदर्शन?<br />- जब टीवी शो पर सवालों से हो जाती थी मंत्रियों की छुट्टी<br />- राजीव गांधी ने क्यों दी थी दूरदर्शन को छूट?<br />- सुषमा स्वराज ने दूरदर्शन को क्या दिया?<br />- क्यों नहीं लौट पा रहा दूरदर्शन का पुराना दौर?]]></itunes:summary><itunes:duration>6195</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b73d9b4d6978818def5a64e968c117c5.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जन्म से मिले जेंडर के साथ मिसफिट महसूस हो तो क्या करें?: पढ़ाकू नितिन, Ep 23</title><link>https://www.spreaker.com/episode/janma-se-mile-jendara-ke-satha-misaphita-mahasusa-ho-to-kya-karem-parhaku-nitina-ep-23--48038126</link><description><![CDATA[गे-लेस्बियन्स के बारे में क्या जानते हैं आप? किसी ट्रांसजेंडर्स से कभी कोई बात की है? कभी कोई किन्नर दोस्त बना है आपका? अगर सभी बातों का जवाब निगेटिव है तो ये ‘पढ़ाकू नितिन’ पॉडकास्ट आपके लिए ही है. LGBTQ समुदाय हमेशा से हमारे आसपास रहा है लेकिन हम अजीब ढंग से अनजान बने रहते हैं. वजह है संकोच, पूर्वाग्रह, डर या उपेक्षा का भाव. इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी ट्रांसजेंडर फीमेल रुद्राणी छेत्री के साथ जमी. रुद्राणी के खाते में संघर्ष से लेकर उपलब्धियों तक बहुत कुछ है. फिल्में, मॉडलिंग एजेंसी और मित्र ट्रस्ट उनमें से कुछ हैं. इस पॉडकास्ट में उनसे LGBTQ कम्युनिटी के बारे में ढेरों ढेर बातें हुई हैं और उन्होंने ये भी बताया कि कब उन्हें लगा कि अब लुकछिप कर काम नहीं चलेगा, बल्कि आगे बढ़कर कुछ करना होगा.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- इतिहास में मज़बूत दिखनेवाले किन्नर मुख्यधारा से दूर कब हो गए?<br />- LGBTQI शब्द का मतलब क्या होता है?<br />- LGBTQ को लेकर समाज समझदार क्यों नहीं हुआ?<br />- किसी ट्रांसजेंडर के संघर्ष में क्या- क्या शामिल है?<br />- ‘थर्ड जेंडर’ शब्द खुद में क्यों पिछड़ा है?<br />- क्या आरक्षण से ट्रांसजेंडर्स को हक मिलेंगे?<br />- LGBTQ के लिए कितना हुआ, कितना बाकी है?<br />- जन्म से मिले जेंडर के साथ मिसफिट महसूस हो तो क्या करें?<br />- LGBTQ के लिए आप क्या कर सकते हैं?<br />- जिन्हें लगता है ये बीमारी है उनके लिए क्या जवाब है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/48038126</guid><pubDate>Thu, 23 Dec 2021 15:55:41 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/48038126/23_dec_21_padhaku_nitin_23_dec_mixed_kapil_trans_128.mp3" length="56254380" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>गे-लेस्बियन्स के बारे में क्या जानते हैं आप? किसी ट्रांसजेंडर्स से कभी कोई बात की है? कभी कोई किन्नर दोस्त बना है आपका? अगर सभी बातों का जवाब निगेटिव है तो ये ‘पढ़ाकू नितिन’ पॉडकास्ट आपके लिए ही है. LGBTQ समुदाय हमेशा से हमारे आसपास रहा है लेकिन हम...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[गे-लेस्बियन्स के बारे में क्या जानते हैं आप? किसी ट्रांसजेंडर्स से कभी कोई बात की है? कभी कोई किन्नर दोस्त बना है आपका? अगर सभी बातों का जवाब निगेटिव है तो ये ‘पढ़ाकू नितिन’ पॉडकास्ट आपके लिए ही है. LGBTQ समुदाय हमेशा से हमारे आसपास रहा है लेकिन हम अजीब ढंग से अनजान बने रहते हैं. वजह है संकोच, पूर्वाग्रह, डर या उपेक्षा का भाव. इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी ट्रांसजेंडर फीमेल रुद्राणी छेत्री के साथ जमी. रुद्राणी के खाते में संघर्ष से लेकर उपलब्धियों तक बहुत कुछ है. फिल्में, मॉडलिंग एजेंसी और मित्र ट्रस्ट उनमें से कुछ हैं. इस पॉडकास्ट में उनसे LGBTQ कम्युनिटी के बारे में ढेरों ढेर बातें हुई हैं और उन्होंने ये भी बताया कि कब उन्हें लगा कि अब लुकछिप कर काम नहीं चलेगा, बल्कि आगे बढ़कर कुछ करना होगा.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- इतिहास में मज़बूत दिखनेवाले किन्नर मुख्यधारा से दूर कब हो गए?<br />- LGBTQI शब्द का मतलब क्या होता है?<br />- LGBTQ को लेकर समाज समझदार क्यों नहीं हुआ?<br />- किसी ट्रांसजेंडर के संघर्ष में क्या- क्या शामिल है?<br />- ‘थर्ड जेंडर’ शब्द खुद में क्यों पिछड़ा है?<br />- क्या आरक्षण से ट्रांसजेंडर्स को हक मिलेंगे?<br />- LGBTQ के लिए कितना हुआ, कितना बाकी है?<br />- जन्म से मिले जेंडर के साथ मिसफिट महसूस हो तो क्या करें?<br />- LGBTQ के लिए आप क्या कर सकते हैं?<br />- जिन्हें लगता है ये बीमारी है उनके लिए क्या जवाब है?]]></itunes:summary><itunes:duration>3516</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0d1f370ab389cbe4009bd24a6698b1ae.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>किताबों के सैकड़ों पन्नों से अपने काम की चीज़ कैसे निकाली जाए? : पढ़ाकू नितिन, Ep 22</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kitabom-ke-saikarom-pannom-se-apane-kama-ki-ciza-kaise-nikali-ja-e-parhaku-nitina-ep-22--47945756</link><description><![CDATA[किताबें तो करोड़ों हैं लेकिन पढ़ने के लिए चुनी कौन सी जाए? कब कौन सी पढ़नी चाहिए? ढेर में अपने लिए कौन सी बेस्ट रहेगी? किताबों के रसिया लोग इन सवालों से भले न जूझते हों मगर बहुतों के मन में ऊहापोह बनी रहती है. फिर वो जहां-तहां सजेशन और रिकमेंडेशन खोजते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में लेखक, घुमक्कड़, कलाकार, पढ़ाकू जे सुशील अमेरिका से जुड़े हैं. फिलहाल तो साहित्य में पीएचडी भी कर रहे हैं. नितिन ठाकुर के साथ जमी इस बैठकी में उन्होंने देसी से लेकर विदेशी किताबों पर जो रंग जमाया है वो सुनकर आनंद लीजिए.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47945756</guid><pubDate>Thu, 16 Dec 2021 15:20:12 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47945756/play.mp3" length="109469361" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>किताबें तो करोड़ों हैं लेकिन पढ़ने के लिए चुनी कौन सी जाए? कब कौन सी पढ़नी चाहिए? ढेर में अपने लिए कौन सी बेस्ट रहेगी? किताबों के रसिया लोग इन सवालों से भले न जूझते हों मगर बहुतों के मन में ऊहापोह बनी रहती है. फिर वो जहां-तहां सजेशन और रिकमेंडेशन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[किताबें तो करोड़ों हैं लेकिन पढ़ने के लिए चुनी कौन सी जाए? कब कौन सी पढ़नी चाहिए? ढेर में अपने लिए कौन सी बेस्ट रहेगी? किताबों के रसिया लोग इन सवालों से भले न जूझते हों मगर बहुतों के मन में ऊहापोह बनी रहती है. फिर वो जहां-तहां सजेशन और रिकमेंडेशन खोजते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में लेखक, घुमक्कड़, कलाकार, पढ़ाकू जे सुशील अमेरिका से जुड़े हैं. फिलहाल तो साहित्य में पीएचडी भी कर रहे हैं. नितिन ठाकुर के साथ जमी इस बैठकी में उन्होंने देसी से लेकर विदेशी किताबों पर जो रंग जमाया है वो सुनकर आनंद लीजिए.]]></itunes:summary><itunes:duration>6842</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/af7f851746b479fa3edf1357d71c4fa6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>China के डर से USA हर हाल में भारत का साथ देने को मजबूर?: पढ़ाकू नितिन, Ep 21</title><link>https://www.spreaker.com/episode/china-ke-dara-se-usa-hara-hala-mem-bharata-ka-satha-dene-ko-majabura-parhaku-nitina-ep-21--47849842</link><description><![CDATA[अमेरिका अपनी लाख चुनौतियों के बावजूद आज भी दुनिया में खेल के नियम तय करता है. पहले सोवियत यूनियन और अब चीन से उसे भले टक्कर मिल रही है लेकिन उसका प्रभुत्व कायम है. भारत के लिए इनमें से अपना साथी चुनना अहम इसलिए बन गया है क्योंकि उसे दुनिया में अपनी जगह कायम करनी है और पड़ोसी पाकिस्तान-चीन का सामना करना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान ने डिप्लोमेसी की पहेलियों को सुलझाने में मदद की. इतिहास नहीं बल्कि भविष्य पर भी बहुत कुछ कहा. इसमें चीन, पाकिस्तान, सोवियत यूनियन, टकराव, दोस्ती, मजबूरी, मरज़ी सब कुछ है.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47849842</guid><pubDate>Thu, 09 Dec 2021 12:36:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47849842/play.mp3" length="100391706" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अमेरिका अपनी लाख चुनौतियों के बावजूद आज भी दुनिया में खेल के नियम तय करता है. पहले सोवियत यूनियन और अब चीन से उसे भले टक्कर मिल रही है लेकिन उसका प्रभुत्व कायम है. भारत के लिए इनमें से अपना साथी चुनना अहम इसलिए बन गया है क्योंकि उसे दुनिया में अपनी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अमेरिका अपनी लाख चुनौतियों के बावजूद आज भी दुनिया में खेल के नियम तय करता है. पहले सोवियत यूनियन और अब चीन से उसे भले टक्कर मिल रही है लेकिन उसका प्रभुत्व कायम है. भारत के लिए इनमें से अपना साथी चुनना अहम इसलिए बन गया है क्योंकि उसे दुनिया में अपनी जगह कायम करनी है और पड़ोसी पाकिस्तान-चीन का सामना करना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान ने डिप्लोमेसी की पहेलियों को सुलझाने में मदद की. इतिहास नहीं बल्कि भविष्य पर भी बहुत कुछ कहा. इसमें चीन, पाकिस्तान, सोवियत यूनियन, टकराव, दोस्ती, मजबूरी, मरज़ी सब कुछ है.]]></itunes:summary><itunes:duration>6275</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1eb2e1656eed45dca645902a8a0733b4.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बादशाहों के दरबार से निकली 'किस्सागोई' की दिलचस्प कहानी : पढ़ाकू नितिन, Ep 20</title><link>https://www.spreaker.com/episode/badasahom-ke-darabara-se-nikali-kis-sago-i-ki-dilacaspa-kahani-parhaku-nitina-ep-20--47753366</link><description><![CDATA[एक दौर था जब दास्तानगो शहर- शहर कहानी, किस्सों, दास्तान के खज़ाने लुटाया करते थे. लोग उन्हें घेरे रहते. कहानी कहने का उनका स्टाइल दिल में उतर जाया करता था. वक्त बदला और ये विधा फीकी पड़ती गई. दास्तानगोई खुद दास्तान बन गई. ये दिलचस्प कला कहां से भारत आई, कैसे यहां हिट हुई और क्यों फिर भुला दी गई आज पढ़ाकू नितिन में यही जानेंगे. इस सफर पर निकलेंगे तो कई कहानियां सुनने को मिलेंगी. नितिन ठाकुर के साथ बैठकी में हैं हिमांशु वाजपेयी जो देश-विदेश के जाने माने किस्सागो हैं. लखनऊ के दीवाने ये साहब अपने प्यारे शहर पर किताब लिख चुके हैं और किस्सागोई की विधा के लिए राष्ट्रपति तक से सम्मान पा चुके.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47753366</guid><pubDate>Thu, 02 Dec 2021 12:58:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47753366/play.mp3" length="92289149" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>एक दौर था जब दास्तानगो शहर- शहर कहानी, किस्सों, दास्तान के खज़ाने लुटाया करते थे. लोग उन्हें घेरे रहते. कहानी कहने का उनका स्टाइल दिल में उतर जाया करता था. वक्त बदला और ये विधा फीकी पड़ती गई. दास्तानगोई खुद दास्तान बन गई. ये दिलचस्प कला कहां से भारत...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[एक दौर था जब दास्तानगो शहर- शहर कहानी, किस्सों, दास्तान के खज़ाने लुटाया करते थे. लोग उन्हें घेरे रहते. कहानी कहने का उनका स्टाइल दिल में उतर जाया करता था. वक्त बदला और ये विधा फीकी पड़ती गई. दास्तानगोई खुद दास्तान बन गई. ये दिलचस्प कला कहां से भारत आई, कैसे यहां हिट हुई और क्यों फिर भुला दी गई आज पढ़ाकू नितिन में यही जानेंगे. इस सफर पर निकलेंगे तो कई कहानियां सुनने को मिलेंगी. नितिन ठाकुर के साथ बैठकी में हैं हिमांशु वाजपेयी जो देश-विदेश के जाने माने किस्सागो हैं. लखनऊ के दीवाने ये साहब अपने प्यारे शहर पर किताब लिख चुके हैं और किस्सागोई की विधा के लिए राष्ट्रपति तक से सम्मान पा चुके.]]></itunes:summary><itunes:duration>5769</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/fbc5545c92f7c5f3efb7e6671cc51d1e.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>राष्ट्र-देश में अंतर क्या है और राष्ट्रवाद कितने काम की चीज़?: पढ़ाकू नितिन, Ep 19</title><link>https://www.spreaker.com/episode/rastra-desa-mem-antara-kya-hai-aura-rastravada-kitane-kama-ki-ciza-parhaku-nitina-ep-19--47654813</link><description><![CDATA[राष्ट्रवाद यानि नेशनलिज़्म पर दशकों से बहस चल रही है. सबके लिए इसके मायने अलग हैं. दौर के हिसाब से भी और देश के हिसाब से भी. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ प्रियदर्शन शामिल हैं. कई किताबों के लेखक और पॉलिटिकल-सोशल- कल्चरल मसलों पर लिखनेवाले प्रियदर्शन ने जवाब दिया कि राष्ट्रवाद क्या है, कितनी तरह का है, भारत का राष्ट्रवाद पश्चिम से अलग कैसे, इसका फायदा-नुकसान क्या और इसकी नियति क्या होगी?<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए -<br /><br />- राष्ट्र और देश में क्या फर्क है<br />- राष्ट्र और राष्ट्रवाद पैदा कैसे हुए<br />- भारत और पश्चिम का राष्ट्रवाद अलग कैसे<br />- तिलक और गांधी के राष्ट्रवाद का फर्क<br />- राष्ट्रवाद अच्छी चीज़ है या बुरी? <br />- क्या कभी राष्ट्र खत्म हो सकेंगे<br />- भारत को कैसे राष्ट्रवाद की ज़रूरत है<br />- राष्ट्रवादियों का आर्थिक मॉडल कैसा है<br />- क्या दोहरी नागरिकता राष्ट्रवाद के लिए खतरा<br />- इंटरनेट ने राष्ट्रवाद को कमज़ोर किया या मज़बूत]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47654813</guid><pubDate>Thu, 25 Nov 2021 18:42:04 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47654813/play.mp3" length="75803585" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>राष्ट्रवाद यानि नेशनलिज़्म पर दशकों से बहस चल रही है. सबके लिए इसके मायने अलग हैं. दौर के हिसाब से भी और देश के हिसाब से भी. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ प्रियदर्शन शामिल हैं. कई किताबों के लेखक और पॉलिटिकल-सोशल- कल्चरल मसलों पर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[राष्ट्रवाद यानि नेशनलिज़्म पर दशकों से बहस चल रही है. सबके लिए इसके मायने अलग हैं. दौर के हिसाब से भी और देश के हिसाब से भी. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ प्रियदर्शन शामिल हैं. कई किताबों के लेखक और पॉलिटिकल-सोशल- कल्चरल मसलों पर लिखनेवाले प्रियदर्शन ने जवाब दिया कि राष्ट्रवाद क्या है, कितनी तरह का है, भारत का राष्ट्रवाद पश्चिम से अलग कैसे, इसका फायदा-नुकसान क्या और इसकी नियति क्या होगी?<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए -<br /><br />- राष्ट्र और देश में क्या फर्क है<br />- राष्ट्र और राष्ट्रवाद पैदा कैसे हुए<br />- भारत और पश्चिम का राष्ट्रवाद अलग कैसे<br />- तिलक और गांधी के राष्ट्रवाद का फर्क<br />- राष्ट्रवाद अच्छी चीज़ है या बुरी? <br />- क्या कभी राष्ट्र खत्म हो सकेंगे<br />- भारत को कैसे राष्ट्रवाद की ज़रूरत है<br />- राष्ट्रवादियों का आर्थिक मॉडल कैसा है<br />- क्या दोहरी नागरिकता राष्ट्रवाद के लिए खतरा<br />- इंटरनेट ने राष्ट्रवाद को कमज़ोर किया या मज़बूत]]></itunes:summary><itunes:duration>4738</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/01fb343dfd047f156312edad1a9025a0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>जवाहर लाल नेहरू से जुड़ी हर अफ़वाह की चीर फाड़ : पढ़ाकू नितिन, Ep 18</title><link>https://www.spreaker.com/episode/javahara-lala-neharu-se-juri-hara-afavaha-ki-cira-phara-parhaku-nitina-ep-18--47536012</link><description><![CDATA[जितने लोग नेहरू के फैन हैं उतने ही उनसे नफरत करनेवाले भी हैं. आज़ादी के तुरंत बाद देश की बागडोर संभालनेवाले इस नेता पर आज भी बहस जारी है. ये बहस राजनीतिक मंचों से लेकर चौक-चौराहों और सोशल मीडिया के ठीयों तक पर गरम रहती है. जाने कितने ऐसे सवाल हैं जिनमें आधा सच आधा झूठ छिपा है. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने न्यौता है पीयूष बबेले को जिन्होंने ‘नेहरू - मिथक और सत्य’ नाम की किताब लिखी है और नेहरू से जुड़ी हर अफवाह की चीर फाड़ की.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47536012</guid><pubDate>Thu, 18 Nov 2021 11:36:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47536012/play.mp3" length="96307409" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जितने लोग नेहरू के फैन हैं उतने ही उनसे नफरत करनेवाले भी हैं. आज़ादी के तुरंत बाद देश की बागडोर संभालनेवाले इस नेता पर आज भी बहस जारी है. ये बहस राजनीतिक मंचों से लेकर चौक-चौराहों और सोशल मीडिया के ठीयों तक पर गरम रहती है. जाने कितने ऐसे सवाल हैं...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जितने लोग नेहरू के फैन हैं उतने ही उनसे नफरत करनेवाले भी हैं. आज़ादी के तुरंत बाद देश की बागडोर संभालनेवाले इस नेता पर आज भी बहस जारी है. ये बहस राजनीतिक मंचों से लेकर चौक-चौराहों और सोशल मीडिया के ठीयों तक पर गरम रहती है. जाने कितने ऐसे सवाल हैं जिनमें आधा सच आधा झूठ छिपा है. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने न्यौता है पीयूष बबेले को जिन्होंने ‘नेहरू - मिथक और सत्य’ नाम की किताब लिखी है और नेहरू से जुड़ी हर अफवाह की चीर फाड़ की.]]></itunes:summary><itunes:duration>6020</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/9e42f28a5a65dfcf2d3304755f2a7b29.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>संस्कृत सबसे प्राचीन होकर भी कभी प्रचलित क्यों नहीं हो सकी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 17</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sanskrta-sabase-pracina-hokara-bhi-kabhi-pracalita-kyom-nahim-ho-saki-parhaku-nitina-ep-17--47428358</link><description><![CDATA[अक्सर ये बहस गर्म रहती है कि दुनिया की पहली भाषा कौन सी है? इसका कोई एक जवाब नहीं मगर हम भारतीयों ने माना कि इसका जवाब संस्कृत है. संस्कृत को बाकी भाषाओं की जननी भी कहा गया. पढ़ाकू नितिन में इस बार की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं हेमंत राजोपाध्ये जो जर्मनी से संस्कृत में पीएचडी कर चुके हैं, साथ ही देशी विदेशी यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाते हैं.  उनसे जानेंगे कि संस्कृत का इतिहास क्या है, कौन इस भाषा का इस्तेमाल करता था और क्या ये भाषा आर्यों की भारत आक्रमण थ्योरी को सुलझा पाती है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47428358</guid><pubDate>Thu, 11 Nov 2021 16:42:57 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47428358/play.mp3" length="66268682" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>अक्सर ये बहस गर्म रहती है कि दुनिया की पहली भाषा कौन सी है? इसका कोई एक जवाब नहीं मगर हम भारतीयों ने माना कि इसका जवाब संस्कृत है. संस्कृत को बाकी भाषाओं की जननी भी कहा गया. पढ़ाकू नितिन में इस बार की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं हेमंत राजोपाध्ये...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[अक्सर ये बहस गर्म रहती है कि दुनिया की पहली भाषा कौन सी है? इसका कोई एक जवाब नहीं मगर हम भारतीयों ने माना कि इसका जवाब संस्कृत है. संस्कृत को बाकी भाषाओं की जननी भी कहा गया. पढ़ाकू नितिन में इस बार की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं हेमंत राजोपाध्ये जो जर्मनी से संस्कृत में पीएचडी कर चुके हैं, साथ ही देशी विदेशी यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाते हैं.  उनसे जानेंगे कि संस्कृत का इतिहास क्या है, कौन इस भाषा का इस्तेमाल करता था और क्या ये भाषा आर्यों की भारत आक्रमण थ्योरी को सुलझा पाती है?]]></itunes:summary><itunes:duration>4142</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/28ef305539156a8cbb28a158732dc6da.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>लंदन की भव्य इमारतों के पीछे दहेज में मिले मुंबई का हाथ था? : पढ़ाकू नितिन, Ep 16</title><link>https://www.spreaker.com/episode/landana-ki-bhavya-imaratom-ke-piche-daheja-mem-mile-mumba-i-ka-hatha-tha-parhaku-nitina-ep-16--47308168</link><description><![CDATA[लंदन हमेशा भारतीयों के लिए अहम रहा. कोई इससे प्यार करता रहा तो कोई नफरत. वजह ऐतिहासिक है. वहां रहनेवालों ने हम पर सदियों तक शासन किया था. इसी बीच भारतीयों ने भी उनके शहर में जड़ें जमाईं. बहुत कुछ उसे दिया, काफी कुछ लिया. इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ ‘Indians in London’ के लेखक अरूप के चटर्जी हैं. वो बता रहे हैं कि क्यों लंदन को लेकर भारतीयों के दिल में खास जगह है, इस शहर में भारतीयों की कहानी कैसे शुरू हुई, कैसे आग मे जल जाने के बाद लंदन के फिर खड़ा होने में भारत का हाथ रहा और क्यों कहा जाता है कि भारत की आज़ादी और बंटवारे के बीज इसी शहर में पड़े.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47308168</guid><pubDate>Thu, 04 Nov 2021 09:53:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47308168/play.mp3" length="111039216" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>लंदन हमेशा भारतीयों के लिए अहम रहा. कोई इससे प्यार करता रहा तो कोई नफरत. वजह ऐतिहासिक है. वहां रहनेवालों ने हम पर सदियों तक शासन किया था. इसी बीच भारतीयों ने भी उनके शहर में जड़ें जमाईं. बहुत कुछ उसे दिया, काफी कुछ लिया. इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[लंदन हमेशा भारतीयों के लिए अहम रहा. कोई इससे प्यार करता रहा तो कोई नफरत. वजह ऐतिहासिक है. वहां रहनेवालों ने हम पर सदियों तक शासन किया था. इसी बीच भारतीयों ने भी उनके शहर में जड़ें जमाईं. बहुत कुछ उसे दिया, काफी कुछ लिया. इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ ‘Indians in London’ के लेखक अरूप के चटर्जी हैं. वो बता रहे हैं कि क्यों लंदन को लेकर भारतीयों के दिल में खास जगह है, इस शहर में भारतीयों की कहानी कैसे शुरू हुई, कैसे आग मे जल जाने के बाद लंदन के फिर खड़ा होने में भारत का हाथ रहा और क्यों कहा जाता है कि भारत की आज़ादी और बंटवारे के बीज इसी शहर में पड़े.]]></itunes:summary><itunes:duration>6940</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/0106e01593aa776dd85c2a94dbbe0259.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>गांधी और गोडसे में कौन बड़ा हिंदू था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 15</title><link>https://www.spreaker.com/episode/gandhi-aura-godase-mem-kauna-bara-hindu-tha-parhaku-nitina-ep-15--47196633</link><description><![CDATA[कहा जाता है कि बाइबिल के बाद सबसे ज़्यादा प्रकाशित होनेवाली किताबें गांधी के बारे में हैं. 73 साल बाद उनके जीवन और मौत दोनों की परतें बार-बार उघाड़ी जाती हैं. खासकर 30 जनवरी 1948 को की गई उनकी हत्या के कारणों और तरीकों पर लगातार किताबें आई हैं. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने इतिहास पर किताबें लिखनेवाले अशोक कुमार पांडेय से बात की है. उनसे कई बातें जानने की कोशिश की. जैसे गांधी की हत्या करने के पीछे गोडसे ने जो तर्क दिए वो कितने मज़बूत थे. भारत विभाजन में गांधी की भूमिका क्या थी, क्या गांधी की अहिंसा सिद्धांत थी या रणनीति और क्या देश ने आज़ादी गांधी के रास्ते से पाई?<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- क्या गांधी को अपनी मौत का पूर्वाभास था?<br /><br />- गांधी हत्या के पीछे गोडसे के तर्क कितने मज़बूत?<br /><br />- गांधी और गोडसे में कौन बड़ा हिंदू था?<br /><br />- देश के विभाजन में गांधी का कितना रोल?<br /><br />- गांधी ने पाकिस्तान को 55 करोड़ क्यों दिलाए? <br /><br />- यदि गांधी होते तो हैदराबाद का विलय न होता?<br /><br />- क्या गांधी सेना और परमाणु बम के खिलाफ थे?<br /><br />- क्या गांधी की अहिंसा अव्यवस्था के बीच काम करेगी?<br /><br />- आज़ादी के आंदोलन में हत्याएं क्यों नहीं हुई?<br /><br />- गांधी क्यों मज़दूर आंदोलन के साथ नहीं थे?<br /><br />- क्या गांधी के रास्ते से देश आज़ाद हुआ था?<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं. आज तक रेडियो इसका अनुमोदन नहीं करता.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47196633</guid><pubDate>Thu, 28 Oct 2021 11:47:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47196633/28_oct_21_pn_gandhi_28_oct_128.mp3" length="71852199" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कहा जाता है कि बाइबिल के बाद सबसे ज़्यादा प्रकाशित होनेवाली किताबें गांधी के बारे में हैं. 73 साल बाद उनके जीवन और मौत दोनों की परतें बार-बार उघाड़ी जाती हैं. खासकर 30 जनवरी 1948 को की गई उनकी हत्या के कारणों और तरीकों पर लगातार किताबें आई हैं. पढ़ाकू...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कहा जाता है कि बाइबिल के बाद सबसे ज़्यादा प्रकाशित होनेवाली किताबें गांधी के बारे में हैं. 73 साल बाद उनके जीवन और मौत दोनों की परतें बार-बार उघाड़ी जाती हैं. खासकर 30 जनवरी 1948 को की गई उनकी हत्या के कारणों और तरीकों पर लगातार किताबें आई हैं. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने इतिहास पर किताबें लिखनेवाले अशोक कुमार पांडेय से बात की है. उनसे कई बातें जानने की कोशिश की. जैसे गांधी की हत्या करने के पीछे गोडसे ने जो तर्क दिए वो कितने मज़बूत थे. भारत विभाजन में गांधी की भूमिका क्या थी, क्या गांधी की अहिंसा सिद्धांत थी या रणनीति और क्या देश ने आज़ादी गांधी के रास्ते से पाई?<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />- क्या गांधी को अपनी मौत का पूर्वाभास था?<br /><br />- गांधी हत्या के पीछे गोडसे के तर्क कितने मज़बूत?<br /><br />- गांधी और गोडसे में कौन बड़ा हिंदू था?<br /><br />- देश के विभाजन में गांधी का कितना रोल?<br /><br />- गांधी ने पाकिस्तान को 55 करोड़ क्यों दिलाए? <br /><br />- यदि गांधी होते तो हैदराबाद का विलय न होता?<br /><br />- क्या गांधी सेना और परमाणु बम के खिलाफ थे?<br /><br />- क्या गांधी की अहिंसा अव्यवस्था के बीच काम करेगी?<br /><br />- आज़ादी के आंदोलन में हत्याएं क्यों नहीं हुई?<br /><br />- गांधी क्यों मज़दूर आंदोलन के साथ नहीं थे?<br /><br />- क्या गांधी के रास्ते से देश आज़ाद हुआ था?<br /><br />Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं. आज तक रेडियो इसका अनुमोदन नहीं करता.]]></itunes:summary><itunes:duration>4491</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/7b8533a899e629e0ca2f4cb8b8e98d1c.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सनौली की खुदाई में मिली औरतों की लाशों के पांव कटे हुए क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 14</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sanauli-ki-khuda-i-mem-mili-auratom-ki-lasom-ke-panva-kate-hu-e-kyom-the-parhaku-nitina-ep-14--47078902</link><description><![CDATA[बागपत के सनौली में चार हज़ार साल पुराना एक कब्रिस्तान मिला. खुदाई हुई तो तलवारों, ढालों, भालों, गहनों का अंबार लग गया. फिर मिले तीन रथ. पुरुषों के साथ महिलाओं की पांव कटे कंकाल. 2005 और 2018 की खुदाई में पुरातत्व विभाग ने यहां से जो कुछ हासिल किया उसने दुनिया में बहस छेड़ दी. इतिहास के जानकार टकराने लगे. नए जवाबों और नए सवालों ने संभावना पैदा कर दी है कि शायद तारीख फिर से लिखी जाएगी. ढेर सारी जिज्ञासा के साथ इस बार ‘पढ़ाकू नितिन’ में नितिन ठाकुर ने बैठकी जमाई सनौली की खुदाई करनेवाले ASI के जॉइंट डायरेक्टर जनरल डॉ संजय मंजुल के संग.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />-    सनौली के रथों में ऐसा क्या है जिसने इतिहास को चुनौती दी?<br />-    खुदाई में मिली तलवारों ने किस पुराने सवाल का जवाब दिया?<br />-    क्या सनौली में दफन लोग भारत के बाहर से आए थे?<br />-    सनौली में मरघट मिला लेकिन क्या अब शहर मिलनेवाला है?<br />-    सनौली में मिले महिलाओं के शव में क्या रहस्यमयी बात है?<br />-    क्या आर्यों के भारत पर आक्रमण की थ्योरी में कोई दरार है?<br />-    भारत में घोड़े आर्यों से पहले मौजूद थे इसके सबूत क्या हैं?<br />-    सनौली की सभ्यता का संबंध महाभारत काल से है?<br />-    क्या सिंधु घाटी सभ्यता से सनौली की सभ्यता का संपर्क था?<br />-    हड़प्पा सभ्यता की खुदाई में हथियार क्यों नहीं पाए गए?<br />-    सनौली पर विदेशी विद्वान क्या राय रखते हैं?<br />-    समुद्र के नीचे छिपी द्वारका पर क्या स्टडी हो रही है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/47078902</guid><pubDate>Thu, 21 Oct 2021 12:08:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/47078902/21_oct_21_pn_sanauli_128.mp3" length="82633038" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>बागपत के सनौली में चार हज़ार साल पुराना एक कब्रिस्तान मिला. खुदाई हुई तो तलवारों, ढालों, भालों, गहनों का अंबार लग गया. फिर मिले तीन रथ. पुरुषों के साथ महिलाओं की पांव कटे कंकाल. 2005 और 2018 की खुदाई में पुरातत्व विभाग ने यहां से जो कुछ हासिल किया...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[बागपत के सनौली में चार हज़ार साल पुराना एक कब्रिस्तान मिला. खुदाई हुई तो तलवारों, ढालों, भालों, गहनों का अंबार लग गया. फिर मिले तीन रथ. पुरुषों के साथ महिलाओं की पांव कटे कंकाल. 2005 और 2018 की खुदाई में पुरातत्व विभाग ने यहां से जो कुछ हासिल किया उसने दुनिया में बहस छेड़ दी. इतिहास के जानकार टकराने लगे. नए जवाबों और नए सवालों ने संभावना पैदा कर दी है कि शायद तारीख फिर से लिखी जाएगी. ढेर सारी जिज्ञासा के साथ इस बार ‘पढ़ाकू नितिन’ में नितिन ठाकुर ने बैठकी जमाई सनौली की खुदाई करनेवाले ASI के जॉइंट डायरेक्टर जनरल डॉ संजय मंजुल के संग.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />-    सनौली के रथों में ऐसा क्या है जिसने इतिहास को चुनौती दी?<br />-    खुदाई में मिली तलवारों ने किस पुराने सवाल का जवाब दिया?<br />-    क्या सनौली में दफन लोग भारत के बाहर से आए थे?<br />-    सनौली में मरघट मिला लेकिन क्या अब शहर मिलनेवाला है?<br />-    सनौली में मिले महिलाओं के शव में क्या रहस्यमयी बात है?<br />-    क्या आर्यों के भारत पर आक्रमण की थ्योरी में कोई दरार है?<br />-    भारत में घोड़े आर्यों से पहले मौजूद थे इसके सबूत क्या हैं?<br />-    सनौली की सभ्यता का संबंध महाभारत काल से है?<br />-    क्या सिंधु घाटी सभ्यता से सनौली की सभ्यता का संपर्क था?<br />-    हड़प्पा सभ्यता की खुदाई में हथियार क्यों नहीं पाए गए?<br />-    सनौली पर विदेशी विद्वान क्या राय रखते हैं?<br />-    समुद्र के नीचे छिपी द्वारका पर क्या स्टडी हो रही है?]]></itunes:summary><itunes:duration>5165</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/30ae0584d15a23d8aae1998a741047e9.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>वोटर को कनविंस करने में अपनी विरोधी पार्टियों से बेहतर क्यों है बीजेपी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 13</title><link>https://www.spreaker.com/episode/votara-ko-kanavinsa-karane-mem-apani-virodhi-partiyom-se-behatara-kyom-hai-bijepi-parhaku-nitina-ep-13--46973622</link><description><![CDATA[मोदी सरकार की दूसरी ईनिंग के ढाई साल पूरे हो चुके हैं. अभी ढाई बाकी हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जाता है. किसे ही मालूम है कि ढाई सालों में क्या क्या होगा और फाइनली इलेक्शन किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ इस बार हैं गौतम चिंतामणि. कई किताबों के लेखक गौतम ने The Midway Battle नाम की किताब लिखी है जिसमें सरकार की उन चुनौतियों का ज़िक्र है जो ढाई सालों में आनेवाली हैं.]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46973622</guid><pubDate>Thu, 14 Oct 2021 12:43:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46973622/14_oct_21_pn_oct_13_128.mp3" length="86927151" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>मोदी सरकार की दूसरी ईनिंग के ढाई साल पूरे हो चुके हैं. अभी ढाई बाकी हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जाता है. किसे ही मालूम है कि ढाई सालों में क्या क्या होगा और फाइनली इलेक्शन किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा. पढ़ाकू नितिन...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[मोदी सरकार की दूसरी ईनिंग के ढाई साल पूरे हो चुके हैं. अभी ढाई बाकी हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जाता है. किसे ही मालूम है कि ढाई सालों में क्या क्या होगा और फाइनली इलेक्शन किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ इस बार हैं गौतम चिंतामणि. कई किताबों के लेखक गौतम ने The Midway Battle नाम की 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हुई है. वो दिन अहम है क्योंकि उसने गांधी और भगत का नज़रिया बदल डाला था. पॉडकास्ट में बात हुई है कि उस दौर में शहर का माहौल कैसा था, अंग्रेज़ों से पंजाबी नाराज़ क्यों थे, डायर के दिमाग में चल क्या रहा था और रौलेट एक्ट वाले सिडनी रौलेट के पड़पोते ने इस घटना पर क्या कहा. आज की बातचीत में शामिल हुए हैं रिटायर्ड इंडियन डिप्लोमेट नवदीप सिंह सूरी जो उसी लड़के के पोते हैं जिसने जलियांवाला कांड अपनी आंखों से देखा.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />-जलियांवाला बाग की आंखोंदेखी कविता गुम होकर 100 साल बाद  कैसे मिली?<br /><br />-जलियांवाला कांड से पहले अमृतसर में क्या देखकर अंग्रेज़ घबराए थे?<br /><br />-पहले विश्व युद्ध में अंग्रेज़ों को सिपाही देनेवाला पंजाब क्यों नाराज़ था? <br /><br />-रौलेट एक्ट बनानेवाले सिडनी रौलेट के पड़पोते ने जलियांवाला पर क्या कहा?<br /><br />-डायर अंग्रेज़ों के लिए खलनायक था या नायक?<br /><br />-क्या अंग्रेज़ों ने कभी जलियांवाला बाग के लिए माफी मांगी?<br /><br />-डायर ने अपनी करतूत के बाद जांच समिति के सामने क्या कहा?<br /><br />-डायर के दिमाग में जलियांवाला कांड के वक्त क्या रहा होगा?<br /><br />-जलियांवाला बाग में रंग रौगन के बाद क्या बदल गया है?<br /><br />-जिन वजहों से रौलेट एक्ट का विरोध हुआ क्या वो अब भी मौजूद हैं?<br /><br />किताबें जिनका ज़िक्र इस बातचीत में आया<br /><br />1. Jallianwala Bagh: A Groundbreaking History of the 1919 Massacre<br /><br /><a href="https://www.amazon.in/Jallianwala-Bagh-Groundbreaking-History-Massacre/dp/0143450336" rel="noopener">https://www.amazon.in/Jallianwala-Bagh-Groundbreaking-History-Massacre/dp/0143450336</a><br /><br />2. जस्टिन रौलेट का लेख<br /><br /><a href="https://www.bbc.com/news/magazine-40887900" rel="noopener">https://www.bbc.com/news/magazine-40887900</a><br /><br />3. Khooni Vaisakhi: A Poem from the Jallianwala Bagh Massacre, 1919<br /><br /><a href="https://www.amazon.in/-/hi/Navdeep-Suri/dp/9353029384" rel="noopener">https://www.amazon.in/-/hi/Navdeep-Suri/dp/9353029384</a><br /><br />4. A Life Incomplete<br /><br /><a href="https://www.amazon.in/-/hi/gp/product/B07M9HZB7P/ref" rel="noopener">https://www.amazon.in/-/hi/gp/product/B07M9HZB7P/ref</a>=dbs_a_def_rwt_hsch_vapi_taft_p1_i1<br /><br />5. जलियांवाला बाग के मेकओवर पर नवदीप सिंह सूरी का लेख- tribuneindia.com/news/features/the-jallianwala-bagh-makeover-307035]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46862733</guid><pubDate>Thu, 07 Oct 2021 12:16:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46862733/play.mp3" length="60712751" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आज से 102 साल पहले जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थे लोगों का बेरहमी से खून बहाया था, जिसके बाद उन्हें अमृतसर का कसाई कहा जाने लगा. वो दर्दनाक मंज़र अपनी आँखों से एक लड़के ने देखा था. बाद में उसने आपबीती लिखी भी जिसे अंग्रेज़ों ने बैन कर दिया....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आज से 102 साल पहले जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थे लोगों का बेरहमी से खून बहाया था, जिसके बाद उन्हें अमृतसर का कसाई कहा जाने लगा. वो दर्दनाक मंज़र अपनी आँखों से एक लड़के ने देखा था. बाद में उसने आपबीती लिखी भी जिसे अंग्रेज़ों ने बैन कर दिया.  उसके वंशजों ने सौ साल बाद वो आपबीती खोज निकाली. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में जलियांवाला बाग के उसी खूनी दिन की बात हुई है. वो दिन अहम है क्योंकि उसने गांधी और भगत का नज़रिया बदल डाला था. पॉडकास्ट में बात हुई है कि उस दौर में शहर का माहौल कैसा था, अंग्रेज़ों से पंजाबी नाराज़ क्यों थे, डायर के दिमाग में चल क्या रहा था और रौलेट एक्ट वाले सिडनी रौलेट के पड़पोते ने इस घटना पर क्या कहा. आज की बातचीत में शामिल हुए हैं रिटायर्ड इंडियन डिप्लोमेट नवदीप सिंह सूरी जो उसी लड़के के पोते हैं जिसने जलियांवाला कांड अपनी आंखों से देखा.<br /><br />इस पॉडकास्ट में सुनिए:<br /><br />-जलियांवाला बाग की आंखोंदेखी कविता गुम होकर 100 साल बाद  कैसे मिली?<br /><br />-जलियांवाला कांड से पहले अमृतसर में क्या देखकर अंग्रेज़ घबराए थे?<br /><br />-पहले विश्व युद्ध में अंग्रेज़ों को सिपाही देनेवाला पंजाब क्यों नाराज़ था? <br /><br />-रौलेट एक्ट बनानेवाले सिडनी रौलेट के पड़पोते ने जलियांवाला पर क्या कहा?<br /><br />-डायर अंग्रेज़ों के लिए खलनायक था या नायक?<br /><br />-क्या अंग्रेज़ों ने कभी जलियांवाला बाग के लिए माफी मांगी?<br /><br />-डायर ने अपनी करतूत के बाद जांच समिति के सामने क्या कहा?<br /><br />-डायर के दिमाग में जलियांवाला कांड के वक्त क्या रहा होगा?<br /><br />-जलियांवाला बाग में रंग रौगन के बाद क्या बदल गया है?<br /><br />-जिन वजहों से रौलेट एक्ट का विरोध हुआ क्या वो अब भी मौजूद हैं?<br /><br />किताबें जिनका ज़िक्र इस बातचीत में आया<br /><br />1. Jallianwala Bagh: A Groundbreaking History of the 1919 Massacre<br /><br /><a href="https://www.amazon.in/Jallianwala-Bagh-Groundbreaking-History-Massacre/dp/0143450336" rel="noopener">https://www.amazon.in/Jallianwala-Bagh-Groundbreaking-History-Massacre/dp/0143450336</a><br /><br />2. जस्टिन रौलेट का लेख<br /><br /><a href="https://www.bbc.com/news/magazine-40887900" rel="noopener">https://www.bbc.com/news/magazine-40887900</a><br /><br />3. Khooni Vaisakhi: A Poem from the Jallianwala Bagh Massacre, 1919<br /><br /><a href="https://www.amazon.in/-/hi/Navdeep-Suri/dp/9353029384" rel="noopener">https://www.amazon.in/-/hi/Navdeep-Suri/dp/9353029384</a><br /><br />4. A Life Incomplete<br /><br /><a href="https://www.amazon.in/-/hi/gp/product/B07M9HZB7P/ref" rel="noopener">https://www.amazon.in/-/hi/gp/product/B07M9HZB7P/ref</a>=dbs_a_def_rwt_hsch_vapi_taft_p1_i1<br /><br />5. जलियांवाला बाग के मेकओवर पर नवदीप सिंह सूरी का लेख- tribuneindia.com/news/features/the-jallianwala-bagh-makeover-307035]]></itunes:summary><itunes:duration>3795</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/4033dad766ca18cd53850ba395e4be31.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>क्या भगत सिंह सावरकर को अपना आदर्श मानते थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 11</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kya-bhagata-sinha-savarakara-ko-apana-adarsa-manate-the-parhaku-nitina-ep-11--46759352</link><description><![CDATA[शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल बीत गए हैं पर उनका लिखा और बोला हुआ अब भी धुंधलके में है. आज उससे काफी हद तक परत हटाने की कोशिश पढ़ाकू नितिन में हुई है. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए हैं भगत सिंह पर शोध करने के लिए मशहूर प्रोफेसर चमन लाल. दर्जनों किताब लिखने के साथ प्रोफेसर साहब ने हिंदुस्तान से लेकर पाकिस्तान तक हर उस ठिकाने पर हाज़िरी दर्ज कराई है जहां भगत सिंह की यादें हैं. भगत सिंह के अनगिनत प्रामाणिक कहानी किस्सों का चलता फिरता खजाना बने प्रोफेसर साहब के साथ इस दिलचस्प बातचीत का लुत्फ उठाइए.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- भगत सिंह से पहले उनके पिता और चाचाओं ने अंग्रेज़ों से कैसे लड़ाई लड़ी?<br /><br />- लेनिन से सबसे ज्यादा प्रभावित क्यों थे भगत सिंह?<br /><br />- क्यों भगत सिंह का परिवार जालंधर छोड़ लायलपुर चला गया था?<br /><br />- कैसे लड़के थे भगत सिंह- सीरियस या शरारती?<br /><br />- चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह की कुश्ती में कौन जीता?<br /><br />- अदालत में क्यों भगत सिंह ने मांगे जज से रसगुल्ले?<br /><br />- जेल में क्यों सिगरेट मंगाते थे भगत सिंह?<br /><br />- सुखदेव से क्यों हुआ था भगत सिंह का झगड़ा? <br /><br />- क्यों भगत सिंह ने नास्तिकता पर लेख लिखा था?<br /><br />- प्यार मोहब्बत के बारे में क्या कहते थे भगत सिंह?<br /><br />- संसद में क्यों आज तक नहीं लगा भगत सिंह का चित्र?<br /><br />- गांधी ने भगत सिंह को फांसी से बचाने की कोशिश नहीं की?<br /><br />- भगत सिंह ज़िंदा होते तो क्या गांधी की तरह बिसराये जाते?<br /><br />किताबें जिनका ज़िक्र इस बातचीत में आया:<br /><br />Punjab: A History from Aurangzeb to Mountbatten by Rajmohan Gandhi <br /><br />The Bhagat Singh Reader by Prof Chaman Lal<br /><br />Understanding Bhagat Singh by Prof Chaman Lal<br /><br />Bhagat Singh's jail notebook by Prof Chaman Lal<br /><br />खूनी बैसाखी by नानक सिंह नॉवेलिस्ट<br /><br />A Revolutionary's Quest for Sacrifice by Bejoy Kumar Sinha]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46759352</guid><pubDate>Thu, 30 Sep 2021 15:22:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46759352/play.mp3" length="92433345" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल बीत गए हैं पर उनका लिखा और बोला हुआ अब भी धुंधलके में है. आज उससे काफी हद तक परत हटाने की कोशिश पढ़ाकू नितिन में हुई है. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए हैं भगत सिंह पर शोध करने के लिए मशहूर प्रोफेसर चमन लाल. दर्जनों किताब लिखने के साथ प्रोफेसर साहब ने हिंदुस्तान से लेकर पाकिस्तान तक हर उस ठिकाने पर हाज़िरी दर्ज कराई है जहां भगत सिंह की यादें हैं. भगत सिंह के अनगिनत प्रामाणिक कहानी किस्सों का चलता फिरता खजाना बने प्रोफेसर साहब के साथ इस दिलचस्प बातचीत का लुत्फ उठाइए.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- भगत सिंह से पहले उनके पिता और चाचाओं ने अंग्रेज़ों से कैसे लड़ाई लड़ी?<br /><br />- लेनिन से सबसे ज्यादा प्रभावित क्यों थे भगत सिंह?<br /><br />- क्यों भगत सिंह का परिवार जालंधर छोड़ लायलपुर चला गया था?<br /><br />- कैसे लड़के थे भगत सिंह- सीरियस या शरारती?<br /><br />- चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह की कुश्ती में कौन जीता?<br /><br />- अदालत में क्यों भगत सिंह ने मांगे जज से रसगुल्ले?<br /><br />- जेल में क्यों सिगरेट मंगाते थे भगत सिंह?<br /><br />- सुखदेव से क्यों हुआ था भगत सिंह का झगड़ा? <br /><br />- क्यों भगत सिंह ने नास्तिकता पर लेख लिखा था?<br /><br />- प्यार मोहब्बत के बारे में क्या कहते थे भगत सिंह?<br /><br />- संसद में क्यों आज तक नहीं लगा भगत सिंह का चित्र?<br /><br />- गांधी ने भगत सिंह को फांसी से बचाने की कोशिश नहीं की?<br /><br />- भगत सिंह ज़िंदा होते तो क्या गांधी की तरह बिसराये जाते?<br /><br />किताबें जिनका ज़िक्र इस बातचीत में आया:<br /><br />Punjab: A History from Aurangzeb to Mountbatten by Rajmohan Gandhi <br /><br />The Bhagat Singh Reader by Prof Chaman Lal<br /><br />Understanding Bhagat Singh by Prof Chaman Lal<br /><br />Bhagat Singh's jail notebook by Prof Chaman Lal<br /><br />खूनी बैसाखी by नानक सिंह नॉवेलिस्ट<br /><br />A Revolutionary's Quest for Sacrifice by Bejoy Kumar Sinha]]></itunes:summary><itunes:duration>5778</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1b5bdcb79f743842860047ce3a82cc45.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भारत के शानदार Indie Pop Music की हत्या किसने की: पढ़ाकू नितिन Feat. पलाश सेन, Ep 10</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bharata-ke-sanadara-indie-pop-music-ki-hatya-kisane-ki-parhaku-nitina-feat-palasa-sena-ep-10--46650098</link><description><![CDATA[नब्बे के दशक में बहुत कुछ बदला. हिंदुस्तान में म्यूज़िक की तस्वीर भी बदली. टीवी स्क्रीन्स पर एक से एक म्यूज़िक बैंड और सोलो आर्टिस्ट दिखे. उस दौर को इंडी पॉप का गोल्डन पीरियड कहा गया. आज भी नब्बे का दौर लोगों के दिल से गुज़रा नहीं लेकिन सवाल ये है कि बीस साल पहले म्यूज़िक इंडस्ट्री पर राज करनेवाले तमाम चेहरे अब कहां गए? उस इंडी पॉप म्यूज़िक को किसने गायब कर दिया? क्या दुनिया भर में सोलो ऑर्टिस्ट्स के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है? इन्हीं सवालों पर बैठकी करने के लिए आज के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ बैठकी करने आए हैं मशहूर यूफोरिया बैंड के डॉ पलाश सेन.<br /><br />- 90s के इंडी-पॉप का बादशाह Euphoria आजकल कहां है?<br /><br />- इंडिपेंडेंट काम करनेवाले कलाकार अब क्यों नहीं दिखते?<br /><br />- किसने सोलो आर्टिस्ट्स और बैंड कल्चर को ख़त्म कर दिया?<br /><br />- फ़िल्मों के लिए Palash Sen ने क्यों गाने नहीं गाए?<br /><br />- यूफोरिया लंबे वक़्त से किससे लड़ रहा है?<br /><br />- इंडी पॉप की हत्या का आरोप पलाश किस पर लगाते हैं?<br /><br />- धूम पिचक धूम गाना बनने की इनसाइड स्टोरी?<br /><br />- शादी में बैंड बजानेवालों जैसी ड्रेस क्यों पहनता है यूफोरिया?<br /><br />- उभरते म्यूज़िशियन्स को किस गलती से रोकना चाहते हैं पलाश?<br /><br />- पाकिस्तान में म्यूज़िक इंडस्ट्री का क्या हाल है?<br /><br />Padhaku Nitin | Palash Sen | Euphoria | Hindi Podcast]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46650098</guid><pubDate>Thu, 23 Sep 2021 11:37:20 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46650098/24_sep_21_padhaku_nitin_ep_10_palash_sen_sept_16_mixed_kapil_redone_128.mp3" length="83833835" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>नब्बे के दशक में बहुत कुछ बदला. हिंदुस्तान में म्यूज़िक की तस्वीर भी बदली. टीवी स्क्रीन्स पर एक से एक म्यूज़िक बैंड और सोलो आर्टिस्ट दिखे. उस दौर को इंडी पॉप का गोल्डन पीरियड कहा गया. आज भी नब्बे का दौर लोगों के दिल से गुज़रा नहीं लेकिन सवाल ये है कि...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[नब्बे के दशक में बहुत कुछ बदला. हिंदुस्तान में म्यूज़िक की तस्वीर भी बदली. टीवी स्क्रीन्स पर एक से एक म्यूज़िक बैंड और सोलो आर्टिस्ट दिखे. उस दौर को इंडी पॉप का गोल्डन पीरियड कहा गया. आज भी नब्बे का दौर लोगों के दिल से गुज़रा नहीं लेकिन सवाल ये है कि बीस साल पहले म्यूज़िक इंडस्ट्री पर राज करनेवाले तमाम चेहरे अब कहां गए? उस इंडी पॉप म्यूज़िक को किसने गायब कर दिया? क्या दुनिया भर में सोलो ऑर्टिस्ट्स के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है? इन्हीं सवालों पर बैठकी करने के लिए आज के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ बैठकी करने आए हैं मशहूर यूफोरिया बैंड के डॉ पलाश सेन.<br /><br />- 90s के इंडी-पॉप का बादशाह Euphoria आजकल कहां है?<br /><br />- इंडिपेंडेंट काम करनेवाले कलाकार अब क्यों नहीं दिखते?<br /><br />- किसने सोलो आर्टिस्ट्स और बैंड कल्चर को ख़त्म कर दिया?<br /><br />- फ़िल्मों के लिए Palash Sen ने क्यों गाने नहीं गाए?<br /><br />- यूफोरिया लंबे वक़्त से किससे लड़ रहा है?<br /><br />- इंडी पॉप की हत्या का आरोप पलाश किस पर लगाते हैं?<br /><br />- धूम पिचक धूम गाना बनने की इनसाइड स्टोरी?<br /><br />- शादी में बैंड बजानेवालों जैसी ड्रेस क्यों पहनता है यूफोरिया?<br /><br />- उभरते म्यूज़िशियन्स को किस गलती से रोकना चाहते हैं पलाश?<br /><br />- पाकिस्तान में म्यूज़िक इंडस्ट्री का क्या हाल है?<br /><br />Padhaku Nitin | Palash Sen | Euphoria | Hindi Podcast]]></itunes:summary><itunes:duration>5240</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/bd091154be8254faf24fc65fc34d4039.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>नेहरू की पॉलिसी की वजह से चीन हम पर हावी हुआ?:  पढ़ाकू नितिन, Ep 09</title><link>https://www.spreaker.com/episode/neharu-ki-polisi-ki-vajaha-se-cina-hama-para-havi-hu-a-parhaku-nitina-ep-09--46547239</link><description><![CDATA[तिब्बत हमेशा ही भारत और चीन के बीच टकराव की बड़ी वजह रहा लेकिन ये बीज अंग्रेज़ बो कर गए थे. ऐसा ही एक और लड़ाई का बीज उन्होंने अक्साई चिन में बोया जिसके चक्कर में 1962 की जंग हो गई, लेकिन बात इतनी सीधी नहीं है और ना इतने सीधे हैं भारत-चीन के रिलेशन. कम्युनिस्ट चीन की आक्रामकता, नेहरू की चीन-तिब्बत पॉलिसी, तिब्बत के कर्ता-धर्ताओं की लापरवाही बहुत कुछ है भारत-चीन के टकरावों में. आज इन्हीं की परतें खोलेंगे. गोपनीय सरकारी दस्तावेज़ों से निकली दिलचस्प कहानियों से भरी आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अवतार सिंह भसीन शामिल हैं जिन्होंने ‘Nehru, Tibet and China’ नाम की किताब तो लिखी ही है, वो ख़ुद विदेश मंत्रालय की Historical division के प्रमुख भी रहे हैं.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- Tibet पर चीनी दावे के पीछे क्या लॉजिक हैं?<br /><br />- अंग्रेज़ों ने किस संधि की आड़ में तिब्बत को बचाए रखा?<br /><br />- कैसे Tibet का हिस्सा Tawang भारत को मिला?<br /><br />- 1947 की Asian Conference में China, India से क्यों रूठा?<br /><br />- क्या चाल चलकर China ने Tibet क़ब्ज़ाया?<br /><br />- तिब्बत से भागने को क्यों मजबूर हुए Dalai Lama?<br /><br />- China को लेकर Nehru की Policy confused थी?<br /><br />- Nehru ने UNSC में स्थायी सीट का मौक़ा चूका?<br /><br />- 1962 की जंग का असल ज़िम्मेदार कौन था?<br /><br />- क्या नेहरू सीमा विवाद ख़त्म करने से हिचकते रहे?<br /><br />- अक्साई चिन को चीन ने कैसे हासिल किया?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46547239</guid><pubDate>Thu, 16 Sep 2021 12:17:54 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46547239/16_sep_21_padhaku_nitin_ep_9_tibbet_sept_16_mixed_kapil_128.mp3" length="92688718" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>तिब्बत हमेशा ही भारत और चीन के बीच टकराव की बड़ी वजह रहा लेकिन ये बीज अंग्रेज़ बो कर गए थे. ऐसा ही एक और लड़ाई का बीज उन्होंने अक्साई चिन में बोया जिसके चक्कर में 1962 की जंग हो गई, लेकिन बात इतनी सीधी नहीं है और ना इतने सीधे हैं भारत-चीन के रिलेशन....</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[तिब्बत हमेशा ही भारत और चीन के बीच टकराव की बड़ी वजह रहा लेकिन ये बीज अंग्रेज़ बो कर गए थे. ऐसा ही एक और लड़ाई का बीज उन्होंने अक्साई चिन में बोया जिसके चक्कर में 1962 की जंग हो गई, लेकिन बात इतनी सीधी नहीं है और ना इतने सीधे हैं भारत-चीन के रिलेशन. कम्युनिस्ट चीन की आक्रामकता, नेहरू की चीन-तिब्बत पॉलिसी, तिब्बत के कर्ता-धर्ताओं की लापरवाही बहुत कुछ है भारत-चीन के टकरावों में. आज इन्हीं की परतें खोलेंगे. गोपनीय सरकारी दस्तावेज़ों से निकली दिलचस्प कहानियों से भरी आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अवतार सिंह भसीन शामिल हैं जिन्होंने ‘Nehru, Tibet and China’ नाम की किताब तो लिखी ही है, वो ख़ुद विदेश मंत्रालय की Historical division के प्रमुख भी रहे हैं.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- Tibet पर चीनी दावे के पीछे क्या लॉजिक हैं?<br /><br />- अंग्रेज़ों ने किस संधि की आड़ में तिब्बत को बचाए रखा?<br /><br />- कैसे Tibet का हिस्सा Tawang भारत को मिला?<br /><br />- 1947 की Asian Conference में China, India से क्यों रूठा?<br /><br />- क्या चाल चलकर China ने Tibet क़ब्ज़ाया?<br /><br />- तिब्बत से भागने को क्यों मजबूर हुए Dalai Lama?<br /><br />- China को लेकर Nehru की Policy confused थी?<br /><br />- Nehru ने UNSC में स्थायी सीट का मौक़ा चूका?<br /><br />- 1962 की जंग का असल ज़िम्मेदार कौन था?<br /><br />- क्या नेहरू सीमा विवाद ख़त्म करने से हिचकते रहे?<br /><br />- अक्साई चिन को चीन ने कैसे हासिल किया?]]></itunes:summary><itunes:duration>5794</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/548fd3953eb5c421480909cc4c81468b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सड़क पर किसी की जान न जाए, चाहते हैं तो ये सुनें: पढ़ाकू नितिन, Ep 08</title><link>https://www.spreaker.com/episode/saraka-para-kisi-ki-jana-na-ja-e-cahate-haim-to-ye-sunem-parhaku-nitina-ep-08--46444540</link><description><![CDATA[आप रोज़ाना घर से निकलते हैं और लौटते हैं लेकिन रोज़ करीब 400 लोग सुरक्षित घर नहीं लौट पाते. ये सड़क हादसों में मारे जाते हैं. आंकड़े कहते हैं कि इनमें से 30 तो बच्चे होते हैं. सालाना पांच लाख रोड एक्सीडेंट्स देखनेवाला हमारा देश इस मामले में दुनिया का टॉपर है. यकीनन कोई नहीं चाहेगा कि इस लिस्ट में हम नंबर वन पर बने रहें. आज पढ़ाकू नितिन में समझेंगे कि सड़कों पर एक्सीडेंट के सबसे बड़े कारण क्या हैं और हम इन्हें कैसे अवॉइड कर सकते हैं. एक ऐसे कानून के बारे में भी आपको जानकारी देनी है जो हर उस इंसान को जानना चाहिए जिसे सड़क पर निकलना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ पीयूष तिवारी शामिल हैं जिन्होंने SaveLIFE Foundation नाम की संस्था बनाकर देश की सड़कों को सुरक्षित बनाने का ज़िम्मा उठाया है.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- सड़कों पर एक्सीडेंट के सबसे बड़े कारण क्या हैं?<br /><br />- ड्राइवर ट्रेनिंग का विदेशी सिस्टम भारत से कितना अलग?<br /><br />- क्या बाइक चलाने के लिए भी ज़रूरी है ट्रेनिंग?<br /><br />- भारत में सड़कें खराब ढंग से बनाई जाती हैं?<br /><br />- ट्रकों से ढेरों एक्सीडेंट्स होने का ज़िम्मेदार कौन?<br /><br />- एक्सप्रेस वे पर टायर फटने की वजह क्या?<br /><br />- कोहरे में सड़क हादसे से बचने के टिप्स <br /><br />- कार खरीदते हुए किन बातों का रखें ख्याल?<br /><br />- आंखों के सामने हादसा हो जाए तो आप क्या करें?<br /><br />- बच्चों के साथ सड़क पर किन नियमों का पालन करें?<br /><br />Padhaku Nitin | Episode 08 | Aajtak Radio]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46444540</guid><pubDate>Thu, 09 Sep 2021 13:48:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46444540/play.mp3" length="65416463" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>आप रोज़ाना घर से निकलते हैं और लौटते हैं लेकिन रोज़ करीब 400 लोग सुरक्षित घर नहीं लौट पाते. ये सड़क हादसों में मारे जाते हैं. आंकड़े कहते हैं कि इनमें से 30 तो बच्चे होते हैं. सालाना पांच लाख रोड एक्सीडेंट्स देखनेवाला हमारा देश इस मामले में दुनिया का...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[आप रोज़ाना घर से निकलते हैं और लौटते हैं लेकिन रोज़ करीब 400 लोग सुरक्षित घर नहीं लौट पाते. ये सड़क हादसों में मारे जाते हैं. आंकड़े कहते हैं कि इनमें से 30 तो बच्चे होते हैं. सालाना पांच लाख रोड एक्सीडेंट्स देखनेवाला हमारा देश इस मामले में दुनिया का टॉपर है. यकीनन कोई नहीं चाहेगा कि इस लिस्ट में हम नंबर वन पर बने रहें. आज पढ़ाकू नितिन में समझेंगे कि सड़कों पर एक्सीडेंट के सबसे बड़े कारण क्या हैं और हम इन्हें कैसे अवॉइड कर सकते हैं. एक ऐसे कानून के बारे में भी आपको जानकारी देनी है जो हर उस इंसान को जानना चाहिए जिसे सड़क पर निकलना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ पीयूष तिवारी शामिल हैं जिन्होंने SaveLIFE Foundation नाम की संस्था बनाकर देश की सड़कों को सुरक्षित बनाने का ज़िम्मा उठाया है.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- सड़कों पर एक्सीडेंट के सबसे बड़े कारण क्या हैं?<br /><br />- ड्राइवर ट्रेनिंग का विदेशी सिस्टम भारत से कितना अलग?<br /><br />- क्या बाइक चलाने के लिए भी ज़रूरी है ट्रेनिंग?<br /><br />- भारत में सड़कें खराब ढंग से बनाई जाती हैं?<br /><br />- ट्रकों से ढेरों एक्सीडेंट्स होने का ज़िम्मेदार कौन?<br /><br />- एक्सप्रेस वे पर टायर फटने की वजह क्या?<br /><br />- कोहरे में सड़क हादसे से बचने के टिप्स <br /><br />- कार खरीदते हुए किन बातों का रखें ख्याल?<br /><br />- आंखों के सामने हादसा हो जाए तो आप क्या करें?<br /><br />- बच्चों के साथ सड़क पर किन नियमों का पालन करें?<br /><br />Padhaku Nitin | Episode 08 | Aajtak Radio]]></itunes:summary><itunes:duration>4089</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/e0fbd37f5a938d8355851a356139f873.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>दुनिया में हर जगह सड़क और पुल बनाकर चीन को क्या मिलता है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 07</title><link>https://www.spreaker.com/episode/duniya-mem-hara-jagaha-saraka-aura-pula-banakara-cina-ko-kya-milata-hai-parhaku-nitina-ep-07--46343549</link><description><![CDATA[चीन आज वहाँ से बहुत आगे निकल आया है जहां कभी भारत के पीछे खड़ा था. इकोनॉमी की रेस में वो दुनिया का दूसरा बड़ा देश बन गया है लेकिन हमारी रफ़्तार पहले से धीमी है. आज के पढ़ाकू नितिन में जानेंगे कि उसने ये रास्ता कैसे तय किया, किसने उसका आर्थिक रूप इतना बदला कि वो वामपंथी नाम का रह गया और क्यों चीन घूम-घूमकर दुनिया भर में सड़कें और पुल बना रहा है. भारत के सामने सवाल भी है कि चीन के बढ़ते ख़तरे के सामने वो रूस के पाले में जाए या अमेरिका से हाथ मिलाए? इन्हीं दिलचस्प सवालों-जवाबों की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं अवॉर्ड विनिंग टीवी प्रोड्यूसर इक़बाल चंद मल्होत्रा जिन्होंने चीन-तिब्बत का दौरा किया और उसके इतिहास पर Red Fear नाम की किताब भी लिखी. उनके साथ मनोज केवलरमानी हैं जिन्होंने चीन में पत्रकारिता की है. आजकल बैंगलोर के तक्षशिला इंस्टीट्यूशन में चाइना स्टडीज़ पढ़ा रहे हैं. साथ ही smokeless war नाम की किताब भी लिखी है.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- किसने बदला था चीन की इकोनॉमी का रंगरूप?<br /><br />- 1990 के बाद कैसे भारत से आगे निकलता गया चीन?<br /><br />- दुनिया की सबसे बड़ी मंदी में चीन ने ख़ुद को कैसे सँभाला?<br /><br />- चीन आधी दुनिया में क्यों सड़कें और पुल बना रहा है?<br /><br />- अफ़ग़ानिस्तान में ज़िनपिंग की दिलचस्पी का राज़ जानिए<br /><br />- चीन किस इकोनॉमिक-पॉलिटिकल मॉडल को चला रहा है?<br /><br />- दुश्मनी के बावजूद हम क्यों चीन संग बिज़नेस को मजबूर?<br /><br />- चीन और रूस में कौन बड़ा भाई है और कौन छोटा?<br /><br />- ज़िनपिंग को रोकने के लिए भारत क्या करे?<br /><br />-कोरोना का चीन को फ़ायदा हुआ या नुक़सान?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46343549</guid><pubDate>Thu, 02 Sep 2021 11:25:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46343549/02_sep_21_padhaku_nitin_ep_7_china_part_2_sept_2_mixed_kapil_128.mp3" length="70592470" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>चीन आज वहाँ से बहुत आगे निकल आया है जहां कभी भारत के पीछे खड़ा था. इकोनॉमी की रेस में वो दुनिया का दूसरा बड़ा देश बन गया है लेकिन हमारी रफ़्तार पहले से धीमी है. आज के पढ़ाकू नितिन में जानेंगे कि उसने ये रास्ता कैसे तय किया, किसने उसका आर्थिक रूप इतना...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[चीन आज वहाँ से बहुत आगे निकल आया है जहां कभी भारत के पीछे खड़ा था. इकोनॉमी की रेस में वो दुनिया का दूसरा बड़ा देश बन गया है लेकिन हमारी रफ़्तार पहले से धीमी है. आज के पढ़ाकू नितिन में जानेंगे कि उसने ये रास्ता कैसे तय किया, किसने उसका आर्थिक रूप इतना बदला कि वो वामपंथी नाम का रह गया और क्यों चीन घूम-घूमकर दुनिया भर में सड़कें और पुल बना रहा है. भारत के सामने सवाल भी है कि चीन के बढ़ते ख़तरे के सामने वो रूस के पाले में जाए या अमेरिका से हाथ मिलाए? इन्हीं दिलचस्प सवालों-जवाबों की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं अवॉर्ड विनिंग टीवी प्रोड्यूसर इक़बाल चंद मल्होत्रा जिन्होंने चीन-तिब्बत का दौरा किया और उसके इतिहास पर Red Fear नाम की किताब भी लिखी. उनके साथ मनोज केवलरमानी हैं जिन्होंने चीन में पत्रकारिता की है. आजकल बैंगलोर के तक्षशिला इंस्टीट्यूशन में चाइना स्टडीज़ पढ़ा रहे हैं. साथ ही smokeless war नाम की किताब भी लिखी है.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- किसने बदला था चीन की इकोनॉमी का रंगरूप?<br /><br />- 1990 के बाद कैसे भारत से आगे निकलता गया चीन?<br /><br />- दुनिया की सबसे बड़ी मंदी में चीन ने ख़ुद को कैसे सँभाला?<br /><br />- चीन आधी दुनिया में क्यों सड़कें और पुल बना रहा है?<br /><br />- अफ़ग़ानिस्तान में ज़िनपिंग की दिलचस्पी का राज़ जानिए<br /><br />- चीन किस इकोनॉमिक-पॉलिटिकल मॉडल को चला रहा है?<br /><br />- दुश्मनी के बावजूद हम क्यों चीन संग बिज़नेस को मजबूर?<br /><br />- चीन और रूस में कौन बड़ा भाई है और कौन छोटा?<br /><br />- ज़िनपिंग को रोकने के लिए भारत क्या करे?<br /><br />-कोरोना का चीन को फ़ायदा हुआ या नुक़सान?]]></itunes:summary><itunes:duration>4413</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/df21b81d170dac6259004b01d242869b.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>100 साल तक भारतीय सैनिकों का आदेश मानने को मजबूर क्यों थे चीनी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 06</title><link>https://www.spreaker.com/episode/100-sala-taka-bharatiya-sainikom-ka-adesa-manane-ko-majabura-kyom-the-cini-parhaku-nitina-ep-06--46246390</link><description><![CDATA[कुछ लोगों को चीन की तेज़ तरक़्क़ी हैरान करती है और कुछ देशों को डराती है. वर्ल्ड ऑर्डर में टॉप पर होने की चीनी चाहत ने दुनिया के थिंक टैक्स को मजबूर कर दिया है कि वो चीन का विज़न और उसका इतिहास दोनों समझें. चीन कभी आज की तरह बहुत विशाल और समृद्ध था लेकिन बीच में एक लंबा दौर आया जब उसने दुनिया से अपमान सहा. कुछ सयाने कहते हैं कि आज के चीन की गुंडई के पीछे उसी बेइज़्ज़ती का असर है. यहाँ तक कि एक सदी तक भारतीयों ने भी चीनियों को हड़का कर रखा. आज के पढ़ाकू नितिन में उस पुराने वक्त, बर्बादी की कहानी, अपमान के असर, चीनी पॉलिसीज़ और दिलचस्प कहानियों का रंग जमेगा. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं अवॉर्ड विनिंग टीवी प्रोड्यूसर  इक़बाल चंद मल्होत्रा जिन्होंने चीन-तिब्बत का दौरा किया और उसके इतिहास पर Red Fear नाम की किताब भी लिखी. उनके साथ मनोज केवलरमानी हैं जिन्होंने चीन में पत्रकारिता की है. आजकल बैंगलोर के तक्षशिला इंस्टीट्यूशन में चाइना स्टडीज़ पढ़ा रहे हैं. साथ ही smokeless war नाम की किताब भी लिखी है.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- अंग्रेज़ों ने ताकतवर चीन को कैसे क़ाबू किया?<br /><br />- 100 सालों तक भारतीय सेना चीन में क्या करती रही?<br /><br />- चीन को सौ सालों तक किन देशों ने अपमानित किया?<br /><br />- क्या चीन की एग्रेसिव नीति अपने अपमान का बदला है?<br /><br />- तिब्बत पर चीनी क़ब्ज़े के पीछे सोवियत की कैसी साज़िश?<br /><br />- पुराने चीनी कमांडर क्यों नपुसंक बनाए जाते थे? <br /><br />- अंग्रेज़ों से पहले चीन भारत पर क़ब्ज़ा जमा सकता था?<br /><br />- क्यों कहा जाता है कि दूसरा विश्वयुद्ध एशिया से शुरू हुआ?<br /><br />- चीन भारत के साथ अपने सीमा विवाद हल क्यों नहीं करता?<br /><br />- भारत ने रूस के साथ मिलकर चीन को झुकाने का मौक़ा क्यों चूका?<br /><br />किताबें जिनका ज़िक्र आया:<br /><br />Red Fear- Iqbal Chand Malhotra<br />Smokeless War- Manoj Kewalramani<br />Nehru, Tibet and China- A.S. Bhasin]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46246390</guid><pubDate>Thu, 26 Aug 2021 12:42:31 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46246390/play.mp3" length="58611670" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>कुछ लोगों को चीन की तेज़ तरक़्क़ी हैरान करती है और कुछ देशों को डराती है. वर्ल्ड ऑर्डर में टॉप पर होने की चीनी चाहत ने दुनिया के थिंक टैक्स को मजबूर कर दिया है कि वो चीन का विज़न और उसका इतिहास दोनों समझें. चीन कभी आज की तरह बहुत विशाल और समृद्ध था...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[कुछ लोगों को चीन की तेज़ तरक़्क़ी हैरान करती है और कुछ देशों को डराती है. वर्ल्ड ऑर्डर में टॉप पर होने की चीनी चाहत ने दुनिया के थिंक टैक्स को मजबूर कर दिया है कि वो चीन का विज़न और उसका इतिहास दोनों समझें. चीन कभी आज की तरह बहुत विशाल और समृद्ध था लेकिन बीच में एक लंबा दौर आया जब उसने दुनिया से अपमान सहा. कुछ सयाने कहते हैं कि आज के चीन की गुंडई के पीछे उसी बेइज़्ज़ती का असर है. यहाँ तक कि एक सदी तक भारतीयों ने भी चीनियों को हड़का कर रखा. आज के पढ़ाकू नितिन में उस पुराने वक्त, बर्बादी की कहानी, अपमान के असर, चीनी पॉलिसीज़ और दिलचस्प कहानियों का रंग जमेगा. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं अवॉर्ड विनिंग टीवी प्रोड्यूसर  इक़बाल चंद मल्होत्रा जिन्होंने चीन-तिब्बत का दौरा किया और उसके इतिहास पर Red Fear नाम की किताब भी लिखी. उनके साथ मनोज केवलरमानी हैं जिन्होंने चीन में पत्रकारिता की है. आजकल बैंगलोर के तक्षशिला इंस्टीट्यूशन में चाइना स्टडीज़ पढ़ा रहे हैं. साथ ही smokeless war नाम की किताब भी लिखी है.<br /><br />इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- अंग्रेज़ों ने ताकतवर चीन को कैसे क़ाबू किया?<br /><br />- 100 सालों तक भारतीय सेना चीन में क्या करती रही?<br /><br />- चीन को सौ सालों तक किन देशों ने अपमानित किया?<br /><br />- क्या चीन की एग्रेसिव नीति अपने अपमान का बदला है?<br /><br />- तिब्बत पर चीनी क़ब्ज़े के पीछे सोवियत की कैसी साज़िश?<br /><br />- पुराने चीनी कमांडर क्यों नपुसंक बनाए जाते थे? <br /><br />- अंग्रेज़ों से पहले चीन भारत पर क़ब्ज़ा जमा सकता था?<br /><br />- क्यों कहा जाता है कि दूसरा विश्वयुद्ध एशिया से शुरू हुआ?<br /><br />- चीन भारत के साथ अपने सीमा विवाद हल क्यों नहीं करता?<br /><br />- भारत ने रूस के साथ मिलकर चीन को झुकाने का मौक़ा क्यों चूका?<br /><br />किताबें जिनका ज़िक्र आया:<br /><br />Red Fear- Iqbal Chand Malhotra<br />Smokeless War- Manoj Kewalramani<br />Nehru, Tibet and China- A.S. Bhasin]]></itunes:summary><itunes:duration>3664</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/cfa9136d6653a6bf21b036330a445807.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>एक राष्ट्रपति को ज़हर देने की कोशिश ने कैसे फोड़ी अफ़ग़ानिस्तान की क़िस्मत?: पढ़ाकू नितिन, Ep 05</title><link>https://www.spreaker.com/episode/eka-rastrapati-ko-zahara-dene-ki-kosisa-ne-kaise-phori-afaganistana-ki-qismata-parhaku-nitina-ep-05--46158663</link><description><![CDATA[19 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है लेकिन आज उसके हालात अजीब हैं. कोई नहीं जानता कि वो अमेरिका से आज़ाद हुआ है या तालिबान का गुलाम. कुछ लोगों का मानना है कि तालिबान अब मैच्योर हो गया है तो किसी ने कहा कि सौ चूहे खानेवाली बिल्ली हज पर जाए तो भी भरोसा नहीं करना चाहिए. आज पढ़ाकू नितिन में हम तालिबान की पैदाइश के हालात, पतन, रिवाइवल की कहानी जानेंगे. साथ ही समझेंगे कि अफ़ग़ानिस्तान जो फसल आज काट रहा है उसके बीज कब बोये गए थे. ये कहानी सुना रहे हैं प्रकाश के रे जो अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर अख़बारों, मैग्ज़ीन्स और न्यूज़ चैनल्स में बेबाक़ लिखते-बोलते हैं. इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- एक राष्ट्रपति की हत्या से कैसे बदली अफ़ग़ानिस्तान की क़िस्मत?<br /><br />- क्या अफ़ग़ान सिविल वॉर की जड़ में नस्लीय झगड़ा है?<br /><br />- मुजाहिद्दीन और तालिबान में क्या फ़र्क़ है?<br /><br />- तालिबान कौन हैं और कहां से काबुल में चले आए थे?<br /><br />- तालिबान को टक्कर देनेवाला नॉदर्न एलायंस क्या है?<br /><br />- क्यों हम पिछले तालिबानी शासन की हक़ीक़त नहीं जान सकेंगे?<br /><br />- क्यों लोग कहते हैं कि तालिबान इस बार बदल गया?<br /><br />- कौन हैं सालेह, अब्दुल्लाह, गनी, बरादर और हक्कानी?<br /><br />- अफ़ग़ानिस्तान से रूस, USA, चीन, पाक, भारत के क्या हित जुड़े हैं?<br /><br />Padhaku Nitin | Episode 5 | Afghanistan | Taliban | Hindi Podcast | Aajtak Radio ]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46158663</guid><pubDate>Thu, 19 Aug 2021 15:33:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46158663/19_aug_21_padhaku_nitin_ep_5_taliban_19_aug_mixed_kapil_128.mp3" length="96152346" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>19 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है लेकिन आज उसके हालात अजीब हैं. कोई नहीं जानता कि वो अमेरिका से आज़ाद हुआ है या तालिबान का गुलाम. कुछ लोगों का मानना है कि तालिबान अब मैच्योर हो गया है तो किसी ने कहा कि सौ चूहे खानेवाली बिल्ली हज...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[19 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है लेकिन आज उसके हालात अजीब हैं. कोई नहीं जानता कि वो अमेरिका से आज़ाद हुआ है या तालिबान का गुलाम. कुछ लोगों का मानना है कि तालिबान अब मैच्योर हो गया है तो किसी ने कहा कि सौ चूहे खानेवाली बिल्ली हज पर जाए तो भी भरोसा नहीं करना चाहिए. आज पढ़ाकू नितिन में हम तालिबान की पैदाइश के हालात, पतन, रिवाइवल की कहानी जानेंगे. साथ ही समझेंगे कि अफ़ग़ानिस्तान जो फसल आज काट रहा है उसके बीज कब बोये गए थे. ये कहानी सुना रहे हैं प्रकाश के रे जो अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर अख़बारों, मैग्ज़ीन्स और न्यूज़ चैनल्स में बेबाक़ लिखते-बोलते हैं. इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />- एक राष्ट्रपति की हत्या से कैसे बदली अफ़ग़ानिस्तान की क़िस्मत?<br /><br />- क्या अफ़ग़ान सिविल वॉर की जड़ में नस्लीय झगड़ा है?<br /><br />- मुजाहिद्दीन और तालिबान में क्या फ़र्क़ है?<br /><br />- तालिबान कौन हैं और कहां से काबुल में चले आए थे?<br /><br />- तालिबान को टक्कर देनेवाला नॉदर्न एलायंस क्या है?<br /><br />- क्यों हम पिछले तालिबानी शासन की हक़ीक़त नहीं जान सकेंगे?<br /><br />- क्यों लोग कहते हैं कि तालिबान इस बार बदल गया?<br /><br />- कौन हैं सालेह, अब्दुल्लाह, गनी, बरादर और हक्कानी?<br /><br />- अफ़ग़ानिस्तान से रूस, USA, चीन, पाक, भारत के क्या हित जुड़े हैं?<br /><br />Padhaku Nitin | Episode 5 | Afghanistan | Taliban | Hindi Podcast | Aajtak Radio ]]></itunes:summary><itunes:duration>6010</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/6436e3d6c3664bb87cf6e61a3a35bb82.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>भारतीय रेल की ग़ज़ब कहानी, ट्रेन में भूत पहले आया या टॉयलेट?: पढ़ाकू नितिन, Ep 04</title><link>https://www.spreaker.com/episode/bharatiya-rela-ki-gazaba-kahani-trena-mem-bhuta-pahale-aya-ya-toyaleta-parhaku-nitina-ep-04--46065025</link><description><![CDATA[हम भारतीयों का रेल से नाता थोड़ा जुदा है. ज़रा गहरा है. बचपन के तमाम किस्सों में कोई वाकया रेल से जुड़ा ज़रूर होगा. आज पढ़ाकू नितिन के चौथे एपिसोड में हम चलेंगे रेल के ही सफ़र पर. इस यात्रा में कई स्टेशन आएँगे. कौन कौन से हैं वो नीचे लिखे हैं, तो क़िस्से कहानियों के ज़रिए रेल की दिलचस्प कहानी को समझाने वाले हैं डॉ अरूप के चटर्जी जो रेल की संस्कृति और इतिहास पर तीन शानदार किताबों के लेखक हैं. इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />भारतीय रेल 170 साल पहले कितनी अलग थी?<br />रेल ने अंग्रेज़ों का ज़्यादा भला किया या हिंदुस्तानियों का?<br />क्यों ट्रेन में नहीं बैठा करते थे भारत के लोग?<br />1857 की क्रांति में रेल का रोल क्या था?<br />आज़ादी की लड़ाई में रेल का इस्तेमाल कैसे हुआ?<br />साहित्य और फ़िल्मों में भारत की रेल कैसी दिखती है?<br />कौन था व्हीलर जिसने प्लेटफॉर्म्स पर खोले बुकस्टोर?<br />चाय और रेल का नाता कहां से शुरू हुआ?<br />रवींद्रनाथ टैगोर के दादा का रेल से क्या संबंध था? <br />दो भारतीय भाई जिन्होंने सबसे पहले रेल बिज़नेस में हाथ डाला<br />भारतीय रेलवे में भूतों के क़िस्से<br />झाझा के एक बाबा ने छड़ी से कैसे बनवाई रेल की सुरंग<br />कहां गुम हो रहे हैं ट्रेन में छोले- टॉफी बेचनेवाले लोग<br />प्राइवेटाइज़ेशन रेल की विरासत को बचाएगा या लुटाएगा?<br />भारतीय रेल ने भारत को गुलाम बनाया या आज़ाद कराया]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/46065025</guid><pubDate>Thu, 12 Aug 2021 09:57:36 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/46065025/12_aug_21_padhaku_nitin_ep_4_indian_rail_12_aug_mixed_kapil_128.mp3" length="85527405" 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था?<br />आज़ादी की लड़ाई में रेल का इस्तेमाल कैसे हुआ?<br />साहित्य और फ़िल्मों में भारत की रेल कैसी दिखती है?<br />कौन था व्हीलर जिसने प्लेटफॉर्म्स पर खोले बुकस्टोर?<br />चाय और रेल का नाता कहां से शुरू हुआ?<br />रवींद्रनाथ टैगोर के दादा का रेल से क्या संबंध था? <br />दो भारतीय भाई जिन्होंने सबसे पहले रेल बिज़नेस में हाथ डाला<br />भारतीय रेलवे में भूतों के क़िस्से<br />झाझा के एक बाबा ने छड़ी से कैसे बनवाई रेल की सुरंग<br />कहां गुम हो रहे हैं ट्रेन में छोले- टॉफी बेचनेवाले लोग<br />प्राइवेटाइज़ेशन रेल की विरासत को बचाएगा या लुटाएगा?<br />भारतीय रेल ने भारत को गुलाम बनाया या आज़ाद कराया]]></itunes:summary><itunes:duration>5346</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/2ee2d296152c8a237eacaa4fada25bd0.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>क्यों अफ़ग़ानिस्तान में घुसना आसान है मगर निकलना कठिन: पढ़ाकू नितिन, Ep 03</title><link>https://www.spreaker.com/episode/kyom-afaganistana-mem-ghusana-asana-hai-magara-nikalana-kathina-parhaku-nitina-ep-03--45976768</link><description><![CDATA[जब पड़ोस में शोर हो तो चर्चा लाज़िमी है. पढ़ाकू नितिन का तीसरा एपीसोड ऐसे ही पड़ोसी पर है जिसके घर में हंगामा मचा है. इसका नाम अफ़ग़ानिस्तान है. इस मुल्क के बारे में कहा जाता है कि यहाँ घुसना आसान है लेकिन निकलना मुश्किल. इस कहावत को ब्रिटेन और सोवियत यूनियन के बाद अमेरिका ने पुष्ट किया है. बात हो रही है मोहम्मद ज़ीशान से जिन्होंने अमेरिका में इंटरनेशनल अफ़ेयर्स की पढ़ाई की, मध्य एशिया के कई देशों की सरकारों को अहम मसलों पर सलाह दी, Flying Blind नाम की किताब लिखी और आज कल अफगानिस्तान पर देश-विदेश में लिख रहे हैं. इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />क्यों दूर होकर भी भारत के लिए अफ़ग़ानिस्तान अहम है?<br />सुपरपावर्स का अफ़ग़ानिस्तान को लेकर क्या ऑब्सेशन है?<br />क्यों इस मुल्क में घुसना आसान है मगर निकलना कठिन?<br />क्या अफ़ग़ानियों को तालिबान पसंद है?<br />तालिबान का स्ट्रक्चर कैसा है, कौन नेता है, खर्चा पानी कैसे चलता है?<br />अफ़ग़ानियों को पाकिस्तान के मुक़ाबले भारत क्यों पसंद है?<br />अमेरिका, रूस, ईरान, चीन, पाकिस्तान का प्लान क्या है?<br />इतिहास देखते हुए इस देश के भविष्य पर क्या कहा जा रहा है?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/45976768</guid><pubDate>Thu, 05 Aug 2021 09:43:17 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/45976768/05_aug_21_padhaku_nitin_ep_3_afghan_05_aug_mixed_kapil_128.mp3" length="80806138" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>जब पड़ोस में शोर हो तो चर्चा लाज़िमी है. पढ़ाकू नितिन का तीसरा एपीसोड ऐसे ही पड़ोसी पर है जिसके घर में हंगामा मचा है. इसका नाम अफ़ग़ानिस्तान है. इस मुल्क के बारे में कहा जाता है कि यहाँ घुसना आसान है लेकिन निकलना मुश्किल. इस कहावत को ब्रिटेन और सोवियत...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जब पड़ोस में शोर हो तो चर्चा लाज़िमी है. पढ़ाकू नितिन का तीसरा एपीसोड ऐसे ही पड़ोसी पर है जिसके घर में हंगामा मचा है. इसका नाम अफ़ग़ानिस्तान है. इस मुल्क के बारे में कहा जाता है कि यहाँ घुसना आसान है लेकिन निकलना मुश्किल. इस कहावत को ब्रिटेन और सोवियत यूनियन के बाद अमेरिका ने पुष्ट किया है. बात हो रही है मोहम्मद ज़ीशान से जिन्होंने अमेरिका में इंटरनेशनल अफ़ेयर्स की पढ़ाई की, मध्य एशिया के कई देशों की सरकारों को अहम मसलों पर सलाह दी, Flying Blind नाम की किताब लिखी और आज कल अफगानिस्तान पर देश-विदेश में लिख रहे हैं. इस बातचीत में सुनिए:<br /><br />क्यों दूर होकर भी भारत के लिए अफ़ग़ानिस्तान अहम है?<br />सुपरपावर्स का अफ़ग़ानिस्तान को लेकर क्या ऑब्सेशन है?<br />क्यों इस मुल्क में घुसना आसान है मगर निकलना कठिन?<br />क्या अफ़ग़ानियों को तालिबान पसंद है?<br />तालिबान का स्ट्रक्चर कैसा है, कौन नेता है, खर्चा पानी कैसे चलता है?<br />अफ़ग़ानियों को पाकिस्तान के मुक़ाबले भारत क्यों पसंद है?<br />अमेरिका, रूस, ईरान, चीन, पाकिस्तान का प्लान क्या है?<br />इतिहास देखते हुए इस देश के भविष्य पर क्या कहा जा रहा 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सुनिए:<br /><br />वैज्ञानिक अनिल कुलकर्णी का हिमाचल प्रदेश में UFO के साथ दिलचस्प एनकाउंटर<br /><br />वैज्ञानिक अमिताभ पांडे को कोलकाता के UFO मामले में क्या मिला?<br /><br />क्या चाँद और मंगल पर जीवन किसी रूप में मौजूद है?<br /><br />क्यों बड़ी तादाद में लोग एलियंस से मुलाक़ात के दावे करते हैं?<br /><br />क्या UFOs के पीछे विकसित देशों के जासूसी का षड्यंत्र है?<br /><br />अमेरिकी सरकार ने UFOs पर अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है?<br /><br />क्या इजिप्ट के पिरामिड भी पृथ्वी से बाहर की तकनीक का नतीजा हैं?<br /><br />रोसवेल में हुआ था UFO क्रैश?<br /><br />कहानी Elizabeth Klarer की]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/45887836</guid><pubDate>Thu, 29 Jul 2021 11:55:01 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/45887836/play.mp3" length="80145345" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>पढ़ाकू नितिन के दूसरे ऐपीसोड में बैठकी जमी है UFOs पर. कोई इन्हें 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जासूसी का षड्यंत्र है?<br /><br />अमेरिकी सरकार ने UFOs पर अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है?<br /><br />क्या इजिप्ट के पिरामिड भी पृथ्वी से बाहर की तकनीक का नतीजा हैं?<br /><br />रोसवेल में हुआ था UFO क्रैश?<br /><br />कहानी Elizabeth Klarer की]]></itunes:summary><itunes:duration>5010</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/b41a188db14bb1e199faf763be3840e6.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>बाबर को 'मुग़ल' शब्द से नफ़रत क्यों थी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 01</title><link>https://www.spreaker.com/episode/babara-ko-mugala-sabda-se-nafarata-kyom-thi-parhaku-nitina-ep-01--45798516</link><description><![CDATA[ये ऐपीसोड है बाबर पर. क्यों वो हिंदुस्तान आया? क्यों वापस नहीं लौटा? बाबरनामा के कुछ पन्ने ग़ायब होकर कहां पहुँचे? बाबर को भारत में क्या पसंद था और क्या नापसंद? ऐसे तमाम सवालों के जवाब तलाशते हुए उसके दिमाग़ की सैर पर निकलेंगे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पढ़ानेवाले प्रोफेसर मुक्तदर खान के साथ पढ़ाकू नितिन में.<br /><br />More in this episode:<br /><br />- बाबर ख़ुद मुग़ल था लेकिन क्यों उसे इस शब्द से सख़्त नफ़रत थी?<br />- हिंदुस्तान पर हमले से पहले क्यों बाबर ने तोहफ़े में आम और पान माँगे थे?<br />- बाबर ने कई जंग जीतीं तो उसके पास जीत की कौन सी तकनीक थी?<br />- ‘तुरकुल’ गाली का सही मतलब क्या है और क्यों प्रोफ़ेसर खान को ये गाली एक बच्चे ने दी?<br />- पूरब में राज करने के बावजूद बाबर और हुमायूँ हमेशा पश्चिमी मुल्कों की तरफ़ क्यों देखते रहते थे?<br />- क्यों प्रोफ़ेसर खान को लगता है कि बाबर और अकबर बचपन में मोलेस्ट हुए होंगे?<br />- अकबर ने जो बाबरनामा किताब छपवाई वो कहां गई, उसका क्या हुआ?<br />- किस सुल्तान की बूढ़ी माँ ने बाबर को खाने में ज़हर देकर मारने की कोशिश की?]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/45798516</guid><pubDate>Thu, 22 Jul 2021 11:39:47 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/45798516/play.mp3" length="78358569" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Aaj Tak Radio</itunes:author><itunes:subtitle>ये ऐपीसोड है बाबर पर. क्यों वो हिंदुस्तान आया? क्यों वापस नहीं लौटा? बाबरनामा के कुछ पन्ने ग़ायब होकर कहां पहुँचे? बाबर को भारत में क्या पसंद था और क्या नापसंद? ऐसे तमाम सवालों के जवाब तलाशते हुए उसके दिमाग़ की सैर पर निकलेंगे अमेरिका की डेलावेयर...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[ये ऐपीसोड है बाबर पर. क्यों वो हिंदुस्तान आया? क्यों वापस नहीं लौटा? बाबरनामा के कुछ पन्ने ग़ायब होकर कहां पहुँचे? बाबर को भारत में क्या पसंद था और क्या नापसंद? ऐसे तमाम सवालों के जवाब तलाशते हुए उसके दिमाग़ की सैर पर निकलेंगे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पढ़ानेवाले प्रोफेसर मुक्तदर खान के साथ पढ़ाकू नितिन में.<br /><br />More in this episode:<br /><br />- बाबर ख़ुद मुग़ल था लेकिन क्यों उसे इस शब्द से सख़्त नफ़रत थी?<br />- हिंदुस्तान पर हमले से पहले क्यों बाबर ने तोहफ़े में आम और पान माँगे थे?<br />- बाबर ने कई जंग जीतीं तो उसके पास जीत की कौन सी तकनीक थी?<br />- ‘तुरकुल’ गाली का सही मतलब क्या है और क्यों प्रोफ़ेसर खान को ये गाली एक बच्चे ने दी?<br />- पूरब में राज करने के बावजूद बाबर और हुमायूँ हमेशा पश्चिमी मुल्कों की तरफ़ क्यों देखते रहते थे?<br />- क्यों प्रोफ़ेसर खान को लगता है कि बाबर और अकबर बचपन में मोलेस्ट हुए होंगे?<br />- अकबर ने जो बाबरनामा किताब छपवाई वो कहां गई, उसका क्या हुआ?<br />- किस सुल्तान की बूढ़ी माँ ने बाबर को खाने में ज़हर देकर मारने की कोशिश की?]]></itunes:summary><itunes:duration>4898</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/1a41b464d279233f2af0b147dfc4d384.jpg"/><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item></channel></rss>
