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<rss xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:podcast="https://podcastindex.org/namespace/1.0" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>04. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व</title><link>https://girishjha.org/</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a>  #GirishJha #EasternWisdom  #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><atom:link href="https://www.spreaker.com/show/4118154/episodes/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><language>hi</language><category>Education</category><copyright>Copyright Girish Jha, Coach &amp; Mentor</copyright><image><url>https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg</url><title>04. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व</title><link>https://girishjha.org/</link></image><lastBuildDate>Thu, 30 Nov 2023 12:25:04 +0000</lastBuildDate><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:owner><itunes:name>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:name><itunes:email>info@girishjha.org</itunes:email></itunes:owner><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a>  #GirishJha #EasternWisdom  #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:category text="Education"/><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:type>episodic</itunes:type><item><title>200901 साधना से पहले , जाने स्वयं साधक हें  या नहीं</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200901-sadhana-se-pahale-jane-svayam-sadhaka-hem-ya-nahim--40635419</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/40635419</guid><pubDate>Tue, 01 Sep 2020 15:19:07 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/40635419/200901.mp3" length="56635140" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3540</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200623 जीवन मे उत्सव या जीवन का उत्सव 1</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200623-jivana-me-utsava-ya-jivana-ka-utsava-1--32653735</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/32653735</guid><pubDate>Tue, 23 Jun 2020 15:26:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/32653735/200623_1.mp3" length="44960286" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2810</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200620 4 Step Relaxation Hindi</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200620-4-step-relaxation-hindi--32058349</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/32058349</guid><pubDate>Sat, 20 Jun 2020 07:48:44 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/32058349/200620_4_step_relaxation_hindi.mp3" length="17685024" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>737</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>Self-Awareness Practice hindi</title><link>https://www.spreaker.com/episode/self-awareness-practice-hindi--32057444</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/32057444</guid><pubDate>Sat, 20 Jun 2020 07:47:45 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/32057444/self_awareness_practice_hindi.mp3" length="16954095" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>1060</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>सिथिलता रीलैक्सैशन का अभ्यास</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sithilata-rilaiksaisana-ka-abhyasa--26596479</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/26596479</guid><pubDate>Sun, 03 May 2020 01:03:15 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/26596479/episode_26596479.mp3" length="5463479" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>342</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्राण न्यास ध्यान-2</title><link>https://www.spreaker.com/episode/prana-n-yasa-dhyana-2--26596470</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/26596470</guid><pubDate>Sun, 03 May 2020 01:01:34 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/26596470/2.mp3" length="29143457" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>1822</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>स्मरण साधना - मनन से ध्यान की और</title><link>https://www.spreaker.com/episode/smarana-sadhana-manana-se-dhyana-ki-aura--26596442</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/26596442</guid><pubDate>Sun, 03 May 2020 01:00:02 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/26596442/episode_26596442.mp3" length="30203737" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> #GirishJha #EasternWisdom #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>1888</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>प्राण न्यास ध्यान -1</title><link>https://www.spreaker.com/episode/prana-n-yasa-dhyana-1--26596438</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a>  #GirishJha #EasternWisdom  #BeInPeace #InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/26596438</guid><pubDate>Sun, 03 May 2020 00:58:39 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/26596438/1.mp3" length="55219848" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  #<a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a>  #GirishJha #EasternWisdom  #BeInPeace #InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2301</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>मन के पार जाने के लिए ज्ञान के सूत्र  (1)</title><link>https://www.spreaker.com/episode/mana-ke-para-jane-ke-li-e-jnana-ke-sutra-1--24929782</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/24929782</guid><pubDate>Tue, 07 Apr 2020 16:27:55 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/24929782/1.mp3" length="62539089" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2606</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200323 साधना का अवसर अभी हे-एकांत मे रहने की कला</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200323-sadhana-ka-avasara-abhi-he-ekanta-me-rahane-ki-kala--24213258</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/24213258</guid><pubDate>Mon, 23 Mar 2020 16:10:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/24213258/200323.mp3" length="59523156" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2480</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200316  ध्यान की साधन के लिए योग्य केसे  बने</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200316-dhyana-ki-sadhana-ke-li-e-yogya-kese-bane--23961070</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23961070</guid><pubDate>Tue, 17 Mar 2020 02:11:49 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23961070/200316.mp3" length="52698301" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2196</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200310  शुभ  इच्छा से साधना का प्रारंभ</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200310-subha-iccha-se-sadhana-ka-prarambha--23717888</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23717888</guid><pubDate>Tue, 10 Mar 2020 16:12:48 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23717888/200310.mp3" length="51666023" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3230</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200310   केवल शुभ  इच्छा से साधना का प्रारंभ</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200310-kevala-subha-iccha-se-sadhana-ka-prarambha--23717879</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23717879</guid><pubDate>Tue, 10 Mar 2020 16:11:33 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23717879/200310.mp3" length="77373357" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3224</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/c5b5dcc10be8c20ae0bb7e8e8347ae4e.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200309 ध्यान सात भूमिका मे सफल होता हे</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200309-dhyana-sata-bhumika-me-saphala-hota-he--23695443</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23695443</guid><pubDate>Tue, 10 Mar 2020 01:29:42 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23695443/200309.mp3" length="56230474" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2343</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>181225 उपासना से ध्यान की और कदम</title><link>https://www.spreaker.com/episode/181225-upasana-se-dhyana-ki-aura-kadama--23412308</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23412308</guid><pubDate>Tue, 03 Mar 2020 02:51:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23412308/181225.mp3" length="44536812" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2784</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>19080 माया और रूप ध्यान</title><link>https://www.spreaker.com/episode/19080-maya-aura-rupa-dhyana--23412303</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23412303</guid><pubDate>Tue, 03 Mar 2020 02:50:09 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23412303/19080.mp3" length="57439994" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3590</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>190812 अविद्या , मनन और ध्यान</title><link>https://www.spreaker.com/episode/190812-avidya-manana-aura-dhyana--23411171</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23411171</guid><pubDate>Tue, 03 Mar 2020 02:29:32 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23411171/190812.mp3" length="48746079" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3047</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>200225 मंगलाचरण से ध्यान की यात्रा</title><link>https://www.spreaker.com/episode/200225-mangalacarana-se-dhyana-ki-yatra--23174930</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23174930</guid><pubDate>Tue, 25 Feb 2020 15:00:12 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23174930/200225.mp3" length="25647146" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>1069</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/823ab924660027344a574396681e7740.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191210 साधना  साधक बनने  से प्रारम्भ  होती हे</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191210-sadhana-sadhaka-banane-se-prarambha-hoti-he--23073261</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/23073261</guid><pubDate>Sat, 22 Feb 2020 17:06:08 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/23073261/191210.mp3" length="70636273" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2944</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/21d6e98d5177b831464a518b68090c9b.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>20111215 Yog Sadhana 1</title><link>https://www.spreaker.com/episode/20111215-yog-sadhana-1--22336849</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/22336849</guid><pubDate>Sun, 02 Feb 2020 15:10:57 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/22336849/20111215_yog_sadhana_1.mp3" length="63277892" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>1582</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191217 विचार &amp; अभ्यास -पहले साधक बने, फिर साधना से आनंद खोजे</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191217-vicara-abhyasa-pahale-sadhaka-bane-phira-sadhana-se-ananda-khoje--20825521</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20825521</guid><pubDate>Tue, 17 Dec 2019 15:02:03 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20825521/191217.mp3" length="75048668" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3127</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191216साधना- मन की शुद्धि, अनुबंध और साधन चतुष्य</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191216sadhana-mana-ki-sud-dhi-anubandha-aura-sadhana-catusya--20810095</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20810095</guid><pubDate>Tue, 17 Dec 2019 02:00:26 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20810095/191216.mp3" length="56556482" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा : साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे<br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे.<br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे.<br />१. प्रतिदिन जीवन में साधना<br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध<br />३. व्यक्ति से साधक होना<br />४. साधक बनकर साधना को समझना<br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे.<br /><br />गिरीशझा साधनाकरे आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ ज्ञानकीऔर <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2357</itunes:duration><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/d16344769aa8180947535610286ebaf6.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191210 साधना  साधक बनने  से प्रारम्भ  होती हे</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191210-sadhana-sadhaka-banane-se-prarambha-hoti-he--20627449</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20627449</guid><pubDate>Tue, 10 Dec 2019 15:15:35 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20627449/191210.mp3" length="70636273" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2944</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191202साधना में सरलता साधक को सिद्ध कर देती हे</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191202sadhana-mem-saralata-sadhaka-ko-sid-dha-kara-deti-he--20440738</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20440738</guid><pubDate>Tue, 03 Dec 2019 02:09:22 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20440738/191202.mp3" length="84437703" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3519</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191126सफलता के लिए  साधक बने और साधना को जारी रखें -१ चार -साधन</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191126saphalata-ke-li-e-sadhaka-bane-aura-sadhana-ko-jari-rakhem-1-cara-sadhana--20286848</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20286848</guid><pubDate>Tue, 26 Nov 2019 15:13:05 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20286848/191126.mp3" length="52975354" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3311</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191119 साधना के लिये साधक बनाना क्यों आवश्यक हे</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191119-sadhana-ke-liye-sadhaka-banana-kyom-avasyaka-he--20118760</link><description><![CDATA[साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20118760</guid><pubDate>Tue, 19 Nov 2019 15:14:29 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20118760/191119.mp3" length="49538894" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे 
हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>3097</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>191118 साधना कैसे करे , और साधना के चरण क्या हैं</title><link>https://www.spreaker.com/episode/191118-sadhana-kaise-kare-aura-sadhana-ke-carana-kya-haim--20107761</link><description><![CDATA[15. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/20107761</guid><pubDate>Tue, 19 Nov 2019 02:01:14 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/20107761/191118.mp3" length="70013096" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>15. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[15. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2918</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/64059dc1710bc5346252e976819e4840.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>साधना - जानाति- इच्छति  -करोति -२</title><link>https://www.spreaker.com/episode/sadhana-janati-icchati-karoti-2--19721786</link><description><![CDATA[15. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/19721786</guid><pubDate>Sun, 27 Oct 2019 22:09:19 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/19721786/episode_19721786.mp3" length="33418258" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>15. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[15. जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2089</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,info@girishjha.org,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/823c7c622d511fac013301f5ba627d2b.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item><item><title>180508 ध्यान से पहले साधक,साध्य , और  साधना को जाने-1</title><link>https://www.spreaker.com/episode/180508-dhyana-se-pahale-sadhaka-sadhya-aura-sadhana-ko-jane-1--19718981</link><description><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></description><guid isPermaLink="false">https://api.spreaker.com/episode/19718981</guid><pubDate>Sun, 27 Oct 2019 17:41:56 +0000</pubDate><enclosure url="https://dts.podtrac.com/redirect.mp3/api.spreaker.com/download/episode/19718981/180508.mp3" length="51608054" type="audio/mpeg"/><itunes:author>Girish Jha, Coach &amp; Mentor</itunes:author><itunes:subtitle>जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व
साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे...</itunes:subtitle><itunes:summary><![CDATA[जीवन यात्रा :  साधना के मूल तत्त्व<br />साधना , साधक, साध्य और सिद्ध, ये चार शब्द , भारतीय परंपरा के मूल हैं ी हम सब साधना को जानने का अथक प्रयास करते हैं परन्तु  साधक होने पर न तो ध्यान देते हैं न ही साधक बनाने का प्रयास. इसी कारण हमें विफलता हाथ लगाती हे <br />हमे पूर्व गुरुओ ने प्रारम्भ में इस बात पर बल दिया हे की हम साधक कैसे बने , साधना क्या हे और साध्य अर्थात हमारा उद्देस्य क्या हे. <br />सबसे पहले ज्ञान हे , ज्ञान विचार के द्वारा समझना होता हे I विचार सिद्धांतो के अनुसार करना होता हे, जिससे हमारा मन एक दिशा में चलने लगे. <br />१.  प्रतिदिन जीवन में साधना <br />२. साधना का मूल - चार अनुबंध <br />३. व्यक्ति से साधक होना <br />४. साधक बनकर साधना को समझना <br />और कई विस्यओ पर यह सीरीज आधारित हे .<br />मुलत यह सीरीज हमारे विज्ञानं की एक सरल और आधुनिक व्याख्या हे , जिससे प्रत्येक व्यक्ति और साधक को साधना में सफलता मिल सकती हे. <br /><br />गिरीशझा  साधनाकरे   आनंदकीप्राप्ति आनंदकीऔर मेंआनंदहूँ  ज्ञानकीऔर  <a href="http://www.girishjha.org" rel="noopener">www.girishjha.org</a> GirishJha EasternWisdom BeInPeace InnerHappiness]]></itunes:summary><itunes:duration>2151</itunes:duration><itunes:keywords>beinpeace,easternwisdom,girishjha,innerhappiness,www.girishjha.org,आनंदकीऔर,आनंदकीप्राप्ति,गिरीशझा,ज्ञानकीऔर,मेंआनंदहूँ,साधनाकरे</itunes:keywords><itunes:explicit>false</itunes:explicit><itunes:image href="https://d3wo5wojvuv7l.cloudfront.net/t_rss_itunes_square_1400/images.spreaker.com/original/eec2374eac74a059d4fdff90f46dcf23.jpg"/><itunes:season>1</itunes:season><itunes:episodeType>full</itunes:episodeType></item></channel></rss>
